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चोदा चोदी की मजेदार हिंदी कहानी - Chut chudai Gand marne ki Gandi kahaniyan
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| यह मेरे देवर का लण्ड है |
सरारा बेटी, मैं बिलकुल जली भुनी बैठी हूँ। जबसे मैंने सुना है की तेरे ससुर ने मेरी बहन की बुर चोदी है तबसे मेरी झांटें सुलग रहीं हैं। मैं एक एक दिन का इंतज़ार कर रही हूँ। जिस दिन वह भोसड़ी वाला मेरे हत्थे लग गया उसी दिन चोद दूँगी मैं उसकी बहन की बुर ? मैं देखूँगी की उसके मादर चोद लण्ड में कितनी ताकत है ? भून डालूंगी मैं उसका बहन चोद लण्ड अपनी चूत में डाल कर ? अपने आपको बड़ा चोदू समझता है माँ का लौड़ा तेरा ससुर ? कितना बड़ा है री उसका लौड़ा बुर चोदी सरारा ? ८" का है लण्ड, ९" का है की १०" का है उसका लण्ड ? अरे अगर एक फुट का भी हुआ उसका लण्ड तो भी वह मेरे भोसड़ा का झांट कुछ न उखाड़ पायेगा ? एक एक फुट के लण्ड जाने कितने गोता लगा कर चले गये मेरे भोसड़ा में मादर चोद ?
आने दो उसे ? गांड फट जाएगी उसकी जब वह मेरे सामने आएगा ? सरे आम पहले करूंगी उसे बिलकुल नंगा, फिर मारूंगी उसकी गांड और चोदूंगी उसका लांड ?
मैंने पूंछा :- अम्मी जान (शबाना)यह बताओ पहले मुझे की तुमको मेरे ससुर से नाराज़गी है की उसके लण्ड से ?
अम्मी बोलीं :- दोनों से ? उससे भी नाराज़गी है और उसके लण्ड से भी ? उससे इसलिए की उसने मुझसे पूंछ कर क्यों नहीं चोदा मेरी बहन की बुर ? और अगर चोद भी लिया तो मुझे बताया क्यों नहीं भोसड़ी वाले ने ? उसके लण्ड से इसलिए नाराज़ हूँ की अगर उसका लौड़ा वाकई इतना मोटा ताज़ा है, लंबा चौड़ा है तो फिर उसने पहले मेरी चूत क्यों नहीं चोदी ? वह मेरा समधी है ? उसके लण्ड पर पहला हक़ मेरा है न की मेरी बहन का ?
मैंने कहा :- अम्मी तुम्हारी बात तो सही है लेकिन अपनी बहन से यह भी पूंछ लो की मेरे ससुर ने जबरदस्ती चोदा तेरी बहन की बुर या फिर रज़ामंदी से चोदा ?
वह बोली :- तू भोसड़ी की सरारा बड़ी तरफदारी कर रही है अपने ससुर की और उसके लण्ड की भी ? कोई ख़ास बात है क्या ?
मैंने कहा :- अरे, खास बात तो मेरे ससुर में नहीं है लेकिन उसके लण्ड में है, अम्मी ? और तुम अपनी बहन बुर चोदी को अच्छी तरह जानती हो। वह भोसड़ी की बड़ी चुदक्कड़ है ? हो सकता है की उसने खुद ही मेरे ससुर (अल्ताफ) का लौड़ा पकड़ लिया हो और कहा हो की अब मुझे चोदो ? एक बात है अम्मी मेरे ससुर का लण्ड इतना मस्त और मोटा तगड़ा है की जो भी एक बार पकड़ लेती है वह बार बार पकड़ने आती है ?
