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इतवार को फिर सेक्स पार्टी होगी - Sunday ko karenge chudai gand marenge
इतवार को फिर सेक्स पार्टी होगी - Sunday ko karenge chudai gand marenge, लड़की या महिला की गांड की चुदाई, सर्द रात में गांड चुदाई का मज़ा, चूत चोदी, फिर गांड मारी, लिंग पर छोटी और संकरी गांड काली, गुदा सेक्स, देखो पत्नी गांड XXX ऑनलाइन, किशोर गांड चुदाई मज़ा.
O' MY GOD ! WHAT A GRAND SEX PARTY IT WAS, MOM ? मज़ा आ गया अम्मी इस पार्टी में ? मैंने तो तेरी तरफ के सारे लौड़ों का खूब मज़ा लिया ? खूब लण्ड चाटा, चूसा, और मुठ्ठ मार मार के पिया भोसड़ी वालों के लण्ड ? और फिर एक के बाद एक लण्ड अपनी बुर में घुसेड़ कर मस्ती से चुदवाया ? तूने भी भोसड़ी की अम्मी कोई कसर नहीं छोड़ी अपनी बिटिया की बुर चुदवाने में ? एक लण्ड बाहर निकलता तो दूसरा लण्ड घुसा देती थी तू मेरी चूत में ? मैं अम्मी से लिपट कर उससे बातें कर रही थी। इतनी मस्त पार्टी मैंने पहले कभी नहीं अटेंड की, अम्मी ? मैं तो कहती हूँ की इस तरह की पार्टी अब हर महीने होनी चाहिए।
अम्मी बोली :- तू ठीक कह रही है बुर चोदी आबिदा, मैंने भी सारे लौड़ों का मज़ा खूब लूटा। मैंने भी तेरी तरफ के सारे लण्ड खूब चाटें , चूसे और फिर अपनी चूत में पेल पेल कर धकाधक चुदवाया। तूने भी मादर चोद अपनी माँ का भोसड़ा चुदाने में कोई कसर नहीं उठा रखी ? अम्मी मेरे दोनों गालों को पकड़ कर हिलाती हूँ बोल रही थीं। खूब घुसेड़ा एक के बाद एक लण्ड तूने अपनी माँ के भोसड़ा में ? तूने तो बहन चोद मेरी गांड भी नहीं छोड़ी ? वहां भी पेल दिया लण्ड ? लेकिन कुछ भी हो मज़ा तो खूब आया। मैंने भी कभी इस तरह की पार्टी नहीं देखीं थी जहाँ खुल कर लड़कियां बुर चोदी अपनी माँ चुदवायें और माँ भोसड़ी की अपनी बेटियां चुदवायें ? अब तो मैं वाकई हर महीने इस तरह की पार्टी रखूंगी ? और ज्यादा से ज्यादा चोदने और चुदाने वाले लोगों को इकठ्ठा करूंगी।
मैंने कहा :- इतना मस्त नज़ारा था अम्मी जिसे देख कर मुझे ज़न्नत का मज़ा आया। वैसे इसमें अपने कुनबे और साथ में २ और कुनबे के ही लोग थे। मरद भी सब कुनबे के ही थे। बस तीन कुनबे में ही इतने सारे लण्ड ? इतने सारी चूत ? इतने लण्ड, इतनी चूत, इतनी चूंचियां, इतनी गांड, बाप रे बाप मज़ा आ गया सब एक साथ देखने में ? बाहर वाले बहुत कम ही थे अम्मी ? कुछ मेरी तरफ से चोदने वाले लड़के थे और कुछ तेरी तरफ के चोदने वाले मर्द थे। इसी बहाने मुझे सब बुर चोदियों को नंगी नंगी देखने का मौक़ा मिला और सारे भोसड़ी वाले मर्दों के लण्ड देखने, उन्हें पकड़ने, चाटने चूसने और फिर उनसे चुदवाने का मौक़ा मिला ? इतने सारे टन टनाते हुए लण्ड देखने का मौक़ा बड़े नसीब वालियों को ही मिलता है अम्मी ? कोई बहन चोद ऐसा लौड़ा नहीं था जिसका मज़ा मैंने न लिया हो ? हां मेरे साथ जो मेरे खाला जान की लड़की शन्नो थी वह भी बुर चोदी बड़ी लण्ड की दीवानी है। उसने भी कोई लौड़ा नहीं छोड़ा ? उसने भी अपनी माँ का भोसड़ा खूब मस्ती से चुदवाया। उसने तो अपनी अम्मी की चूंचियों के बीच भी लण्ड पेला। शन्नो ने हर एक लण्ड अपनी माँ के भोसड़ा में पेला। खाल जान भी बड़ी हरामजादी है। उसने भी अपनी बिटिया की बुर चुदाने में कोई कसर नहीं छोड़ी ?
