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मैं गैर मर्दों से चुदवा लेती हूँ - Sex ka khulkar maja leti hun
मैं गैर मर्दों से चुदवा लेती हूँ - Sex ka khulkar maja leti hun , गैर मर्द से चूत चुदाई की कहानियाँ. Apne pati ke alawa kisi gair mard se chut chudai ki kahaniyan. Stories about sex relations of girls , गर्म चूत सेक्स कहानी , सेक्स हिंदी कहानी पराये मर्द से , मेरी चूत की चुदाई हुई गैर मर्द से.
आपको यह सुनकर बड़ी हैरानी होगी की मेरी शादी अभी नहीं हुई है फिर भी मैं लोगों की बीवियां चुदवाती हूँ। यह कैसे शुरू हुआ ? इसका एक बड़ा मजे दार किस्सा है। मैं वो पहले आपको सुनाती हूँ।
मेरा नाम महिमा चौधरी है मैं एक २२ साल की मद मस्त खूबसूरत और बड़ी बड़ी चूंचियों वाली बंगाली लड़की हूँ। मैं मुंबई एक मैनेजमेंट कॉलेज से एम बी ए कर रही हूँ। यह मेरा फाइनल ईयर है। मेरा एक दोस्त है मिस्टर तारिक़। वह मुझसे काफी सीनियर है लेकिन मेरी उससे दोस्ती कुछ दिनों पहले हो गयी। उसकी शादी हो चुकी है। वह मेरा पक्का दोस्त बन चुका है और हम दोनों खूब खुल कर बातें करतें हैं। मैं यहाँ इस शहर में एक फ्लैट में अकेली ही रहती हूँ। एक दिन तारिक़ आया और फिर हम दोनों व्हिस्की पर बैठ गए। दारू पीते पीते बातें होने लगीं।
- मैंने कहा यार आजकल तो मस्ती हो रही होगी तेरी। तू भी जवान तेरी बीवी भी जवान। तेरा लौड़ा भी जवान और तेरी बीवी की चूत भी जवान ? बस फिर क्या तेरी तो मस्ती ही मस्ती है, माँ का लौड़ा ?
- वह बोला नहीं यार महिमा इतनी मस्ती नहीं है जितनी तू समझ रही है ?
- क्यों ऐसा क्या हो गया, यार ? तेरे चेहरे पर मायूसी क्यों है ? क्या किसी ने तेरी गांड मार दी ?
- यार थोड़ा मिश्किल में हूँ। समझ में नहीं आ रहा है की क्या करूँ ?
- तो फिर बता न मुझसे। तू तो मुझसे कुछ भी नहीं छुपाता ? मैं क्या कर सकती हूँ तेरे लिए यार बोल न ?
- देखो महिमा मेरी दो दो बीवियां हैां।
- बाप रे बाप लोगों से एक बीवी तो संभाली नहीं जाती तू दो दो बीवियां रखे हुए है। लोग तो भोसड़ी के एक बीवी ठीक से चोद नहीं पाते ? एक ही बीवी चोदने में उनकी गांड फट जाती है और तू दो दो बीवियां चोदता है। यार मैं तुझे सलाम करती हूँ।
- यार यही तो बात है की मैं दो दो बीवियां ठीक से चोद नहीं पाता। और इसीलिए मेरी हर रोज़ किसी न किसी से झगड़ा होता है। मैं बड़ा परेशान रहता हूँ।
- अब यार मैं क्या बताऊँ मैं तो एक लड़की हूँ।अगर मैं लड़का होती तो मैं तेरी एक बीवी तो चोदा ही करता ? अच्छा सच सच बताओ यह झगड़ा चुदाई की वज़ह से होता है न ?
- हां यार केवल चुदाई की वज़ह से ही होता है। मैं अपने किसी दोस्त से यह बात कह नहीं सकता। मेरी इज़्ज़त का सवाल है। तुम लड़की हो इसलिए तुमसे कह रहा हूँ। कुछ सोंचो प्लीज। कुछ करो महिमा ?
- तुम चिंता न करो तारिक़ मैं कुछ करती हूँ। मैं तेरी समस्या का हल निकालूंगी। मुझे यह बताओ क्या तेरी बीवियों ने कभी पराये मर्दों से चुदवाया है ?
