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मैं परायी बीवी हूँ मुझे चोदो - Mujhe paraye mard ka lund chahiye
मैं परायी बीवी हूँ मुझे चोदो - Mujhe paraye mard ka lund chahiye , पतिव्रता बीवी को गैर मर्द से चुदवाने की तमन्ना , कितना तड़पा रहे हो चोदो न मुझे , कहती है मुझे सिर्फ़ मेरे पति का लंड चाहिए , पराये मर्द से सम्भोग , मेरी बीवी को किसी और मर्द के साथ चुदाई करते देखा.
आज इतवार का दिन है। मैं देर से उठी और देर से नास्ता किया। फिर देर से बाथ रूम गयी, अपनी झांटें बनाईं और फिर नहा धोकर बाहर निकली। इस समय दिन के ११ बजे हैं । गर्मी का मौसम है । मैं अपनी चूंचियों तक तौलिया लपेट कर बाहर आ गयी । मेरे बालों से पानी टपक रहा है । इतने में किसी ने दरवाजा खटखटा दिया। मैंने बड़े आहिस्ते से दरवाजा खोला तो देखा की बाहर दो लड़के खड़े हैं। मैंने कहा अरे राका और असद तुम what a nice surprise ! please come inside . वे दोनों आ गए और मैने उन्हें कमरे में बैठा लिया। फिर मैं अंदर गयी, पेटीकोट पहना, मेरी चूंचियां नंगी ही रही बस मैंने एक चुन्नी ऊपर से ओढ़ ली और व्हिक्सी की बोतल ले कर आ गयी। मुझे मालूम है की वे दोनों शराब पीते हैं और उन्हें मालूम है की मैं भी शराब पीती हूँ। हमने चियर्स कहा और मस्ती से पीने लगे व्हिस्की।
दोस्तों, अब मैं आपको अपनी असलियत बताने जा रही हूँ। मैं काजल हूँ २८ साल की एक मद मस्त लड़की। मेरी शादी नहीं हुई है। मैं अभी भी बिन ब्याही हूँ, कुंवारी हूँ। लेकिन मैंने अपना रहन सहन एक बिवाहित लड़की जैसा बना लिया है। मैं १५ साल की उम्र में ही लण्ड पकड़ने लगी थी। मुझे लण्ड पकड़ने की, लण्ड चूमने चाटने की, लण्ड चूसने की और लण्ड पीने की जबरदस्त आदत है। मैं हर रोज़ २/३ लण्ड पीती हूँ, उन्हें अपनी चूत में घुसेड़ कर चुदवाती हूँ। बिना २/३ लण्ड चूत में पेले मैं सोती नहीं हूँ । एक बात और बता रही हूँ की मुझे नये नये लण्ड पीने का भी बड़ा गज़ब का शौक है। मैं घर छोड़ कर यहाँ नौकरी कर रही हूँ और अकेली रहती हूँ। मैंने देखा की शादी शुदा लड़की को लण्ड आसानी से मिल जातें हैं। इसलिए मैं नकली बीवी बन गयी। लोगों को मालूम है की मेरा पति विदेश में रहता है और कभी कभी आता है लेकिन आजतक किसी ने मेरा पति देखा ही नहीं ? अब हो तो कोई देखे ? यहाँ तो है ही नहीं कोई मेरा पति तो देखेगा क्या बाबा जी का लण्ड ?
