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बीवियों की चूत और गरमा उठी - Patniyon ne pati badalkar chudai ki
बीवियों की चूत और गरमा उठी - Patniyon ne pati badalkar chudai ki , दो बीवियों ने एक दूसरी के पति से चूत चुदवाई , एक दुसरे के पति बदल कर किया सेक्स , पति का लंड बदल कर सेक्स , बीवियों को अदल बदल कर चोदना इन मर्दों को बहुत अच्छा लगता है , सहेली के साथ पति बदल कर चुद गई.
ले सबीना तू भोसड़ी की पकड़ मेरे मियां का लण्ड, मैं समीना के मियां का लण्ड पकड़ने जा रही हूँ और समीना बुर चोदी तेरे मियां का लण्ड पकड़ेगी। आज यहीं इसी कमरे में हम हम तीनो बीवियां एक दूसरे के मियां से चुदवाएँगीं।
आज मेरी बहुत दिनों की तमन्ना पूरी होगी। मैं अपने मरद के सामने पराये मरद से चुदवाने के लिए तड़प रही थी। आज तूने और समीना ने मेरी मुराद पूरी कर दी। आज मैं रात भर तुम दोनों के हसबैंड से भकाभक चुदवाऊँगी।
समीना बोली :- हाय दईया, यही तो मैं भी चाहती थी। मैंने अपने मियां से कई बार कहा की किसी दिन मेरे सामने किसी और की बीवी चोद कर देखो कितना मज़ा आता है ? पहले तो वह नहीं माना लेकिन एक दिन मैंने उसे मना ही लिया और आज देखो भोसड़ा वाले का लौड़ा कैसे फनफना रहा है सकीना तेरे हाथों में ? लगता है की सबकी बुर आज ही चोद डालेगा ?
उधर से सबीना बोली :- हाय सकीना मैं तो शादी के पहले कई लोगों से चुदवाती थी लेकिन शादी के बाद केवल एक लण्ड से काम नहीं चल रहा था। मेरी चूत अक्सर चुदासी रहने लगी। मेरी चूत की आग बुझती ही नहीं थी। मुझे रह रह कर पराये मर्दों के लण्ड की याद आती थी। वह तो अच्छा हुआ की तूने उस दिन मुझसे पूंछ लिया की सबीना तू पराये मरद से चुदवाना चाहती है ? मेरी तो जैसे लाटरी निकल आई और मैंने फ़ौरन हां कर दी। फिर मैंने अपने शौहर को मनाया। पहले तो वह नहीं माना। फिर मैंने एक दिन उससे अपनी सहेली की बुर चुदवा ली। उसे चोदने में बड़ा मज़ा आया। तब उसे समझ में आया की परायी बीवी की बुर चोदना कितना मजेदार होता है ? आज देखो उसका लौड़ा कैसे हिनहिना रहा है बहन चोद ?
मैंने कहा यार मेरी भी कहानी कुछ ऐसी ही है। मैं एक दिन बड़े प्यार से अपने मियां का लौड़ा हिला रही थी। मैं भी नंगी थी और वह भी। वह मेरी चूंची मेरी चूत और मेरी गांड पर भी हाथ बड़े प्यार से फेर रहा था। हम दोनों की मस्ती बढती जा रही थी। मैंने तभी कहा सुनो जी, तुम रोज़ रोज़ मुझे ही चोदा करते हो ? मेरी ही चूत में लण्ड पेला करते हो ? अरे कभी किसी और की बीवी चोदो ?
किसी और की बीवी की बुर में लौड़ा पेलो तब मैं समझूँ की तुम मर्द हो ? अरे अपनी गली का कुत्ता भी शेर होता है बहन चोद ? अपनी बीवी की बुर में लौड़ा पेल पेल कर तेरा लौड़ा कुत्ता ही रहेगा कभी शेर नहीं बन पायेगा। शेर तो तब बनेगा जब इसे किसी और की बीवी की बुर में पेलोगे ? मैं तो कहती हूँ की तुम मेरे आगे दूसरों की बीवियां भकाभक चोदो।
मैं तो इतने दिनों से इंतज़ार कर रही थी की एक दिन तुम मेरे सामने ही किसी और की बीवी चोदोगे। लेकिन तूने अभी तक एक भी बीवी नहीं चोदी। इसलिए मुझे आज खुल कर कहना पड़ रहा है। अरे यार मैं यह देखना चाहती हूँ की तुम औरों की बीवी चोद लेते हो की नहीं ? अगर तुम वाकई चोद लेते हो तोऔरों की बीवियां तुमसे कैसे चुदवातीं हैं यह भी मैं देखना चाहती हूँ। वैसे मैं तेरे लण्ड की तारीफ करती हूँ लेकिन असली तारीफ तो तब है जब दूसरों की बीवियां तेरे लण्ड की तारीफ करें ? ज़रा सोंचो जब दूसरों की बीवियां तेरे लण्ड की तारीफ मुझसे करेंगीं तो मुझे कितना अच्छा लगेगा ? कितना फक्र होगा मुझे तेरे लण्ड पर। इधर मेरा सीना चौड़ा हो जायेगा उधर तेरा लौड़ा चौड़ा हो जायेगा ?