- अब मैं कुछ कह नहीं सकता लेकिन वो दोनों घर में ही रहतीं हैं। बाहर नहीं जातीँ। मुझे नहीं लगता की वे बाहर कहीं चुदवाती होंगीं ?
- लेकिन अगर मौक़ा मिलता होगा तो शायद घर में ही किसी से चुदवा लेतीं हों और तुम्हे कानो कान खबर न होती हो ?
- मैं कुछ कह नहीं सकता यार। हो भी सकता है।
- ठीक है मैं तुम्हारी दोनों बीवियों से मिलना चाहती हूँ तारिक़।
- हां ठीक है किसी दिन तुम मेरे घर आ जाओ। मैं तुम्हे मिलवा दूंगा।
वह बोली मैं भी पराये मर्दों से चुदवाती हूँ। कभी देवर से, कभी जेठ से, कभी नंदोई से, तो कभी इन सबके दोस्तों से। मैंने कहा तो फिर अपने मियां के सामने क्यों नहीं चुदवाती हो ? छुप चुप कर क्यों चुदवाती हो ? वह बोली हाय दईया ये कैसे हो सकता है ? मैंने कहा हो सकता है। मैं तो कहती हूँ की तुम उसके सामने किसी और से चुदवाओ और वह तेरे सामने किस और को चोदे ? सबा ने कहा हाय अल्ला, ये तो हो सकता है। फिर तो हम लोग खुले आम चुदवा सकती हैं ? मैंने कहा अब तुम बताओ अगर तेरा मियां मुझे तेरे आगे चोदे तो तुम्हे बुरा तो नहीं लगेगा ? दोनों ने एक साथ कहा बुरा तो बिलकुल नहीं लगेगा लेकिन फिर हमें भी कोई उसके आगे चोदे ? मैंने कहा हां मैं तुम्हारी भी बुर चुदवा दूँगी। समीना बोली हाय रब्बा तो फिर आज ही चुदवा दो न यार मेरी बुर ? मेरी चूत साली गीली हो गयी है चुदाई का नाम सुनकर ? मैंने कहा अच्छा अब तुम लोग अपनी अपनी झांटें बनाकर आओ। मैं चुदाई का इंतज़ाम करती हूँ।
तब तक तारिक वापस आ गया। मैंने कहा यार तारिक तेरी दोनों बीवियां तुमको चूतिया बना रहीं है। दोनों भोसड़ी वाली खूब जम कर पराये मर्दों से चुदवातीं है और तुम्हे कानो कान खबर नहीं। वो दोनों बुर चोदी मज़ा लूट रहीं है और तुम परेशान हो रहे हो। अब तुम भी खुल कर चोदा करो लोगों की बीवियां। वह बोला अरे यार महिमा यह कैसे हो सकता है ? मैंने कहा यही होगा ? मैंने तेरी समस्या हल कर दी है। अभी तेरी दोनों बीवियां अपनी झांटें बनाने गयीं है। आज तुम मुझे अपनी बीवियों के सामने चोदोगे। वह बोला वाओ, यह कैसे हो गया यार ? मैंने कहा और मैं उन दोनों की बुर तेरे सामने किसी और से चुदवाऊँगी।
जब वो भोसड़ी वाली पराये मर्दों के लण्ड का मज़ा लूट रही है तो तुम भी परायी बीवियों की बुर का मज़ा लूटो। आज से तुम अपनी बीवियों के सामने दूसरों की बीवियां चोदोगे।