अब मैं भाभी बन कर सब लोगों के लण्ड बड़े प्यार से पकड़ती हूँ और अपनी चूत में पेल पेल कर धकाधक चुदवाती हूँ। ६० /६० साल के मरद मुझे भाभी भाभी कहते हुए मेरी बुर चोद कर चले जातें हैं। अभी तक तो मैं उन्हें बुड्ढा समझती थी लेकिन उनके लण्ड मादर चोद अभी भी बड़े सख्त होतें है और मोटे तगड़े होतें हैं। बड़ी देर तक चोदा करते हैं भोसड़ी वाले। मुझे पहले खलास कर देतें है। अब तो मैं बड़े उम्र वाले लोगों से खूब मजे से चुदवाती हूँ। ऐसा कह कर मैंने राका का लौड़ा अपनी बुर में पेल लिया। मैं चुदवाने लगी। उधर असद का लौड़ा मुंह में लेकर चूसने लगी।
राका का लण्ड मेरी चूत में अंदर घुस कर चोट कर रहा था। इधर असद का लौड़ा भी आधे से अधिक मेरे मुंह में घुस जाता था। मुझे दो दो लण्ड का मज़ा एकसाथ मिलने लगा। थोड़ी देर बाद मैंने असद का लौड़ा चूत में पेला और राका का लौड़ा मुंह में। लण्ड की जगह अदल बदल कर चुदवाने में बड़ा मज़ा आता है। मैं दोनों लौड़ों का पूरा मज़ा लेने में जुटी हुई थी। इतने में राका ने लण्ड मेरी चूंचियों के बीच घुसा दिया। मैं चूंचियां चुदवाने लगी। मेरी बड़ी बड़ी चूंचियां भी मद मस्त हो गयीं। जब मोटे तगड़े लण्ड मिलतें है तो चूंचियां भी भोसड़ी की फूल जातीं हैं। तब तक असद मुझे पीछे से चोदने लगा। राका मेरे आगे नंगा लण्ड खड़ा करके लेट गया और मैं उसका लण्ड झुक कर चूसन लगी। मैं मन ही मन कविता की तारीफ कर रही थी।
मैंने पूंछा तुम लोग कविता की बुर भी ऐसे ही चोदते होगे ? असद बोला हां यार वह भी माँ की लौड़ी इसी तरह चुदवाती है। मुझे तो उसकी चूत और तेरी चूत में कोई ख़ास फरक नहीं दिखाई पड़ता ? वह भी गाली देने में माहिर है और तुम भी। वह भी बुर देने में मस्त है और तुम भी बुर देने में मस्त हो काजल ? चोदने का मज़ा तभी आता है जब चुदवाने वाली मन से चुदवाये। इतने में राका बोला यार मैं निकलने वाला हूँ। मैंने कहा हां मैं भी ढीली होने वाली हूँ। राका ने जल्दी जल्दी कई धक्के मारे तो मेरी चूत बोल गयी। उधर राका का लौड़ा मेरे सामने आ गया। मैं उसका सड़का मारने लगी और लौड़े ने उगल दिया मेरे मुंह में ? मैं पी गयी मस्ती से। थोड़ी देर में असद का लौड़ा भी पिचकारी मारने लगा।
दोस्तों, आपको एक बात तो बताना भूल ही गयी। कविता भी बुर चोदी भाभी बन कर चुदवाती है। उसकी भी अभी शादी नहीं हुई है। लेकिन वह भी मेरी तरह किसी की बीवी बन कर घूमती रहती है और सबको अपना देवर बनाकर रखते है।
अब आगे की कहानी आप उसके मुंह से सुनिए :-
मेरे बारे में तो आपको बहुत कुछ मालूम ही हो गया है। मैं भी कविता की लण्ड की दीवानी हूँ। लण्ड मेरी जान है जान। मैं २/३ लण्ड रोज़ लेती हूँ। कभी मुंह में, कभी चूत में, कभी गांड में, कभी चूंचियों के बीच। लण्ड चोदना और बुर चुदाना मेरी हॉबी है। उस दिन जब मैंने दरवाजा खोला तो देखा की सामने एक अधेड़ उम्र का आदमी खड़ा है। देखने में वह एकदम गोरा चिट्टा, हट्टा कट्टा स्मार अहुर हैंडसम दिख रहा