मैंने देखा की माँ अपनी बेटी चुदवा रही है तो बेटी अपनी माँ ? सास अपनी बहू की बुर चुदवा रही है तो बहू अपनी सास का भोसड़ा ? नन्द अपनी भाभी की बुर में लण्ड पेल रही है तो भाभी अपनी नन्द की बुर में ? जेठानी अपनी देवरानी की गांड मार रही है तो देवरानी अपनी जेठानी की गांड ? औरत भी बड़ी गज़ब की चीज है अम्मी ? कभी कोई अपने नंदोई से चुदवा रही है तो कभी अपने बहनोई से ? कभी अपने देवर से चुदवा रही है तो कभी जेठ से ? कभी खालू का लण्ड घुसा रही है अपनी चूत में कभी अपने ससुर का लण्ड ? कभी गैर मर्दों से चुदवाती है तो कभी उनके दोस्तों से ? कभी लण्ड चूसते हुए चुदवाती है तो कभी गांड मरवाते हुए ? कभी किसी के मियां से चुदवाती है तो कभी किसी के अब्बा से ? कभी किसी का लण्ड चूसती है तो कभी किसी और का लण्ड ? किसी का लण्ड हिलाती है तो किसी के लण्ड का मुठ्ठ मारती है ? किसी का लण्ड पीती है तो किसी का लण्ड अपनी चूंचियों पर फिराती है ? कभी अपनी माँ चुदवाती है तो कभी किसी और की माँ ? कभी अपनी बेटी की बुर में लण्ड पेलती है तो कभी किसी और की बेटी की बुर में ? चुदाई की इतनी आज़ादी शायद ही किसी और पार्टी में होती हो, अम्मी ?
प्लीज अम्मी, जल्दी ही किसी दिन एक और पार्टी रखो न ताकि मैं अपनी तमन्ना पूरी कर लूँ, मैं अपनी अम्मी से बातें कर ही रही थी की खाला जान (रेहाना) आ गयीं उसके साथ उसके साथ बेटी शन्नो भी थी। शन्नो मुझे देखते ही बोली अरी आबिदा क्या तू अभी भी अपनी माँ चुदा रही है ? मैंने कहा नहीं यार इस बार तेरी माँ चुदाने का इरादा है ? वह हंस पड़ी। खाला जान बोली अरे दीदी आजकल की अल्द्कीयां बड़ी तेज हो गयी है बुर चोदी ? हम लोग इस उम्र में कुछ जानती ही नहीं थी और ये लड़कियां देखो अपनी माँ चुदा रही है , चुन चुन कर लण्ड पेलती है बुर में। कहतीं है अम्मी यह नहीं यह लण्ड पेलो ये ज्यादा मोटा है। सफी अंकल का नहीं आरिफ अंकल से चुदवाओ ज्यादा मज़ा आएगा। अम्मी परवेज अंकल का लण्ड पहले चूस कर देखो बहुत टेस्टी है उससे चुदवाना बाद में ?
शन्नो बोली फ़रज़ाना खाला तेरी बेटी आबिदा को तो लण्ड की बड़ी पहचान है ? एक तो एक बार जो लण्ड वह पकड़ कर देख लेती है उसे कहीं भी पहचान सकती है। अँधेरे में भी लण्ड पकड़ कर बता देगी किसका है ? दूसरी बात है की इसे लण्ड के बारे में इतना ज्ञान है जैसे पहले लोगों को जड़ी बूटियों के बारे में ज्ञान होता था जैसे की कौन सा लण्ड किस काम के लिए अच्छा है ? कौन सा लण्ड बुर चोदने में अच्छा है ? कौन सा लण्ड गांड मारने में अच्छा है ? कौन सा लण्ड चूसने में अच्छा है ? कौन सा लण्ड चूंची चोदने में मज़ा देता है ? कौन सा लण्ड पीने में मज़ा देता है ,,,,,,,,,,,?
मेरी अम्मी यह सुनकर बहुत खुश तो हुई पर उसे यकीन नहीं हुआ। इसलिए उसने अपना मोबाइल निकाला और उसे खोल कर मुझे दिखाने लगी लण्ड और कहा इसे पहचानो ? सोफ़ा पर अम्मी बैठी थी उसके दाहिनी तरह मैं और बायीं तरफ शन्नो बैठी थी। सामने शन्नो की अम्मी बैठी थी। अम्मी ने कुछ वीडियो बनाया था उसे स्टिल करके मुझे लण्ड पहचानने के लिए दिखाने लगीं ? बोली आदिबा बता यह किसका लण्ड है ? मैंने देखते ही कहा अरे अम्मी यह तो शन्नो के अब्बू का लौड़ा है। यह मेरा खालू है न भोसड़ी का ? ये तो तेरे सामने अपना लण्ड खोल कर खड़ा हो जाता है और मेरे भी सामने ? बड़ा मस्त बुर चोदने वाला है इसका लौड़ा ? इसका लौड़ा बड़ा मशहूर है अम्मी ? शन्नो की माँ बोली अच्छा यह लौड़ा किसका है ? ये तो मेरे ससुर का लौड़ा है खाला ? इसे मादर चोद को मेरी माँ का भोसड़ा बड़ा पसंद है। जब भी आता है मेरी माँ चोद कर जाता है ?