इस तरह मैं अपने मियां को ललकार रही थी की वह दूसरों की बीवियां चोदना शुरू कर दे ? एक बार उसने चोदना शुरू किया तो फिर मैं धकाधक पराये मर्दों से चुदवाने लगूंगी।बस उसी दिन से मेरे मियां ने मन बना लिया की वह दूसरों की बीवियां चोदेगा और आज देखो उसका लौड़ा सबीना के हाथ में जाकर कितनी मस्ती कर रहा है साला। संभाले संभल नहीं रहा है सबीना से मेरे मिया का लौड़ा ?
इस तरह मैं समीना के मियां रफीक का लौड़ा चाटने लगी, समीना सबीना के मियां सफीक का लौड़ा चाटने लगी और सबीना मेरे मियां आरिफ का लौड़ा ? हम तीनो बीवियां बिलकुल नंगी थी और नंगे थे तीनो भोसड़ी के मरद। हम एक दूसरे को लण्ड चाटते हुए दख रहीं थी। यह पहला मौक़ा था जब हम तीनो एक दूसरे के मरद का लण्ड बड़े प्यार से चाटने चूसने में जुटी थी। एक ही कमरे में आपस में मियां अदल बदल कर चुदवाने का मज़ा लूटने का हमारा प्लान था और आज यह प्लान कामयाब हो रहा है।
दोस्तों, मैं सकीना हूँ। मेरी शादी हो चुकी है और मैं यहां कोलकाता में अपने शौहर के साथ रह रही हूँ। मेरा शौहर एक कंपनी में काम करता है और अभी उसका ट्रांसफर यहाँ हो गया है। मुझे जब पता चला की यहाँ मेरी दो सहेलियां भी हैं तो मैंने उनसे संपर्क किया और खुली खुली बात चीत की जिसका नातेीजा यह है की आज हमारे हाथों में पराये मर्दों के लण्ड हैं और हम तीनो मिलकर एक दूसरे के मियां से चुदवा रहीं हैं। मैं २५ साल की हूँ और मेरा मियां २७ साल का। लगभग यही उम्र है समीना और सबीना की ? मैं जब अपने कुनबे में थी तो बड़ा मज़ा करती थी। बड़ा आज़ादी का माहौल है हमारे घर में हां बाहर जाने की बिलकुल इज़ाज़त नहीं है। जो कुछ करना है वह घर में ही करो यही कहना था मेरी अम्मी का ?
इसीलिए मैं जब जवान हुई तो घर के लड़कों के ही लण्ड पकड़ने लगी। लड़के भी मेरी चूंचियां पकड़ने लगे। घर में खाला का लड़का फूफी का लड़का दोनों साले मुझे लण्ड पकड़ाने लगे और मैं उनके कहने पर चूसने लगी उनके लण्ड ? वो भी मसलने लगे मेरी चूचियाँ और चाटने लगे मेरी चूत। धीरे धीरे एक ने एक दिन मेरी चूत में अपना लण्ड पेल दिया। मैंने चुदवा लिया । उस समय मैं १९ साल की थी। मैं डर रही थी की कहीं अम्मी डाँट न दें ? तब मैंने हिम्मत करके एक दिन अम्मी से सच्ची बात बता दी। वह नाराज़ नहीं हुई बल्कि बोली सकीना अब तुम सायानी हो गयी हो। लण्ड पकड़ना बुरी बात नहीं है अच्छी बात है। बुर चुदवाना बुरी बात नहीं है अच्छी बात है। जवानी में यह सब करना पड़ता है. नहीं करोगी तो यह सब बहन चोद अपने आप हो जायेगा । इसलिए परेशान न हो खूब एन्जॉय करो। कोई मोटा लण्ड हो तो मुझे भी बताना ?
