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मैं चुदाने लगी माँ का भोसड़ा - Main chudane lagi maa ka bhosda
मैं चुदाने लगी माँ का भोसड़ा - Main chudane lagi maa ka bhosda, माँ की चूत में लन्ड घुसा, Maa Ki Chut Mein Lund Ghusa Kar Choda, माँ की चूत और गांड मारी, चुदाई का प्लान बनाया, मम्मी की चूत का भोसड़ा बनवाया, लंड माँ की चूत में अंदर बाहर करने लगा.
मेरा नाम अनामिका चटर्जी है. मैं २५ साल की एक बेहद खूबसूरत बंगाली लड़की हूँ। मैं बहुत गोरी हूँ और मेरा गोल गोल चेहरा है। मेरी आँखें भी बड़ी बड़ी है और चूंचियां भी। चूतड़ भी बड़े बड़े हैं और मेरी गांड भी बहन चोद बहुत सेक्सी है। ये सब तो बाहर से दिखाई पड़ जाती हैं पर जो बुर चोदी दिखाई नहीं पड़ती है वह है मेरी मस्तानी चूत ? मेरी मोटी मोटी जांघों के बीच इस मस्तानी बुर का जायका भी बड़ा टेस्टी और सेक्सी है ? जो इसे चाटता है वही इसका मज़ा पाता है ? आपको तो मालूम ही है की बंगाली लड़कियां लण्ड खूब पीती है ? यहाँ की लड़कियां शराब और सिगरेट पीने में बड़ी मशहूर हैं पर अब लण्ड पीने में भी इनका कोई मुकाबला नहीं कर सकता ? भले ही चुदवाने के लिए लण्ड न मिले पर अगर चूसने के लिए लण्ड मिले या फिर मुठ्ठ मार कर लण्ड पीने को मिले तो ये सब भोसड़ी वाली मस्त हो जाती हैं ?
मैं जब १५ साल की थी तभी से लण्ड पकड़ने लगी थी। मैंने पहला लण्ड अपने सबसे छोटे मामा का पकड़ा था। रात का समय था। सब लोग सो गए थे। बत्ती बिझा दी गयी थी। तभी माना धीरे से उठ कर मेरे पास आया और मेरी चूंचियां दबा दी। मैं भी उसका लण्ड टटोलने लगी। पूरा का पूरा लण्ड मेरे हाथ में आ गया। मैं बहुत खुश हुई और मुठ्ठी से पकड़ कर ऊपर नीचे करने लगी। वह मेरी चूंची दबा दबा कर मज़ा लेने लगा ? मेरा मन हुआ की किसी दिन मैं उजाले में उसका लौड़ा देखूं लेकिन कभी मौक़ा ही नहीं मिलता था। बस एक दिन इसी तरह मैंने जीजा का लण्ड पकड़ लिया। मुझे लगा की जीजा का लण्ड मामा के लण्ड से तगड़ा है। मैं अब दोनों लण्ड का शिकार करने लगी लेकिन कभी आँखों से देखा नहीं ?
तब तक मैं १६ साल की हो गयी। एक दिन जीजा अकेला घर में था। उधर से मैं आ गयी। घर में और कोई नहीं था। मैं बुरी तरह टूट पड़ी उस पर मैं बोली भोसड़ी के आज मैं तेरा लण्ड देख कर ही दम लूंगी ? खोल कर दिखा मुझे मादर चोद अपना लण्ड ? मेरी आदत गाली बकने की बहुत पहले पड़ चुकी थी क्योंकि मेरी मम्मी भी खूब गालियां बकती हैं। मेरे सामने ही किसी को भी खूब झमाझम गालियां दे देतीं हैं। एक दिन मुझसे ही कह बैठी अरी अनामिका आज शाम को जल्दी आना कहीं और बैठ कर अपनी माँ न चुदाना ? एक दिन मुझे डांटते हुए कहा कहाँ गयी थी तू ? किसका लण्ड हिला कर आ रही है तू ? मैं कुछ बोली नहीं और मुस्कराकर चली गयी। १८ साल की उम्र में मैं बुरी तरह लण्ड की दीवानी हो गयी। मैं दिन रात लण्ड के सपने देखने लगी। मैं हमेशा लण्ड के बारे में ही सोचने लगी ? मैं कॉलेज के लड़कों के लण्ड का शिकार करने लगी। और फिर १९ साल की उम्र आते आते मैं चुपके चुपके लण्ड अपनी चूत में घुसेड़वाने लगी ? टाँगे फैलाकर अपनी बुर चुदवाने लगी। लण्ड का वीर्य मस्ती से पीने लगी ? मुझे महसूस हुआ की मैं अब पूरी जवान हो गयी हूँ। मैं अपनी झांटें ब्यूटी पार्लर में ही ट्रिम करवाने लगी। फिर आगे चल कर लड़कों से झांटें बनवाने लगी। लण्ड पकड़ पकड़ कर झांटें बनवाने लगी।
एक दिन मैं अपनी सहेली पद्मिनी के घर चली गयी। उसने दरवाजा खोला और मुझे बैठा कर बातें करने लगी। मैंने यूँ ही पूछ लिया अरी पद्मिनी क्या कर रही थी तू ? वह फटाक से बोली लण्ड चूस रही थी यार ? यह सुन कर मेरे तन बदन में आग लग गयी ? मैंने कहा अरे यार तो मुझे भी बुला लिया होता मैं भी चूस लेती लण्ड ? तेरी बात सुनकर मेरी झांटें सुलग गयी है पद्मिनी ? अब आगे से अकेले अकेले न चूसना लण्ड ? मुझे भी चुसाना लण्ड ? वह बोली अरी बुर चोदी अनामिका चल तू अभी चूस ले लण्ड ? वह कहीं गया नहीं है ? उसका लण्ड पकड़ ले, उसे खड़ा कर और चूस ले भोसड़ी की लण्ड ? मैं भी देखूँगी की कैसे चूसती है लण्ड ? मैं भी बहन चोद बड़ी बेशरम हूँ मैं अंदर गयी, लण्ड पकड़ कर खड़ा किया और चूसने लगी लण्ड ? मैं फिर मारने लगी मुठ्ठ और जब लण्ड उगलने लगा वीर्य तो मैं सारा का सारा वीर्य पी गयी ? वह बोली बाप रे बाप, अनामिका तू तो बड़ी एक्सपर्ट है लण्ड पीने में ? मुझे थोड़ी देर हो गयी थी।
मुझे देख कर मम्मी बोली - कहाँ इतनी देर से गांड मरा रही थी तू अनामिका ? किसी का लण्ड चूस रही थी तू क्या बहन चोद ?
