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भाभी ने अपनी ननद को चुदवाया - Bhabhi ne karwayi nanad ki chudai maje se choda
भाभी ने अपनी ननद को चुदवाया - Bhabhi ne karwayi nanad ki chudai maje se choda.
उस दिन मैं वाकई अपने कमरे में चुपचाप किसी का लण्ड चूस रही थी। यह लण्ड किसका मैं बाद में बताऊंगी। मैं पहले यह बता रही हूँ की मेरी सास मिसेज बिपासा उसी समय मेरे पास आकर बोली बहू, लो चोदो अपनी नन्द की बुर । अभी दो दिन पहले मैं जब इसी तरह एक और लड़के का लण्ड चूस रही थी तो मेरी नन्द मेरे पास आई थी और बोली लो श्वेता भाभी चोदो अपनी सास का भोसड़ा। मैंने उसी समय लण्ड अपने मुंह से निकाल कर अपनी सास के भोसड़ा में घुसेड़ दिया था। अब आज मेरी सास यही चाहतीं हैं की मैं लण्ड अपने मुंह से निकाल कर अपनी नन्द की बुर में पेल दूँ। मैंने भी एक आज्ञाकारी बहू की तरह लण्ड अपने मुंह से निकाल नन्द की बुर में घुसा दिया। मैं उस लड़के के पीछे जाकर उसकी पीठ और उसके चूतड़ों से चिपक गयी। चिपक कर मैं भी उसी तरह आगे पीछे होने लगी जैसे वह मेरी नन्द की बुर चोदने में कर रहा था। ऐसा लग रहा था की वह लड़का नहीं बल्कि मैं अपनी नन्द की बुर चोद रही हूँ। मेरी सास खड़ी खड़ी अपनी बेटी की बुर चुदते हुए देख देख कर बड़ी खुश हो रही थी।
दोस्तों, ये सब पढ़कर आपको बड़ा अजीब लग रहा होगा पर है यह सब सच ? इस चोदा चोदी का खेल बहुत निराला होता है और इसकी कोई सीमा नहीं है। इसका दायरा बहुत बड़ा है बल्कि असीमित है। इसे हज़ारों लाखों तरह से खेला जा सकता है। अब देखिये न घर में हम तीन लोग ही हैं। मैं बहू, मेरी सास और मेरी नन्द। कभी मैं कहती हूँ - नन्द रानी लो चोदो अपनी माँ का भोसड़ा ? कभी मेरी सास अपनी बेटी से कहती है - बेटी, लो चोदोअपनी भाभी बुर। कितना मज़ा आता है जब मेरी नन्द मुझसे कहती है - भाभी लो मारो अपनी सास की गांड ? इसी तरह जब मैं अपनी सास से कहती हूँ - सासु जी लो चोदो अपनी बिटिया की बुर ? तो पूरे घर में चोदा चोदी का नशा छा जाता है।
इस तरह हम तीनो लोग खूब मौज मस्ती करती हैं और चुदाई का पूरा मज़ा लेतीं हैं। एक दूसरे की चूत में लण्ड पेलती हैं और खूब एन्जॉय करती हैं। एक दूसरे को गालियां भी देतीं है और मस्ती से दो दो तीन तीन लण्ड का मज़ा भी लूटतीं हैं। अब यह सोंच रहे होगें की घर में तीन लोग है और तीनो चूत ? लण्ड तो कहीं है नहीं तो फिर चोदोगी कैसे ? चोदने के लिए लण्ड चाहिए न लण्ड। बिना लण्ड के न तो किसी की बुर चुदेगी और न ही किसी का भोसड़ा ?
अब मैं आपको राज़ की बता रही हूँ। मेरी सास बहुत पढ़ी लिखीं है। पी एच डी कर रखी है उसने। एक डिग्री कॉलेज में प्रोफेसर है मेरी सास उसका नाम है डॉक्टर बिपासा। उम्र उसकी ४४ साल है। बेहद खूबसूरत है, मस्त जवान है और बड़ी हरामजादी है वो। उसकी बेटी शिल्पा भी बहुत पढ़ी लिखी है। वह भी एक कॉलेज में पढ़ाती हैं। शिल्पा ससुरी जितनी अपनी बुर चुदवाने में तेज है उतनी हीअपने माँ का भोसड़ा चुदवाने में ? उसकी उम्र २२ साल है वह भी अपनी माँ की तरह बहुत खूबसूरत है।
अब मैं अपने बारे में क्या कहूं ? मेरा नाम है श्वेता। मैं २८ साल की हूँ मस्त, खुश मिज़ाज़ और हॉट हूँ। मुझे देख कर लड़के अपना लण्ड सहलाने लगते हैं। मैं भी एक डिग्री कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर हूँ। कॉलेज के लड़के मेरे आगे पीछे घूमते हैं। मैं लड़कों का शिकार बड़ी होशियारी से करती हूँ और फिर उनके लण्ड पकड़ती हूँऔर मस्ती से चुदवाती हूँ। यही काम मेरी सास भी करती है और मेरी नन्द भी। इस काम के लिए अक्सर हम लोग कोड वर्ड्स का बहुत इस्तेमाल करती हैं। इसी से लड़कों को चुपचाप घर लेआतीं हैं। किसी को कुछ मालूम ही नहीं होता है। इसके अलावा और भी तरीके हैं लण्ड का शिकार करने के ? इसी तारह हम लोग लण्ड का शिकार लगातार करती रहतीं है ताकि की हमें कभी भी लण्ड की कमी महसूस न हो।
