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इस घर में सभी महिला और मर्द नंगे रहते है - Yahan mahila aur purush ghar me rahte hai nanga
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मैं जब १८ + की हुई तो जवानी ने बड़ी बुरी तरह मेरे बदन पर कब्जा जमा लिया। मेरा पूरा बदन भर गया और मैं एक पकी हुई मस्त जवान लड़की दिखने लगी। मेरे कूल्हे बड़े बड़े हो गये जिससे मुझे ठुमके लगाने में सहूलियत होने लगी। मुझे डांस का जबरदस्त शौक है और मेरे ठुमके मशहूर होने लगे। मेरे चूतड़ बड़े बड़े उभर कर आ गए। मेरी गांड मस्त दिखने लगी। चलने पर मेरी गांड मटकने लगी। मेरी जांघें मोटी मोटी हो गयीं और मेरी चूत के तो कहने ही क्या ? झांटें तो बहुत पहले आ गयीं थी और इन दिनों तो झांटें घनी घनी हो गयीं है लेकिन मैं चूत की झांटें हमेशा साफ़ रखती हूँ। हां चूत के ऊपर के हिस्से में छोटी छोटी झांटों की डिजाइन बनवा लेती हूँ। इसलिये मेरी चूत न केवल सेक्सी लगती है बल्कि हॉट भी। मेरी बाहें बड़ी खूबसूरत हैं. मैं स्लीवलेस कपड़े ही पहनती हूँ। मेरी चूंचियां तो गज़ब की हो गयीं हैं बड़ी बड़ी भी हैं और सुडौल भी। कमर पतली होने के कारण मेरी चूँचियों का उभार बहुत ही सुन्दर और आकर्षक लगता है। मैं जब चलती हूँ तो मेरी चूँचियों में थिरकन होने लगती है जिन्हें लड़के क्या बड़े बड़े मरद भी मुझे चलते हुए देखते है तो उनके लन्ड में हरकत होने लगती है।
इसी बीच मुझे कपड़े उतार कर अपना नंगा बदन शीशे में देखने का शौक पैदा हो गया। मैं अक्सर अपने को नंगी देख कर बड़ी खुश होती थी। मेरे मन की उमंगें बढ़ने लगी और उधर मेरी उम्र भी बढ़ने लगी। मैं जब २१ साल की हो गयी तो मुम्बई के एक कॉलेज में एडमिशन ले लिया। हमारे घर में पैसे की कमी नहीं है। इसलिए मेरे घर वालों ने मुझे मुम्बई में एक फ्लैट दिला दिया। मैं इस दो कमरे के फ्लैट में अकेली रहने लगी। घर में जब अकेली होती हूँ तो मैं नंगी ही रहती हूँ । अब लड़की जब अकेली घर में नंगी रहेगी तो खुराफात तो करेगी ही। इसलिए मैंने अपनी चूंचियां दबाना, अपनी चूत में ऊँगली करना और masturbate करना शुरू कर दिया। नेट पर ब्लू फिल्म देखना शुरू कर दिया। सेक्स की गन्दी गन्दी कहानियां पढ़ना शुरू कर दिया। इसी बीच मैंने शराब पीना शुरू कर दिया और सिगरेट भी। मैं वाकई बड़ी बोल्ड हो गयी थी। इंग्लिश पर अच्छा कमांड हो गया तो मैं इंग्लिश बोल कर सबको अपनी ओर आकर्षित करने लगी।
तभी मुझे एक दिन "Sex" की कहानियां मिल गयीं जिन्हें पढ़ने से मेरी ज़िन्दगी ही बदल गयी। मैं बोल्ड हो गयी, बेशर्म हो गयी, गालियां देना सीख गयी और सबसे खुल कर बातें करने लगी। मैं नंगी होकर रोज़ इस ब्लॉग की कहानियां पढ़ने लगी और रोज़ अपनी चूत में कुछ न कुछ घुसेड़ कर masturbate करने लगी।
धीरे धीरे सेल्फी के जरिये अपनी नंगी तश्वीरें खींचना शुरू कर दिया। वो तश्वीरें you tube में डालना शुरू कर दिया। बदन पूरा नंगा होता था लेकिन चेहरा थोड़ा ढका होता था ताकि पहचान में न आने पाए। मैं तश्वीरें G + पर भी पोस्ट करने लगी और तब मुझे लोगों के बड़े अच्छे अच्छे कमैंट्स मिलने लगे। इससे मेरा हौसला और बढ़ गया। मेरी मस्ती का ठिकाना न था।
