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भोसड़ा में लण्ड पेल कर खूब मज़ा लेती हूँ - Bhosi ko chudwakar bhosda banwa liya
भोसड़ा में लण्ड पेल कर खूब मज़ा लेती हूँ - Bhosi ko chudwakar bhosda banwa liya, रांड की बुर का भोसड़ा बना दिया चोद के हिन्दी, चुदाई ओर सेक्स का मजा, लण्ड मैं भून कर अपनी बुर से निकाल कर बाहर फेंक देती हूँ, मेरी चूत का भोसड़ा कैसे बनवाया? लंड ले लिया तो आपकी चूत का भोसड़ा बनना तय है.
अरी मेरी शबाना अम्मी, तू अपनी बुर चोदी नन्द की बात कर रही है न ? उसकी तरफ़दारी कर रही है तू, जो हमेशा तेरी गांड मारा करती है। मैं देखती रहती हूँ की वह भोसड़ी वाली क्या क्या बातें तुम्हे सुनाती रहती है। कितनी गन्दी गन्दी गालियां देती है वो तुम्हे, अम्मी ? कितनी भद्दी भद्दी बातें करती है वह मादर चोद तेरे बारे में ? गालियां देना मुझे भी आता है, अम्मी ? मैं किसी दिन ऐसी ऐसी गालियां खुले आम सुनाऊँगी उसे की उसकी माँ चुद जाएगी ? मेरा बस चले तो मैं अभी उसकी (फ़ूफ़ी की) गांड में ठोंक दूँ एक साथ दो चार लण्ड और फाड़ डालूँ उसका भोसड़ा ? और फिर नन्द तो नन्द, तू तो उसकी बिटिया की भी तारीफ करती रहती है, अम्मी ? वह भोसड़ी की मुझसे मुकाबला करती है, माँ की लौड़ी ? कहाँ मैं और कहाँ वो ? न पढ़ने लिखने में मुझसे वह मुकाबला कर सकती है और न खूबसूरती में ? न बातों में वह मेरा मुकाबला कर सकती है और न चोदने चुदाने में ? अम्मी, तेरी नन्द की बिटिया की बुर, बहन चोद ?
मैं कसी दिन उसकी बिटिया की बुर चोदूंगी। और फिर भी अगर वह होश में नहीं आई तो मैं चोदूंगी उसकी माँ का भोसड़ा ? अम्मी बोली देख हबीबा, भोसड़ी की तू मेरी नन्द आबिदा के बारे में कुछ ऊट पटांग नहीं कहेगी ? वह हम दोनों के बीच की बात है। अगर वह मेरी गांड मारती है तो मैं उसकी गांड मारती हूँ । अगर वह मेरी बहन चोदती है तो मैं उसकी बहन चोदती हूँ। हां तू भोसड़ी की उसकी बिटिया की बुर चोदे, चाहे उसकी गांड चोदे, चाहे उसकी झांटें उखाड़े और चाहे उसकी माँ चोदे ? मैं तुमसे कुछ नहीं कहूँगी। तुम दोनों आपस में जैसे चाहो वैसे निपटो ? हां एक बात समझ लो की आसिया भोसड़ी की है बहुत कुत्ती चीज ? बड़ी हरामजादी है साली वो और रंडी की तरह एकदम बेशर्म हो गयी है। मुझे तो यह भी मालूम हुआ है की वह अपनी माँ चुदाने लगी है। उससे ज़रा बच के रहना ? देखो एक बात तो तय है हबीबा की तू जिसकी माँ चोदेगी तो वह तेरी भी माँ चोदेगी और तुझे अपनी माँ चुदाने से कोई परहेज नहीं होना चाहिए। मैंने कहा अरे अम्मी तू बिलकुल चिंता न कर ? आसिया से मैंने अपनी बुर न चटवाई तो समझो कुछ नहीं किया ? मैं उसकी गांड में दम कर दूँगी और फाड़ डालूंगी उसकी माँ का भोसड़ा ? देखती हूँ मेरी कितनीं झांटें उखाड़ेगी वो ? इतने में आसिया आ गयी।
शाम को आसिया मेरे पास आई और बोली यार हबीबा तुम मुझे कोई अरबी लौड़ा पकड़ाओ न ? कोई नीग्रो का लण्ड या फिर मलेसिया का लण्ड पकड़ाओ न ? मैंने सुना है इनके लण्ड ९" ९" के १०" १०" के होते हैं। मैं इतने बड़े बड़े लण्ड देखना चाहती हूँ। मैंने कहा मैं कोशिश करूंगी लेकिन एक शर्त है ? मंजूर हो तो बताओ ?
