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पचास रुपए में गांड मरवा लेती हूँ - Meri gand ki kimat hai 50 rupaye
पचास रुपए में गांड मरवा लेती हूँ - Meri gand ki kimat hai 50 rupaye , chut stories,desi gaand,land choot,meri choot,nangi desi,randi chudai,bhabhi chudai stories,desi mast,hindi choot,mast stories,meri bhabhi,nangi chudai.
मैं तुम्हे समझाते समझाते थक गयी बेटी लेकिन तेरी समझ में बिलकुल नहीं आ रहा है। पता नहीं तू कौन सी
मिट्टी की बनी है बहन चोद। मन ही मन क्या सोंचती है और अपनी बातें खुल कर क्यों नहीं बताती है ? अब तो तू बड़ी हो गयी है। २१ साल की हो गयी है तू। पढ़ने में भी तू बहुत तेज है। दिखने में उससे ज्यादा। खूबसूरत तो तू है ही, सेक्सी भी है तू और हॉट भी ? फिर भी मेरी बातों को इग्नोर करती है तू ? तेरी जैसी लड़कियां बहुत कम मिलती हैं पगली ? अभी वख्त है सोंच ले नहीं तो सब कुछ हाथ से निकल जायेगा। इतनी इंट्रोवर्ड रहेगी तो तुझे सब लोग दबा कर रखेगें। आजकल बोल्ड बनने का ज़माना है। बेशर्म होने का ज़माना है। बोलने का ज़माना है जब तक तू खुल कर बोलेगी नहीं तब तक यह दुनिया तेरी कुछ नहीं सुनने वाली । जब तक तू दुनिया की माँ बहन नहीं चोदेगी तब तक ये दुनिया तेरा कुछ भला नहीं करेगी वाली, बेटी।
मैंने कहा :- नहीं ऐसा कुछ नहीं होगा, अम्मी
अम्मी ने कहा :- मैं तो कहती हूँ की तू पहले गाली देना सीख ले भोसड़ी की ? खुल कर गन्दी गन्दी बातें करनी सीख ले। जवानी का मज़ा लेना सीख ले माँ की लौड़ी ? बोल्ड बन जा, झांट किसी की परवाह न कर, अपनी माँ चुदाना सीख ले तू, माहिरा ? वख्त जरुरत पर बड़ा काम आता है। फिर देखना यही दुनिया तेरे आगे पीछे घूमेगी।
मैंने कहा :- ठीक है अम्मी अब तू कहती है तो सीख ही लूंगी।
अम्मी बोली :- तो फिर तू माँ चुदा अपनी पहले ?
अम्मी यह सब कह कर चली गईं। अब मैं अम्मी को क्या बताऊँ की उसकी बेटी कितनी बोल्ड हो चुकी है ? लड़कों की ही नहीं मर्दों की भी गांड मारती है उसकी बेटी। वह झांट किसी से नहीं डरती बल्कि लोग उससे डरते हैं। जान कितने लोगो की माँ चोद चुकी है उसकी बेटी और जाने कितनी लड़कियों की चूत में लण्ड पेल चुकी है उसकी बेटी। वह खुद भी चुदवाती है, लड़कियों की बुर चोदती है और उनकी माँ का भोसड़ा चोदती है। आज उसका भी मन अपनी माँ चुदाने का है।
करीब एक घंटे के बाद मेरा फोन आ गया। मैं बात करने लगी। बात करते करते मुझे गुस्सा आ गया।
मैंने कहा उसकी माँ की चूत साले की ,,,,, उसकी बहन की बुर साला भोसड़ी का मुझे चैलेंज करता है माँ का लौड़ा ? उसकी गांड कितनी दम है मैं जानती हूँ,,,,, उसकी साले की उखाड़ लूंगी झाँटें,,, नोच डालूंगी उसका लण्ड ,,,,, गांड में घुसा दूँगी उसकी सारी नक्शेबाज़ी,,,,,माँ का भोसड़ा बहन का लण्ड ?
मैंने फोन रखा तो देखा की अम्मी तो मेरे पीछे ही खड़ी हैं। मुझे देख कर अम्मी ने मुस्कराकर मुझे गले लगा लिया और कहा वाह माहिरा वाह ! मुझे नहीं मालूम था की तू इतनी बोल्ड हो गयी है। अब रात में देखूँगी की तू और कितनी बोल्ड है ? उसने मेरे गाल प्यार से थपथपाया और चली गयी। मैं सोंचने लगी की चलो आज अम्मी खुश तो हैं। वह शायद यह जान गयी हैं की मेरी बेटी को गालियां देना आता है ? उसी शाम को मैं शॉपिंग के लिए चली गयी। मुझे कुछ देर हो गयी और मैं रात को करीब १० बजे घर पहुंची। घर की एक चाभी मेरे पास भी रहती है। मैंने दरवाजा खोला और अपने कमरे में जाकर सामान रखा और कपड़े खोल कर बदलने लगी। मैं रिलैक्स हो गयी और सिर्फ एक मैक्सी पहन ली। न कोई पैंटी और न कोई ब्रा ? इतने में अम्मी की पुकारा।
वह बोली :- अरी माहिरा आ गयी तू ? इतनी देर तक मॉल में ही माँ चुदाती रही तू अपनी ?
मैंने कहा :- अरी अम्मी वह कुछ दोस्त मिल गयी थीं तो थोड़ी गप्प सप्प होंने लगी बस इसी में देर हो गयी।
अम्मी बोली :- ठीक है तू मेरे कमरे में आ जा ?
