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सुंदर बीवियां ही ज्यादातर ग़ैर मर्दों से चुदवाती है - Dusre ke pati se chudti hai Biwiyan
सुंदर बीवियां ही ज्यादातर ग़ैर मर्दों से चुदवाती है - Dusre ke pati se chudti hai Biwiyan , क्यों करती है महिला गैर मर्द से सेक्स , किसलिए चुदती है , बुर चुद्वाती है , लंड चूसती है , चूत चटवाती है. फुदी फड़वाती है. गांड देती है , मरवाती है बड़े लंडों से , बुझाती है प्यास.
मेरे प्यारे दोस्तों, मैं अगर आपसे पूंछूं की कौन सी ऐसी बीवी है जिसने कभी किसी पराये मरद से चुदवाया न हो तो आपका जबाब होगा कोई नहीं . यानी कोई ऐसी बीवी नहीं है जिसने कभी किसी पराये मरद से चुदवाया न हो। हो सकता है की एक आध कोई बीवी ऐसी मिल भी जाये जिसने कभी किसी और से नहीं चुदवाया हो लेकिन उसने लण्ड जरूर किसी और का पकड़ा होगा ? बीवियों की फितरत होती है किसी पराये पुरुष के लण्ड पर हाथ डालना। अधिकतर बीवियां लण्ड पर हाथ डालकर उसे अपनी चूत में जरूर पेल लेतीं हैं और अगर ऐसा न हुआ तो वह लण्ड मुंह में लेकर या फिर हाथ से ही सड़का मार कर मज़ा जरूर ले लेती हैं। एक बात और है अगर बीवी खूबसूरत है तो समझ लो की उसने कई लोगों से चुदवाया होगा और आज भी चुदवाती होगी। अगर मेरी बात पर यकीन न हो तो कभी जासूसी करके देख लेना। ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
मेरे प्यारे दोस्तों, मैं अगर आपसे पूंछूं की कौन सी ऐसी बीवी है जिसने कभी किसी पराये मरद से चुदवाया न हो तो आपका जबाब होगा कोई नहीं . यानी कोई ऐसी बीवी नहीं है जिसने कभी किसी पराये मरद से चुदवाया न हो। हो सकता है की एक आध कोई बीवी ऐसी मिल भी जाये जिसने कभी किसी और से नहीं चुदवाया हो लेकिन उसने लण्ड जरूर किसी और का पकड़ा होगा ? बीवियों की फितरत होती है किसी पराये पुरुष के लण्ड पर हाथ डालना। अधिकतर बीवियां लण्ड पर हाथ डालकर उसे अपनी चूत में जरूर पेल लेतीं हैं और अगर ऐसा न हुआ तो वह लण्ड मुंह में लेकर या फिर हाथ से ही सड़का मार कर मज़ा जरूर ले लेती हैं। एक बात और है अगर बीवी खूबसूरत है तो समझ लो की उसने कई लोगों से चुदवाया होगा और आज भी चुदवाती होगी। अगर मेरी बात पर यकीन न हो तो कभी जासूसी करके देख लेना। ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
आईये कुछ ऐसी ही बीवियों से मिलें और बात करें जो ग़ैर मर्दों से धकाधक चुदवातीं हैं।
मेरा नाम मंदिरा बेदी है। मैं सबसे पहले मैं मिसेज आरती त्रिवेदी के पास पहुँच गयी क्योंकि वह मेरे घर के पास ही रहती हैं, मेरी दोस्त भी है और मेरी हमदर्द भी। हम दोनों कॉलेज में साथ साथ पढ़तीं भी थीं और साथ साथ कई लड़कों के साथ एन्जॉय करती थी। गालियां भी खूब सुनाती थी और लण्ड की गालियां भी खूब देती थी। सबकी माँ बहन चोदा करती थी। जिन्हे लड़के सुन सुन कर मज़ा लेते थे। लण्ड, बुर, चूत, भोसड़ा सब खुल कर बोलती थी। लण्ड की गालियां सुनकर लड़के खूब तालियां बजाते थे। मैं तो लड़कों की गांड भी खूब मारा करती थी। एक बार तो मैंने अपनी जींस थोड़ा नीचे करके अपनी झांटें लड़कों को दिखा दीं थी तबसे लड़के मेरे पीछे पीछे घूमने लगे थे। शादी के बाद हम लोग जरूर अलग अलग हो गईं। आज आरती मुझे अकेले में मिल गयी तो मैं उससे कुछ सवाल पूंछने लगी।
- मैंने पूंछा - ये बताओ आरती की तेरा हसबैंड कैसा है ? तुम्हे प्यार करता है ? खुले शब्दों में कहूँ तो क्या वह तुम्हे अच्छी तरह चोदता है ?