मैंने एक दिन सोंचा की जब मेरी फोटो देख कर लोग इतने बढ़िया कमैंट्स लिखतें है तो जब वो मुझे नंगी देखेगें तो कितना मज़ा आएगा। बस मेरे मन में यह बात आयी की क्यों न मैं लड़कों के आगे नंगी हो जाऊं ? अपने सारे कपड़े खोल कर उनके सामने खड़ी हो जाऊं ? उनके आगे नंगा डांस करूं। फिर उन्हें भी नंगा करूं ? उनके लन्ड देखूँ। उनके लन्ड पकड़ कर हिलाऊँ, चाटूँ और चूसूं ? बस मैं ऐसे लड़कों को ढूंढने लगी जिनके सामने मैं नंगी हो जाऊं और जो मुझे नंगी देख कर मद होश हो जायें ? लड़कों को ढूंढते ढूंढते मेरी एक लड़की से मुलाकात हो गयी। उसका नाम है सेफाली ? उससे बातें करने से लगा की यह तो मेरी ही लाइन की है। बस मैं एक दिन उसे अपने घर ले आयी.
मुझे मालूम हुआ की वह भी कोलकता की है मेरी तरह शराब और सिगरेट पीती है। फिर क्या हम दोनों बैठ कर शराब पीने लगी। चियर्स कह कर शराब का एक घूंट लेने के बाद सेफाली ने अपने पर्श से सिगरेट का एक पैकेट निकाला। उसमे एक सिगरेट को आगे किया और मेरी ओर दिखा कर कहा लो। मैंने ले लिया। फिर हम दोनों सिगरेट पीने लगीं, बातें करने लगीं और गन्दी गन्दी गालियां बकते हुए बोलने लगी। थोड़ा नशा चढ़ते ही एक दूसरे के सामने अपनी अपनी पोल खोलने लगी।
सेफाली - यार रुपाली, देखो मैं एक जवान लड़की हूँ। खूबसूरत हूँ, सेक्सी हूँ और हॉट हूँ तो फिर मैं इस मौके का फायदा क्यों न उठाऊं ? मैं यहाँ घर से दूर हूँ। कोई घर वाला या आस पास वाला देखने तो आ नहीं रहा है। किसी को क्या मालूम की मैं यहाँ मुम्बई में रह कर क्या कर रही हूँ ? मुम्बई में एक अच्छी बात है की यहाँ कोई किसी के प्राइवेट लाइफ में दखल नहीं देता। बस मुझे इसी वख़्त का इंतज़ार था और मैं उसकी मज़ा ले रही हूँ।
मैंने कहा - अगर किसी तरह पेरेंट्स तो पता चल गया तो ,,,,,,, ?
यार देखो पेरेंट्स को तो रिजल्ट चाहिए बस। मैं पढ़ने में कोई गलती नहीं करती। खूब जम कर पढ़ाई करती हूँ। मेरा रिजल्ट अच्छा आता है इसलिए मेरे माँ बाप मुझसे बहुत खुश रहतें हैं। उन्हें और कुछ नहीं चाहिए।
हां यार बात तो तेरी बिलकुल सही है क्योंकि मेरा भी यही मनाना है और मैं भी यही करती हूँ।
सेफाली - अब मैं मुद्दे पर आती हूँ। देख भई मेरा काम तो लन्ड के बिना चलता नहीं है। मुझे लन्ड लेने की आदत है। मैं लन्ड के फिराक में हमेशा रहती हूँ और कामयाब भी हूँ। कभी लन्ड पाने के लिए मुझे पैसा खर्च करना पड़ता है और कभी मुझे लन्ड भी मिलता है और पैसे भी।
अरे यार तेरी और मेरी राशि बहुत मिलती जुलती है। मैं भी लन्ड की तलास में रहती हूँ। कॉलेज के लड़कों के लन्ड पकड़ती हूँ। कॉलेज के कुछ टीचर के भी लन्ड पकड़ने लगी हूँ और उनके दोस्तों के लन्ड पर भी हाथ साफ़ करने लगी हूँ। हां मुझे अभी तक लन्ड के साथ पैसा नहीं मिला। एक बात जरूर है की खाना पीना घूमना फिरना और एन्जॉय करना खूब मिला है।
अरे वाह ! तब तो हमारी जोड़ी बड़ी अच्छी रहेगी। मेरे पास बस एक चीज की कमी है की मेरे पास रहने के लोए कोई ढंग की जगह नहीं है।
मेरे पास तो हैं न ? मेरे डैड ने मुझे यह फ्लैट दिलवा दिया है। तुम मेरे साथ रहा करो।
तब तो बहुत अच्छा है। मैं ऐसा करती हूँ की मैं जहाँ रहती हूँ उसे छोडूंगी नहीं। और यहाँ तुम्हार पास अक्सर रहा करुँगी। ज्यादा समय तेरे साथ ही गुज़ारूँगी।
ठीक है यार तब तो मज़ा आ जायेगा।
इस तरह मैं और सेफाली साथ साथ रहने लगीं.