बस थोड़ी देर में घंटी बज उठी। मैंने ही दरवाजा खोला तो दो नो लड़के बाहर खड़े थे। मैंने उन्हें अंदर बैठाया। तक सबा और समीना भी झांटें बनाकर आ गयीं। मैंने बताया ये दोनों मेरे दोस्त है राका और राणा। फिर उन दोनो को बताया यह है मेरा दोस्त तारिक और ये हैं दोनों इसकी बीवियां सबा और समीना। परिचय के बाद मैंने कह यार तारिक अब डॉ का इंतज़ाम करो। मैं दारू के बिना लण्ड पर हाथ नहीं लगाती। दारू आ गयी तब मुझे मालूम हुआ की सबा और समीना भी बुर चोदी दारू की शौक़ीन हैं। फिर हम सब दारू का मज़ा लेने लगे। नशा चढ़ने लगा और मस्ती बढ़ने लगी।
मैंने फिर चुपके सा सबा का हाथ पकड़ा और राणा के लण्ड के ऊपर रख दिया। मैंने कहा सबा आज तू अपने मरद के आगे पराये मरद का लौड़ा पकड़ कर दिखा। यही बात मैंने समीना से भी कहा और उसका हाथ पकड़ कर राका के लण्ड पर रख दिया। मैंने फिर कहा और मैं तुम्हारे मरद का लण्ड पकड़ूंगी। मैं तारिक का लौड़ा उसके पैजामे के ऊपर से दबाने लगी। मैं फिर तारिक के पैजामे का नाड़ा ढीला किया और हाथ अंदर घुसेड़ दिया। मेरा हाथ उसके खड़े लण्ड से टकरा गया। मैं अंदर ही अंदर लण्ड पकड़ कर सहलाने लगी। मुझे देख वो दोनों भी लण्ड सहलाने लगी। मैंने फिर तारिक का हाथ अपनी चूंचियों पर रखा और कहा लो अब इन्हे दबाओ यार। इतने में मैंने पैजामा खोला और उसका टन टनाता हुआ नंगा नंगा लण्ड बाहर निकाल कर चूमने लगी। मैंने दोनों को आँख मारी तो वो दोनों भी लण्ड बाहर निकाल कर चूमने लगीं। तारिक मेरा दोस्त जरूर था लेकिन मैंने कभी उसका लौड़ा पकड़ा नहीं था। आज पहली बार उसका लण्ड पकड़ कर देख रही हूँ तो मज़ा आ रहा है।
मैंने कहा यार तारिक तेरा लौड़ा तो वाकई बड़ा मोटा है सख्त है। मैं राका और राणा दोनों के लण्ड अच्छी तरह पहचानती हूँ क्योंकि दोनों से मैं जब कब चुदवाती रहती हूँ। उसके बाद मैं एकदम नंगी हो गयी और तारिक को भी नंगा कर दिया। मुझे देख कर सबा भी बुर चोदी अपने कपड़े उतार कर नंगी हो गयी और समीना भी। कमरा एकदम से नंगी और नंगे लोगों से भर गया। तीन टन टनाते हुए लण्ड और तीन चुलबुलाती हुई चूत एक दूसरे के सामने आ गयीं। तारिक तो मन ही मन बड़ा खुश हो रहा था। मैं झुक कर उसका लण्ड चूसने लगी। सबा राणा का लण्ड और समीना राका का लण्ड चूसने लगी। मैंने इसके पहले कभी कटा लण्ड नहीं देखा था। आज तारिक का लण्ड देख रही हूँ। कटा लण्ड का सुपाड़ा तो एक दम साफ सुथरा रहता है और चमचमाता रहता है। मैं तो उसका सुपाड़ा ही चाट यही हूँ और उसे मुंह एम लेकर चूस रही हूँ। फिर मैंने कहा तारिक यार लो तुम मेरी चूत चाटो। मुझे चूत चटवाने में उतना ही मज़ा आता है जितना लण्ड चाटने में ?
