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रात में पराये मर्दों से चुदवाती हूँ - Raat me paraye mardon se chut chudai hoti hai
रात में पराये मर्दों से चुदवाती हूँ - Raat me paraye mardon se chut chudai hoti hai, Gair Mard Se Sexy Biwi Ki Chudai, पराये मर्द से सम्भोग, गैर मर्द से सेक्सी बीवी की चुदाई, चूत में बाल, खूब हचक कर चुदवाती है, गैर मर्द से चुदाई, रात भर गैर मर्द से चुदीं, चूत चोदने के लिए आमंत्रित, नँगी होकर चूत दिखाई, पराये मर्द से चुदाई.
हां हां मैं सच कह रही हूँ, राकेश। वैसे तो लोग अपनी बीवी चोद कर ही हनीमून मनाते हैं लेकिन यह ऐसी जगह है जहाँ आप दूसरों की बीवियां चोद कर हनीमून मनाते हैं। खूब एन्जॉय करते है और सबके साथ मानते हैं हनीमून।
मैंने कहा :- सपना भाभी, यह बात मुझे बड़ी अजीब लग रही है। हनीमून तो अपनी ही बीवी के साथ मनाया जाता है भाभी। फिर दूसरे की बीवी कहाँ से बीच में आ गयी। क्या मेरी बीवी या किसी की बीवी इस बात को बर्दास्त कर पायेगी भाभी ?
भाभी बोली :- बिलकुल बर्दास्त कर पायेगी, राकेश। बल्कि वह तो और खुश होगी जैसे की मैं खुश हुई थी। अच्छा पहले तुम अपने दिल की बताओ मुझे ? मैं अगर कहूँ की तुम हनीमून में पहले अपनी बीवी चोदो और फिर तुम किसी और की भी बीवी चोदो तो क्या तुम मना कर दोगे ? अगर तुम मना कर दोगे तो उसका केवल एक ही कारण होगा की कहीं तेरी बीवी बुरा न मान जाये ?
राकेश बोला :- हां भाभी बात तो सही है ? डर तो यही होगा की कहीं मेरी बीवी नाराज़ न हो जाये ?
मैंने कहा :- और अगर नाराज़ न हो बल्कि यह कहे की अगर तुम अगर किसी और की बीवी चोदोगे तो फिर मैं भी किसी से चुदवाऊँगी तब ?
राकेश बोला :- ऐसे में अगर दूसरे की बीवी अच्छी हुई तो मैं मान जाऊंगा ?
मैंने कहा :- हां बस यही तो बात है ? इसी बात पर तो मेरा मियां मान गया था। बस उसने किसी और की बीवी चोदी और मैंने किसी और से चुदवाया। फिर यह सिलसिला चल पड़ा तो आज तक चल रहा है। हम दोनों बहुत खुश हैं। इसी तरह दुनियां में बहुत लोग हैं जो अपनी बीवी चुदवाकर और दूसरों की बीवियां चोद कर मनाते है हनीमून ? पूरे ग्रुप के साथ मानते हैं हनीमून ? एक दूसरे की बीवी चोद कर मनाते हैं हनीमून ? अब ज़रा सोंचो जब तुम किसी की बीवी चोद कर मनाओगे हनीमून तो तेरी बीवी भी तो दूसरों से चुदवाकर हनीमून मनायेगी ? तब तो तेरी बीवी नाराज़ नहीं होगी न ? तुम अगर अपनी बीवी दूसरे को चोदने दोगे तो लोग भी अपनी बीवी तुम्हे चोदने देंगें ? अभी तक तो लोग अपनी बीवी चोद कर ही मनाते हैं हनीमून पर यहाँ लोग अपनी चुदवाकर मानते हैं हनीमून ? बड़ी ख़ुशी ख़ुशी लोग चुदवाते है अपनी बीवी और बीवियां भी बड़ी ख़ुशी ख़ुशी अपने मरद को दूसरों की बीवियां चोदने देती हैं । तुम चाहो तो अपनी बीवी से पूँछ लो।
राकेश बोला :- हां भाभी मैं अपनी बीवी से पूँछ लेता हूँ। फिर आपको बताऊंगा ?
मैंने कहा :- देखो राकेश, तेरी बीवी पहले तो ना नुकुर करेगी लेकिन बाद में वह मान जाएगी क्योंकि नारी का यही स्वभाव होता है ?
दूसरे दिन राकेश मेरे पास सवेरे सवेरे ही आ गया और बोला :- सपना भाभी आप सही कह रही थीं। मेरी बीवी मान गयी है। पहले तो नहीं मान रही थी लेकिन मेरे जोर देने पर मान गयी है। अब आप जो कहें मैं वो करने के लिए तैयार हूँ।
दोस्तों, मेरा नाम है मिसेज सपना . मैं यहाँ गोवा में अपना हनीमून मनाने आई हूँ। मैं आई तो थी लेवल ३ दिन के लिए लेकिन फिर ऐसा मन लगा की यहाँ से जाने का मन ही नहीं रहा है। इसलिए मैंने अपना स्टे एक हफ्ते के लिए बढ़ा दिया है। कल मुझे इसी होटल में मेरे मोहल्ले का एक देवर मिल गया, राकेश ? मेरा दिल उस पर आ गया ? मैं मन ही मन उससे चुदवाने की सोंचने लगी। उसकी बीवी रेनू उसके साथ है। वह भी सुन्दर है, अच्छी है और बहुत अच्छी बातें करती है। लेकिन मैं भी कम सुन्दर नहीं हूँ। मेरी बड़ी बड़ी मस्त चूंचियां, पतली कमर और मोटे मोटे चूतड़ों के बीच मेरी सेक्सी गांड मेरी सुंदरता बढ़ाती हैं। मैं राकेश को इस बात के लिए मनाने लगी की वह दूसरों की बीवी चोद कर अपना हनीमून मनाये ?