दूसरे ही दिन मैंने सेफाली को "Sex" की कहानियां पढ़ा दी. कहानी पढ़ते ही उसने अपनी चूंचियां खोल दीं। थोड़ा आगे पढ़ा तो अपनी चूत भी खोल कर मेरे सामने रख दी। फिर थोड़ा पढ़ा तो बोली बाप रे बाप कितनी हॉट कहानियां हैं बहन चोद ! लिखने वाले की माँ का भोसड़ा। यार अब तो रहा नही जा रहा ? उसने मेरी चूंचियां पकड़ लीं और मुझे भी नंगी करने लगी। वह बोली यार रुपाली तुम जोर जोर से कहानी पढ़ो मैं तुझे नंगी करके तेरी चूत में ऊँगली करती हूँ। फिर मैं भी उसकी चूत में ऊँगली करने लगी। फिर हम दोनों आमने सामने खड़ी होकर चूँचियों से चूंचियां रगड़ने लगी। चूत से चूत रगड़ने लगीं. झांटें न मेरी थीं और न उसकी। हमारी मस्ती बढ़ती जा रही थी। तभी मैंने म्यूजिक लगा दिया और फिर हम दोनों न्यूड डांस करने लगीं।साथ में शराब भी पीने लगी। हम दोनों ने एक दूसरे को पहली बार नंगी देखा। हम दोनों सांतवें आसमान पर थीं।
अचानक वह बोली यार रुपालीअब तो बहन चोद लन्ड की याद आ रही है। कुछ करो यार मुझे लन्ड चाहिए। मैंने कहा हां यार सेफाली अब तो वाकई लन्ड की बहुत जरुरत है। ये चूत बुर चोदी बिना लन्ड के शांत नहीं बैठेगी ? उसने कहा हां यार अब तो चूत के खातिर कुछ करना पड़ेगा ? तभी वह बोली यार ऐसा करो तुम अपने किसी बॉय फ्रेंड को बुला लो। जिसको तुम चाहती हो।जिसका लन्ड पकड़ना चाहती हो। मैं भी अपने बॉय फ्रेंड को बुला लेती हूँ। फिर हम उन्हें नंगा करके उनके लन्ड का मज़ा लेगीं । मैंने कहा यार मेरा ऐसा कोई बॉय फ्रेंड नहीं है जिसका लन्ड मैंने पकड़ा हो। उसने कहा तो क्या हुआ ? तुम बस बुला लो बाकी मैं देख लूंगी। मेरा भी नया बॉय फ्रेंड है। मैंने भी कभी उसका लन्ड नहीं देखा पर बुला रही हूँ। आने दो भोसड़ी वालों को। मैं उन्हें नंगा कर दूँगी। फिर वो साले वही करेगें जो मैं कहूँगी। नहीं करेगें तो मैं उनकी माँ चोद दूँगी।
हम दोनों ने यही प्लान बनाया और फिर हमने अपने अपने बॉय फ्रेंड को फोन करके बुला लिया। फ्रेंड मैंने अपने बॉय फ्रेंड गोपी को बुला लिया और सेफाली ने शानू को। संडे का दिन था । गर्मी बहुत थी। बदन पर वैसे भी कोई कपड़ा बर्दास्त नहीं हो रहा था। करीब ११ बजे गोपी आ गया। उसने जैसे ही घंटी बजायी वैसे ही मैंने एक शाल लपेट कर दरवाजा खोलने चली गयी। क्योंकि हम दोनों तो घर में नंगी ही बैठीं थीं। सामने वाले रूम में सेफाली बिलकुल नंगी बैठी थीं। पर घंटी