अम्मी से बात करके मन हल्का हो गया और मैं निडर भी हो गयी। अम्मी की यह बात की "कोई मोटा लण्ड हो तो मुझे बताना" मेरे दिल में बैठ गयी। मैं सोंचने लगी की अम्मी मोटे लण्ड का क्या करेंगीं ? बहरहाल अम्मी ने जिस तरह से मुझे समझाया तो उसी तरह बातें भी करने लगी। धीरे धीरे गालियां भी देने लगी। एक दिन मैंने मामू जान का लौड़ा पकड़ लिया और उससे चुदवा लिया। एक दिन और खालू का लौड़ा हाथ में आ गया। मैंने उससे भी चुदवाया। मुझे महसूस हुआ की बड़े लोगों के लण्ड शायद बड़े बड़े होते हैं। मेरी मस्त मस्त बातें सुनकर समीना के मियां का लौड़ा और तन गया। और मोटा गया बहन चोद। मैंने उसे अपनी बुर में घुसेड़ लिया और फिर मजे से अपनी गांड उठा उठा के चदुवाने लगी।
समीना बोली यार मेरी कहानी कुछ अलग तरह की है. मेरी अम्मी नहीं है खाला हैं। वही मेरी सब कुछ हैं। मैं जब १९ साल की हुई तो एक दिन सवेरे सवेरे आँगन में बैठी खजाला के आठ बैठी हुई थी। खाला सब्जी काट रहीं थी। तभी उसका देवर यानी मेरा छोटा खालू तौलिया लपेटे हुए आ गया। खाला बोली अरे वो भोसड़ी के अब्बास इधर मेरे सामने आ। वह आ गया। खाला ने चाकू रख दिया और लपक कर उसकी तौलिया खींच ली। वह एकदम नंगा हो गया। उसका लटकता हुआ लण्ड मेरे सामने आ गया। खाला लण्ड पकड़ा और बोली देख मादर चोद अब्बास यहाँ तेरी भाभी बैठी है। एक जवान लड़की बैठी है उसके सामने तुझे तौलिया लपेटने की क्या जरुरत है। नंगा नंगा नहीं आ सकता हमारे सामने ? मेरी हंसी छूट गयी। तब खाला ने लण्ड मुहे पकड़ा दिया और बोली ले बुर चोदी समीना पकड़ इसका लण्ड और मुंह में लेकर चूस। मैं देखना चाहती हूँ की तू लण्ड ठीक से चूस लेती है की नहीं ? मैं थोड़ा शरमाई तो वह फिर बोली भोसड़ी की समीना इतनी बड़ी हो गयी है तू और तेरी चूंचियां अभी भी शरमायेगी तो जवानी का मज़ा कब लेगी ? चल जल्दी से चूसना शुरू कर। अभी यही लौड़ा मैं तेरी चूत में पेलूँगी। तुझे चुदवाना सिखाऊंगी। .
उसकी कहानी का सबने एन्जॉय किया और समीना के हाथ में मेरे मियां का लण्ड ग़ुलांचे मारने लगा।
तब तक सबीना बोली यार मेरी भी एक छोटी सी कहानी है। मैं जब १९ साल की हुई तो बड़ी बड़ी चूंचियों वाली हो गयी थी। मेरी झांटें घनी घनी हो गयीं थी। मेरी चूत उभर आई थी और मेरे चूतड़ भी बाहर निकल आये थे। मेरी अम्मी बड़ी मस्त और मजाकिया किस्म की हैं। सबसे मजाक करतीं है और गालियां खूब देतीं हैं। गर्मी का मौसम था. एक दिन अम्मी ने आवाज़ दी अरी वो बुर चोदी सबीना ज़रा मेरे कमरे में आना। मैं जब पहुंची तो देखा की वह एकदम नंगी नंगी एक आदमी का लौड़ा हिला रही है। लौड़ा देख कर तो मेरी गांड भी फट गयी और मेरी चूत में आग भी लग गयी। अम्मी ने बड़ी बेशर्मी से कहा अरी जा बाथ रूम से झांटें बनाने वाला रेज़र उठा ला. मैं रेज़र ले आई तो वह बोली ले भोसड़ी की पकड़ इसका लौड़ा, मैं इसकी झांटें बना देती हूँ।
मैं जब लण्ड पकड़ने लगी तो उसने कहा अरी देख रही हूँ तू की यहाँ मैं नंगी बैठी हूँ, तेरा मादर चोद अंकल नंगा बैठा है तो तू नंगी नहीं हो सकती ? चल पहलेअपने सारे कपड़े उतार और नंगी हो कर लौड़ा पकड़ ? मैंने वही किया। अम्मी ने फिर आहिस्ते आहिस्ते सारी झांटें छील दी और फिर मुझसे कहा अब तू जा इसे बाथ रूम ले जा और लौड़े को साबुन लगा के नहला कर ले आ। मैं जब लौड़े पर साबुन लगाने लगी तो लौड़ा और टन्ना गया। मैं मज़ा ले कर लौड़ा धोने लगी। जब वह धुल गया तो बड़ा खूबसूरत और प्यार लगने लगा। मेरा मुंहअपने आप खुल गया और मैं लण्ड मुंह में लेकर चूसने लगी। तब तक अम्मीआ गयी और बोली शाबाश सबीना यही मैं चाहती थी। खूब चूसो लण्ड मेरी बेटी। खूब मज़ा करो। जवानी का पूरा मज़ा लण्ड में ही है पगली। मैं अभी इसे तेरी चूत में पेलूँगी। तुम मेरे सामने चुदवाना। फिर तुम यही लौड़ा मेरे भोसड़ा में पेलना। मैं तेरे सामने चुदवाऊँगी।
हम तीनो की कहानी बड़ी सेक्सी और मजेदार थी। सबके लण्ड मस्ती से और टन टनाने लगे। हम तीनो मस्ती से चुदवाने लगीं।
मैंने कहा :- समीना तेरे मियां का लण्ड बड़ा सॉलिड है यार। देखो न कितना बढ़िया चोद रहा है मेरी बुर ?