अम्मी बोली :- अरी मेरी माँ की लौड़ी सरारा मेरी बहन ने तो कभी उसका लौड़ा देखा ही नहीं था तो उसे क्या मालूम की लौड़ा कितना मोटा ताज़ा है ? अगर पकड़ती तो वह मुझसे जरूर बताती ? जब लण्ड पकड़ा ही नहीं तो उससे पहले चुदवाने का कोई मतलब ही नहीं है ? जरूर कुछ दाल में काला है ? तेरे ससुर ने कुछ जरूर बदमाशी की होगी क्योंकि मेरी बहन की चूंचियां बहुत बड़ी बड़ी हैं और लोग उसकी चूंचियां पकड़न के लिए बड़े बेताब रहतें हैं। मैं इसकी तहकीकात करूंगी। वैसे एक बात बता तुझे कैसे मालूम है अपने ससुर के लण्ड के बारे में ? क्या तू पीती है उसका लण्ड ? क्या तू चूसती है उसका लण्ड भोसड़ी वाली ? क्या तू अपने ससुर से चुदवाती है, सरारा ?
मैंने कहा :- अब घर में जब इतना बढ़िया लौड़ा होगा तो कौन भोसड़ी वाली नहीं चुदवायेगी ? देख न मेरे ससुर के लण्ड की तारीफ सुनकर तेरा भोसड़ा भी गरमा उठा है न, अम्मी ?
अम्मी बोली :- अच्छा, तो फिर तू बता बुर चोदी सरारा तूने कब और कैसे पकड़ा अपने ससुर का लण्ड ?
मैंने बताया :- उस दिन छुट्टी का दिन था। हलकी हलकी मौसम में नमी थी। बादल आसमान में छाये हुए थे। मैं धीरे धीरे नीचे कमरे में आई तभी मैं देखा की मेरे ससुर का लण्ड एक लड़की चाट रही है। मैं थोड़ा छुप कर देखने लगी। मेरी निगाह लण्ड पर पड़ी तो मेरी चूत चुचुहा उठी। मेरी चूंचियां फड़कने लगी। मैं ललचा उठी। मेरे मुंह में पानी आ गया। मैंने मन में कहा हाय दईया इतना बड़ा लौड़ा इतना मोटा लौड़ा तो मेरे घर में ही है ? यह लण्ड तो मुझे चाटना चाहिए मगर ये कौन बुर चोदी चूस रही है मेरे ससुर का लण्ड ? इसी बात पर मेरी झांटें सुलगने लगी बहन चोद ? मेरे मन में आया की मैं अभी जाकर इसकी माँ चोद दूँ ? मैंने मन में ठान लिया की ससुर की तो अब मैं मारूंगी गांड और चोदूंगी उसकी बिटिया की बुर ? फिर मैंने सोंचा क्यों इन दोनों की बातें सुन लूँ ? तब आगे की बात सोचूं ? बस मैं आँखें गड़ा कर सब कुछ देखने लगी।
तब तक वह लड़की बोली - भोसड़ी के अंकल, जैसा मेरी अम्मी कहती थी बिलकुल वैसा ही है तेरा लौड़ा ? इसीलिए मेरी बुर चोदी अम्मी तुमसे खूब चुदवाती हैं। इतना मोटा लण्ड तो जैकब अंकल का भी नहीं है ? जब की अम्मी उसका भी लौड़ा खूब चूसती हैं।
ससुर बोला :- तो इसका मतलब निगार की तेरी अम्मी कई लोगों से चुदवाती है ?