मैं कमरे में दाखिल हुई तो देखा की सोफा पर अम्मी बैठीं है और उसके बगल में एक अंकल। अम्मी ने बताया माहिरा यह है ज़फर। मेरे बहन चोद जीजू का दोस्त है , मैंने उसे आदाब कहा और उसने भी मुझे। मुझे आदमी तो पसंद आ गया। तब तक अम्मी बोली माहिरा जा जल्दी से ड्रिंक्स बना कर ल आ । मैं ड्रिंक्स का इंतज़ाम करने चली गयी। मैं जब वापस आई तो देखा की अम्मी उसके पैजामे के अंदर हाथ डाल कर अंदर ही अंदर उसका लण्ड हिला रहीं है। यह देख कर मेरी चूत अंदर से गनगना उठी। मैं कुछ बोली नहीं तभी अम्मी ने कहा माहिरा ड्रिंक्स तो उधर रख दे और ले पकड़ भोसड़ी की इसका लण्ड ? अम्मी का इस तरह से कहना मुझे बहुतअच्छा लगा। मैं तो चाहती ही थी लण्ड पकड़ना। मैंने ड्रिंक्स उधर रखी और हाथ बढ़ा दिया। तब तक अम्मी ने लण्ड बाहर निकाल लिया। मेरी नज़र जब फनफनाते हुए लण्ड पर पड़ी तो मैं बोली हाय दईया कितना बड़ा और मोटा लण्ड है, अम्मी ?
मेरे पकड़ते ही लण्ड साला और टन टनाने लगा। मैं तो मस्त होने लगी। तब तक मैंने देखा की अम्मी ने उसके सारे कपड़े उतार दिया। उसे बिलकुल नंगा कर दिया। इधर वह भी अपने कपड़े उतारने लगी। उसके बड़े बड़े स्तन देख कर अंकल का लौड़ा और फन फ़ना गया। अम्मी ने घूम कर मेरी मैक्सी उतार दी। मैं भी मादर चोद बिलकुल नंगी हो गयी। मैं तब तक एकदम बेशर्म हो गयी थी।
मैंने कहा :- अम्मी ,,,,,,
वह बोली :- कहाँ की अम्मी ? किसकी अम्मी ? माहिरा मैं तेरी अम्मी नहीं ? मैं तो नादिरा हूँ तेरी बुर चोदी दोस्त ?
मैंने भी मस्ती से जबाब दिया :- हां हां मेरी दोस्त , आज तो तेरा भोसड़ा बड़ा मज़ा करेगा ?
वह बोली :- आज मैं तेरी माँ का भोसड़ा चोदूँगी, माहिरा ?
मैे भी उसी लहज़े में जबाब दिया :- आज मैं भी तेरी बिटिया की बुर चोदूँगी नादिरा ?
तब तक पीछे से आवाज़ आई आज मैं तेरी बिटिया की बुर लूंगा नादिरा भाभी ?
मैं यह सुनकर हैरान हो गयी। उसकी आवाज़ कुछ जानी पहचानी लग रही थी पर याद नहीं आ रहा था। तब तक अम्मी बोली अरे सल्लू तू यहाँ कैसे आ गया ? वह बोला भाभी बाहर तेरा दरवाजा खुला है और यहाँ अंदर तेरा भोसड़ा खुला है । बस यही सब देख कर मेरा लण्ड साला काबू के बाहर हो गया। मैंने सोंचा की आज शायद भाभी की बुर के साथ साथ उसकी बेटी की भी बुर मिल जाए ? भाभी मैं तो तेरी चूत का दीवाना हूँ यह तुम जानती हो। जितनी बार तेरी बुर चोदता हूँ उतनी बार और चोदने का मन करता है। आज मैं तेरी बेटी की बुर देख कर ललचा गया। अम्मी बोली अरे सल्लू ये भोसड़ी की इस समय मेरी बेटी नहीं मेरी दोस्त माहिरा है बुर चोदी। आज यह अपनी माँ की चूत चुदवायेगी। तब तक मेरे मुंह से निकला और अंकल आज नादिरा अपनी बेटी की बुर चुदवायेगी। अंकल ने कहा तो फिर लाओ ठीक से दिखाओ न अपनी बुर माहिरा। मैंने कहा पहले तू ठीक से दिखा अपना लौड़ा अंकल ? मैं तो ज़फरअंकल का लण्ड चूस रही थी। मैंने एक हाथ बढ़ाया और सल्लू अंकल का लण्ड पकड़ लिया। लण्ड साला खड़ा था। मुझे ऐसा लगा की इसका लण्ड थोड़ा ज्यादा मोटा है। तब तक अम्मी ने मेरे हाथ से ज़फर का लौड़ा छीन लिया और बोली माहिरा तू सल्लू का लौड़ा पकड़ कर मज़ा ले। मैं उसका लौड़ा चाटने लगी। लण्ड के टोपा पर चारों तरफ से जबान फिराने लगी।
मेरी चूत एकदम गीली हो चुकी थी। वह भठ्ठी की तरह जल भी रही थी। अम्मी का भोसड़ा भी धधक रहा था। मैं जान गयी की अम्मी इस समय भयानक रूप से चुदासी है और मैं भी ? मेरा एक हाथ अम्मी के भोसड़ा की तरफ चला गया। मैं उसके भोसड़ा पर हाथ फिराने लगी। वह भी मेरी चूत सहलाने लगी। मेरा मन हुआ की अब मैं अपनी माँ का भोसड़ा चोदूँ ? मेरा मन हुआ की मैं सल्लू का लण्ड पेल दूँ उसी में ? मैंने किया भी यही। सल्लू का लण्ड उसकी चूत पर टिकाया और कहा बहन चोद सल्लू तू पहले चोद मेरी माँ का भोसड़ा ? फिर चोदना मेरी बुर ? मैंने ऊपर से उसके चूतड़ दबा दिया तो लौड़ा पूरा घुस गया अम्मी की चूत में ?
