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रात भर हम सब एक दूसरे की बीवियां चोदते रहे - Chudai raat bhar chalti rahi - sabne choda
दिन में चोदो रात में चोदो - जब चाहो तब चोदो बीवी
घर में चोदो बाहर' चोदो - आगे से चोदो पीछे से चोदो
बैठ के चोदो लेट के चोदो - जैसे चाहो वैसे चोदो
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उस दिन मैं अचानक अपने घर समय से पहले आ गया। घर की एक चाभी मेरे पास रहती है। इसलिए मैंने ताला खोला और चुपचाप अपने कमरे में चला गया। लेकिन मुझे दूसरे कमरे से कुछ आवाज़ें आ रही थीं। मैं सोंचने लाग की आज कौन मेरे घर में आया हुआ है जिसकी जानकारी मुझे नहीं है। मैं फिर चुपके से कमरे में झांकने लगा। मैंने जो देखा उसका बिलकुल भी आभाष नहीं था मुझे। मैंने देखा की एक आदमी मेरी बीवी चोद रहा है। मैं उसका चेहरा देखने की कोशिश करने लगा। तभी अचानक वह घूमा और मुझे उसका चेहरा दिखाई पड़ गया। मैंने मन में कहा अरे ये तो अनवर है मेरा दोस्त ? इसका मतलब मेरा दोस्त ही मेरी बीवी चोदता है और मेरी बीवी भी भोसड़ी की बड़ी मस्ती से चुदवा रही है। मैं भी बाहर से चुदाई देखने लगा लेकिन मैंने उसकी एक वीडियो भी बना लिया । अनवर का चेहरा पूरा आ गया और उसके लन्ड का भी फोटो कई बार कैमरे से सामने आया। जब चुदाई ख़तम हुई और उसका लौड़ा खलास हो गया तभी मैं कमरे में घुस गया। अनवर की तो हालात ख़राब हो गई और मेरी बीवी की भी जान निकल गयी ? मैं थोड़ी देर चुप रहा। उन दोनों के मुंह से कोई बात ही नहीं निकल रही थी।
मैंने बड़े आहिस्ते से कहा अरे यार अनवर, अगर तुम्हे मेरी बीवी चोदना था तो मुझसे खुल कर कह देते। मैं खुद अपने सामने तुमसे अपनी बीवी चुदवा लेता। ये छुप छुप कर चोदना कोई अच्छी बात तो नहीं है ? वह बोला यार माफ़ करना गलती हो गयी मुझसे ? मैंने कहा यार इसमें गलती की कोई बात ही नहीं है यार। और गलती है तो सबसे बड़ी गलती मेरी बीवी की है। उसको अगर तुमसे चुदवाना था तो मुझसे कहा होता मैं खुद तेरा लौड़ा पकड़ कर अपनी बीवी की बुर में घुसेड़ देता ? इसमें कौन सी बड़ी बात है। अरे लन्ड तो लन्ड है ? चाहे मेरा लन्ड हो या तेरा लन्ड ? मेरा नहीं तो तेरा लन्ड घुस गया मेरी बीवी की बुर में तो कौन सा आसमान टूट पड़ा ? एक बात तो पक्की है की मेरी बीवी तुमको चाहती है। तुमसे प्यार करती है तुमसे चुदवाती है तो फिर चोदो ? एक बार नहीं कई बार चोदो। जितना चाहो उतना चोदो।
तुम उसे दुबारा चोदना चाहते हो, तो दुबारा चोदो ? तिबारा चोदना चाहते हो तो तिबारा चोदो ? हमेशा चोदना चाहते हो तो हमेशा चोदो ? बीवी है ही चोदने के लिए। चाहे मैं चोदूं चाहे तुम चोदो बात एक ही है ? यही तो दोस्ती का असली मतलब है यार ? तुम जितनी बार मेरी बीवी चोदोगे उतनी बार मुझे ख़ुशी होगी। और फिर ज़रा सोंचो मैं कौन होता हूँ तुम्हे रोकने वाला ? तुम मेरी बीवी को पसंद करते हो और मेरी बीवी तुम्हे पसंद करती है तो फिर जितना चाहो उतना चोदो मेरी बीवी की बुर। बुर चोदो, मुंह चोदो, चूंचियां चोदो उसकी गांड चोदो, जो चाहो वो चोदो ? जब चाहो तब चोदो। जहाँ चाहो वहां चोदो। अब मेरी बीवी तेरी बीवी हो गयी है। इसे अपनी ही बीवी समझो।
अब चलो पहले डिनर कर लो उसके बाद फिर चोदो मेरे सामने मेरी बीवी ? अनवर अंदर ही अंदर थोड़ा कहसु हुआ और मेर साथ बैठ कर खाना खाने लगा। मेरी बीवी सबा पहले थोड़ा सकपका जरूर गयी थी लेकिन जब मैंने अनवर को मेरी बीवी चोदने की पूरी छूट दी तो वह भी खुश हो गयी। हम तीनो ने मजे से खाना खाया और खूब इधर उधर की बातें की। इन सब चीजों में करीब दो घंटे गुज़र गया। मैंने इशारा किया और कहा यार अनवर अब तुम मस्ती से मेरे आगे छोड़ो मेरी बीवी। मैंने अपनी बीवी को भी आँख मार कर यधारा की वह अनवर से चुदवा ले। बस मेरी बीवी ने अनवर का लन्ड पकड़ लिया और उसे हिलाने लगी। उधर अनवर भी उसकी चूंचियां दबाने लगा। मैं सामने पड़े सोफा पर बैठ गया। मेरी बीवी ने पहले तो अनवर का लन्ड थोड़ा चाटा फिर उसे मुंह में लेकर चूसने लगी। मैं मन में सोंचने लगा की मर लन्ड तो इससे बेहतर है फिर भी मेरी बीए को इसका लन्ड मेरे लन्ड से अच्छा क्यों लगता है ?
