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बहु ने करवाई सास की चुदाई - Sasuji ko bade lund se chudwaya
बहु ने करवाई सास की चुदाई - Sasuji ko bade lund se chudwaya.
अरे शबाना आंटी अब मैं क्या बताऊँ तुमसे उस दिन मैं अपने कमरे में अपने बॉय फ्रेंड का लण्ड चूस रही थी। अम्मी बाहर गयी थी यह कह कर की वह शाम को आएंगीं। अब दिन भर मैं अकेली क्या करती ? मैंने अपने बॉय फ्रेंड को बुला लिया।पहले तो उससे खूब बातें की और फिर उसके कपड़े उतार कर उसे पूरा नंगा कर दिया। उसका लण्ड पकड़ कर हिलाने लगी तो लण्ड एकदम से खड़ा हो गया। फिर मैंने भी अपने सारे कपड़े उतार डाला। मैं भी मादर चोद बिलकुल नंगी हो गयी। मेरी मस्ती बढती जा रही थी। मैंने लण्ड पकड़ कर चाटना शुरू किया और वह मेरी चूत और चूतड़ सहलाना। चाटते चाटते मैंने लण्ड आधे से अधिक अपने मुंह में घुसेड़ लिया और मस्ती से चूसने लगी। मैं लण्ड बार बार बाहर निकाल कर फिर अंदर डालने लगी। तभी अचानक अम्मी कमरे में दाखिल हो गईं। उसने मुझे लण्ड चूसते हुए देख लिया। बस उसने अपना हाथ बढ़ाया और लण्ड अपने कब्जे में ले लिया। मुझसे छीन लियाअम्मी ने लण्ड ? मैं थोड़ा सहम गयी। लण्ड भी ढीला हो गया। तब अम्मी बोली अरी भोसड़ी की फ़िरोज़ा ये तो बहुत बड़ा लण्ड है ? देख न कितना लम्बा और मोटा है बहन चोद। ये अगर तेरी चूत में घुसेगा तो तेरी चूत फट जाएगी। तू इसे बर्दास्त नहीं कर पायेगी, मेरी बेटी। यह लौड़ा तो भोसड़ा चोदने वाला है चूत चोदने वाला नहीं ? तू इसे अपनी माँ के भोसड़ा में पेल दे, बेटी। पहले तू अपनी माँ का भोसड़ा चुदवा ले फिर आहिस्ते से तू अपनी चूत में घुसा के चुदवाना। मैं यहीं बैठी हुई देखूंगी की तू कहीं गलती तो नहीं कर रही ? तेरी चूत का मैं ख्याल रखूंगी फ़िरोज़ा और तू मेरे भोसड़ा का ख्याल रख। ऐसा कह कर अम्मी खुद मेरे बॉय फ्रेंड का लण्ड चूसने लगीं।अब तुम्ही बताओ आंटी मैं तो खाली हाथ हो गयी।
शबाना आंटी बोली :- अरी फ़िरोज़ा आजकल यही सब हो रहा है। अब देखो न उस दिन मेरी बेटी ने मेरे हाथ से लण्ड छीन लिया। मैं पड़ोस के हलीम अंकल का लण्ड चूस रही थी। उसका लण्ड मुझे बहुत अच्छा लगता है। मैं समझी की मेरी बेटी कहीं बाहर गयी है और थोड़ा देर से आएगी। बस मुझे मौका मिल गया। मैंने फोन करके हलीम को बुला लिया। वह जैसे ही आया वैसे ही मैंने उसकी लुंगी खोल कर फेंक दी। वह साला अंदर से नंगा हो गया। मैं उसका लण्ड हिलाने लगी और तब उसने भी मेरे कपड़े उतार दिया बोला भाभी तुम नंगी नंगी बहुत अच्छी लगती हो । वह मेरी चूचियाँ मसलने लगा और मैं उसका लण्ड सहलाने लगी । लण्ड साला बढ़ता ही चला जा रहा था। और मैं मस्त होती जा रही थी। पहले तो मैंने लण्ड का टोपा खूब मजे से चाटा और फिर लण्ड मुंह में डाल कर चूसने लगी।
मैं लण्ड का मज़ा ले रही थी तभी मेरी बेटी सबा कमरे में आ गयी। वह कुछ बोली नहीं पर लण्ड मेरे हाथ से छीन कर खुद चाटने लगी। उसने मुझे पहले भी अनीस अंकल का लण्ड चूसते हुए देखा था। एक दिन जब मैं अपने बहनोई से चुदवा रही थी तब भी मेरी बेटी ने मुझे देख लिया था। पर चुप रही। उसे यकीन हो गया की मेरी अम्मी पराये मर्दों से चुदवाती हैं। पर उस दिन तो उसने हद ही कर दी। थोड़ी देर तक लण्ड चाटने के बाद वह बोली अम्मी अब हर पराये मरद के लण्ड का मज़ा तू ही लेगी ? कोई साला ऐसा मर्द नहीं है जिसका लण्ड तू चूसती नहीं है। और चूसने के बाद चुदवाती नहीं है। मैं तेरी काली करतूतें सब जानती हूँ। तुझे तो बस अपने भोसड़ा का ख्याल है मेरी चूत का नहीं ? अब तेरी बेटी २२ साल की हो गई है। उसके पास भी चूत है। उसे भी लण्ड चाहिए लण्ड अम्मी ? अब ये लौड़ा तू पहले मेरी चूत में पेल दे ? अपनी बेटी की बुर चुदवा ले पहले फिर चुदवाना अपना भोसड़ा ?