था। मैंने उसे इशारे से अंदर बुलाया और सोफे पर बैठा लिया। मैं उस समय एक ढीली ढाली मैक्सी पहने हुई थी जिससे मेरी आधी चूंचियां बिलकुल साफ दिखाई पड़ रही थीं। मैंने झुक कर उसके सामने पानी का गिलास रखा तो उसने चूंचियां अंदर तक देख लीं। मैंने पूंछा आप चाय काफी या फिर व्हिस्की वगैरह लेगें। वह बोला जो आप लेती है मैं वही लूंगा। मैं बोली की मैं तो व्हिक्सी पीती हूँ। बस हम दोनों व्हिस्की पीने लगे।
वह बोला :- भाभी तेरी चूत बिलकुल काजल की चूत की तरह है। बड़ी रशीली और मक्खन मलाई जैसी।
मैंने कहा :- तेरा लौड़ा भी बड़ा टेस्टी है यार ? इतना प्यारा लौड़ा बहुत कम लोगों का होता है।
थोड़ी देर के बाद उसने गप्प से पेल दिया लण्ड मेरी चूत में और चोदने लगा। मैं भी एक रंडी की तरह भकाभक चुदवाने लगी। मैंने सोंच लिया की आज रात भर इससे चुदवाऊँगी। मैं अपनी गांड उछाल उछाल कर चुदवाने का मज़ा लेने लगी। वह भी धक्के पे धक्का मारने लगा। उसने मुझे आगे से पीछे से अगल से बगल से हर तरफ से चोदा। मैं मन ही मन काजल की तारीफ करती जा रही थी। उसने मुझे इस तरह का लण्ड दिया है। अब मैं भी उसे एक मस्ताना लण्ड दूँगी जो उसकी चूत का बाजा अच्छी तरह बजा सके।
तो देखाआपने मेरी दोस्त कविता की मादक चुदाई।
दूसरे दिन मैने उससे कहा :- भोसड़ी की कविता आज रात को मेरे घर आना अपने दो देवरों के साथ। मैं रात भर तेरे दोनों देवरों से एक साथ चुदवाऊँगी। इधर मेरे भी दो देवर आ रहें हैं। वो दोनों रात भर तुम्हे चोदेंगें ? मेरे देवर मेरे सामने तेरी बुर चोदेंगें और तेरे देवर तेरे सामने मेरी बुर चोदेंगें।
उसने कहा :- यार मैं आज रात को बुर चुदवाने के साथ साथ गांड भी मरवाऊँगी। बहुत दिन हो गये गांड मराये हुए ?
मैंने कहा :- हां यार तो फिर मैं भी गांड मरवाऊँगी, अपनी चूंचियां चुदवाऊँगी, लण्ड का सड़का मारूंगी और लण्ड पियूंगी। रात भर लूटूँगी जवानी का मज़ा और लण्ड का मज़ा ?
उस रात मेरे घर में एक जबरदस्त सेक्स पार्टी हो गयी। मेरी एक और सहेली पूजा भी भोसड़ी वाली आ गयी। उसने भी सबसे और सबके सामने भकाभक चुदवाया।
- मैंने कहा तुम लोगों को मेरे घर ढूंढने में कोई परेशान तो नहीं हुई ?
- राका ने कहा नहीं बिलकुल नहीं, मुझे कविता ने रास्ता बता दिया था और फिर मेरे पास आपका पता था।
- मैंने पूंछा की कविता भोसड़ी की कैसी है ?
- राका ने बताया वह तो बिलकुल मस्त है, बिंदास है और हंसमुख है। मुझे तो बड़ा मज़ा आता है उसके साथ ? उसी ने मुझे आपके बारे में बताया ?
- क्या बताया तुम्हे उस बुर चोदी ने मेरे बारे में ?
- यही की आप बहुत हसींन है, सेक्सी है और हॉट हैं ?
- अच्छा ऐसा कहा उसने मेरे बारे में ? मैं तो कविता से ज्यादा हसींन और हॉट किस को समझती ही नहीं ? और हां मैंने ही उससे कहा था मुझे कुछ हॉट लड़के चाहये। तभी शायद उसने तुम दोनों को भेजा है ?
- वाओ, अच्छा तो यह बात है। कविता मेम हमें हॉट समझतीं है। ये तो हमारे लिए बड़े गर्व की बात है काजल मेम ?