अम्मी बोली :- बुर चोदी माहिरा तू अपनी माँ का भोसड़ा चुदा रही है ?
तब तक अम्मी ने भी चाल चल दी। उसने ज़फर का लण्ड मेरी चूत में पेल दिया।
अम्मी ने कहा :- यार ज़फर आज तू अच्छी तरह की चोद ले मेरी बेटी की बुर ? कोई कसर न छोड़ना। उड़ा दे इसकी बुर के चीथड़े ?
ज़फर मेरी बुर चोदने लगा।
मैंने कहा :- नादिरा, तू अपनी बिटिया की बुर चुदवा रही है।
हम दोनों एक दूसरे के सामने इसी तरह खूब भचाभच चुदवाती रहीं। एक दूसरे की चूत में लण्ड पेल पेल कर चुदवाती रहीं। उस दिन मुझे जवानी का असली मज़ा मिला। मैं जान गयी की ग्रुप में एकदम बेशर्म होकर चुदवाने में कितना मज़ा आता है ?
एक दिन मैं अपनी दोस्त मुनमुन के घर चली गयी। मैंने दरवाजे पर कोई बेल नहीं देखी तो उसे मोबाइल से फोन कर दिया। वह बोली हाय माहिरा दरवाजा खुला है तू अंदर आ जा सीधे मेरे बेड में ? मैं यहीं बैठी हूँ। मैं भी दनदनाती हुई उसके बेड रूम में पहुँच गयी। मैंने देखा की मुनमुन अपने अब्बू की लुंगी के अंदर हाथ डाले हुए उसका लण्ड सहला रही है। मैं यह देख कर हैरान हो गयी की मेरे आने पर भी उसने अपना हाथ बाहर निकाला भी नहीं। बल्ल्कि और जल्दी जल्दी लण्ड हिलाने लगी। मैं समझ तो गयी पर बोली नहीं। तब उसने कहा माहिरा तुझे बड़ी हैरानी हो रही है न मुझे अपने अब्बू का लण्ड हिलाते हुए देख कर ? पर यार मैं क्या करूँ इस भोसड़ी वाले का लण्ड है ही इतना बड़ा ? मेरा हाथ अपने आप इसके लण्ड तक पहुँच जाता है। लो अब तुम भी देख लो मेरे अब्बू का लण्ड ? लण्ड देखते ही मेरी तो गांड फट गयी ? लगभग ९" का लण्ड बाप रे बाप ? लेकिन मेरी चूत अंदर ही अंदर खुश हो गयी।
वह बोली - तेरी हैरानी मैं दूर कर देती हूँ। एक दिन मैंने अब्बू का लण्ड धोखे से पकड़ लिया था। वास्तव में मैं अपने खालू का लण्ड पकड़ती थी। लण्ड चूसती थी और एक दिन उसे अपनी चूत में पेल कर चुदवाने भी लगी। एक दिन मैंने देखा की कमरे में मेरा खालू अपनी छोटी साली यानी मेरी छोटी खाला की बुर चोद रहा है। बस मुझे शरारत सूझी मैं चुपचाप अंदर गयी और खालू का लण्ड पकड़ लिया।
कमरे में अँधेरा था। लण्ड पकड़ते ही मुझे लगा की यह लण्ड खालू का लण्ड नहीं है। तब मैंने उसका चेहरा देखा। मैं चेहरा देख कर दंग रह गयी। वह मेरा अब्बू निकला ? अब तो मुझे यह जानने में देर नहीं लगी की मेरा अब्बू खाला की बुर लेता है। अब्बू को भी यह समझने में देर नहीं लगी की मैं खालू का लण्ड पकड़ती हूँ और उससे चुदवाती हूँ। तब तक छोटी खाला बोली हाय मुनमुन अब क्या ? अब जब लण्ड पकड़ ही लिया है तो ठीक से पकड़ो ? जवानी में किसी का भी लण्ड पकड़ो, किसी से भी चुदवाओ सब जायज़ है मेरी बुर चोदी मुनमुन ? तब अब्बू ने लण्ड मेरे मुंह में घुसा दिया। मैं लण्ड प्यार से चूसने लगी।
बस मैं उसी दिन से अपने अब्बू के लण्ड की दीवानी हो गयी ? अब तो खुले आम चुदवाती हूँ मुझे कोई शर्म नहीं ? मैंने कहा यार मुनमुन तेरे अब्बू का लण्ड तो अम्मी के भोसड़ा में पेलने वाला है ? मुनमुन बोली तो मैं अपने अब्बू को तेरे घर भेज देती हूँ तेरी माँ का भोसड़ा चोदने के लिए और तेरी चूत में पेल देती हूँ अपने मियां का लण्ड ? मैंने भी कहा हां हां भेज दे मैं अभी अम्मी को फोन करके बता देती हूँ
मैंने कहा :- नहीं ऐसा कुछ नहीं होगा, अम्मी
अम्मी ने कहा :- मैं तो कहती हूँ की तू पहले गाली देना सीख ले भोसड़ी की ? खुल कर गन्दी गन्दी बातें करनी सीख ले। जवानी का मज़ा लेना सीख ले माँ की लौड़ी ? बोल्ड बन जा, झांट किसी की परवाह न कर, अपनी माँ चुदाना सीख ले तू, माहिरा ? वख्त जरुरत पर बड़ा काम आता है। फिर देखना यही दुनिया तेरे आगे पीछे घूमेगी।
मैंने कहा :- ठीक है अम्मी अब तू कहती है तो सीख ही लूंगी।
अम्मी बोली :- तो फिर तू माँ चुदा अपनी पहले ?
