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बुर चुदवाने में और लण्ड पीने में बड़ी एक्सपर्ट है - Khub chudai karvati hai aao aur ise maje se chodo
बुर चुदवाने में और लण्ड पीने में बड़ी एक्सपर्ट है - Khub chudai karvati hai aao aur ise maje se chodo , Antarvasna Sex Stories , Hindi Sex Story , Real Indian Chudai Kahani , choda chadi cudai cudi coda free of cost , Time pass Story , Adult xxx vasna kahaniyan.
देखो बेटी यह है चोदा चोदी का अखाड़ा ? यहाँ न कोई बुर चोदी बेटी है और न कोई भोसड़ी वाली माँ ? यहां तो बस एक तरफ मर्द हैं और दूसरी तरफ औरत ? एक तरफ लन्ड हैं और दूसरी तरफ चूत ? लन्ड को चूत के बिल में घुसना है और चूत को अपने बिल में लन्ड घुसाना हैं। इसी घुसने घुसाने को चोदना और चुदाना कहतें हैं। जो लन्ड घुसाता है वह भोसड़ी का चोदने वाला कहलाता है और जो लन्ड घुसेड़वाती है वो बुर चोदी चुदवाने वाली कहलाती है। देखो बेटी लन्ड मुझे भी चाहिए और लन्ड तुझे भी। इसलिए अब यहाँ हम दोनों दोस्त हैं। यहाँ तो मेरे लिए मादर चोद हिना है और मैं तेरे लिए भोसड़ी की सानिया हूँ। अब मैं तुझे नाम और गाली से बुलाऊंगी और तुम भी मुझे नाम और गाली से बुलाओगी। यह समझो की तेरी माँ की चूत तेरी दोस्त है और मेरी बिटिया की बुर मेरी दोस्त है। मैं अपनी बिटिया की बुर चुदाऊं, तुम अपनी माँ का भोसड़ा चुदाओ। लन्ड तुम भी चोदो लन्ड मैं भी चोदूं ?
तब तक मेरी बहूआ गयी। मैंने उससे भी यही कहा। देख मेरी बुर चोदी बहू मैं तेरी सास जरूर हूँ पर जब चुदाई के मैदान में आती हूँ तो तू मेरी कॉम्पटीटर हो जाती है। लन्ड तुम्हे भी चोदना है लन्ड मुझे भी चोदना है। तो फिर क्यों न हम तुम आमने सामने चोदें लन्ड ? लन्ड चोदने के साथ बहू मैं तेरी बुर भी चोदूँगी। मैं यह भी जानती हूँ की तू भी लन्ड चोदने क्वे साथ मेरा भोसड़ा भी चोदेगी। मैं तो कहती हूँ बहू तेरी सास का भोसड़ा ? तब तक बहू बोली सासू तेरी बहू की बुर ? बस फिर हम तीनो हंस पड़ीं
जवानी की मस्तियाँ ऐसे ऐसे खेल दिखातीं है जिसकी आप कभी कल्पना भी नहीं कर सकते ? जवानी खुद जवानी में अपना मज़ा ढूंढ लेती हैं। एक बार की बात है की सास बहू और नन्द तीनो बैठी हुई आपस में बातें कर रही थीं। बातें बड़ी गहरी होने लगीं। हंसी मजाक का दायरा खुलने लगा । बातों ही बातों में व्हिस्की की बोतल खुल गयी। तीनो मस्ती से शराब पीने लगीं। नशा चढ़ने लगा और उधर बातों की और हंसी मजाक की गहराई बढ़ने लगी। गाली गलौज भी होने लगी। हर बात में मादर चोद, बहन चोद, माँ का लौड़ा, बहन का लौड़ा, भोसड़ी की, बेटी चोद, सब होने लगा। हंसी के ठहाके भी लगने लगे। तब तक सबकी कपड़े अस्त व्यस्त होने लगे। किसी की गांड खुल गयी तो किसी की झाँटें, किसी की चूचियाँ दिखने लगी तो किसी की चूत। किसी के चूतड़ दिखने लगे तो किसी की नंगी जांघें। लेकिन किसी को इस बात की कोई परवाह नहीं थी।
बहू की शादी अभी ६ महीने ही पहले हुई है। वह भी अपनी सास और नन्द से घुल मिल गयी है। बेटी पहले से ही अपनी अम्मी से खुली हुई है। उसकी अम्मी भी उसे अपनी दोस्त समझती है माँ नहीं। अपने बेटी से चोदा चोदी, लण्ड, बुर, चूत, गांड की बातें करती है।
इतने में बहू बोली :- अरे मेरी नन्द रानी तूने कभी मेरी सास का भोसड़ा देखा है ?
नन्द बोली :- अम्मी, तूने कभी मेरी भाभी की बुर देखी है।
सास बोली :- अरी मेरी बहू रानी, मुझे यह बता पहले तूने कभी मेरी बिटिया की बुर देखी है ?
इतने में तीनो खिलखिलाकर हंसने लगीं।
बहू फिर बोली :- अरे यार किसी दिन मेरी सास का भोसड़ा देखो और देखो मेरी नन्द की बुर। मज़ा आ जायेगा तुम्हे ? अगर तुम लोग मरद होतीं तो लौड़ा पेल देतीं इन दोनों की चूत में ?