मैं बार बार यही सोंच रहा था पर मुझे इसका जबाब कोई समझ में नहीं आ नहीं आ रहा था । मुझे यह तो मालूम था की बीवियां आजकल बड़े बड़े और मोटे लन्ड पसंद करतीं हैं और मेरा लन्ड इससे बड़ा भी है और मोटा भी फिर भी मेरी बीवी इसके लन्ड पर क्यों मर मिटी ? तब तक अनवर ने लन्ड मेरी बीवी की चूत में घुसेड़ दिया और चोदने लगा। मेरी बीवी भी अपनी गांड गांड उठा उठा के चुदवाने लगी। फिर मैं उठ कर खड़ा हुआ और बोला यार अनवर मैं ज़रा बाहर जा रहा हूँ तुम मजे से मेरी बीवी चोदो और चोदते रहो। जब तक मैं वापस न आ जाऊं तब तक तुम मेरे घर से जाना नहीं। उसने मेरी बात मानी और कहा हां मैं तुम्हारा इंतज़ार करूंगा। मैं बाहर चला आया और अपनी कार उठा कर सड़क पर आ गया। मेरे मन में आया की क्यों न मैं अनवर की बीवी साजिया भाभी के घर जाऊं और इन सवालों के जबाब ढूँढू।
बस मेरी गाड़ी उसके घर की तरफ मुड़ गयी। तब तक एक और सवाल दिमाग में आ गया। मैं सोंचने लगा की अनवर की बीवी मेरी बीवी से ज्यादा खूबसूरत है। उसकी चूंचियां भी शायद मेरी बीवी की चूचियों से बड़ी है और वह बातें भी खूब मजेदार करतीं है तो फिर अनवर को मेरी बीवी कैसे पसंद आ गयी ? यह सब दिमाग में गूंज ही रहा था की उसका घर आ गया। मैंने घंटी बजायी और साजिया भाभी के दरवाजा खोलते ही मैं अंदर कमरे में बैठ गया। पहले उसने मुझे एक गिलास पानी दिया और फिर वह चाय बनाकर ले आयी और मेरे पास बैठ कर बातें करने लगीं। धीरे धीरे वह खुल कर बातें करने लगीं।
तब मैंने कहा भाभी जान मैं आपको सच्ची बात बता रहा हूँ। प्लीज बुरा नहीं मानना ? मेरे मन में कुछ सवाल भी बैन जिनका जबाब केवल आप ही दे सकती हैं। वह बोली हां हां कहो साहिर। मैं तो बाउट खुले दिल वाली औरत हूँ। मैं बिना मतलब किसी पर शक नहीं करती और न को बेवज़ह बात करती हूँ। मैंने कहा भाभी यह सच बात है की तेरा मियां मेरी बीवी चोदता है। मैंने अपनी आँखों से देखा है तेरे मियां को मेरी बीवी चोदते हुए ? चूंकि वो दोनों चुदाई में इतने मसगूल थे की मैंने उन्हें डिस्टर्ब करना ठीक नहीं समझा और मैं भी चुपके चुपके उनकी चुदाई देखता रहा। मैंने सोंचा की मैं अभी साजिया भाभी को जाकर सब सच सच बता दूंगा। साजिया भाभी बोली मेरा शौहर अनवर को ऐसा नहीं करना चाहिए। अगर उसे तेरी बीवी पसंद है तो खुल कर कहना चाहिए ? हमारे समाज में एक दूसरे की बीवी चोदना एक आम बात है लेकिन छुप छुप कर नहीं। अब देखो न मैं अपने नंदोई से चुदवाती हूँ पर मेरी नन्द को यह बात पता है। वह बुरा नहीं मानती। उसने खुद कहा भाभी कोई बात नहीं तुम मस्ती से चुदवाओ मेरे मियां से क्योंकि मैं भी अपने नंदोई से चुदवाती हूँ। पर हां अगर छुप कर कोई किसी की बीवी चोदता है तो यह गुनाह है। आने दो उसे मैं अपने शौहर की खबर लूंगी। उसकी माँ का भोसड़ा। उसकी बहन का लन्ड ? बिना मुझे बताये हुए कैसे किसी और की बीवी चोदने लगा ? उसकी ये हिम्मत ? मगर मुझे इस बात का पक्का सबूत चाहिए की मेरा मियां तेरी बीवी चोदता है ?
