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मेरा नंदोई बिना रुके मुझे चोदे चला जा रहा था - Mere nandoi ne ki chudai aur maine use khub choda
मेरा नंदोई बिना रुके मुझे चोदे चला जा रहा था - Mere nandoi ne ki chudai aur maine use khub choda , Antarvasna Sex Stories , Hindi Sex Story , Real Indian Chudai Kahani , choda chadi cudai cudi coda free of cost , Time pass Story , Adult xxx vasna kahaniyan.
मेरी बेटी जो तुम कर रही हो वह बिलकुल ठीक है। इस उमर में यही किया जाता है। जो लड़की ऐसा नहीं करती उसमे कोई कमी होती है। जिस लड़की में जवानी की आग नहीं होती वह लड़की किसी काम नहीं होती बेटी ? तू अब २० साल की है मेरी तरह तेरे बदन में भी आग है। आग नहीं होती तो आज तेरे हाथ में यह 'लन्ड' नहीं होता ? मैं तो तेरे हाथ में 'लन्ड' देख कर बहुत खुश हूँ। यह इस बात का सबूत है की अब तू पूरी तरह जवान हो गयी है। तू अब लन्ड मुंह में और अपनी बुर में लेने वाली हो गयी है बेटी ? जो लड़की इस उम्र में लन्ड से दूर भागती है उसमे कोई शारीरिक कमजोरी होती है। तुझे लन्ड पकडे हुए और चूसते हुए मैंने देखा तो समझ गयी की तेरे शरीर में कोई कमजोरी नहीं है बल्कि तेरा जिस्म लन्ड खाने के लिए पूरी तरह तैयार है। तू खूबसूरत भी है और हॉट भी ? लन्ड के मामले में कभी कोई शर्म नहीं करनी चाहिए। बल्कि खुद ही हाथ बढ़ा कर पकड़ लेना चाहिए लन्ड ? जवानी बिना लन्ड के नहीं गुज़रती, बेटी .
आज से हम तुम दोनों सहेलियां है। न तुम मुझसे कुछ छुपाओ और न मैं तुमसे ? लन्ड तुम्हे भी चाहिए बेटी और लन्ड मुझे भी। बुर चोदी तू भी है और बुर चोदी मैं भी। हम दोनों की जरूरतें बराबर हैं इसलिए आज से दुनिया की माँ की चूत ? हम दोनों दोस्त की तरह मिलकर बातें करेगी। अम्मी ने मुस्कराते हुए मेरे गाल थपथपाकर कहा बेटी साइमा तेरी माँ का भोसड़ा ? मैं तो अम्मी की गाली सुनकर उसका मुंह ताकने लगी। गाली तो वह खुद अपने भोसड़ा को ही दे रहीं थीं। मुझे कुछ समझ में नहीं आ रह था की मैं क्या कहूँ ? मेरी परेशानी को अम्मी भांप गयी और बोली बेटी अब तुम मुझसे इसी तरह से बातें करोगी जैसे एक दोस्त दूसरी दोस्त से गाली देकर बातें करती है।अब मुझे गाली का जबाब दो। मेरी हिम्मत बढ़ गयी और मैंने भी उसी अंदाज़ में जबाब दिया अम्मी तेरी बिटिया की बुर ?
फिर हम दोनों खिलखिलाकर हंसने लगीं। तो देखा दोस्तों, कितनी अच्छी हैं मेरी अम्मी ? मुझे एक लड़के का लन्ड चूसते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। मेरी तो जान ही निकल गयी थी। लन्ड भी साला सिकुड़ कर दो इंच का रह गया। मैं समझी की अब अम्मी डांटेंगीं। पर हुआ इसका बिलकुल उलटा। अम्मी मुस्करा पड़ी और वो सब कहा जो आपने अभी ऊपर पढ़ा ? उसके बाद अम्मी बोली साइमा अब मेरे सामने लन्ड पकड़ो हिलाओ और मस्ती से खड़ा करो। मैं लन्ड हिलाने लगी और लन्ड खड़ा होने लगा। फिर अम्मी ने भी हाथ बढ़ा कर लन्ड पकड़ा और बोली वाओ, लौड़ा तो बड़ा जबरदस्त है बेटी ? अब तुम इस लौड़े से पूंछो की वो तेरी माँ चोदेगा, साइमा ? मैंने वाकई लौड़े से बड़े प्यार से पूंछा मेरी माँ चोदोगे लौड़े मियां ? उसने अपना सर हिला कर कहा हां ?