मैंने भी उसी लहज़े में जबाब दिया - हां मम्मी मैं लण्ड चूस रही थी।
मेरी बात सुनकर मम्मी हंसने लगी और बोली - तू भोसड़ी की लण्ड पकड़ना तो जानती नहीं अभी ? तू क्या लण्ड चूसेगी किसी का ? मेरी एक बात मान ले माँ की लौड़ी किसी अच्छी लड़की से लण्ड पकड़ना सीख ले ? तभी तुझे जवानी का मज़ा मिलेगा नहीं तो हाथ मलती ही रह जाएगी तू बुर चोदी अनामिका और जवानु फुर्र से निकल जाएगी ?
मैंने मन में कहा - तू भोसड़ी की मम्मी, क्या जाने की मैं लण्ड पकड़ना क्या मैं लण्ड चूसना, लण्ड चाटना, लण्ड पीना सब जानती हूँ और मैं जाने कब से लण्ड पेल रही हूँ अपनी चूत में ? चुदवा रही हूँ मैं भकाभक आजकल अपनी चूत ?
एकदिन मैं पद्मिनी के घर फिर गयी। इतवार का दिन था। गर्मी के दिन थे। सुबह के ११ बजे थे। पद्मिनी ने दरवाजा खोला और उझे अंदर करके दरवाजा बंद कर दिया। वह बोली हां बोलो अनामिका कोई ख़ास बात तो नहीं है न ? मैंने कहा नहीं यार बस मैं बोर हो रही थी तो चली आई तेरे पास ? मैंने सोंचा या तो तेरे साथ गप्प सप्प करूंगी या फिर कहीं जाकर सिनेमा देखूँगी ? बोल तू क्या चाहती है पद्मिनी ? वह बोली यार अभी तो मैं दोनों में कुछ भी नहीं कर सकती ? अभी तो मैं अपनी माँ चुदा रही हूँ। मैं तो अंदर बैठी हुई अपनी माँ के भोसड़ा में लण्ड पेल रही थी। तब तक तू आ गयी। देख मैं बिलकुल नंगी हूँ। उसने अपनी चादर नीचे गिरा दी।
मैं उसे थोड़ी देर तक नंगी देखती रही। मैंने कहा तू तो बहन चोद बड़ी सेक्सी है यार ? तेरे ऊपर तो कोई भी चढ़ाई कर देगा भोसड़ा का ? वह बोली मेरी मम्मी भी बड़ी सेक्सी है यार ? मैंने कहा सच बताऊँ पद्मिनी मैंने कभी अपनी माँ नहीं चुदवाई। मुझे यह बिलकुल नहीं मालूम की माँ कैसे चुदवाई जाती है ? माँ के भोसड़ा में लण्ड कैसे पेला जाता है / और फिर माँ भी अपनी बेटी चुदवाती है की नहीं ? वह बोली अनामिका माँ खूब चुदवाती है अपनी बेटियां ? मैं यहाँ कई आंटियों को जानती हूँ जो अपनी बेटियां खूब मजे से चुदवाती है। आजकल हर दूसरी लड़की अपनी माँ चुदवाती है अनामिका ? मुझे तो बड़ा ताजुब्ब हो रहा है की तू अभी अपनी माँ नहीं चुदवाती ? मैंने कहा यार आज मौका है मुझे सिखा दे न माँ चुदाना ?