तब मैंने अपना मोबाइल ऑन कर दिया और मैंने जो उसकी चुदाई का वीडियो बनाया था वो साजिया भाभी को दिखा दिया। वीडियो देख कर उसे सच्चाई का पता चल गया। वह बोली हां यार साहिर तुम बिलकुल सच कह रहे हो। अब इसमें तो शक की कोई गुन्जाईस ही नहीं है। पर एक बात है की तेरी बीवी ससुरी बड़ी मस्त होकर मेरे मियां से चुदवा रही है। और वह भी साला बड़ी अच्छी तरह से चोद रहा है बहन चोद ? उसने मुझे इतनी अच्छी तरह से कभी नहीं चोदा ? अब तो मैं कहती हूँ की तुम वैसा ही करो जैसा तेरे दोस्त ने तेरे साथ किया है। तेरे दोस्त ने तेरी बीवी चोदी है, तुम उसकी बीवी चोदो ? उसकी बात सुनकर मेरे मन में लड़डू फूटने लगे। मैंने कहा अरे भाभी अगर मैं उसकी बीवी चोदूं तो आपको कोई ऐतराज़ तो नहीं होगा ? वह बोली ऐतराज़ काहे का ? मैं तो खुद कह रही हूँ। यार साहिर मैं कह रही हूँ की तुम मुझे चोदो।
वैसे मैं पहले भी तुमसे चुदवाना चाहती थी। मैंने जब तुम्हे पहली बार देखा था तो दिल दे बैठी थी लेकिन मुझे तुमसे अकेले में बात करने का मौका ही नहीं मिला। आज मैं खुल कर कह सकती हूँ की मैं तुमसे प्यार करती हूँ। मन ही मन तुम्हे चाहती हूँ। तेरे लन्ड का दीदार करना चाहती हूँ। अब बिना किसी हिचक के तुम मुझे चोदो। मैं तुमसे चुदवाऊँगी। तेरा लन्ड पकड़ने की बर्षों की ख्वाहिश आज मेरी पूरी होगी। ऐसा कह कर भाभी मुझसे चिपक गयी। मैं भी उसके बदन पर हाथ फेरने लगा। धीरे धीरे मेरा हाथ उसकी चूँचियों पर चला गया और उसका हाथ मेरा लन्ड टटोलने लगा। मेरे दिल की धड़कने बढ़ती जा रहीं थीं और यही हाल भाभी का भी था। मैं एक एक करके उसके कपड़े उतारने लगा और वह भी मेरे कपड़े। उसकी जब चूंचियां खुलीं तो मेरा अनुमान बिलकुल सच निकला। मेरी बीवी की चूंचियां इसकी चूँचियों से बहुत छोटी हैं। मैं तो बस उसकी चूंचियां मसलने में ही उलझ गया। उसके बड़े बड़े स्तन मेरे हाथ में आते ही मेरा लन्ड उछलने लगा।
मैं साजिया भाभी के आगे बिलकुल नंगा हो चुका था। वह मेरे आगे बिलकुल नंगी थी। मेरी ख़ुशी का ठिकाना न था। मैं तो उसके पूरे नंगे बदन पर टूट पड़ा। वह भी मेरे नंगे बदन का मज़ा लेने लगी ख़ास तौर पर लन्ड का ? उसे मेरा लन्ड बहुत पसंद आया। उसे पकड़ कर बोली हाय साहिर तेरा लन्ड मेरे मियां के लन्ड से बड़ा भी है मोटा भी। मैं बड़ी नसीबवाली हूँ यार जिसे इतना बढ़िया लन्ड मिला। वह मेरा लन्ड मुंह में लेकर चूसने लगी। मैंने भी उसकी चूत चाट कर जवानी का मज़ा लिया। फिर वह बोली साहिर अब पेल दो लन्ड मेरी चूत में और चोदो डालो मेरी बुर चोदी बुर। बहुत दिनों से ये बिचारी तेरे लन्ड के लिए तरस रही थी। उसकी प्यारी प्यारी बातें सुनकर मेरा लन्ड और तन कर सख्त हो गया। फिर मैंने भी देर नहीं लगायी और गप्प से पेल दिया लन्ड उसकी चूत में और पागलों की तरह चोदने लगा उसकी चूत।