मुझे देख कर वो दोनों भी अपनी अपनी चूत चटवाने लगीं।
मैं इधर और गरमा गयी उधर तारिक भी गरम हो गया। मैंने कहा यार अब चोदो मुझे। मेरी बुर चोदो। हचक हचक के चोदो। लौड़ा पेलो मेरी चूत में। उसने लण्ड मेरी चूत पर टिकाया और धक्का दिया तो लण्ड सटाक से अंदर घुस गया। मैं तो कई लण्ड ले चुकी हूँ इसलिए मुझे कोई दर्द नहीं हुआ। मैं तो मस्त हो के चुदवाने लगी। मेरे सामने सबा राणा से और समीना राका से चुदवाने लगी। मैंने कहा यार तारिक तेरी बड़ी बड़ी चूंचियों वाली दोनों बीवियां तो बड़ी मस्ती से चुदवा रहीं हैं। इन दोनों की चूत इसी तरह पराये मर्दों से खूब चुदवाया करो और तुम इनके सामने परायी बीवियां चोदा करो। जैसे तुम मुझे चोद रहे हो। वह बोला हां यार आज तो तुमने मुझे एक बढ़िया रास्ता बता दिया है। सबा और समीना बोली अब तो हम लोग भी अपने मियां के आगे दूसरों से भकाभक चुदवाया करुँगी और अपने मियां का लण्ड दूसरों की बीवियों की बुर में पेला करुँगी। हमें भी मज़ा आएगा और हमारे मियां को भी।
इतने में राणा ने लण्ड सबा की बुर से निकाल कर समीना की बुर में घुसा दिया। उधर राका ने लण्ड समीना की बुर से निकाल कर सबा की बुर में पेल दिया। लण्ड की अदला बदली ही तो दोनों बीवियां मस्त हो गयीं। अब तो और ज्यादा अपनी अपनी गांड उठा उठा के चुदवाने लगीं। इधर मैं भी मस्ती से तारिक का लौड़ा पूरा अंदर घुसा कर चुदवा रही थी। मैंने कहा यार गचागच चोदो, मुझे रंडी की तरह चोदो। मैं तेरी बीवी हूँ यार मुझे भकाभक चोदो। तेरा इतना मोटा लण्ड है साला बा मज़ा दे रहा है। सबा बोली हाय मेरे राजा बड़ा अच्छा लग रहा है अपने मियां के आगे किसी और से चुदवाने में। समीना बोली हां यार मुझे नहीं मालूम था की एक दिन मैं मस्ती से अपने मरद के आगे किसी और के मरद से चुदवाऊँगी। मैं मादर चोद अभी तक बिना मतलब ही छुप छुप कर चुदवाती रही। आज़ाद होकर चुदवाने का मज़ा कुछ और ही होता है। तब तक तारिक बोला यार महिमा मैं झड़ जाऊंगा। मैंने कहा वाओ तो फिर मेरी चूत में नहीं मेरे मुंह में झड़ जा माँ का लौड़ा ? मैंने झड़ता हुआ लण्ड चाटा और सबा ने भी लौड़ा चाट चाट कर मस्त कर दिया और समीना तो बुर चोदी कुतिया की तरह लण्ड चाटने में जुट गयी। मुझे तारिक से चुदवाकर मज़ा आया और उसे मुझे चोदने में ?
एक दिन एक कपल मेरे घर आ गया। बाली और उसकी बीवी लतिका। बाली को मैं जानती थी। हम लोग बैठे ही थे की मेरा फोन आ गया। फोन मेरी सहेली ममता का था। वह बोली अरे महिमा सुना है तू wife swapping करवाती है। मैंने कहा हां तुमने ठीक सुना है। वह बोली तब तो मैं अपने हसबैंड से साथ आ रही हूँ। वह भी थोड़ी देर में आ गयी। उसने मुझे अपनी पति बग्गा से मिलवाया। ड्रिंक्स की महफ़िल जम गई। तभी किसी ने दरवाजा खटखटाया तो सामने मेरी दोस्त रेनू अपने पति अनुज के साथ मिल गयी। वे भी ड्रिंक्स में शामिल हो गये। सबसे आपस में परिचय हुआ और खूब बातें होने लगीं।
ममता ने कहा :- यार महिमा तेरी शादी नहीं हुई तो तू wife swapping कैसे करती है ?