वह बोली हां बोलो क्या शर्त है ? मैं सारी शर्तें मानने को तैयार हूँ। लेकिन मैं लण्ड जरूर पकड़ूंगी ? मैंने कहा शर्त यह है की तुम्हे उनसे चुदवाना पड़ेगा और तेरी माँ को भी चुदवाना पड़ेगा फिर चाहे तेरी चूत फटे चाहे तेरी माँ का भोसड़ा ? वह बोली यार इतने जबरदस्त लण्ड से चुदवाने के लिए मैं तैयार हूँ, चाहे मेरी चूत फट जाये बुर चोदी ? मेरी माँ का भोसड़ा फटता है तो फटे बहन चोद लेकिन मैं अपनी माँ के भोसड़ा में इतना बड़ा लण्ड पेलूँगी जरूर ? वह आगे कहती गयी देख हबीबा अगर खुदा ने इतना बड़ा लण्ड बनाया है तो फिर उसने उतनी ही बड़ी चूत भी बनायीं होगी नहीं तो लौड़ा खड़ा हो के घुसेगा कहाँ ? हो सकता है वह चूत मेरी माँ की चूत हो या फिर मेरी चूत हो ?
आसिया के जाने के बाद मैंने फ़ौरन एक होटल में फोन लगाया और कहा की मैं हबीबा बोल रही हूँ। आज रात के लिए दो अरबी लण्ड बुक कर लो। लण्ड १०" से कम न हों और कड़क हों ? साफ़ सुथरे, गोरे चिट्टे और बिना झांट के दोनों लण्ड मेरे घर शाम को ८ बजे पहुँच जायें ? उधर से एक लड़की बोली मैडम लण्ड कितने मोटे होने चाहिए ? मैंने कहा ५ १/२" से ऊपर मोटे होने चाहिए। तुम जानती हो मैं पतले लण्ड बिलकुल पसंद नहीं करती ? शाम को मैंने आसिया को बुला लिया और उससे बीतें करने लगी। उसने तंज कसा अरी बुर चोदी हबीबा कहाँ गये तेरे भोसड़ी के अरबी लण्ड ? मलेशियन लण्ड ? तू चूतिया बना रही है मुझे ? अगर तूने लण्ड का इंतज़ाम नहीं किया तो मैं रात भर तेरी गांड मारूंगी।
मैं मुस्कराने लगी और बोली हाय दईया तेरी चूत कुछ ज्यादा ही चल बुला रहे है क्या ? वह बोली मेरी चूत नहीं मेरी माँ का भोसड़ा ज्यादा ही चुलबुला रहा है बहन चोद । मैं जल्दी से जल्दी अपनी माँ चुदाना चाहती हूँ। इतने में तबस्सुम खाला भी आ गयी। वह बोली अरी हबीबा तू सुना है आबिदा की बिटिया की बुर चुदाने जा रही है। आबिदा तो बुर चोदी अपनी माँ चुदवाती है। तू क्यों नहीं चुदवाती अपनी माँ हबीबा ? मैंने कहा अरी मेरी हरामजादी खाला तुम देखती जाओ आज मैं आसिया की माँ के साथ साथ अपनी भी माँ चुदवाऊँगी।
इतने में किसी ने दरवाजा खटखटा दिया। मैंने दरवाजा खोला तो बाहर दो मस्त जवान लड़के खड़े थे। एक बोला मैं मोहम्मद अली हूँ और यह मोहम्मद सागिर ? हम दोनों हबीबा से मिलना चाहते हैं। मैं कहा मैं ही हबीबा हूँ। आप लोग अंदर बैठिये ? आसिया मेरे पास ही बैठी थी। खाला भी वहीँ थी। मैंने कहा आसिया भोसड़ी की ये है मादर चोद दो अरबी लण्ड ? एक चोदेगा तेरी माँ का भोसड़ा और दूसरा चोदेगा मेरी माँ का भोसड़ा ? वह बड़ी बेशर्मी से बोली तो फिर मेरी बुर बहन चोद क्या करेगी ? तब तक पीछे से किसी ने कहा तेरी बुर तो मैं चोदूंगी आसिया। मैंने पीछे मुड़ी तो देखा की मकवाना आंटी एक आदमी के साथ कमर में चली आ रही हैं। वह भी बड़ा मस्त जवान और हट्टा कट्टा आदमी था। आसिया उस देख कर खुश हो गयी। आंटी ने कहा यह मेरा नंदोई है जसबीर। इसे लड़कियां चोदने का बड़ा शौक है। इसकी बीवी भी बड़ी चालू है। वह पराये मर्दों से चुदवाती रहती है। आसिया जानती हो इसका लौड़ा बड़ा जबरदस्त है। मुझे बहुत पसंद है। मैं तो इस भोसड़ी वाले से अक्सर चुदवाती हूँ।