तो देखा फ़िरोज़ा ऐसी है मेरी बेटी। मैंने कहा तो इसका मतलब है की तेरी बेटी अपनी माँ चुदवाती है और माँ अपनी बेटी ? वह बोली अब हम दो ही लोग घर में हैं तो फिर छिप छिप कर चुदाने का कोई मतलब भी नहीं हैं जो कुछ करो खुल्लम खुल्ला करो। मेरी बेटी की सहेलियां भी आतीं हैं उनमे जो खुल गईं है वो भी मेरी चूत में लण्ड पेल देती हैं और मैं भी उनकी बुर चुदवा लेती हूँ। कभी कभी मेरी सहेलियां भी मेरी बेटी की बुर में लण्ड घुसेड़ देतीं हैं। मुझे तो यह सब बड़ा अच्छा लगता है फ़िरोज़ा ? आज रात को ही दो मर्द आ रहें हैं। दोनों साले मेरा भोसड़ा चोदेगें और चोदेगें मेरी बिटिया की बुर ?
मैं शबाना आंटी की बातों से बहुत खुश भी थी और हैरान भी। खुश इसलिए की वो दोनों किस तरह मिलकर ज़िन्दगी का मज़ा ले रही हैं। और हैरान इसलिए की माँ बेटी आपस में इतनी गन्दी गन्दी बातें करती हैं और खूब चोदा चोदी करतीं हैं। एक दूसरे की चूत में लण्ड पेलना बहुत बड़ी बात है यार ? मैं यही सब सोंचने लगी तब आंटी बोली अरी फ़िरोज़ा क्या हुआ। तू क्या सोंच रही है ? क्या तेरी और तेरी माँ के बीच कोई अनबन है। क्या तुम दोनों आपस में खुली नहीं हो ? क्या मिला क्र चुदाई नहीं करती हो ? मैंने कहा नहीं आंटी ऐसी बात नहीं पर हां इतनी घुलमिल कर चुदाई नहीं करती हूँ। वह बोली यही तो कमी है मेरी फ़िरोज़ा। जब एक बार खुल गयी है तो फिर शर्म किस बात की ? लज्जा किस बात की ? झिझक किस बात की ? तेरी अम्मी अम्मी नहीं है वह तो तेरी सहेली हैं। और सहेलियों से बहन चोद मादर चोद माँ की लौड़ी बहन की लौड़ी कह कर बात की जाती है। तब आएगा जवानी का मज़ा और ज़िन्दगी का मज़ा।
तब तक आंटी की बेटी सबा आ गयी। मैं उधर एक कोने में बैठी थी। वह मुझे नहीं देख पाई। वह सीधे बोली हाय अम्मी आज मुझे मेरे दो पुराने बहुत स्मार्ट, हैंडसम और बड़े बड़े लण्ड वाले दोस्त मिल गए। उनके मिलते ही मेरे अंदर की रंडी जाग उठी। मैं उन्हें एक सुनसान जगह ले गयी फिर बड़ी मस्ती से मैंने दोनों लण्ड मुठ्ठ मार कर पिया। जाते समय एक बोला फ़िरोज़ा किसी दिन मैं तेरी माँ चोदूँगा मैंने हँसते हुए कहा किसी दिन क्यों आज ही चोदो मेरी माँ ? तो वो दोनों आते ही होंगें मेरी माँ चोदने। अब तुम तैयार हो जाओ मेरी हरामजादी अम्मी । आंटी ने मेरी तरफ इशारा किया तो सबा बोली वाओ, अरे तुम फ़िरोज़ा दीदी ? मैंने तो तुम्हे देखा ही नहीं ? मैं उठी और जाने लगी। तब सबा बोली अरे दीदी कहाँ जा रही हो ? मेरी माँ चुदा के जाओ ? तब आंटी बोली अरी फ़िरोज़ा तू रुक जा। आज तू भी मेरे साथ चुदवा ले। बस मैं रुक गयी।
थोड़ी देर में दो लड़के आ गये।
सबा ने बताया की यह है मुन्ना और यह टोनी। मैं बहुत खुश हुई और आंटी भी। तब तक दारू का दौर चल पड़ा। मैं जान गयी की आज आंटी का भोसड़ा अच्छी तरह चुदेगा। दो दो पैग खत्म ही हुए थे की दो आदमी और आ गये , वो दोनों आंटी के आदमी थे। आंटी ने मिलवाया ये है सल्लू और यह है मल्लू, दोनों अधेड़ उम्र के थे लेकिन लम्बे चौड़े थे। मैं समझ गयी की अगर इनके लण्ड भी ऐसे ही लम्बे चौड़े होगें तो मज़ा आ जायेगा। आंटी बोली अरी सबा देख भोसड़ी के ये दोनों तेरे लिए हैं। वह बोली हां अभी पकड़ कर देखूँगी तब मालूम होगा। सल्लू और मल्लू भी दारू में शामिल हो गए। मैं तो लण्ड के लिए बड़ी बेताब हो रही थी। तभी आंटी बोली अब चलो बेड पर तुम सब लोग। कमरे में दो बेड थे। एक पर सल्लू और मल्लू लेट गए और दूसरे में टोनीऔर मुन्ना। सबा सल्लू और मल्लू के पास आ गयी और आंटी मुन्ना और टोनी के पास आ गयी। आंटी ने मुझे अपने पास बुला लिया।