उसे मज़ा आ रहा था। वह बोलने लगी हाय मेरे राजा बड़ा अच्छा लग रहा है। यार तुम मुझे रोज़ चोदा करो ? वाओ, क्या लौड़ा है तेरा ? पूरा घुसेड़ दो लन्ड। मेरी चूत का बजा दो बाजा। मेरी चूत की माँ की चूत साली लन्ड खाने में बड़ी माहिर हो गयी है मेरी चूत ? मैं तो कहती हूँ की तुम किसी दिन मुझे मेरे मियां के आगे चोदो। उसे भी अपनी बीवी चुदवाने का मज़ा आना चाहिए। तुमने अपनी बीवी अपने सामने मेरे मियां से चुदवाई है अब तुम उसकी बीवी उसके सामने चोदो। मैं चुदवाऊँगी तुमसे अपने मियां के आगे। तब आएगा मज़ा। हाय दईया और तेज तेज चोदो। भाभी भी अपनी गांड उठा उठा के चुदवाने लगी। मुझे भी वाकई बड़ा मज़ा आ रहा था। मैं मन में यही कह रहा था साले भोसड़ी के अनवर तू वहां मेरी बीवी चोद रहा है तो मैं यहाँ तेरी बीवी यह चोद रहा हूँ। तुझको मेरी बीवी चोदने में कम मज़ा आता होगा पर मुझे तेरी बीवी चोदने में ज्यादा मज़ा आ रहा है। अब तो मैं हर रोज़ चोदूंगा तेरी बीवी की बुर ? तब तक मेरे मन में वो सवाल आ गये।
मैंने पूंछा भाभी ये बताओ की जब मेरा लन्ड तेरे मियां के लन्ड से बेहतर है तो मेरी बीवी को तेरे मियां का लन्ड क्यों अच्छा लगता है ?
उसने जबाब दिया : - देखो साहिर, हर बीवी को पराये मरद का लन्ड अच्छा लगता है लन्ड चाहे जैसा हो ? मेरे मियां का लन्ड तेरी बीवी के लिए पराये मरद का लन्ड है इसलिए उसे अच्छा लगता है।
मैंने कहा :- भाभी एक और सवाल है. जब तेरी चूंचियां मेरी बीवी की चूँचियों से बड़ी हैं तो फिर तेरे मियां को मेरी बीवी की चूंचियां ही क्यों ज्यादा अच्छी लगतीं हैं ?
साजिया भाभी ने जबाब दिया :- बड़ा आसान सा जबाब है साहिर ? परायी बीवी कैसी भी हो, हर मरद को अच्छी लगती है। हर आदमी भोसड़ी का परायी बीवी चोद कर ज्यादा मज़ा लेता है। हां एक बात ध्यान रखो। मर्दों को बच्चे अपने और बीवियां परायी ही अच्छी लगतीं हैं। इसलिए आजकल का चलन है की बीवियां जब बच्चे पैदा करना होता है तो अपने मियां के लन्ड पर बिना कंडोम चढ़ाये चुदवाती हैं और जब पराये मर्दों से मस्ती के लिए चुदवाना होता है कंडोम चढ़ाकर चुदवाती हैं। हां, कुछ बीवियां जैसे मैं बिना कंडोम के ग़ैर मर्दों से चुदवा लेती हैं क्योंकि उसका इलाज़ मुझे मालूम है। मैं लन्ड का वीर्य चूत में नहीं मुंह में लेती हूँ।
तब तक मैं वाकई झड़ने लगा तो भाभी ने मेरा लन्ड मस्ती से पिया। कुछ देर बाद मैंने एक बार फिर चोदा साजिया भाभी की चूत।
मैं जब शाम को घर पहुंचा तो देखा की अनवर मेरी बीवी चोद के बैठा हुआ है । मेरी बीवी सबा भी मस्ती से चुदवाकर कर बैठी हुई है। मैंने कहा अनवर सच बताना तुम्हे मेरी बीवी चोद कर मज़ा आया ? वह बोला हां यार खूब मज़ा आया। मैं तो कहता हूँ की तुम भी किसी दिन मेरी बीवी चोद कर देखो ? तुम्हे मालूम हो जायेगा की दोस्त की बीवी चोदने में कितना मज़ा आता है ? मैंने कहा हां यार तुम सही कह रहे हो पर मैं तेरी बीवी तेरे सामने ही चोदूंगा। वह बोला हां हां बिलकुल मेरे सामने चोदना। मेरी