उसने पूंछा अच्छा यह बता की तुझे गाली देना आता है ? मैन कहा हां आता है ? वह बोली तो फिर अपनी माँ को गाली देती है तू। मैंने कहा हां खूब देती हूँ। अभी कुछ दिन पहले से ही गाली देना शुरू किया है। मेरी माँ बहुत दिनों से मुझे गाली दे रही है। वह बोली तो फिर चल तू मेरे कमरे में और मेरी माँ का भोसड़ा चोद ? आज तू चोदेगी मेरी माँ का भोसड़ा, बुर चोदी अनामिका ? बस वह मेरे कपड़े उतारने लगी। मैंने कहा अरे यह क्या कर रही हो पद्मिनी ? वह बोली मैं तुझे नंगी कर रही हूँ जैसे की मैं नंगी हूँ। वह मुझे फिर नंगी नंगी अपने बेड रूम में ले गयी। मैं जैसे ही कमरे में घुसी तो मैंने देखा की उसकी मम्मी एकदम नंगी लेटी हुई किसी का मस्त लौड़ा चूस रही है। और एक लौड़ा उसके भोसड़ा में घुसा हुआ है। वह साला आंटी की चूत धकधक चोद रहा है। आंटी ने मुझे देखा ही नहीं।
पद्मिनी ने बताया ये है मेरी बुर चोदी मम्म्मी। देखो न कैसे दो दो लण्ड का मज़ा ले रही है भोसड़ी वाली ? यह है समर अंकल जो मेरी माँ चोद रहा है और यह है अमर अंकल जिसका लौड़ा मम्मी चूस रही हैं। तब तक शिवानी आंटी ने मुझे देख लिया। वह बोली हाय दईया अनामिका तू भी मादर चोद आ गयी मेरा भोसड़ा चोदने ? मगर ले पहले थोड़ा लौड़ा चूस ले तब जोश आएगा भोसड़ा चोदने में ? मैं भी झुक कर आंटी के साथ लण्ड चूसने लगी। उधर पद्मिनी एक हाथ से मेरी चूत सहलाने लगी और दूसरे हाथ से अपनी मम्मी की चूत ? मैंने पूंछा आंटी तुम इन दोनों से कबसे चुदवा रही हो ? वह बोली मुझे क्या मालूम यह बात पद्मिनी से पूंछो। पता नहीं कहाँ कहाँ से लण्ड लाकर मेरे भोसड़ा में पेल देती है बहन चोद ? मैंने कहा तो क्या तुम अपनी बिटिया की बुर नहीं चुदवाती हो आंटी ? वह फ़ौरन बोली क्यों नहीं चुदवाती। वह भोसड़ी की मेरी चूत में लण्ड पेलेगी तो मैं क्या बस पेलवाती ही रहूंगी। मैं भी पेलूँगी उसकी चूत में लण्ड ? मुझे पद्मिनी की बुर चुदवाने में बड़ा मज़ा आता है। तू यह बता अनामिका तेरी मम्मी तेरी बुर नहीं चुदवाती क्या ? मैंने कहा नहीं आंटी बिलकुल नहीं चुदवाती ? मैं भी उसका भोसड़ा नहीं चुदवाती ?
आंटी बोली तेरी माँ की चूत भोसड़ी वाली तू यहाँ मेरे साथ साथ बड़े लण्ड का मज़ा ले रही है और वहां तेरी मम्मी लण्ड के लिए तरस रही हैं। जा पहले अपनी माँ का भोसड़ा चुदा जैसे पद्मिनी अपनी माँ चुदवा रही है ? मैंने फिर पद्मिनी से पूंछा तुम्हे ये अंकल कहाँ मिले ? वह बोली यार देखो समर अंकल मेरी सहेली के दोस्त हैं। और अमर अंकल इसका दोस्त है। ये दोनों बहन चोद एक दूसरे की बीवी चोदते हैं और खूब मज़ा लूटते हैं। अब ये लोग लड़कियां भी चोदने लगे है और लड़कियीं की माँ भी ? इन दोनों की बीवियां पहले एक दूसरे के मर्दों से चुदवाती थी लेकिन अब तो वे सभी से भी चुदवा लेतीं हैं।
तब तक मैंने अमर का लण्ड आंटी की बुर में घुसा दिया और समर का लण्ड पद्मिनी की बुर में ? मैं माँ बेटी दोनों की बुर एक साथ चुदवाने लगी। थोड़ी देर में पद्मिनी ने अमर का लण्ड मेरी चूत में घुसेड़ दिया और समर का लण्ड मेरे मुंह में ? मैं दोनों लण्ड का मज़ा एक साथ लेने लगी। आंटी बोली हाय दईया अनामिका तू तो मादर चुदवाने में बड़ी एक्सपर्ट है। तो फिर अपनी माँ क्यों नहीं चुदवाती ? मैंने कहा हां आंटी अब हिम्मत बढ़ रही है माँ चुदाने की ? इसी तरह की बातें करके हम तीनो ने उन दोनों से खूब चुदवाया।
दूसरे दिन शिवानी आंटी मेरे घर आ गयी और मेरी मम्मी देवयानी से बतलाने लगीं ।
दूसरे दिन मैं जब घर गयी तो देखा की बाहर का दरवाजा खुला हुआ है। मैं सीधे अंदर घुस गईु। मुझे मम्मी के कमरे से कुछ आवाज़ सुनाई पड़ी। मैं झाँक कर देखने लगी। मैंने देखा की मेरी मम्मी किसी का लौड़ा चूस रही हैं। बस मेरे तन बदन में आग लग गयी। मेरी चूत की आग भड़क गयी और मुझे भी लण्ड चूसने की इच्छा होने लगी। लौड़ा बहन चोद बड़ा मोटा था। उसका सुपाड़ा ही ३" से बड़ा था। मैं अपनी बुर खुजलाने लगी। अपनी चूंचियां मसलने लगी। मैं जान गयी की मम्मी भोसड़ी की लण्ड की बड़ी दीवानी है। मैं फिर अपने आपको रोक न सकी। मैं घुस गयी कमरे में।
मम्मी ने मुझे देखा और बोली अरी अनामिका तू बुर चोदी कहाँ से आ रही है अपनी माँ चुदवा कर ? मैंने कहा मैं माँ चुदवा कर आ नहीं रही बल्कि मैं अब माँ का भोसड़ा चोदने आई हूँ। मुझे नहीं मालूम था की मेरे जाने के बाद मेरी मम्मी छुप छुप कर घर में ही लोगों से चुदवाती है। आज मैंने तुझे पकड़ लिया ? मम्मी बोली पकड़ तो मैंने तुझे लिया था जब तू अमर और समर से भकाभक चुदवा रही थी। मैं छुप छप कर सब देख रही थी लेकिन तेरे सामने नहीं आई। अब हमारे और तुम्हारे बीच की शर्म खत्म हो गयी है। तुझे भी चाहिए लण्ड और मुझे भी चाहिए लण्ड ? तुम पेलो मेरे भोसड़ा में लण्ड और मैं पेलूँ तेरी बुर में लण्ड ?