तब तक शन्नो बोली वाओ, यह बताओ किसका लौड़ा है ? मैंने उसे देखा और कहा यह तेरे चचा जान का लौड़ा है, शन्नो ? तेरी माँ के भोसड़ा में अक्सर घुसता है और अब तो तेरी भी बुर चोदने लगा है ? अम्मी ने फिर एक ढूंढ कर बड़ा सा लण्ड निकाला। बोली ये लौड़ा तुम नहीं पहचान पाओगी अदीबा ? मैंने उसे कई बार इधर उधर करके देखा और फिर कहा हाय अल्ला, यह तो मेरी नन्द के ससुर का लण्ड है माँ ? इसे तो तुमने केवल एक बार ही पकड़ कर देखा है लेकिन कभी चुदवाया नहीं तूने अम्मी ? मैं तो इससे दो बार चुदवा चुकी हूँ। शन्नो ने फिर एक मोटा लण्ड ढूंढा बोली अच्छा इसे पहचानो ? मैंने कहा अरे यह तो साला मेरी सास का भोसड़ा चोदता है और अब तेरी बहन की बुर भी चोदने लगा है। इस फोन में वह सना की माँ चोद रहा है। वीडियो जब आगे बढ़ा तो मेरी बात सही निकले।
तब अम्मी बोली अच्छा अब मैं अपने सामने इसका इम्तिहान लूंगी। शन्नो तुम इस बुर चोदी अदीबा की आँखों में पट्टी बांध दो। मैं इसे सच में लण्ड पकड़ाऊँगी और देखूँगी की यह पहचान पाती है की नहीं ? शन्नो ने कस कर मेरी आँखों में पट्टी बाँध दी। इतने में अम्मी ने किसी को बुला लिया और शन्नो को इशारा किया की इसे नंगा करो और इसका लण्ड पकड़ कर खड़ा कर दो। शन्नो ने पहले अपने कपड़े उतारे, अपनी चूंचियां नंगी की और लण्ड पकड़ कर हिलाने लगी। जब लण्ड खड़ा हो गया तो उसे मुझे पकड़ा दिया। मैंने लण्ड मुठ्ठी में लिया। उसे चारों तरफ से घुमा कर पकड़ा और फिर उसके सुपाड़े पर उंगलियां फिरा फिरा कर देखा। मैं लण्ड पहचान गयी। मैं बोली हाय रब्बा, ये तो मुज़फ्फर अली का लौड़ा है अम्मी ? ये तेरा दोस्त है न। इसका लौड़ा मेरा चहेता लौड़ा है ? सबने तालियां बजायीं।
उसके बाद एक और लौड़ा मुझे पकड़ा दिया किसी ने ? मैं उसे दोनों हाथों के पकड़ कर पहचानने की कोशिश करने लगी। थोड़ी देर में मेरे मुंह से निकला वाओ, भोसड़ी के रमजान अंकल तू अभी यहीं है। तूने तो मुझे नहीं चोदा लेकिन मैंने तेरा लौड़ा खूब चूसा है। तेरी बिटिया की बुर भी चोदी है मैंने ? सबने फिर तालियां बजायी ? अब तो सब लोग मेरे इस हुनर की तारीफ करने लगीं ? अम्मी ने कहा नहीं एक और लण्ड लाती हूँ मैं। वह लण्ड जब मेरे हाथ में आया तो मुझे थोड़ा वख्त लगा उसे पहचानने में ? सब लोग सोंचने लगे की शायद मैं फेल हो जाऊँगी। लेकिन फिर मैंने लण्ड की नस नस में अपनी उंगलियां फिरायीं और बाद में बोली साले मादर चोद बहन का लौड़ा तू साहिर है न ? मेरा किरायेदार ? तेरी माँ का भोसड़ा साला तू तो मेरी पार्टी में नहीं था। मेरी यह बात सुनकर अम्मी वाकई हैरान रह गयीं लेकिन खुश भी बहुत हुई। मैं बिलकुल सही थी। शन्नो ने मेरी पट्टी खोल दी।
अम्मी बोली :- भोसड़ी की आदिबा, यह बता तूने कैसे पहचाना साहिर का लौड़ा ? यह तो अभी एक महीने पहले ही आया है।
मैंने जबाब दिया :- पहले ही दिन जब तुमने मुझसे कहा इसे ऊपर जाकर कमरा दिखा दो तो मैं इसे लेकर ऊपर गयी। मेरा दिल इस पर आ चुका था। मैंने कमरा खोला इसे लेकर अंदर घुसी और फिर अंदर से सिटकिनी लगा ली।
मैने कहा भोसड़ी के साहिर तू पहले मुझे अपना लण्ड दिखा ? अगर तेरा लण्ड मुझे पसंद आ गया तब तो मैं तुझे रखूंगी नहीं तो तेरी गांड पे लात मार कर निकाल दूँगी। अम्मी आदमी देख कर कमरा देती है मगर मैं लण्ड देख कर कमरा देती हूँ।
मैंने उसका पैजामा खोला और लण्ड पकड़ कर हिलाने लगी। मैंने भी अपनी चूंचियां दिखायीं अपनी चूत दिखाई तो लण्ड बढ़ने लगा। जब लण्ड पूरी तरह टन्ना गया तो मैं उसे चाटने और चूसने लगी। फिर मैंने उसका मुठ्ठ मारा और उसका वीर्य पिया ? झड़ता हुआ लण्ड चाटा। मुझे लौड़ा भी पसंद आया और उसका स्वाद भी। फिर दो दिन बाद एक बार चुदवा भी लिया। तबसे मैं इसका लण्ड पहचानने लगी ।
एक दिन मैं और शन्नो दोनों आपस में बातें कर रही थी की अचानक मोहल्ले की एक लड़की सबा आ गयी। वह भी बातें करने लगी।
उसने एकदम से एक सवाल का दिया, बोली :- यार, आबिदा तू अपनी माँ कैसे चुदवाने लगी ? तू अपनी अम्मी से इतनी खुल कैसे गयी ? मैं तो तुमसे एक साल ही छोटी हूँ लेकिन पूरी जवान हूँ। लण्ड मैं भी पकड़ती हूँ और चोरी छिपे चुदवा भी लेती हूँ। पर आजतक मैंने अपनी माँ नहीं चुदवाई। मैं भी माँ चुदवाना चाहती हूँ।
मैंने जबाब दिया :- देखो माँ चुदाना थोड़ा हिम्मत का काम है। पहली बात तो यह की मेरे घर में गाली बकना और गन्दी गन्दी बातें करना हर लड़की को इज़ाज़त है बशर्ते की वह १८ साल से ऊपर की हो गयी हो ? दूसरी बात इस काम में भाभियाँ लड़को को चूंची पकड़ना. बुर चाटना और बुर चोदना सिखाती है तो लड़कियों को सिखाने वाली बहुत औरतें है जैसे की भाभी जान, खाला जान, आंटी, फूफी जान पड़ोसन आदि आदि वे लण्ड पकड़ना, लण्ड चाटना, चूसना, लण्ड पीना सब सिखा देतीं है और फिर बुर चुदाना भी ? उसके बाद एक दिन उसे माँ चुदाना भी सिखा देती हैं। यह काम कहीं कहीं अम्मी जान भी कर देतीं हैं। मैं उन दिनों २१ साल की हो गयी थी.