मैं जब इस होटल में आई थी तो पहले दिन मुझे मुछ पता ही नहीं चला। लेकिन दूसरे दिन मैं इसके ऑफिस में घुस गयी। वहां मुझे मेरी एक पुरानी सहेली मिस अंजना मिल गयी। मैंने उससे पूंछा की यहाँ हनीमून मानने के और क्या क्या तरीके हैं ? तब उसने बताया की यहाँ लोग बीवियों की अदला बदली करके एक ग्रूप में खुल कर हनीमून मनाते हैं। यह केवल रात में होता है, वह भी ११ बजे के बाद ? कभी कभी हम लोग इस ग्रुप को बाहर किसी पिकनिक पर समंदर के किनारे ले जातें है और वहीँ पर लोग एक दूसरे की बीवी चोद कर मनाते हैं हनीमून। सी बीच में खुले आसमान के नीचे दूसरों की बीवियां चोद कर हनीमून मनाने का जो मज़ा है वह कहीं और नहीं मिलता ? इसी तरह बीवियों के लिए दूसरे मर्दों से चुदवाकर हनीमून मनाने का जो मज़ा मिलता है वो उन्हें फिर ज़िन्दगी में कभी नहीं मिलता ? मेरा अनुभव है इस तरह के हनीमून में बीवियां ज्यादा मज़ा लेती है और वो यहाँ से आसानी से जाना भी नहीं चाहती ?
मैंने कहा :- तुम सही कहती हो अंजना ? पराये मरद के लण्ड का चस्का ही ऐसा ही होता है ?
बस उसी रात को मैं अपने पति सौरभ को लेकर नीचे हाल में पहुँच गयी। सौरभ तो बड़ी बड़ी खूबसूरत बीवियां देख कर मस्त हो गया। उसका लौड़ा टुन्न हो गया और मेरी भी चूत बड़े बड़े हैंडसम और स्मार्ट मर्दों को देख कर चुलबुलाने लगी। हमने देखा की वहां दारू बेतहासा चल रही है। बीवियां सिगरेट पर सिगरेट फूंके जा रही हैं। नशे में मर्दों से ज्यादा उनकी बीवियां हैं ? हां अध नंगी बीवियां ? अपनी चूंचियां दिखाती हूँ बीवियां ? अपनी बुर खोल कर चलने वाली बीवियां और प्यार से गन्दी गन्दी गालियां देने वाली बीवियां ? बस मैं भी उनमे शामिल गयी। मैंने भी चूंचियां खोल लीं, जांघें दिखाने लगी और दारू के नशे में गालियां बकने लगी। इस तरह की आज़ादी मैं पहली बार देख रही थी। आधे से अधिक मर्दों के लण्ड दिखाई पड़ रहे थे। किसी की झांटें दिख रही थी तो किसी के लण्ड का सुपाड़ा ? किसी के पेल्हड़ दिखाई पड़ रहे थे तो किसी की गांड ?
इतने में अंजना एकदम नंगी नंगी आई और बोली -
"मेरे प्यारे मादर चोदों, भोसड़ी वालों, बुर चोदियों मैं जानती हूँ की आप दूसरों की बीवियां चोद कर हनीमून मनाने आये हो। दूसरों के मर्दों से चुदवाकर हनीमून मनाने आई हो। मैं आपको बताना चाहती हूँ यहाँ आपको पूरी आज़ादी है। जो चाहो करो ? बस दो चीज करना मना है। पहला - किसी के साथ कोई जबरदस्ती नहीं करेगा / करेगी। और दूसरा - न कोई मरद अपनी बीवी को छुएगा और न कोई बीवी अपने मरद को छुएगी ? जो कुछ करो वह सब परायी बीवियों के साथ करो और पराये मर्दों के साथ करो ? यहाँ सबकी बीवियां चोदो, अपनी बीवी चुदाओ और हनीमून मनाओ ?
अंजना इतना कह कर चली गयी और यहाँ लोग फ़टाफ़ट अपने अपने कपडे उतारने लगे। देखते ही देखते सारे हाल में सभी लोग नंगे हो गए। बीवी हो या मियां किसी के बदन पर कोई पकड़ा नहीं रहा. सब के सब मादर चोद नंगे ? मैं तो बस सबके लण्ड ही देखने लगी। मेरा पति सबकी बीवियों की चूंचियां, सबकी चूत और सबकी गांड मस्ती से देखने लगा। इतने में किसी ने मेरी चूंचियां पकड़ लीं और किसी ने मेरे पति का लण्ड ? हम दोनों ने एक दूसरे को आँख मारी और शुरू हो गयीं। मैं भी किसी का लौड़ा चूसने लगी और कोई सौरभ का लौड़ा चूसने लगी। कोई भोसड़ी की ऐसी बीवी नहीं बची जिसके हाथ में लौड़ा न हो ? कोई मादर चोद ऐसा मियां नहीं बचा जिसके हाथ में किसी की चूंचियां न हो ? सब लोग मस्त होने लगे। तब तक मैंने एक और लौड़ा पकड़ लिया। उधर कोई मेरी बुर चाटने लगा और कोई मेरी गांड सहलाने लगा।
मैं मन ही मन बड़ी खुश हुई और सोंचने लगी की अगर मैं अंजना के पास नहीं गयी होती तो आज इतने बढ़िया अवसर को खो देती ? मेरी नज़र चारों तरफ टन टनाते हुए लौड़ों पर थी। मैं यह सब सोंच ही रही थी किसी ने मेरी बुर में लण्ड पेल दिया और चोदने लगा। मैं चुदवाने लगी। मैंने इधर उधर देखा की यहाँ तो बहन चोद हर बीवी किसी न किसी का लण्ड अपनी चूत में घुसेड़े हुए चुदवा रही है ? मेरी नज़र सौरभ पर पड़ी। वह भोसड़ी का किस की बुर में लौड़ा घुसा कर चोद रहा था और साथ ही साथ किसी और बीवी की चूंचियां चूस रहा था। मुझे लगा की मैं ज़मीन पर नहीं, स्वर्ग के इन्द्र लोक में हूँ।
यह मेरा पहला दिन था जब मैंने सबके सामने कई लोगों से अपनी बुर चुदवाई और सौरभ ने कई बीवियां चोदीं। मैं यह सब बातें राकेश को उसकी बीवी रेनू के सामने बता रही थी। मेरा पति सौरभ भी मेरे साथ था।
राकेश ने कहा :- वाह भाभी वाह आप अगर नहीं होती तो मुझे इस बात का पता कभी हो ही नहीं पाता ? अब तो इस मौके का पूरा फायदा उठाना चाहिए।
रेनू ने कहा :- सपना भाभी मैंने तो पहले ही अपने पति से कह दिया है की मैं तैयार हूँ। आपने यह सच्चा किस्सा सुनाकर मेरे बदन में आग लगा दी है। अभी तो दोपहर ही है। रात के ११ बजने में काफी समय है। तब तक मैं कैसे रुक सकती हूँ ?