अम्मी यह सब कह कर चली गईं। अब मैं अम्मी को क्या बताऊँ की उसकी बेटी कितनी बोल्ड हो चुकी है ? लड़कों की ही नहीं मर्दों की भी गांड मारती है उसकी बेटी। वह झांट किसी से नहीं डरती बल्कि लोग उससे डरते हैं। जान कितने लोगो की माँ चोद चुकी है उसकी बेटी और जाने कितनी लड़कियों की चूत में लण्ड पेल चुकी है उसकी बेटी। वह खुद भी चुदवाती है, लड़कियों की बुर चोदती है और उनकी माँ का भोसड़ा चोदती है। आज उसका भी मन अपनी माँ चुदाने का है।
करीब एक घंटे के बाद मेरा फोन आ गया। मैं बात करने लगी। बात करते करते मुझे गुस्सा आ गया।
मैंने कहा उसकी माँ की चूत साले की ,,,,, उसकी बहन की बुर साला भोसड़ी का मुझे चैलेंज करता है माँ का लौड़ा ? उसकी गांड कितनी दम है मैं जानती हूँ,,,,, उसकी साले की उखाड़ लूंगी झाँटें,,, नोच डालूंगी उसका लण्ड ,,,,, गांड में घुसा दूँगी उसकी सारी नक्शेबाज़ी,,,,,माँ का भोसड़ा बहन का लण्ड ?
मैंने फोन रखा तो देखा की अम्मी तो मेरे पीछे ही खड़ी हैं। मुझे देख कर अम्मी ने मुस्कराकर मुझे गले लगा लिया और कहा वाह माहिरा वाह ! मुझे नहीं मालूम था की तू इतनी बोल्ड हो गयी है। अब रात में देखूँगी की तू और कितनी बोल्ड है ? उसने मेरे गाल प्यार से थपथपाया और चली गयी। मैं सोंचने लगी की चलो आज अम्मी खुश तो हैं। वह शायद यह जान गयी हैं की मेरी बेटी को गालियां देना आता है ? उसी शाम को मैं शॉपिंग के लिए चली गयी। मुझे कुछ देर हो गयी और मैं रात को करीब १० बजे घर पहुंची। घर की एक चाभी मेरे पास भी रहती है। मैंने दरवाजा खोला और अपने कमरे में जाकर सामान रखा और कपड़े खोल कर बदलने लगी। मैं रिलैक्स हो गयी और सिर्फ एक मैक्सी पहन ली। न कोई पैंटी और न कोई ब्रा ? इतने में अम्मी की पुकारा।
वह बोली :- अरी माहिरा आ गयी तू ? इतनी देर तक मॉल में ही माँ चुदाती रही तू अपनी ?
मैंने कहा :- अरी अम्मी वह कुछ दोस्त मिल गयी थीं तो थोड़ी गप्प सप्प होंने लगी बस इसी में देर हो गयी।
अम्मी बोली :- ठीक है तू मेरे कमरे में आ जा ?
मैं कमरे में दाखिल हुई तो देखा की सोफा पर अम्मी बैठीं है और उसके बगल में एक अंकल। अम्मी ने बताया माहिरा यह है ज़फर। मेरे बहन चोद जीजू का दोस्त है , मैंने उसे आदाब कहा और उसने भी मुझे। मुझे आदमी तो पसंद आ गया। तब तक अम्मी बोली माहिरा जा जल्दी से ड्रिंक्स बना कर ल आ । मैं ड्रिंक्स का इंतज़ाम करने चली गयी। मैं जब वापस आई तो देखा की अम्मी उसके पैजामे के अंदर हाथ डाल कर अंदर ही अंदर उसका लण्ड हिला रहीं है। यह देख कर मेरी चूत अंदर से गनगना उठी। मैं कुछ बोली नहीं तभी अम्मी ने कहा माहिरा ड्रिंक्स तो उधर रख दे और ले पकड़ भोसड़ी की इसका लण्ड ? अम्मी का इस तरह से कहना मुझे बहुतअच्छा लगा। मैं तो चाहती ही थी लण्ड पकड़ना। मैंने ड्रिंक्स उधर रखी और हाथ बढ़ा दिया। तब तक अम्मी ने लण्ड बाहर निकाल लिया। मेरी नज़र जब फनफनाते हुए लण्ड पर पड़ी तो मैं बोली हाय दईया कितना बड़ा और मोटा लण्ड है, अम्मी ?