एक दिन मैं किचेन में बैठी हुई सब्जी काट रही थी तभी मेरी पड़ोसन रेहाना आंटी आ गयीं। अम्मी भी किचेन में काम कर रही थी। आंटी आते ही बोली अरी भोसड़ी की फ़रज़ाना तेरी बेटी को लण्ड पकड़ना आता है की नहीं ? चुदवाने लगी है अपनी बुर की अभी नहीं ? यह सुनकर मैं थोड़ा शरमाकर बाहर जाने लगी। तो आंटी बोली बैठ भोसड़ी की आबिदा, इतनी बड़ी हो गयी है और अभी तक शर्मा रही है ? शरमायेगी तो जवानी का मज़ा नहीं लूट पायेगी ? बोल माँ चुदान आता है तुझे ? मैंने सिर हिलाया की नहीं ? तब वह बोली देख मेरी बेटी तेरे से ६ महीने छोटी है और पिछले एक साल से अपनी माँ चुदा रही है। तब तक मेरी अम्मी बोली अरी रेहाना तो फिर ले जा न इस बुर चोदी को अपने साथ और मिलवा दे अपनी बेटी से ? ये भी सीख जाएगी माँ चुदाना। मैं समझ गयी की मेरी अम्मी चाहती है की मैं माँ चुदाना शुरू कर दूँ। मैं लण्ड तो बहुत पहले से पकड़ रही थी। चुदवाती भी थी। गांड भी मरवाती थी कभी कभी। गालियां तो मैं फर्राटे दार देती थी। सबकी माँ बहन चोदा करती थी।
बस उसी दिन आंटी ने मुझे अपने घर बुला लिया। रेहाना की बेटी नगीना वहीँ बैठी थी। मैं उससे मिली। इतने में एक आदमी कमरे में आया। गीना ने उसकी लुंगी खींच ली वह नंगा हो गया तो नगीना उसका लण्ड पकड़ कर हिलाने लगी। लण्ड खड़ा हो गया तो वह बोली ले भोसड़ी की आबिदा पकड़ इसे। मैंने लण्ड पकड़ लिया। इतने में वह अपने कपडे उतार कर बिलकुल नंगी हो गयी। मेरे भी कपड़े उतार डाला। मुझे देख कर बोली आबिदा तेरी चूंचियां तो बड़ी मस्त है यार ? बस दो मिनट में रेहाना आंटी भी कपड़े उतार कर आ गयीं। हम दोनों मिलकर पहले लण्ड चाटने चूसने लगीं फिर नगीना बोली आबिदा अब यह लण्ड मेरी बुर चोदी माँ के भोसड़ा के ऊपर रख दे और फिर अंकल की गांड ऊपर से दबा दे ? मैंने उसका कहा माना। मेरे गांड दबाते ही लौड़ा भक्क से आंटी के भोसड़ा में घुस गया। अंकल चोदने लगा उसकी माँ का भोसड़ा। वह बोली इसी को कहते है माँ चुदाना ?
थोड़ी देर में आंटी ने लण्ड अपने भोसड़ा से निकाला और उसे तौलिया से पोंछा। फिर नगीना की बुर पर रखा और अंकल की गांड दबा दी। लण्ड सट्ट से उसकी बुर में घुस गया। अंकल नगीना की बुर चोदने लगा। तब आंटी बोली देख आबिदा इसे कहते है बिटिया की बुर चुदाना ? मैं तो माँ चुदाना सीख गयी। मैं जब घर वापस आई तो अम्मी ने कहा अरी आबिदा सीख गयी तू अपनी माँ चुदाना ? मैंने कह हां बिलकुल सीख गयी। तब तक अम्मी भी मेरे साथ बेशरम हो चुकी थी। वह बोली तो फिर चल कमरे में और चुदवा अपनी माँ का भोसड़ा ?
मैं कमरे में घुसी तो देखा की वहां दो आदमी एकदम नंगे नंगे लेटे हुए है। अम्मी बोली ले एक लण्ड तू पकड़ ले और एक लण्ड मैं पकड़ती हूँ। तू अपनी माँ के भोसड़ा में ठोंक दे लण्ड मैं अपनी बिटिया की बुर में घुसा देती हूँ लण्ड ? अब तक अम्मी मेरी सहेली बन चुकी थी। वह बोली बुर चोदी आबिदा बड़ी मस्ती से चुदवा अपनी माँ का भोसड़ा ? मैंने भी पलट कर कहा हां बुर चोदी अम्मी तू भी मस्ती से चुदवा अपनी बिटिया की बुर ? फिर हम दोनों खूब हंस हंस कर मजाक करने लगी और चुदवाने लगीं ?