मैंने कहा हां आज से मैं अपनी माँ चुदाना शुरू करती हूँ।
बस मैंने ताली बजायी तो मेरे दो दोस्त बाहर से अंदर आ गए। मैंने कहा मम्मी ये मेरे दोस्त है विकी और विशाल। ये दोनों मेरी माँ चोदने आये हैं। आज मैं इनसे अपनी माँ चुदवाऊँगी। तब मम्मी मुझे लण्ड दिखाती हुई बोली मैं भी अपने दोस्त माइकल को अपनी बेटी चोदने के लिए लायी हूँ। तुझे आने में थोड़ी देर हो गयी तो मैंने सोंचा क्यों न तब तक मैं इसका लण्ड चूस लूँ और मैं लण्ड चूसने लगी ? मैं तब तक उन दोनों को नंगा कर चुकी थी। मैंने अपने दोनों हाथों से दोनों पकडे और हिलाने लगी , उन्हें चूमने लगी, पुचकारने लगी तो लौड़े टन्ना कर खड़े हो गए। मैंने दोनों लण्ड मम्मी को पकड़ा दिया और उसने मुझे माइकल का लण्ड पकड़ा दिया। मैं माइकल का लण्ड चूसने लगी और मम्मी विकी और विशाल का लण्ड ?
मेरे हाथ में अंकल का लण्ड आते ही साला गुर्राने लगा। मैंने उसे चारों तरफ से देखा और फिर मेरा प्यार बढ़ गया। मैं बिल्ली की तरह जबान निकाली और लण्ड चाटने लगी। सुपाड़ा से पेल्हड़ तक और पेल्हड़ से सुपाड़े तक चपर चपर लण्ड चाटने लगी। मैंने देखा उधर मेरी मम्मी भी दोनों लण्ड मस्ती से चाट रही हैं। कभी इसका लण्ड कभी उसका लण्ड ? लण्ड दोनों साले खूब ताव पर थे।
मम्मी बोली :- हाय अनामिका लण्ड तो दोनों बे टना टन्न है। तू भोसड़ी की कितनी बार इनसे चुदवा चुकी है।
मैंने कहा :- सच बताऊँ मम्मी मैंने दोनों लण्ड पकड़ा है चूसा है और मुठ्ठ मार पिया है लेकिन अभी तक इन्हे अपनी चूत में नही पेला ? मैं चाहती थी की मैं इनसे पहले माँ का भोसड़ा चुदवाऊँ ? मैं तो बाद में चुदवा लूंगी।
मम्मी बोली :- अरे वाह ! तू कितना ख्याल तख़्ती है अपनी माँ के भोसड़ा का अनामिका ?
मैंने कहा :- तू भी तो मेरी चूत का ख्याल रखती है मम्मी। तभी तो इतना बढ़िया लण्ड मेरे लिए खोज कर लायी हो ? बस मैं टांगें फैलाकर अंकल से चुदवाने लगी और मम्मी विशाल से। वह विकी का लण्ड चूसने लगी।
तब तक पद्मिनी का फोन आ गया। वह बोली हाय अनामिका क्या कर रही है तू माँ की लौड़ी ?
मैंने जबाब दिया :- मैं माँ का भोसड़ा चुदवा रही हूँ, अपनी ?
वह बोली :- वाओ, तो इसका मतलब तू भी चुदवाने लगी अपनी माँ का भोसड़ा ? मैं अभी आती हूँ और देखते हूँ की तू कैसे चुदवाती है अपनी माँ और अपनी माँ का भोसड़ा ?
पद्मिनी जब आई तो उसने देखा की मैं मम्मी की चूत में लण्ड पेल रही हूँ और मम्मी मेरी चूत में...