- वह बोली - हां मेरा हसबैंड मुझे प्यार करता है और मुझे अच्छी तरह चोदता भी है पर ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,?
- पर क्या खुल कर बताओ न यार मुझसे क्या छिपाना ?
- यही की वह उतना नहीं चोदता जितना मैं चुदवाना चाहती हूँ ?
- अच्छा तो ये बात है। ऐसे में तुम क्या करती हो ?
- मैं पराये मर्दों से चुदवाती हूँ, और क्या ? चूत की आग तो बुझानी ही पड़ती है न यार ?
- तो फिर कैसे बुझाती हो चूत की आग ?
- पराये मर्दों के लण्ड पेल पेल कर और कैसे ?
- हाय दईया तो इसका मतलब तुम कई मर्दों से चुदवाती हो।
- हां यार कई मर्दों से चुदवाती हूँ। जब पराये मरद से एक बार चुदवा लिया तो फिर चाहे उससे कई बार चुदवाओ या कई लोगों से चुदवाओ बात एक ही है।
- तो फिर वह किस्सा बताओ जब तूने पहली बार किसी पराये मरद से चुदवाया ?
- तो सुनो :-
शादी के ३ महीने के बाद मुझे मुंबई जाना पड़ा। मेरा फर्स्ट क्लास का टिकट पहले से ही बुक था। मैं जब ट्रेन में चढ़ी तो सीधे अपनी बर्थ में पहुँच गयी। तभी मैंने देखा की मेरा एक क्लास फेलो अरविन्द त्रिवेदी आ गया। उसके पास बर्थ का। मैंने उससे मिली तो बहुत खुश हो गयी। वह भी खुश हो गया। टी. टी कुछ एडजस्टमेंट करने लगा तो हमारे कहने पर हम दोनों को एक दूसरा कूपा मिल गया जिसमे केवल दो ही बर्थ थे। हम दोनों उसकी में बैठ गए। सामान लगा लिया। तब तक अरविन्द कुछ चाय नास्ता ले कर आ गया और फिर हम बातें करने लगे।कॉलेज की बातें होने लगीं कुछ दोस्तों की बातें होने लगीं। इत्तिफाक से उसकी भी शादी हो चुकी थी उसने फिर धीरे से एक व्हिस्की की बोतल निकाली और मुझे भी शराब बनाकर दी और मैं उसके साथ शराब पीने लगी। ट्रेन चल पड़ी और स्पीड बढ़ने लगी।
थोड़ा नशा चढ़ा तो बातें खुल कर होने लगीं। मैंने पूंछा अरविन्द तुम्हे कॉलेज की कौन कौन सी लड़कियां पसंद थीं। वह बोला लड़कियां तो सभी पसंद थीं पर ज्यादा मुझे कविता, रुपाली, नेहा और तुम बहुत पसंद थीं। सच बताऊँ मैं तो इन लड़कियों एक नाम का सड़का मारा करता था। मैंने कहा यार ऊँगली तो मैं भी लड़कों के नाम करती थी। उनमे तुम भी थे। ऐसा कह कर मैंने उसकी जांघ पर हाथ रख दिया और धीरे से आगे भी खसका दिया। फिर मैंने अपनी चूँचियाँ भी उसके सामने कर दीं। फिर मैंने अपनी बाहें उसके गले में डाल दीं। उसने मेरी चुम्मी लेकर मुझे जबाब दिया। फिर हम दोनों एकदम एक दूसरे से चिपक गए। वह मेरी चूँचियाँ दबाने लगा और मैं उसका लण्ड टटोलने लगी। रात का समय था। न किसी को आना था और न किसी को जाना। दरवाज अंदर से बंद था।