समीना :- मुझे तो सबीना के मिया का लौड़ा पसंद आ गया। देखो साला मुझे अपनी बीवी समझ कर कितने प्यार से चोद रहा है। मेरी चूत भी उसे बराबर टक्कर दे रही है।
सबीना :- यार सकीना तेरे मरद का लौड़ा साला घोड़े के लौड़े की तरह है ? आगे से भी चोदताा है बहन चोद और पीछे से भी ? मैं तो इसे किसी दिन अपनी माँ के भोसड़ा में भी पेलूँगी।
इस तरह हम तीनो गन्दी गन्दी बातें करती हुई मजे से चुदवाने में जुट गयीं।
थोड़ी देर में मेरा मियां आरिफ बोला अरे यार पहले तो मैं अपनी बीवी चुदवाने के मूड में नहीं था। लेकिन अब सफीक की बीवी चोदने में मुझे इतना मज़ा आ रहा है की मैंने मन बना लिया है की जो चाहे वो चोदे मेरी बीवी लेकिन अपनी बीवी मुझसे चुदवा ले। मैंअपनी बीवी किसी से भी चुदवाने के लिए तैयार हूँ। मैं तो अपने दोस्तों से भी कहूँगा की यार मेरी बीवी चोदो। समीना का शौहर बोला यार मैं तो कल ही अपने दोस्त वसीम से अपनी बीवी चुदवाऊँगा। जब वह मेरी बीवी चोदेगा तो अपनी बीवी मुझसे जरूर चुदवा लेगा। सफीक समीना की बुर चोदते हुए बोला की यार मेरे कई दोस्त मुझसे अपनी बीवी चुदवाना चाहते हैं। मैं ही आना कानी कर रहा था। अब मैं सबकी बीवी चोदूंगा और सबसे अपनी बीवी चुदवाऊँगा। मियों की इस तरह की बातें सुनकर बीवियों की चूत और गरमा उठी। सब की सब भोसड़ी वाली मन ही मन बड़ी खुश हो गयी और सोंचने लगीं की अब तो पराये में मर्दों से चुदवाने का रास्ता खुल गया है।
अब यह तो पक्का हो गया की सब के सब मरद दूसरे की बीवी बड़े प्यार से चोद रहें है और सब की सब बीवियां गैर मरद से मस्ती से चदुवा रहीं हैं। बेशर्म हो गए मियां और बेशर्म ही गयीं बीवियां। थोड़ी देर में एक एक करके तीनो लण्ड खलास होने लगे। बीवियों ने बड़े प्यार और मस्ती से झड़ते हुए लण्ड चाटे। उसके बाद नंगे नंगे ही डिनर हुआ हंसी मजाक हुआ खूब गन्दी गन्दी भद्दी भद्दी बातें हुई, मादर चोद, बहन चोद, बेटी चोद, माँ का लौड़ा, बहन का लौड़ा, बिटिया की बुर, बहन की चूत, माँ का भोसड़ा भी हुआ।
फिर शुरू हो गयी चुदाई की दूसरी पारी।
इस पारी मे मैंने सबीना के मियां सफीक का लौड़ा पकड़ लिया।
समीना ने मेरे मियां आरिफ का लौड़ा पकड़ लिया। और
सबीना अमीना के मिया रफीक के लण्ड पर टूट पड़ी।
इस बार बीवी भी बदल गयी और मियां भी। लण्ड भी बदल गया और चूत भी बदल गयी। इसलिए इस बार पहले से ज्यादा चुदाने में और चोदने में मज़ा आने लगा।
उसके बाद हम तीनो बीवियों ने कभी पीछे मुड़ कर नहीं देखा। हमेशा आगे ही बढ़ते रहीं। एक से एक मर्दों के लण्ड पेलती रही अपनी अपनी चूत में और हमारे मियां भी एक से एक चूत में अपना अपना लण्ड पेलते रहे। इस तरह की चुदाई का मज़ा लाजबाब होता है। अगर आपने पहले कभी इसका मज़ा न लिया हो तोअब जरूर ले लीजिये।
आज मेरी बहुत दिनों की तमन्ना पूरी होगी। मैं अपने मरद के सामने पराये मरद से चुदवाने के लिए तड़प रही थी। आज तूने और समीना ने मेरी मुराद पूरी कर दी। आज मैं रात भर तुम दोनों के हसबैंड से भकाभक चुदवाऊँगी।
समीना बोली :- हाय दईया, यही तो मैं भी चाहती थी। मैंने अपने मियां से कई बार कहा की किसी दिन मेरे सामने किसी और की बीवी चोद कर देखो कितना मज़ा आता है ? पहले तो वह नहीं माना लेकिन एक दिन मैंने उसे मना ही लिया और आज देखो भोसड़ा वाले का लौड़ा कैसे फनफना रहा है सकीना तेरे हाथों में ? लगता है की सबकी बुर आज ही चोद डालेगा ?