सबा बेड के नीचे खड़े होकर उन दोनों के आगे अपने कपड़े उतारने लगी। जब उसके बूब्स खुले तो सल्लू और मल्लू के लण्ड में हरकत होने लगी। बस २ मिनट में वह पूरी नंगी हो गयी। उसकी चिकनी चूत देख कर सब लोग दंग रह गए। इधर आंटी भी अपने कपड़े उतारने लगी और उसे देख कर मैं भी। देखते ही देखते हम तीनो नंगी हो गईं। हमें नंगी देख कर मर्दों के लण्ड फनफनाने लगे। सबा ने फटाफट सल्लू और मल्लू को नंगा करना शुरू कर दिया। इधर मैं टोनी के कपड़े खोलने लगी और आंटी मुन्ना के कपड़े ? बस थोड़ी ही देर में सबके कपड़े उतर गए। मेरे हाथ में टोनी का लण्ड आ गया। आंटी मुन्ना का लण्ड हिलाने लगी। हमारे सामने सबा ने एक हाथ में सल्लू का लण्ड पकड़ा और दूसरे हाथ में मल्लू का लण्ड ? वह दोनों लण्ड से खेलने लगी। एक बेड पर सबा और दो लण्ड। दूसरे बेड पर मैं, आंटी और दो लण्ड ? मैंने देखा की सबा बड़ी मस्ती से दोनों लण्ड चूस रही है।
फिर वह सल्लू के लण्ड पर थप्पड़ मार कर बोली भोसड़ी के तुम मेरी माँ का भोसड़ा चोदते हो ? उसने मल्लू के लण्ड पर भी मारा और कहा तुम भी मेरी माँ के भोसड़ा में घुस कर मज़ा लेते हो ? आज मैं तुम दोनों की माँ का भोसड़ा चो दूँगी। तेरा तेल निकाल लूंगी मैं। तुम्हे अपनी चुटमे घुसद कर भून डालूंगी। उसके ऐसा बोलने से लण्ड दोनों और तन कर खड़े हो गए। इधर आंटी भी मुन्ना का लण्ड हिलाते है बोली तू साला मेरी बिटिया की बुर में बिना पूंछे घुस जाता है। तेरी बहन का लण्ड साले। आज मैं तुझे अपनी चूत की शैर कराऊंगी। इन दोनों की बातों से मुझे भी बहुत जोश आ गया। मैंने भी टोनी का लण्ड चूम कर कहा तू साला मादर चोद यहाँ मेरेआगे गुर्रा रहां है। किसी दिन मैं भी तुझे अपनी माँ के भोसड़ा में ऐसे घुसा दूँगी की तू वापस आने का रास्ता ही भूल जायेगा। मैं भी नंगी थी, मेरे हाथ में भी लण्ड था तो मैं भी क्यों न मस्ती करूँ ? मुझे टोनी का लण्ड बहुत अच्छा लग रहा था। मैंने उसे बड़े मन से चूसने लगी।
इतने में आंटी का हाथ मेरी चुटपर चला गया। उसने उंगली मेरी चूत में घुसेड़ दी और बोली हाय फ़िरोज़ा तेरी तो चूत बड़ी टाइट है। कैसे घुसेगा लण्ड ? मैं इसे ठीक करती हूँ। उसने २/३ उंगली एक साथ घुसेड़ दी और फिर मन्नू का लण्ड पेल दिया। मैं चीला पड़ी। वह बोली चिल्ला ने मेरी रानी अभी सब ठीक हो जायेगा। बस मैं फिर धकाधक चुदवाने लगी। ५ मिनट में मैंने टोनी का लण्ड आंटी की बुर में घुसा दिया। वह भी मेरे सामने चुदवाने लगी। फिर मैंने देखा की सबा सल्लू से चुदवा रही है और मल्लू का लण्ड चूस रही है। एक साथ मिलकर चुदवाने का मज़ा कितना मस्त होता है यह मुझे महसूस हो रहा था। तब तक आंटी ने टोनी का लण्ड मेरी चूत में घुसेड़ दिया और खुद मन्नू से चुदवाने लगी। लण्ड की अदला बदला हुई तो अच्छा लगा। मैं नीचे और टोनी मेरे ऊपर चढ़ कर चोद रहा था। उसका लौड़ा पूरा मेरी चूत में घुस रहा था। मैं भी अपनी गांड से सहारा दे रही थी। उधर आंटी भी यही कर रही थी। वह तो चुदवाने में बिलकुल एक मस्त लड़की जैसी लग रही थी न की आंटी जैसी। उसकी चूचियाँ हिलती हुई देख कर सब लोग मज़ा ले रहे।
तब तक सबा पीछे से चुदवाने लगी और आगे से सल्लू का लण्ड मुंह में लेकर चूसने लगी। थोड़ी देर में आंटी ने मुझे इशारा किया तो मैं सबा के बेड पर चली गयी और सबा फिर आंटी के पास आ गई. उसके आते ही आंटी ने उसकी चूत में टोनी का लण्ड पेल दिया। सबा ने आंटी की बुर में मुन्ना का लण्ड पेल दिया और बोली ले साले अब तू मेरी माँ का भोसड़ा मेरे सामने चोद । मैं उधर सल्लू से चुदवाने लगी और मल्लू का लण्ड चूसने लगी। ये दोनों लण्ड भी साले बड़े बड़े और मोटे मोटे थे। मैं मन में सोंच रही थी की देखो आंटी अपनी बेटी के बॉय फ्रेंड्स से चुदवाती है और बेटी अपनी माँ के बॉय फ्रेंड्स से चुदवाती है ? आपस में दोनों की कितनी अच्छी अंडरस्टैंडिंग हैं। इससे तरह तरह के लण्ड से चुदवाने का मौका मिलता है। इस तरह का विचार मन में आने से चुदाई और मस्त होती जा रही थी। थोड़ी देर में सल्लू अंकल का लण्ड बोल गया। वह उगलने लगा वीर्य। और मैं चाटने लगी वीर्य। मल्लू का लण्ड भी फूट पड़ा। उसने तो मेरे मुंह में ही पिचकारी मार दी। उधर आंटी और सबा मिलकर दोनों झड़ते हुए लण्ड चाटने लगीं।