मुझे जोश आया तो मैंने कपड़े उतार दिया। वह मेरी चूँचियाँ देख कर पागल हो गया और उन्हें चूमने चाटने लगा। मैंने उसे नंगा किया और उसका लौड़ा तन कर मेरे सामने खड़ा हो गया। उसका लगभग 8" का लण्ड देख कर मैं खुश हो गई । मैं एकदम नंगी नंगी बर्थ पर लेट गयी और वह मेरे सामने नंगा नंगा खड़ा हो गया। उसका लण्ड मैंने मुंह में ले लिया और वह एक हाथ से मेरी चूत सहलाने लगा और चूंचियाँ भी। वह मेरे पूरे नंगे बदन पर हाथ भी फिराने लगा। मेरे गाल चूमने लगा और मेरे होंठ भी। फिर वह मेरे ऊपर चढ़ गया , उसका लण्ड मेरे मुंह में घुस गया और उसका मुंह मेरी चूत में घुस गया। मैं उसका लण्ड चूसने लगी और वह मेरी चूत चूसने लगा। हम दोनों 69 की पोजीशन में हो गए। कुछ देर बाद वह घूम गया और अपना लण्ड मेरी चूत में घुसा दिया। वह मुझे अपनी बीवी समझ कर चोदने लगा और मैं भी उससे उसकी बीवी की तरह चुदवाने लगी। मैंने कह भी दिया यार अरविन्द अब मैं तेरी बीवी हूँ। मुझे अपनी बीवी की तरह हचक हचक के चोदो। फाड़ डालो मेरी बुर चोदी बुर। मैं बहुत चुदासी हूँ।
मैंने कॉलेज के दिनों में सोंचा था की मैं एक दिन अरविन्द से चुदवाऊंगी। आज मेरी वह तमन्ना पूरी हो रही है। कुछ देर बाद वह बोला यार आरती मुझे पेशाब लगी है। मैं टॉयलेट जा रहा हूँ। मैंने कहा नहीं टॉयलेट मत जाओ। मेरे पास एक खाली बोतल है तुम इसी में पेशाब कर लो मैं बाद में फेंक दूँगी। पर मेरी चुदाई छोड़कर यहाँ से हिलो भी नहीं। चोदो मुझे और चोदो। मैं इतनी उत्तेजित हूँ की मैं तेरा पेशाब भी पी सकती हूँ। खैर उसने पेशाब बोतल में की और फिर मुझे चोदने लगा। उसका लण्ड जब मेरी चूत में दूर तक चोट करता तो मुझे बड़ा मज़ा आता। मैंने उससे कहा यार लण्ड हो तो ऐसा जैसा अरविन्द का लण्ड है। कुछ देर बाद उसने मुझे अपने लण्ड पर बैठा लिया और चोदने लगा। यह स्टाइल मुझे बहुत अच्छी लगी।
उसे मेरी उछलती हुई चूँचियाँ देखने में बड़ा मज़ा आ रहा था। चलती हुई ट्रेन में चुदाई का मज़ा पहली बार ले रही थी। सच में बहुत अच्छा लग रहा था। कुछ देर में वह बोला यार अब मैं झड़ने वाला हूँ तो मैंने कहा तुम मेरे मुंह में झड़ जाओ। मैं फिर मुंह खोल कर उसका सड़का मारने लगी। एक मिनट में ही लण्ड ने उगल दिया सारा वीर्य मेरे मुंह में और मैं सब पी गयी फिर लण्ड का सुपाड़ा बड़े प्रेम से चाटा।
तो इस तरह मैंने रात भर में उससे ३ बार चुदवाया। मुंबई पहुँच कर भी मैं चुदवाने का जुगाड़ लगाती रही। एक दिन अरविन्द ने ही फोन किया की आरती तुम मेरे फ्लैट में आ जाओ। यहाँ कोई नहीं है। वो लोग ३ दिन के लिए बाहर गए हैं। मैं फ़ौरन वहां पहुँच गयी और तब मैंने देखा की वहां दो लड़के और बैठे हैं। शराब चालू हो गयी और मैंने कहा ये लोग कौन हैं। तो उसने बताया की ये मेरे दोस्त हैं। आज हम तीनो ,,,,,,,,,,,,,,,,,?