सुनते ही उसने भी शाल ओढ़ ली। दरवजा खुला तो सामने गोपी खड़ा था। मैंने उसे इशारा करले अंदर आने को कहा। वह अंदर आया और मैंने दरवाजा बंद कर दिया। दरवाजा बंद करते ही मैंने अपनी शाल उतार कर फेंक दी। सेफाली भी शाल उतार कर फेंक दिन हम दोनों बहन चोद नंगी नंगी उसके आगे खड़ी हो गयीं। वह तो बिलकुल सन्न रह गया। वह हम दोनों को नंगी देखने लगा और कुछ झेंपने भी लगा।
मैंने कहा यार तू मरद है न तो फिर भोसड़ा का शर्मा क्यों रहा है ? हम तीनो के अलावा घर में और कोई नहीं है। फिर मैंने एक तख्ती उसे दिखा दी। उसमे लिखा था -
"यहाँ कपड़े पहनना मना है"
फिर हम दोनों उसके कपड़े उतारने लगीं। पहले तो वह थोड़ा कसमसाया पर जब मैंने कहा यार जब मैं लड़की होकर नंगी हूँ तो तुझे नंगा होने में क्या शर्म ? फिर वह कुछ नहीं बोला। वह जब नंगा हुआ तो उसका लन्ड सिकुड़ा हुआ था। उसकी झांटें भी थीं। हालांकि बहुत बड़ी नहीं थीं। सेफाली लन्ड पकड़ कर चूमने लगी, पुचकारने लगी, धीरे धीरे सहलाने लगी और ऊपर नीचे करने लगी। मैं भी उसके पेल्हड़ सहलाने लगी। लन्ड साला खड़ा होने लगा। तब तक उसका हाथ मेरे बूब्स पर चला गया। वह बूब्स दबाने लगा और सेफाली की भी चूंचियां दबाने लगा। बस फिर क्या लन्ड बहन चोद खड़ा हो गया। उसका टोपा बाहर आ गया। सेफाली ने फिर लन्ड कई बार चूमा और जबान निकाल कर चाटने लगी। हम दोनों ही लन्ड की मस्ती में गुम होने लगीं। फिर सेफाली ने पर्श से मशीन निकाली और उसकी झांटें एकदम साफ कर दीं। लन्ड की खूबसूरती एकदम से बढ़ गयी।
अचानक फिर घंटी बजी। मैं जान गयी की शानू आया है। सेफाली उठी और शाल ओढ़ कर दरवाजा खोलने चली गयी। मैंने कहा यार गोपी कोई लड़का आया है तुम शरमाओगे तो नहीं ? वह बोला थोड़ा तो जरूर शर्माऊंगा। मैंने कहाअच्छा तुम पीछे वाले कमरे में चले जाओ। मैं उसे भी नंगा कर दूं तब तो उसके सामने आ सकते हो। वह बोला हां तब तो कोई शर्म नहीं रहेगी। उधर तब तक शानू आ गया। उसे देख कर मेरी चूत साली खुश हो गयी। लड़का मुझे भा गया। जैसे ही वह अंदर आया तो सेफाली बोली ये है मेरी बुर चोदी दोस्त रुपाली। फिर उसने भी शाल फेंकी और मैंने भी। वह हम दोनों को एकदम नंगी देखकर वह बड़ा हैरान हो गया। मैंने वही तख्ती उसे भी दिखा दी और उसके कपड़े उतारने लगी। उसने कोई आपत्ति नहीं की। जैसे ही वह नंगा हुआ तो उसका लन्ड आधा तो खड़ा ही था। मैंने उसे हिलाया, प्यार