उधर तबस्सुम खाला मेरी अम्मी के पास गयी और बोली हाय शबाना तेरी चूत का नसीब खुल गया है। आज तेरी बेटी तेरा भोसड़ा चदुवाएगी, वह भी एक मस्त अरबी लण्ड से ? मैं उसे देख कर आई हूँ। अब तू जाकर उसका लण्ड देख ? मैंने सुना है की अरबी लण्ड बड़े लम्बे मोटे और सख्त होतें हैं। अम्मी मेरे कमरे में आ गयी तो मैंने उसे उन दोनों से मिलवाया। अम्मी के चेहरे पर चमक आ गयी। मैंने पहले तो दारू पिलाई सबको। और फिर एक एक करके सबके कपड़े उतारने लगी।
मेरी अम्मी के जैसे ही सारे कपड़े उतरे तो वे दोनों उसे नंगी देख कर अपने अपने होठं चूसने लगे। अली बोला हबीबा तेरी अम्मी तो बड़ी सेक्सी हैं । बड़ी मस्त जवानी है इसकी और उसने उसकी चूंचियों पर अपना हाथ रख दया। अम्मी भी उसका लौड़ा ऊपर से ही सहलाने लगीं। आसिया बुर चोदी नंगी होकर जसबीर के गोद में बैठ गयी। आसिया की अम्मी भी आकर सागिर के बगल में बैठ कर उसके गले में बाहें डाल दी। मैंने उसके भी कपड़े खोल डाले। उसे नंगी देख कर सागिर ने तो उसे उठा लिया और उसकी चूंचियां मसलने लगा। आसिया बोली आबिदा बुर चोदी आज तेरे भोसड़ा का कीमा निकालूंगी मैं। आज मैं हबीबा के सामने चोदूंगी तेरा भोसड़ा ? वह बोली तू मादर चोद पहले अपनी बुर चुदवा ले ? आज मैं भी अपनी बेटी की बुर चोदूंगी ?
पूरे कमरे में इसी तरह की गन्दी गन्दी बातें होने लगी जिससे लोगों के लण्ड साले टन्ना उठे। कुतुबमीनार बन गए तीनो लण्ड भोसड़ी के ? अम्मी अली से भकाभक चुदवाने लगीं, फूफी बहन चोद सागिर से धकाधक चुदवाने लगी और आसिया ने भी जसबीर का लण्ड पेल लिया अपनी बुर में और गचागच चुदवाने लगी। मैं तीनो की चूत चुदती हुई देख दख कर बहुत खुश हो रही थी। चुदाई देखने में मेरे साथ तबस्सुम खाला और मकवाना आंटी भी थीं।
इस तरह दोस्तों रात भर वे सब अपनी अपनी माँ अपनी अपनी बेटी चुदवाती रहीं और मैं सबका तमाशा देखती रही।
दूसरे दिन मैंने सिमरन को बुला भेजा। मैंने कहा भोसड़ी की सिमरन तू बहन चोद २१ साल की हो गयी है। लण्ड पकड़ने लगी है तू, लण्ड चूसने लगी है तू, लण्ड मुठ्ठ मार के पीने लगी है तू। सुना है की तू चुदवाने भी लगी है लेकिन तूने कभी किसी से अपनी माँ नहीं चुदवाई ? बोल माँ की लौड़ी ऐसा क्यों करती है तू ? वह बोली अरे यार मेरी माँ बहुत बड़ी चुदक्कड़ है। पूरे शहर में उसका भोसड़ा बड़ा मशहूर है। जाने कितने लोग आते है उसका भोसड़ा चोदने ? उसे देख देख कर मैं भी चुदवाने लगी हूँ। जिस दिन से मैं अपने दोस्तों से अपनी माँ चुदवाने लगूंगी उस दिन से वो मेरे सभी दोस्तों से चुदवायेगी और मैं बस लण्ड हिलाती रह जाऊँगी। बस इसी डर से मैंने आज तक किसी का लण्ड अपनी माँ की चूत में नहीं पेला ?