मैंने कहा अम्मी ये तो मेरी माँ चोदने के लिए तैयार है ? अम्मी बोली मैं जानती थी की वह तैयार होगा। लन्ड साला जब खड़ा हो जाता है तो वह चोदने के मूड आ जाता है। उसे इससे कोई मतलब नहीं की चूत माँ की है बेटी की ? सास की है बहू की ? नन्द की है या भौजाई की ? देवरानी की है जेठानी की ? उसे तो चूत चाहिए बस ? और फिर चूत में तो कोई रिस्ता लिखा नहीं होता ? आज नहीं साइमा तुम किसी और दिन अपनी माँ का भोसड़ा चुदवाना। आज तुम खुद चुदाओ और मज़ा करो। मैं बाहर जा रही हूँ शाम को आऊंगी। ऐसा कह कर अम्मी चली गई। अम्मी के जान के बाद मेरी चूत की आग और भभक उठी। वैसे मैंने पहले सोंचा की मैं आज लन्ड का मुठ्ठी मारूँगी और लन्ड पियूँगी। मुझे लन्ड पीना बड़ा अच्छा लगता है पर जब अम्मी से खुल कर बात हो गयी है तो फिर चुदवाने में कोई हर्ज़ नहीं है। अब मैं लन्ड जरूर अपनी बुर में पेलूंगी और खूब जम कर चुदवाऊँगी। मैंने यह सब लन्ड चूसते चूसते सोंच लिया। लन्ड तो ताहिर का था। वह मेरा क्लास फेलो है। अब तक लन्ड साला पूरे ताव आ चुका था। इधर मेरी भी चूत लन्ड खाने के लिए रेडी थी। बस ताहिर ने लन्ड टिका दिया मेरी चूत पर और धक्का देकर घुसेड़ दिया अंदर। लौड़ा बहन चोद सरसराता हुआ मेरी चूत में घुस गया। मैं उफ़ कह कर रह गयी। मैं चुदवाने लगी और अम्मी की बातें याद करने लगी।
मैंने ताहिर से पूंछा यार तुम मेरी माँ का भोसड़ा चोदोगे ? वह बोला हां चोदूंगा जरूर चोदूंगा। तेरी माँ के बराबर मेरी खाला जान है मैं उसका भोसड़ा चोदता हूँ। मेरी फूफी भी मेरा लन्ड अपने भोसड़ा में घुसेड़ लेतीं हैं। मुझे भोसड़ा चोदने में भी मज़ा आता है। मैंने कहा अच्छा एक बात और बता तेरी खाला की बेटी मेरी उम्र की है। क्या तूने उसे कभी चोदा है ? वह बोला अरे साइमा खूब चोदा है यार। वो तो मेरे लन्ड से ज्यादा प्यार करती है मुझसे कम ? फूफी की बेटी भी चुदवाती है मुझसे। मैंने कहा बाप रे तू तो भोसड़ी का लड़कियां भी चोदता है और लड़कियों की माँ भी चोदता है ? वह बोला साइमा अभी तेरी अम्मी ने कहा है न की चूत पर किसी का नाम नहीं लिखा होता कोई रिस्ता नहीं लिखा होता ? इसी तरह लन्ड पर भी किसी का नाम नहीं लिखा होता ? कोई रिस्ता नहीं लिखा होता ? मैंने कहा इसका मतलब अभी तुम मुझे चोद रहे हो फिर तुम मेरी माँ चोदोगे ? वह बोला हां चोदूंगा क्योंकि तेरी अम्मी खुद मुझसे चुदवाने के लिए तैयार हैं। ऐसा कह कर वह मुझे भकाभक चोदने लगा ? मैं भी अपनी गांड से जोर लगाने लगी। आज मुझे चुदवाने सुख बहुत ज्यादा मिल रहा था। ताहिर के मोटे तगड़े और टाइट लन्ड का मज़ा ले रही थी।
दूसरे दिन मैं बाहर गयी तो मुझे आने में बहुत देर हो गयी। हालांकि मैंने अम्मी को फोन कर दिया था की वह मेरा खाने पर इंतज़ार न करें। मैं रात को करीब १० बजे घर पहुंची। मैं जब कपडे बदल रही थी तभी अम्मी ने आवाज़ लगायी और कहा साइमा यहाँ मेरे कमरे में आ जाओ। मैं एक मैक्सी बिना ब्रा की पहने हुए अम्मी के पास चली गयी। घुसते ही मैंने देखा की अम्मी नंगी नंगी किसी का लन्ड हिला रहीं हैं। मुझे देखते ही बोली साइमा ले भोसड़ी की ये लौड़ा पकड़ कर देख ? मैं जान गयी की अम्मी इस समय पूरी मस्ती में हैं। मैंने लन्ड हाथ बढाकर पकड़ लिया और कहा वाओ, अम्मी लौड़ा तो बड़ा शानदार है ? अम्मी फिर बोली अरे मुंहे में लेकर देखो न साइमा ? आजकल तो लड़कियां लौड़ा फ़ौरन मुंह में ले लेती हैं। मैं कुछ बोली नहीं और लौड़ा मुंह में लेकर चूसने लगी। तब तक एक आदमी और बाथ रूम से निकला और वह भी अपना लन्ड खड़ा करके मेरे सामने खड़ा हो गया। अम्मी बोली इसका भी लौड़ा पकड़ के देखो साइमा ? मैंने दूसरे हाथ से उसका लौड़ा पकड़ लिया। मैं दो दो लन्ड चाटने लगी।मेरी मैक्सी खुल गयी मैं पूरी नंगी हो गयी। मैं मस्ती में आ गयी।
अम्मी बोली :- अब तू बता कौन सा लन्ड अपनी माँ के भोसड़ा में पेलेगी, साइमा ?
मैंने कहा :- तू कौन सा लन्ड अपनी बिटिया की बुर में पेलेगी, ताहिरा ?
अम्मी हंस कर कहा : अब तो पक्का हो गया साइमा की - बुर चोदी तू भी है और बुर चोदी मैं भी हूँ ?