मुझे आज भी उन दोनों के लण्ड याद हैं। मैं आँख बंद कर पहचान सकती हूँ दोनों लण्ड ?
दूसरे दिन मैंने सबा को फोन किया और पूंछा क्या कर रही है तू सबा ?
वह बोली यार, अपनी बुर चोदी माँ का भोसड़ा चुदा रही हूँ।
मैंने कहा अगले इतवार को फिर सेक्स पार्टी होने वाली हैं उसमे सबके सामने चुदवाना अपनी माँ का भोसड़ा...
अम्मी बोली :- तू ठीक कह रही है बुर चोदी आबिदा, मैंने भी सारे लौड़ों का मज़ा खूब लूटा। मैंने भी तेरी तरफ के सारे लण्ड खूब चाटें , चूसे और फिर अपनी चूत में पेल पेल कर धकाधक चुदवाया। तूने भी मादर चोद अपनी माँ का भोसड़ा चुदाने में कोई कसर नहीं उठा रखी ? अम्मी मेरे दोनों गालों को पकड़ कर हिलाती हूँ बोल रही थीं। खूब घुसेड़ा एक के बाद एक लण्ड तूने अपनी माँ के भोसड़ा में ? तूने तो बहन चोद मेरी गांड भी नहीं छोड़ी ? वहां भी पेल दिया लण्ड ? लेकिन कुछ भी हो मज़ा तो खूब आया। मैंने भी कभी इस तरह की पार्टी नहीं देखीं थी जहाँ खुल कर लड़कियां बुर चोदी अपनी माँ चुदवायें और माँ भोसड़ी की अपनी बेटियां चुदवायें ? अब तो मैं वाकई हर महीने इस तरह की पार्टी रखूंगी ? और ज्यादा से ज्यादा चोदने और चुदाने वाले लोगों को इकठ्ठा करूंगी।
मैंने कहा :- इतना मस्त नज़ारा था अम्मी जिसे देख कर मुझे ज़न्नत का मज़ा आया। वैसे इसमें अपने कुनबे और साथ में २ और कुनबे के ही लोग थे। मरद भी सब कुनबे के ही थे। बस तीन कुनबे में ही इतने सारे लण्ड ? इतने सारी चूत ? इतने लण्ड, इतनी चूत, इतनी चूंचियां, इतनी गांड, बाप रे बाप मज़ा आ गया सब एक साथ देखने में ? बाहर वाले बहुत कम ही थे अम्मी ? कुछ मेरी तरफ से चोदने वाले लड़के थे और कुछ तेरी तरफ के चोदने वाले मर्द थे। इसी बहाने मुझे सब बुर चोदियों को नंगी नंगी देखने का मौक़ा मिला और सारे भोसड़ी वाले मर्दों के लण्ड देखने, उन्हें पकड़ने, चाटने चूसने और फिर उनसे चुदवाने का मौक़ा मिला ? इतने सारे टन टनाते हुए लण्ड देखने का मौक़ा बड़े नसीब वालियों को ही मिलता है अम्मी ? कोई बहन चोद ऐसा लौड़ा नहीं था जिसका मज़ा मैंने न लिया हो ? हां मेरे साथ जो मेरे खाला जान की लड़की शन्नो थी वह भी बुर चोदी बड़ी लण्ड की दीवानी है। उसने भी कोई लौड़ा नहीं छोड़ा ? उसने भी अपनी माँ का भोसड़ा खूब मस्ती से चुदवाया। उसने तो अपनी अम्मी की चूंचियों के बीच भी लण्ड पेला। शन्नो ने हर एक लण्ड अपनी माँ के भोसड़ा में पेला। खाल जान भी बड़ी हरामजादी है। उसने भी अपनी बिटिया की बुर चुदाने में कोई कसर नहीं छोड़ी ?
मैंने देखा की माँ अपनी बेटी चुदवा रही है तो बेटी अपनी माँ ? सास अपनी बहू की बुर चुदवा रही है तो बहू अपनी सास का भोसड़ा ? नन्द अपनी भाभी की बुर में लण्ड पेल रही है तो भाभी अपनी नन्द की बुर में ? जेठानी अपनी देवरानी की गांड मार रही है तो देवरानी अपनी जेठानी की गांड ? औरत भी बड़ी गज़ब की चीज है अम्मी ? कभी कोई अपने नंदोई से चुदवा रही है तो कभी अपने बहनोई से ? कभी अपने देवर से चुदवा रही है तो कभी जेठ से ? कभी खालू का लण्ड घुसा रही है अपनी चूत में कभी अपने ससुर का लण्ड ? कभी गैर मर्दों से चुदवाती है तो कभी उनके दोस्तों से ? कभी लण्ड चूसते हुए चुदवाती है तो कभी गांड मरवाते हुए ? कभी किसी के मियां से चुदवाती है तो कभी किसी के अब्बा से ? कभी किसी का लण्ड चूसती है तो कभी किसी और का लण्ड ? किसी का लण्ड हिलाती है तो किसी के लण्ड का मुठ्ठ मारती है ? किसी का लण्ड पीती है तो किसी का लण्ड अपनी चूंचियों पर फिराती है ? कभी अपनी माँ चुदवाती है तो कभी किसी और की माँ ? कभी अपनी बेटी की बुर में लण्ड पेलती है तो कभी किसी और की बेटी की बुर में ? चुदाई की इतनी आज़ादी शायद ही किसी और पार्टी में होती हो, अम्मी ?