मेरे पकड़ते ही लण्ड साला और टन टनाने लगा। मैं तो मस्त होने लगी। तब तक मैंने देखा की अम्मी ने उसके सारे कपड़े उतार दिया। उसे बिलकुल नंगा कर दिया। इधर वह भी अपने कपड़े उतारने लगी। उसके बड़े बड़े स्तन देख कर अंकल का लौड़ा और फन फ़ना गया। अम्मी ने घूम कर मेरी मैक्सी उतार दी। मैं भी मादर चोद बिलकुल नंगी हो गयी। मैं तब तक एकदम बेशर्म हो गयी थी।
मैंने कहा :- अम्मी ,,,,,,
वह बोली :- कहाँ की अम्मी ? किसकी अम्मी ? माहिरा मैं तेरी अम्मी नहीं ? मैं तो नादिरा हूँ तेरी बुर चोदी दोस्त ?
मैंने भी मस्ती से जबाब दिया :- हां हां मेरी दोस्त , आज तो तेरा भोसड़ा बड़ा मज़ा करेगा ?
वह बोली :- आज मैं तेरी माँ का भोसड़ा चोदूँगी, माहिरा ?
मैे भी उसी लहज़े में जबाब दिया :- आज मैं भी तेरी बिटिया की बुर चोदूँगी नादिरा ?
तब तक पीछे से आवाज़ आई आज मैं तेरी बिटिया की बुर लूंगा नादिरा भाभी ?
मैं यह सुनकर हैरान हो गयी। उसकी आवाज़ कुछ जानी पहचानी लग रही थी पर याद नहीं आ रहा था। तब तक अम्मी बोली अरे सल्लू तू यहाँ कैसे आ गया ? वह बोला भाभी बाहर तेरा दरवाजा खुला है और यहाँ अंदर तेरा भोसड़ा खुला है । बस यही सब देख कर मेरा लण्ड साला काबू के बाहर हो गया। मैंने सोंचा की आज शायद भाभी की बुर के साथ साथ उसकी बेटी की भी बुर मिल जाए ? भाभी मैं तो तेरी चूत का दीवाना हूँ यह तुम जानती हो। जितनी बार तेरी बुर चोदता हूँ उतनी बार और चोदने का मन करता है। आज मैं तेरी बेटी की बुर देख कर ललचा गया। अम्मी बोली अरे सल्लू ये भोसड़ी की इस समय मेरी बेटी नहीं मेरी दोस्त माहिरा है बुर चोदी। आज यह अपनी माँ की चूत चुदवायेगी। तब तक मेरे मुंह से निकला और अंकल आज नादिरा अपनी बेटी की बुर चुदवायेगी। अंकल ने कहा तो फिर लाओ ठीक से दिखाओ न अपनी बुर माहिरा। मैंने कहा पहले तू ठीक से दिखा अपना लौड़ा अंकल ? मैं तो ज़फरअंकल का लण्ड चूस रही थी। मैंने एक हाथ बढ़ाया और सल्लू अंकल का लण्ड पकड़ लिया। लण्ड साला खड़ा था। मुझे ऐसा लगा की इसका लण्ड थोड़ा ज्यादा मोटा है। तब तक अम्मी ने मेरे हाथ से ज़फर का लौड़ा छीन लिया और बोली माहिरा तू सल्लू का लौड़ा पकड़ कर मज़ा ले। मैं उसका लौड़ा चाटने लगी। लण्ड के टोपा पर चारों तरफ से जबान फिराने लगी।
मेरी चूत एकदम गीली हो चुकी थी। वह भठ्ठी की तरह जल भी रही थी। अम्मी का भोसड़ा भी धधक रहा था। मैं जान गयी की अम्मी इस समय भयानक रूप से चुदासी है और मैं भी ? मेरा एक हाथ अम्मी के भोसड़ा की तरफ चला गया। मैं उसके भोसड़ा पर हाथ फिराने लगी। वह भी मेरी चूत सहलाने लगी। मेरा मन हुआ की अब मैं अपनी माँ का भोसड़ा चोदूँ ? मेरा मन हुआ की मैं सल्लू का लण्ड पेल दूँ उसी में ? मैंने किया भी यही। सल्लू का लण्ड उसकी चूत पर टिकाया और कहा बहन चोद सल्लू तू पहले चोद मेरी माँ का भोसड़ा ? फिर चोदना मेरी बुर ? मैंने ऊपर से उसके चूतड़ दबा दिया तो लौड़ा पूरा घुस गया अम्मी की चूत में ?
अम्मी बोली :- बुर चोदी माहिरा तू अपनी माँ का भोसड़ा चुदा रही है ?
तब तक अम्मी ने भी चाल चल दी। उसने ज़फर का लण्ड मेरी चूत में पेल दिया।
अम्मी ने कहा :- यार ज़फर आज तू अच्छी तरह की चोद ले मेरी बेटी की बुर ? कोई कसर न छोड़ना। उड़ा दे इसकी बुर के चीथड़े ?
ज़फर मेरी बुर चोदने लगा।
मैंने कहा :- नादिरा, तू अपनी बिटिया की बुर चुदवा रही है।
हम दोनों एक दूसरे के सामने इसी तरह खूब भचाभच चुदवाती रहीं। एक दूसरे की चूत में लण्ड पेल पेल कर चुदवाती रहीं। उस दिन मुझे जवानी का असली मज़ा मिला। मैं जान गयी की ग्रुप में एकदम बेशर्म होकर चुदवाने में कितना मज़ा आता है ?