सास बोली :- हाय अल्ला, क्या कह रही तू ? अरे कहो तो मैं अभी तुझे अपनी बहू की चूत दिखा दूँ और दिखा दूँ अपनी बिटिया की बुर। दोनों बहन चोद बहुत बड़ी हरामजादी हैं। मादर चोद हैं दोनों और खुल्लम खुल्ला चुदवाती हैं।
नन्द बोली :- वो सब छोड़ो मैं जो कहती हूँ वो सुनो। तुम लोगों ने अभी तक न मेरी माँ का भोसड़ा देखा और न मेरी भाभी की चूत ? दोनों मस्त जवान है। अब मैं किसी दिन इन दोनों में लण्ड ठोंक कर तुम्हे दिखाऊंगी।
एक बार फिर तीनो ठहाका मार कर हंसने लगीं।
सबने तीन तीन पैग शराब पी ली। नशे में सबकी सब धुत्त हो गईं। मस्ती की सारी हदें पार कर लीं सबने। तब तक सास उठी और अपना पेटीकोट खोल कर फेंक दिया और बोली - ले बुर चोदी बहू, देख ले अपनी सास का भोसड़ा ? और तू भी देख ले अपनी माँ की चूत, बेटी ? इतने में बहू उठी और वह भी मस्ती में नंगी होकर बोली अरे सासू जी लो देखो अपनी बहू की बुर ? इसी में पेलना किसी दिन लण्ड ? और हां मेरी नन्द रानी तू भी देख ले अपनी भाभी की चूत ? फिर न कहना की मैंने भाभी की बुर तो देखी ही नहीं कभी ? उसके बाद नन्द बोली - लो मैं पहले से ही नंगी बैठी हूँ। अम्मी देखो न बहन चोद अपनी बिटिया की बुर। और हां भाभी तुम चाहो तो सहला कर देख लो अपनी भोसड़ी की नन्द की चूत। तुझे इसकी बहुत जरुरत पड़ेगी। बिना अपनी नन्द की बुर में लण्ड पेले, तू अपनी बुर में लण्ड पेल नहीं पायेगी।
उसके बाद थोड़ा थोड़ा खाना खाया सबने और नंगी नंगी ही सो गईं।
तो दोस्तों, आपने माँ बेटी की लड़ाई देखी होगी। दोनों की दुश्मनी देखी होगी गुस्से से एक दूसरे को गालियां देते हुए भी सुना होगा. सास बहू की तो पटरी खाती ही नहीं हमेशा ३६ का ही आंकड़ा रहता है। यही हाल नन्द भौजाई का भी होता है। लड़के झगड़ा गाली गलौज सब कुछ होता है। लेकिन यहाँ पर आपको सास बहू और नन्द की पक्की दोस्ती देखने को मिलेगी। एक दूसरे पर जान देने की भी बात देखने को मिलेगी और आपस में इतना प्यार मिलेगा की ये बिना एक साथ रहे ज़िन्दगी गुज़ार ही नहीं सकती। हां प्यार से एक दूसरे को गालियां देते हुए जरूर सुनाई पड़ेगी क्यों ये तीनो एक साथ सोती हैं तो एक साथ चुदवाती भी हैं। एक साथ शराब भी पीती हैं तो एक साथ लण्ड भी पीती हैं ? एक दूसरे को गाली भी देती हैं तो एक दूसरे की बुर में लण्ड भी पेलती हैं। एक दूसरे की झाँटें भी बनाती हैं तो एक दूसरे की गांड भी मारती हैं। इस तरह का प्यार है इन तीनो का आपस में ?
दोस्तों, मैं हूँ हिना २४ साल की एक मद मस्त हॉट लड़की। मेरे बूब्स बड़े हैं, बड़ी बड़ी आँखें हैं, चूतड़ बड़े है. मैं लण्ड चूसने में और गाली देने में एक्सपर्ट हूँ। मेरी शादी अभी ६ महीने पहले ही हुई है। इस कहानी की मैं नन्द हूँ। मेरी अम्मी हैं सानिया वह ४४ साल की हैं मस्त जवान है, सेक्सी बड़ी बड़ी चूचियाँ है, गांड भी बड़ी सेक्सी है और गालियां देने में बड़ी तेज हैं. बिंदास किसी से भी बात कर सकतीं हैं। बड़े बड़े मर्दों की गांड मार देतीं है। चूचियाँ चुदवाने में और लण्ड चाटने में एक्सपर्ट हैं। वह इस कहानी में सासू जी हैं। मेरी भाभी का नाम है हिबा २५ साल की मेरी भाभी बहुत ही सेक्सी हॉट और हंसमुख हैं। उसे मर्दों के आगे नंगी होने में बड़ा मज़ा आता है। उसकी चूचियाँ बड़ी बड़ी हैं गांड उभरी हुई है, चूत बिलकुल मक्खन मलाई है. वह बुर चुदवाने में और लण्ड पीने में बड़ी एक्सपर्ट है। इस घर की वह बहू है।
एक दिन शाम को मैं जब घर आई तो देखा की अम्मी के साथ दो आदमी बैठे हुए हैं। दोनों करीब करीब अम्मी के ही उम्र के थे। अम्मी उनसे हंस हंस के बातें कर रही थीं। मुझे देख कर अम्मी बोली बेटी हिना देख ये दोनों मेरे बॉय फ्रेंड्स हैं। मैं आज इन्हे किसी ख़ास काम के लिए बुलाया है। तू जल्दी से ड्रिंक्स का इंतज़ाम कर दे। ये दोनों मुझे बहुत दिनों के बाद मिले हैं। तब तक मेरी हिबा भाभी भी आ गयी। अम्मी ने फिर बताया के ये दोनों रियाज़ और नावेद हैं। दोनों आपस में पक्के दोस्त हैं। तब मैं और भाभी दोनों ड्रिंक्स की तैयारी में लग गईं। पहले मैं बोतल और गिलास ले कर कमरे में गयी तो मैंने देखा की अम्मी सोफा पर बैठी हैं। उसके दोनों तरफ वे दोनों बैठे हैं। दोनों के पैजामे के नाड़े खुले हुए हैं और अम्मी उनके लण्ड अंदर ही अंदर पकड़ कर सहला रहीं हैं। वो दोनों भी अम्मी की एक एक चूंची दबा रहें हैं। मैंने बोतल और गिलास टेबल पर रख दिया और मुस्कराते हुए बाहर चाय आई। दूसरी बार हम दोनों सारा नास्ता लेकर कमरे में गयी और टेबल पर रख दिया। तब भी अम्मी अंदर ही अंदर लण्ड हिलाने में लगीं थी। अम्मी ने इशारा किया तो हम दोनों भी सामने बैठ गईं।
इतने में अम्मी ने रियाज़ का लण्ड पैजामे के बाहर निकाला और मुझे दिखाते हुए कहा लो बेटी हिना तुम अंकल का लण्ड पकड़ो मैं तब तक ड्रिंक्स बनाती हूँ। फिर भाभी से भी कहा बहू लो तुम नावेद का लण्ड पकड़ो। इस तरह मैंने एक लण्ड पकड़ लिया और एक लण्ड भाभी ने ? हम दोनों लण्ड घुमा घुमा के हिला हिला के देखने लगीं। लण्ड भी मोटा होने लगा और सख्त भी। तब अम्मी ने कहा लो बेटी शराब के साथ लण्ड पियो और तुम भी बहू मस्ती से शराब पियो और लण्ड पियो। अम्मी ने फिर उन दोनों एक सारे कपड़े उतार दिया और बिलकुल नंगा कर दिया। इधर मेरे भी कपडे उतार कर नंगी किया और भाभी को भी। सबसे बाद में उसने अपने कपड़े खोले तब रियाज़ बोला भाभी माशा अल्ला, आपकी चूत अभी बिलकुल वैसी की वैसी ही है एकदम तरोताज़ा ? इस पर तो उम्र का कोई असर ही नहीं है। अम्मी बड़े फक्र से बोली वह चूत ही क्या जिस पर उम्र का असर हो जाए ? जब तेरे लण्ड पर कोई असर नहीं तो फिर मेरी चूत पर क्यों हो ?