फिर मैं अपने घर वापस आ गयी। घर में घुसते ही मुझे अम्मी एक कमरे से कुछ आवाज़ सुनाई पड़ी और तब मैं झांकर देखने लगी। मैंने जो देखा वह मेरे लिए बड़ा मजेदार भी था और हैरान भी करने वाला था। मैंने देखा की अम्मी अपनी दोनों चूचियाँ खोले हुए एकआदमी का लण्ड बड़ी मस्ती से चूस रहीं हैं। पूरा का पूरा लण्ड जब मुंह से निकला तो मैं उसे देख कर ललचा गयी। मेरी चूत बहन चोद गीली हो गयी। तब अम्मी बोली यार ताहिर मेरी बेटी पता नहीं कहाँ अपनी माँ चुदा रही है ? यहाँ होती तो मैं उसके मुंह में यही लण्ड घुसेड़ देती। अरे अब वह जवान हो गयी है उसे तो हर दिन कोई न कोई लण्ड पीना चाहिए। उसे अपनी बुर चुदवानी चाहिए और अपनी माँ का भोसड़ा भी। मैंने उस दिन उससे साफ़ साफ कहा अब तू अपनी माँ चुदवाया कर ? पर मालूम नहीं की उसे समझ में आया की नहीं। माँ की लौड़ी क्या करेगी वो जवानी में ? मैं जान गयी की अब मुझे वही करना चाहिए जो सबा अपनी माँ के साथ करती है।
ताहिरअंकल बोला :- अरे आसिया भाभी (मेरी अम्मी का नाम) आजकल की लड़कियां तो जवान होते ही अपनी माँ चुदाने लगती हैं। मेरी तो कोई बेटी नहीं है। मगर मेरे दोस्त की बेटी है। मैं अक्सर उसके घर जाता था। एक दिन वह अकेली थी तो उसने मुझे कहा अंकल मुझे अपना लौड़ा दिखाओ। मैं थोड़ा झिझका तो उसने मेरे पैजामे के अंदर अपना हाथ घुसेड़ दिया और लण्ड पकड़ लिया। तब मुझे भी जोश आ गया। उसने मेरा पैजामा खोला और नंगा लण्ड निकाल लिया। लण्ड तब तक खड़ा हो चूका था। बस वह लण्ड पीने लगी और फिर उसी दिन से वह मुझसे चुदवाने लगी। एक दिन उसने अपनी माँ के सामने मेरा लण्ड पकड़ लिया और बोली अंकल आज तुम मेरी माँ चोदो। मेरे सामने मेरी माँ का भोसड़ा चोदो। तब मैं समझा की आजकल की लड़कियां अपनी माँ चुदाने में कोई शर्म नहीं करती।
यह सुनकर मैं अंदर घुस गयी और बोली :- शर्म तो मैं भी नहीं करती अंकल ? मैं भी माँ चुदाना जानती हूँ अंकल ? अभी अभी मैं सबा की माँ चोद कर आ रही हूँ। अब मैं यहाँ तेरे समाने फ़िरोज़ा की माँ चोदूँगी।
अम्मी मेरी बात सुनकर खुश भी हुई और हैरान भी।
वह बोली :- हाय फ़िरोज़ा, तू तो बड़ी बेशर्म हो गयी है ?
मैंने कहा :- माँ चुदाने के लिए बेशरम होना ही पड़ता है, अम्मी ?
मैं तब तक अपने कपड़े खोल कर आगे बढ़ी और अंकल का लण्ड पकड़ लिया। उसे चूमने और चाटने लगी। मैंने कहा जानती हो अम्मी उस दिन जब तुमने मेरे हाथ से लौड़ा छीन लिया था तो मैं तभी समझ गयी थी की तू लण्ड की बड़ी शौकीन हैऔर मेरे सामने ही अपना भोसड़ा चुदवाना चाहती हैं। अम्मी ने कहा हां यह बात बिलकुल सच है बेटी, मैं यह जानना चाहती थी की तू ज़िन्दगी का मज़ा लूटने के लिए तैयार है की नहीं ? आज मुझे मालूम हो गया की तू पूरी औरत बन चुकी है और तेरेअंदर भी रंडीपनाआ गया है। मैंने पूंछा अम्मी यह रंडीपना क्या है ? वह बोली बेटी देख हर औरत के अंदर एक रंडी होती हैऔर सेक्स एन्जॉय करने के लिए वह रंडीपन उभर कर आना चाहिए ? तब तक मैंने लण्ड अम्मी की चूत पर रख दिया और अंकल को इशारा किया तो उसने धक्का मारा। लण्ड साला गप्प से अंदर घुस गया और मैं मस्ती से अपनी माँ चुदाने लगी।
अचानक मुझे महसूस हुआ की किसी ने लण्ड मेरे कंधे पर रख दिया है। मैंने गर्दन घुमाई तो लण्ड नज़र आ गया। मैंने कहा भोसड़ी के खालू तू कहाँ से आ गया। मैं तेरा लण्ड पहचान गयी हूँ। अम्मी बोली हाय दईया तू अपने खालू का लण्ड कैसे जानती है, फ़िरोज़ा ? मैंने कहा अरे अम्मी ये तो साला मुझे अपना लौड़ा पिछले दो साल से पकड़ा रहा है। अम्मी बोली हाय अल्ला, और जानती हो फ़िरोज़ा ये तो बहन चोद जाने कब से तेरी माँ का भोसड़ा चोद रहा है। आज तो यह तेरी माँ चोदने ही आया है फ़िरोज़ा और साथ में अपना दोस्त ताहिर को भी ले आया है। मैंने कहा माँ का लौड़ा खालू तू आज मेरी माँ की बेटी की बुर चोद के देख ? आज मैं तेरे लण्ड के छक्के छुड़ा दूँगी। भून डालूंगी तेरा लण्ड और नोंच लूंगी तेरे पेलहड़ ?