ऐसा कह कर रेनू मेरे पति के बगल में बैठ गयी। मैं उसका मकसद समझ गयी तो मैं भी राकेश के बगल में बैठ गयी और उसके गले में अपनी बाहें डाल दीं। मैंने उसकी चुम्मी ली और उसने मेरी चूचियाँ दबा दीं ? उधर सौरभ भी रेनू की चूंचियां दबाने लगा। मैं राकेश के कपड़े खोलने लगी और रेनू मेरे पति के कपड़े ? मेरे से पहले रेनू ने मेरे पति का खड़ा लण्ड पकड़ लिया और उसे हिलाने लगी। मैं जान गयी की रेनू पराये मर्द से चुदवाने के लिए कितनी बेचैन है ? उसने लण्ड चाटना शुरू भी कर दिया तब मैं राकेशा को नंगा कर पायी। उसका लण्ड पकड़ा तो मज़ा आ गया। मैंने उसके कान में कहा राकेश तेरी बीवी तुझसे आगे निकल गयी है। उसे तो पराये मर्द का लण्ड बहुत अच्छा लग रहा है। अब तो तुझे सबकी बीवियां चोदने का लाइसेंस मिल गया है। देखना रात को तेरी बीवी कितने लोगों का लण्ड अपनी चूत में पेलती है ? बस मैं भी झुक कर राकेश का लण्ड चूसने लगी।
राकेश के लण्ड में मुझे एक नये तरीके का मज़ा मिल रहा था। फिर मैं अपने कपड़े उतारने लगी और उधर रेनू भी अपने कपड़े खोलने लगी। पहले रेनू नंगी हुई और फिर मैं। हम दोनों एक दूसरे के पति के सामने नंगी हो गयी। मैंने देखा की रेनू का चेहरा ख़ुशी से चमक रहा है इसका मतलब उसे किसी और से चुदवाने में किंचित मात्र भी संकोच नहीं है। उसे नंगी देख कर परे पति का लण्ड और सख्त हो गया। इधर मुझे नंगी देख कर राकेश का लौड़ा उछलने लगा। वह पहली बार अपनी बीवी के सामने किसी और की बीवी चोदने जा रहा था। रेनू भी मस्त थी क्योंकि वह भी पहली बार अपने मरद के आगे किसी और के मरद से चुदवाने जा रही है।
मेरे पति ने जैसे ही लण्ड पेला रेनू की चूत में वैसे ही वह चीख पड़ी हाय दईया कितना मोटा लण्ड पेल दिया तूने भोसड़ी के ? मेरी तो चूत फट गयी बहन चोद ? इधर मैंने भी जब राकेश का लौड़ा अपनी बुर में घुसाया तो मैं भी बोली बाप रे बाप इतना बड़ा लौड़ा एक ही बार में घुसा दिया तूने मादर चोद ? फिर हम दोनों एक दूसरे को देख देख कर मस्ती से चुदवाने लगीं। मुझे पूरा भरोषा हो गया की आज रात को रेनू कई मर्दों के लण्ड अपनी बुर में पेलेगी। उसे तो पराये मर्दों से चुदवाने का बड़ा शौक है और उसे यह शौक पूरा करने का पूरा मौक़ा भी मिल रहा है।
बस रात में ११ बजे हम चारों लोग उस बड़े हाल में घुस गये जहाँ सबके साथ हनीमून मनाना था।
अब यहाँ से कहानी आपको खुद रेनू सुनाएगी :-
दोस्तों, मैं आपको सच बता रही हूँ की मैं १५ साल की उम्र से लण्ड पकड़ती आ रही हूँ। पहले मैं लण्ड पकड़ती थी, लण्ड चाटती थी, लण्ड चूसती थी और फिर मुठ्ठ मार कर लण्ड पीती भी थी। मैं चुदवाती नहीं थी क्योंकि मेरी चूत उस समय तैयार नहीं थी। मैं जब १९ साल की हुई तब पहली एक लड़के का लण्ड पेला अपनी चूत में और चुदवाया। पहली बार चुदवाने में बड़ा अजीब सा अनुभव हुआ लेकिन फिर बाद में मज़ा आने लगा। मैं कॉलेज के लड़कों के लण्ड पकड़ने लगी और लुके छिपे कभी कभी चुदवाने भी लगी। शादी हुई तो मेरा लड़कों से चुदवाना बिलकुल बंद हो गया और मैं लण्ड के लिए तड़पने लगी। मेरे पास केवल एक ही लण्ड था, वह भी अपने पति का ? खैर मैं किसी तरह चुदवाती रही लेकिन मन ही मन सोंचती रही की हे भगवान कोई ऐसा मौका निकालो की मैं फ्री होकर पराये मर्दों से चुदवाने लगूँ ?