सच बताऊँ दोस्तों, मुझे मर्दों को नंगा करने में बड़ा मज़ा आता है। इसलिए मैं इतवार को और हर छुट्टी के दिन कुछ लड़कों को बुलाती हूँ और उन्हें दिन भर नंगा रखती हूँ। मुझे नंगे लण्ड देखने का बड़ा शौक है। यही हाल मेरी सास और नन्द का भी है। वो भी नंगे नंगे लण्ड देख कर खूब एन्जॉय करती हैं। इसलिए छुट्टी के दिन मेरा घर लौंडों से पूरा भरा रहता है। मुझे भी मर्दों के आगे नंगी होने में बड़ा अच्छा लगता है। जब भी कोई लड़का मेरे घर आता है तो मैं उसके सामने कपड़े खोल कर नंगी खड़ी हो जाती हूँ और उसे नंगा कर देती हूँ। उसका लण्ड पकड़ कर ही उससे बात करती हूँ। अभी दो दिन पहले अनीस आया था। वह मुस्लिम लड़का है। बड़ा हैंडसम और समार्ट लड़का है। मेरी नज़र उस पर कई दिनों से थी। मैं उसका लौड़ा देखने के लिए बेताब हो रही थी क्योंकि मैंने अभी तक कोई मुसलमानी लण्ड नहीं देखा था। सूना तो बहुत था। मैंने उसे बैठाया। जैसे ही वह बोला श्वेता मेम वैसे ही मैं बीच में बोल पड़ी मेम की माँ का भोसड़ा। मैं घर में मेम नहीं हूँ। यहाँ मैं बहन चोद श्वेता ही हूँ। समझा तू माँ का लौड़ा अनीस ? मैं कॉलेज में जितनी स्ट्रिक्ट और कठोर हूँ उतनी ही घर में एकदम नार्मल और नरम हूँ। वहां मैं गालियां नहीं बकती लेकिन यहाँ घर में बिना गाली के मैं बात नहीं करती। चलो छोडो ये सब बातें अब तुम यह बताओ की तेरा लण्ड कितना बड़ा है ? वह बोलअरेआप यह क्या पूंछ रही हैं। मैं बोली बताने में तेरी गांड फट रही है क्या ?
चलो कोई बात अभी मैं खुद पकड़ कर देख लूंगी। अब तू यह बता की अभी तक कितनी लड़कियों की बुर चोदी है तूने ? खुल कर बात कर, कोई डरने या शर्माने की जरुरत नहीं है। वह बोला भाभी की बहन चोदा मैंने, जीजू की बहन चोदी, खाला का भोसड़ा चोदा, उसकी बेटी की ली मैंने। फूफी की चोदी मैंने और उसकी बेटी की भी ? मैंने कहा बाप रे बाप बड़ा भयानक चोदू है तू। साला लड़की चोदता है तू उसकी माँ भी चोदता है ? वह बोला नहीं श्वेता जी लड़कियां खुद मुझसे अपनी माँ अपने सामने चुदवाती हैं। यह सुनकर मेरी चूत में आग लग गयी। मैं उठी औरअपने खोल कर एकदम नंगी उसके सामने खड़ी हो गयी। उसके कपड़े खोलकर उसे नंगा कर दिया और उसका लण्ड पकड़ कर हिलाने लगी। धीरे धीरे लण्ड खड़ा होने लगा फिर मैं लण्ड पकड़े पकड़े बात करने लगी। उसे भी अपनी चूचियाँ पकड़ा दीं। वह भी मेरी चूचियाँ चूसते हुए बोलने लगा।
बात करते करते मैंने लण्ड मुंह में लिया और चूसने लगी। उसका सुपाड़ा अंदर ही अंदर चाटने लगी। लण्ड मुझे वाकई बहुत पसंद आ गया। इतने में मेरी सास किसी लड़के का लण्ड पकड़े पकड़े मेरे कमरे में आ गईं। उसने मुझे लण्ड चूसते हुए देखा तो और मस्त हो गईं। वह बोली भोसड़ी की बहू तू तो अपनी सास से भी आगे निकल गयी। अच्छा लो ये लण्ड और चोदो अपनी नन्द की बुर ? उसने अपने हाथ का लण्ड मुझे पकड़ा दिया। तब तक नन्द भी बुर चोदी किसी का लण्ड पकड़े हुए मेरे कमरे में आ गयी। मैंने उसे देख कर कहा लो मेरी नन्द रानी ये अनीस का लौड़ा है अब तुम चोदो अपनी माँ का भोसड़ा ? मैंने अनीस का लण्ड अपनी नन्द को पकड़ा दिया। उधर से नन्द ने अपना लण्ड मेरी सास को पकड़ाते हुए बोली हाय मम्मी लो इससे चोदो अपनी बहू की बुर। मेरी सास ने मेरी नन्द के हाथ से लण्ड ले लिया और उसे मेरी चूत पर रख दिया। उस लड़के ने जैसे ही धक्का मारा वैसे ही लण्ड मेरी चूत में पूरा घुस गया। इतने में नन्द ने अनीस का लण्ड अपनी माँ के भोसड़ा में टिका दिया। अनीस तो साला चोदू था ही। उसने गपाक से लण्ड पेल दिया मेरी सास की चूत में। फिर मैंने भी वो लण्ड जो मेरी सास ने दिया था उसे नन्द की चूत में पेला और भकाभक चुदवाने लगी उसकी बुर ?