ऐसा कह कर मैं खालू का लण्ड चूसने लगी।
उसके बाद तो हम दोनों ने मिलकर खालू और उसके दोस्त ताहिर दोनों से ऐसे चुदवाया जैसे सबा और उसकी माँ शबाना ने मिलकर चुदवाया था।
अरे शबाना आंटी अब मैं क्या बताऊँ तुमसे उस दिन मैं अपने कमरे में अपने बॉय फ्रेंड का लण्ड चूस रही थी। अम्मी बाहर गयी थी यह कह कर की वह शाम को आएंगीं। अब दिन भर मैं अकेली क्या करती ? मैंने अपने बॉय फ्रेंड को बुला लिया।पहले तो उससे खूब बातें की और फिर उसके कपड़े उतार कर उसे पूरा नंगा कर दिया। उसका लण्ड पकड़ कर हिलाने लगी तो लण्ड एकदम से खड़ा हो गया। फिर मैंने भी अपने सारे कपड़े उतार डाला। मैं भी मादर चोद बिलकुल नंगी हो गयी। मेरी मस्ती बढती जा रही थी। मैंने लण्ड पकड़ कर चाटना शुरू किया और वह मेरी चूत और चूतड़ सहलाना। चाटते चाटते मैंने लण्ड आधे से अधिक अपने मुंह में घुसेड़ लिया और मस्ती से चूसने लगी। मैं लण्ड बार बार बाहर निकाल कर फिर अंदर डालने लगी। तभी अचानक अम्मी कमरे में दाखिल हो गईं। उसने मुझे लण्ड चूसते हुए देख लिया। बस उसने अपना हाथ बढ़ाया और लण्ड अपने कब्जे में ले लिया। मुझसे छीन लियाअम्मी ने लण्ड ? मैं थोड़ा सहम गयी। लण्ड भी ढीला हो गया। तब अम्मी बोली अरी भोसड़ी की फ़िरोज़ा ये तो बहुत बड़ा लण्ड है ? देख न कितना लम्बा और मोटा है बहन चोद। ये अगर तेरी चूत में घुसेगा तो तेरी चूत फट जाएगी। तू इसे बर्दास्त नहीं कर पायेगी, मेरी बेटी। यह लौड़ा तो भोसड़ा चोदने वाला है चूत चोदने वाला नहीं ? तू इसे अपनी माँ के भोसड़ा में पेल दे, बेटी। पहले तू अपनी माँ का भोसड़ा चुदवा ले फिर आहिस्ते से तू अपनी चूत में घुसा के चुदवाना। मैं यहीं बैठी हुई देखूंगी की तू कहीं गलती तो नहीं कर रही ? तेरी चूत का मैं ख्याल रखूंगी फ़िरोज़ा और तू मेरे भोसड़ा का ख्याल रख। ऐसा कह कर अम्मी खुद मेरे बॉय फ्रेंड का लण्ड चूसने लगीं।अब तुम्ही बताओ आंटी मैं तो खाली हाथ हो गयी।
शबाना आंटी बोली :- अरी फ़िरोज़ा आजकल यही सब हो रहा है। अब देखो न उस दिन मेरी बेटी ने मेरे हाथ से लण्ड छीन लिया। मैं पड़ोस के हलीम अंकल का लण्ड चूस रही थी। उसका लण्ड मुझे बहुत अच्छा लगता है। मैं समझी की मेरी बेटी कहीं बाहर गयी है और थोड़ा देर से आएगी। बस मुझे मौका मिल गया। मैंने फोन करके हलीम को बुला लिया। वह जैसे ही आया वैसे ही मैंने उसकी लुंगी खोल कर फेंक दी। वह साला अंदर से नंगा हो गया। मैं उसका लण्ड हिलाने लगी और तब उसने भी मेरे कपड़े उतार दिया बोला भाभी तुम नंगी नंगी बहुत अच्छी लगती हो । वह मेरी चूचियाँ मसलने लगा और मैं उसका लण्ड सहलाने लगी । लण्ड साला बढ़ता ही चला जा रहा था। और मैं मस्त होती जा रही थी। पहले तो मैंने लण्ड का टोपा खूब मजे से चाटा और फिर लण्ड मुंह में डाल कर चूसने लगी।
मैं लण्ड का मज़ा ले रही थी तभी मेरी बेटी सबा कमरे में आ गयी। वह कुछ बोली नहीं पर लण्ड मेरे हाथ से छीन कर खुद चाटने लगी। उसने मुझे पहले भी अनीस अंकल का लण्ड चूसते हुए देखा था। एक दिन जब मैं अपने बहनोई से चुदवा रही थी तब भी मेरी बेटी ने मुझे देख लिया था। पर चुप रही। उसे यकीन हो गया की मेरी अम्मी पराये मर्दों से चुदवाती हैं। पर उस दिन तो उसने हद ही कर दी। थोड़ी देर तक लण्ड चाटने के बाद वह बोली अम्मी अब हर पराये मरद के लण्ड का मज़ा तू ही लेगी ? कोई साला ऐसा मर्द नहीं है जिसका लण्ड तू चूसती नहीं है। और चूसने के बाद चुदवाती नहीं है। मैं तेरी काली करतूतें सब जानती हूँ। तुझे तो बस अपने भोसड़ा का ख्याल है मेरी चूत का नहीं ? अब तेरी बेटी २२ साल की हो गई है। उसके पास भी चूत है। उसे भी लण्ड चाहिए लण्ड अम्मी ? अब ये लौड़ा तू पहले मेरी चूत में पेल दे ? अपनी बेटी की बुर चुदवा ले पहले फिर चुदवाना अपना भोसड़ा ?