मैंने कहा तू मादर चोद बड़ी बेवकूफ़ है सिमरन ? तू क्या समझती है की दुनिया में सब तेरे दोस्त ही बुर चोदने वाले हैं बस ? अरी पगली यह दुनिया एक से एक बढ़कर चोदने वालों से भरी पड़ी है। तू अगर १०/१२ लोगों से अपनी नहीं चुदवायेगी तो क्या हो जायेगा ? मत चुदवा अपनी माँ ? जा ससुरी तू गांड मरा अपनी ? तेरी माँ मैं चुदवा लूंगी ? आज से मैं चुदवाऊँगी तेरी माँ ? और जितने तेरे दोस्त है उससे दूना लण्ड मैं दूँगी तेरी माँ को ? मैं उसके भोसड़ा का ख्याल रखूंगी। साले बन्दर की नूनी जैसे लण्ड वाले लोगों पर तू इतना इतरा रही है बुर चोदी सिमरन ? इतने लण्ड तो मेरी चुटकी बजाते ही इकठ्ठा हो जायेंगें। इसलिए तू मेरी बात मान ले और अपनी माँ का भोसड़ा चुदाना शुरू कर ? मैं तुझे दिया करूंगी एक से एक बेहतरीन लण्ड ? तेरी माँ भी तेरी बुर चुदवाने के लिए तैयार बैठी है। उसके पास बहुत बड़े बड़े लण्ड हैं सिमरन ?
दूसरे दिन मैंने सिमरन को फोन किया और पूंछा तू क्या कर रही है भोसड़ी की सिमरन ? तू अभी मरे पास आ सकती है क्या ? वह बोली नहीं यार अभी तो नहीं आ सकती ? अभी तो मैं अपनी माँ का भोसड़ा चुदा रही हूँ। यह सुन कर मैं बहुत खुश हुई मैंने कहा यार ज़रा अपनी माँ को फोन देना। वह बोली तूने तो बिलकुल जादू कर दिया, हबीबा । आज से मेरी बेटी ने अपनी माँ चुदाना शुरू कर दिया है। मैंने पहले तो मुबारकबाद दी और फिर कहा अच्छा आंटी मैं भी आ रही हूँ यह देखने की सिमरन कैसे चुदवाती है अपनी माँ ? वह बोली हां हबीबा तू भी आ जा। मुझे ऐसा लगता है की सिमरन को माँ चुदाने का बड़ा अनुभव है। मैंने कहा हां आंटी जानती हो की तेरी बेटी अपनी सहेलियों की माँ दो साल चुदा रही है। उनके भोसड़ा में लण्ड पेल पेल कर खूब मज़ा लेती है बुर चोदी तेरी बेटी सिमरन...
मैं कसी दिन उसकी बिटिया की बुर चोदूंगी। और फिर भी अगर वह होश में नहीं आई तो मैं चोदूंगी उसकी माँ का भोसड़ा ? अम्मी बोली देख हबीबा, भोसड़ी की तू मेरी नन्द आबिदा के बारे में कुछ ऊट पटांग नहीं कहेगी ? वह हम दोनों के बीच की बात है। अगर वह मेरी गांड मारती है तो मैं उसकी गांड मारती हूँ । अगर वह मेरी बहन चोदती है तो मैं उसकी बहन चोदती हूँ। हां तू भोसड़ी की उसकी बिटिया की बुर चोदे, चाहे उसकी गांड चोदे, चाहे उसकी झांटें उखाड़े और चाहे उसकी माँ चोदे ? मैं तुमसे कुछ नहीं कहूँगी। तुम दोनों आपस में जैसे चाहो वैसे निपटो ? हां एक बात समझ लो की आसिया भोसड़ी की है बहुत कुत्ती चीज ? बड़ी हरामजादी है साली वो और रंडी की तरह एकदम बेशर्म हो गयी है। मुझे तो यह भी मालूम हुआ है की वह अपनी माँ चुदाने लगी है। उससे ज़रा बच के रहना ? देखो एक बात तो तय है हबीबा की तू जिसकी माँ चोदेगी तो वह तेरी भी माँ चोदेगी और तुझे अपनी माँ चुदाने से कोई परहेज नहीं होना चाहिए। मैंने कहा अरे अम्मी तू बिलकुल चिंता न कर ? आसिया से मैंने अपनी बुर न चटवाई तो समझो कुछ नहीं किया ? मैं उसकी गांड में दम कर दूँगी और फाड़ डालूंगी उसकी माँ का भोसड़ा ? देखती हूँ मेरी कितनीं झांटें उखाड़ेगी वो ? इतने में आसिया आ गयी।
- आते ही वह बोली - क्या बोल रही है तू माँ की लौड़ी हबीबा मेरे बारे में ?