- मेम की माँ का भोसड़ा ? मेम बहन की बुर ? यार, मैं यहाँ सिर्फ काजल हूँ। हां तुम मुझे भोंसड़ी की काजल, बुर चोदी काजल, माँ की लौड़ी बहन की लौड़ी काजल आदि आदि कह सकते हो। मैं गालियां देने जितना एन्जॉय करती हूँ उतना गालियां सुनना भी। जब कोई मुझे प्यार से गालियां देता है तो मेरा मन होता है की मैं दौड़ कर उसका लौड़ा पकड़ लूँ ? मुझे लौड़ा पकड़ना बहुत अच्छा लगता है ? मैं हर एक लण्ड से प्यार करती हूँ। हर एक लण्ड चूमना, चाटना और चूसना चाहती हूँ। मैंने तुम दोनों को इसीलिए बुलाया है ? एक बात और समझ लो। मैं एक शादी शुदा औरत हूँ। मेरी मांग में सिन्दूर है, हाथों में चूड़ियाँ हैं, माथे में बिंदी है और गले में मंगल सूत्र है। इसलिए मैं तेरी भाभी हूँ। तेरी ही नहीं मैं सबकी भाभी हूँ। भाभी होने के नाते तुम सब लोग मेरे देवर हो। यही रिस्ता मैं सबसे बना कर रखती हूँ चाहे कोई भी हो। छोटा हो, बड़ा हो बड़ी उम्र का हो, मेरे बाप के बराबर हो पर मैं सबको अपना देवर मानती हूँ और देवर कहती भी हूँ और वैसे ही सबके सामने पेश भी आती हूँ। सब भोसड़ी के मेरे देवर हैं और मैं सबकी बुर चोदी भाभी हूँ। भाभी देवर का रिस्ता होता ही है चोदा चोदी का ? मैं सबसे यही कहती हूँ की मैं तेरी भाभी हूँ, मुझे चोदो ? आज तुम दोनों भी मुझे चोदोगे। मैंने तुम्हे चोदने के लिए ही बुलाया है।
- राका ने कहा हां हमें मालूम है। कविता ने साफ़ साफ़ हमसे कह दिया था की तुम लोग काजल को चोद कर ही वापस आना ? इसलिए हम बिना तुम्हे चोदे यहाँ से जायेंगें नहीं ?
दोस्तों, अब मैं आपको अपनी असलियत बताने जा रही हूँ। मैं काजल हूँ २८ साल की एक मद मस्त लड़की। मेरी शादी नहीं हुई है। मैं अभी भी बिन ब्याही हूँ, कुंवारी हूँ। लेकिन मैंने अपना रहन सहन एक बिवाहित लड़की जैसा बना लिया है। मैं १५ साल की उम्र में ही लण्ड पकड़ने लगी थी। मुझे लण्ड पकड़ने की, लण्ड चूमने चाटने की, लण्ड चूसने की और लण्ड पीने की जबरदस्त आदत है। मैं हर रोज़ २/३ लण्ड पीती हूँ, उन्हें अपनी चूत में घुसेड़ कर चुदवाती हूँ। बिना २/३ लण्ड चूत में पेले मैं सोती नहीं हूँ । एक बात और बता रही हूँ की मुझे नये नये लण्ड पीने का भी बड़ा गज़ब का शौक है। मैं घर छोड़ कर यहाँ नौकरी कर रही हूँ और अकेली रहती हूँ। मैंने देखा की शादी शुदा लड़की को लण्ड आसानी से मिल जातें हैं। इसलिए मैं नकली बीवी बन गयी। लोगों को मालूम है की मेरा पति विदेश में रहता है और कभी कभी आता है लेकिन आजतक किसी ने मेरा पति देखा ही नहीं ? अब हो तो कोई देखे ? यहाँ तो है ही नहीं कोई मेरा पति तो देखेगा क्या बाबा जी का लण्ड ?