अब हम सब लोग नंग धडंग थे। मैं तो मस्ती से चूसने लगी लण्ड और भाभी भी। रियाज़ अम्मी की चूचियाँ चूसने लगा और नावेद अम्मी की बुर चाटने लगा। तब अम्मी ने बताया जानती हो हिना और हिबा ये दोनों भोसड़ी वाले बड़े हरामजादे हैं। रियाज़ नावेद की बीवी चोदता है और नावेद रियाज़ की बीवी। इनकी बीवियां भी मरद की अदला बदली करके चुदवाती हैं। मुझे जब यह मालूम हुआ तो मैंने कहा चलो यार आज तुम मेरी बहू बेटी चोदो ? मेरे सामने चोदो बहू की बुर और बेटी की चूत। तक तब किसी ने दरवाजा खटखटाया तो मैंने उठ कर खोला। मेरे सामने दो लड़के खड़े थे। सफी और रफ़ी। मैंने फ़ौरन उन्हें उसकी कमरे में ले गयी जहां चुदाई का काम चल रहा था। अम्मी और भाभी यह देख कर थोड़ा हैरान हो गयी। फिर मैने बताया अरे अम्मी ये मेरे दोस्त है सफी और रफ़ी। इनको मैंने अपनी माँ चुदाने के लिए बुलाया है और भाभी की बुर भी ? एक माँ की बुर चोदेगा तो दूसरा भाभी की बुर ? मैं तुम दोनों की बुर चुदवा कर मज़ा लूंगी। तब तक दोनों भोसड़ी के कपड़े खोल कर नंगे हो गए। उनके लण्ड खड़े होकर टन टनाने लगे। दोनों की झाँटें बनी हुई थीं और पेलहड़ भी बिलकुल चिकने थे। लण्ड खूबसूरत लग रहे थे।
अम्मी बोली तू बुर चोदी हिना बड़ी चालक हो गयी है। मैंने सफी का लौड़ा अम्मी के मुंह में डाल दिया और रफ़ी का लौड़ा भाभी के मुंह में। दोनों मस्ती से लण्ड चूसने लगी। अम्मी के पास एक लण्ड भाभी के पास दो लण्ड और मेरे पास एक लण्ड हो गया। मज़ा आने लगा और हमारे अंदर की रंडी बाहर आने लगी। मैंने कहा भोसड़ी की भाभी आज तो तेरी बड़ी चांदी है। माईके में भी दो दो लण्ड से चुदवाती है तू और यहाँ भी तेरे पास दो दो लण्ड हैं। वह बोली हाय मेरी नन्द रानी हिना बुर चोदी तो तेरी गांड क्यों जली जा रही हैं। अभी मैं तुझे दोनों लण्ड दे दूँगी। तेरी गांड में भी ठोंक दूँगी लण्ड ? तब तक अम्मी ने किसी को फोन लगा दिया और उसका स्पीकर ऑन कर दिया। उसमे पहले तो आवाज़ आई हेलो और फिर ----
"अरी माँ की लौड़ी देख क्या रही है मेरी बेटी फ़िरोज़ा जल्दी से पेल दे अपने ससुर का मोटा लण्ड मेरे भोसड़ा में ? चुदवा ले अपनी माँ का भोसड़ा ? एक लण्ड मेरे मुंह में घुसा दे बेटी। जैसे तू दो दो तीन तीन लण्ड से चुदवाती है वैसे मैं भी चुदवाऊँगी। हाय अल्ला, एक दर्जन मोटे मोटे लण्ड घूम रहें है इस हाल में बेटी आज तो तू अपनी माँ की बुर भकाभक चोद ले जैसे मैं अपनी बेटी बहू की बुर चोदती हूँ"
हम लोग समझ गयी की अम्मी की सहेली अपने ग्रुप में अपना भोसड़ा चुदवा रही हैं। फिर वह आगे बोली माफ़ करना सानिया यार अभी मैं अपनी बेटी बहू के साथ चोदा चोदी कर रही हूँ। अम्मी ने जबाब दिया हां तू कर ले मैं बाद में फोन करुँगी।
इतने में फिर किसी ने दरवाजा खटखटा दिया। इस बार भाभी ने जाकर दरवाजा खोला। भाभी ने तो कमाल कर दिया। थोड़ी देर में वह अपने साथ दो लड़कों के लण्ड पकड़े पकड़े कमरे में आ गईं। हम सब उसे देख कर बड़ी हैरान हो गईं। मजे की बात यह थी की दोनों लण्ड बड़े जबरदस्त थे। साले खड़े होकर लपलपा रहे थे। लड़कों की उम्र यही कोई २६ / २७ साल की होगी लेकिन उनके लण्ड तो कमाल के थे। हिबा भाभी बोली देखो ये हैं मेरे दो चोदने वाले लण्ड ? मैं जब जब माईके जाती हूँ तो इनसे चुदवा कर आती हूँ। मैंने अभी अभी इन्हे बुलाया है और ये लोग टाइम पर आ भी गए। इसका नाम है रज़ा और यह है टोनी। दोनों मेरे मोहल्ले में ही रहतें हैं। अब मैं एक लण्ड अपनी सास के भोसड़ा में पेलूंगी और दूसरा लण्ड नन्द की बुर में ? मुझे जितना मज़ा अपनी बुर चुदवाने में आता है उतना ही मज़ा दूसरे की बुर चुदवाने में आता है।
अब कोई मुझे बदचलन कहे, छिनार कहे, रंडी कहे, बेशर्म, बेहाया, कहे तो कहता रहे ? मैं झांट किसी की परवाह नहीं करती। मुझे तो अब परवाह है अपनी सास के भोसड़ा की और अपनी नन्द की बुर की। मैं सास का भोसड़ा भी चोदूँगी और नन्द की बुर भी ? अब दोस्तों, अब हाल खचाखच भर गया। चारों तरफ लण्ड ही लण्ड नज़र आने लगे। यही मैं चाहती थी। अरे यार ज़रा सोंचो जाने कितनी लड़कियां है कितनी औरतें है जो बिचारी एक ही लण्ड देखते देखते पूरी ज़िन्दगी गुज़ार देतीं हैं। उन्हें दूसरा लण्ड कभी नसीब ही नहीं होता ? उनको तो शायद यह भी नहीं मालूम होगा की दुनिया में जितने मर्द है उतने तरह के लण्ड होते हैं। कोई एक लण्ड दूसरे लण्ड से नहीं मिलता ? इसलिए जितने नये नये लण्ड पकड़ोगी उतना ही मज़ा आयेगा।
भाभी ने मुझे रज़ा और नावेद का लण्ड पकड़ा दिया। अम्मी को सफी और टोनी का लण्ड पकड़ा दिया।
भाभी ने खुद रफ़ी और रियाज़ का लण्ड पकड़ लिया।
हम लोग दो दो लण्ड से बड़ी देर तक खेलतीं रहीं। कभी मुंहे में लण्ड कभी चूंची में लण्ड, कभी होठों पर, कभी माथे पर लण्ड, कभी गालों पर, कभी गर्दन पर लण्ड। कभी जाँघों पर लण्ड, कभी मुठ्ठी में और कभी दोनों गदलियों के बीच लण्ड। यानी हर तरह से लण्ड का मज़ा लूटने लगी। कभी लण्ड चूमती, कभी उसे पुचकारती, कभी लण्ड चाटती, कभी लण्ड हिलाती तो कभी लण्ड का सुपाड़ा सूंघती, कभी पेलहड़ चाटती, कभी झांटों पर उंगलियां फिराती। कभी लण्ड चूचियों से लड़ाती, कभी उसे निपल्स के चारों ओर फिराती। कभी लण्ड के टोपा के चारों तरफ जबान फिराती, कभी टोपा से पेलहड़ तक और पेलहड़ से टोपा तक लण्ड चाटती जिसको जैसे मज़ा आता वो वैसे ही लण्ड का मज़ा लेने लगी।