एक दिन मैं अपनी दोस्त मुनमुन के घर चली गयी। मैंने दरवाजे पर कोई बेल नहीं देखी तो उसे मोबाइल से फोन कर दिया। वह बोली हाय माहिरा दरवाजा खुला है तू अंदर आ जा सीधे मेरे बेड में ? मैं यहीं बैठी हूँ। मैं भी दनदनाती हुई उसके बेड रूम में पहुँच गयी। मैंने देखा की मुनमुन अपने अब्बू की लुंगी के अंदर हाथ डाले हुए उसका लण्ड सहला रही है। मैं यह देख कर हैरान हो गयी की मेरे आने पर भी उसने अपना हाथ बाहर निकाला भी नहीं। बल्ल्कि और जल्दी जल्दी लण्ड हिलाने लगी। मैं समझ तो गयी पर बोली नहीं। तब उसने कहा माहिरा तुझे बड़ी हैरानी हो रही है न मुझे अपने अब्बू का लण्ड हिलाते हुए देख कर ? पर यार मैं क्या करूँ इस भोसड़ी वाले का लण्ड है ही इतना बड़ा ? मेरा हाथ अपने आप इसके लण्ड तक पहुँच जाता है। लो अब तुम भी देख लो मेरे अब्बू का लण्ड ? लण्ड देखते ही मेरी तो गांड फट गयी ? लगभग ९" का लण्ड बाप रे बाप ? लेकिन मेरी चूत अंदर ही अंदर खुश हो गयी।
वह बोली - तेरी हैरानी मैं दूर कर देती हूँ। एक दिन मैंने अब्बू का लण्ड धोखे से पकड़ लिया था। वास्तव में मैं अपने खालू का लण्ड पकड़ती थी। लण्ड चूसती थी और एक दिन उसे अपनी चूत में पेल कर चुदवाने भी लगी। एक दिन मैंने देखा की कमरे में मेरा खालू अपनी छोटी साली यानी मेरी छोटी खाला की बुर चोद रहा है। बस मुझे शरारत सूझी मैं चुपचाप अंदर गयी और खालू का लण्ड पकड़ लिया।
कमरे में अँधेरा था। लण्ड पकड़ते ही मुझे लगा की यह लण्ड खालू का लण्ड नहीं है। तब मैंने उसका चेहरा देखा। मैं चेहरा देख कर दंग रह गयी। वह मेरा अब्बू निकला ? अब तो मुझे यह जानने में देर नहीं लगी की मेरा अब्बू खाला की बुर लेता है। अब्बू को भी यह समझने में देर नहीं लगी की मैं खालू का लण्ड पकड़ती हूँ और उससे चुदवाती हूँ। तब तक छोटी खाला बोली हाय मुनमुन अब क्या ? अब जब लण्ड पकड़ ही लिया है तो ठीक से पकड़ो ? जवानी में किसी का भी लण्ड पकड़ो, किसी से भी चुदवाओ सब जायज़ है मेरी बुर चोदी मुनमुन ? तब अब्बू ने लण्ड मेरे मुंह में घुसा दिया। मैं लण्ड प्यार से चूसने लगी।
बस मैं उसी दिन से अपने अब्बू के लण्ड की दीवानी हो गयी ? अब तो खुले आम चुदवाती हूँ मुझे कोई शर्म नहीं ? मैंने कहा यार मुनमुन तेरे अब्बू का लण्ड तो अम्मी के भोसड़ा में पेलने वाला है ? मुनमुन बोली तो मैं अपने अब्बू को तेरे घर भेज देती हूँ तेरी माँ का भोसड़ा चोदने के लिए और तेरी चूत में पेल देती हूँ अपने मियां का लण्ड ? मैंने भी कहा हां हां भेज दे मैं अभी अम्मी को फोन करके बता देती हूँ
- मैंने अम्मी को फोन किया और कहा नादिरा कहाँ है तू हरामजादी ?
- वह बोली यही हूँ माहिरा तू बता तू कहाँ अपनी चुदा रही है ?
- मैं माँ नहीं चुदा रही हूँ पर चुदाने जा रही हूँ। अच्छा तू मजाक कर रही है ?
- मैं मजाक नहीं कर रही हूँ अभी तेरे घर मेरी सहेली मुनमुन का अब्बू आ रहा है तेरा भोसड़ा चोदने ? उसका लौड़ा मैंने पकड़ के देखा है साला ९" का है। तेरा भोसड़ा फाड़ डालेगा ?
- अरे तू उसे भेज तो दे मेरे पास ? मेरा भोसड़ा उसे अपने अंदर घुसेड़ कर बैगन की तरह भून डालेगा ? पर तू बता इतना बढ़िया लण्ड मेरे पास भेज देगी तो तू क्या अपनी झाँटें उखाड़ेगी वहां बैठी बैठी ?
- मैं मुनमुन के मियां का लण्ड पेलूंगी अपनी चूत में ?
- तो फिर मुनमुन क्या करेगी ?
- मुनमुन अपने मामू जान का लण्ड अपनी चूत में लेगी। वह मेरे सामने अपनी मामू से चुदवायेगी ?