अब मैं भाभी बन कर सब लोगों के लण्ड बड़े प्यार से पकड़ती हूँ और अपनी चूत में पेल पेल कर धकाधक चुदवाती हूँ। ६० /६० साल के मरद मुझे भाभी भाभी कहते हुए मेरी बुर चोद कर चले जातें हैं। अभी तक तो मैं उन्हें बुड्ढा समझती थी लेकिन उनके लण्ड मादर चोद अभी भी बड़े सख्त होतें है और मोटे तगड़े होतें हैं। बड़ी देर तक चोदा करते हैं भोसड़ी वाले। मुझे पहले खलास कर देतें है। अब तो मैं बड़े उम्र वाले लोगों से खूब मजे से चुदवाती हूँ। ऐसा कह कर मैंने राका का लौड़ा अपनी बुर में पेल लिया। मैं चुदवाने लगी। उधर असद का लौड़ा मुंह में लेकर चूसने लगी।
राका का लण्ड मेरी चूत में अंदर घुस कर चोट कर रहा था। इधर असद का लौड़ा भी आधे से अधिक मेरे मुंह में घुस जाता था। मुझे दो दो लण्ड का मज़ा एकसाथ मिलने लगा। थोड़ी देर बाद मैंने असद का लौड़ा चूत में पेला और राका का लौड़ा मुंह में। लण्ड की जगह अदल बदल कर चुदवाने में बड़ा मज़ा आता है। मैं दोनों लौड़ों का पूरा मज़ा लेने में जुटी हुई थी। इतने में राका ने लण्ड मेरी चूंचियों के बीच घुसा दिया। मैं चूंचियां चुदवाने लगी। मेरी बड़ी बड़ी चूंचियां भी मद मस्त हो गयीं। जब मोटे तगड़े लण्ड मिलतें है तो चूंचियां भी भोसड़ी की फूल जातीं हैं। तब तक असद मुझे पीछे से चोदने लगा। राका मेरे आगे नंगा लण्ड खड़ा करके लेट गया और मैं उसका लण्ड झुक कर चूसन लगी। मैं मन ही मन कविता की तारीफ कर रही थी।
मैंने पूंछा तुम लोग कविता की बुर भी ऐसे ही चोदते होगे ? असद बोला हां यार वह भी माँ की लौड़ी इसी तरह चुदवाती है। मुझे तो उसकी चूत और तेरी चूत में कोई ख़ास फरक नहीं दिखाई पड़ता ? वह भी गाली देने में माहिर है और तुम भी। वह भी बुर देने में मस्त है और तुम भी बुर देने में मस्त हो काजल ? चोदने का मज़ा तभी आता है जब चुदवाने वाली मन से चुदवाये। इतने में राका बोला यार मैं निकलने वाला हूँ। मैंने कहा हां मैं भी ढीली होने वाली हूँ। राका ने जल्दी जल्दी कई धक्के मारे तो मेरी चूत बोल गयी। उधर राका का लौड़ा मेरे सामने आ गया। मैं उसका सड़का मारने लगी और लौड़े ने उगल दिया मेरे मुंह में ? मैं पी गयी मस्ती से। थोड़ी देर में असद का लौड़ा भी पिचकारी मारने लगा।
दोस्तों, आपको एक बात तो बताना भूल ही गयी। कविता भी बुर चोदी भाभी बन कर चुदवाती है। उसकी भी अभी शादी नहीं हुई है। लेकिन वह भी मेरी तरह किसी की बीवी बन कर घूमती रहती है और सबको अपना देवर बनाकर रखते है।
अब आगे की कहानी आप उसके मुंह से सुनिए :-