- अरे तेरी ऐसी चूतिया लड़की के बारे में कोई क्या बोलेगी ? तू तो साली कुतिया की तरह इधर उधर घूमा करती है ? तुझे तो कोई कुत्ता सूंघता भी नहीं ? ( इसी बीच फूफी भी आ गयी। वह कुछ बोलने वाली थी तो अम्मी ने इशारा की इन दोनों मादर चोदियों को लड़ने दो तुम बस मज़ा लो)
- कुत्ते मुझे सूंघने नहीं आते है तेरी माँ का भोसड़ा सूंघने आते हैं ? पता नहीं क्या क्या बोला करती है तू भोसड़ी की ? ( मेरी अम्मी और आसिया की अम्मी दोनों खड़ी खड़ी मुस्करा मुस्करा कर मज़ा लेने लगीं )
- और तू बुर चोदी क्या अपनी जबान में ताला लगा कर घूमती है ? तेरी जबान से ज्यादा तो तेरे कपडे बोलते हैं ? लगता है की अभी अभी किसी से चुदवा कर आ रही है तू। किसी का लौड़ा चूस कर आ रही ?
- मैं चुदवाती हूँ तो तेरी गांड में क्यों दर्द होता है ? चुदवायेगी वो जिसकी चूत में आग होगी ? तेरी तो आग बुझ चुकी है बहन चोद ?
- आग तो तेरी चूत की बुझ गयी है, आसिया ? तभी तो तू अपनी माँ का भोसड़ा चुदवाती घूमती है।
- मैं अपनी माँ चुदवाती हूँ तो तेरी गांड में क्यों जलन होती है। मेरी माँ का भोसड़ा अभी भी गरम है इसलिए लोग उसे चोदते हैं। तेरी माँ का भोसड़ा तो ठंडा पड़ा है बहन चोद ? कोई पूंछने वाला नहीं है ? न तेरी माँ को और न तेरी माँ के भोसड़ा को ?
- अरे मेरी माँ चोदने वाले लोग, सड़क के लोग नहीं है, आसिया ? बड़े बड़े घरानो के लोग बड़ी इज़्ज़त से आतें है मेरी माँ चोदने ? बड़ा फ़क्र महसूस करते हैं लोग मेरी माँ का भोसड़ा चोद कर ? तू कभी उतनी ऊंचाई तक पहुँच ही नहीं सकती भोसड़ी की, आसिया ?
- चोदने के लिए बड़े बड़े घराने के लोग नहीं बड़े बड़े लण्ड वाले लोग होने चाहिए माँ की लौड़ी हबीबा ? बिना लण्ड के चुदाई नहीं होती ?
- हां हां जानती हूँ ? तूने कभी इन लोगों के लण्ड देखें है ? कभी अरबी लण्ड देखा है तूने ? साउथ अफ्रिका और मलेसिया का लण्ड देखा है कभी ? नीग्रो के लण्ड देखें है तूने कभी आसिया की बच्ची ? तू तो बस बन्दर की नूनी के बराबर लण्ड वाले लोगों से चुदवाती है अपनी माँ ? तुझे क्या मालूम की कितने बड़े बड़े होतें हैं लण्ड ?
- अरे गधे के लण्ड से बड़ा तो किसी का लण्ड नहीं होता मादर चोद हबीबा ? मैं तो गधे का लण्ड भी पकड़ती हूँ। मेरे पड़ोस में एक धोबिन आंटी रहती है। वह तो बहन चोद गधे का लण्ड अपनी बुर में घुसा लेती है।
- तो क्या तू भी गधे से चुदवाती है अपनी माँ ?
- अपनी माँ तो नहीं चुदवाती पर तेरी माँ जरूर चुदवाऊँगी गधे से, बुर चोदी हबीबा ?
शाम को आसिया मेरे पास आई और बोली यार हबीबा तुम मुझे कोई अरबी लौड़ा पकड़ाओ न ? कोई नीग्रो का लण्ड या फिर मलेसिया का लण्ड पकड़ाओ न ? मैंने सुना है इनके लण्ड ९" ९" के १०" १०" के होते हैं। मैं इतने बड़े बड़े लण्ड देखना चाहती हूँ। मैंने कहा मैं कोशिश करूंगी लेकिन एक शर्त है ? मंजूर हो तो बताओ ?