मैंने फिर अपने हाथ का लन्ड अम्मी की चूत में घुसा दिया। उसने आपने हाथ का लन्ड मेरी चूत में घुसा दिया। हम अगल बगल लेटी हुई चुदवाने लगीं। कभी आगे से कभी पीछे से। कभी ऊपर से कभी नीचे। लन्ड अदल बदल कर चुदवाने लगी। कभी वह लन्ड मेरी चूत में पेलती कभी मैं उसकी चूत में ? कभी मैं उसके मुंह में लन्ड घुसेड़ देती कभी वह मेरे मुंह में ? इस तरह दो साल तक सिलसिला चलता रहा। दर्जनों लन्ड मेरी चूत से गुज़र गए और अम्मी की चूत से भी।
फिर एक दिन मेरी शादी हो गयी और मैं ससुराल चली गयी। सुहागरात मनाने मैं गोवा गयी थी। मेरी सुहागरात अच्छी हुई और मुझे वहां भी लन्ड की कमी महसूस नहीं हुई। मेरा शौहर भी बड़ा रंगीला निकला। साला अपनी सुहागरात में अपने दोस्तों की बीवियां चोद रहा था। इसीलिए उसने जिद की थी की मैं सुहागरात घर पर नहीं गोवा में मनाऊंगा। उसने दोस्तों की बीवियां चोदी तो दोस्तों ने उसकी बीवी चोदी। मेरी तो लाटरी खुल गयी। मुझे सुहागरात में ही ३/४ लन्ड मिल गए और आगे भी पराये मर्दों से चुदवाने का लाइसेंस मिल गया। गोवा से आयी तो यहाँ घर का जायज़ा लेने लगी। एक दिन अचानक मेरे शौहर को काम पर वापस जाना पड़ा। मेरी सास माहिरा और मेरी नन्द जोया मेरे साथ थीं। मैं समझ नहीं पा रही थी की ये दोनों किस नेचर की हैं ? चोदा चोदी में इनका विचार है ? ये अपनी बहू से क्या उम्मीद रखतीं हैं ?
एक दिन मैंने दोनों को बात करते हुए चुपचाप सुन लिया।
नन्द बोली - अम्मी देखो अब थोड़ा संभल के चलना पड़ेगा। अब तो भाभी आ गईं हैं।
सास बोली - हां बेटी बात सही है। अब कुछ दिन ज़रा कंट्रोल करना पड़ेगा आने जाने वालों पर थोड़ा रोक लगानी पड़ेगी। नहीं तो यहाँ भोसड़ी का जो भी आता है वो बुर चोद कर ही जाता है। कभी मेरी बुर लेता है कभी तेरी बुर ? बिना चोदे कोई जाता ही नहीं ? ऐसे में बहू के ऊपर क्या असर पड़ेगा ?
हां अम्मी बात तो सही है। कभी कभी तो ऐसा होता है की एक ही आदमी तीन तीन बार चोद कर जाता है। कोई कोई तो गांड भी मारता है अम्मी ?
हां बेटी मैं तो बताना ही भूल गयी उस दिन तेरा ससुर आया था। उसने रात में पहले तो मेरी चूत में पेला लन्ड फिर मेरी नन्द की बुर में घुसेड़ दिया लन्ड। इतना ही नहीं सवेरे उठा कर फिर चोदा मुझे ?
अरे अम्मी उसका लन्ड साला एक बार खड़ा होता है तो सबकी चूत का बाजा बजा देता है। लेकिन उससे चुदाने में बहुत मज़ा आता है अम्मी ? लौड़ा मादर चोद का बड़ा मोटा है ?
अरे ये सोंचो ज़ोया की नयी नवेली दुल्हन के साथ क्या किया जाए ?
अरे अम्मी वह भी जवान है। उसकी भी चूत है। देखना वह भी मेरी तरह हो जाएगी एक दिन। बिना लन्ड के तो वह भी नहीं रह सकती ? मैं तो सोंचती हूँ की एक दिन अपने नंदोई का लन्ड उसकी बुर में घुसेड़ दूं अम्मी। उसका लन्ड वाकई बड़ा मोटा और लंबा है। भाभी को मज़ा आ जायेगा ?
तू भोसड़ी की बड़ी जल्दी बाजी कर रही है, ज़ोया ? इतनी जल्दी क्यों है दुल्हन की बुर चुदवाने की ?
अरे अम्मी तुम देखना कहीं ऐसा न हो की भाभी हमसे तुमसे ज्यादा चुदवाने में इंटरेस्ट लेती हों ? क्योंकि एक बात तो है की खूबसूरत बीवी की बुर हर कोई लेना चाहता है। और खूबसूरत बीवी भी हर एक का लन्ड लेना चाहती है। अब मुझे देखो मैं खूबसूरत हूँ और सबको बुर देती हूँ। किसी को निराश नहीं करती। तुम खूबसूरत हो अम्मी तुम भी सबसे चुदवा लेती हो ?
अच्छा तो जैसे तू बुर चोदी है, मैं बुर चोदी हूँ वैसी बहू भी बुर चोदी हो जाएगी ?
बिलकुल हो जाएगी अम्मी तुम चिंता न करो ? जब बड़े बड़े लन्ड देखेगी तो उसकी लार टपकने लगेगी अम्मी ? उसकी चूत उसे चैन नहीं लेने देगी ?
इतने में कोई आ गया तो बात चीत ख़तम हो गयी। लेकिन मुझे सभी बातों का पता चल गया। मैं जो चाहती थी वो जानकारी मुझे मिल गयी। न मेरी सास को और न मेरी नन्द को कभी इस बात की भनक मिली की मैंने उनकी सारी बातें सुन ली हैं।
दूसरे दिन रात को मेरी नन्द मेरे पास आयी और बोली भाभी आपसे एक बात कहना चाहती हूँ।
मैंने कहा :- हां हां कहो। मैं सुनने को तैयार हूँ।
वह बोली :- भाभी मैं जो कहूँगी वो तुम करोगी ?
मैंने कहा :- हां बिलकुल करुँगी। तुम मेरी नन्द हो यार मैं तेरी बात नहीं मानूँगी तो फिर किसकी बात मानूंगीं। वह बोली :- भाभी मेरा देवर आया है। उसने जबसे तुम्हे देखा है तबसे तड़प रहा है बिचारा ? उसका दिल तुम्हारे पर आ गया है।
मैंने कहा :- अच्छा ऐसी बात है। क्यों तड़प रहा है ? कोई ख़ास बात है क्या ? मैं क्या मदद कर सकती हूँ ?