उधर से सबीना बोली :- हाय सकीना मैं तो शादी के पहले कई लोगों से चुदवाती थी लेकिन शादी के बाद केवल एक लण्ड से काम नहीं चल रहा था। मेरी चूत अक्सर चुदासी रहने लगी। मेरी चूत की आग बुझती ही नहीं थी। मुझे रह रह कर पराये मर्दों के लण्ड की याद आती थी। वह तो अच्छा हुआ की तूने उस दिन मुझसे पूंछ लिया की सबीना तू पराये मरद से चुदवाना चाहती है ? मेरी तो जैसे लाटरी निकल आई और मैंने फ़ौरन हां कर दी। फिर मैंने अपने शौहर को मनाया। पहले तो वह नहीं माना। फिर मैंने एक दिन उससे अपनी सहेली की बुर चुदवा ली। उसे चोदने में बड़ा मज़ा आया। तब उसे समझ में आया की परायी बीवी की बुर चोदना कितना मजेदार होता है ? आज देखो उसका लौड़ा कैसे हिनहिना रहा है बहन चोद ?
मैंने कहा यार मेरी भी कहानी कुछ ऐसी ही है। मैं एक दिन बड़े प्यार से अपने मियां का लौड़ा हिला रही थी। मैं भी नंगी थी और वह भी। वह मेरी चूंची मेरी चूत और मेरी गांड पर भी हाथ बड़े प्यार से फेर रहा था। हम दोनों की मस्ती बढती जा रही थी। मैंने तभी कहा सुनो जी, तुम रोज़ रोज़ मुझे ही चोदा करते हो ? मेरी ही चूत में लण्ड पेला करते हो ? अरे कभी किसी और की बीवी चोदो ?
किसी और की बीवी की बुर में लौड़ा पेलो तब मैं समझूँ की तुम मर्द हो ? अरे अपनी गली का कुत्ता भी शेर होता है बहन चोद ? अपनी बीवी की बुर में लौड़ा पेल पेल कर तेरा लौड़ा कुत्ता ही रहेगा कभी शेर नहीं बन पायेगा। शेर तो तब बनेगा जब इसे किसी और की बीवी की बुर में पेलोगे ? मैं तो कहती हूँ की तुम मेरे आगे दूसरों की बीवियां भकाभक चोदो।
मैं तो इतने दिनों से इंतज़ार कर रही थी की एक दिन तुम मेरे सामने ही किसी और की बीवी चोदोगे। लेकिन तूने अभी तक एक भी बीवी नहीं चोदी। इसलिए मुझे आज खुल कर कहना पड़ रहा है। अरे यार मैं यह देखना चाहती हूँ की तुम औरों की बीवी चोद लेते हो की नहीं ? अगर तुम वाकई चोद लेते हो तोऔरों की बीवियां तुमसे कैसे चुदवातीं हैं यह भी मैं देखना चाहती हूँ। वैसे मैं तेरे लण्ड की तारीफ करती हूँ लेकिन असली तारीफ तो तब है जब दूसरों की बीवियां तेरे लण्ड की तारीफ करें ? ज़रा सोंचो जब दूसरों की बीवियां तेरे लण्ड की तारीफ मुझसे करेंगीं तो मुझे कितना अच्छा लगेगा ? कितना फक्र होगा मुझे तेरे लण्ड पर। इधर मेरा सीना चौड़ा हो जायेगा उधर तेरा लौड़ा चौड़ा हो जायेगा ?