तो देखा फ़िरोज़ा ऐसी है मेरी बेटी। मैंने कहा तो इसका मतलब है की तेरी बेटी अपनी माँ चुदवाती है और माँ अपनी बेटी ? वह बोली अब हम दो ही लोग घर में हैं तो फिर छिप छिप कर चुदाने का कोई मतलब भी नहीं हैं जो कुछ करो खुल्लम खुल्ला करो। मेरी बेटी की सहेलियां भी आतीं हैं उनमे जो खुल गईं है वो भी मेरी चूत में लण्ड पेल देती हैं और मैं भी उनकी बुर चुदवा लेती हूँ। कभी कभी मेरी सहेलियां भी मेरी बेटी की बुर में लण्ड घुसेड़ देतीं हैं। मुझे तो यह सब बड़ा अच्छा लगता है फ़िरोज़ा ? आज रात को ही दो मर्द आ रहें हैं। दोनों साले मेरा भोसड़ा चोदेगें और चोदेगें मेरी बिटिया की बुर ?
मैं शबाना आंटी की बातों से बहुत खुश भी थी और हैरान भी। खुश इसलिए की वो दोनों किस तरह मिलकर ज़िन्दगी का मज़ा ले रही हैं। और हैरान इसलिए की माँ बेटी आपस में इतनी गन्दी गन्दी बातें करती हैं और खूब चोदा चोदी करतीं हैं। एक दूसरे की चूत में लण्ड पेलना बहुत बड़ी बात है यार ? मैं यही सब सोंचने लगी तब आंटी बोली अरी फ़िरोज़ा क्या हुआ। तू क्या सोंच रही है ? क्या तेरी और तेरी माँ के बीच कोई अनबन है। क्या तुम दोनों आपस में खुली नहीं हो ? क्या मिला क्र चुदाई नहीं करती हो ? मैंने कहा नहीं आंटी ऐसी बात नहीं पर हां इतनी घुलमिल कर चुदाई नहीं करती हूँ। वह बोली यही तो कमी है मेरी फ़िरोज़ा। जब एक बार खुल गयी है तो फिर शर्म किस बात की ? लज्जा किस बात की ? झिझक किस बात की ? तेरी अम्मी अम्मी नहीं है वह तो तेरी सहेली हैं। और सहेलियों से बहन चोद मादर चोद माँ की लौड़ी बहन की लौड़ी कह कर बात की जाती है। तब आएगा जवानी का मज़ा और ज़िन्दगी का मज़ा।
तब तक आंटी की बेटी सबा आ गयी। मैं उधर एक कोने में बैठी थी। वह मुझे नहीं देख पाई। वह सीधे बोली हाय अम्मी आज मुझे मेरे दो पुराने बहुत स्मार्ट, हैंडसम और बड़े बड़े लण्ड वाले दोस्त मिल गए। उनके मिलते ही मेरे अंदर की रंडी जाग उठी। मैं उन्हें एक सुनसान जगह ले गयी फिर बड़ी मस्ती से मैंने दोनों लण्ड मुठ्ठ मार कर पिया। जाते समय एक बोला फ़िरोज़ा किसी दिन मैं तेरी माँ चोदूँगा मैंने हँसते हुए कहा किसी दिन क्यों आज ही चोदो मेरी माँ ? तो वो दोनों आते ही होंगें मेरी माँ चोदने। अब तुम तैयार हो जाओ मेरी हरामजादी अम्मी । आंटी ने मेरी तरफ इशारा किया तो सबा बोली वाओ, अरे तुम फ़िरोज़ा दीदी ? मैंने तो तुम्हे देखा ही नहीं ? मैं उठी और जाने लगी। तब सबा बोली अरे दीदी कहाँ जा रही हो ? मेरी माँ चुदा के जाओ ? तब आंटी बोली अरी फ़िरोज़ा तू रुक जा। आज तू भी मेरे साथ चुदवा ले। बस मैं रुक गयी।
थोड़ी देर में दो लड़के आ गये।
सबा ने बताया की यह है मुन्ना और यह टोनी। मैं बहुत खुश हुई और आंटी भी। तब तक दारू का दौर चल पड़ा। मैं जान गयी की आज आंटी का भोसड़ा अच्छी तरह चुदेगा। दो दो पैग खत्म ही हुए थे की दो आदमी और आ गये , वो दोनों आंटी के आदमी थे। आंटी ने मिलवाया ये है सल्लू और यह है मल्लू, दोनों अधेड़ उम्र के थे लेकिन लम्बे चौड़े थे। मैं समझ गयी की अगर इनके लण्ड भी ऐसे ही लम्बे चौड़े होगें तो मज़ा आ जायेगा। आंटी बोली अरी सबा देख भोसड़ी के ये दोनों तेरे लिए हैं। वह बोली हां अभी पकड़ कर देखूँगी तब मालूम होगा। सल्लू और मल्लू भी दारू में शामिल हो गए। मैं तो लण्ड के लिए बड़ी बेताब हो रही थी। तभी आंटी बोली अब चलो बेड पर तुम सब लोग। कमरे में दो बेड थे। एक पर सल्लू और मल्लू लेट गए और दूसरे में टोनीऔर मुन्ना। सबा सल्लू और मल्लू के पास आ गयी और आंटी मुन्ना और टोनी के पास आ गयी। आंटी ने मुझे अपने पास बुला लिया।