वह बोली :- वह चाहता है की तुम उसका लन्ड पकड़ लो। वह तुम्हे अपना लन्ड पकड़ाना चाहता है, भाभी ?
मैंने कहा :- बस इतनी सी बात ? बुलाओ उसे मैं पकड़ लेती हूँ उसका लन्ड ? कहो तो अकेले में पकड़ लूँ या फिर तेरे सामने पकड़ लूँखोल दिए। और उस अपने कपड़े भी उतार डाले।
वह बोली :- अगर मेरे सामने पकड़ लो भाभी तो बहुत अच्छा होगा ?
मैं मान गयी और थोड़ी देर में उसका देवर मेरे सामने आ गया। मैं उसे देख कर अंदर ही अंदर खुश हुई क्योंकि लड़का बड़ा हैंडसम था। तगड़ा तंदुरुस्त था। मैं समझ गयी की इसका लन्ड तगड़ा होगा और मेरी नन्द इसका लन्ड पकड़ती जरूर होगी। बल्कि चुदवाती भी होगी भोसड़ी वाली ? मैंने सोंच लिया कीआज मैं भी इससे चुदवाऊँगी वह भीअपनी नन्द के सामने। ज़ोया ने देवर की बनियाइन उतार दी। उसकी चौड़ी छाती देख कर मुझे मज़ा आ गया। फिर उसने उसका पैजामा खोल दिया। वह नंगा हो गया। ज़ोया ने लन्ड पकड़ा और हिलाना शुरू किया। फिर उसने लन्ड मुझे पकड़ा दिया। मैंने जैसे ही लन्ड पकड़ा वैसे ही वह फनफना कर खड़ा हो गया। तब तक ज़ोया ने धीरे से मेरे कपड़े उतार दिया। मुझे एकदम नंगी देख कर लन्ड और हिनहिनाने लगा। फिर ज़ोया खुद अपने कपड़े खोल कर नंगी हो गयी । अब कमरे में हम तीनो बिलकुल नंगे ? लन्ड मुझे पसंद आ गया। साला ८" का होगा लन्ड। मेरी चूत चुलबुला उठी। ज़ोया बोली भाभी लन्ड पसंद आया ? मैंने कहा हां यार लौड़ा तो बड़ा शानदार है।
मैं लन्ड चाटने लगी और वह मेरी बुर चाटने लगी। मैंने लन्ड चूसना शुरू किया तो ज़ोया ने मेरी चूत सहलाकर गरम कर दिया। फिर उसने अपने देवर का लन्ड उस पर रखा और देवर ने एक धक्का मारा तो लन्ड सटाक से अंदर घुस गया और मैं चुदवाने लगी। अब मैं ज़ोया की बुर चाटने लगी। थोड़ी देर में मैंने लन्ड ज़ोया की चूत में घुसा दिया और कहा अब मैं अपनी नन्द की बुर चोदूँगी। मैं देवर के पीठ पर चढ़ गयी। देवर लन्ड बार बार अंदर बाहर करने लगा। मैं भी उसके साथ ऊपर नीचे होने लगी। मुझे लगा की मैं ही बुर चोद रही हूँ। देवर बोला साइमा भाभी आज मुझे ज़ोया भाभी की बुर चोदने में अच्छा लग रहा है और आपकी बुर के तो कहने ही क्या ? भाभी अब जब भी मैं आऊंगा तो तेरी बुर चोद कर ही जाऊंगा। फिर वह मुझे पीछे से चोदने लगा। मैंने पूंछा ज़ोया तुम तो खूब चुदवाती होगी इससे। वह बोली है भाभी मैं क्या हमारे घर की सभी बीवियां लड़कियां इससे चुदवाती हैं। इसका लन्ड बड़ा पॉपुलर है।
दूसरे दिन मैंने कहा ज़ोया अब मैं तेरे शौहर का लन्ड पकडूँगी। मैं चाहती हूँ की तुम खुद उसका लन्ड पेलो मेरी
चूत में। वह यह सुनकर बड़ी मस्त हो गयी। उसने फ़ौरन अपने मियां को बुलाया, उसे नंगा किया और लन्ड मुझे पकड़ा दिया। उसका लन्ड देवर के लन्ड से बड़ा था। मैं नंगी नंगी लन्ड चूस ही रही थी तभी मेरी सास आ गयीं। वह बोली हाय साइमा बहू तू तो बिलकुल हमारी ही तरह है। उधर से ज़ोया बोली अरे अम्मी भाभी तो बिलकुल बुर चोदी हैं। हाय दईया तब तो मज़ा आ जायेगा। बुर चोदी मैं, बुर चोदी मेरी बेटी और बुर चोदी मेरी बहू ? तब तक मैं बोल पड़ी और बुर चोदी मेरी सास, बुर चोदी मेरी नन्द ? इतने में वो दोनों खूब खिलखिलाकर हंस पड़ीं। सास बोली :- ज़ोया, तेरी माँ की चूत ? अब आएगा मज़ा चोदा चोदी का ? और बहू तेरी सास का भोसड़ा ?
नन्द बोली :- हां अम्मी तेरी बिटिया की बुर बहन चोद ? अब आएगा लन्ड पेलने का मज़ा ? साइमा भाभी तेरी नन्द की बुर ? वह भी खूब चुदक्कड़ है ?