मैं जब १५ साल की थी तभी से लण्ड पकड़ने लगी थी। मैंने पहला लण्ड अपने सबसे छोटे मामा का पकड़ा था। रात का समय था। सब लोग सो गए थे। बत्ती बिझा दी गयी थी। तभी माना धीरे से उठ कर मेरे पास आया और मेरी चूंचियां दबा दी। मैं भी उसका लण्ड टटोलने लगी। पूरा का पूरा लण्ड मेरे हाथ में आ गया। मैं बहुत खुश हुई और मुठ्ठी से पकड़ कर ऊपर नीचे करने लगी। वह मेरी चूंची दबा दबा कर मज़ा लेने लगा ? मेरा मन हुआ की किसी दिन मैं उजाले में उसका लौड़ा देखूं लेकिन कभी मौक़ा ही नहीं मिलता था। बस एक दिन इसी तरह मैंने जीजा का लण्ड पकड़ लिया। मुझे लगा की जीजा का लण्ड मामा के लण्ड से तगड़ा है। मैं अब दोनों लण्ड का शिकार करने लगी लेकिन कभी आँखों से देखा नहीं ?
तब तक मैं १६ साल की हो गयी। एक दिन जीजा अकेला घर में था। उधर से मैं आ गयी। घर में और कोई नहीं था। मैं बुरी तरह टूट पड़ी उस पर मैं बोली भोसड़ी के आज मैं तेरा लण्ड देख कर ही दम लूंगी ? खोल कर दिखा मुझे मादर चोद अपना लण्ड ? मेरी आदत गाली बकने की बहुत पहले पड़ चुकी थी क्योंकि मेरी मम्मी भी खूब गालियां बकती हैं। मेरे सामने ही किसी को भी खूब झमाझम गालियां दे देतीं हैं। एक दिन मुझसे ही कह बैठी अरी अनामिका आज शाम को जल्दी आना कहीं और बैठ कर अपनी माँ न चुदाना ? एक दिन मुझे डांटते हुए कहा कहाँ गयी थी तू ? किसका लण्ड हिला कर आ रही है तू ? मैं कुछ बोली नहीं और मुस्कराकर चली गयी। १८ साल की उम्र में मैं बुरी तरह लण्ड की दीवानी हो गयी। मैं दिन रात लण्ड के सपने देखने लगी। मैं हमेशा लण्ड के बारे में ही सोचने लगी ? मैं कॉलेज के लड़कों के लण्ड का शिकार करने लगी। और फिर १९ साल की उम्र आते आते मैं चुपके चुपके लण्ड अपनी चूत में घुसेड़वाने लगी ? टाँगे फैलाकर अपनी बुर चुदवाने लगी। लण्ड का वीर्य मस्ती से पीने लगी ? मुझे महसूस हुआ की मैं अब पूरी जवान हो गयी हूँ। मैं अपनी झांटें ब्यूटी पार्लर में ही ट्रिम करवाने लगी। फिर आगे चल कर लड़कों से झांटें बनवाने लगी। लण्ड पकड़ पकड़ कर झांटें बनवाने लगी।
एक दिन मैं अपनी सहेली पद्मिनी के घर चली गयी। उसने दरवाजा खोला और मुझे बैठा कर बातें करने लगी। मैंने यूँ ही पूछ लिया अरी पद्मिनी क्या कर रही थी तू ? वह फटाक से बोली लण्ड चूस रही थी यार ? यह सुन कर मेरे तन बदन में आग लग गयी ? मैंने कहा अरे यार तो मुझे भी बुला लिया होता मैं भी चूस लेती लण्ड ? तेरी बात सुनकर मेरी झांटें सुलग गयी है पद्मिनी ? अब आगे से अकेले अकेले न चूसना लण्ड ? मुझे भी चुसाना लण्ड ? वह बोली अरी बुर चोदी अनामिका चल तू अभी चूस ले लण्ड ? वह कहीं गया नहीं है ? उसका लण्ड पकड़ ले, उसे खड़ा कर और चूस ले भोसड़ी की लण्ड ? मैं भी देखूँगी की कैसे चूसती है लण्ड ? मैं भी बहन चोद बड़ी बेशरम हूँ मैं अंदर गयी, लण्ड पकड़ कर खड़ा किया और चूसने लगी लण्ड ? मैं फिर मारने लगी मुठ्ठ और जब लण्ड उगलने लगा वीर्य तो मैं सारा का सारा वीर्य पी गयी ? वह बोली बाप रे बाप, अनामिका तू तो बड़ी एक्सपर्ट है लण्ड पीने में ? मुझे थोड़ी देर हो गयी थी।
मुझे देख कर मम्मी बोली - कहाँ इतनी देर से गांड मरा रही थी तू अनामिका ? किसी का लण्ड चूस रही थी तू क्या बहन चोद ?
मैंने भी उसी लहज़े में जबाब दिया - हां मम्मी मैं लण्ड चूस रही थी।
मेरी बात सुनकर मम्मी हंसने लगी और बोली - तू भोसड़ी की लण्ड पकड़ना तो जानती नहीं अभी ? तू क्या लण्ड चूसेगी किसी का ? मेरी एक बात मान ले माँ की लौड़ी किसी अच्छी लड़की से लण्ड पकड़ना सीख ले ? तभी तुझे जवानी का मज़ा मिलेगा नहीं तो हाथ मलती ही रह जाएगी तू बुर चोदी अनामिका और जवानु फुर्र से निकल जाएगी ?