निगार - हां अंकल वो कई लोगों से चुदवाती है। उसे चुदवाने का बड़ा शौक है और यही शौक मुझे भी लग गया है। मैं भी तेरे ऐसे लण्ड हमेशा ढूंढा करती हूँ। तेरी बेटी गौहर भी मादर चोद मेरी तरह मोटे मोटे लण्ड चूसती है अंकल ? उसे मेरे अब्बू का लण्ड बहुत पसंद है। अब देखो न वह मेरे अब्बू का लण्ड चूसती है तो आज मैं उसके अब्बू का लण्ड चूस रही हूँ।
अब मुझे मालूम हो गया की मेरी नन्द बुर चोदी निगार के अब्बू का लण्ड चूसती है और उससे चुदवाती भी है। मुझे यह भी यकीं हो गया की मेरी नन्द अपनी माँ भी चुदवाती होगी। मेरी सास (आसिफा) भोसड़ी वाली निगार के अब्बू का लण्ड अपने भोसड़ा में पेलती होगी। मैं मन ही मन बड़ी खुश हुई की अब मेरा ससुर का लण्ड पकड़ने का रास्ता बिलकुल साफ़ हो गया। न मेरी नन्द की गांड में दम है की वह मुझे मना कर सके और न मेरी सास की गांड में दम ? मैं खड़ी खड़ी उन दोनों को देखते रही। मेरे मन में आया की मैं अभी घुस जाऊं और लण्ड उस भोसड़ी वाली के हाथ से छीन लूँ । मेरी चूत मुझे कूदने के लिए बार बार उकसा रही थी। लेकिन फिर मैंने सोंचा की यह तो बुर चोदी लण्ड चूस कर चली जाएगी तब फिर पूरी रात मेरे पास है। मैं आज रात को ससुर की गांड मारूंगी। इतने में लौड़ा उगलने लगा मक्खन और वह ससुरी लण्ड चाट कर चली गयी।
रात को ११ बजे मैं उठी और ससुर के कमरे की तरफ जाने लगी। एकाएक मुझे ख्याल आया की सास का भी पता लगा लूँ की वह बुर चोदी क्या कर रही है ? मैं उसे खोजने के लिए इधर उधर घूमने लगी। मुझे एक कमरे में वह अपना भोसड़ा चुदवाती हुई मिल गयी। चोदने वाला ससुर नहीं था कोई और था। मैं जान गयी की सास किसी पराये मरद से चुदवा रही है। मैं थोड़ा रुक गयी। मैं यह जानना चाहती थी की वो भोसड़ी वाला है कौन जो मेरी सास का भोसड़ा चोद रहा है। मैं उनकी बात चीत सुनाने लगी।
आदमी बोला - तेरी बहू सरारा तो बहुत बढ़या माल है, भाभी ? उसे देख कर तो मेरा लण्ड खड़ा हो गया ? अब बताओ क्या करूँ मैं ?
सास बोलीं - तुम भोसड़ी के अली बड़े मादर चोद हो। और तुमसे ज्यादा तेरा लौड़ा साला मादर चोद है। तूने पहले मुझे देखा तो तेरा लौड़ा खड़ा हो गया। फिर तूने मेरा भोसड़ा चोदा। फिर तूने मेरी बेटी देख ली तो तेरा लौड़ा खड़ा हो गया तो तूने मेरी बेटी की बुर चोद ली और अब तूने मेरी बहू देख ली तो तेरा लौड़ा खड़ा हो गाय। अब तू मेरी बहू की बुर चोदेगा ?