मैंने कहा :- ज़ोया तेरी भाभी की चूत ? तेरी भाभी मादर चोद बड़ी हरामजादी है। और हां सासू जी तेरी बहू की बुर। अब तो बहू मारेगी सास की गांड ? बस फिर हम तीनो खूब तालियां बज बज कर मज़ा लेने लगीं। आपस की गालियों का मज़ा लूटने लगीं।
मेरा नंदोई बिना रुके मुझे चोदे चला जा रहा था।
दूसरे दिन मैंने अम्मी को फोन पर सब बताया तो वह भी बहुत खुश हुई और मुझे शाबाशी देने लगीं।
मेरी बेटी जो तुम कर रही हो वह बिलकुल ठीक है। इस उमर में यही किया जाता है। जो लड़की ऐसा नहीं करती उसमे कोई कमी होती है। जिस लड़की में जवानी की आग नहीं होती वह लड़की किसी काम नहीं होती बेटी ? तू अब २० साल की है मेरी तरह तेरे बदन में भी आग है। आग नहीं होती तो आज तेरे हाथ में यह 'लन्ड' नहीं होता ? मैं तो तेरे हाथ में 'लन्ड' देख कर बहुत खुश हूँ। यह इस बात का सबूत है की अब तू पूरी तरह जवान हो गयी है। तू अब लन्ड मुंह में और अपनी बुर में लेने वाली हो गयी है बेटी ? जो लड़की इस उम्र में लन्ड से दूर भागती है उसमे कोई शारीरिक कमजोरी होती है। तुझे लन्ड पकडे हुए और चूसते हुए मैंने देखा तो समझ गयी की तेरे शरीर में कोई कमजोरी नहीं है बल्कि तेरा जिस्म लन्ड खाने के लिए पूरी तरह तैयार है। तू खूबसूरत भी है और हॉट भी ? लन्ड के मामले में कभी कोई शर्म नहीं करनी चाहिए। बल्कि खुद ही हाथ बढ़ा कर पकड़ लेना चाहिए लन्ड ? जवानी बिना लन्ड के नहीं गुज़रती, बेटी .
आज से हम तुम दोनों सहेलियां है। न तुम मुझसे कुछ छुपाओ और न मैं तुमसे ? लन्ड तुम्हे भी चाहिए बेटी और लन्ड मुझे भी। बुर चोदी तू भी है और बुर चोदी मैं भी। हम दोनों की जरूरतें बराबर हैं इसलिए आज से दुनिया की माँ की चूत ? हम दोनों दोस्त की तरह मिलकर बातें करेगी। अम्मी ने मुस्कराते हुए मेरे गाल थपथपाकर कहा बेटी साइमा तेरी माँ का भोसड़ा ? मैं तो अम्मी की गाली सुनकर उसका मुंह ताकने लगी। गाली तो वह खुद अपने भोसड़ा को ही दे रहीं थीं। मुझे कुछ समझ में नहीं आ रह था की मैं क्या कहूँ ? मेरी परेशानी को अम्मी भांप गयी और बोली बेटी अब तुम मुझसे इसी तरह से बातें करोगी जैसे एक दोस्त दूसरी दोस्त से गाली देकर बातें करती है।अब मुझे गाली का जबाब दो। मेरी हिम्मत बढ़ गयी और मैंने भी उसी अंदाज़ में जबाब दिया अम्मी तेरी बिटिया की बुर ?
फिर हम दोनों खिलखिलाकर हंसने लगीं। तो देखा दोस्तों, कितनी अच्छी हैं मेरी अम्मी ? मुझे एक लड़के का लन्ड चूसते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। मेरी तो जान ही निकल गयी थी। लन्ड भी साला सिकुड़ कर दो इंच का रह गया। मैं समझी की अब अम्मी डांटेंगीं। पर हुआ इसका बिलकुल उलटा। अम्मी मुस्करा पड़ी और वो सब कहा जो आपने अभी ऊपर पढ़ा ? उसके बाद अम्मी बोली साइमा अब मेरे सामने लन्ड पकड़ो हिलाओ और मस्ती से खड़ा करो। मैं लन्ड हिलाने लगी और लन्ड खड़ा होने लगा। फिर अम्मी ने भी हाथ बढ़ा कर लन्ड पकड़ा और बोली वाओ, लौड़ा तो बड़ा जबरदस्त है बेटी ? अब तुम इस लौड़े से पूंछो की वो तेरी माँ चोदेगा, साइमा ? मैंने वाकई लौड़े से बड़े प्यार से पूंछा मेरी माँ चोदोगे लौड़े मियां ? उसने अपना सर हिला कर कहा हां ?
