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बेटी बनकर ट्रेन में चुदवाया - Beti bankar train me chudai karvai
बेटी बनकर ट्रेन में चुदवाया - Beti bankar train me chudai karvai , अनजान लड़की की ट्रेन में चुदाई , पापा से ट्रेन मे चुदाई , ट्रेन में मिली भाभी की बेटी को चोदा. Train Me Mili Bhabhi Ki Beti Ko Choda.
एकबार मैं कोलकाता से मुंबई जा रही थी। मेरा रिजर्वेशन फर्स्ट क्लास a /c कोच में था। मैं जब ट्रेन में चढ़ी तो
मुझे कोच में चार लोग थे। तीन मरद और मैं अकेली। मैं इधर उधर देखती रही। इतने में एक अधेड़ उम्र का आदमी ट्रेन में चढ़ा और उसी डब्बे में आ गया जहाँ मैं बैठी थी। उसकी उम्र ४४/४५ साल की होगी। मैं उसे देख कर पहचान गयी। मैं बोली अरे रॉबर्ट अंकल आप यहाँ ? वह बोला wow you lusy how are you here .i said uncle i am going to mumbai ? he said i am too . तुम कहाँ जा रही हो। मैंने कहा मैं मुंबई जा रही हूँ अंकल। उसने कहा अरे वाह मैं भी मुंबई जा रहा हूँ। पर मेरा रिजर्वेशन के दो बर्थ वाले कूचे में हो गया है। उसमे एक महिला है मुझे बड़ी परेशानी हो रही है। उसे भी दिक्कत होगी। मैं उसे एक कोने में ले गयी और कहा मैं भी यहाँ तीन मर्दों के बीच में फंस गयी हूँ। पर अंकल एक उपाय है। आप मेरे बाप बन जाईये और टी टी से कहिये की यह मेरो बेटी है इसे मेरे डिब्बे में शिफ्ट कर दिया जाए। बस फिर हम तुम एक ही डिब्बे में हो जायेगें ? वह बोला अरे वाह तुमने बिलकुल ठीक कहा। मैं अभी बात करता हूँ। वह टी टी के पास गया और काम बन गया। अब एक ही डिब्बे में मैं और रॉबर्ट अंकल ?
मैं अंकल को तब से जानती हूँ जब मैं १४/१५ साल की थी। अंकल मेरे पड़ोसी थे। मैं उनके घर जाती थी और हंसी मजाक करती थी। वह भी मेरे घर आता था और मॉम से भी खूब घुलमिल गया था। मैं जवान हो चुकी थी, मेरी बड़ी बड़ी चूचियाँ निकल आईं थी। घनी घनी झाँटें भी आ गईं थी। चूत मस्तानी हो चुकी थी और मेरी गांड बड़ी सेक्सी दिखने लगी थी। अब मैं २२ साल की हूँ। मैं अंकल को देखते ही उसे अपना दिल दे बैठी। मैंने सोंच लिया था की अगर हमें एक डिब्बे में जगह मिल जाती है तो आज मैं अंकल लण्ड जरूर पकडूंगी। उसे अपने मुंह में लूंगी और फिर बुर में ? मैं सामान वगैरह जमा रही थी चाय पानी का इंतज़ाम कर रही थी और मन में उसके लण्ड के बारे में सोंच सोंच कर मज़ा भी ले रही थी।
सब कुछ ठीक ठाक हो गया। ट्रेन चल पड़ी। टी टी आया और टिकट चेक करके चला गया। हम दोनों थोड़ी देर तक बैठे रहे। मैंने लो वेस्ट की जींस पहनी थी। अगर आगे की एक बटन खुल जाएँ तो मेरी झाँटें दिखने लगेगीं। ऊपर एक बिना ब्रा का टॉप था। टॉप के नीचे दो बड़ी बड़ी मद मस्त चूचियाँ थीं जो मेरे इधर उधर आने जाने से हिल रहीं थीं। अंकल की निगाह उन्ही पर टिकी थी। मैं उसे देख कर खुश हो रही थी।
तब तक अंकल ने कहा लूसी मैं कपड़े बदल कर आता हूँ। मैंने कहा अंकल यहीं बदल लो न। मैं उधर मुंह करके बैठ जाती हूँ। अंकल मान गया। उसने एक तौलिया लपेटी और एक बरबूडा पहनने लगा । अपनी पैंट खोल कर बरबूडा पहनने लगा। बस इसी बीच मुझे उसका लटकता हुआ बिन झांट का लण्ड दिख गया।
मैं जान गयी की अंकल की नेकर के नीचे सीधे लण्ड है और कुछ नहीं ?