इस तरह एक ही कमरे में सास बहू और बेटी की बुर चुदने लगी। मेरा बॉय फ्रेंड मेरी सास की बुर चोदने लगा, सास के बॉय फ्रेंड ने नन्द की बुर में लौड़ा घुस दिया और नन्द का बॉय फ्रेंड मेरी बुर चोदने लगा। देखा आपने हम तीनो कितनी मस्ती से एक दूसरे की बुर चुदवाने में इंटरेस्ट लेतीं हैं। जब तक मेरी चूत चुद रही है तब तक मैं आपको बता दूँ की मेरा हसबैंड और मेरा ससुर दोनों विदेश में काम करते हैं। वो लोग साल में दो बार ही आ पातें हैं। हम लोग उनकेआने पर चोदा चोदी पर पूरी तरह रोक लगा देती हैं। किसी भी मरद का घर में आना बंद कर देतीं हैं। मैं अपने पति से चुदवाती हूँ और मेरी सास अपने पति से। ये दोनों लोग वहां से हमें पैसे भेजा करते हैं और हम लोग यहाँ भी नौकरी करके पैसा पैदा करती हैं। इसलिए हमारे पास पैसों की कमी नहीं है। अब मेरे घर में कोई लण्ड तो है नहीं ? इसलिए हमें लण्ड का इंतज़ाम करना ही पड़ेगा ही न ? इसी लण्ड के चक्कर में हम लोग बहुत बड़ी ऐय्यास हो गईं हैं। एकदम रंडी हो गईं हैं हम सब। न कोई लज्जा, बहन चोद न कोई शर्म ? लण्ड तो हमारे लिए गाजर मूली हो गया।
जैस ही वे दोनों चले जातें हैं. वैसे ही हमारी ऐय्यासी फिर शुरू हो जाती है। फिर तो खूब होती धकापेल चुदाई। छुट्टी के दिन तो दिन भर लण्ड का मेला लगा रहता है और हमारी चूतें चुदती रहती हैं। अब तो हम लोग गांड भी मराने लगीं हैं। उस दिन भी हमने इन लोगों से खूब लण्ड बदल बदल कर चुदवाया। मैं तो अब बहुत बड़ी चुदक्कड़ बन गयी हूँ। मुझसे ज्यादा चुदक्कड़ तो मेरी सास हैऔर अब मेरी नन्द भी हमारी तरह चुदक्कड़ हो गयी है। एक बात और है की हम लोग चुदाई करवाते समय गालियां खूब बोलतीं हैं ताकि लण्ड में जोश बना रहे। और वह भकाभक चूत के अंदर घुस घुस कर चोदता रहे।
एक बार किसी बात पर हम तीनो में तू तू मैं मैं होने लगी। गालियां तो मुंह से एकदम बन्दूक की गोलियों की तरह निकलने लगीं।
मैंने सुना मेरी सास बोल रही थी - अरी वो शिल्पा कहाँ है तू ? माँ चुदा रही है तू अपनी ?
वह बोली नहीं माँ नहीं चुदा रही हूँ। अपनी झाँटें बना रही हूँ अभी आती हूँ ज्यादा मेरी गांड में उंगली न किया कर ?
तब सासू जी मेरी तरफ लपकी और बोली अरी भोसड़ी की बहू तू क्या कर रही थी ? तुझे मालूम नहीं हुआ की मैं आ गयी हूँ।
मुझे क्या मालूम तुम कब आ गईं ? तुमने आना का कोई अलार्म बजाया था क्या ?
अच्छा तो क्या मैं बाबा जी का घंटा बजाया करूँआने से पहले ?
बाबा जी का घंटा नहीं बाबा जी का लण्ड बजाया करो मेरी हरामजादी सासू जी। लण्ड बजाओगी तो तेरे भोसड़ा का भी लाभ होगा।
सुना है तू माँ की लौड़ी अपनी बुर चुदवा रही थी ?
हां तो क्या हुआ कोई चोरी कर रही था क्या ? बुर चुदाना क्या कोई गुनाह है ?
बड़ी जबान लड़ाती है तू बहू। तेरी माँ का भोसड़ा ? अकेले अकेले चुदवा लिया तूने। मुझे नहीं बताया।
तू तो कहीं और चुदाने गयी थी, भोसड़ी वाली । यहाँ मैं काला लौड़ा लिए तेरा इंतज़ार ही करती रही। जब तू नहीं आई तो मैंने लौड़ा अपनी बुर में घुसा लिया।
हाय राम, तुझे मालूम है की मुझे काला लौड़ा कितना पसंद है ? तूने मेरे भोसड़ा में क्यों नहीं पेला काला लण्ड ? हाय रे मैं बहुत दिनों से काला लण्ड का इंतज़ार कर रही थी।
तब तक मेरी नन्द आ गयी वह बोली मम्मी तुम्हे बहन चोद किसी और की चिंता भी है। तेरी बिटिया की बुर बहन चोद. उस दिन तूने भी मेरा इंतज़ार नहीं किया था और मोटा लण्ड अपने भोसड़ा में पेल कर चुदवा लिया था जबकि तुझे मालूम है की मैं मोटे लण्ड पर जान देती हूँ। मजे की बात यह है की तूने न मुझे बताया और न भाभी को ?
तेरी भाभी की बहन का लण्ड। तेरी भाभी की बुर, मादर चोद। वो कभी मोटा लण्ड लेती है कभी काला लण्ड ? कभी घर में चुदवाती है तो कभी बाहर से चुदवा कर आती है। उसकी चूत की खुजली कभी खत्म ही नहीं होती ? उसका बस चले तो वह अपनी माँ भी लोगों से चुदवा ले ?