मैंने कहा अम्मी ये तो मेरी माँ चोदने के लिए तैयार है ? अम्मी बोली मैं जानती थी की वह तैयार होगा। लन्ड साला जब खड़ा हो जाता है तो वह चोदने के मूड आ जाता है। उसे इससे कोई मतलब नहीं की चूत माँ की है बेटी की ? सास की है बहू की ? नन्द की है या भौजाई की ? देवरानी की है जेठानी की ? उसे तो चूत चाहिए बस ? और फिर चूत में तो कोई रिस्ता लिखा नहीं होता ? आज नहीं साइमा तुम किसी और दिन अपनी माँ का भोसड़ा चुदवाना। आज तुम खुद चुदाओ और मज़ा करो। मैं बाहर जा रही हूँ शाम को आऊंगी। ऐसा कह कर अम्मी चली गई। अम्मी के जान के बाद मेरी चूत की आग और भभक उठी। वैसे मैंने पहले सोंचा की मैं आज लन्ड का मुठ्ठी मारूँगी और लन्ड पियूँगी। मुझे लन्ड पीना बड़ा अच्छा लगता है पर जब अम्मी से खुल कर बात हो गयी है तो फिर चुदवाने में कोई हर्ज़ नहीं है। अब मैं लन्ड जरूर अपनी बुर में पेलूंगी और खूब जम कर चुदवाऊँगी। मैंने यह सब लन्ड चूसते चूसते सोंच लिया। लन्ड तो ताहिर का था। वह मेरा क्लास फेलो है। अब तक लन्ड साला पूरे ताव आ चुका था। इधर मेरी भी चूत लन्ड खाने के लिए रेडी थी। बस ताहिर ने लन्ड टिका दिया मेरी चूत पर और धक्का देकर घुसेड़ दिया अंदर। लौड़ा बहन चोद सरसराता हुआ मेरी चूत में घुस गया। मैं उफ़ कह कर रह गयी। मैं चुदवाने लगी और अम्मी की बातें याद करने लगी।
मैंने ताहिर से पूंछा यार तुम मेरी माँ का भोसड़ा चोदोगे ? वह बोला हां चोदूंगा जरूर चोदूंगा। तेरी माँ के बराबर मेरी खाला जान है मैं उसका भोसड़ा चोदता हूँ। मेरी फूफी भी मेरा लन्ड अपने भोसड़ा में घुसेड़ लेतीं हैं। मुझे भोसड़ा चोदने में भी मज़ा आता है। मैंने कहा अच्छा एक बात और बता तेरी खाला की बेटी मेरी उम्र की है। क्या तूने उसे कभी चोदा है ? वह बोला अरे साइमा खूब चोदा है यार। वो तो मेरे लन्ड से ज्यादा प्यार करती है मुझसे कम ? फूफी की बेटी भी चुदवाती है मुझसे। मैंने कहा बाप रे तू तो भोसड़ी का लड़कियां भी चोदता है और लड़कियों की माँ भी चोदता है ? वह बोला साइमा अभी तेरी अम्मी ने कहा है न की चूत पर किसी का नाम नहीं लिखा होता कोई रिस्ता नहीं लिखा होता ? इसी तरह लन्ड पर भी किसी का नाम नहीं लिखा होता ? कोई रिस्ता नहीं लिखा होता ? मैंने कहा इसका मतलब अभी तुम मुझे चोद रहे हो फिर तुम मेरी माँ चोदोगे ? वह बोला हां चोदूंगा क्योंकि तेरी अम्मी खुद मुझसे चुदवाने के लिए तैयार हैं। ऐसा कह कर वह मुझे भकाभक चोदने लगा ? मैं भी अपनी गांड से जोर लगाने लगी। आज मुझे चुदवाने सुख बहुत ज्यादा मिल रहा था। ताहिर के मोटे तगड़े और टाइट लन्ड का मज़ा ले रही थी।
दूसरे दिन मैं बाहर गयी तो मुझे आने में बहुत देर हो गयी। हालांकि मैंने अम्मी को फोन कर दिया था की वह मेरा खाने पर इंतज़ार न करें। मैं रात को करीब १० बजे घर पहुंची। मैं जब कपडे बदल रही थी तभी अम्मी ने आवाज़ लगायी और कहा साइमा यहाँ मेरे कमरे में आ जाओ। मैं एक मैक्सी बिना ब्रा की पहने हुए अम्मी के पास चली गयी। घुसते ही मैंने देखा की अम्मी नंगी नंगी किसी का लन्ड हिला रहीं हैं। मुझे देखते ही बोली साइमा ले भोसड़ी की ये लौड़ा पकड़ कर देख ? मैं जान गयी की अम्मी इस समय पूरी मस्ती में हैं। मैंने लन्ड हाथ बढाकर पकड़ लिया और कहा वाओ, अम्मी लौड़ा तो बड़ा शानदार है ? अम्मी फिर बोली अरे मुंहे में लेकर देखो न साइमा ? आजकल तो लड़कियां लौड़ा फ़ौरन मुंह में ले लेती हैं। मैं कुछ बोली नहीं और लौड़ा मुंह में लेकर चूसने लगी। तब तक एक आदमी और बाथ रूम से निकला और वह भी अपना लन्ड खड़ा करके मेरे सामने खड़ा हो गया। अम्मी बोली इसका भी लौड़ा पकड़ के देखो साइमा ? मैंने दूसरे हाथ से उसका लौड़ा पकड़ लिया। मैं दो दो लन्ड चाटने लगी।मेरी मैक्सी खुल गयी मैं पूरी नंगी हो गयी। मैं मस्ती में आ गयी।
अम्मी बोली :- अब तू बता कौन सा लन्ड अपनी माँ के भोसड़ा में पेलेगी, साइमा ?
मैंने कहा :- तू कौन सा लन्ड अपनी बिटिया की बुर में पेलेगी, ताहिरा ?
अम्मी हंस कर कहा : अब तो पक्का हो गया साइमा की - बुर चोदी तू भी है और बुर चोदी मैं भी हूँ ?
मैंने फिर अपने हाथ का लन्ड अम्मी की चूत में घुसा दिया। उसने आपने हाथ का लन्ड मेरी चूत में घुसा दिया। हम अगल बगल लेटी हुई चुदवाने लगीं। कभी आगे से कभी पीछे से। कभी ऊपर से कभी नीचे। लन्ड अदल बदल कर चुदवाने लगी। कभी वह लन्ड मेरी चूत में पेलती कभी मैं उसकी चूत में ? कभी मैं उसके मुंह में लन्ड घुसेड़ देती कभी वह मेरे मुंह में ? इस तरह दो साल तक सिलसिला चलता रहा। दर्जनों लन्ड मेरी चूत से गुज़र गए और अम्मी की चूत से भी।
फिर एक दिन मेरी शादी हो गयी और मैं ससुराल चली गयी। सुहागरात मनाने मैं गोवा गयी थी। मेरी सुहागरात अच्छी हुई और मुझे वहां भी लन्ड की कमी महसूस नहीं हुई। मेरा शौहर भी बड़ा रंगीला निकला। साला अपनी सुहागरात में अपने दोस्तों की बीवियां चोद रहा था। इसीलिए उसने जिद की थी की मैं सुहागरात घर पर नहीं गोवा में मनाऊंगा। उसने दोस्तों की बीवियां चोदी तो दोस्तों ने उसकी बीवी चोदी। मेरी तो लाटरी खुल गयी। मुझे सुहागरात में ही ३/४ लन्ड मिल गए और आगे भी पराये मर्दों से चुदवाने का लाइसेंस मिल गया। गोवा से आयी तो यहाँ घर का जायज़ा लेने लगी। एक दिन अचानक मेरे शौहर को काम पर वापस जाना पड़ा। मेरी सास माहिरा और मेरी नन्द जोया मेरे साथ थीं। मैं समझ नहीं पा रही थी की ये दोनों किस नेचर की हैं ? चोदा चोदी में इनका विचार है ? ये अपनी बहू से क्या उम्मीद रखतीं हैं ?