मेरे बारे में तो आपको बहुत कुछ मालूम ही हो गया है। मैं भी कविता की लण्ड की दीवानी हूँ। लण्ड मेरी जान है जान। मैं २/३ लण्ड रोज़ लेती हूँ। कभी मुंह में, कभी चूत में, कभी गांड में, कभी चूंचियों के बीच। लण्ड चोदना और बुर चुदाना मेरी हॉबी है। उस दिन जब मैंने दरवाजा खोला तो देखा की सामने एक अधेड़ उम्र का आदमी खड़ा है। देखने में वह एकदम गोरा चिट्टा, हट्टा कट्टा स्मार अहुर हैंडसम दिख रहा था। मैंने उसे इशारे से अंदर बुलाया और सोफे पर बैठा लिया। मैं उस समय एक ढीली ढाली मैक्सी पहने हुई थी जिससे मेरी आधी चूंचियां बिलकुल साफ दिखाई पड़ रही थीं। मैंने झुक कर उसके सामने पानी का गिलास रखा तो उसने चूंचियां अंदर तक देख लीं। मैंने पूंछा आप चाय काफी या फिर व्हिस्की वगैरह लेगें। वह बोला जो आप लेती है मैं वही लूंगा। मैं बोली की मैं तो व्हिक्सी पीती हूँ। बस हम दोनों व्हिस्की पीने लगे।
- वह बोला मैं अनवर हूँ मुझे काजल ने भेजा है।
- वाओ, तो आप मुस्लिम हैं। वैसे बिना बताये कोई आपको मुस्लिम कह नहीं सकता ? लेकिन चिंता न करो मुझे मुस्लिम लोग बहुत पसंद हैं।
- तब तो बहुत अच्छा है। मैं मुस्लिम जरूर हूँ लेकिन मैं मुस्लिमों की तरह रहता नहीं हूँ। मेरा रहन सहन बिलकुल अलग है।
- वह तो मैं आपको देख कर ही कह सकती हूँ। मैं आपको सच सच बता रही हूँ की मुझे मुस्लिम लण्ड बहुत पसंद है। कटा लण्ड बड़ा साफ़ सुथरा होता है और मुझे उसका सुपाड़ा बड़ा खूबसूरत लगता है। यह बात मेरी सहेली काजल अच्छी तरह जानती है।
- अरे काजल ने ही मुझे आपके पास भेजा है।
- अरे वाह ! काजल बुर चोदी बड़ी अच्छी दोस्त है मेरी। मेरा बहुत ख्याल रखती है। इसका मतलब तुम काजल की बुर लेते हो अनवर। भोसड़ी के तुम हो बड़ी उम्र के और चोदते हो अपनी बेटी के उम्र की चूत ? बड़े सयाने हो तुम। शक्ल से तो बड़े शरीफ लगते हो लेकिन अंदर से हो बड़े रंगीन भोसड़ी के ? देखो तुम उम्र में चाहे जितने बड़े हो पर हो मेरे देवर। मैं तेरी भाभी हूँ.
- मैं जानता हूँ। मुझे काजल भाभी ने सब बता दिया है। अच्छा यह बताओ की तुम लोगों में शायद चोदा चोदी में ज्यादा पाबंदियां नहीं होतीं ? चोदने चुदाने में बड़ी आज़ादी होती है न ?
- हां भाभी आपने सही कहा। हमारे यहाँ की बीवियां लड़कियां ज्यादा बाहर नहीं निकलती। वह कुनबे में ही रहतीं है। कुनबा बहुत बड़ा होता है। रात में सबके लण्ड खड़े हो जातें है और सबकी चूत गरमा जाती है। ऐसे में कोई यह नहीं देखता की कौन किसी बीवी है, कौन किसी बेटी है और कौन किसी अम्मी है ? जिसकी चूत सामने पड़ गयी लौड़ा उसकी में घुस जाता है। जिसका लौड़ा सामने आ जाता है, लड़की / बीवी वही लौड़ा अपनी चूत में घुसेड़ लेती है। यह सब रात के अँधेरे में ज्यादा होता है। उसके बाद अगर पकड़ भी गए तो कोई बात नहीं। फिर उसके साथ चोदा चोदी खुल कर होने लगती है।
- तब तो कभी कभी धोखा भी होता होगा ?