प्लीज अम्मी, जल्दी ही किसी दिन एक और पार्टी रखो न ताकि मैं अपनी तमन्ना पूरी कर लूँ, मैं अपनी अम्मी से बातें कर ही रही थी की खाला जान (रेहाना) आ गयीं उसके साथ उसके साथ बेटी शन्नो भी थी। शन्नो मुझे देखते ही बोली अरी आबिदा क्या तू अभी भी अपनी माँ चुदा रही है ? मैंने कहा नहीं यार इस बार तेरी माँ चुदाने का इरादा है ? वह हंस पड़ी। खाला जान बोली अरे दीदी आजकल की अल्द्कीयां बड़ी तेज हो गयी है बुर चोदी ? हम लोग इस उम्र में कुछ जानती ही नहीं थी और ये लड़कियां देखो अपनी माँ चुदा रही है , चुन चुन कर लण्ड पेलती है बुर में। कहतीं है अम्मी यह नहीं यह लण्ड पेलो ये ज्यादा मोटा है। सफी अंकल का नहीं आरिफ अंकल से चुदवाओ ज्यादा मज़ा आएगा। अम्मी परवेज अंकल का लण्ड पहले चूस कर देखो बहुत टेस्टी है उससे चुदवाना बाद में ?
शन्नो बोली फ़रज़ाना खाला तेरी बेटी आबिदा को तो लण्ड की बड़ी पहचान है ? एक तो एक बार जो लण्ड वह पकड़ कर देख लेती है उसे कहीं भी पहचान सकती है। अँधेरे में भी लण्ड पकड़ कर बता देगी किसका है ? दूसरी बात है की इसे लण्ड के बारे में इतना ज्ञान है जैसे पहले लोगों को जड़ी बूटियों के बारे में ज्ञान होता था जैसे की कौन सा लण्ड किस काम के लिए अच्छा है ? कौन सा लण्ड बुर चोदने में अच्छा है ? कौन सा लण्ड गांड मारने में अच्छा है ? कौन सा लण्ड चूसने में अच्छा है ? कौन सा लण्ड चूंची चोदने में मज़ा देता है ? कौन सा लण्ड पीने में मज़ा देता है ,,,,,,,,,,,?
मेरी अम्मी यह सुनकर बहुत खुश तो हुई पर उसे यकीन नहीं हुआ। इसलिए उसने अपना मोबाइल निकाला और उसे खोल कर मुझे दिखाने लगी लण्ड और कहा इसे पहचानो ? सोफ़ा पर अम्मी बैठी थी उसके दाहिनी तरह मैं और बायीं तरफ शन्नो बैठी थी। सामने शन्नो की अम्मी बैठी थी। अम्मी ने कुछ वीडियो बनाया था उसे स्टिल करके मुझे लण्ड पहचानने के लिए दिखाने लगीं ? बोली आदिबा बता यह किसका लण्ड है ? मैंने देखते ही कहा अरे अम्मी यह तो शन्नो के अब्बू का लौड़ा है। यह मेरा खालू है न भोसड़ी का ? ये तो तेरे सामने अपना लण्ड खोल कर खड़ा हो जाता है और मेरे भी सामने ? बड़ा मस्त बुर चोदने वाला है इसका लौड़ा ? इसका लौड़ा बड़ा मशहूर है अम्मी ? शन्नो की माँ बोली अच्छा यह लौड़ा किसका है ? ये तो मेरे ससुर का लौड़ा है खाला ? इसे मादर चोद को मेरी माँ का भोसड़ा बड़ा पसंद है। जब भी आता है मेरी माँ चोद कर जाता है ?