यही हाल मर्दों का भी था। कोई चूचियाँ मसल रहा था, कोई पूरे बदन पर हाथ फिरा रहा था, कोई चुम्मी ले रहा था, कोई बूब्स चूम रहा था, कोई गांड पर हाथ फेर रहा था। कोई झांटों पर उंगलियां फिरा रहा था। कोई बुर चाट रहा था। कोई चूतड़ों पर हाथ फ़िर रहा था तो कोई अपने बदन से उसके पूरे बदन को रगड़ रहा था। जिसके जो मन में था वह वही कर रहा था। लेकिन एक बात तय थी की हर मरद और हर औरत यहाँ सेक्स का मज़ा लूटने में बुरी तरह लगा हुआ था। पूरे हॉल का यही नज़ारा था और यही ग्रुप सेक्स का मज़ा भी है।
अब तक हम लोगों की चूत का कबाड़ा हो चुका था। लण्ड हाथ में जरूर था मुंह में भी था लेकिन अभी तक किसी की चूत में नहीं घुसा। इसलिए मुझसे रहा नहीं जा रहा था । तब तक भाभी ने नावेद अंकल का लण्ड मेरी चूत में पेल दिया और रज़ा का लौड़ा मेरे मुंह में ? मैं लण्ड चूसते हुए चुदवाने लगी। वह बोली लो नन्द रानी मैं सबसे पहले तेरी बुर चुदवाती हूँ। फिर वह अम्मी की तरफ बढ़ी और सफी का लण्ड उसकी चूत में घुसेड़ा और टोनी को उसके ऊपर बैठा कर उसका लण्ड उसकी चूचियों के बीच घुसा दिया। यानी अम्मी अपनी बुर चुदवाते हुए अपनी चूचियाँ भी चुदवाने लगीं। भाभी बोली हां अब ठीक है मैं जब अपनी सास और नन्द की बुर में लण्ड घुसेड़ लेती हूँ तो मुझे लगता है की मैं कोई लड़ाई जीत गयी हूँ। मुझे बड़ा शुकून मिलता है। फिर भाभी ने खुद रियाज़ अंकल का लण्ड अपनी बुर में घुसेड़ा और रफ़ी का लण्ड मुंह में लेकर चूसने लगी।
हम तीनो एक दूसरे को देख देख कर चुदाने लगीं अपनी अपनी चूत। अम्मी कुछ ज्यादा ही मूड में थीं. वह बोलने लगीं - हाय रब्बा कितना प्यार लण्ड है तेरा। पूरा घुसेड़ दो मेरी ससुरी चूत में। चोद डालो मेरी बुर। फाड़ डालो मेरी बुर। ऐसे चोदो बेटा जैसे तुम मेरी बेटी की बुर चोदते हो। जैसे तुम मेरो बहू की बुर में लण्ड पेलते हो। इसी तरह भाभी की मस्त होकर बोल रही थीं - वाऔ अंकल तेरा लौड़ा तो बड़ा मोटा है बहन चोद ? जैसे तुम मेरी सास का भोसड़ा चोदते हो वैसे ही चोदो मेरी बुर। वाओ, कितना सॉलिड लौड़ा है तेरा। और तुम यार मेरी नन्द की बुर लेते हो न तो वैसे ही मेरी भी बुर ले लो। पेलो पूरा लौड़ा और लगाओ अपनी गांड से जोर। चोदो जैसे एक घोड़ा घोड़ी की बुर चोदता है। और तेज तेज चोदो। जल्दी जल्दी चोदो हां हां बिलकुल ऐसे ही गुड बहुत बढ़िया। हां हां और ठोंक दो लण्ड मेरी बुर में। चीथड़े उड़ा मेरी चूत में ,,,,,,,,,,?

बस मैं भी बोलने लगी हाय अंकल तेरा लौड़ा है की लोहे का रॉड ? साला मेरी माँ का भोसड़ा चोदता है तो अब उसकी बिटिया की बुर चोद साले। मैं देखती हूँ की तेरे लण्ड की गांड में कितनी दम है ? और हां तुम यार मेरी भाभी की बुर में घुसाते हो न लण्ड। अब तुम उसकी नन्द की बुर में घुसाओ लण्ड तो जानू की तुम बुर चोद लेते हो ? तुम नहीं चोद पाना तो बताना फिर मैं चोदूँगी तेरा लण्ड ? मैं लण्ड अच्छी तरह चोद लेती हूँ।
इस तरह जिसके मन में जो आता था वह वही बोलती जाती थी और मरद भोसड़ी के सब चोदने में जुटे थे। थोड़ी देर में लण्ड एक एक करके झड़ने लगे और हम लोग झड़ते हुए लण्ड पीने लगीं। उसके बाद नंगे नंगे ही डिनर हुआ और एक घंटे के बाद फिर शुरू हो गयी चोदा चोदी। रात भर हम सबने लण्ड अदल बदल कर खूब चुदवाया।
एक दिन मैंने और भाभी ने एक प्लान बनाया। हमने सोंचा क्यों न एक दिन "लण्ड पार्टी" रखी जाये जिसमे लण्ड ही लण्ड हों। और सब नये लण्ड हों। इधर ३ चूत और उधर १०/१२ लण्ड ? फिर हो घमाशान चोदा चोदी। मैंने जब यह बात अम्मी को बताई तो वह ख़ुशी के मारे उछल पड़ी। वह बोली बेटी मैं अपनी तरफ से ३ नये लण्ड का इंतज़ाम कर लूंगी। मैंने कहा मैं ४ लण्ड कर लूंगी। भाभी बोली मैं भी लगभग इतने ही लण्ड कर लूंगी। बस आने वाले शनिवार को "लण्ड पार्टी" तय हो गयी।
अब इस पार्टी में क्या क्या हुआ यह आप हमारी अगली कहानी में पढ़ें।
०=०=०=०=०=०=०=०=०=०=०=०=० समाप्त
देखो बेटी यह है चोदा चोदी का अखाड़ा ? यहाँ न कोई बुर चोदी बेटी है और न कोई भोसड़ी वाली माँ ? यहां तो बस एक तरफ मर्द हैं और दूसरी तरफ औरत ? एक तरफ लन्ड हैं और दूसरी तरफ चूत ? लन्ड को चूत के बिल में घुसना है और चूत को अपने बिल में लन्ड घुसाना हैं। इसी घुसने घुसाने को चोदना और चुदाना कहतें हैं। जो लन्ड घुसाता है वह भोसड़ी का चोदने वाला कहलाता है और जो लन्ड घुसेड़वाती है वो बुर चोदी चुदवाने वाली कहलाती है। देखो बेटी लन्ड मुझे भी चाहिए और लन्ड तुझे भी। इसलिए अब यहाँ हम दोनों दोस्त हैं। यहाँ तो मेरे लिए मादर चोद हिना है और मैं तेरे लिए भोसड़ी की सानिया हूँ। अब मैं तुझे नाम और गाली से बुलाऊंगी और तुम भी मुझे नाम और गाली से बुलाओगी। यह समझो की तेरी माँ की चूत तेरी दोस्त है और मेरी बिटिया की बुर मेरी दोस्त है। मैं अपनी बिटिया की बुर चुदाऊं, तुम अपनी माँ का भोसड़ा चुदाओ। लन्ड तुम भी चोदो लन्ड मैं भी चोदूं ?