दारू और लण्ड दोनो मेरी पसंद की चीजें हैं। मैं दोनों एक साथ लेती हूँ, उसके बाद ही अपनी बुर देती हूँ।
हम सब लोग हंस पड़े। मैंने उसके मियां का लण्ड ऊपर से दबा दिया। मुझे लगा की लण्ड दमदार है। तब तक मुनमुन भी अपने मामू का लण्ड दबाकर बोली भोसड़ी के बहुत दिनों के बाद आये हो। आज मैं तेरे लण्ड का तेल निकालूंगी। ऐसा कह कर उसने फटाफट मामू को नंगा कर दिया। मेरी नज़र उसके लण्ड पर पड़ी तो मेरी चूत ससुरी गन गना उठी। मैंने ठान लिया की चुदवाऊँगी। फिर मैंने भी बेशर्मी दिखाई और उसके मियां का लौड़ा खोल कर बाहर निकाल लिया। लौड़ा हाथ कुलाचें भरने लगा। मैंने कहा वाओ, मुनमुन तेरे मियां का लौड़ा तो बड़ा जबरदस्त है यार। इतना मोटा तगड़ा लौड़ा तो नीग्रो का होता है। वह मुस्कराकर बोली हां यार इसकी माँ ने नीग्रो से चुदवाया था तभी यह पैदा हुआ ? मेरी अम्मी ने बताया था की मेरी अम्मी बड़ी चुदक्कड़ थी। वह नीग्रो और शेख लोगों से चुदवाया करती थी क्योंकि उसे मोटे तगड़े लण्ड से चुदवाने का बड़ा शौक था। मुनमुन मुझे बता रही थी और मैं इधर उसके मियां लण्ड चाटने लगी।
तब तक मुनमुन ने मेरे सारे कपड़े उतार दिया और खुद भी नंगी हो गयी। अब वह अपने मामू का लण्ड चूसने लगी और मैं उसके मियां का लण्ड। कमरे में मस्ती का माहौल बन गया। दो लण्ड दो चूत आमने सामने ? चूत में भी कोई झांट नहीं और लण्ड पर भी कोई झांट नहीं। मैं लण्ड अपने पूरे बदन पर फिराने लगी। खास तौर से अपनी चूचियों पर। लण्ड का टोपा अपनी चूचियों पर रगड़ने लगी। निपल्स से लड़ाने लगी लण्ड का टोपा। मैं मस्त हो रही थी। उधर मुनमुन भी लण्ड का पूरा मज़ा लूट रही थी। मैं लण्ड चूसने लगी और वह अपनी चूत चटवाने लगी। उसका एक हाथ मेरी चूत पर था। और मेरा एक हाथ उसके मामू के लण्ड पर। माओं उसके मामू सहलाने लगी। यानी एक लण्ड मेरे मुंह में और दूसरा मेरे हाथ में। मुझे दो दो लण्ड से चुदवाने का मज़ा लेना बड़ा अच्छा लगता है।
मैंने कहा :- यार मुनमुन तेरे मियां का लौड़ा बड़ा स्वादिस्ट है यार ? इतना मोटा लण्ड तो मेरी चूत फाड़ डालेगा ? मेरी चूत क्या मेरी माँ का भोसड़ा भी फाड़ डालेगा तेरे मियां का लण्ड ?
वह बोली :- तो फिर मेरे मियां से अपनी माँ का भोसड़ा फड़वा ले न तुम माहिरा ? अभी मेरा अब्बू तेरी माँ का भोसड़ा चोद रहा होगा। कल तुम मेरे मियां से अपनी माँ चुदवा लेना ?
मेरी बातें सुनकर असद ने लण्ड मेरी चूत में पेल दिया। मैं भी रंडी की तरह चुदवाने लगी और मुनमुन भी अपने मामू का लण्ड अपनी बुर में घुसा कर मज़ा लेने लगी। कमरे में भचर भचर, गचर गचर, धच्च धच्च, फच्च फच्च की आवाज़ें आने लगीं। मुझे चुदाई की आवाज़ें बड़ी अच्छी लगती हैं। उधर मुनमुन की बुर चुद रही थी इधर मेरी बुर ? उधर उसकी चूचियाँ हिल रही थीं इधर मेरी चूचियाँ ? मैं मन ही मन सोंच रही थी की मुनमुन बड़ी लकी है। उसके मियां का लौड़ा बड़ा शानदार है। पर वह घर के सभी मर्दों से चुदवाती है। तब तक असद ने मुझे पीछे से चोदना शुरू कर दिया। मेरे बगल में वह भी पीछे से चुदवाने लगी। थोड़ी देर में मुझे महसूस हुआ की अब किसी और का लण्ड मेरी चूत में घुस गया है। मैंने पीछे मुड़ कर देखा तो बात सच थी। अब उसका मामू मेरी बुर चोद रहा था और उसका मियां मेरे सामने आ गया। वह मेरे मुंह के आगे टाँगे फैलाकर लेट गया। उसका लण्ड मेरे मुंह के सामने आ गया। मेरा मुंह अपने आप खुला और लण्ड उसमे घुस गया। मैं लण्ड चूसते हुए बुर चुदवाने लगी। मुनमुन मामू के पेलहड़ सहलाने लगी और दूसरे हाथ से मेरी चूचियाँ ?
कुछ देर बाद मैंअसद के लण्ड पर बैठ गयी। तब तक मेरा फोन बज उठा।
मैंने फोन उठाया तो अम्मी बोली :- क्या कर रही तू माहिरा माँ की लौड़ी ?
मैंने मस्ती से जबाब दिया :- तेरी बिटिया की बुर चुदवा रही हूँ, अम्मी ?