मैंने कहा अच्छा तो तुम तीनो मलकर मुझे चोदोगे। वह बोला हां बिलकुल चोदेंगें क्योंकि तुम इतनी खूबसूरत हो आरती की अब कोई भी बिना तुम्हे चोदे यहाँ से जाएगा नहीं। मैं भी तैयार हो गयी और जब उन तीनो के नंगे टन टनाते हुए लण्ड देखे तो मेरी ख़ुशी का ठिकाना न रहा । फिर मैं भी नंगी हो गई और एक रंडी की तरह एक ब्लू फिल्म की हीरोइन की तरह मैंने तीनो से एक साथ चुदवाया।
मैं आपको बताना चाहती हूँ की एक खूबसूरत बीवी के लिए न पराये मर्दों की कमी है और न पराये मर्दों के लण्ड की ? उसके बाद तो मैं कई मर्दों से लगातार चुदवाने लगी और आज भी चुदवाती हूँ।
एक दिन मेरी मुलाक़ात मिसेज अलका तिवारी से हो गयी। मेरे पास भी टाइम था और उसके पास भी। मैं उसी के घर में बैठी हुई थी और वह घर में अकेली थी। उसका हसबैंड दो दिन के लिए टूर पर गया था। हम दोनों बियर पीने लगीं। मैंने वही सवाल अलका से भी कर दिया। तो वह बोली - हां मैं भी पराये मर्दों से चुदवाती हूँ और खूब जम कर चुदवाती हूँ। मैंने कहा तो फिर कोई मजेदार किस्सा सुनाओ न मुझे।
वह सुनाने लगी :- देखो यार असली बात यह है की मैं खूबसूरत हूँ और मैं इसी बात का फायदा उठती हूँ। खूबसूरत लड़कियों को / बीवियों को लोग लण्ड पकड़ाने के लिए उतावले रहतें हैं। बस मैं ज़रा सा इशारा करती हूँ तो लोग अपना लण्ड मेरे हाथ में रख देतें हैं। शादी के बाद मैं दो बार अपने जीजा से चुदवा चुकी हूँ और तीन बार अपनी दोस्त के हसबैंड से चुदवा चुकी हूँ। एक मजे दार वाकिया सुणताई हूँ। शादी के पहले मैं एक टीचर मिस्टर खुराना के घर इंग्लिश पढ़ने जाती थी। वह बहुत हैंडसम और गोरे चिट्टे थे। वह संडे को सवेरे सवेरे नंगे बदन बैठ कर शराब पीते थे। मैंने कई बार सोंचा की मैं इसका लण्ड पकड़ लूं लेकिन हिम्मत न कर सकी. शादी के बाद मैं एक दिन यह ठान कर गई की आज मैं सर को नंगा करूंगी और उसका लण्ड पकड़ लूंगी। संडे का दिन था। मैं सवेरे ही पहुँच गयी। वह मुझे देख कर बहुत खुश हो गया और बोला अलका अब तो तुम शादी के बाद बहुत खूबसूरत लग रही हो। मैंने भी मुंह बना कर कहा आपने तो मुझे इस खूबसूरती का कुछ दिया नहीं।पर आज मैं लेकर ही रहूंगी। वह मेरी बात समझ नहीं पाया बस मुस्कराकर बोला अच्छा बताओ पैग बनाऊं ? मैंने कहा हां बनाओ। हम दोनों शराब पीने लगे।