वह बोला :- अरे भाभी चुदवा लो अपनी बहू की बुर ? पेल दो मेरा लौड़ा उसकी बुर में ? मैं आज उसे चोद कर ही जाऊंगा।
सास बोली :- अरे मेरे देवर राजा, आज बहुत दिनों के बाद तू गाँव से आया है, पहले मुझे तो अच्छी तरह से चोद ले भोसड़ी के। फिर मैं देखती हूँ। तुझे उसकी भी बुर दिलवा दूँगी।
मैं समझ गयी की यह बहन चोद मेरी सास का देवर है और गाँव से आया है। यह भी मुझे चोदने के चक्कर में घूम रहा है। लेकिन मेरे मन में तो ससुर का लण्ड घूम रहा था। आखिरकार मुझे वह मिल ही गया। मैंने देखा की वह लुंगी खोले हुए एकदम नंगा बेड पर लेटा है। बाथ रूम की लाईट जल रही है लेकिन दरवाजा उढ़का होने के कारण उसके ऊपर रौशनी नहीं पड़ रही है. हां इतनी रोशनी जरूर है की मैं उसका लौड़ा देख सकती हूँ। लौड़ा खड़ा था और वह अपने ही हाथ से लौड़ा हिला रहा था। मैं दन्न से अंदर घुस गयी।
मैं घुसते ही बोली भोसड़ी के ससुर, तेरी बिटिया की बुर बहन चोद तू कैसा मर्द है यार। घर में इतनी चूत हैं फिर भी तू लौड़ा अपने हाथ से हिला रहा है ? ला इधर दे मुझे अपना लण्ड ? मैं उसका लण्ड लपक कर पकड़ लिया। वह बोला अरे सरारा तुम ? मैंने कहा हां मैं, मैं तेरी बहू मादर चोद ? तू निगार की बुर चोदता है। निगार की माँ का भोसड़ा चोदता है । तुझे माँ का लौड़ा मेरी बुर दिखाई नहीं पड़ती ? यह सुनकर उसने मुझे अपनी तरफ घसीट लिया और मेरी चूंचियां दबाना शुरू कर दिया। उसके बाद तो मैंने उसका लौड़ा चाटा, चूसा और खूब मस्ती से हिलाया और मज़ा किया। आखिर में लौड़ा मेरी चूत में घुस ही गया और मैंने खूब धकाधक चुदवा लिया। उस दिन के बाद वह मुझे अक्सर चोदने लगा ? अब तुम्हे मालूम हो गया न अम्मी की मैंने कैसे अपने ससुर से चुदवाना शुरू किया ?
अम्मी बोली :- हां मालूम तो हो गया लेकिन तूने बहन चोद बताया नहीं की लौड़ा कैसा और कितना बड़ा है उसका ?
मैंने कहा :- हाय अल्ला, मेरी बुर चोदी अम्मी लौड़ा उसका ८" से ९" के बीच का है, मोटा है, सुपाड़ा अंडाकार है और चिपक कर घुसता है चूत में ? बड़ी देर तक चोदता रहता है भोसड़ी का उसका लण्ड ?
अम्मी बोली :- तो फिर जल्दी से चुदवा ले सरारा तू अपनी माँ का भोसड़ा ?
तब तक पीछे से आवाज़ आई हां जल्दी से चुदवा सरारा अपनी माँ का भोसड़ा ? मैंने तो उस दिन चुदवाया था तो मुझे बड़ा मज़ा आया था। मैं फिर रात में रुक भी गयी थी और रात में ३ बार चोदा मुझे उस भोसड़ी वाले ने, दीदी ? मैं सरारा के ससुर के लण्ड की दीवानी हो गयी हूँ दीदी ? अब जल्दी से तुम भी चुदवा लो।
इससे पहले की अम्मी कोई जबाब देतीं मैंने उससे पूंछा खाला भोसड़ी की यह बताओ की मेरे ससुर ने तुझे जबरदस्ती चोदा की रज़ामंदी से ? वह बोली अरी सरारा असली बात तो यह है की मैंने खुद तेरे ससुर का लण्ड पकड़ लिया था। तुम्हे शायद मालूम नहीं ही की तेरा ससुर रिश्ते में मेरा देवर लगता है। उसके लण्ड पर मेरा पूरा हक़ है। मुझे किसी ने उसके लण्ड के बारे में बताया था तभी से मैं उससे चुदवाने के लिए बेताब थी। एक दिन मैं उसके घर पहुँच गयी। सवेरे का समय था। वह बाथ रूम जा रहा था। मैंने उसे अपने पास बुलाया और कहा तू भोसड़ी का, बहन चोद, गांडू मुझसे अपना लौड़ा छिपाता घूम रहा है। गांड फट रही है तेरी क्या मुझे लौड़ा दिखाने में ? तेरी बिटिया की बुर ऐसा कहा मैंने और उसकी तौलिया फ़ौरन खींच ली। वह मादर चोद बिलकुल नंगा हो गया और मैंने उसका लौड़ा पकड़ लिया।
लौड़ा साला बढ़ने लगा और मेरी मस्ती भी बढ़ने लगी। मैं भी कपड़े उतार कर उसके आगे नंगी हो गयी। वह पहला दिन था जब मैंने तेरे ससुर से चुदवाया सरारा ? फिर तुम तो जानती हो सरारा की मुझे जब किसी का लण्ड पसंद आ जाता है तो मैं उससे अक्सर चुदवाती रहती हूँ। मैं झांट किसी की दुनियां में परवाह नहीं करती ?