- हां खूब होता है भाभी ? एक दिन मैं अपनी बीवी के धोखे अपनी साली की बुर चोदने लगा। जब बाथ रूम की लाईट किसी ने जलाई तो मुझे मालूम हुआ की यह तो मेरी साली है। वह भी बोली हाय जीजा तुम चोद रहे हो मुझे ? अब लौड़ा तो बुर में घुसा था। उसकी भी चूत गरम थी और मेरा भी लौड़ा ताव पर था। तब वह मुस्कराकर बोली तो फिर चोदो न रुक क्यों गये भोसड़ी वाले। अब तो रास्ता खुल गया अब मैं आगे भी चुदवाती रहूंगी। हुआ भी यही। उसके बाद वह आये दिन चुदवाने लगी। बर्षों बीत गये इसी तरह। उसकी बेटी जवान हो गयी। २० साल की हो गयी वह। एक दिन रात में उसने मेरा लण्ड पकड़ लिया। वह बड़े प्यार से लण्ड चाटने और चूसने लगी। मुझे मज़ा आने लगा। थोड़ी देर में उसे मालूम हुआ तो वह बोली हाय अल्ला, तुम तो खालू जान हो मैं तो तुम्हे मामू जान समझ रही थी। मैंने कहा अच्छा तो तुम अपने मामू का लौड़ा पकड़ती हो क्या ? वह बोली हां पकड़ती हूँ और चुदवाती भी हूँ। पर अब तो मैं तेरे लौड़ा छोडूंगी नहीं खालू मादर चोद। तूने धोखे से मुझे लण्ड पकड़ाया है तो फिर मेरी बुर भी चोदो। मैं बिना चुदवाये रह नहीं सकती ? मैं अभी लौड़ा चूसूंगी फिर चुदवाऊँगी। उस दिन उसने जबरदस्ती लण्ड अपनी चूत में घुसेड़ लिया। फिर मैंने भी मस्ती से चोदा उसे ?
- तो फिर तुम माँ और बेटी दोनों को चोदने लगे ?
- हां भाभी हां यह सब तो हमारे कुनबे में होता ही रहता है। अब मेरी बीवी जाने किस किस से चुदवाती रहती है। मेरी बेटी भी कई लोगों से चुदवाती है। पर मैं खुश हूँ की वह जवान है उसे भी चुदवाने का और जवानी का मज़ा लेने का हक़ है।
वह बोला :- भाभी तेरी चूत बिलकुल काजल की चूत की तरह है। बड़ी रशीली और मक्खन मलाई जैसी।
मैंने कहा :- तेरा लौड़ा भी बड़ा टेस्टी है यार ? इतना प्यारा लौड़ा बहुत कम लोगों का होता है।
थोड़ी देर के बाद उसने गप्प से पेल दिया लण्ड मेरी चूत में और चोदने लगा। मैं भी एक रंडी की तरह भकाभक चुदवाने लगी। मैंने सोंच लिया की आज रात भर इससे चुदवाऊँगी। मैं अपनी गांड उछाल उछाल कर चुदवाने का मज़ा लेने लगी। वह भी धक्के पे धक्का मारने लगा। उसने मुझे आगे से पीछे से अगल से बगल से हर तरफ से चोदा। मैं मन ही मन काजल की तारीफ करती जा रही थी। उसने मुझे इस तरह का लण्ड दिया है। अब मैं भी उसे एक मस्ताना लण्ड दूँगी जो उसकी चूत का बाजा अच्छी तरह बजा सके।
तो देखाआपने मेरी दोस्त कविता की मादक चुदाई।
दूसरे दिन मैने उससे कहा :- भोसड़ी की कविता आज रात को मेरे घर आना अपने दो देवरों के साथ। मैं रात भर तेरे दोनों देवरों से एक साथ चुदवाऊँगी। इधर मेरे भी दो देवर आ रहें हैं। वो दोनों रात भर तुम्हे चोदेंगें ? मेरे देवर मेरे सामने तेरी बुर चोदेंगें और तेरे देवर तेरे सामने मेरी बुर चोदेंगें।
उसने कहा :- यार मैं आज रात को बुर चुदवाने के साथ साथ गांड भी मरवाऊँगी। बहुत दिन हो गये गांड मराये हुए ?
मैंने कहा :- हां यार तो फिर मैं भी गांड मरवाऊँगी, अपनी चूंचियां चुदवाऊँगी, लण्ड का सड़का मारूंगी और लण्ड पियूंगी। रात भर लूटूँगी जवानी का मज़ा और लण्ड का मज़ा ?
उस रात मेरे घर में एक जबरदस्त सेक्स पार्टी हो गयी। मेरी एक और सहेली पूजा भी भोसड़ी वाली आ गयी। उसने भी सबसे और सबके सामने भकाभक चुदवाया।
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