उस दिन सपना भाभी के कहने पर जब मेरे पति ने मुझसे पराये मरद से चुदवाने की बात कहीं तो मैं मन ही मन बहुत खुश हुई लेकिन ऊपर से मना कर दिया। वह बार बार कहता रहा तो फिर हां कर दी । कल जब मैंने सौरभ से अपने हसबैंड के सामने चुदवाया तो मैं खुश थी की भगवान ने मेरी सुन ली और मेरा पराये मर्दों से चुदवाने का रास्ता खोल दिया।
तो ये तो रहीं मेरी पुरानी बातें ? अब मैं अपने पति राकेश, सपना और उसके पति सौरभ के साथ इस हाल में आ गयी हूँ जहाँ मुझे पराये मर्दों से चुदवा कर हनीमून मनाना है और मेरे हसबैंड को दूसरों की बीविया चोद कर ? मैं तो यहाँ के सब लोगों से चुदवाने के लिए बड़ी उत्सुक हूँ और मेरा पति भी इन सबकी बीवियां चोदने के लिए बड़ा उत्साहित है। मैंने देखा की सब लोग दारू पी रहे हैं। बीवियां ज्यादा मस्ती से पी रही हैं। सिगरेट भी पी रही है। कपडे सब के अस्त व्यस्त हैं। किसी की चूंची, किसी की गांड, किसी की चूत, किसी की झांटें दिख रही है। किसी का लौड़ा हिल रहा है किसी के पेल्हड़ दिख रहें है। किसी की गांड दिख रही है। सब खूब गन्दी गन्दी बातें कर रहे हैं, हंसी मजाक कर रहे हैं, गाली बक रहें हैं। बीवियां तो गाली बकने में बड़ी तेज लग रही हैं। अचानक घंटी बजी तो सब लोग फ़टाफ़ट अपने अपने कपड़े खोलने लगे।
बस ५ मिनट ही सारे मरद और सारी बीवियां नंगी हो गयीं । मैं जल्दी जल्दी सबके लण्ड देखने लगी। सब के सब लण्ड चिकेन थे सबकी झांटें बानी हुई थी। हां किसी किसी की झांटें छोटी छोटी थी वह भी लण्ड के ऊपर। सबकी बीवियों की चूत बिलकुल चिकनी थी। किसी की भी झांटें नहीं थीं।
यहाँ सब अपरिचित हैं। कोई किसी को नहीं पहचानता और न पहचानने की कोई जरुरत है। यहाँ तो बस लण्ड चूत पहचानता है और चूत लण्ड पहचानती हैं। मर्दों को सबकी चूत में लण्ड पेलना है और बीवियों को अपनी चूत में सबके लण्ड पेलवाना है। यह बात और है की किसी को चूंची चुदवानी है, किसी को गांड मरवानी है, किसी को लण्ड चूसना है, किसी को लण्ड पीना है, किसी को बुर चोदनी है, किसी को चूंची पीना है, किसी को मुंह में लेना है लण्ड और किसी को मुठ्ठ मरवानी है। यहाँ सब कुछ होता है। मैं भी उस भीड़ में घुस गयी और ताबड़तोड़ टन टनाते हुए लण्ड पकड़ पकड़ कर देखने लगी। किसी का मोटा, किसी का लंबा, किसी का काला, किसी का गोरा, किसी का सीधा, किसी का टेढ़ा, किसी का कटा, किसी का समूचा लण्ड पकड़ा, उसे चूमा, चाटा, पुचकारा और आगे बढती गयी। मेरा मन हो रहा था की मैं सभी के लण्ड खा जाऊं ?
मेरी चूत बुर चोदी भठ्ठी की तरह जल रही थी। इतने बढ़िया बढ़िया लण्ड के आगे मैं सारी दुनिया भूल गयी । इसी तरह मेरा हसबैंड भी कही भीड़ में खो गया। वह भी सबकी चूत, चूंची, गांड देख कर मस्त होने लगा। सपना भी किसी का लण्ड चूसने में जुट गयी और उसका पति भी किसी को लण्ड चुसवाने का मज़ा लेने लगा।
अब मैं और रुक नहीं सकी। तभी एक मोटा ताज़ा लौड़ा मेरे हाथ में आ गया। बस मैं लेट गयी और उसे अपनी बुर में घुसा लिया। मैं सबके सामने नंगी लेटी हुई चुदवाने लगी। मैं गांड उठा उठा के चुदवाने लगी। मैं बोल रही थी वाओ पूरा पेलो लौड़ा, पूरा घुसा के चोदो लौड़ा, मैं तेरी ही बीवी हूँ, मुझे चोदो। मैं तेरी भाभी हूँ मुझे चोदो । हाय रे तेरा लौड़ा बड़ा बढ़िया है यार ? मेरी बुर चोदो। मेरी गांड चोदो, मेरी चूंची चोदो मेरे राजा ? अगल बगल के लोग मेरी बातों का मज़ा लेने लगे और वे सब और जोर जोर से चोदने लगे। पूरे हाल में घमाशान चुदाई होने लगी। इतने में मेरी चूत में किसी और का लण्ड घुस गया। वह भी मुझे मस्ती से चोदने लगा। इधर किसी ने मेरे मुंह से लण्ड निकाल लिया और कोई दूसरा लण्ड घुसा दिया। मैं वह भी मजे से चूसने लगी। कोई मेरी चूंचियों पर लण्ड फिराने लगा। फिर कोई बहन चोद मेरी बुर चाटने लगा। मैं तो ज़न्नत का मज़ा लूटने लगी।
मैं उठी तो किसी ने मेरे कंधे पर हाथ रख कर कहा अरी भोसड़ी की रेनू तू ? तू यहाँ बुर चुदा रही है अपनी ? मैंने कहा तो क्या तू यहाँ आरती उतारने आई है बुर चोदी पूजा ? तू भी तो मादर चोद बुर चुदवाने आई है अपनी। मैं तेरी बुर देख रही हूँ। अब तू अपने हसबैंड का लण्ड दिखा मुझे ? वह बोली तू अभी अभी जिसका लण्ड चूस रही थी वही मेरे हसबैंड है ? इतने में सामने मुझे मेघना आंटी दिख गयी। मैंने कहा अरे आंटी भोसड़ी की तुम अब हनीमून मनाने आई हो ? वह बोली हां हां और नहीं तो क्या ? मैंने कहा आंटी तेरी शादी तो जाने कब हो चुकी है। वह बोली देख रेनू मैं यहाँ एक नकली हसबैंड लेकर आती हूँ और सबसे चुदवाकर जाती हूँ। मुझे नये नये लण्ड से चुदवाने का बड़ा शौक है। मैं साल में तीन बार आती हूँ यहाँ और खूब जम के चुदवा कर जाती हूँ।
मैंने कहा :- सपना भाभी, यह बात मुझे बड़ी अजीब लग रही है। हनीमून तो अपनी ही बीवी के साथ मनाया जाता है भाभी। फिर दूसरे की बीवी कहाँ से बीच में आ गयी। क्या मेरी बीवी या किसी की बीवी इस बात को बर्दास्त कर पायेगी भाभी ?