थोड़ा नशा चढ़ा तो मुझे शरारत करने का बहाना मिल गया। मैंने कहा सर आप खड़े हो जाईये। वह खड़ा हो गया। मैंने कहा हैंड उप। उसने हाथ ऊपर कर लिया। बस मैंने उसकी नेकर के दोनों तरफ अपनी उंगलियां फँसायीं और झर्र से मेकर नीचे खसका दी। वह पूरा नंगा हो गया तो बोला अरे अलका ये क्या कर रही हो तुम ? मैंने कहा मैं वही कर रही हूँ जो मुझे बहुत पहले करना चाहिए था। मैंने लण्ड पकड़ लिया उसकी कई बार चुम्मी ली और फिर जबान निकाल कर सुपाड़ा चाटने लगी। लण्ड एकदम से खड़ा हो गया क्योंकि उसे भी जोश आ गया था। मैंने कहा सर इतना मोटा तगड़ा लंबा चौड़ा तेरा लण्ड, इतना हैंडसम और इतना प्यारा तेरा लण्ड तूने मुझे पहले क्यों नहीं पकड़ाया। मैं इसी दिन का इंतज़ार कई बर्षों से कर रही थी। अब तेरा ये भोसड़ी का लण्ड मुझसे बचा कर कहीं जा नहीं पायेगा। इसी बीच मैंने अपनी चूँचियाँ भी नंगी कर दीं जिन्हे देख कर लण्ड बड़ी जोर से फनफनाने लगा।
फिर मैंने अपनी जींस भी उतार दी और नंगी चूत उसे दिखा दिया। मैं मादर चोद बिलकुल नंगी हो चुकी थी और लण्ड मुंह में पूरा भर कर चूसने लगी थी। मेरे मन की इच्छा पूरी हो रही थी। मेरी चूँचियाँ भी बड़ी बड़ी हैं इसलिए लण्ड मुंह से खसका कर अपनी चूँचियों में डाल लिया अब मैं अपनी चूँचियाँ चुदवाने लगी। मुझे चूँचियाँ चुदवाने में भी उतना ही मज़ा आता है जितना मज़ा बुर चुदवाने में आता है। लण्ड साला बढ़ता ही जा रहा था। लण्ड जब ऊपर आता तो मैं सुपाड़ा चाट लेती। तब तक मेरी चूत बहुत ज्यादा गरम हो चुकी थी। मैं वहीँ नीचे लेट गयी और कहा सर लो अब मुझे चोदो। पेल दो अपना लण्ड मेरी चूत में। आज मैं तेरे लण्ड का पूरा मज़ा लूंगी। वह भी जुट गया और गप्प से घुसा दिया लण्ड। मैं भी अपनी गांड उठा उठा कर चुदवाने लगी। तब वह बोला अरे अलका तुम तो बिलकुल कामिनी और नेहा की तरह ही चुदवा रही हो। मैं उन दोनों को जानती थी। मैंने कहा अरे वह तुम उन दोनों को भी चोदते हो सर ? वह बोला हां मैं तो उन्हें दो साल से चोद रहा हूँ। मजे की बात यह है की मैं उन दोनों की माँ भो चोदता हूँ।
मेरी चुदाने की हिम्मत और बढ़ गयी। यार मंदिरा मैं फिर खूब झमाझम खुराना से चुदवाया और हर तरफ से
चुदवाया। मैंने सोंच लिया यही की मैं जब जब माईके आऊंगी तो खुराना से चुदवाकर ही जाऊंगी। जब उसका लण्ड झड़ने लगा तो मुझे बहुत अच्छा लगा। उसका ढेर सारा वीर्य मैं पी गयी। मुझे ताज़े लण्ड का वीय बड़ा अच्छा लगता है। इससे मेरी खूबसूरती और बढ़ जाती है। लण्ड पीने के बाद मेरा चेहरा खिल जाता है। मेरी चूँचियाँ बढ़ जातीं हैं।