एक दिन मैंने दोनों को बात करते हुए चुपचाप सुन लिया।
नन्द बोली - अम्मी देखो अब थोड़ा संभल के चलना पड़ेगा। अब तो भाभी आ गईं हैं।
सास बोली - हां बेटी बात सही है। अब कुछ दिन ज़रा कंट्रोल करना पड़ेगा आने जाने वालों पर थोड़ा रोक लगानी पड़ेगी। नहीं तो यहाँ भोसड़ी का जो भी आता है वो बुर चोद कर ही जाता है। कभी मेरी बुर लेता है कभी तेरी बुर ? बिना चोदे कोई जाता ही नहीं ? ऐसे में बहू के ऊपर क्या असर पड़ेगा ?
हां अम्मी बात तो सही है। कभी कभी तो ऐसा होता है की एक ही आदमी तीन तीन बार चोद कर जाता है। कोई कोई तो गांड भी मारता है अम्मी ?
हां बेटी मैं तो बताना ही भूल गयी उस दिन तेरा ससुर आया था। उसने रात में पहले तो मेरी चूत में पेला लन्ड फिर मेरी नन्द की बुर में घुसेड़ दिया लन्ड। इतना ही नहीं सवेरे उठा कर फिर चोदा मुझे ?
अरे अम्मी उसका लन्ड साला एक बार खड़ा होता है तो सबकी चूत का बाजा बजा देता है। लेकिन उससे चुदाने में बहुत मज़ा आता है अम्मी ? लौड़ा मादर चोद का बड़ा मोटा है ?
अरे ये सोंचो ज़ोया की नयी नवेली दुल्हन के साथ क्या किया जाए ?
अरे अम्मी वह भी जवान है। उसकी भी चूत है। देखना वह भी मेरी तरह हो जाएगी एक दिन। बिना लन्ड के तो वह भी नहीं रह सकती ? मैं तो सोंचती हूँ की एक दिन अपने नंदोई का लन्ड उसकी बुर में घुसेड़ दूं अम्मी। उसका लन्ड वाकई बड़ा मोटा और लंबा है। भाभी को मज़ा आ जायेगा ?
तू भोसड़ी की बड़ी जल्दी बाजी कर रही है, ज़ोया ? इतनी जल्दी क्यों है दुल्हन की बुर चुदवाने की ?
अरे अम्मी तुम देखना कहीं ऐसा न हो की भाभी हमसे तुमसे ज्यादा चुदवाने में इंटरेस्ट लेती हों ? क्योंकि एक बात तो है की खूबसूरत बीवी की बुर हर कोई लेना चाहता है। और खूबसूरत बीवी भी हर एक का लन्ड लेना चाहती है। अब मुझे देखो मैं खूबसूरत हूँ और सबको बुर देती हूँ। किसी को निराश नहीं करती। तुम खूबसूरत हो अम्मी तुम भी सबसे चुदवा लेती हो ?
अच्छा तो जैसे तू बुर चोदी है, मैं बुर चोदी हूँ वैसी बहू भी बुर चोदी हो जाएगी ?
बिलकुल हो जाएगी अम्मी तुम चिंता न करो ? जब बड़े बड़े लन्ड देखेगी तो उसकी लार टपकने लगेगी अम्मी ? उसकी चूत उसे चैन नहीं लेने देगी ?
इतने में कोई आ गया तो बात चीत ख़तम हो गयी। लेकिन मुझे सभी बातों का पता चल गया। मैं जो चाहती थी वो जानकारी मुझे मिल गयी। न मेरी सास को और न मेरी नन्द को कभी इस बात की भनक मिली की मैंने उनकी सारी बातें सुन ली हैं।
दूसरे दिन रात को मेरी नन्द मेरे पास आयी और बोली भाभी आपसे एक बात कहना चाहती हूँ।
मैंने कहा :- हां हां कहो। मैं सुनने को तैयार हूँ।
वह बोली :- भाभी मैं जो कहूँगी वो तुम करोगी ?
मैंने कहा :- हां बिलकुल करुँगी। तुम मेरी नन्द हो यार मैं तेरी बात नहीं मानूँगी तो फिर किसकी बात मानूंगीं। वह बोली :- भाभी मेरा देवर आया है। उसने जबसे तुम्हे देखा है तबसे तड़प रहा है बिचारा ? उसका दिल तुम्हारे पर आ गया है।
मैंने कहा :- अच्छा ऐसी बात है। क्यों तड़प रहा है ? कोई ख़ास बात है क्या ? मैं क्या मदद कर सकती हूँ ?
वह बोली :- वह चाहता है की तुम उसका लन्ड पकड़ लो। वह तुम्हे अपना लन्ड पकड़ाना चाहता है, भाभी ?