नन्द बोली भाभी खूब चुदवाती है तो तेरी गांड में क्यों में दर्द होता है मम्मी ? उसकी चूत है वो जिसको चाहे दे और जिसको चाहे न दे ? सास बोली तो तू भी माँ की लौड़ी अपनी भाभी का पक्ष ले रही है। तेरी माँ की चूत शिल्पा मैं तुझे भी जानती हूँ। तू तो रंडी से भी ज्यादा बेशरम है निर्लज्ज है ? अपनी माँ के भोसड़ा में लण्ड पेलती है तू ?
तू भी तो लण्ड पेलती है अपनी बेटी बहू की चूत में तब तुझे शर्म नहीं आती ?
तब तक मैं बोली यार शर्म की माँ की चूत ? जब हम दोनों साथ साथ चोदा चोदी करती हैं तो फिर एक दूसरे को गालियां क्यों सुनाती हो ?
नन्द बोली - भाभी तेरी नन्द का भोसड़ा। ज्यादा मज़ा करना हो तो अपनी नन्द की बुर चोदो।
सास बोली - क्यों नन्द की बुर क्यों चोदेगी ? पहले वो अपनी सास का भोसड़ा चोदेगी। तुझको ज्यादा जल्दी है तो तू जाअपनी माँ चुदा बुर चोदी शिल्पा ?
मैंने कहा नन्द रानी पहले अपनी भाभी का चोदो भोसड़ा तब मुझसे बात करो ? और सुनो सासू जी तू अगर बड़ी हरामी चीज है तो पहले अपनी बहू की बुर में पेलो लण्ड ?
हम तीनो इसी तरह एक दूसरे को गाली दे दे कर मज़ा ले रही थीं। तब तक पड़ोस की रेहाना आंटी आ गयी। वह बोली हाय अल्ला, श्वेता तू भोसड़ी की अपनी सास और अपनी नन्द को ही गालियां दे रही है ? आपस में ही झगड़ा कर रही है तू। मैंने हंस कर कहा आंटी मैं झगड़ा नहीं कर रही हूँ। मैं तो प्यार और मोहब्बत में गालियां नहीं दे रही हूँ बस हम लोग आपस में गालियों का मनोरंजन कर रही हैं। तब तक सास भी बोली हां यार रेहाना ये मेरी बहू और मेरी बेटी दोनों मुझसे बहुत प्यार करतीं हैं और हम लोग आपस में मज़ा करने के लिए बिना मतलब की गालियां मुंह से निकालती रहतीं हैं। इससे मज़ा भी मिलता है और चोदा चोदी करने ताकत भी बढ़ती है। आंटी बोली हाय बिपासा तू तो मेरी बहू की तरह बोल रही है। वह भी मुझे खूब गालियां देती है और मैं भी उसकी माँ बहन चोदती रहती हूँ। मेरी बेटी जब अपनी ससुराल से आती है तो गालियों की रफ़्तार और बढ़ जाती है। वह भोसड़ी की अपनी माँ चुदवाती है और मैं अपनी बेटी चुदवाती हूँ। अब तो मैं अपनी बहू भी चुदवाने लगीं हूँ। हम तीनो एक ही कमरे में लण्ड पेल पेल कर मज़ा लूटतीं हैं।
अब मैं बताती हूँ की यह सब कैसे हुआ ? एक दिन मैं रात में अपने देवर का लण्ड चूस रही थी। कमरे की लाइट बंद थी लेकिन बाथ रूम की खुली थी। मैं भी नंगी थी और मेरा देवर भी। कमरे का दरवाजा बंद करना भूल गयी थी। इतने में मेरी बहू कमरे में आ गयी। वह बोली हाय सासू जी ये क्या ? मैं एक सेकंड के लिए झिझकी लेकिन फिर बोली हां बहू ये लण्ड है लण्ड। मेरे देवर का लण्ड। ले तू भी पकड़ कर देख और बता की कैसा है इसका लण्ड ? बहू ने पकड़ लिया लण्ड। तब मैं जान गयी की इसकी चूत भी मेरी तरह चुदासी है। मैंने देवर का लण्ड उसकी चूत में घुसेड़ दिया। मैंने पूंछा अरी बहू अभी परसों जब मैं अपने जीजू का लण्ड चूस रही थी तो तू कहाँ थीं। वह बोली मैं तो तुम्हे चुदवाते हुए देख रही थी सासू जी लेकिन दरवाजा बंद था इसलिए अंदर नहीं आ सकी ? सासू बोली हाय दईया ? अब मैं खुल्लम खुल्ला चुदवाया करुँगी।
दूसरे दिन मेरी बेटी आ गयी। वह मुझसे बहुत पहले खुल चुकी थी।आते ही बोली अरे अम्मी अपनी बहू की बुर चोदी तूने कभी ? मेरे बोलने के पहले मेरी बहू बोल पड़ीअरी नन्द रानी तेरी अम्मी ने अपनी बहू की बुर चोदी हो या न चोदी हो पर मैंने तेरी माँ की बुर चोदी है। वह बोली तो फिर आज मैं भी तेरी बुर चोदूँगी भाभी ? बस उस दिन से हम तीनो भी झमाझम चुदाई करती रही और करवाती रहीं। जब तक मेरी बेटी घर में रहती है तो और मज़ा आता है नहीं तो हम दोनों ही चुदाई का लुत्फ़ उठाती रहती हैं।
मेरी बेटी एक दिन अपने ससुर के साथ आ गयी। रात में बोली आज मेरा ससुर तेरा भोसड़ा चोदेगा,अम्मी। मैंने कहा ठीक है। मैंने भी कुछ इंतज़ाम कर लिया। रात को मैं नंगी नंगी एकआदमी का लण्ड पकड़े हुए बहू के कमरे में घुस गयी। वहां मेरी बेटी भी बैठी थी।
मैंने अपनी बहू को लण्ड दिखाते हुए कहा :- बहू, लो पकड़ो ये लण्ड और चोदो अपनी नन्द की बुर...