अम्मी बोली :- मैं भी तेरी माँ का भोसड़ा चुदवा रही हूँ, बेटी ? मैंने कहा था न की आज मैं तेरी माँ चोदूँगी। तो मैं सही में तेरी माँ चोद रही हूँ। दो दो लण्ड पेल दिया है मैंने तेरी माँ के भोसड़ा में माहिरा ?
मैंने भी कहा :- मैंने भी दो दो लण्ड पेला है तेरी बेटी की बुर में अम्मी ?
उसके बाद तो चुदाई का सिलसिला बराबर चलता रहा। अब तो हमारा घर लौंडों से भरा रहता है। २/३ लण्ड नंगे नंगे हमेशा घूमा करते हैं मेरे घर में ?
=०=०=०=०=०=०=०=०=०=०=०=०=०=० समाप्त
तब तक मुनमुन ने मेरे सारे कपड़े उतार दिया और खुद भी नंगी हो गयी। अब वह अपने मामू का लण्ड चूसने लगी और मैं उसके मियां का लण्ड। कमरे में मस्ती का माहौल बन गया। दो लण्ड दो चूत आमने सामने ? चूत में भी कोई झांट नहीं और लण्ड पर भी कोई झांट नहीं। मैं लण्ड अपने पूरे बदन पर फिराने लगी। खास तौर से अपनी चूचियों पर। लण्ड का टोपा अपनी चूचियों पर रगड़ने लगी। निपल्स से लड़ाने लगी लण्ड का टोपा। मैं मस्त हो रही थी। उधर मुनमुन भी लण्ड का पूरा मज़ा लूट रही थी। मैं लण्ड चूसने लगी और वह अपनी चूत चटवाने लगी। उसका एक हाथ मेरी चूत पर था। और मेरा एक हाथ उसके मामू के लण्ड पर। माओं उसके मामू सहलाने लगी। यानी एक लण्ड मेरे मुंह में और दूसरा मेरे हाथ में। मुझे दो दो लण्ड से चुदवाने का मज़ा लेना बड़ा अच्छा लगता है।
मैंने कहा :- यार मुनमुन तेरे मियां का लौड़ा बड़ा स्वादिस्ट है यार ? इतना मोटा लण्ड तो मेरी चूत फाड़ डालेगा ? मेरी चूत क्या मेरी माँ का भोसड़ा भी फाड़ डालेगा तेरे मियां का लण्ड ?
वह बोली :- तो फिर मेरे मियां से अपनी माँ का भोसड़ा फड़वा ले न तुम माहिरा ? अभी मेरा अब्बू तेरी माँ का भोसड़ा चोद रहा होगा। कल तुम मेरे मियां से अपनी माँ चुदवा लेना ?
मेरी बातें सुनकर असद ने लण्ड मेरी चूत में पेल दिया। मैं भी रंडी की तरह चुदवाने लगी और मुनमुन भी अपने मामू का लण्ड अपनी बुर में घुसा कर मज़ा लेने लगी। कमरे में भचर भचर, गचर गचर, धच्च धच्च, फच्च फच्च की आवाज़ें आने लगीं। मुझे चुदाई की आवाज़ें बड़ी अच्छी लगती हैं। उधर मुनमुन की बुर चुद रही थी इधर मेरी बुर ? उधर उसकी चूचियाँ हिल रही थीं इधर मेरी चूचियाँ ? मैं मन ही मन सोंच रही थी की मुनमुन बड़ी लकी है। उसके मियां का लौड़ा बड़ा शानदार है। पर वह घर के सभी मर्दों से चुदवाती है। तब तक असद ने मुझे पीछे से चोदना शुरू कर दिया। मेरे बगल में वह भी पीछे से चुदवाने लगी। थोड़ी देर में मुझे महसूस हुआ की अब किसी और का लण्ड मेरी चूत में घुस गया है। मैंने पीछे मुड़ कर देखा तो बात सच थी। अब उसका मामू मेरी बुर चोद रहा था और उसका मियां मेरे सामने आ गया। वह मेरे मुंह के आगे टाँगे फैलाकर लेट गया। उसका लण्ड मेरे मुंह के सामने आ गया। मेरा मुंह अपने आप खुला और लण्ड उसमे घुस गया। मैं लण्ड चूसते हुए बुर चुदवाने लगी। मुनमुन मामू के पेलहड़ सहलाने लगी और दूसरे हाथ से मेरी चूचियाँ ?
कुछ देर बाद मैंअसद के लण्ड पर बैठ गयी। तब तक मेरा फोन बज उठा।
मैंने फोन उठाया तो अम्मी बोली :- क्या कर रही तू माहिरा माँ की लौड़ी ?
मैंने मस्ती से जबाब दिया :- तेरी बिटिया की बुर चुदवा रही हूँ, अम्मी ?
अम्मी बोली :- मैं भी तेरी माँ का भोसड़ा चुदवा रही हूँ, बेटी ? मैंने कहा था न की आज मैं तेरी माँ चोदूँगी। तो मैं सही में तेरी माँ चोद रही हूँ। दो दो लण्ड पेल दिया है मैंने तेरी माँ के भोसड़ा में माहिरा ?
मैंने भी कहा :- मैंने भी दो दो लण्ड पेला है तेरी बेटी की बुर में अम्मी ?
उसके बाद तो चुदाई का सिलसिला बराबर चलता रहा। अब तो हमारा घर लौंडों से भरा रहता है। २/३ लण्ड नंगे नंगे हमेशा घूमा करते हैं मेरे घर में ?
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