भाभी बोली :- बिलकुल बर्दास्त कर पायेगी, राकेश। बल्कि वह तो और खुश होगी जैसे की मैं खुश हुई थी। अच्छा पहले तुम अपने दिल की बताओ मुझे ? मैं अगर कहूँ की तुम हनीमून में पहले अपनी बीवी चोदो और फिर तुम किसी और की भी बीवी चोदो तो क्या तुम मना कर दोगे ? अगर तुम मना कर दोगे तो उसका केवल एक ही कारण होगा की कहीं तेरी बीवी बुरा न मान जाये ?
राकेश बोला :- हां भाभी बात तो सही है ? डर तो यही होगा की कहीं मेरी बीवी नाराज़ न हो जाये ?
मैंने कहा :- और अगर नाराज़ न हो बल्कि यह कहे की अगर तुम अगर किसी और की बीवी चोदोगे तो फिर मैं भी किसी से चुदवाऊँगी तब ?
राकेश बोला :- ऐसे में अगर दूसरे की बीवी अच्छी हुई तो मैं मान जाऊंगा ?
मैंने कहा :- हां बस यही तो बात है ? इसी बात पर तो मेरा मियां मान गया था। बस उसने किसी और की बीवी चोदी और मैंने किसी और से चुदवाया। फिर यह सिलसिला चल पड़ा तो आज तक चल रहा है। हम दोनों बहुत खुश हैं। इसी तरह दुनियां में बहुत लोग हैं जो अपनी बीवी चुदवाकर और दूसरों की बीवियां चोद कर मनाते है हनीमून ? पूरे ग्रुप के साथ मानते हैं हनीमून ? एक दूसरे की बीवी चोद कर मनाते हैं हनीमून ? अब ज़रा सोंचो जब तुम किसी की बीवी चोद कर मनाओगे हनीमून तो तेरी बीवी भी तो दूसरों से चुदवाकर हनीमून मनायेगी ? तब तो तेरी बीवी नाराज़ नहीं होगी न ? तुम अगर अपनी बीवी दूसरे को चोदने दोगे तो लोग भी अपनी बीवी तुम्हे चोदने देंगें ? अभी तक तो लोग अपनी बीवी चोद कर ही मनाते हैं हनीमून पर यहाँ लोग अपनी चुदवाकर मानते हैं हनीमून ? बड़ी ख़ुशी ख़ुशी लोग चुदवाते है अपनी बीवी और बीवियां भी बड़ी ख़ुशी ख़ुशी अपने मरद को दूसरों की बीवियां चोदने देती हैं । तुम चाहो तो अपनी बीवी से पूँछ लो।
राकेश बोला :- हां भाभी मैं अपनी बीवी से पूँछ लेता हूँ। फिर आपको बताऊंगा ?
मैंने कहा :- देखो राकेश, तेरी बीवी पहले तो ना नुकुर करेगी लेकिन बाद में वह मान जाएगी क्योंकि नारी का यही स्वभाव होता है ?
दूसरे दिन राकेश मेरे पास सवेरे सवेरे ही आ गया और बोला :- सपना भाभी आप सही कह रही थीं। मेरी बीवी मान गयी है। पहले तो नहीं मान रही थी लेकिन मेरे जोर देने पर मान गयी है। अब आप जो कहें मैं वो करने के लिए तैयार हूँ।
दोस्तों, मेरा नाम है मिसेज सपना . मैं यहाँ गोवा में अपना हनीमून मनाने आई हूँ। मैं आई तो थी लेवल ३ दिन के लिए लेकिन फिर ऐसा मन लगा की यहाँ से जाने का मन ही नहीं रहा है। इसलिए मैंने अपना स्टे एक हफ्ते के लिए बढ़ा दिया है। कल मुझे इसी होटल में मेरे मोहल्ले का एक देवर मिल गया, राकेश ? मेरा दिल उस पर आ गया ? मैं मन ही मन उससे चुदवाने की सोंचने लगी। उसकी बीवी रेनू उसके साथ है। वह भी सुन्दर है, अच्छी है और बहुत अच्छी बातें करती है। लेकिन मैं भी कम सुन्दर नहीं हूँ। मेरी बड़ी बड़ी मस्त चूंचियां, पतली कमर और मोटे मोटे चूतड़ों के बीच मेरी सेक्सी गांड मेरी सुंदरता बढ़ाती हैं। मैं राकेश को इस बात के लिए मनाने लगी की वह दूसरों की बीवी चोद कर अपना हनीमून मनाये ?
मैं जब इस होटल में आई थी तो पहले दिन मुझे मुछ पता ही नहीं चला। लेकिन दूसरे दिन मैं इसके ऑफिस में घुस गयी। वहां मुझे मेरी एक पुरानी सहेली मिस अंजना मिल गयी। मैंने उससे पूंछा की यहाँ हनीमून मानने के और क्या क्या तरीके हैं ? तब उसने बताया की यहाँ लोग बीवियों की अदला बदली करके एक ग्रूप में खुल कर हनीमून मनाते हैं। यह केवल रात में होता है, वह भी ११ बजे के बाद ? कभी कभी हम लोग इस ग्रुप को बाहर किसी पिकनिक पर समंदर के किनारे ले जातें है और वहीँ पर लोग एक दूसरे की बीवी चोद कर मनाते हैं हनीमून। सी बीच में खुले आसमान के नीचे दूसरों की बीवियां चोद कर हनीमून मनाने का जो मज़ा है वह कहीं और नहीं मिलता ? इसी तरह बीवियों के लिए दूसरे मर्दों से चुदवाकर हनीमून मनाने का जो मज़ा मिलता है वो उन्हें फिर ज़िन्दगी में कभी नहीं मिलता ? मेरा अनुभव है इस तरह के हनीमून में बीवियां ज्यादा मज़ा लेती है और वो यहाँ से आसानी से जाना भी नहीं चाहती ?
मैंने कहा :- तुम सही कहती हो अंजना ? पराये मरद के लण्ड का चस्का ही ऐसा ही होता है ?