तब मैंने कहा :- देखा अम्मी मैं कह रही थी की मेरी खाला ने ही लौड़ा पकड़ा होगा मेरे ससुर का ? और हुआ भी यही ? मेरे ससुर ने जबरदस्ती नहीं चोदा तेरी बहन की बुर ?
अम्मी बोली :- हाय दईया, मगर सच तो यह है की तेरे ससुर ने आजतक मुझे नहीं चोदा ? मैं अपना भोसड़ा हाथ में लिए उससे चुदवाने के लिए तैयार हूँ। अब बुला न अपने ससुर को और पेल दे उसका लौड़ा मेरे भोसड़ा में ? '
तब तक किसी ने पीछे से कहा अरी मेरी बुर चोदी भाभी सरारा का ससुर अपने आप ही आ रहा है। उसने अभी अभी मुझे फोन किया है। मैंने पीछे देखा तो वह मेरी फूफी थी। फूफी बोली भाभी मैं जानती हूँ की तेरा भोसड़ा कितना बेताब लौड़ा के लिए ? उस दिन मेरा देवर आया था। मेरा मन था उसका लौड़ा चूसने का ? लेकिन इससे पहले की मैं उसे नंगा करती, तूने उसे नंगा कर दिया और लण्ड पकड़ कर चूसने लगी। जब मैं वापस आई तो देखा की लौड़ा तेरे भोसड़ा में घुस चुका है। मैं वापस चली गयी और तेरे भाई जान का लण्ड चाटने लगी।
आधे घंटे में मेरा ससुर आ गया। उसके साथ एक और आदमी था।
वह बोला अरी सरारा मेरी बहू आज मैं अपने दोस्त के घर गया था। तब मैंने सोंचा की क्यों न मैं सरारा के माईके चला जाऊं ? इसलिए मैं चला आया। मैंने पूंछा ससुर जी तुम अपने दोस्त के घर क्यों गया था। वह बोला अब क्या बताऊँ बहू बहुत दिनों से यह कह रहा था की यार अल्ताफ किसी दिन मेरी बीवी चोदो। आज मुझे मौक़ा मिल गाय तो मैंने कहा ठीक है यार चलो आज मैं तेरी बीवी चोदता हूँ। इसलिए आज मैं इसकी बीवी चोदने चला गया ? वहीँ से चोद कर आ रहा हूँ। फिर मैंने सोंचा क्यों की एक बार मैं सरारा की बुर भी चोद लूँ ? मैंने कहा हां हां तुम मेरी बुर चोदो भोसड़ी के ससुर लेकिन उससे पहले तुम मेरी माँ का भोसड़ा चोदो ? मेरी अम्मी तुमसे चुदवाने के लिए बड़ी बेताब हो रही हैं। मैंने अम्मी का हाथ पकड़ कर ससुर के लण्ड पर रख दिया।
मेरी अम्मी भी कम नहीं हैं। उसने मेरा हाथ पकड़ कर मेरे ससुर के दोस्त के लण्ड पर रख दिया और बोली सरारा बुर चोदी, तू भी चुदवा मेरे सामने अपनी चूत ? बस थोड़ी देर में अम्मी मेरे ससुर का लण्ड चाटने लगीं और मैं उसके दोस्त का लण्ड ? मेरी फूफी भी अपने कपड़े उतार कर हम दोनों के बीच में आ गयीं। वह कभी मेरे साथ लण्ड चाटती और कभी मेरी अम्मी के साथ ?
फिर तो रात भर हुई भकाभक चोदा चोदी।
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