सबा बेड के नीचे खड़े होकर उन दोनों के आगे अपने कपड़े उतारने लगी। जब उसके बूब्स खुले तो सल्लू और मल्लू के लण्ड में हरकत होने लगी। बस २ मिनट में वह पूरी नंगी हो गयी। उसकी चिकनी चूत देख कर सब लोग दंग रह गए। इधर आंटी भी अपने कपड़े उतारने लगी और उसे देख कर मैं भी। देखते ही देखते हम तीनो नंगी हो गईं। हमें नंगी देख कर मर्दों के लण्ड फनफनाने लगे। सबा ने फटाफट सल्लू और मल्लू को नंगा करना शुरू कर दिया। इधर मैं टोनी के कपड़े खोलने लगी और आंटी मुन्ना के कपड़े ? बस थोड़ी ही देर में सबके कपड़े उतर गए। मेरे हाथ में टोनी का लण्ड आ गया। आंटी मुन्ना का लण्ड हिलाने लगी। हमारे सामने सबा ने एक हाथ में सल्लू का लण्ड पकड़ा और दूसरे हाथ में मल्लू का लण्ड ? वह दोनों लण्ड से खेलने लगी। एक बेड पर सबा और दो लण्ड। दूसरे बेड पर मैं, आंटी और दो लण्ड ? मैंने देखा की सबा बड़ी मस्ती से दोनों लण्ड चूस रही है।
फिर वह सल्लू के लण्ड पर थप्पड़ मार कर बोली भोसड़ी के तुम मेरी माँ का भोसड़ा चोदते हो ? उसने मल्लू के लण्ड पर भी मारा और कहा तुम भी मेरी माँ के भोसड़ा में घुस कर मज़ा लेते हो ? आज मैं तुम दोनों की माँ का भोसड़ा चो दूँगी। तेरा तेल निकाल लूंगी मैं। तुम्हे अपनी चुटमे घुसद कर भून डालूंगी। उसके ऐसा बोलने से लण्ड दोनों और तन कर खड़े हो गए। इधर आंटी भी मुन्ना का लण्ड हिलाते है बोली तू साला मेरी बिटिया की बुर में बिना पूंछे घुस जाता है। तेरी बहन का लण्ड साले। आज मैं तुझे अपनी चूत की शैर कराऊंगी। इन दोनों की बातों से मुझे भी बहुत जोश आ गया। मैंने भी टोनी का लण्ड चूम कर कहा तू साला मादर चोद यहाँ मेरेआगे गुर्रा रहां है। किसी दिन मैं भी तुझे अपनी माँ के भोसड़ा में ऐसे घुसा दूँगी की तू वापस आने का रास्ता ही भूल जायेगा। मैं भी नंगी थी, मेरे हाथ में भी लण्ड था तो मैं भी क्यों न मस्ती करूँ ? मुझे टोनी का लण्ड बहुत अच्छा लग रहा था। मैंने उसे बड़े मन से चूसने लगी।
इतने में आंटी का हाथ मेरी चुटपर चला गया। उसने उंगली मेरी चूत में घुसेड़ दी और बोली हाय फ़िरोज़ा तेरी तो चूत बड़ी टाइट है। कैसे घुसेगा लण्ड ? मैं इसे ठीक करती हूँ। उसने २/३ उंगली एक साथ घुसेड़ दी और फिर मन्नू का लण्ड पेल दिया। मैं चीला पड़ी। वह बोली चिल्ला ने मेरी रानी अभी सब ठीक हो जायेगा। बस मैं फिर धकाधक चुदवाने लगी। ५ मिनट में मैंने टोनी का लण्ड आंटी की बुर में घुसा दिया। वह भी मेरे सामने चुदवाने लगी। फिर मैंने देखा की सबा सल्लू से चुदवा रही है और मल्लू का लण्ड चूस रही है। एक साथ मिलकर चुदवाने का मज़ा कितना मस्त होता है यह मुझे महसूस हो रहा था। तब तक आंटी ने टोनी का लण्ड मेरी चूत में घुसेड़ दिया और खुद मन्नू से चुदवाने लगी। लण्ड की अदला बदला हुई तो अच्छा लगा। मैं नीचे और टोनी मेरे ऊपर चढ़ कर चोद रहा था। उसका लौड़ा पूरा मेरी चूत में घुस रहा था। मैं भी अपनी गांड से सहारा दे रही थी। उधर आंटी भी यही कर रही थी। वह तो चुदवाने में बिलकुल एक मस्त लड़की जैसी लग रही थी न की आंटी जैसी। उसकी चूचियाँ हिलती हुई देख कर सब लोग मज़ा ले रहे।
तब तक सबा पीछे से चुदवाने लगी और आगे से सल्लू का लण्ड मुंह में लेकर चूसने लगी। थोड़ी देर में आंटी ने मुझे इशारा किया तो मैं सबा के बेड पर चली गयी और सबा फिर आंटी के पास आ गई. उसके आते ही आंटी ने उसकी चूत में टोनी का लण्ड पेल दिया। सबा ने आंटी की बुर में मुन्ना का लण्ड पेल दिया और बोली ले साले अब तू मेरी माँ का भोसड़ा मेरे सामने चोद । मैं उधर सल्लू से चुदवाने लगी और मल्लू का लण्ड चूसने लगी। ये दोनों लण्ड भी साले बड़े बड़े और मोटे मोटे थे। मैं मन में सोंच रही थी की देखो आंटी अपनी बेटी के बॉय फ्रेंड्स से चुदवाती है और बेटी अपनी माँ के बॉय फ्रेंड्स से चुदवाती है ? आपस में दोनों की कितनी अच्छी अंडरस्टैंडिंग हैं। इससे तरह तरह के लण्ड से चुदवाने का मौका मिलता है। इस तरह का विचार मन में आने से चुदाई और मस्त होती जा रही थी। थोड़ी देर में सल्लू अंकल का लण्ड बोल गया। वह उगलने लगा वीर्य। और मैं चाटने लगी वीर्य। मल्लू का लण्ड भी फूट पड़ा। उसने तो मेरे मुंह में ही पिचकारी मार दी। उधर आंटी और सबा मिलकर दोनों झड़ते हुए लण्ड चाटने लगीं।