इस तरह मैं अपने मियां को ललकार रही थी की वह दूसरों की बीवियां चोदना शुरू कर दे ? एक बार उसने चोदना शुरू किया तो फिर मैं धकाधक पराये मर्दों से चुदवाने लगूंगी।बस उसी दिन से मेरे मियां ने मन बना लिया की वह दूसरों की बीवियां चोदेगा और आज देखो उसका लौड़ा सबीना के हाथ में जाकर कितनी मस्ती कर रहा है साला। संभाले संभल नहीं रहा है सबीना से मेरे मिया का लौड़ा ?
इस तरह मैं समीना के मियां रफीक का लौड़ा चाटने लगी, समीना सबीना के मियां सफीक का लौड़ा चाटने लगी और सबीना मेरे मियां आरिफ का लौड़ा ? हम तीनो बीवियां बिलकुल नंगी थी और नंगे थे तीनो भोसड़ी के मरद। हम एक दूसरे को लण्ड चाटते हुए दख रहीं थी। यह पहला मौक़ा था जब हम तीनो एक दूसरे के मरद का लण्ड बड़े प्यार से चाटने चूसने में जुटी थी। एक ही कमरे में आपस में मियां अदल बदल कर चुदवाने का मज़ा लूटने का हमारा प्लान था और आज यह प्लान कामयाब हो रहा है।
दोस्तों, मैं सकीना हूँ। मेरी शादी हो चुकी है और मैं यहां कोलकाता में अपने शौहर के साथ रह रही हूँ। मेरा शौहर एक कंपनी में काम करता है और अभी उसका ट्रांसफर यहाँ हो गया है। मुझे जब पता चला की यहाँ मेरी दो सहेलियां भी हैं तो मैंने उनसे संपर्क किया और खुली खुली बात चीत की जिसका नातेीजा यह है की आज हमारे हाथों में पराये मर्दों के लण्ड हैं और हम तीनो मिलकर एक दूसरे के मियां से चुदवा रहीं हैं। मैं २५ साल की हूँ और मेरा मियां २७ साल का। लगभग यही उम्र है समीना और सबीना की ? मैं जब अपने कुनबे में थी तो बड़ा मज़ा करती थी। बड़ा आज़ादी का माहौल है हमारे घर में हां बाहर जाने की बिलकुल इज़ाज़त नहीं है। जो कुछ करना है वह घर में ही करो यही कहना था मेरी अम्मी का ?
इसीलिए मैं जब जवान हुई तो घर के लड़कों के ही लण्ड पकड़ने लगी। लड़के भी मेरी चूंचियां पकड़ने लगे। घर में खाला का लड़का फूफी का लड़का दोनों साले मुझे लण्ड पकड़ाने लगे और मैं उनके कहने पर चूसने लगी उनके लण्ड ? वो भी मसलने लगे मेरी चूचियाँ और चाटने लगे मेरी चूत। धीरे धीरे एक ने एक दिन मेरी चूत में अपना लण्ड पेल दिया। मैंने चुदवा लिया । उस समय मैं १९ साल की थी। मैं डर रही थी की कहीं अम्मी डाँट न दें ? तब मैंने हिम्मत करके एक दिन अम्मी से सच्ची बात बता दी। वह नाराज़ नहीं हुई बल्कि बोली सकीना अब तुम सायानी हो गयी हो। लण्ड पकड़ना बुरी बात नहीं है अच्छी बात है। बुर चुदवाना बुरी बात नहीं है अच्छी बात है। जवानी में यह सब करना पड़ता है. नहीं करोगी तो यह सब बहन चोद अपने आप हो जायेगा । इसलिए परेशान न हो खूब एन्जॉय करो। कोई मोटा लण्ड हो तो मुझे भी बताना ?