उसकी झलक पाते ही मेरी चूत में आग लग गयी बहन चोद।
उसके बाद मैं उठी और अपना टॉप और जींस खोल कर एक हलकी से मैक्सी पहन ली जिसमे बटन नहीं थे बल्कि एक फीता था। मैं नीचे से बिलकुल नंगी थी। इसी बीच मैंने अंकल को अपनी चूचियों की झलक दिखला दी। उसे यह भी मालूम हो गया की मैंने नीचे से बिलकुल नंगी हूँ। इतने में उसने व्हिस्की की बोतल निकाली औार कहा लूसी तुम मेरा साथ दोगी ? मैंने कहा हां अंकल मैं मुंबई तक आपका साथ दूँगी। हम दोनों शराब पीने लगे।
मैं ५ साल की उम्र से डांस कर रही हूँ और १५ साल की उम्र से शराब पी रही हूँ। मैं मॉम के साथ शराब पीती हूँ और कभी कभी सिगरेट भी। मॉम ने मुझे बिलकुल मॉडर्न और बोल्ड बना दिया है। मुझे गालियां देना और मर्दों की गांड मारना सिखा दिया है। इसलिए मैं किसी भोसड़ी वाले से कभी नहीं डरती। मैं मॉम बिलकुल खुल चुकी हूँ। मॉम मुझे अपनी फ्रेंड समझती है और मैं भी उसे फ्रेंड। हम दोनों के बीच माँ बहन होती रहती है। वह मुझे माँ की लौड़ी , मादर चोद भोसड़ी की सब कुछ कह कर बुलाती है और मैं भी उसे बहन चोद बहन का लण्ड बुर चोदी हरामजादी सब कह देती हूँ। पिछले एक साल से मैं मॉम के साथ लण्ड भी शेयर करने लगी हूँ। मॉम मेरे मुंह में लण्ड घुसा देती है और मैं उसके मुंह में लण्ड ? वह मेरी चूत में लण्ड पेल देती है और मैं उसकी चूत में लण्ड पेल देती हूँ।
हम दोनों ने बात करते हुए एक एक पैग शराब पी डाली। थोड़ा नशा चढ़ने लगा। मेरी मस्ती बढ़ने लगी।
- अचानक मेरे मुंह से निकला अंकल ये बताओ तुमने आजतक कितनी लड़कियां चोदी हैं ?
- उसे मुझसे एक तरह की सवाल की उम्मीद नहीं थी वह थोड़ी देर सोंचने लगा फिर बोला लूसी चोदी जरूर है मैंने पर गिना नहीं है ?
- फिर भी कोई तो अंदाज़ होगा ? तुम तो एक कॉलेज के प्रोफेसर हो। तुम्हे तो लड़कियां आसानी से मिल जाती होंगी ?
- हां यह बात सही है मुझे लड़कियां अपने आप मिल जाती हैं। बल्कि कुछ तो अपने आप मेरा लण्ड पकड़ लेती हैं। फिर वह बिना चुदवाए जाती भी नहीं है।
- मादर चोद बड़े लकी हो तुम अंकल ? जहां एक ओर एक लड़की चोदने के लिए लोग व्याकुल रहतें है वहां लड़कियां अपने आप तेरे पास अपनी बुर चुदवाने आ जाती हैं । यह सब तेरा कमाल है की तेरे लण्ड का ?