वह बोली हां बोलो क्या शर्त है ? मैं सारी शर्तें मानने को तैयार हूँ। लेकिन मैं लण्ड जरूर पकड़ूंगी ? मैंने कहा शर्त यह है की तुम्हे उनसे चुदवाना पड़ेगा और तेरी माँ को भी चुदवाना पड़ेगा फिर चाहे तेरी चूत फटे चाहे तेरी माँ का भोसड़ा ? वह बोली यार इतने जबरदस्त लण्ड से चुदवाने के लिए मैं तैयार हूँ, चाहे मेरी चूत फट जाये बुर चोदी ? मेरी माँ का भोसड़ा फटता है तो फटे बहन चोद लेकिन मैं अपनी माँ के भोसड़ा में इतना बड़ा लण्ड पेलूँगी जरूर ? वह आगे कहती गयी देख हबीबा अगर खुदा ने इतना बड़ा लण्ड बनाया है तो फिर उसने उतनी ही बड़ी चूत भी बनायीं होगी नहीं तो लौड़ा खड़ा हो के घुसेगा कहाँ ? हो सकता है वह चूत मेरी माँ की चूत हो या फिर मेरी चूत हो ?
आसिया के जाने के बाद मैंने फ़ौरन एक होटल में फोन लगाया और कहा की मैं हबीबा बोल रही हूँ। आज रात के लिए दो अरबी लण्ड बुक कर लो। लण्ड १०" से कम न हों और कड़क हों ? साफ़ सुथरे, गोरे चिट्टे और बिना झांट के दोनों लण्ड मेरे घर शाम को ८ बजे पहुँच जायें ? उधर से एक लड़की बोली मैडम लण्ड कितने मोटे होने चाहिए ? मैंने कहा ५ १/२" से ऊपर मोटे होने चाहिए। तुम जानती हो मैं पतले लण्ड बिलकुल पसंद नहीं करती ? शाम को मैंने आसिया को बुला लिया और उससे बीतें करने लगी। उसने तंज कसा अरी बुर चोदी हबीबा कहाँ गये तेरे भोसड़ी के अरबी लण्ड ? मलेशियन लण्ड ? तू चूतिया बना रही है मुझे ? अगर तूने लण्ड का इंतज़ाम नहीं किया तो मैं रात भर तेरी गांड मारूंगी।
मैं मुस्कराने लगी और बोली हाय दईया तेरी चूत कुछ ज्यादा ही चल बुला रहे है क्या ? वह बोली मेरी चूत नहीं मेरी माँ का भोसड़ा ज्यादा ही चुलबुला रहा है बहन चोद । मैं जल्दी से जल्दी अपनी माँ चुदाना चाहती हूँ। इतने में तबस्सुम खाला भी आ गयी। वह बोली अरी हबीबा तू सुना है आबिदा की बिटिया की बुर चुदाने जा रही है। आबिदा तो बुर चोदी अपनी माँ चुदवाती है। तू क्यों नहीं चुदवाती अपनी माँ हबीबा ? मैंने कहा अरी मेरी हरामजादी खाला तुम देखती जाओ आज मैं आसिया की माँ के साथ साथ अपनी भी माँ चुदवाऊँगी।
इतने में किसी ने दरवाजा खटखटा दिया। मैंने दरवाजा खोला तो बाहर दो मस्त जवान लड़के खड़े थे। एक बोला मैं मोहम्मद अली हूँ और यह मोहम्मद सागिर ? हम दोनों हबीबा से मिलना चाहते हैं। मैं कहा मैं ही हबीबा हूँ। आप लोग अंदर बैठिये ? आसिया मेरे पास ही बैठी थी। खाला भी वहीँ थी। मैंने कहा आसिया भोसड़ी की ये है मादर चोद दो अरबी लण्ड ? एक चोदेगा तेरी माँ का भोसड़ा और दूसरा चोदेगा मेरी माँ का भोसड़ा ? वह बड़ी बेशर्मी से बोली तो फिर मेरी बुर बहन चोद क्या करेगी ? तब तक पीछे से किसी ने कहा तेरी बुर तो मैं चोदूंगी आसिया। मैंने पीछे मुड़ी तो देखा की मकवाना आंटी एक आदमी के साथ कमर में चली आ रही हैं। वह भी बड़ा मस्त जवान और हट्टा कट्टा आदमी था। आसिया उस देख कर खुश हो गयी। आंटी ने कहा यह मेरा नंदोई है जसबीर। इसे लड़कियां चोदने का बड़ा शौक है। इसकी बीवी भी बड़ी चालू है। वह पराये मर्दों से चुदवाती रहती है। आसिया जानती हो इसका लौड़ा बड़ा जबरदस्त है। मुझे बहुत पसंद है। मैं तो इस भोसड़ी वाले से अक्सर चुदवाती हूँ।