तब तक शन्नो बोली वाओ, यह बताओ किसका लौड़ा है ? मैंने उसे देखा और कहा यह तेरे चचा जान का लौड़ा है, शन्नो ? तेरी माँ के भोसड़ा में अक्सर घुसता है और अब तो तेरी भी बुर चोदने लगा है ? अम्मी ने फिर एक ढूंढ कर बड़ा सा लण्ड निकाला। बोली ये लौड़ा तुम नहीं पहचान पाओगी अदीबा ? मैंने उसे कई बार इधर उधर करके देखा और फिर कहा हाय अल्ला, यह तो मेरी नन्द के ससुर का लण्ड है माँ ? इसे तो तुमने केवल एक बार ही पकड़ कर देखा है लेकिन कभी चुदवाया नहीं तूने अम्मी ? मैं तो इससे दो बार चुदवा चुकी हूँ। शन्नो ने फिर एक मोटा लण्ड ढूंढा बोली अच्छा इसे पहचानो ? मैंने कहा अरे यह तो साला मेरी सास का भोसड़ा चोदता है और अब तेरी बहन की बुर भी चोदने लगा है। इस फोन में वह सना की माँ चोद रहा है। वीडियो जब आगे बढ़ा तो मेरी बात सही निकले।
तब अम्मी बोली अच्छा अब मैं अपने सामने इसका इम्तिहान लूंगी। शन्नो तुम इस बुर चोदी अदीबा की आँखों में पट्टी बांध दो। मैं इसे सच में लण्ड पकड़ाऊँगी और देखूँगी की यह पहचान पाती है की नहीं ? शन्नो ने कस कर मेरी आँखों में पट्टी बाँध दी। इतने में अम्मी ने किसी को बुला लिया और शन्नो को इशारा किया की इसे नंगा करो और इसका लण्ड पकड़ कर खड़ा कर दो। शन्नो ने पहले अपने कपड़े उतारे, अपनी चूंचियां नंगी की और लण्ड पकड़ कर हिलाने लगी। जब लण्ड खड़ा हो गया तो उसे मुझे पकड़ा दिया। मैंने लण्ड मुठ्ठी में लिया। उसे चारों तरफ से घुमा कर पकड़ा और फिर उसके सुपाड़े पर उंगलियां फिरा फिरा कर देखा। मैं लण्ड पहचान गयी। मैं बोली हाय रब्बा, ये तो मुज़फ्फर अली का लौड़ा है अम्मी ? ये तेरा दोस्त है न। इसका लौड़ा मेरा चहेता लौड़ा है ? सबने तालियां बजायीं।
उसके बाद एक और लौड़ा मुझे पकड़ा दिया किसी ने ? मैं उसे दोनों हाथों के पकड़ कर पहचानने की कोशिश करने लगी। थोड़ी देर में मेरे मुंह से निकला वाओ, भोसड़ी के रमजान अंकल तू अभी यहीं है। तूने तो मुझे नहीं चोदा लेकिन मैंने तेरा लौड़ा खूब चूसा है। तेरी बिटिया की बुर भी चोदी है मैंने ? सबने फिर तालियां बजायी ? अब तो सब लोग मेरे इस हुनर की तारीफ करने लगीं ? अम्मी ने कहा नहीं एक और लण्ड लाती हूँ मैं। वह लण्ड जब मेरे हाथ में आया तो मुझे थोड़ा वख्त लगा उसे पहचानने में ? सब लोग सोंचने लगे की शायद मैं फेल हो जाऊँगी। लेकिन फिर मैंने लण्ड की नस नस में अपनी उंगलियां फिरायीं और बाद में बोली साले मादर चोद बहन का लौड़ा तू साहिर है न ? मेरा किरायेदार ? तेरी माँ का भोसड़ा साला तू तो मेरी पार्टी में नहीं था। मेरी यह बात सुनकर अम्मी वाकई हैरान रह गयीं लेकिन खुश भी बहुत हुई। मैं बिलकुल सही थी। शन्नो ने मेरी पट्टी खोल दी।
अम्मी बोली :- भोसड़ी की आदिबा, यह बता तूने कैसे पहचाना साहिर का लौड़ा ? यह तो अभी एक महीने पहले ही आया है।
मैंने जबाब दिया :- पहले ही दिन जब तुमने मुझसे कहा इसे ऊपर जाकर कमरा दिखा दो तो मैं इसे लेकर ऊपर गयी। मेरा दिल इस पर आ चुका था। मैंने कमरा खोला इसे लेकर अंदर घुसी और फिर अंदर से सिटकिनी लगा ली।
मैने कहा भोसड़ी के साहिर तू पहले मुझे अपना लण्ड दिखा ? अगर तेरा लण्ड मुझे पसंद आ गया तब तो मैं तुझे रखूंगी नहीं तो तेरी गांड पे लात मार कर निकाल दूँगी। अम्मी आदमी देख कर कमरा देती है मगर मैं लण्ड देख कर कमरा देती हूँ।
मैंने उसका पैजामा खोला और लण्ड पकड़ कर हिलाने लगी। मैंने भी अपनी चूंचियां दिखायीं अपनी चूत दिखाई तो लण्ड बढ़ने लगा। जब लण्ड पूरी तरह टन्ना गया तो मैं उसे चाटने और चूसने लगी। फिर मैंने उसका मुठ्ठ मारा और उसका वीर्य पिया ? झड़ता हुआ लण्ड चाटा। मुझे लौड़ा भी पसंद आया और उसका स्वाद भी। फिर दो दिन बाद एक बार चुदवा भी लिया। तबसे मैं इसका लण्ड पहचानने लगी ।
एक दिन मैं और शन्नो दोनों आपस में बातें कर रही थी की अचानक मोहल्ले की एक लड़की सबा आ गयी। वह भी बातें करने लगी।
उसने एकदम से एक सवाल का दिया, बोली :- यार, आबिदा तू अपनी माँ कैसे चुदवाने लगी ? तू अपनी अम्मी से इतनी खुल कैसे गयी ? मैं तो तुमसे एक साल ही छोटी हूँ लेकिन पूरी जवान हूँ। लण्ड मैं भी पकड़ती हूँ और चोरी छिपे चुदवा भी लेती हूँ। पर आजतक मैंने अपनी माँ नहीं चुदवाई। मैं भी माँ चुदवाना चाहती हूँ।
मैंने जबाब दिया :- देखो माँ चुदाना थोड़ा हिम्मत का काम है। पहली बात तो यह की मेरे घर में गाली बकना और गन्दी गन्दी बातें करना हर लड़की को इज़ाज़त है बशर्ते की वह १८ साल से ऊपर की हो गयी हो ? दूसरी बात इस काम में भाभियाँ लड़को को चूंची पकड़ना. बुर चाटना और बुर चोदना सिखाती है तो लड़कियों को सिखाने वाली बहुत औरतें है जैसे की भाभी जान, खाला जान, आंटी, फूफी जान पड़ोसन आदि आदि वे लण्ड पकड़ना, लण्ड चाटना, चूसना, लण्ड पीना सब सिखा देतीं है और फिर बुर चुदाना भी ? उसके बाद एक दिन उसे माँ चुदाना भी सिखा देती हैं। यह काम कहीं कहीं अम्मी जान भी कर देतीं हैं। मैं उन दिनों २१ साल की हो गयी थी.