- मैं कुछ कह नहीं सकता ? इसका जबाब मैं नहीं दे सकता ?
- तो फिर मैं तेरे लण्ड से ही पूंछ लेती हूँ। वही मुझे सही जबाब देगा।
मैंने अंकल को एकदम नंगा करके बर्थ पर बैठा दिया। मैं उसकी दोनों टांगों के बीच नीचे बैठ कर लण्ड हिलाने लगी। मैं मन ही मन खुश हो रही की अब मेरी यात्रा अच्छी तरह कट जाएगी। मैंने लण्ड शराब के गिलास में डुबोया और सुपाड़ा चाटा। फिर डुबोया और फिर चाटा। मैं लण्ड शराब में डुबो डुबो कर। अंकल ने कहा लूसी तूने यह तरीका किससे सीखा। मैंने कहा अंकल मेरी मॉम इसी तरह लण्ड पीती हैं। मैंने इस तरह लण्ड पीना उसी से सीखा है। वह बोला अच्छा तो तेरी मॉम भी बड़ी शौक़ीन मिज़ाज़ की होंगी और बहुत मस्ती करती होंगी। मैंने कहा हां अंकल मेरी माँ बहुत मस्त रहती हैं। मुझे तो फ्रेंड मानती हैं। इसीलिए हम दोनों लण्ड साथ साथ लेतीं हैं। वह बोल क्या मतलब ज़रा साफ़ साफ़ बताओ लूसी। मैंने कहा मैं अपनी माँ चुदवाती हूँ अंकल और मेरी माँ अपनी बेटी चुदवाती है।
वह बोला :- वाओ, लूसी तो क्या मैं तेरी माँ से मिल सकता हूँ ?
मैंने कहा :- अच्छा भोसड़ी के अंकल तो तुम मेरी माँ चोदना चाहते हो ?
वह बोला :- अब तुमने इतनी तारीफ़ की उसकी तो ,,,,,,,,,,,?
मैंने कहा :- अच्छा बहन के लण्ड, चोद लेना मेरी माँ ? लेकिन पहले मुझे तो चोदो ?
ऐसा कह कर मैं उसके ऊपर चढ़ गयी। मैं अपनी चूचियों के साथ उसके नंगे बदन पर अपना नंगा बदन रगड़ने लगी। उसने भी मुझे चिपका लिया। मेरे गाल चूमा होंठ चूमा गर्दन चूमी। फिर उसने मुझे नीचे पटक दिया और मेरी चूचियाँ मसलने लगा। उसने नीट शराब मेरी चूचियों पर डाली और चाटने लगा। फिर शराब की बोतल मैंने ले ली। मैं शराब अपनी चूचियों पर डालती और वह कुत्ते की तरह मेरी चूचियाँ चाटने लगता ? इस तरह मुझे अपनी चूचियाँ चटवाने का मज़ा आने लगा।
मैंने उसका शराबी लण्ड चाटा तो उसकी मेरी शराबी चूचियाँ ? मैंने धीरे धीरे शराब अपनी चूत डालने लगी और वह मेरी चूत और चूत पर गिरी शराब चाटने लगा। मुझे मर्दों से चूत चटवाने में बड़ा मज़ा आता है ?