अम्मी से बात करके मन हल्का हो गया और मैं निडर भी हो गयी। अम्मी की यह बात की "कोई मोटा लण्ड हो तो मुझे बताना" मेरे दिल में बैठ गयी। मैं सोंचने लगी की अम्मी मोटे लण्ड का क्या करेंगीं ? बहरहाल अम्मी ने जिस तरह से मुझे समझाया तो उसी तरह बातें भी करने लगी। धीरे धीरे गालियां भी देने लगी। एक दिन मैंने मामू जान का लौड़ा पकड़ लिया और उससे चुदवा लिया। एक दिन और खालू का लौड़ा हाथ में आ गया। मैंने उससे भी चुदवाया। मुझे महसूस हुआ की बड़े लोगों के लण्ड शायद बड़े बड़े होते हैं। मेरी मस्त मस्त बातें सुनकर समीना के मियां का लौड़ा और तन गया। और मोटा गया बहन चोद। मैंने उसे अपनी बुर में घुसेड़ लिया और फिर मजे से अपनी गांड उठा उठा के चदुवाने लगी।
समीना बोली यार मेरी कहानी कुछ अलग तरह की है. मेरी अम्मी नहीं है खाला हैं। वही मेरी सब कुछ हैं। मैं जब १९ साल की हुई तो एक दिन सवेरे सवेरे आँगन में बैठी खजाला के आठ बैठी हुई थी। खाला सब्जी काट रहीं थी। तभी उसका देवर यानी मेरा छोटा खालू तौलिया लपेटे हुए आ गया। खाला बोली अरे वो भोसड़ी के अब्बास इधर मेरे सामने आ। वह आ गया। खाला ने चाकू रख दिया और लपक कर उसकी तौलिया खींच ली। वह एकदम नंगा हो गया। उसका लटकता हुआ लण्ड मेरे सामने आ गया। खाला लण्ड पकड़ा और बोली देख मादर चोद अब्बास यहाँ तेरी भाभी बैठी है। एक जवान लड़की बैठी है उसके सामने तुझे तौलिया लपेटने की क्या जरुरत है। नंगा नंगा नहीं आ सकता हमारे सामने ? मेरी हंसी छूट गयी। तब खाला ने लण्ड मुहे पकड़ा दिया और बोली ले बुर चोदी समीना पकड़ इसका लण्ड और मुंह में लेकर चूस। मैं देखना चाहती हूँ की तू लण्ड ठीक से चूस लेती है की नहीं ? मैं थोड़ा शरमाई तो वह फिर बोली भोसड़ी की समीना इतनी बड़ी हो गयी है तू और तेरी चूंचियां अभी भी शरमायेगी तो जवानी का मज़ा कब लेगी ? चल जल्दी से चूसना शुरू कर। अभी यही लौड़ा मैं तेरी चूत में पेलूँगी। तुझे चुदवाना सिखाऊंगी। .
उसकी कहानी का सबने एन्जॉय किया और समीना के हाथ में मेरे मियां का लण्ड ग़ुलांचे मारने लगा।
तब तक सबीना बोली यार मेरी भी एक छोटी सी कहानी है। मैं जब १९ साल की हुई तो बड़ी बड़ी चूंचियों वाली हो गयी थी। मेरी झांटें घनी घनी हो गयीं थी। मेरी चूत उभर आई थी और मेरे चूतड़ भी बाहर निकल आये थे। मेरी अम्मी बड़ी मस्त और मजाकिया किस्म की हैं। सबसे मजाक करतीं है और गालियां खूब देतीं हैं। गर्मी का मौसम था. एक दिन अम्मी ने आवाज़ दी अरी वो बुर चोदी सबीना ज़रा मेरे कमरे में आना। मैं जब पहुंची तो देखा की वह एकदम नंगी नंगी एक आदमी का लौड़ा हिला रही है। लौड़ा देख कर तो मेरी गांड भी फट गयी और मेरी चूत में आग भी लग गयी। अम्मी ने बड़ी बेशर्मी से कहा अरी जा बाथ रूम से झांटें बनाने वाला रेज़र उठा ला. मैं रेज़र ले आई तो वह बोली ले भोसड़ी की पकड़ इसका लौड़ा, मैं इसकी झांटें बना देती हूँ।
मैं जब लण्ड पकड़ने लगी तो उसने कहा अरी देख रही हूँ तू की यहाँ मैं नंगी बैठी हूँ, तेरा मादर चोद अंकल नंगा बैठा है तो तू नंगी नहीं हो सकती ? चल पहलेअपने सारे कपड़े उतार और नंगी हो कर लौड़ा पकड़ ? मैंने वही किया। अम्मी ने फिर आहिस्ते आहिस्ते सारी झांटें छील दी और फिर मुझसे कहा अब तू जा इसे बाथ रूम ले जा और लौड़े को साबुन लगा के नहला कर ले आ। मैं जब लौड़े पर साबुन लगाने लगी तो लौड़ा और टन्ना गया। मैं मज़ा ले कर लौड़ा धोने लगी। जब वह धुल गया तो बड़ा खूबसूरत और प्यार लगने लगा। मेरा मुंहअपने आप खुल गया और मैं लण्ड मुंह में लेकर चूसने लगी। तब तक अम्मीआ गयी और बोली शाबाश सबीना यही मैं चाहती थी। खूब चूसो लण्ड मेरी बेटी। खूब मज़ा करो। जवानी का पूरा मज़ा लण्ड में ही है पगली। मैं अभी इसे तेरी चूत में पेलूँगी। तुम मेरे सामने चुदवाना। फिर तुम यही लौड़ा मेरे भोसड़ा में पेलना। मैं तेरे सामने चुदवाऊँगी।
हम तीनो की कहानी बड़ी सेक्सी और मजेदार थी। सबके लण्ड मस्ती से और टन टनाने लगे। हम तीनो मस्ती से चुदवाने लगीं।
मैंने कहा :- समीना तेरे मियां का लण्ड बड़ा सॉलिड है यार। देखो न कितना बढ़िया चोद रहा है मेरी बुर ?