मैंने कहा :- बस इतनी सी बात ? बुलाओ उसे मैं पकड़ लेती हूँ उसका लन्ड ? कहो तो अकेले में पकड़ लूँ या फिर तेरे सामने पकड़ लूँखोल दिए। और उस अपने कपड़े भी उतार डाले।
वह बोली :- अगर मेरे सामने पकड़ लो भाभी तो बहुत अच्छा होगा ?
मैं मान गयी और थोड़ी देर में उसका देवर मेरे सामने आ गया। मैं उसे देख कर अंदर ही अंदर खुश हुई क्योंकि लड़का बड़ा हैंडसम था। तगड़ा तंदुरुस्त था। मैं समझ गयी की इसका लन्ड तगड़ा होगा और मेरी नन्द इसका लन्ड पकड़ती जरूर होगी। बल्कि चुदवाती भी होगी भोसड़ी वाली ? मैंने सोंच लिया कीआज मैं भी इससे चुदवाऊँगी वह भीअपनी नन्द के सामने। ज़ोया ने देवर की बनियाइन उतार दी। उसकी चौड़ी छाती देख कर मुझे मज़ा आ गया। फिर उसने उसका पैजामा खोल दिया। वह नंगा हो गया। ज़ोया ने लन्ड पकड़ा और हिलाना शुरू किया। फिर उसने लन्ड मुझे पकड़ा दिया। मैंने जैसे ही लन्ड पकड़ा वैसे ही वह फनफना कर खड़ा हो गया। तब तक ज़ोया ने धीरे से मेरे कपड़े उतार दिया। मुझे एकदम नंगी देख कर लन्ड और हिनहिनाने लगा। फिर ज़ोया खुद अपने कपड़े खोल कर नंगी हो गयी । अब कमरे में हम तीनो बिलकुल नंगे ? लन्ड मुझे पसंद आ गया। साला ८" का होगा लन्ड। मेरी चूत चुलबुला उठी। ज़ोया बोली भाभी लन्ड पसंद आया ? मैंने कहा हां यार लौड़ा तो बड़ा शानदार है।
मैं लन्ड चाटने लगी और वह मेरी बुर चाटने लगी। मैंने लन्ड चूसना शुरू किया तो ज़ोया ने मेरी चूत सहलाकर गरम कर दिया। फिर उसने अपने देवर का लन्ड उस पर रखा और देवर ने एक धक्का मारा तो लन्ड सटाक से अंदर घुस गया और मैं चुदवाने लगी। अब मैं ज़ोया की बुर चाटने लगी। थोड़ी देर में मैंने लन्ड ज़ोया की चूत में घुसा दिया और कहा अब मैं अपनी नन्द की बुर चोदूँगी। मैं देवर के पीठ पर चढ़ गयी। देवर लन्ड बार बार अंदर बाहर करने लगा। मैं भी उसके साथ ऊपर नीचे होने लगी। मुझे लगा की मैं ही बुर चोद रही हूँ। देवर बोला साइमा भाभी आज मुझे ज़ोया भाभी की बुर चोदने में अच्छा लग रहा है और आपकी बुर के तो कहने ही क्या ? भाभी अब जब भी मैं आऊंगा तो तेरी बुर चोद कर ही जाऊंगा। फिर वह मुझे पीछे से चोदने लगा। मैंने पूंछा ज़ोया तुम तो खूब चुदवाती होगी इससे। वह बोली है भाभी मैं क्या हमारे घर की सभी बीवियां लड़कियां इससे चुदवाती हैं। इसका लन्ड बड़ा पॉपुलर है।
दूसरे दिन मैंने कहा ज़ोया अब मैं तेरे शौहर का लन्ड पकडूँगी। मैं चाहती हूँ की तुम खुद उसका लन्ड पेलो मेरी
चूत में। वह यह सुनकर बड़ी मस्त हो गयी। उसने फ़ौरन अपने मियां को बुलाया, उसे नंगा किया और लन्ड मुझे पकड़ा दिया। उसका लन्ड देवर के लन्ड से बड़ा था। मैं नंगी नंगी लन्ड चूस ही रही थी तभी मेरी सास आ गयीं। वह बोली हाय साइमा बहू तू तो बिलकुल हमारी ही तरह है। उधर से ज़ोया बोली अरे अम्मी भाभी तो बिलकुल बुर चोदी हैं। हाय दईया तब तो मज़ा आ जायेगा। बुर चोदी मैं, बुर चोदी मेरी बेटी और बुर चोदी मेरी बहू ? तब तक मैं बोल पड़ी और बुर चोदी मेरी सास, बुर चोदी मेरी नन्द ? इतने में वो दोनों खूब खिलखिलाकर हंस पड़ीं। सास बोली :- ज़ोया, तेरी माँ की चूत ? अब आएगा मज़ा चोदा चोदी का ? और बहू तेरी सास का भोसड़ा ?
नन्द बोली :- हां अम्मी तेरी बिटिया की बुर बहन चोद ? अब आएगा लन्ड पेलने का मज़ा ? साइमा भाभी तेरी नन्द की बुर ? वह भी खूब चुदक्कड़ है ?
मैंने कहा :- ज़ोया तेरी भाभी की चूत ? तेरी भाभी मादर चोद बड़ी हरामजादी है। और हां सासू जी तेरी बहू की बुर। अब तो बहू मारेगी सास की गांड ? बस फिर हम तीनो खूब तालियां बज बज कर मज़ा लेने लगीं। आपस की गालियों का मज़ा लूटने लगीं।
मेरा नंदोई बिना रुके मुझे चोदे चला जा रहा था।
दूसरे दिन मैंने अम्मी को फोन पर सब बताया तो वह भी बहुत खुश हुई और मुझे शाबाशी देने लगीं।
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