किया, चूमा और मुठ्ठी में लेकर सहलाने लगी तो वह तन कर खड़ा हो गया। मैंने कहा यार तेरा लन्ड बहन चोद बड़ा जबरदस्त है। ये तो मेरी चूत एक ही बार के फाड़ देगा। लन्ड का टोपा तो वास्तव में बड़ा खूबसूरत लग रहा है। वह मेरी बातें सुनकर जोश में आ गया और मुझे अपनी तरफ खींच कर मेरे बूब्स दबाने लगा। फिर सेफाली की भी चूंचियां मसलने लगा। उसकी झांटें इत्तिफाक से बनी थीं तो लन्ड बड़ा अच्छा लग रहा था। दोनों ही लन्ड लगभग बराबर ही निकले।
सेफाली उसका लन्ड पकड़ कर चाटने लगी। उधर अंदर गोपी नंगे नंगे सब कुछ देख रहा था। तभी मैं अंदर गयी मैंने देखा की उसका लन्ड खड़ा है। मैंने उसे पकड़ा और इशारा किया की चल अब क्या ? अब शर्माने की क्या जरुरत ? मैं उसका लन्ड पकड़े पकड़े कमरे में आ गयी। मैंने कहा शानू इससे मिलो ये मेरा बॉय फ्रेंड है गोपी। यह भी वही करने आया है जो तुम करने आये हो। अब देखो हम चार लोग हैं। सब के सब मादर चोद नंगे। इसलिए शर्म की कोई वजह ही नहीं है। तभी सेफाली गोपी का लन्ड चाटने लगी और मैं शानू का लन्ड ? वो दोनों भी हमारी चूत चाटने लगे क्योंकि हम लोग 69 के पोज़ में हो गए।
फिर एकदम किसी ने दरवाजा खटखटा दिया। मैंने मन में कहा अब कौन भोसड़ी का आ गया डिस्टर्ब करने ? ख़ैर मैं शाल डाल कर दरवाजा खोलने गयी तो झाँक कर देखा। वो मेरे पड़ोस का डिसूज़ा अंकल थे। मेरा मन बदल गया और मैंने सेफाली को भी वहीं बुला लिया। फिर दरवाजा खोला, अंकल को अंदर बुलाया और दरवाजा बंद कर दिया। मैं अपनी शाल फेंक कर उसके सामने एकदम नंगी खड़ी हो गयी। मेरे बगल में सेफाली भी नंगी खड़ी हो गयी। मैं अंकल के कपड़े उतारने लगी।
अंकल ने कहा - बेटी ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,?
मैंने कहा - बेटी की माँ की चूत, अंकल। मैं जो कर रही हूँ मुझे करने दो।
वह फिर बोला - बेटी रुपाली ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,?
मैंने फिर कहा - रुपाली की बहन का लन्ड, बहन चोद ? मैं तुम्हे नंगा कर रही हूँ मुझे करने दो।
वह फिर बोला - अरे मेरे कपड़े ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,?
सेफाली बोली - कपड़ों की माँ का भोसड़ा अंकल ? देख रहे हो की दो दो लड़कियां तेरे सामने नंगी नंगी खड़ी हैं और तुझे नंगा होने में शर्म आ रही है माँ के लौड़े ? नंगे होने में तेरी गांड फट रही है ? मरद हो की नहीं ?