मैंने मन में कहा - तू भोसड़ी की मम्मी, क्या जाने की मैं लण्ड पकड़ना क्या मैं लण्ड चूसना, लण्ड चाटना, लण्ड पीना सब जानती हूँ और मैं जाने कब से लण्ड पेल रही हूँ अपनी चूत में ? चुदवा रही हूँ मैं भकाभक आजकल अपनी चूत ?
एकदिन मैं पद्मिनी के घर फिर गयी। इतवार का दिन था। गर्मी के दिन थे। सुबह के ११ बजे थे। पद्मिनी ने दरवाजा खोला और उझे अंदर करके दरवाजा बंद कर दिया। वह बोली हां बोलो अनामिका कोई ख़ास बात तो नहीं है न ? मैंने कहा नहीं यार बस मैं बोर हो रही थी तो चली आई तेरे पास ? मैंने सोंचा या तो तेरे साथ गप्प सप्प करूंगी या फिर कहीं जाकर सिनेमा देखूँगी ? बोल तू क्या चाहती है पद्मिनी ? वह बोली यार अभी तो मैं दोनों में कुछ भी नहीं कर सकती ? अभी तो मैं अपनी माँ चुदा रही हूँ। मैं तो अंदर बैठी हुई अपनी माँ के भोसड़ा में लण्ड पेल रही थी। तब तक तू आ गयी। देख मैं बिलकुल नंगी हूँ। उसने अपनी चादर नीचे गिरा दी।
मैं उसे थोड़ी देर तक नंगी देखती रही। मैंने कहा तू तो बहन चोद बड़ी सेक्सी है यार ? तेरे ऊपर तो कोई भी चढ़ाई कर देगा भोसड़ा का ? वह बोली मेरी मम्मी भी बड़ी सेक्सी है यार ? मैंने कहा सच बताऊँ पद्मिनी मैंने कभी अपनी माँ नहीं चुदवाई। मुझे यह बिलकुल नहीं मालूम की माँ कैसे चुदवाई जाती है ? माँ के भोसड़ा में लण्ड कैसे पेला जाता है / और फिर माँ भी अपनी बेटी चुदवाती है की नहीं ? वह बोली अनामिका माँ खूब चुदवाती है अपनी बेटियां ? मैं यहाँ कई आंटियों को जानती हूँ जो अपनी बेटियां खूब मजे से चुदवाती है। आजकल हर दूसरी लड़की अपनी माँ चुदवाती है अनामिका ? मुझे तो बड़ा ताजुब्ब हो रहा है की तू अभी अपनी माँ नहीं चुदवाती ? मैंने कहा यार आज मौका है मुझे सिखा दे न माँ चुदाना ?
उसने पूंछा अच्छा यह बता की तुझे गाली देना आता है ? मैन कहा हां आता है ? वह बोली तो फिर अपनी माँ को गाली देती है तू। मैंने कहा हां खूब देती हूँ। अभी कुछ दिन पहले से ही गाली देना शुरू किया है। मेरी माँ बहुत दिनों से मुझे गाली दे रही है। वह बोली तो फिर चल तू मेरे कमरे में और मेरी माँ का भोसड़ा चोद ? आज तू चोदेगी मेरी माँ का भोसड़ा, बुर चोदी अनामिका ? बस वह मेरे कपड़े उतारने लगी। मैंने कहा अरे यह क्या कर रही हो पद्मिनी ? वह बोली मैं तुझे नंगी कर रही हूँ जैसे की मैं नंगी हूँ। वह मुझे फिर नंगी नंगी अपने बेड रूम में ले गयी। मैं जैसे ही कमरे में घुसी तो मैंने देखा की उसकी मम्मी एकदम नंगी लेटी हुई किसी का मस्त लौड़ा चूस रही है। और एक लौड़ा उसके भोसड़ा में घुसा हुआ है। वह साला आंटी की चूत धकधक चोद रहा है। आंटी ने मुझे देखा ही नहीं।
पद्मिनी ने बताया ये है मेरी बुर चोदी मम्म्मी। देखो न कैसे दो दो लण्ड का मज़ा ले रही है भोसड़ी वाली ? यह है समर अंकल जो मेरी माँ चोद रहा है और यह है अमर अंकल जिसका लौड़ा मम्मी चूस रही हैं। तब तक शिवानी आंटी ने मुझे देख लिया। वह बोली हाय दईया अनामिका तू भी मादर चोद आ गयी मेरा भोसड़ा चोदने ? मगर ले पहले थोड़ा लौड़ा चूस ले तब जोश आएगा भोसड़ा चोदने में ? मैं भी झुक कर आंटी के साथ लण्ड चूसने लगी। उधर पद्मिनी एक हाथ से मेरी चूत सहलाने लगी और दूसरे हाथ से अपनी मम्मी की चूत ? मैंने पूंछा आंटी तुम इन दोनों से कबसे चुदवा रही हो ? वह बोली मुझे क्या मालूम यह बात पद्मिनी से पूंछो। पता नहीं कहाँ कहाँ से लण्ड लाकर मेरे भोसड़ा में पेल देती है बहन चोद ? मैंने कहा तो क्या तुम अपनी बिटिया की बुर नहीं चुदवाती हो आंटी ? वह फ़ौरन बोली क्यों नहीं चुदवाती। वह भोसड़ी की मेरी चूत में लण्ड पेलेगी तो मैं क्या बस पेलवाती ही रहूंगी। मैं भी पेलूँगी उसकी चूत में लण्ड ? मुझे पद्मिनी की बुर चुदवाने में बड़ा मज़ा आता है। तू यह बता अनामिका तेरी मम्मी तेरी बुर नहीं चुदवाती क्या ? मैंने कहा नहीं आंटी बिलकुल नहीं चुदवाती ? मैं भी उसका भोसड़ा नहीं चुदवाती ?