बीवी भी किस से कम नहीं है ? मैंने पूंछा अच्छा यह बताओ की तुम्हे अपनी बीवी चोदने में ज्यादा मज़ा आता है की मेरी बीवी चोदने में ? वह बोला यार सच बताऊँ दोस्त की बीवी चोदने में जो मज़ा है वह अपनी बीवी चोदने में कहाँ ? जानते हो क्यों ? क्योंकि दोस्त की बीवी बड़े मन से चुदवाती है पर अपनी बीवी बहन चोद उतने मन से नहीं चुदवाती ? मैंने मन में कहा हां यार तू सही कह रहा है। यही बात तेरी बीवी भी कह रही थी।
मैंने फिर पूंछाअच्छा मेरे अलावा तेरा कोई और दोस्त है जिसकी बीवी तुम चोदते हो ? वह बोला हां है उसका नाम है अरसद लेकिन अब वह याहन है नहीं। मैंने सबसे पहले उसी की बीवी चोदी थी। हां एक और दोस्त है उसकी बीवी मुझे पसंद है पर कभी चोदा नहीं उसे ? मैंने कहा बस तू उसी को बुला ले। वो दोनों और तुम दोनों मेरे घर आ जाना। फिर मैं अपने घर में ही बीवियों की अदल बदली रखूँगा और एक दूसरे की बीवी चोदूंगा। वह मान गया। उसके जाने के बाद मैंने साजिया भाभी को फोन लगा दिया और उसे सारी बता दी लेकिन यह नहीं बताया की मैं उसकी बीवी चोद कर आ रहा हूँ। मैंने कहा साजिया भाभी अब तुम ही उसे बताना की साहिर मुझे चोद कर गया है तो मज़ा आएगा।
अगले दिन अनवर उसकी बीवी साजिया , उसका दोस्त रज़ा उसकी बीवी हया, मैं साहिर और मेरी बीवी सबा। तीनो कपल बैठ कर शराब पीने लगे और बातें करने लगे। अनवर बोला :- यार साश्री तू बड़ा उस्ताद निकला बहन चोद ? कल मैं तेरी बीवी यहाँ चोद रहा था और तू मेरी बीवी मेरे घर में चोद रहा था। तूने मुझे बताया भी नहीं ?
मैंने कहा :- यार जब तुम मेरी बीवी चोद रहे थे तो मेरा मन हुआ की मैं तेरी बीवी चोदूं इस लिए मैं तेरे घर चला गया।
अनवर बोला :- यार यही तो मैं चाहता था। अब तूने मेरी बीवी चोद ली है और फिर आगे भी चोदा करना ?
तब तक रज़ा बोला :- यार अनवर तू अगर साहिर की बीवी चोदता है तो फिर मेरी बीवी भी चोदो।
मैंने कहा :- यार रज़ा मैंने तुझे अपनी बीवी चुदवाने के लिए बुलाया है। मुझे दूसरे की बीवी चोदने में जितना मज़ा आता है उतना ही मज़ा अपनी बीवी चुदाने में भी आता है।
तब तक रज़ा की बीवी हया ने कहा :- यार सुनो मेरे शौहर को अपनी बीवी चुदाने में ज्यादा मज़ा आता है इसलिए तुम दोनों मिलकर रज़ा की बीवी चोदो। यानी मुझे चोदो।
ऐसा कह कर हया के एक हाथ मेरे लन्ड पर रख दिया और दूसरा हाथ अनवर के लन्ड पर। उधर मेरी बीवी और अनवर की बीवी दोनों ने एक साथ रज़ा के लन्ड पर हाथ रख दिया। एक तरफ रज़ा की बीवी हम दोनों के लन्ड एक साथ चाटने लगी वहीँ दूसरी तरफ मेरी बीवी और अनवर की बीवी दोनों मिलकर रज़ा का लन्ड चाटने लगीं। थोड़ी देर में हम सब लोग नंगे हो गये। हम दोनों ने मिलकर रज़ा की बीवी खूब हचक हचक के चोदा। रज़ा ने भी हम दोनों की बीवियां हचक हचक कर चोदीं।
रात भर हम सब एक दूसरे की बीवियां चोदते रहे ?
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