उस दिन मैं वाकई अपने कमरे में चुपचाप किसी का लण्ड चूस रही थी। यह लण्ड किसका मैं बाद में बताऊंगी। मैं पहले यह बता रही हूँ की मेरी सास मिसेज बिपासा उसी समय मेरे पास आकर बोली बहू, लो चोदो अपनी नन्द की बुर । अभी दो दिन पहले मैं जब इसी तरह एक और लड़के का लण्ड चूस रही थी तो मेरी नन्द मेरे पास आई थी और बोली लो श्वेता भाभी चोदो अपनी सास का भोसड़ा। मैंने उसी समय लण्ड अपने मुंह से निकाल कर अपनी सास के भोसड़ा में घुसेड़ दिया था। अब आज मेरी सास यही चाहतीं हैं की मैं लण्ड अपने मुंह से निकाल कर अपनी नन्द की बुर में पेल दूँ। मैंने भी एक आज्ञाकारी बहू की तरह लण्ड अपने मुंह से निकाल नन्द की बुर में घुसा दिया। मैं उस लड़के के पीछे जाकर उसकी पीठ और उसके चूतड़ों से चिपक गयी। चिपक कर मैं भी उसी तरह आगे पीछे होने लगी जैसे वह मेरी नन्द की बुर चोदने में कर रहा था। ऐसा लग रहा था की वह लड़का नहीं बल्कि मैं अपनी नन्द की बुर चोद रही हूँ। मेरी सास खड़ी खड़ी अपनी बेटी की बुर चुदते हुए देख देख कर बड़ी खुश हो रही थी।
दोस्तों, ये सब पढ़कर आपको बड़ा अजीब लग रहा होगा पर है यह सब सच ? इस चोदा चोदी का खेल बहुत निराला होता है और इसकी कोई सीमा नहीं है। इसका दायरा बहुत बड़ा है बल्कि असीमित है। इसे हज़ारों लाखों तरह से खेला जा सकता है। अब देखिये न घर में हम तीन लोग ही हैं। मैं बहू, मेरी सास और मेरी नन्द। कभी मैं कहती हूँ - नन्द रानी लो चोदो अपनी माँ का भोसड़ा ? कभी मेरी सास अपनी बेटी से कहती है - बेटी, लो चोदोअपनी भाभी बुर। कितना मज़ा आता है जब मेरी नन्द मुझसे कहती है - भाभी लो मारो अपनी सास की गांड ? इसी तरह जब मैं अपनी सास से कहती हूँ - सासु जी लो चोदो अपनी बिटिया की बुर ? तो पूरे घर में चोदा चोदी का नशा छा जाता है।
इस तरह हम तीनो लोग खूब मौज मस्ती करती हैं और चुदाई का पूरा मज़ा लेतीं हैं। एक दूसरे की चूत में लण्ड पेलती हैं और खूब एन्जॉय करती हैं। एक दूसरे को गालियां भी देतीं है और मस्ती से दो दो तीन तीन लण्ड का मज़ा भी लूटतीं हैं। अब यह सोंच रहे होगें की घर में तीन लोग है और तीनो चूत ? लण्ड तो कहीं है नहीं तो फिर चोदोगी कैसे ? चोदने के लिए लण्ड चाहिए न लण्ड। बिना लण्ड के न तो किसी की बुर चुदेगी और न ही किसी का भोसड़ा ?
अब मैं आपको राज़ की बता रही हूँ। मेरी सास बहुत पढ़ी लिखीं है। पी एच डी कर रखी है उसने। एक डिग्री कॉलेज में प्रोफेसर है मेरी सास उसका नाम है डॉक्टर बिपासा। उम्र उसकी ४४ साल है। बेहद खूबसूरत है, मस्त जवान है और बड़ी हरामजादी है वो। उसकी बेटी शिल्पा भी बहुत पढ़ी लिखी है। वह भी एक कॉलेज में पढ़ाती हैं। शिल्पा ससुरी जितनी अपनी बुर चुदवाने में तेज है उतनी हीअपने माँ का भोसड़ा चुदवाने में ? उसकी उम्र २२ साल है वह भी अपनी माँ की तरह बहुत खूबसूरत है।
अब मैं अपने बारे में क्या कहूं ? मेरा नाम है श्वेता। मैं २८ साल की हूँ मस्त, खुश मिज़ाज़ और हॉट हूँ। मुझे देख कर लड़के अपना लण्ड सहलाने लगते हैं। मैं भी एक डिग्री कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर हूँ। कॉलेज के लड़के मेरे आगे पीछे घूमते हैं। मैं लड़कों का शिकार बड़ी होशियारी से करती हूँ और फिर उनके लण्ड पकड़ती हूँऔर मस्ती से चुदवाती हूँ। यही काम मेरी सास भी करती है और मेरी नन्द भी। इस काम के लिए अक्सर हम लोग कोड वर्ड्स का बहुत इस्तेमाल करती हैं। इसी से लड़कों को चुपचाप घर लेआतीं हैं। किसी को कुछ मालूम ही नहीं होता है। इसके अलावा और भी तरीके हैं लण्ड का शिकार करने के ? इसी तारह हम लोग लण्ड का शिकार लगातार करती रहतीं है ताकि की हमें कभी भी लण्ड की कमी महसूस न हो।