आंटी बोली तेरी माँ की चूत भोसड़ी वाली तू यहाँ मेरे साथ साथ बड़े लण्ड का मज़ा ले रही है और वहां तेरी मम्मी लण्ड के लिए तरस रही हैं। जा पहले अपनी माँ का भोसड़ा चुदा जैसे पद्मिनी अपनी माँ चुदवा रही है ? मैंने फिर पद्मिनी से पूंछा तुम्हे ये अंकल कहाँ मिले ? वह बोली यार देखो समर अंकल मेरी सहेली के दोस्त हैं। और अमर अंकल इसका दोस्त है। ये दोनों बहन चोद एक दूसरे की बीवी चोदते हैं और खूब मज़ा लूटते हैं। अब ये लोग लड़कियां भी चोदने लगे है और लड़कियीं की माँ भी ? इन दोनों की बीवियां पहले एक दूसरे के मर्दों से चुदवाती थी लेकिन अब तो वे सभी से भी चुदवा लेतीं हैं।
तब तक मैंने अमर का लण्ड आंटी की बुर में घुसा दिया और समर का लण्ड पद्मिनी की बुर में ? मैं माँ बेटी दोनों की बुर एक साथ चुदवाने लगी। थोड़ी देर में पद्मिनी ने अमर का लण्ड मेरी चूत में घुसेड़ दिया और समर का लण्ड मेरे मुंह में ? मैं दोनों लण्ड का मज़ा एक साथ लेने लगी। आंटी बोली हाय दईया अनामिका तू तो मादर चुदवाने में बड़ी एक्सपर्ट है। तो फिर अपनी माँ क्यों नहीं चुदवाती ? मैंने कहा हां आंटी अब हिम्मत बढ़ रही है माँ चुदाने की ? इसी तरह की बातें करके हम तीनो ने उन दोनों से खूब चुदवाया।
दूसरे दिन शिवानी आंटी मेरे घर आ गयी और मेरी मम्मी देवयानी से बतलाने लगीं ।
- आंटी बोली - हाय देवयानी तेरी बेटी तो बड़ी मस्त है भोसड़ी की ? कितनी खूबसूरत है और कितनी बिंदास है वह यार ?
- मम्मी बोली - मस्त है तो मेरे किस काम की भोसड़ी वाली ? खूबसूरत है तो मैं क्या करूँ ? लड़के उस पर मरते होंगें पर मुझे उससे क्या ?
- ऐसा क्यों कह रही थी तू ? यार तेरी बेटी को मैंने उस दिन नंगी देखा तो मैं तो हैरान हो गयी। सब बताऊँ देवयानी अगर मैं मर्द होती तो तेरी बेटी की बुर हर रोज़ चार बार चोदती ?
- तूने बहन चोद कब उसे नंगी देख लिया ? मैंने उसे तो नंगी कभी नहीं देखा ?
- यार उस दिन मेरी मेरी बेटी मेरा भोसड़ा चुदवा रही थी। अचानक तेरी बेटी आ गयी तो मेरी बेटी ने उसे नंगी कर दिया और मेरा भोसड़ा चोदने वाले का लण्ड उसे पकड़ा दिया। तब मैंने उसे पहली बार नंगी देखा था ?
- हाय दईया तो मेरी बेटी ने तेरा भोसड़ा भी चोदा होगा ?
- हां चोदा तो था ? और फिर मैंने भी उसकी बुर चोदी।
- उसने बुर चोदी कभी अपनी माँ का भोसड़ा नहीं चोदा ?
- तो तूने भी तो कभी अपनी बिटिया की बुर नहीं चोदी ? देख देवयानी ताली दोनों हाथ से बजती है। तू मादर पहले उसके सामने किसी से चुदवा तो सही ? पहले उसकी शर्म तो खत्म कर ? उससे लण्ड, बुर, चूत, गांड, चोदा चोदी की बातें तो कर ? तभी तो वह चोदेगी तेरा भोसड़ा ?
- हां यार तूने सही बताया। मैं ही गलत थी। आने दो उसे आज मैं उसकी माँ चोदूँगी।
- हां यह हुई कोई बात ? अब वह कहेगी आज मैं तेरी बिटिया की बुर चोदूंगी। बस तभी से चालू हो जाना ? फिर देखना कितना मज़ा आता है ?