मैंने कहा :- wife swapping करती नहीं हूँ, करवाती हूँ। इसका लण्ड उसकी बीवी की बुर में पेलती हूँ और उसका लण्ड इसकी बीवी की बुर में पेलती हूँ। आज मैं तेरी बुर में बाली और अनुज का लण्ड पेलूँगी. लतिका की बुर में बग्गा और अनुज का लण्ड पेलूँगी। रेनू की बुर में बग्गा और बाली का लण्ड पेलूँगी।
तब तक लतिका बोली :- और मैं इन तीनो के लण्ड तेरी बुर में पेलूँगी।
सब लोग खिलखिलाकर हंस पड़े।
तब तक हम सब मस्ती में आ चुके थे। मैंने लतिका का हाथ पकड़ कर बग्गा के लण्ड पर रख दिया और कहा ले भोसड़ी की तू इसका लौड़ा खोल कर हिला। ममता का हाथ पकड़ कर अनुज के लण्ड पर रख दिया और कहा अब तू इसका लौड़ा पकड़ कर देख कैसा है। रेनू बुर चोदी का हाथ बाली के लण्ड पर रखा और कहा तू माँ की लौड़ी इसका लौड़ा देख कर मज़ा ले। तीनो बीवियां ससुरी बड़ी बेशर्मी से लौड़ा सहलाने लगी और मरद भी भोसड़ी वाले बीवियों की चूचियाँ पकड़ कर मसलने लगे। मैंने फिर घूम घूम कर सबके कपड़े उतारने शुरू किया। देखते ही देखते मैंने सब मादर चोदों को नंगा कर दिया और सब भोसड़ी वालियों के कपडे खोल कर नंगी कर दिया। मैं खुद भी सबके आगे नंगी हो गयी। मैंने मस्ती से तीनो लण्ड देखे तो मेरी चूत भी साली भठ्ठी की तरह जलने लगी।
मैं भी सबके पास जा जा कर उनके साथ लण्ड चाटने लगी। कभी किसी का सुपाड़ा चाट लेती कभी किसी के पेल्हड़। कभी किसी को अपनी बुर चटवाती तो कभी किसी को अपनी चूंची। लण्ड चूसना भी सबके साथ शुरू कर दिया। मैंने इस तरह चारों लण्ड अपनी जबान से चाटे और चूसे। साथ ही साथ सबकी चूत में ऊँगली डाल डाल कर चूत गरम किया। थोड़ी देर में मैंने बग्गा का लण्ड बाली की बीवी लतिका की चूत में पेल दिया. अनुज का लण्ड बग्गा की बीवी ममता की बुर में घुसेड़ दिया और बाली का लण्ड अनुज की बीवी रेनू की चूत में घुसा दिया। तीनो बीवियों की बुर भकाभक चुदने लगी। बाली ने अनुज की बीवी रेनू को अपने लण्ड पर बैठा रखा था। वह खुद तो चित लेटा था। मैंने अपनी चूत उसके मुंह पर रख दी. वह मेरी बुर चाटने लगा। मेरा एक हाथ बगल
में बग्गा के पेल्हड़ सहलाने लगा। थोड़ी देर में मैं इसी तरह अनुज से अपनी बुर चटवाने लगी। मुझे भी सबकी तरह मस्ती सवार थी। मैंने देखा की बीवियां सारी दुनिया भूल कर बस पराये मरद के लण्ड का मज़ा लूट रही है। उन्हें शायद अपने मरद के आगे पराये मरद से चुदवाने का मज़ा ज्यादा आ रहा है।
मैं लण्ड अदल बदल कर तीनो की बुर रात भर चुदवाई। एक दिन तारक आ गया।
वह बोला हाय महिमा तुमने जो तरीका बताया था मैंने उसकी तरह अपनी बीवियों के आगे कई बीवियां चोदी हैं। मैंने अपने कई दोस्तों की बीवियां चोदी है और अपनी दोनों बीवियां उनसे चुदवाईं हैं। मैंने दोनों बीवियों की बहने चोदी हैं, उनकी भाभियाँ चोदी हैं और उनकी सहेलियां चोदी हैं। इन सबके मियों ने मैंने अपनी बीवियां चुदवाईं हैं। यार उस दिन के बाद मेरा लण्ड साला बड़ा बिजी हो गया है। हर दिन २/३ नयी बीवियां चोदता हूँ और मेरी बीवियां हर दिन नये नये लण्ड से चुदवातीं हैं। मैं भी बहुत खुश हूँ और मेरी बीवियां भी। कल तो मैंने अपनी बीवी सबा की माँ का भोसड़ा भी चोदा। और आज मैं समीना की माँ का भोसड़ा चोदने जा रहा हूँ। मैंने कहा यार तुमने बहुत अच्छा किया। अब आये हो तो लो थोड़ी व्हिस्की पियो और मेरी बुर चोद कर जाओ।