फिर एकदम से वह मेरे ऊपर आ गया और अपना लण्ड मेरी चूत पर टिका दिया। उसने एक धक्का मारा और लण्ड सट्ट से अंदर घुस गया , मैंने कहा साले पेल दिया पूरा लण्ड एक ही बार में ? फाड़ डालेगा मेरी चूत क्या माँ का लौड़ा ? अरे मजे से आहिस्ते आहिस्ते चोद न मैं कहीं भागी जा रही हूँ और न मेरी चूत ? अब तो मैं चुदवा कर ही जाऊंगी। मुझे भी मज़ाआने लगा। मैंने कहा यार अब स्पीड बढ़ाओ न। चोदो जितनी तेरी गांड में दम हो ? मैं भी तेरे लण्ड का भरता बना कर ही दम लूंगी। अंकल वाकई भूंखे भेड़िये की तरह जुट गया। मैं जान गयी की इसके लण्ड में दम है।
साला ८" + लंबा और ५"+ मोटा लण्ड मेरी चूत में चीथड़े उड़ाने लगा। मैं भी कम न थी. ऐसे कई लण्ड से चुदवा चुकी थी मैं. मैंने कहा अब मुझे पीछे से चोदो। मैं डॉगी स्टाइल में खूब चुदवाया और फिर मैं उसके लण्ड पर बैठ गयी। मैं मर्दों की तरह लण्ड चोदने लगी। मैं अपनी गांड उठा उठा के उसके लण्ड पर पटक रही थी। ट्रेन की तफ्तार तेज हुई तो मैंने भी लण्ड चोदने की रफ़्तार तेज कर दी। आखिरकार वह बोला लूसी अब मैं झड़ने वाला हूँ। वह साला बोल गया। उसके लण्ड से निकल पड़ा माल और उससे मेरी चूत, मेरी गांड और मेरे चूतड़ सब साले गीले हो गए। मैं घूम कर लण्ड चाटने लगी।
इस चुदाई के बाद हम दोनों ने नंगे नंगे ही खाना खाया। खूब बातें भी की और खूब मज़ा भी लूटा। रात भर न मैंने कोई कपड़ा पहना और न अंकल ने। उसने मुझे रात में तीन बार चोदा।
सवेरे जब मैं अपने कूपे के बाहर आई तो देखा की बगल के कूपे में मोनिका भाभी बैठी है। मैंने कहा अरे भाभी जी आप यहाँ ? वह बोली हां लूसी। पहले मेरी बर्थ तुम्हारे कूपे में थी पर तुमने चेंज करवा लिया तो मैं यहाँ आ गयी। उस समय भाभी के पास कोई नहीं था। भाभी बोली लूसी तेरा बाप का लण्ड कैसा है ? मैंने कहा अरे यह क्या पूंछ रही हैं आप ? वह बोली देखो भोसड़ी की लूसी मैं तेरे असली बाप को जानती हूँ। उसके लण्ड को भी जानती हूँ। यह तेरा बाप नहीं है। जब तूने बर्थ बदलवाई तो मैं समझ गयी थी की तू भोसड़ी की आज रात भर चुदवायेगी ? अब साफ़ साफ़ बता उसने तुझे कितनी बार चोदा और उसका लण्ड कैसा है ? मैंने कहा भाभी लण्ड तो बहुतअच्छा है और उसने तीन बार चोदा मुझे। भाभी ने कहा तो फिर उससे कहो की एक बार मुझे भी चोद ले ? मैं भी तेरे इस नकली बाप से चुदवाना चाहती हूँ।
मैंने कहा भाभी तू जब मेरे असली बाप से चुदवा चुकी है तो फिर नकली बाप से चुदवाने में क्या हर्ज़ है ? वह बोली तू चिंता न कर लूसी मैं भी तेरी बुर में अपने नकली देवर का लण्ड पेलूंगी। मैंने भी रात में तीन बार नकली देवर से चुदवाया है ? हुआ यह की रात में २ बजे दो लोग उतर गए। बचा तीसरा। मैंने बातों बातों में उसे अपना देवर बना लिया और उसका लण्ड बिना हिचक के पकड़ लिया। मैंने उसे अपनी चूचियाँ पकड़ा दीं। बस फिर क्या भकाभक हुए चुदाई।
मैंने पूंछा - तो फिर तेरा देवर कहाँ है भाभी ?