उधर तबस्सुम खाला मेरी अम्मी के पास गयी और बोली हाय शबाना तेरी चूत का नसीब खुल गया है। आज तेरी बेटी तेरा भोसड़ा चदुवाएगी, वह भी एक मस्त अरबी लण्ड से ? मैं उसे देख कर आई हूँ। अब तू जाकर उसका लण्ड देख ? मैंने सुना है की अरबी लण्ड बड़े लम्बे मोटे और सख्त होतें हैं। अम्मी मेरे कमरे में आ गयी तो मैंने उसे उन दोनों से मिलवाया। अम्मी के चेहरे पर चमक आ गयी। मैंने पहले तो दारू पिलाई सबको। और फिर एक एक करके सबके कपड़े उतारने लगी।
मेरी अम्मी के जैसे ही सारे कपड़े उतरे तो वे दोनों उसे नंगी देख कर अपने अपने होठं चूसने लगे। अली बोला हबीबा तेरी अम्मी तो बड़ी सेक्सी हैं । बड़ी मस्त जवानी है इसकी और उसने उसकी चूंचियों पर अपना हाथ रख दया। अम्मी भी उसका लौड़ा ऊपर से ही सहलाने लगीं। आसिया बुर चोदी नंगी होकर जसबीर के गोद में बैठ गयी। आसिया की अम्मी भी आकर सागिर के बगल में बैठ कर उसके गले में बाहें डाल दी। मैंने उसके भी कपड़े खोल डाले। उसे नंगी देख कर सागिर ने तो उसे उठा लिया और उसकी चूंचियां मसलने लगा। आसिया बोली आबिदा बुर चोदी आज तेरे भोसड़ा का कीमा निकालूंगी मैं। आज मैं हबीबा के सामने चोदूंगी तेरा भोसड़ा ? वह बोली तू मादर चोद पहले अपनी बुर चुदवा ले ? आज मैं भी अपनी बेटी की बुर चोदूंगी ?
पूरे कमरे में इसी तरह की गन्दी गन्दी बातें होने लगी जिससे लोगों के लण्ड साले टन्ना उठे। कुतुबमीनार बन गए तीनो लण्ड भोसड़ी के ? अम्मी अली से भकाभक चुदवाने लगीं, फूफी बहन चोद सागिर से धकाधक चुदवाने लगी और आसिया ने भी जसबीर का लण्ड पेल लिया अपनी बुर में और गचागच चुदवाने लगी। मैं तीनो की चूत चुदती हुई देख दख कर बहुत खुश हो रही थी। चुदाई देखने में मेरे साथ तबस्सुम खाला और मकवाना आंटी भी थीं।
- चुदाई का मज़ा लेते लेते मकवाना आंटी बोली अरी हबीबा मेरी बेटी सिमरन को भी कुछ सिखा दे ?
- क्या सिखा दूँ आंटी ? मुझे बताओ वह क्या नहीं जानती ?
- अरे यार, वह २१ साल की हो गयी है। मस्त जवान हो गयी है। बड़ी खूबसूरत है उसकी चूंचियां भी बड़ी बड़ी और मस्त हैं। उसकी गाड़ सेक्सी है और मोटी मोटी जांघें है। वह जब जींस पहनती है तो लड़के सीटी मारते हैं ?
- तो फिर कमी क्या है उसमे आंटी ? क्या यह लण्ड नहीं पकड़ती या फिर गालियां नहीं देती ?
- अरे गालियें देने में तो बहुत आगे है भोसड़ी वाली। लण्ड भी खूब पकड़ती है। सिगरेट भी पीती है तो लण्ड भी पीती होगी बुर चोदी ?
- तो फिर अच्छा है न आंटी ? तुम्हे तो खुश होना चाहिए ?
- क्या ख़ाक खुश होना चाहिए। बड़े बड़े मस्त जवान गोरे चिट्टे लड़के उसके बॉय फ्रेंड्स हैं जिन्हे देख कर मैं ललचा जाती हूँ। उन के लण्ड चूसने का मन करता है। उनसे चुदवाने का मन करता है मेरा ? लेकिन यह भोसड़ी वाली कभी किसी का लण्ड पकड़ाती ही नहीं है मुझे ?
- तो बताओ आंटी मैं क्या करूँ ?