तब तक मेरी बहूआ गयी। मैंने उससे भी यही कहा। देख मेरी बुर चोदी बहू मैं तेरी सास जरूर हूँ पर जब चुदाई के मैदान में आती हूँ तो तू मेरी कॉम्पटीटर हो जाती है। लन्ड तुम्हे भी चोदना है लन्ड मुझे भी चोदना है। तो फिर क्यों न हम तुम आमने सामने चोदें लन्ड ? लन्ड चोदने के साथ बहू मैं तेरी बुर भी चोदूँगी। मैं यह भी जानती हूँ की तू भी लन्ड चोदने क्वे साथ मेरा भोसड़ा भी चोदेगी। मैं तो कहती हूँ बहू तेरी सास का भोसड़ा ? तब तक बहू बोली सासू तेरी बहू की बुर ? बस फिर हम तीनो हंस पड़ीं
जवानी की मस्तियाँ ऐसे ऐसे खेल दिखातीं है जिसकी आप कभी कल्पना भी नहीं कर सकते ? जवानी खुद जवानी में अपना मज़ा ढूंढ लेती हैं। एक बार की बात है की सास बहू और नन्द तीनो बैठी हुई आपस में बातें कर रही थीं। बातें बड़ी गहरी होने लगीं। हंसी मजाक का दायरा खुलने लगा । बातों ही बातों में व्हिस्की की बोतल खुल गयी। तीनो मस्ती से शराब पीने लगीं। नशा चढ़ने लगा और उधर बातों की और हंसी मजाक की गहराई बढ़ने लगी। गाली गलौज भी होने लगी। हर बात में मादर चोद, बहन चोद, माँ का लौड़ा, बहन का लौड़ा, भोसड़ी की, बेटी चोद, सब होने लगा। हंसी के ठहाके भी लगने लगे। तब तक सबकी कपड़े अस्त व्यस्त होने लगे। किसी की गांड खुल गयी तो किसी की झाँटें, किसी की चूचियाँ दिखने लगी तो किसी की चूत। किसी के चूतड़ दिखने लगे तो किसी की नंगी जांघें। लेकिन किसी को इस बात की कोई परवाह नहीं थी।
बहू की शादी अभी ६ महीने ही पहले हुई है। वह भी अपनी सास और नन्द से घुल मिल गयी है। बेटी पहले से ही अपनी अम्मी से खुली हुई है। उसकी अम्मी भी उसे अपनी दोस्त समझती है माँ नहीं। अपने बेटी से चोदा चोदी, लण्ड, बुर, चूत, गांड की बातें करती है।
इतने में बहू बोली :- अरे मेरी नन्द रानी तूने कभी मेरी सास का भोसड़ा देखा है ?
नन्द बोली :- अम्मी, तूने कभी मेरी भाभी की बुर देखी है।
सास बोली :- अरी मेरी बहू रानी, मुझे यह बता पहले तूने कभी मेरी बिटिया की बुर देखी है ?
इतने में तीनो खिलखिलाकर हंसने लगीं।
बहू फिर बोली :- अरे यार किसी दिन मेरी सास का भोसड़ा देखो और देखो मेरी नन्द की बुर। मज़ा आ जायेगा तुम्हे ? अगर तुम लोग मरद होतीं तो लौड़ा पेल देतीं इन दोनों की चूत में ?