वह बोली :- नीचे स्टेशन पर नास्ता लेने गया है। तू यहन अपना सामान ले आ। मैं तेरे नकली बाप से चुदवाऊँगी और तू मेरे नकली देवर से चुदवा ले। अभी १०/१२ घंटे का सफर बाकी है। तब तक वह आ गया । भाभी बोली लो मिलो मेरे देवर से यह है जॉन। और उससे कहा जॉन देखो यह है भोसड़ी की लूसी मेरी नन्द। इसे भी मेरी तरह लण्ड का बड़ा शौक है। जॉन को देख कर मेरी चूत मचल उठी। रॉबर्ट अंकल भी मेरे साथ भाभी के कमरे में आ गया। वह भी भाभी को देख कर मस्त हो गया। अब हम चारों लोग एक ही कूपे में एन्जॉय करने लगे , अंकल ने फिर दारू की एक बोतल निकाली और सबको एक एक पैग पकड़ा दिया। हम चारों मस्ती में दारू पीने लगे। सच बताऊँ मुझे तो उस दिन सफर बड़ा अच्छा लग रहा था। ऐसा फील हो रहा था की मुंबई जल्दी न आये तो अच्छा है ?
एक तरफ बातें होने लगी और दूसरी तरफ नशा चढ़ने लगा। नशे में बातेंऔर गहरी होती चली गईं। मोनिका भाभी बोली अंकल भोसड़ी के तूने मुझे अपने कूपे में बैठने क्यों नहीं दिया ? क्या मैं तुमसे चुदवा नहीं सकती थी या फिर तुझे लूसी मुझसे ज्यादा हॉट लगी ? वह बोला मोनिका मुझे नहीं मालूम था की तुम इतनी खुली हुई हो। मैं लूसी को जानता था इसलिए इसकी तरफ मुड़ गया। अब मैं तुमसे मिलकर बहुत खुश हो गया हूँ। वह मजाक में बोली मेरी चूत से मिलकर तो और भी खुश होगे,अंकल ? सबने खूब ठहाका लगाया। मैंने कहा मोनिका भाभी तुम तो रास्ते चलते लड़कों को अपना देवर बना लेती हो ? वह बोली हां लूसी मुझे जो लड़का पसंद आ जाता है तो मन करता है की उसका लण्ड पकड़ लूँ। बस इसीलिए उससे खुल कर बात करती हूँ और लण्ड पकड़ लेती हूँ। मैं जानती हूँ की लड़को को सेक्सी लड़कियों को लण्ड पकड़ाना बड़ा अच्छा लगता है।
मैंने अपना हाथ जॉन के लण्ड पर रख दिया। उधर मोनिका भाभी ने अंकल का लौड़ा दबा कर कहा हाय अंकल अब देर क्यों रहे हो। खोलो न अपना ये मादर चोद लण्ड ? मैं भी तो देखूं ज़रा की वह कौन सा लण्ड है जो लूसी की बुर रात भर चोदता रहा ? भाभी ने उसके बारबूडा में हाथ घुसेड़ दिया। तब तक इधर मैं जॉन का लण्ड बाहर निकाल चुकी थी। मैंने उसे देखते ही कहा wow what a lund it is ! how smart and handsome lund it is ! भाभी मुझे तेरे देवर का लण्ड पसंद आ गया है। मैं जबान निकाल कर लण्ड चाटने लगी। तब तक भाभी भी अंकल का लण्ड बाहर निकाल चुकी थी। वह बोली लूसी तेरी पसंद मुझे अच्छी लगी। तूने रात भर अंकल का लौड़ा लिया तो बड़ा अच्छा किया। ऐसा लौड़ा मिले तो कौन भोसड़ी वाली अपनी बुर नहीं चुदवायेगी ? इसके बाद मैं भी कपड़े खोल कर नंगी हो गयी और मोनिका भी। मुझे नंगी देख कर जॉन का लण्ड फुफकारने लगा और मोनिका को नंगी देख कर अंकल का लण्ड ?