फिर मैं एक और बीवी के पास पहुंची जिसकी शादी अभी एक साल पहले ही हुई है। उसका नाम है मिसेज बाला अवस्थी। वह २५ साल की है और बेहद खूबसूरत, बड़ी बड़ी चूँचियों वाली और हॉट बीवी है। वह भी शराब पीती है औअर खुल कर बात करती है। मैंने जब पूंछा की क्या तुम पराये मर्दों से चुदवाती हो। वह टपक से बोली हां मैं तो खूब चुदवाती हूँ। एक से नहीं कई मर्दों से चुदवाती हूँ। मुझे नए नए लण्ड से बहुत मोहब्बत है। मैं हर एक लण्ड से प्यार करती हूँ। मैं जब कभी घोड़े और गधे का लण्ड देखती हूँ तो मन करता है इसे अपनी मुंह में और बुर में घुसेड़ लूं। इनके लण्ड देखते ही मैं चुदासी हो जाती हूँ।
मैंने कहा - तो फिर कोई सच्चा किसा सुनाओ न मुझे।
वह बोली - मेरा पास सच्चे किस्से ही हैं। मैं तो हर दिन एक नया किस्सा बनाती हूँ।
मैंने कहा - कैसे बनाती हो नया किस्सा ? वह बोली - देखो यार मेरा हसबैंड सुबह १० बजे ऑफिस चला जाता है। उसके ऑफिस जान के आधे घंटे का बाद मैं अपने यार को फोन करके बुला लेती हूँ। सीधे उसे अंदर बेड पर ले जाती हूँ और नंगा कर देती हूँ। मैं उसके पहले ही नंगी हो जाती हूँ। फिर उसका लण्ड पकड़ कर चूमने चाटने लगती हूँ। थोड़ी देर तक ब्लो जॉब देती हूँ। मस्ती से ओरल सेक्स करती हूँ और फिर लण्ड अपनी बुर में घुसा लेती हूँ। उसके बाद तो मैं रंडी की तरह खूब दनादन चुदवाती हूँ। भून डालती हूँ लण्ड अपनी चूत में डाल कर। झड़ता हुआ लण्ड पीती हूँ और अगर मुझे उसका लण्ड अच्छा लगा तो मैं उसे बार बार बुलाती हूँ। मेरे पास कई लोगों के फोन हैं।
मुझे चोदने वाले दो बैंक मैनेजर हैं, तीन कॉलेज के टीचर हैं, तीन सरकारी दफ्तर के अफसर है और दो मेरे हसबैंड के दोस्त हैं। मैं इन्हे बारी बारी से फोन करके बुलाती हूँ और फिर बिंदास चुदवाती हूँ। हसबैंड जब कभी टूर पर चला जाता है तो दो दो / तीन तीन लोगों से इकठ्ठा चुदवा लेती हूँ। मेरी ही तरह मेरी कुछ दोस्त हैं । वो भी मेरी स्टाइल में लोगों से चुदवाती है। मैं उससे लण्ड की अदला बदली कर लेती हूँ और चुदाई का मज़ा खूब लूटती हूँ। साथ ही साथ मैं अपनी खूबसूरती की और अपनी बड़ी बड़ी चूँचियों की बदौलत नए नए मर्दों को फंसा लेती हूँ, पहले उनका लण्ड पकड़ती हूँ, फिर सड़का मार कर लण्ड पीती हूँ और जब लण्ड पसंद आ जाता है तो उससे चुदवा लेती हूँ।
मैंने कहा - वाह तेरा तो जलवा ही निराला है।
०=०=०=०=०= समाप्त
Tags: सुंदर बीवियां ही ज्यादातर ग़ैर मर्दों से चुदवाती है - Dusre ke pati se chudti hai Biwiyan , क्यों करती है महिला गैर मर्द से सेक्स , किसलिए चुदती है , बुर चुद्वाती है , लंड चूसती है , चूत चटवाती है. फुदी फड़वाती है. गांड देती है , मरवाती है बड़े लंडों से , बुझाती है प्यास.
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