सच बताऊँ दोस्तों, मुझे मर्दों को नंगा करने में बड़ा मज़ा आता है। इसलिए मैं इतवार को और हर छुट्टी के दिन कुछ लड़कों को बुलाती हूँ और उन्हें दिन भर नंगा रखती हूँ। मुझे नंगे लण्ड देखने का बड़ा शौक है। यही हाल मेरी सास और नन्द का भी है। वो भी नंगे नंगे लण्ड देख कर खूब एन्जॉय करती हैं। इसलिए छुट्टी के दिन मेरा घर लौंडों से पूरा भरा रहता है। मुझे भी मर्दों के आगे नंगी होने में बड़ा अच्छा लगता है। जब भी कोई लड़का मेरे घर आता है तो मैं उसके सामने कपड़े खोल कर नंगी खड़ी हो जाती हूँ और उसे नंगा कर देती हूँ। उसका लण्ड पकड़ कर ही उससे बात करती हूँ। अभी दो दिन पहले अनीस आया था। वह मुस्लिम लड़का है। बड़ा हैंडसम और समार्ट लड़का है। मेरी नज़र उस पर कई दिनों से थी। मैं उसका लौड़ा देखने के लिए बेताब हो रही थी क्योंकि मैंने अभी तक कोई मुसलमानी लण्ड नहीं देखा था। सूना तो बहुत था। मैंने उसे बैठाया। जैसे ही वह बोला श्वेता मेम वैसे ही मैं बीच में बोल पड़ी मेम की माँ का भोसड़ा। मैं घर में मेम नहीं हूँ। यहाँ मैं बहन चोद श्वेता ही हूँ। समझा तू माँ का लौड़ा अनीस ? मैं कॉलेज में जितनी स्ट्रिक्ट और कठोर हूँ उतनी ही घर में एकदम नार्मल और नरम हूँ। वहां मैं गालियां नहीं बकती लेकिन यहाँ घर में बिना गाली के मैं बात नहीं करती। चलो छोडो ये सब बातें अब तुम यह बताओ की तेरा लण्ड कितना बड़ा है ? वह बोलअरेआप यह क्या पूंछ रही हैं। मैं बोली बताने में तेरी गांड फट रही है क्या ?
चलो कोई बात अभी मैं खुद पकड़ कर देख लूंगी। अब तू यह बता की अभी तक कितनी लड़कियों की बुर चोदी है तूने ? खुल कर बात कर, कोई डरने या शर्माने की जरुरत नहीं है। वह बोला भाभी की बहन चोदा मैंने, जीजू की बहन चोदी, खाला का भोसड़ा चोदा, उसकी बेटी की ली मैंने। फूफी की चोदी मैंने और उसकी बेटी की भी ? मैंने कहा बाप रे बाप बड़ा भयानक चोदू है तू। साला लड़की चोदता है तू उसकी माँ भी चोदता है ? वह बोला नहीं श्वेता जी लड़कियां खुद मुझसे अपनी माँ अपने सामने चुदवाती हैं। यह सुनकर मेरी चूत में आग लग गयी। मैं उठी औरअपने खोल कर एकदम नंगी उसके सामने खड़ी हो गयी। उसके कपड़े खोलकर उसे नंगा कर दिया और उसका लण्ड पकड़ कर हिलाने लगी। धीरे धीरे लण्ड खड़ा होने लगा फिर मैं लण्ड पकड़े पकड़े बात करने लगी। उसे भी अपनी चूचियाँ पकड़ा दीं। वह भी मेरी चूचियाँ चूसते हुए बोलने लगा।
बात करते करते मैंने लण्ड मुंह में लिया और चूसने लगी। उसका सुपाड़ा अंदर ही अंदर चाटने लगी। लण्ड मुझे वाकई बहुत पसंद आ गया। इतने में मेरी सास किसी लड़के का लण्ड पकड़े पकड़े मेरे कमरे में आ गईं। उसने मुझे लण्ड चूसते हुए देखा तो और मस्त हो गईं। वह बोली भोसड़ी की बहू तू तो अपनी सास से भी आगे निकल गयी। अच्छा लो ये लण्ड और चोदो अपनी नन्द की बुर ? उसने अपने हाथ का लण्ड मुझे पकड़ा दिया। तब तक नन्द भी बुर चोदी किसी का लण्ड पकड़े हुए मेरे कमरे में आ गयी। मैंने उसे देख कर कहा लो मेरी नन्द रानी ये अनीस का लौड़ा है अब तुम चोदो अपनी माँ का भोसड़ा ? मैंने अनीस का लण्ड अपनी नन्द को पकड़ा दिया। उधर से नन्द ने अपना लण्ड मेरी सास को पकड़ाते हुए बोली हाय मम्मी लो इससे चोदो अपनी बहू की बुर। मेरी सास ने मेरी नन्द के हाथ से लण्ड ले लिया और उसे मेरी चूत पर रख दिया। उस लड़के ने जैसे ही धक्का मारा वैसे ही लण्ड मेरी चूत में पूरा घुस गया। इतने में नन्द ने अनीस का लण्ड अपनी माँ के भोसड़ा में टिका दिया। अनीस तो साला चोदू था ही। उसने गपाक से लण्ड पेल दिया मेरी सास की चूत में। फिर मैंने भी वो लण्ड जो मेरी सास ने दिया था उसे नन्द की चूत में पेला और भकाभक चुदवाने लगी उसकी बुर ?