बस उसी रात को मैं अपने पति सौरभ को लेकर नीचे हाल में पहुँच गयी। सौरभ तो बड़ी बड़ी खूबसूरत बीवियां देख कर मस्त हो गया। उसका लौड़ा टुन्न हो गया और मेरी भी चूत बड़े बड़े हैंडसम और स्मार्ट मर्दों को देख कर चुलबुलाने लगी। हमने देखा की वहां दारू बेतहासा चल रही है। बीवियां सिगरेट पर सिगरेट फूंके जा रही हैं। नशे में मर्दों से ज्यादा उनकी बीवियां हैं ? हां अध नंगी बीवियां ? अपनी चूंचियां दिखाती हूँ बीवियां ? अपनी बुर खोल कर चलने वाली बीवियां और प्यार से गन्दी गन्दी गालियां देने वाली बीवियां ? बस मैं भी उनमे शामिल गयी। मैंने भी चूंचियां खोल लीं, जांघें दिखाने लगी और दारू के नशे में गालियां बकने लगी। इस तरह की आज़ादी मैं पहली बार देख रही थी। आधे से अधिक मर्दों के लण्ड दिखाई पड़ रहे थे। किसी की झांटें दिख रही थी तो किसी के लण्ड का सुपाड़ा ? किसी के पेल्हड़ दिखाई पड़ रहे थे तो किसी की गांड ?
इतने में अंजना एकदम नंगी नंगी आई और बोली -
"मेरे प्यारे मादर चोदों, भोसड़ी वालों, बुर चोदियों मैं जानती हूँ की आप दूसरों की बीवियां चोद कर हनीमून मनाने आये हो। दूसरों के मर्दों से चुदवाकर हनीमून मनाने आई हो। मैं आपको बताना चाहती हूँ यहाँ आपको पूरी आज़ादी है। जो चाहो करो ? बस दो चीज करना मना है। पहला - किसी के साथ कोई जबरदस्ती नहीं करेगा / करेगी। और दूसरा - न कोई मरद अपनी बीवी को छुएगा और न कोई बीवी अपने मरद को छुएगी ? जो कुछ करो वह सब परायी बीवियों के साथ करो और पराये मर्दों के साथ करो ? यहाँ सबकी बीवियां चोदो, अपनी बीवी चुदाओ और हनीमून मनाओ ?
अंजना इतना कह कर चली गयी और यहाँ लोग फ़टाफ़ट अपने अपने कपडे उतारने लगे। देखते ही देखते सारे हाल में सभी लोग नंगे हो गए। बीवी हो या मियां किसी के बदन पर कोई पकड़ा नहीं रहा. सब के सब मादर चोद नंगे ? मैं तो बस सबके लण्ड ही देखने लगी। मेरा पति सबकी बीवियों की चूंचियां, सबकी चूत और सबकी गांड मस्ती से देखने लगा। इतने में किसी ने मेरी चूंचियां पकड़ लीं और किसी ने मेरे पति का लण्ड ? हम दोनों ने एक दूसरे को आँख मारी और शुरू हो गयीं। मैं भी किसी का लौड़ा चूसने लगी और कोई सौरभ का लौड़ा चूसने लगी। कोई भोसड़ी की ऐसी बीवी नहीं बची जिसके हाथ में लौड़ा न हो ? कोई मादर चोद ऐसा मियां नहीं बचा जिसके हाथ में किसी की चूंचियां न हो ? सब लोग मस्त होने लगे। तब तक मैंने एक और लौड़ा पकड़ लिया। उधर कोई मेरी बुर चाटने लगा और कोई मेरी गांड सहलाने लगा।
मैं मन ही मन बड़ी खुश हुई और सोंचने लगी की अगर मैं अंजना के पास नहीं गयी होती तो आज इतने बढ़िया अवसर को खो देती ? मेरी नज़र चारों तरफ टन टनाते हुए लौड़ों पर थी। मैं यह सब सोंच ही रही थी किसी ने मेरी बुर में लण्ड पेल दिया और चोदने लगा। मैं चुदवाने लगी। मैंने इधर उधर देखा की यहाँ तो बहन चोद हर बीवी किसी न किसी का लण्ड अपनी चूत में घुसेड़े हुए चुदवा रही है ? मेरी नज़र सौरभ पर पड़ी। वह भोसड़ी का किस की बुर में लौड़ा घुसा कर चोद रहा था और साथ ही साथ किसी और बीवी की चूंचियां चूस रहा था। मुझे लगा की मैं ज़मीन पर नहीं, स्वर्ग के इन्द्र लोक में हूँ।
यह मेरा पहला दिन था जब मैंने सबके सामने कई लोगों से अपनी बुर चुदवाई और सौरभ ने कई बीवियां चोदीं। मैं यह सब बातें राकेश को उसकी बीवी रेनू के सामने बता रही थी। मेरा पति सौरभ भी मेरे साथ था।
राकेश ने कहा :- वाह भाभी वाह आप अगर नहीं होती तो मुझे इस बात का पता कभी हो ही नहीं पाता ? अब तो इस मौके का पूरा फायदा उठाना चाहिए।
रेनू ने कहा :- सपना भाभी मैंने तो पहले ही अपने पति से कह दिया है की मैं तैयार हूँ। आपने यह सच्चा किस्सा सुनाकर मेरे बदन में आग लगा दी है। अभी तो दोपहर ही है। रात के ११ बजने में काफी समय है। तब तक मैं कैसे रुक सकती हूँ ?