- तू इसे माँ चुदवाना सिखा दे, हबीबा ? इससे कहो की यह अपनी माँ का भोसड़ा चुदवाया करे ? इस तरह मुझे भी नये नये ताज़े लण्ड चूसने को मिलेंगें और उनसे चुदवाने का सुख मिलेगा। मैं वादा करती हूँ की मैं भी अपने दोस्तों से उसकी बुर चुदवाया करूंगी।
- ठीक है आंटी। तू चिंता न कर ? सिमरन की माँ का भोसड़ा। उसकी माँ की चूत ? मैं देखती हूँ कैसे नहीं चुदवायेगी वह अपनी माँ की बुर ? इतने में
इस तरह दोस्तों रात भर वे सब अपनी अपनी माँ अपनी अपनी बेटी चुदवाती रहीं और मैं सबका तमाशा देखती रही।
दूसरे दिन मैंने सिमरन को बुला भेजा। मैंने कहा भोसड़ी की सिमरन तू बहन चोद २१ साल की हो गयी है। लण्ड पकड़ने लगी है तू, लण्ड चूसने लगी है तू, लण्ड मुठ्ठ मार के पीने लगी है तू। सुना है की तू चुदवाने भी लगी है लेकिन तूने कभी किसी से अपनी माँ नहीं चुदवाई ? बोल माँ की लौड़ी ऐसा क्यों करती है तू ? वह बोली अरे यार मेरी माँ बहुत बड़ी चुदक्कड़ है। पूरे शहर में उसका भोसड़ा बड़ा मशहूर है। जाने कितने लोग आते है उसका भोसड़ा चोदने ? उसे देख देख कर मैं भी चुदवाने लगी हूँ। जिस दिन से मैं अपने दोस्तों से अपनी माँ चुदवाने लगूंगी उस दिन से वो मेरे सभी दोस्तों से चुदवायेगी और मैं बस लण्ड हिलाती रह जाऊँगी। बस इसी डर से मैंने आज तक किसी का लण्ड अपनी माँ की चूत में नहीं पेला ?
मैंने कहा तू मादर चोद बड़ी बेवकूफ़ है सिमरन ? तू क्या समझती है की दुनिया में सब तेरे दोस्त ही बुर चोदने वाले हैं बस ? अरी पगली यह दुनिया एक से एक बढ़कर चोदने वालों से भरी पड़ी है। तू अगर १०/१२ लोगों से अपनी नहीं चुदवायेगी तो क्या हो जायेगा ? मत चुदवा अपनी माँ ? जा ससुरी तू गांड मरा अपनी ? तेरी माँ मैं चुदवा लूंगी ? आज से मैं चुदवाऊँगी तेरी माँ ? और जितने तेरे दोस्त है उससे दूना लण्ड मैं दूँगी तेरी माँ को ? मैं उसके भोसड़ा का ख्याल रखूंगी। साले बन्दर की नूनी जैसे लण्ड वाले लोगों पर तू इतना इतरा रही है बुर चोदी सिमरन ? इतने लण्ड तो मेरी चुटकी बजाते ही इकठ्ठा हो जायेंगें। इसलिए तू मेरी बात मान ले और अपनी माँ का भोसड़ा चुदाना शुरू कर ? मैं तुझे दिया करूंगी एक से एक बेहतरीन लण्ड ? तेरी माँ भी तेरी बुर चुदवाने के लिए तैयार बैठी है। उसके पास बहुत बड़े बड़े लण्ड हैं सिमरन ?
दूसरे दिन मैंने सिमरन को फोन किया और पूंछा तू क्या कर रही है भोसड़ी की सिमरन ? तू अभी मरे पास आ सकती है क्या ? वह बोली नहीं यार अभी तो नहीं आ सकती ? अभी तो मैं अपनी माँ का भोसड़ा चुदा रही हूँ। यह सुन कर मैं बहुत खुश हुई मैंने कहा यार ज़रा अपनी माँ को फोन देना। वह बोली तूने तो बिलकुल जादू कर दिया, हबीबा । आज से मेरी बेटी ने अपनी माँ चुदाना शुरू कर दिया है। मैंने पहले तो मुबारकबाद दी और फिर कहा अच्छा आंटी मैं भी आ रही हूँ यह देखने की सिमरन कैसे चुदवाती है अपनी माँ ? वह बोली हां हबीबा तू भी आ जा। मुझे ऐसा लगता है की सिमरन को माँ चुदाने का बड़ा अनुभव है। मैंने कहा हां आंटी जानती हो की तेरी बेटी अपनी सहेलियों की माँ दो साल चुदा रही है। उनके भोसड़ा में लण्ड पेल पेल कर खूब मज़ा लेती है बुर चोदी तेरी बेटी सिमरन...
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