मैंने कहा - देखो अंकल, मैं घर में मर्दों को नंगा रखती हूँ। यहाँ कपड़े पहनना मना है।
तब तक उसके सारे कपड़े उतर चुके थे। बाकी केवल चड्ढी थी। सेफाली ने वह भी नीचे बैठ कर खींच ली। अंकल का नंगा लन्ड हमारी आँखों के सामने आ गया। सेफाली ने उसे पकड़ कर पहले तो कई बार चूमा प्यार किया और फिर उसे मस्ती से हिलाने लगी। इधर अंकल का भी मन बदल गया। वह भी मस्ती में आने लगा और हमें ललचायी आँखों से देखने लगा। वह मेरी चूंचियां मसलने लगा। फिर मैं उसका लन्ड हिलाने लगी और अंकल सेफाली की चूंचियां मसलने लगा। उसके बाद हम दोनों उसे अंदर के कमरे में ले गयीं जहाँ गोपी और शानू नंगे लेटे थे। उन्हें नंगे देख कर अंकल की शर्म की माँ चुद गयी। वह भी हमारी तरह बेशर्म हो गया। उसका लन्ड तन कर खड़ा हो गया। इसका लन्ड बहन चोद उन दोनों के लन्ड से थोड़ा बड़ा ही था। हम लोगों की चूत की आग और भड़क गयी। सेफाली उन दोनों के लन्ड पकड़ कर चाटने लगी और मैं अंकल का लन्ड।
मुझे लगा की मेरी ज़िन्दगी ही बदल गयी। लन्ड पकड़ने का एक ऐसा फार्मूला मिल गया जिससे लन्ड की कमी कभी मालूम ही नहीं होगी। पहले मर्दों को घर के अंदर बुलाओ, फिर उसके आगे नंगी खड़ी हो जाओ और फिर उसे भी नंगा कर दो। अंकल का लन्ड बढ़ता ही जा रहा था। मैं समझ गयी की उसे मज़ा आ रहा है। थोड़ी देर में उसने लन्ड मेरी चूत में घुसेड़ दिया और चोदने लगा। उधर सेफाली भी शानू से चुदवाने लगी और गोपी का लन्ड चूसने लगी। उसे दो दो लन्ड का मज़ा एक साथ मिलने लगा तो वह बेहद खुश हो गयी। उसकी ज़िन्दगी में बहारआ गयी। उसने अपनी गांड उठा उठा के चुदवाना शुरू कर दिया। कमरे में चुदाई की आवाज़ें आने लगी। मैं इन्ही आवाज़ों के लिए बेचैन हो रही थी। थोड़ी देर में अंकल ने लन्ड सेफाली की चूत में घुसा दिया तो मैं भी आगे बढ़ कर शानू का लन्ड चूसते हुए गोपी से चुदवाने लगी। इस बार मैं कुतिया बन कर चुदवा रही थी जिसे डॉगी स्टाइल कहते हैं।
सेफाली मस्ती में आ गयी। वह बोलने लगी - अंकल पूरा पेल दो लन्ड ? चोद डालो मेरी चूत ? फाड़ डालो मेरी चूत ? चीथेड़े उड़ा दो मेरी बुर चोदी बुर के । इसे आज मिला है एक मर्दाना लन्ड। आज इसे पता चल रहा है की लन्ड क्या होता है ? हाय मेरे राजा तेरा लौड़ा भोसड़ा का बड़ा मजबूत है। तेरा लोहे जैसे लन्ड मेरी चूत का भरता बना सकता है अंकल। उसकी उछलती हुई चूंचियां देख कर अंकल को और मज़ा आ रहा था। मैंने कहा अंकल तेरी बहन की बुर साले तू तो बहुत बड़ा चोदू निकला। मुझे लगता था की तू बहुत सीधा आदमी है पर तू बहुत बड़ा मादर चोद निकला। इधर मैं भी बोलने लगी हाय शानू लौड़ा पूरा पेल दो। खूब दनादन चोदो। अपनी बीवी समझ के चोदो मुझे। तेरा लन्ड बड़ा मस्त है यार। फिर मैं गोपी से चुदवाने लगी। उसका भी लन्ड बड़ा सॉलिड था। वह भी भकाभक चोदने लगा मेरी बुर। मैं तो एकदम रंडी बन गयी बहन चोद। मुझे लगा की अब मैं किसी के भी सामने चुदवा सकती हूँ।
थोड़ी देर में तीनो लन्ड एक एक करके झड़ने लगे और तब हम दोनों ने मिलकर वीर्य पिया जो हमारे लिए टॉनिक का काम करता है और उनके झड़ते हुए लन्ड चाटे।
इसी बीच हमारे ग्रुप में एक और बोल्ड लड़की शामिल हो गयी। नाम उसका है नंदिनी। २३ साल की बेहद खूबसूरत, पढ़ीलिखी, बोल्ड और हॉट लड़की। मैं तो उसे पाकर बड़ी खुश हुई।