फिर मैं अपने घर वापस आ गयी। घर में घुसते ही मुझे अम्मी एक कमरे से कुछ आवाज़ सुनाई पड़ी और तब मैं झांकर देखने लगी। मैंने जो देखा वह मेरे लिए बड़ा मजेदार भी था और हैरान भी करने वाला था। मैंने देखा की अम्मी अपनी दोनों चूचियाँ खोले हुए एकआदमी का लण्ड बड़ी मस्ती से चूस रहीं हैं। पूरा का पूरा लण्ड जब मुंह से निकला तो मैं उसे देख कर ललचा गयी। मेरी चूत बहन चोद गीली हो गयी। तब अम्मी बोली यार ताहिर मेरी बेटी पता नहीं कहाँ अपनी माँ चुदा रही है ? यहाँ होती तो मैं उसके मुंह में यही लण्ड घुसेड़ देती। अरे अब वह जवान हो गयी है उसे तो हर दिन कोई न कोई लण्ड पीना चाहिए। उसे अपनी बुर चुदवानी चाहिए और अपनी माँ का भोसड़ा भी। मैंने उस दिन उससे साफ़ साफ कहा अब तू अपनी माँ चुदवाया कर ? पर मालूम नहीं की उसे समझ में आया की नहीं। माँ की लौड़ी क्या करेगी वो जवानी में ? मैं जान गयी की अब मुझे वही करना चाहिए जो सबा अपनी माँ के साथ करती है।
ताहिरअंकल बोला :- अरे आसिया भाभी (मेरी अम्मी का नाम) आजकल की लड़कियां तो जवान होते ही अपनी माँ चुदाने लगती हैं। मेरी तो कोई बेटी नहीं है। मगर मेरे दोस्त की बेटी है। मैं अक्सर उसके घर जाता था। एक दिन वह अकेली थी तो उसने मुझे कहा अंकल मुझे अपना लौड़ा दिखाओ। मैं थोड़ा झिझका तो उसने मेरे पैजामे के अंदर अपना हाथ घुसेड़ दिया और लण्ड पकड़ लिया। तब मुझे भी जोश आ गया। उसने मेरा पैजामा खोला और नंगा लण्ड निकाल लिया। लण्ड तब तक खड़ा हो चूका था। बस वह लण्ड पीने लगी और फिर उसी दिन से वह मुझसे चुदवाने लगी। एक दिन उसने अपनी माँ के सामने मेरा लण्ड पकड़ लिया और बोली अंकल आज तुम मेरी माँ चोदो। मेरे सामने मेरी माँ का भोसड़ा चोदो। तब मैं समझा की आजकल की लड़कियां अपनी माँ चुदाने में कोई शर्म नहीं करती।
यह सुनकर मैं अंदर घुस गयी और बोली :- शर्म तो मैं भी नहीं करती अंकल ? मैं भी माँ चुदाना जानती हूँ अंकल ? अभी अभी मैं सबा की माँ चोद कर आ रही हूँ। अब मैं यहाँ तेरे समाने फ़िरोज़ा की माँ चोदूँगी।
अम्मी मेरी बात सुनकर खुश भी हुई और हैरान भी।
वह बोली :- हाय फ़िरोज़ा, तू तो बड़ी बेशर्म हो गयी है ?
मैंने कहा :- माँ चुदाने के लिए बेशरम होना ही पड़ता है, अम्मी ?
मैं तब तक अपने कपड़े खोल कर आगे बढ़ी और अंकल का लण्ड पकड़ लिया। उसे चूमने और चाटने लगी। मैंने कहा जानती हो अम्मी उस दिन जब तुमने मेरे हाथ से लौड़ा छीन लिया था तो मैं तभी समझ गयी थी की तू लण्ड की बड़ी शौकीन हैऔर मेरे सामने ही अपना भोसड़ा चुदवाना चाहती हैं। अम्मी ने कहा हां यह बात बिलकुल सच है बेटी, मैं यह जानना चाहती थी की तू ज़िन्दगी का मज़ा लूटने के लिए तैयार है की नहीं ? आज मुझे मालूम हो गया की तू पूरी औरत बन चुकी है और तेरेअंदर भी रंडीपनाआ गया है। मैंने पूंछा अम्मी यह रंडीपना क्या है ? वह बोली बेटी देख हर औरत के अंदर एक रंडी होती हैऔर सेक्स एन्जॉय करने के लिए वह रंडीपन उभर कर आना चाहिए ? तब तक मैंने लण्ड अम्मी की चूत पर रख दिया और अंकल को इशारा किया तो उसने धक्का मारा। लण्ड साला गप्प से अंदर घुस गया और मैं मस्ती से अपनी माँ चुदाने लगी।
अचानक मुझे महसूस हुआ की किसी ने लण्ड मेरे कंधे पर रख दिया है। मैंने गर्दन घुमाई तो लण्ड नज़र आ गया। मैंने कहा भोसड़ी के खालू तू कहाँ से आ गया। मैं तेरा लण्ड पहचान गयी हूँ। अम्मी बोली हाय दईया तू अपने खालू का लण्ड कैसे जानती है, फ़िरोज़ा ? मैंने कहा अरे अम्मी ये तो साला मुझे अपना लौड़ा पिछले दो साल से पकड़ा रहा है। अम्मी बोली हाय अल्ला, और जानती हो फ़िरोज़ा ये तो बहन चोद जाने कब से तेरी माँ का भोसड़ा चोद रहा है। आज तो यह तेरी माँ चोदने ही आया है फ़िरोज़ा और साथ में अपना दोस्त ताहिर को भी ले आया है। मैंने कहा माँ का लौड़ा खालू तू आज मेरी माँ की बेटी की बुर चोद के देख ? आज मैं तेरे लण्ड के छक्के छुड़ा दूँगी। भून डालूंगी तेरा लण्ड और नोंच लूंगी तेरे पेलहड़ ?
ऐसा कह कर मैं खालू का लण्ड चूसने लगी।
उसके बाद तो हम दोनों ने मिलकर खालू और उसके दोस्त ताहिर दोनों से ऐसे चुदवाया जैसे सबा और उसकी माँ शबाना ने मिलकर चुदवाया था।
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