दूसरे दिन मैं जब घर गयी तो देखा की बाहर का दरवाजा खुला हुआ है। मैं सीधे अंदर घुस गईु। मुझे मम्मी के कमरे से कुछ आवाज़ सुनाई पड़ी। मैं झाँक कर देखने लगी। मैंने देखा की मेरी मम्मी किसी का लौड़ा चूस रही हैं। बस मेरे तन बदन में आग लग गयी। मेरी चूत की आग भड़क गयी और मुझे भी लण्ड चूसने की इच्छा होने लगी। लौड़ा बहन चोद बड़ा मोटा था। उसका सुपाड़ा ही ३" से बड़ा था। मैं अपनी बुर खुजलाने लगी। अपनी चूंचियां मसलने लगी। मैं जान गयी की मम्मी भोसड़ी की लण्ड की बड़ी दीवानी है। मैं फिर अपने आपको रोक न सकी। मैं घुस गयी कमरे में।
मम्मी ने मुझे देखा और बोली अरी अनामिका तू बुर चोदी कहाँ से आ रही है अपनी माँ चुदवा कर ? मैंने कहा मैं माँ चुदवा कर आ नहीं रही बल्कि मैं अब माँ का भोसड़ा चोदने आई हूँ। मुझे नहीं मालूम था की मेरे जाने के बाद मेरी मम्मी छुप छुप कर घर में ही लोगों से चुदवाती है। आज मैंने तुझे पकड़ लिया ? मम्मी बोली पकड़ तो मैंने तुझे लिया था जब तू अमर और समर से भकाभक चुदवा रही थी। मैं छुप छप कर सब देख रही थी लेकिन तेरे सामने नहीं आई। अब हमारे और तुम्हारे बीच की शर्म खत्म हो गयी है। तुझे भी चाहिए लण्ड और मुझे भी चाहिए लण्ड ? तुम पेलो मेरे भोसड़ा में लण्ड और मैं पेलूँ तेरी बुर में लण्ड ?
मैंने कहा हां आज से मैं अपनी माँ चुदाना शुरू करती हूँ।
बस मैंने ताली बजायी तो मेरे दो दोस्त बाहर से अंदर आ गए। मैंने कहा मम्मी ये मेरे दोस्त है विकी और विशाल। ये दोनों मेरी माँ चोदने आये हैं। आज मैं इनसे अपनी माँ चुदवाऊँगी। तब मम्मी मुझे लण्ड दिखाती हुई बोली मैं भी अपने दोस्त माइकल को अपनी बेटी चोदने के लिए लायी हूँ। तुझे आने में थोड़ी देर हो गयी तो मैंने सोंचा क्यों न तब तक मैं इसका लण्ड चूस लूँ और मैं लण्ड चूसने लगी ? मैं तब तक उन दोनों को नंगा कर चुकी थी। मैंने अपने दोनों हाथों से दोनों पकडे और हिलाने लगी , उन्हें चूमने लगी, पुचकारने लगी तो लौड़े टन्ना कर खड़े हो गए। मैंने दोनों लण्ड मम्मी को पकड़ा दिया और उसने मुझे माइकल का लण्ड पकड़ा दिया। मैं माइकल का लण्ड चूसने लगी और मम्मी विकी और विशाल का लण्ड ?
मेरे हाथ में अंकल का लण्ड आते ही साला गुर्राने लगा। मैंने उसे चारों तरफ से देखा और फिर मेरा प्यार बढ़ गया। मैं बिल्ली की तरह जबान निकाली और लण्ड चाटने लगी। सुपाड़ा से पेल्हड़ तक और पेल्हड़ से सुपाड़े तक चपर चपर लण्ड चाटने लगी। मैंने देखा उधर मेरी मम्मी भी दोनों लण्ड मस्ती से चाट रही हैं। कभी इसका लण्ड कभी उसका लण्ड ? लण्ड दोनों साले खूब ताव पर थे।
मम्मी बोली :- हाय अनामिका लण्ड तो दोनों बे टना टन्न है। तू भोसड़ी की कितनी बार इनसे चुदवा चुकी है।
मैंने कहा :- सच बताऊँ मम्मी मैंने दोनों लण्ड पकड़ा है चूसा है और मुठ्ठ मार पिया है लेकिन अभी तक इन्हे अपनी चूत में नही पेला ? मैं चाहती थी की मैं इनसे पहले माँ का भोसड़ा चुदवाऊँ ? मैं तो बाद में चुदवा लूंगी।
मम्मी बोली :- अरे वाह ! तू कितना ख्याल तख़्ती है अपनी माँ के भोसड़ा का अनामिका ?
मैंने कहा :- तू भी तो मेरी चूत का ख्याल रखती है मम्मी। तभी तो इतना बढ़िया लण्ड मेरे लिए खोज कर लायी हो ? बस मैं टांगें फैलाकर अंकल से चुदवाने लगी और मम्मी विशाल से। वह विकी का लण्ड चूसने लगी।
तब तक पद्मिनी का फोन आ गया। वह बोली हाय अनामिका क्या कर रही है तू माँ की लौड़ी ?
मैंने जबाब दिया :- मैं माँ का भोसड़ा चुदवा रही हूँ, अपनी ?
वह बोली :- वाओ, तो इसका मतलब तू भी चुदवाने लगी अपनी माँ का भोसड़ा ? मैं अभी आती हूँ और देखते हूँ की तू कैसे चुदवाती है अपनी माँ और अपनी माँ का भोसड़ा ?
पद्मिनी जब आई तो उसने देखा की मैं मम्मी की चूत में लण्ड पेल रही हूँ और मम्मी मेरी चूत में...
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