सास बोली :- हाय अल्ला, क्या कह रही तू ? अरे कहो तो मैं अभी तुझे अपनी बहू की चूत दिखा दूँ और दिखा दूँ अपनी बिटिया की बुर। दोनों बहन चोद बहुत बड़ी हरामजादी हैं। मादर चोद हैं दोनों और खुल्लम खुल्ला चुदवाती हैं।
नन्द बोली :- वो सब छोड़ो मैं जो कहती हूँ वो सुनो। तुम लोगों ने अभी तक न मेरी माँ का भोसड़ा देखा और न मेरी भाभी की चूत ? दोनों मस्त जवान है। अब मैं किसी दिन इन दोनों में लण्ड ठोंक कर तुम्हे दिखाऊंगी।
एक बार फिर तीनो ठहाका मार कर हंसने लगीं।
सबने तीन तीन पैग शराब पी ली। नशे में सबकी सब धुत्त हो गईं। मस्ती की सारी हदें पार कर लीं सबने। तब तक सास उठी और अपना पेटीकोट खोल कर फेंक दिया और बोली - ले बुर चोदी बहू, देख ले अपनी सास का भोसड़ा ? और तू भी देख ले अपनी माँ की चूत, बेटी ? इतने में बहू उठी और वह भी मस्ती में नंगी होकर बोली अरे सासू जी लो देखो अपनी बहू की बुर ? इसी में पेलना किसी दिन लण्ड ? और हां मेरी नन्द रानी तू भी देख ले अपनी भाभी की चूत ? फिर न कहना की मैंने भाभी की बुर तो देखी ही नहीं कभी ? उसके बाद नन्द बोली - लो मैं पहले से ही नंगी बैठी हूँ। अम्मी देखो न बहन चोद अपनी बिटिया की बुर। और हां भाभी तुम चाहो तो सहला कर देख लो अपनी भोसड़ी की नन्द की चूत। तुझे इसकी बहुत जरुरत पड़ेगी। बिना अपनी नन्द की बुर में लण्ड पेले, तू अपनी बुर में लण्ड पेल नहीं पायेगी।
उसके बाद थोड़ा थोड़ा खाना खाया सबने और नंगी नंगी ही सो गईं।
तो दोस्तों, आपने माँ बेटी की लड़ाई देखी होगी। दोनों की दुश्मनी देखी होगी गुस्से से एक दूसरे को गालियां देते हुए भी सुना होगा. सास बहू की तो पटरी खाती ही नहीं हमेशा ३६ का ही आंकड़ा रहता है। यही हाल नन्द भौजाई का भी होता है। लड़के झगड़ा गाली गलौज सब कुछ होता है। लेकिन यहाँ पर आपको सास बहू और नन्द की पक्की दोस्ती देखने को मिलेगी। एक दूसरे पर जान देने की भी बात देखने को मिलेगी और आपस में इतना प्यार मिलेगा की ये बिना एक साथ रहे ज़िन्दगी गुज़ार ही नहीं सकती। हां प्यार से एक दूसरे को गालियां देते हुए जरूर सुनाई पड़ेगी क्यों ये तीनो एक साथ सोती हैं तो एक साथ चुदवाती भी हैं। एक साथ शराब भी पीती हैं तो एक साथ लण्ड भी पीती हैं ? एक दूसरे को गाली भी देती हैं तो एक दूसरे की बुर में लण्ड भी पेलती हैं। एक दूसरे की झाँटें भी बनाती हैं तो एक दूसरे की गांड भी मारती हैं। इस तरह का प्यार है इन तीनो का आपस में ?
दोस्तों, मैं हूँ हिना २४ साल की एक मद मस्त हॉट लड़की। मेरे बूब्स बड़े हैं, बड़ी बड़ी आँखें हैं, चूतड़ बड़े है. मैं लण्ड चूसने में और गाली देने में एक्सपर्ट हूँ। मेरी शादी अभी ६ महीने पहले ही हुई है। इस कहानी की मैं नन्द हूँ। मेरी अम्मी हैं सानिया वह ४४ साल की हैं मस्त जवान है, सेक्सी बड़ी बड़ी चूचियाँ है, गांड भी बड़ी सेक्सी है और गालियां देने में बड़ी तेज हैं. बिंदास किसी से भी बात कर सकतीं हैं। बड़े बड़े मर्दों की गांड मार देतीं है। चूचियाँ चुदवाने में और लण्ड चाटने में एक्सपर्ट हैं। वह इस कहानी में सासू जी हैं। मेरी भाभी का नाम है हिबा २५ साल की मेरी भाभी बहुत ही सेक्सी हॉट और हंसमुख हैं। उसे मर्दों के आगे नंगी होने में बड़ा मज़ा आता है। उसकी चूचियाँ बड़ी बड़ी हैं गांड उभरी हुई है, चूत बिलकुल मक्खन मलाई है. वह बुर चुदवाने में और लण्ड पीने में बड़ी एक्सपर्ट है। इस घर की वह बहू है।
एक दिन शाम को मैं जब घर आई तो देखा की अम्मी के साथ दो आदमी बैठे हुए हैं। दोनों करीब करीब अम्मी के ही उम्र के थे। अम्मी उनसे हंस हंस के बातें कर रही थीं। मुझे देख कर अम्मी बोली बेटी हिना देख ये दोनों मेरे बॉय फ्रेंड्स हैं। मैं आज इन्हे किसी ख़ास काम के लिए बुलाया है। तू जल्दी से ड्रिंक्स का इंतज़ाम कर दे। ये दोनों मुझे बहुत दिनों के बाद मिले हैं। तब तक मेरी हिबा भाभी भी आ गयी। अम्मी ने फिर बताया के ये दोनों रियाज़ और नावेद हैं। दोनों आपस में पक्के दोस्त हैं। तब मैं और भाभी दोनों ड्रिंक्स की तैयारी में लग गईं। पहले मैं बोतल और गिलास ले कर कमरे में गयी तो मैंने देखा की अम्मी सोफा पर बैठी हैं। उसके दोनों तरफ वे दोनों बैठे हैं। दोनों के पैजामे के नाड़े खुले हुए हैं और अम्मी उनके लण्ड अंदर ही अंदर पकड़ कर सहला रहीं हैं। वो दोनों भी अम्मी की एक एक चूंची दबा रहें हैं। मैंने बोतल और गिलास टेबल पर रख दिया और मुस्कराते हुए बाहर चाय आई। दूसरी बार हम दोनों सारा नास्ता लेकर कमरे में गयी और टेबल पर रख दिया। तब भी अम्मी अंदर ही अंदर लण्ड हिलाने में लगीं थी। अम्मी ने इशारा किया तो हम दोनों भी सामने बैठ गईं।
इतने में अम्मी ने रियाज़ का लण्ड पैजामे के बाहर निकाला और मुझे दिखाते हुए कहा लो बेटी हिना तुम अंकल का लण्ड पकड़ो मैं तब तक ड्रिंक्स बनाती हूँ। फिर भाभी से भी कहा बहू लो तुम नावेद का लण्ड पकड़ो। इस तरह मैंने एक लण्ड पकड़ लिया और एक लण्ड भाभी ने ? हम दोनों लण्ड घुमा घुमा के हिला हिला के देखने लगीं। लण्ड भी मोटा होने लगा और सख्त भी। तब अम्मी ने कहा लो बेटी शराब के साथ लण्ड पियो और तुम भी बहू मस्ती से शराब पियो और लण्ड पियो। अम्मी ने फिर उन दोनों एक सारे कपड़े उतार दिया और बिलकुल नंगा कर दिया। इधर मेरे भी कपडे उतार कर नंगी किया और भाभी को भी। सबसे बाद में उसने अपने कपड़े खोले तब रियाज़ बोला भाभी माशा अल्ला, आपकी चूत अभी बिलकुल वैसी की वैसी ही है एकदम तरोताज़ा ? इस पर तो उम्र का कोई असर ही नहीं है। अम्मी बड़े फक्र से बोली वह चूत ही क्या जिस पर उम्र का असर हो जाए ? जब तेरे लण्ड पर कोई असर नहीं तो फिर मेरी चूत पर क्यों हो ?