०=०=०=०=०=०=०=०=०=०=०=०= समाप्त
जब वो भोसड़ी वाली पराये मर्दों के लण्ड का मज़ा लूट रही है तो तुम भी परायी बीवियों की बुर का मज़ा लूटो। आज से तुम अपनी बीवियों के सामने दूसरों की बीवियां चोदोगे।
बस थोड़ी देर में घंटी बज उठी। मैंने ही दरवाजा खोला तो दो नो लड़के बाहर खड़े थे। मैंने उन्हें अंदर बैठाया। तक सबा और समीना भी झांटें बनाकर आ गयीं। मैंने बताया ये दोनों मेरे दोस्त है राका और राणा। फिर उन दोनो को बताया यह है मेरा दोस्त तारिक और ये हैं दोनों इसकी बीवियां सबा और समीना। परिचय के बाद मैंने कह यार तारिक अब डॉ का इंतज़ाम करो। मैं दारू के बिना लण्ड पर हाथ नहीं लगाती। दारू आ गयी तब मुझे मालूम हुआ की सबा और समीना भी बुर चोदी दारू की शौक़ीन हैं। फिर हम सब दारू का मज़ा लेने लगे। नशा चढ़ने लगा और मस्ती बढ़ने लगी।
मैंने फिर चुपके सा सबा का हाथ पकड़ा और राणा के लण्ड के ऊपर रख दिया। मैंने कहा सबा आज तू अपने मरद के आगे पराये मरद का लौड़ा पकड़ कर दिखा। यही बात मैंने समीना से भी कहा और उसका हाथ पकड़ कर राका के लण्ड पर रख दिया। मैंने फिर कहा और मैं तुम्हारे मरद का लण्ड पकड़ूंगी। मैं तारिक का लौड़ा उसके पैजामे के ऊपर से दबाने लगी। मैं फिर तारिक के पैजामे का नाड़ा ढीला किया और हाथ अंदर घुसेड़ दिया। मेरा हाथ उसके खड़े लण्ड से टकरा गया। मैं अंदर ही अंदर लण्ड पकड़ कर सहलाने लगी। मुझे देख वो दोनों भी लण्ड सहलाने लगी। मैंने फिर तारिक का हाथ अपनी चूंचियों पर रखा और कहा लो अब इन्हे दबाओ यार। इतने में मैंने पैजामा खोला और उसका टन टनाता हुआ नंगा नंगा लण्ड बाहर निकाल कर चूमने लगी। मैंने दोनों को आँख मारी तो वो दोनों भी लण्ड बाहर निकाल कर चूमने लगीं। तारिक मेरा दोस्त जरूर था लेकिन मैंने कभी उसका लौड़ा पकड़ा नहीं था। आज पहली बार उसका लण्ड पकड़ कर देख रही हूँ तो मज़ा आ रहा है।
मैंने कहा यार तारिक तेरा लौड़ा तो वाकई बड़ा मोटा है सख्त है। मैं राका और राणा दोनों के लण्ड अच्छी तरह पहचानती हूँ क्योंकि दोनों से मैं जब कब चुदवाती रहती हूँ। उसके बाद मैं एकदम नंगी हो गयी और तारिक को भी नंगा कर दिया। मुझे देख कर सबा भी बुर चोदी अपने कपड़े उतार कर नंगी हो गयी और समीना भी। कमरा एकदम से नंगी और नंगे लोगों से भर गया। तीन टन टनाते हुए लण्ड और तीन चुलबुलाती हुई चूत एक दूसरे के सामने आ गयीं। तारिक तो मन ही मन बड़ा खुश हो रहा था। मैं झुक कर उसका लण्ड चूसने लगी। सबा राणा का लण्ड और समीना राका का लण्ड चूसने लगी। मैंने इसके पहले कभी कटा लण्ड नहीं देखा था। आज तारिक का लण्ड देख रही हूँ। कटा लण्ड का सुपाड़ा तो एक दम साफ सुथरा रहता है और चमचमाता रहता है। मैं तो उसका सुपाड़ा ही चाट यही हूँ और उसे मुंह एम लेकर चूस रही हूँ। फिर मैंने कहा तारिक यार लो तुम मेरी चूत चाटो। मुझे चूत चटवाने में उतना ही मज़ा आता है जितना लण्ड चाटने में ?