भाभी ने अंकल का लण्ड अपनी चूचियों के बीच डाल लिया और ऊपर नीचे करने लगी। लण्ड का सुपाड़ा बार बार चूचियों के बाहर निकल आता तो उसे देखने में बड़ा अच्छा लग रहा था। मैंने इधर जॉन का लौड़ा अपनी चूचियों पर शुरू किया। फिर उसे अपने निपल्स से लड़ाने लगी। मुझे लण्ड से निपल्स की लड़ाई बड़ी अच्छी लगती है। दो मस्तानी चूत और दो मस्ताने लण्ड एक साथ मिलकर तहलका मचाने लगे। इतने में अंकल ने भाभी की बुर में लौड़ा पेल दिया। वह तो चालू हो गया बुर चोदने में। इधर जॉन भी कैदी से घुमा और लौड़ा मेरी चूत में टिका दिया। मैं कुछ नहीं बोली क्योंकि चूत भी धधकने लगी थी। मैं फिर ट्रेन में ऐसे चुदवाने लगी जैसे मैं अपने बेड रूम में चुदवाती हूँ। चुदवाते हुए देख कर हाय लूसी लगता है तू भोसड़ी की बड़ी चुदक्कड़ है। इतनी मस्ती से चुदवा रही है तू लगता है की तू युगों युगों से चुदवाती चली आ रही है। कभीअपनी माँ का भोसड़ा भी इस तरह चुदवाया है तूने ?
मैंने कहा भाभी मैं अपनी माँ का भोसड़ा इसी तरह चुदवाती हूँ।
अब कूपे में दोनों चूत का बाजा बजने लगा। चुदाई की आवाज़ गूंजने लगी। उधर धकाधक ट्रेन चल रही थी इधर धकाधक हमारी चूत चुद रही थी। मैं भी मस्त और मोनिका भाभी भी मस्त। मैंने कहा भाभी तेरे देवर का लौड़ा मादर चोद बहुत जल्दी में है। अभी बोल जाएगा साला। वह बोली तेरे बाप का लौड़ा भी बोलने वाला है। जितनी
जल्दी जल्दी चोद रहा है न उतनी ही जल्दी इसका गुब्बारा फट जायेगा। भाभी फिर कहने लगी हाय रे और चोदो मुझे अपनी बीवी की तरह चोदो ? मैं रंडी हूँ साले तेरी मुझे कस कस के चोदो। पूरा लौड़ा पेल दो मेरे राजा। इधर मैंने कहां यार जॉन तूने जैसे अपनी भाभी की बुर रात भर चोदा है वैसे ही मुझे चोदो। मेरी बुर चोदो। तेरी भाभी भोसड़ी की बड़ी छिनार है। जहाँ देखो वहां लौड़ा पेल लेती है अपनी बुर में ? तेरी भाभी की बहन की बुर बहन चोद ? तब तक भाभी ने कहा अरे जॉन मेरी नन्द की माँ का भोसड़ा ? साली कुतिया की तरह चुदवाती है मेरी नन्द। लूसी की तो गांड भी चोद दो जॉन।
हम दोनों इसी तरह एक दूसरे को गाली बक बक के चुदवाने का मज़ा लेने लगीं। मुझे तो जितना मज़ा ग्रुप में चुदवाने का आता है उतना मज़ाअकेले चुदवाने में नहीं आता ? थोड़ी देर में जॉन का लण्ड ने उगल दिया वीर्य और मैं उसे पी गयी। मुझे लण्ड पीने में भी बहुत मज़ा आता है। २ मिनट के बाद अंकल का लण्ड भी बोल गया। मोनिका भाभी ने उसका झड़ता हुआ लण्ड चाटा।
ट्रेन में चुदाई का हमारा यह पहला मौक़ा था दोस्तों, हमने तो खूब मज़ा लूटा। कभी आप भी ऐसा प्लान बनाइये और किसी की बुर चोद कर मज़ा लूटिये ?
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