अब हम सब लोग नंग धडंग थे। मैं तो मस्ती से चूसने लगी लण्ड और भाभी भी। रियाज़ अम्मी की चूचियाँ चूसने लगा और नावेद अम्मी की बुर चाटने लगा। तब अम्मी ने बताया जानती हो हिना और हिबा ये दोनों भोसड़ी वाले बड़े हरामजादे हैं। रियाज़ नावेद की बीवी चोदता है और नावेद रियाज़ की बीवी। इनकी बीवियां भी मरद की अदला बदली करके चुदवाती हैं। मुझे जब यह मालूम हुआ तो मैंने कहा चलो यार आज तुम मेरी बहू बेटी चोदो ? मेरे सामने चोदो बहू की बुर और बेटी की चूत। तक तब किसी ने दरवाजा खटखटाया तो मैंने उठ कर खोला। मेरे सामने दो लड़के खड़े थे। सफी और रफ़ी। मैंने फ़ौरन उन्हें उसकी कमरे में ले गयी जहां चुदाई का काम चल रहा था। अम्मी और भाभी यह देख कर थोड़ा हैरान हो गयी। फिर मैने बताया अरे अम्मी ये मेरे दोस्त है सफी और रफ़ी। इनको मैंने अपनी माँ चुदाने के लिए बुलाया है और भाभी की बुर भी ? एक माँ की बुर चोदेगा तो दूसरा भाभी की बुर ? मैं तुम दोनों की बुर चुदवा कर मज़ा लूंगी। तब तक दोनों भोसड़ी के कपड़े खोल कर नंगे हो गए। उनके लण्ड खड़े होकर टन टनाने लगे। दोनों की झाँटें बनी हुई थीं और पेलहड़ भी बिलकुल चिकने थे। लण्ड खूबसूरत लग रहे थे।
अम्मी बोली तू बुर चोदी हिना बड़ी चालक हो गयी है। मैंने सफी का लौड़ा अम्मी के मुंह में डाल दिया और रफ़ी का लौड़ा भाभी के मुंह में। दोनों मस्ती से लण्ड चूसने लगी। अम्मी के पास एक लण्ड भाभी के पास दो लण्ड और मेरे पास एक लण्ड हो गया। मज़ा आने लगा और हमारे अंदर की रंडी बाहर आने लगी। मैंने कहा भोसड़ी की भाभी आज तो तेरी बड़ी चांदी है। माईके में भी दो दो लण्ड से चुदवाती है तू और यहाँ भी तेरे पास दो दो लण्ड हैं। वह बोली हाय मेरी नन्द रानी हिना बुर चोदी तो तेरी गांड क्यों जली जा रही हैं। अभी मैं तुझे दोनों लण्ड दे दूँगी। तेरी गांड में भी ठोंक दूँगी लण्ड ? तब तक अम्मी ने किसी को फोन लगा दिया और उसका स्पीकर ऑन कर दिया। उसमे पहले तो आवाज़ आई हेलो और फिर ----
"अरी माँ की लौड़ी देख क्या रही है मेरी बेटी फ़िरोज़ा जल्दी से पेल दे अपने ससुर का मोटा लण्ड मेरे भोसड़ा में ? चुदवा ले अपनी माँ का भोसड़ा ? एक लण्ड मेरे मुंह में घुसा दे बेटी। जैसे तू दो दो तीन तीन लण्ड से चुदवाती है वैसे मैं भी चुदवाऊँगी। हाय अल्ला, एक दर्जन मोटे मोटे लण्ड घूम रहें है इस हाल में बेटी आज तो तू अपनी माँ की बुर भकाभक चोद ले जैसे मैं अपनी बेटी बहू की बुर चोदती हूँ"
हम लोग समझ गयी की अम्मी की सहेली अपने ग्रुप में अपना भोसड़ा चुदवा रही हैं। फिर वह आगे बोली माफ़ करना सानिया यार अभी मैं अपनी बेटी बहू के साथ चोदा चोदी कर रही हूँ। अम्मी ने जबाब दिया हां तू कर ले मैं बाद में फोन करुँगी।
इतने में फिर किसी ने दरवाजा खटखटा दिया। इस बार भाभी ने जाकर दरवाजा खोला। भाभी ने तो कमाल कर दिया। थोड़ी देर में वह अपने साथ दो लड़कों के लण्ड पकड़े पकड़े कमरे में आ गईं। हम सब उसे देख कर बड़ी हैरान हो गईं। मजे की बात यह थी की दोनों लण्ड बड़े जबरदस्त थे। साले खड़े होकर लपलपा रहे थे। लड़कों की उम्र यही कोई २६ / २७ साल की होगी लेकिन उनके लण्ड तो कमाल के थे। हिबा भाभी बोली देखो ये हैं मेरे दो चोदने वाले लण्ड ? मैं जब जब माईके जाती हूँ तो इनसे चुदवा कर आती हूँ। मैंने अभी अभी इन्हे बुलाया है और ये लोग टाइम पर आ भी गए। इसका नाम है रज़ा और यह है टोनी। दोनों मेरे मोहल्ले में ही रहतें हैं। अब मैं एक लण्ड अपनी सास के भोसड़ा में पेलूंगी और दूसरा लण्ड नन्द की बुर में ? मुझे जितना मज़ा अपनी बुर चुदवाने में आता है उतना ही मज़ा दूसरे की बुर चुदवाने में आता है।
अब कोई मुझे बदचलन कहे, छिनार कहे, रंडी कहे, बेशर्म, बेहाया, कहे तो कहता रहे ? मैं झांट किसी की परवाह नहीं करती। मुझे तो अब परवाह है अपनी सास के भोसड़ा की और अपनी नन्द की बुर की। मैं सास का भोसड़ा भी चोदूँगी और नन्द की बुर भी ? अब दोस्तों, अब हाल खचाखच भर गया। चारों तरफ लण्ड ही लण्ड नज़र आने लगे। यही मैं चाहती थी। अरे यार ज़रा सोंचो जाने कितनी लड़कियां है कितनी औरतें है जो बिचारी एक ही लण्ड देखते देखते पूरी ज़िन्दगी गुज़ार देतीं हैं। उन्हें दूसरा लण्ड कभी नसीब ही नहीं होता ? उनको तो शायद यह भी नहीं मालूम होगा की दुनिया में जितने मर्द है उतने तरह के लण्ड होते हैं। कोई एक लण्ड दूसरे लण्ड से नहीं मिलता ? इसलिए जितने नये नये लण्ड पकड़ोगी उतना ही मज़ा आयेगा।
भाभी ने मुझे रज़ा और नावेद का लण्ड पकड़ा दिया। अम्मी को सफी और टोनी का लण्ड पकड़ा दिया।
भाभी ने खुद रफ़ी और रियाज़ का लण्ड पकड़ लिया।