समीना :- मुझे तो सबीना के मिया का लौड़ा पसंद आ गया। देखो साला मुझे अपनी बीवी समझ कर कितने प्यार से चोद रहा है। मेरी चूत भी उसे बराबर टक्कर दे रही है।
सबीना :- यार सकीना तेरे मरद का लौड़ा साला घोड़े के लौड़े की तरह है ? आगे से भी चोदताा है बहन चोद और पीछे से भी ? मैं तो इसे किसी दिन अपनी माँ के भोसड़ा में भी पेलूँगी।
इस तरह हम तीनो गन्दी गन्दी बातें करती हुई मजे से चुदवाने में जुट गयीं।
थोड़ी देर में मेरा मियां आरिफ बोला अरे यार पहले तो मैं अपनी बीवी चुदवाने के मूड में नहीं था। लेकिन अब सफीक की बीवी चोदने में मुझे इतना मज़ा आ रहा है की मैंने मन बना लिया है की जो चाहे वो चोदे मेरी बीवी लेकिन अपनी बीवी मुझसे चुदवा ले। मैंअपनी बीवी किसी से भी चुदवाने के लिए तैयार हूँ। मैं तो अपने दोस्तों से भी कहूँगा की यार मेरी बीवी चोदो। समीना का शौहर बोला यार मैं तो कल ही अपने दोस्त वसीम से अपनी बीवी चुदवाऊँगा। जब वह मेरी बीवी चोदेगा तो अपनी बीवी मुझसे जरूर चुदवा लेगा। सफीक समीना की बुर चोदते हुए बोला की यार मेरे कई दोस्त मुझसे अपनी बीवी चुदवाना चाहते हैं। मैं ही आना कानी कर रहा था। अब मैं सबकी बीवी चोदूंगा और सबसे अपनी बीवी चुदवाऊँगा। मियों की इस तरह की बातें सुनकर बीवियों की चूत और गरमा उठी। सब की सब भोसड़ी वाली मन ही मन बड़ी खुश हो गयी और सोंचने लगीं की अब तो पराये में मर्दों से चुदवाने का रास्ता खुल गया है।
अब यह तो पक्का हो गया की सब के सब मरद दूसरे की बीवी बड़े प्यार से चोद रहें है और सब की सब बीवियां गैर मरद से मस्ती से चदुवा रहीं हैं। बेशर्म हो गए मियां और बेशर्म ही गयीं बीवियां। थोड़ी देर में एक एक करके तीनो लण्ड खलास होने लगे। बीवियों ने बड़े प्यार और मस्ती से झड़ते हुए लण्ड चाटे। उसके बाद नंगे नंगे ही डिनर हुआ हंसी मजाक हुआ खूब गन्दी गन्दी भद्दी भद्दी बातें हुई, मादर चोद, बहन चोद, बेटी चोद, माँ का लौड़ा, बहन का लौड़ा, बिटिया की बुर, बहन की चूत, माँ का भोसड़ा भी हुआ।
फिर शुरू हो गयी चुदाई की दूसरी पारी।
इस पारी मे मैंने सबीना के मियां सफीक का लौड़ा पकड़ लिया।
समीना ने मेरे मियां आरिफ का लौड़ा पकड़ लिया। और
सबीना अमीना के मिया रफीक के लण्ड पर टूट पड़ी।
इस बार बीवी भी बदल गयी और मियां भी। लण्ड भी बदल गया और चूत भी बदल गयी। इसलिए इस बार पहले से ज्यादा चुदाने में और चोदने में मज़ा आने लगा।
उसके बाद हम तीनो बीवियों ने कभी पीछे मुड़ कर नहीं देखा। हमेशा आगे ही बढ़ते रहीं। एक से एक मर्दों के लण्ड पेलती रही अपनी अपनी चूत में और हमारे मियां भी एक से एक चूत में अपना अपना लण्ड पेलते रहे। इस तरह की चुदाई का मज़ा लाजबाब होता है। अगर आपने पहले कभी इसका मज़ा न लिया हो तोअब जरूर ले लीजिये।
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