मुझे देख कर वो दोनों भी अपनी अपनी चूत चटवाने लगीं।
मैं इधर और गरमा गयी उधर तारिक भी गरम हो गया। मैंने कहा यार अब चोदो मुझे। मेरी बुर चोदो। हचक हचक के चोदो। लौड़ा पेलो मेरी चूत में। उसने लण्ड मेरी चूत पर टिकाया और धक्का दिया तो लण्ड सटाक से अंदर घुस गया। मैं तो कई लण्ड ले चुकी हूँ इसलिए मुझे कोई दर्द नहीं हुआ। मैं तो मस्त हो के चुदवाने लगी। मेरे सामने सबा राणा से और समीना राका से चुदवाने लगी। मैंने कहा यार तारिक तेरी बड़ी बड़ी चूंचियों वाली दोनों बीवियां तो बड़ी मस्ती से चुदवा रहीं हैं। इन दोनों की चूत इसी तरह पराये मर्दों से खूब चुदवाया करो और तुम इनके सामने परायी बीवियां चोदा करो। जैसे तुम मुझे चोद रहे हो। वह बोला हां यार आज तो तुमने मुझे एक बढ़िया रास्ता बता दिया है। सबा और समीना बोली अब तो हम लोग भी अपने मियां के आगे दूसरों से भकाभक चुदवाया करुँगी और अपने मियां का लण्ड दूसरों की बीवियों की बुर में पेला करुँगी। हमें भी मज़ा आएगा और हमारे मियां को भी।
इतने में राणा ने लण्ड सबा की बुर से निकाल कर समीना की बुर में घुसा दिया। उधर राका ने लण्ड समीना की बुर से निकाल कर सबा की बुर में पेल दिया। लण्ड की अदला बदली ही तो दोनों बीवियां मस्त हो गयीं। अब तो और ज्यादा अपनी अपनी गांड उठा उठा के चुदवाने लगीं। इधर मैं भी मस्ती से तारिक का लौड़ा पूरा अंदर घुसा कर चुदवा रही थी। मैंने कहा यार गचागच चोदो, मुझे रंडी की तरह चोदो। मैं तेरी बीवी हूँ यार मुझे भकाभक चोदो। तेरा इतना मोटा लण्ड है साला बा मज़ा दे रहा है। सबा बोली हाय मेरे राजा बड़ा अच्छा लग रहा है अपने मियां के आगे किसी और से चुदवाने में। समीना बोली हां यार मुझे नहीं मालूम था की एक दिन मैं मस्ती से अपने मरद के आगे किसी और के मरद से चुदवाऊँगी। मैं मादर चोद अभी तक बिना मतलब ही छुप छुप कर चुदवाती रही। आज़ाद होकर चुदवाने का मज़ा कुछ और ही होता है। तब तक तारिक बोला यार महिमा मैं झड़ जाऊंगा। मैंने कहा वाओ तो फिर मेरी चूत में नहीं मेरे मुंह में झड़ जा माँ का लौड़ा ? मैंने झड़ता हुआ लण्ड चाटा और सबा ने भी लौड़ा चाट चाट कर मस्त कर दिया और समीना तो बुर चोदी कुतिया की तरह लण्ड चाटने में जुट गयी। मुझे तारिक से चुदवाकर मज़ा आया और उसे मुझे चोदने में ?
एक दिन एक कपल मेरे घर आ गया। बाली और उसकी बीवी लतिका। बाली को मैं जानती थी। हम लोग बैठे ही थे की मेरा फोन आ गया। फोन मेरी सहेली ममता का था। वह बोली अरे महिमा सुना है तू wife swapping करवाती है। मैंने कहा हां तुमने ठीक सुना है। वह बोली तब तो मैं अपने हसबैंड से साथ आ रही हूँ। वह भी थोड़ी देर में आ गयी। उसने मुझे अपनी पति बग्गा से मिलवाया। ड्रिंक्स की महफ़िल जम गई। तभी किसी ने दरवाजा खटखटाया तो सामने मेरी दोस्त रेनू अपने पति अनुज के साथ मिल गयी। वे भी ड्रिंक्स में शामिल हो गये। सबसे आपस में परिचय हुआ और खूब बातें होने लगीं।
ममता ने कहा :- यार महिमा तेरी शादी नहीं हुई तो तू wife swapping कैसे करती है ?