हम लोग दो दो लण्ड से बड़ी देर तक खेलतीं रहीं। कभी मुंहे में लण्ड कभी चूंची में लण्ड, कभी होठों पर, कभी माथे पर लण्ड, कभी गालों पर, कभी गर्दन पर लण्ड। कभी जाँघों पर लण्ड, कभी मुठ्ठी में और कभी दोनों गदलियों के बीच लण्ड। यानी हर तरह से लण्ड का मज़ा लूटने लगी। कभी लण्ड चूमती, कभी उसे पुचकारती, कभी लण्ड चाटती, कभी लण्ड हिलाती तो कभी लण्ड का सुपाड़ा सूंघती, कभी पेलहड़ चाटती, कभी झांटों पर उंगलियां फिराती। कभी लण्ड चूचियों से लड़ाती, कभी उसे निपल्स के चारों ओर फिराती। कभी लण्ड के टोपा के चारों तरफ जबान फिराती, कभी टोपा से पेलहड़ तक और पेलहड़ से टोपा तक लण्ड चाटती जिसको जैसे मज़ा आता वो वैसे ही लण्ड का मज़ा लेने लगी।
यही हाल मर्दों का भी था। कोई चूचियाँ मसल रहा था, कोई पूरे बदन पर हाथ फिरा रहा था, कोई चुम्मी ले रहा था, कोई बूब्स चूम रहा था, कोई गांड पर हाथ फेर रहा था। कोई झांटों पर उंगलियां फिरा रहा था। कोई बुर चाट रहा था। कोई चूतड़ों पर हाथ फ़िर रहा था तो कोई अपने बदन से उसके पूरे बदन को रगड़ रहा था। जिसके जो मन में था वह वही कर रहा था। लेकिन एक बात तय थी की हर मरद और हर औरत यहाँ सेक्स का मज़ा लूटने में बुरी तरह लगा हुआ था। पूरे हॉल का यही नज़ारा था और यही ग्रुप सेक्स का मज़ा भी है।
अब तक हम लोगों की चूत का कबाड़ा हो चुका था। लण्ड हाथ में जरूर था मुंह में भी था लेकिन अभी तक किसी की चूत में नहीं घुसा। इसलिए मुझसे रहा नहीं जा रहा था । तब तक भाभी ने नावेद अंकल का लण्ड मेरी चूत में पेल दिया और रज़ा का लौड़ा मेरे मुंह में ? मैं लण्ड चूसते हुए चुदवाने लगी। वह बोली लो नन्द रानी मैं सबसे पहले तेरी बुर चुदवाती हूँ। फिर वह अम्मी की तरफ बढ़ी और सफी का लण्ड उसकी चूत में घुसेड़ा और टोनी को उसके ऊपर बैठा कर उसका लण्ड उसकी चूचियों के बीच घुसा दिया। यानी अम्मी अपनी बुर चुदवाते हुए अपनी चूचियाँ भी चुदवाने लगीं। भाभी बोली हां अब ठीक है मैं जब अपनी सास और नन्द की बुर में लण्ड घुसेड़ लेती हूँ तो मुझे लगता है की मैं कोई लड़ाई जीत गयी हूँ। मुझे बड़ा शुकून मिलता है। फिर भाभी ने खुद रियाज़ अंकल का लण्ड अपनी बुर में घुसेड़ा और रफ़ी का लण्ड मुंह में लेकर चूसने लगी।
हम तीनो एक दूसरे को देख देख कर चुदाने लगीं अपनी अपनी चूत। अम्मी कुछ ज्यादा ही मूड में थीं. वह बोलने लगीं - हाय रब्बा कितना प्यार लण्ड है तेरा। पूरा घुसेड़ दो मेरी ससुरी चूत में। चोद डालो मेरी बुर। फाड़ डालो मेरी बुर। ऐसे चोदो बेटा जैसे तुम मेरी बेटी की बुर चोदते हो। जैसे तुम मेरो बहू की बुर में लण्ड पेलते हो। इसी तरह भाभी की मस्त होकर बोल रही थीं - वाऔ अंकल तेरा लौड़ा तो बड़ा मोटा है बहन चोद ? जैसे तुम मेरी सास का भोसड़ा चोदते हो वैसे ही चोदो मेरी बुर। वाओ, कितना सॉलिड लौड़ा है तेरा। और तुम यार मेरी नन्द की बुर लेते हो न तो वैसे ही मेरी भी बुर ले लो। पेलो पूरा लौड़ा और लगाओ अपनी गांड से जोर। चोदो जैसे एक घोड़ा घोड़ी की बुर चोदता है। और तेज तेज चोदो। जल्दी जल्दी चोदो हां हां बिलकुल ऐसे ही गुड बहुत बढ़िया। हां हां और ठोंक दो लण्ड मेरी बुर में। चीथड़े उड़ा मेरी चूत में ,,,,,,,,,,?

बस मैं भी बोलने लगी हाय अंकल तेरा लौड़ा है की लोहे का रॉड ? साला मेरी माँ का भोसड़ा चोदता है तो अब उसकी बिटिया की बुर चोद साले। मैं देखती हूँ की तेरे लण्ड की गांड में कितनी दम है ? और हां तुम यार मेरी भाभी की बुर में घुसाते हो न लण्ड। अब तुम उसकी नन्द की बुर में घुसाओ लण्ड तो जानू की तुम बुर चोद लेते हो ? तुम नहीं चोद पाना तो बताना फिर मैं चोदूँगी तेरा लण्ड ? मैं लण्ड अच्छी तरह चोद लेती हूँ।
इस तरह जिसके मन में जो आता था वह वही बोलती जाती थी और मरद भोसड़ी के सब चोदने में जुटे थे। थोड़ी देर में लण्ड एक एक करके झड़ने लगे और हम लोग झड़ते हुए लण्ड पीने लगीं। उसके बाद नंगे नंगे ही डिनर हुआ और एक घंटे के बाद फिर शुरू हो गयी चोदा चोदी। रात भर हम सबने लण्ड अदल बदल कर खूब चुदवाया।
एक दिन मैंने और भाभी ने एक प्लान बनाया। हमने सोंचा क्यों न एक दिन "लण्ड पार्टी" रखी जाये जिसमे लण्ड ही लण्ड हों। और सब नये लण्ड हों। इधर ३ चूत और उधर १०/१२ लण्ड ? फिर हो घमाशान चोदा चोदी। मैंने जब यह बात अम्मी को बताई तो वह ख़ुशी के मारे उछल पड़ी। वह बोली बेटी मैं अपनी तरफ से ३ नये लण्ड का इंतज़ाम कर लूंगी। मैंने कहा मैं ४ लण्ड कर लूंगी। भाभी बोली मैं भी लगभग इतने ही लण्ड कर लूंगी। बस आने वाले शनिवार को "लण्ड पार्टी" तय हो गयी।
अब इस पार्टी में क्या क्या हुआ यह आप हमारी अगली कहानी में पढ़ें।
०=०=०=०=०=०=०=०=०=०=०=०=० समाप्त
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