ऐसा कह कर रेनू मेरे पति के बगल में बैठ गयी। मैं उसका मकसद समझ गयी तो मैं भी राकेश के बगल में बैठ गयी और उसके गले में अपनी बाहें डाल दीं। मैंने उसकी चुम्मी ली और उसने मेरी चूचियाँ दबा दीं ? उधर सौरभ भी रेनू की चूंचियां दबाने लगा। मैं राकेश के कपड़े खोलने लगी और रेनू मेरे पति के कपड़े ? मेरे से पहले रेनू ने मेरे पति का खड़ा लण्ड पकड़ लिया और उसे हिलाने लगी। मैं जान गयी की रेनू पराये मर्द से चुदवाने के लिए कितनी बेचैन है ? उसने लण्ड चाटना शुरू भी कर दिया तब मैं राकेशा को नंगा कर पायी। उसका लण्ड पकड़ा तो मज़ा आ गया। मैंने उसके कान में कहा राकेश तेरी बीवी तुझसे आगे निकल गयी है। उसे तो पराये मर्द का लण्ड बहुत अच्छा लग रहा है। अब तो तुझे सबकी बीवियां चोदने का लाइसेंस मिल गया है। देखना रात को तेरी बीवी कितने लोगों का लण्ड अपनी चूत में पेलती है ? बस मैं भी झुक कर राकेश का लण्ड चूसने लगी।
राकेश के लण्ड में मुझे एक नये तरीके का मज़ा मिल रहा था। फिर मैं अपने कपड़े उतारने लगी और उधर रेनू भी अपने कपड़े खोलने लगी। पहले रेनू नंगी हुई और फिर मैं। हम दोनों एक दूसरे के पति के सामने नंगी हो गयी। मैंने देखा की रेनू का चेहरा ख़ुशी से चमक रहा है इसका मतलब उसे किसी और से चुदवाने में किंचित मात्र भी संकोच नहीं है। उसे नंगी देख कर परे पति का लण्ड और सख्त हो गया। इधर मुझे नंगी देख कर राकेश का लौड़ा उछलने लगा। वह पहली बार अपनी बीवी के सामने किसी और की बीवी चोदने जा रहा था। रेनू भी मस्त थी क्योंकि वह भी पहली बार अपने मरद के आगे किसी और के मरद से चुदवाने जा रही है।
मेरे पति ने जैसे ही लण्ड पेला रेनू की चूत में वैसे ही वह चीख पड़ी हाय दईया कितना मोटा लण्ड पेल दिया तूने भोसड़ी के ? मेरी तो चूत फट गयी बहन चोद ? इधर मैंने भी जब राकेश का लौड़ा अपनी बुर में घुसाया तो मैं भी बोली बाप रे बाप इतना बड़ा लौड़ा एक ही बार में घुसा दिया तूने मादर चोद ? फिर हम दोनों एक दूसरे को देख देख कर मस्ती से चुदवाने लगीं। मुझे पूरा भरोषा हो गया की आज रात को रेनू कई मर्दों के लण्ड अपनी बुर में पेलेगी। उसे तो पराये मर्दों से चुदवाने का बड़ा शौक है और उसे यह शौक पूरा करने का पूरा मौक़ा भी मिल रहा है।
बस रात में ११ बजे हम चारों लोग उस बड़े हाल में घुस गये जहाँ सबके साथ हनीमून मनाना था।
अब यहाँ से कहानी आपको खुद रेनू सुनाएगी :-
दोस्तों, मैं आपको सच बता रही हूँ की मैं १५ साल की उम्र से लण्ड पकड़ती आ रही हूँ। पहले मैं लण्ड पकड़ती थी, लण्ड चाटती थी, लण्ड चूसती थी और फिर मुठ्ठ मार कर लण्ड पीती भी थी। मैं चुदवाती नहीं थी क्योंकि मेरी चूत उस समय तैयार नहीं थी। मैं जब १९ साल की हुई तब पहली एक लड़के का लण्ड पेला अपनी चूत में और चुदवाया। पहली बार चुदवाने में बड़ा अजीब सा अनुभव हुआ लेकिन फिर बाद में मज़ा आने लगा। मैं कॉलेज के लड़कों के लण्ड पकड़ने लगी और लुके छिपे कभी कभी चुदवाने भी लगी। शादी हुई तो मेरा लड़कों से चुदवाना बिलकुल बंद हो गया और मैं लण्ड के लिए तड़पने लगी। मेरे पास केवल एक ही लण्ड था, वह भी अपने पति का ? खैर मैं किसी तरह चुदवाती रही लेकिन मन ही मन सोंचती रही की हे भगवान कोई ऐसा मौका निकालो की मैं फ्री होकर पराये मर्दों से चुदवाने लगूँ ?
उस दिन सपना भाभी के कहने पर जब मेरे पति ने मुझसे पराये मरद से चुदवाने की बात कहीं तो मैं मन ही मन बहुत खुश हुई लेकिन ऊपर से मना कर दिया। वह बार बार कहता रहा तो फिर हां कर दी । कल जब मैंने सौरभ से अपने हसबैंड के सामने चुदवाया तो मैं खुश थी की भगवान ने मेरी सुन ली और मेरा पराये मर्दों से चुदवाने का रास्ता खोल दिया।
तो ये तो रहीं मेरी पुरानी बातें ? अब मैं अपने पति राकेश, सपना और उसके पति सौरभ के साथ इस हाल में आ गयी हूँ जहाँ मुझे पराये मर्दों से चुदवा कर हनीमून मनाना है और मेरे हसबैंड को दूसरों की बीविया चोद कर ? मैं तो यहाँ के सब लोगों से चुदवाने के लिए बड़ी उत्सुक हूँ और मेरा पति भी इन सबकी बीवियां चोदने के लिए बड़ा उत्साहित है। मैंने देखा की सब लोग दारू पी रहे हैं। बीवियां ज्यादा मस्ती से पी रही हैं। सिगरेट भी पी रही है। कपडे सब के अस्त व्यस्त हैं। किसी की चूंची, किसी की गांड, किसी की चूत, किसी की झांटें दिख रही है। किसी का लौड़ा हिल रहा है किसी के पेल्हड़ दिख रहें है। किसी की गांड दिख रही है। सब खूब गन्दी गन्दी बातें कर रहे हैं, हंसी मजाक कर रहे हैं, गाली बक रहें हैं। बीवियां तो गाली बकने में बड़ी तेज लग रही हैं। अचानक घंटी बजी तो सब लोग फ़टाफ़ट अपने अपने कपड़े खोलने लगे।
बस ५ मिनट ही सारे मरद और सारी बीवियां नंगी हो गयीं । मैं जल्दी जल्दी सबके लण्ड देखने लगी। सब के सब लण्ड चिकेन थे सबकी झांटें बानी हुई थी। हां किसी किसी की झांटें छोटी छोटी थी वह भी लण्ड के ऊपर। सबकी बीवियों की चूत बिलकुल चिकनी थी। किसी की भी झांटें नहीं थीं।
यहाँ सब अपरिचित हैं। कोई किसी को नहीं पहचानता और न पहचानने की कोई जरुरत है। यहाँ तो बस लण्ड चूत पहचानता है और चूत लण्ड पहचानती हैं। मर्दों को सबकी चूत में लण्ड पेलना है और बीवियों को अपनी चूत में सबके लण्ड पेलवाना है। यह बात और है की किसी को चूंची चुदवानी है, किसी को गांड मरवानी है, किसी को लण्ड चूसना है, किसी को लण्ड पीना है, किसी को बुर चोदनी है, किसी को चूंची पीना है, किसी को मुंह में लेना है लण्ड और किसी को मुठ्ठ मरवानी है। यहाँ सब कुछ होता है। मैं भी उस भीड़ में घुस गयी और ताबड़तोड़ टन टनाते हुए लण्ड पकड़ पकड़ कर देखने लगी। किसी का मोटा, किसी का लंबा, किसी का काला, किसी का गोरा, किसी का सीधा, किसी का टेढ़ा, किसी का कटा, किसी का समूचा लण्ड पकड़ा, उसे चूमा, चाटा, पुचकारा और आगे बढती गयी। मेरा मन हो रहा था की मैं सभी के लण्ड खा जाऊं ?