मैंने कहा :- wife swapping करती नहीं हूँ, करवाती हूँ। इसका लण्ड उसकी बीवी की बुर में पेलती हूँ और उसका लण्ड इसकी बीवी की बुर में पेलती हूँ। आज मैं तेरी बुर में बाली और अनुज का लण्ड पेलूँगी. लतिका की बुर में बग्गा और अनुज का लण्ड पेलूँगी। रेनू की बुर में बग्गा और बाली का लण्ड पेलूँगी।
तब तक लतिका बोली :- और मैं इन तीनो के लण्ड तेरी बुर में पेलूँगी।
सब लोग खिलखिलाकर हंस पड़े।
तब तक हम सब मस्ती में आ चुके थे। मैंने लतिका का हाथ पकड़ कर बग्गा के लण्ड पर रख दिया और कहा ले भोसड़ी की तू इसका लौड़ा खोल कर हिला। ममता का हाथ पकड़ कर अनुज के लण्ड पर रख दिया और कहा अब तू इसका लौड़ा पकड़ कर देख कैसा है। रेनू बुर चोदी का हाथ बाली के लण्ड पर रखा और कहा तू माँ की लौड़ी इसका लौड़ा देख कर मज़ा ले। तीनो बीवियां ससुरी बड़ी बेशर्मी से लौड़ा सहलाने लगी और मरद भी भोसड़ी वाले बीवियों की चूचियाँ पकड़ कर मसलने लगे। मैंने फिर घूम घूम कर सबके कपड़े उतारने शुरू किया। देखते ही देखते मैंने सब मादर चोदों को नंगा कर दिया और सब भोसड़ी वालियों के कपडे खोल कर नंगी कर दिया। मैं खुद भी सबके आगे नंगी हो गयी। मैंने मस्ती से तीनो लण्ड देखे तो मेरी चूत भी साली भठ्ठी की तरह जलने लगी।
मैं भी सबके पास जा जा कर उनके साथ लण्ड चाटने लगी। कभी किसी का सुपाड़ा चाट लेती कभी किसी के पेल्हड़। कभी किसी को अपनी बुर चटवाती तो कभी किसी को अपनी चूंची। लण्ड चूसना भी सबके साथ शुरू कर दिया। मैंने इस तरह चारों लण्ड अपनी जबान से चाटे और चूसे। साथ ही साथ सबकी चूत में ऊँगली डाल डाल कर चूत गरम किया। थोड़ी देर में मैंने बग्गा का लण्ड बाली की बीवी लतिका की चूत में पेल दिया. अनुज का लण्ड बग्गा की बीवी ममता की बुर में घुसेड़ दिया और बाली का लण्ड अनुज की बीवी रेनू की चूत में घुसा दिया। तीनो बीवियों की बुर भकाभक चुदने लगी। बाली ने अनुज की बीवी रेनू को अपने लण्ड पर बैठा रखा था। वह खुद तो चित लेटा था। मैंने अपनी चूत उसके मुंह पर रख दी. वह मेरी बुर चाटने लगा। मेरा एक हाथ बगल
में बग्गा के पेल्हड़ सहलाने लगा। थोड़ी देर में मैं इसी तरह अनुज से अपनी बुर चटवाने लगी। मुझे भी सबकी तरह मस्ती सवार थी। मैंने देखा की बीवियां सारी दुनिया भूल कर बस पराये मरद के लण्ड का मज़ा लूट रही है। उन्हें शायद अपने मरद के आगे पराये मरद से चुदवाने का मज़ा ज्यादा आ रहा है।
मैं लण्ड अदल बदल कर तीनो की बुर रात भर चुदवाई। एक दिन तारक आ गया।
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