इस तरह एक ही कमरे में सास बहू और बेटी की बुर चुदने लगी। मेरा बॉय फ्रेंड मेरी सास की बुर चोदने लगा, सास के बॉय फ्रेंड ने नन्द की बुर में लौड़ा घुस दिया और नन्द का बॉय फ्रेंड मेरी बुर चोदने लगा। देखा आपने हम तीनो कितनी मस्ती से एक दूसरे की बुर चुदवाने में इंटरेस्ट लेतीं हैं। जब तक मेरी चूत चुद रही है तब तक मैं आपको बता दूँ की मेरा हसबैंड और मेरा ससुर दोनों विदेश में काम करते हैं। वो लोग साल में दो बार ही आ पातें हैं। हम लोग उनकेआने पर चोदा चोदी पर पूरी तरह रोक लगा देती हैं। किसी भी मरद का घर में आना बंद कर देतीं हैं। मैं अपने पति से चुदवाती हूँ और मेरी सास अपने पति से। ये दोनों लोग वहां से हमें पैसे भेजा करते हैं और हम लोग यहाँ भी नौकरी करके पैसा पैदा करती हैं। इसलिए हमारे पास पैसों की कमी नहीं है। अब मेरे घर में कोई लण्ड तो है नहीं ? इसलिए हमें लण्ड का इंतज़ाम करना ही पड़ेगा ही न ? इसी लण्ड के चक्कर में हम लोग बहुत बड़ी ऐय्यास हो गईं हैं। एकदम रंडी हो गईं हैं हम सब। न कोई लज्जा, बहन चोद न कोई शर्म ? लण्ड तो हमारे लिए गाजर मूली हो गया।
जैस ही वे दोनों चले जातें हैं. वैसे ही हमारी ऐय्यासी फिर शुरू हो जाती है। फिर तो खूब होती धकापेल चुदाई। छुट्टी के दिन तो दिन भर लण्ड का मेला लगा रहता है और हमारी चूतें चुदती रहती हैं। अब तो हम लोग गांड भी मराने लगीं हैं। उस दिन भी हमने इन लोगों से खूब लण्ड बदल बदल कर चुदवाया। मैं तो अब बहुत बड़ी चुदक्कड़ बन गयी हूँ। मुझसे ज्यादा चुदक्कड़ तो मेरी सास हैऔर अब मेरी नन्द भी हमारी तरह चुदक्कड़ हो गयी है। एक बात और है की हम लोग चुदाई करवाते समय गालियां खूब बोलतीं हैं ताकि लण्ड में जोश बना रहे। और वह भकाभक चूत के अंदर घुस घुस कर चोदता रहे।
एक बार किसी बात पर हम तीनो में तू तू मैं मैं होने लगी। गालियां तो मुंह से एकदम बन्दूक की गोलियों की तरह निकलने लगीं।
मैंने सुना मेरी सास बोल रही थी - अरी वो शिल्पा कहाँ है तू ? माँ चुदा रही है तू अपनी ?
वह बोली नहीं माँ नहीं चुदा रही हूँ। अपनी झाँटें बना रही हूँ अभी आती हूँ ज्यादा मेरी गांड में उंगली न किया कर ?
तब सासू जी मेरी तरफ लपकी और बोली अरी भोसड़ी की बहू तू क्या कर रही थी ? तुझे मालूम नहीं हुआ की मैं आ गयी हूँ।
मुझे क्या मालूम तुम कब आ गईं ? तुमने आना का कोई अलार्म बजाया था क्या ?
अच्छा तो क्या मैं बाबा जी का घंटा बजाया करूँआने से पहले ?
बाबा जी का घंटा नहीं बाबा जी का लण्ड बजाया करो मेरी हरामजादी सासू जी। लण्ड बजाओगी तो तेरे भोसड़ा का भी लाभ होगा।
सुना है तू माँ की लौड़ी अपनी बुर चुदवा रही थी ?
हां तो क्या हुआ कोई चोरी कर रही था क्या ? बुर चुदाना क्या कोई गुनाह है ?
बड़ी जबान लड़ाती है तू बहू। तेरी माँ का भोसड़ा ? अकेले अकेले चुदवा लिया तूने। मुझे नहीं बताया।
तू तो कहीं और चुदाने गयी थी, भोसड़ी वाली । यहाँ मैं काला लौड़ा लिए तेरा इंतज़ार ही करती रही। जब तू नहीं आई तो मैंने लौड़ा अपनी बुर में घुसा लिया।
हाय राम, तुझे मालूम है की मुझे काला लौड़ा कितना पसंद है ? तूने मेरे भोसड़ा में क्यों नहीं पेला काला लण्ड ? हाय रे मैं बहुत दिनों से काला लण्ड का इंतज़ार कर रही थी।
तब तक मेरी नन्द आ गयी वह बोली मम्मी तुम्हे बहन चोद किसी और की चिंता भी है। तेरी बिटिया की बुर बहन चोद. उस दिन तूने भी मेरा इंतज़ार नहीं किया था और मोटा लण्ड अपने भोसड़ा में पेल कर चुदवा लिया था जबकि तुझे मालूम है की मैं मोटे लण्ड पर जान देती हूँ। मजे की बात यह है की तूने न मुझे बताया और न भाभी को ?
तेरी भाभी की बहन का लण्ड। तेरी भाभी की बुर, मादर चोद। वो कभी मोटा लण्ड लेती है कभी काला लण्ड ? कभी घर में चुदवाती है तो कभी बाहर से चुदवा कर आती है। उसकी चूत की खुजली कभी खत्म ही नहीं होती ? उसका बस चले तो वह अपनी माँ भी लोगों से चुदवा ले ?
नन्द बोली भाभी खूब चुदवाती है तो तेरी गांड में क्यों में दर्द होता है मम्मी ? उसकी चूत है वो जिसको चाहे दे और जिसको चाहे न दे ? सास बोली तो तू भी माँ की लौड़ी अपनी भाभी का पक्ष ले रही है। तेरी माँ की चूत शिल्पा मैं तुझे भी जानती हूँ। तू तो रंडी से भी ज्यादा बेशरम है निर्लज्ज है ? अपनी माँ के भोसड़ा में लण्ड पेलती है तू ?