मेरी चूत बुर चोदी भठ्ठी की तरह जल रही थी। इतने बढ़िया बढ़िया लण्ड के आगे मैं सारी दुनिया भूल गयी । इसी तरह मेरा हसबैंड भी कही भीड़ में खो गया। वह भी सबकी चूत, चूंची, गांड देख कर मस्त होने लगा। सपना भी किसी का लण्ड चूसने में जुट गयी और उसका पति भी किसी को लण्ड चुसवाने का मज़ा लेने लगा।
अब मैं और रुक नहीं सकी। तभी एक मोटा ताज़ा लौड़ा मेरे हाथ में आ गया। बस मैं लेट गयी और उसे अपनी बुर में घुसा लिया। मैं सबके सामने नंगी लेटी हुई चुदवाने लगी। मैं गांड उठा उठा के चुदवाने लगी। मैं बोल रही थी वाओ पूरा पेलो लौड़ा, पूरा घुसा के चोदो लौड़ा, मैं तेरी ही बीवी हूँ, मुझे चोदो। मैं तेरी भाभी हूँ मुझे चोदो । हाय रे तेरा लौड़ा बड़ा बढ़िया है यार ? मेरी बुर चोदो। मेरी गांड चोदो, मेरी चूंची चोदो मेरे राजा ? अगल बगल के लोग मेरी बातों का मज़ा लेने लगे और वे सब और जोर जोर से चोदने लगे। पूरे हाल में घमाशान चुदाई होने लगी। इतने में मेरी चूत में किसी और का लण्ड घुस गया। वह भी मुझे मस्ती से चोदने लगा। इधर किसी ने मेरे मुंह से लण्ड निकाल लिया और कोई दूसरा लण्ड घुसा दिया। मैं वह भी मजे से चूसने लगी। कोई मेरी चूंचियों पर लण्ड फिराने लगा। फिर कोई बहन चोद मेरी बुर चाटने लगा। मैं तो ज़न्नत का मज़ा लूटने लगी।
मैं उठी तो किसी ने मेरे कंधे पर हाथ रख कर कहा अरी भोसड़ी की रेनू तू ? तू यहाँ बुर चुदा रही है अपनी ? मैंने कहा तो क्या तू यहाँ आरती उतारने आई है बुर चोदी पूजा ? तू भी तो मादर चोद बुर चुदवाने आई है अपनी। मैं तेरी बुर देख रही हूँ। अब तू अपने हसबैंड का लण्ड दिखा मुझे ? वह बोली तू अभी अभी जिसका लण्ड चूस रही थी वही मेरे हसबैंड है ? इतने में सामने मुझे मेघना आंटी दिख गयी। मैंने कहा अरे आंटी भोसड़ी की तुम अब हनीमून मनाने आई हो ? वह बोली हां हां और नहीं तो क्या ? मैंने कहा आंटी तेरी शादी तो जाने कब हो चुकी है। वह बोली देख रेनू मैं यहाँ एक नकली हसबैंड लेकर आती हूँ और सबसे चुदवाकर जाती हूँ। मुझे नये नये लण्ड से चुदवाने का बड़ा शौक है। मैं साल में तीन बार आती हूँ यहाँ और खूब जम के चुदवा कर जाती हूँ।
इतने में में मेरा हसबैंड एक आदमी के साथ आ गया वह बोली रेनू ये देखो मेरा दोस्त गौतम है और यह इसकी बीवी गौरी ? गौतम भी नंगा था उसकी बीवी गौरी भी नंगी। मैंने गौतम का लण्ड पकड़ लिया और गौरी ने मेरे हसबैंड का लण्ड पकड़ लिया। हम दोनों ने एक दूसरे के पति से खूब हचक हचक के चुदवाया ? इस तरह, रात भर मैं खालस भी होती रही और चुदवाती रही। मेरा पति भी खलास होता रहा और आधे आधे घंटे के बाद किसी न किसी की बीवी चोदता रहा।
मैंने एक हफ्ते के लिए अपना स्टे और बढ़ा दिया। मैं दिन में अपने मियां से चुदवाती और रात में पराये मर्दों से चुदवाती। राकेश भी दिन में अपनी बीवी चोदता और रात में दूसरों की बीवी चोदता।
तो दोस्तों, इससे अच्छा हनीमून शायद ही किसी ने मनाया हो ?
मैंने एक हफ्ते के लिए अपना स्टे और बढ़ा दिया। मैं दिन में अपने मियां से चुदवाती और रात में पराये मर्दों से चुदवाती। राकेश भी दिन में अपनी बीवी चोदता और रात में दूसरों की बीवी चोदता।
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