एक दिन मैं किचेन में बैठी हुई सब्जी काट रही थी तभी मेरी पड़ोसन रेहाना आंटी आ गयीं। अम्मी भी किचेन में काम कर रही थी। आंटी आते ही बोली अरी भोसड़ी की फ़रज़ाना तेरी बेटी को लण्ड पकड़ना आता है की नहीं ? चुदवाने लगी है अपनी बुर की अभी नहीं ? यह सुनकर मैं थोड़ा शरमाकर बाहर जाने लगी। तो आंटी बोली बैठ भोसड़ी की आबिदा, इतनी बड़ी हो गयी है और अभी तक शर्मा रही है ? शरमायेगी तो जवानी का मज़ा नहीं लूट पायेगी ? बोल माँ चुदान आता है तुझे ? मैंने सिर हिलाया की नहीं ? तब वह बोली देख मेरी बेटी तेरे से ६ महीने छोटी है और पिछले एक साल से अपनी माँ चुदा रही है। तब तक मेरी अम्मी बोली अरी रेहाना तो फिर ले जा न इस बुर चोदी को अपने साथ और मिलवा दे अपनी बेटी से ? ये भी सीख जाएगी माँ चुदाना। मैं समझ गयी की मेरी अम्मी चाहती है की मैं माँ चुदाना शुरू कर दूँ। मैं लण्ड तो बहुत पहले से पकड़ रही थी। चुदवाती भी थी। गांड भी मरवाती थी कभी कभी। गालियां तो मैं फर्राटे दार देती थी। सबकी माँ बहन चोदा करती थी।
बस उसी दिन आंटी ने मुझे अपने घर बुला लिया। रेहाना की बेटी नगीना वहीँ बैठी थी। मैं उससे मिली। इतने में एक आदमी कमरे में आया। गीना ने उसकी लुंगी खींच ली वह नंगा हो गया तो नगीना उसका लण्ड पकड़ कर हिलाने लगी। लण्ड खड़ा हो गया तो वह बोली ले भोसड़ी की आबिदा पकड़ इसे। मैंने लण्ड पकड़ लिया। इतने में वह अपने कपडे उतार कर बिलकुल नंगी हो गयी। मेरे भी कपड़े उतार डाला। मुझे देख कर बोली आबिदा तेरी चूंचियां तो बड़ी मस्त है यार ? बस दो मिनट में रेहाना आंटी भी कपड़े उतार कर आ गयीं। हम दोनों मिलकर पहले लण्ड चाटने चूसने लगीं फिर नगीना बोली आबिदा अब यह लण्ड मेरी बुर चोदी माँ के भोसड़ा के ऊपर रख दे और फिर अंकल की गांड ऊपर से दबा दे ? मैंने उसका कहा माना। मेरे गांड दबाते ही लौड़ा भक्क से आंटी के भोसड़ा में घुस गया। अंकल चोदने लगा उसकी माँ का भोसड़ा। वह बोली इसी को कहते है माँ चुदाना ?
थोड़ी देर में आंटी ने लण्ड अपने भोसड़ा से निकाला और उसे तौलिया से पोंछा। फिर नगीना की बुर पर रखा और अंकल की गांड दबा दी। लण्ड सट्ट से उसकी बुर में घुस गया। अंकल नगीना की बुर चोदने लगा। तब आंटी बोली देख आबिदा इसे कहते है बिटिया की बुर चुदाना ? मैं तो माँ चुदाना सीख गयी। मैं जब घर वापस आई तो अम्मी ने कहा अरी आबिदा सीख गयी तू अपनी माँ चुदाना ? मैंने कह हां बिलकुल सीख गयी। तब तक अम्मी भी मेरे साथ बेशरम हो चुकी थी। वह बोली तो फिर चल कमरे में और चुदवा अपनी माँ का भोसड़ा ?
मैं कमरे में घुसी तो देखा की वहां दो आदमी एकदम नंगे नंगे लेटे हुए है। अम्मी बोली ले एक लण्ड तू पकड़ ले और एक लण्ड मैं पकड़ती हूँ। तू अपनी माँ के भोसड़ा में ठोंक दे लण्ड मैं अपनी बिटिया की बुर में घुसा देती हूँ लण्ड ? अब तक अम्मी मेरी सहेली बन चुकी थी। वह बोली बुर चोदी आबिदा बड़ी मस्ती से चुदवा अपनी माँ का भोसड़ा ? मैंने भी पलट कर कहा हां बुर चोदी अम्मी तू भी मस्ती से चुदवा अपनी बिटिया की बुर ? फिर हम दोनों खूब हंस हंस कर मजाक करने लगी और चुदवाने लगीं ?
मुझे आज भी उन दोनों के लण्ड याद हैं। मैं आँख बंद कर पहचान सकती हूँ दोनों लण्ड ?
दूसरे दिन मैंने सबा को फोन किया और पूंछा क्या कर रही है तू सबा ?
वह बोली यार, अपनी बुर चोदी माँ का भोसड़ा चुदा रही हूँ।
मैंने कहा अगले इतवार को फिर सेक्स पार्टी होने वाली हैं उसमे सबके सामने चुदवाना अपनी माँ का भोसड़ा...
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