तू भी तो लण्ड पेलती है अपनी बेटी बहू की चूत में तब तुझे शर्म नहीं आती ?
तब तक मैं बोली यार शर्म की माँ की चूत ? जब हम दोनों साथ साथ चोदा चोदी करती हैं तो फिर एक दूसरे को गालियां क्यों सुनाती हो ?
नन्द बोली - भाभी तेरी नन्द का भोसड़ा। ज्यादा मज़ा करना हो तो अपनी नन्द की बुर चोदो।
सास बोली - क्यों नन्द की बुर क्यों चोदेगी ? पहले वो अपनी सास का भोसड़ा चोदेगी। तुझको ज्यादा जल्दी है तो तू जाअपनी माँ चुदा बुर चोदी शिल्पा ?
मैंने कहा नन्द रानी पहले अपनी भाभी का चोदो भोसड़ा तब मुझसे बात करो ? और सुनो सासू जी तू अगर बड़ी हरामी चीज है तो पहले अपनी बहू की बुर में पेलो लण्ड ?
हम तीनो इसी तरह एक दूसरे को गाली दे दे कर मज़ा ले रही थीं। तब तक पड़ोस की रेहाना आंटी आ गयी। वह बोली हाय अल्ला, श्वेता तू भोसड़ी की अपनी सास और अपनी नन्द को ही गालियां दे रही है ? आपस में ही झगड़ा कर रही है तू। मैंने हंस कर कहा आंटी मैं झगड़ा नहीं कर रही हूँ। मैं तो प्यार और मोहब्बत में गालियां नहीं दे रही हूँ बस हम लोग आपस में गालियों का मनोरंजन कर रही हैं। तब तक सास भी बोली हां यार रेहाना ये मेरी बहू और मेरी बेटी दोनों मुझसे बहुत प्यार करतीं हैं और हम लोग आपस में मज़ा करने के लिए बिना मतलब की गालियां मुंह से निकालती रहतीं हैं। इससे मज़ा भी मिलता है और चोदा चोदी करने ताकत भी बढ़ती है। आंटी बोली हाय बिपासा तू तो मेरी बहू की तरह बोल रही है। वह भी मुझे खूब गालियां देती है और मैं भी उसकी माँ बहन चोदती रहती हूँ। मेरी बेटी जब अपनी ससुराल से आती है तो गालियों की रफ़्तार और बढ़ जाती है। वह भोसड़ी की अपनी माँ चुदवाती है और मैं अपनी बेटी चुदवाती हूँ। अब तो मैं अपनी बहू भी चुदवाने लगीं हूँ। हम तीनो एक ही कमरे में लण्ड पेल पेल कर मज़ा लूटतीं हैं।
अब मैं बताती हूँ की यह सब कैसे हुआ ? एक दिन मैं रात में अपने देवर का लण्ड चूस रही थी। कमरे की लाइट बंद थी लेकिन बाथ रूम की खुली थी। मैं भी नंगी थी और मेरा देवर भी। कमरे का दरवाजा बंद करना भूल गयी थी। इतने में मेरी बहू कमरे में आ गयी। वह बोली हाय सासू जी ये क्या ? मैं एक सेकंड के लिए झिझकी लेकिन फिर बोली हां बहू ये लण्ड है लण्ड। मेरे देवर का लण्ड। ले तू भी पकड़ कर देख और बता की कैसा है इसका लण्ड ? बहू ने पकड़ लिया लण्ड। तब मैं जान गयी की इसकी चूत भी मेरी तरह चुदासी है। मैंने देवर का लण्ड उसकी चूत में घुसेड़ दिया। मैंने पूंछा अरी बहू अभी परसों जब मैं अपने जीजू का लण्ड चूस रही थी तो तू कहाँ थीं। वह बोली मैं तो तुम्हे चुदवाते हुए देख रही थी सासू जी लेकिन दरवाजा बंद था इसलिए अंदर नहीं आ सकी ? सासू बोली हाय दईया ? अब मैं खुल्लम खुल्ला चुदवाया करुँगी।
दूसरे दिन मेरी बेटी आ गयी। वह मुझसे बहुत पहले खुल चुकी थी।आते ही बोली अरे अम्मी अपनी बहू की बुर चोदी तूने कभी ? मेरे बोलने के पहले मेरी बहू बोल पड़ीअरी नन्द रानी तेरी अम्मी ने अपनी बहू की बुर चोदी हो या न चोदी हो पर मैंने तेरी माँ की बुर चोदी है। वह बोली तो फिर आज मैं भी तेरी बुर चोदूँगी भाभी ? बस उस दिन से हम तीनो भी झमाझम चुदाई करती रही और करवाती रहीं। जब तक मेरी बेटी घर में रहती है तो और मज़ा आता है नहीं तो हम दोनों ही चुदाई का लुत्फ़ उठाती रहती हैं।
मेरी बेटी एक दिन अपने ससुर के साथ आ गयी। रात में बोली आज मेरा ससुर तेरा भोसड़ा चोदेगा,अम्मी। मैंने कहा ठीक है। मैंने भी कुछ इंतज़ाम कर लिया। रात को मैं नंगी नंगी एकआदमी का लण्ड पकड़े हुए बहू के कमरे में घुस गयी। वहां मेरी बेटी भी बैठी थी।
मैंने अपनी बहू को लण्ड दिखाते हुए कहा :- बहू, लो पकड़ो ये लण्ड और चोदो अपनी नन्द की बुर...
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