मैंने जब उससे पूंछा की तुम कितनी बोल्ड हो तो वह बोली मैं इन साले भोसड़ी वाले लड़कों को एक मिनट में नंगा कर देती हूँ। क्योंकि उन्हें नंगा करने के पहले मैं खुद उसके आगे नंगी हो जाती हूँ और फिर कहती हूँ की तुमने मादर चोद मेरी चूत देख ली, मेरी गांड देख ली और मेरे बूब्स देख लिया तो क्या मैं तेरा बहन चोद लन्ड नहीं देख सकती ? अब तू जल्दी से हो जा नंगा नहीं तो मैं तेरी माँ चोद दूँगी।
ऐसा बोल कर वह खुद मेरे सामने नंगी हो गयी। मैंने फ़ौरन उसे अपने ग्रुप में शामिल कर लिया। उसके बाद हमने एक सेक्स पार्टी अपने घर में ही रख ली। लेकिन अपने दोस्तों को यह बताया की यह पार्टी ड्रंक्स एंड डांस पार्टी होगी। इसने कुछ मेरे दोस्त, कुछ सेफाली के दोस्त और कुछ नंदिनी के दोस्त शामिल होंगें। हम सब अपने अपने दोस्तों को फोन करने लगीं। पार्टी का समय शनिवार की रात तय की गयी। शनिवार को ८ बजे से लोग आने शुरू हो गए। सबसे पहले आया विशाल। हम तो घर में सब नंगी ही थी। मैंने झाँक कर देखा कई विशाल है तो दरवाजा चुपके से खोल दिया। वह अंदर हुआ तो दरवाजा बंद कर दिया। उसने मुझे ऊपर से नीचे तक देखा तो हैरान हो गया क्योंकि मैं बिलकुल नंगी थी।
वह बोला - हाय रुपाली ये क्या ? तुम इस तरह ,,,,,,,,,,,?
मैंने कहा - हां मैं इसी तरह घर में रहती हूँ। तब तक सेफाली और नंदिनी भी आ गयीं। वे दोनों भी नंगी थीं।
वह बोला - ये लोग कौन हैं रुपाली ? ये मेरी दोस्त हैं और इस पार्टी में शामिल होने के लिए आयीं हैं। तब तक सेफाली उसके कपड़े उतारने लगी।
वह बोला - अरे ये क्या कर रही हो ?
नंदिनी ने कहा - मैं तुम्हे नंगा कर रही हूँ, और क्या ?
वह बोला - मैं नंगा नहीं होना चाहता ?
नंदिनी बोली - क्यों नहीं होना चाहते ? तुमने भोसड़ी के हम सबको नंगी देख लिया। हमारी चूंचियां देख लीं, हमारी चूत देख ली, हमारे चूतड़ देख लिया, हमारी गांड देख ली। अब जब हम तेरा लन्ड देखना चाहती हैं तो तेरी गांड क्यों फट रही है ?
सेफाली बोली - वैसे भी तेरे पास लन्ड केअलावा और है ही क्या दिखाने के लिए ?
तब तक उसके सारे कपड़े उतर चुके थे। मैंने कहा विशाल देखो सच यह है की हमारे घर में पकड़े पहनना मना है। वो देखो पीछे क्या लिखा है ? मैं अपने घर में मर्दों को नंगा रखती हूँ और खुद भी नंगी रहती हूँ।
फिर विशाल चुप चाप नंगा हो गया। नंदिनी उसका लन्ड पकड़ कर हिलाने लगी। उसके बाद कुछ और लोग भी आने लगे। रोहित, राका, आरिफ, टोनी, पीटर और बलवंत। सब के सब एक एक करके नंगे भी होते गए। इतने सारे लड़के जब एक दूसरे के आमने नंगे हुए तो फिर किसी को कोई शर्म नहीं रही। फिर हम तीनो ने मिलकर सबको ड्रिंक्स सर्वे की और सबने एक स्वर में चियर्स कहा और पीने लगे शराब। मैं बहुत खुश थी की आज मेरा वो सपना पूरा हुआ जो मैंने बहुत पहले देखा था। मैं एक साथ कई लड़कों के खड़े टन टनाते हुए लन्ड देखना चाहती थी। उनसे एक साथ चुदवाना चाहती थी। इसमें मेरा साथ मेरी दो दोस्त सेफाली और नंदिनी दे रहीं हैं। हम तीनो शराब के साथ एक एक करके सबके लन्ड पी रहीं हैं । सबके लन्ड शराब में डुबो डुबो कर चाट रहीं हैं । शराब के साथ लन्ड पीने का मज़ा ही अलग है यार ? मुझे तो मुंह में लन्ड लेना बहुत अच्छा लगता है।
यही हाल सेफाली और नंदिनी का भी है। वो भी ब्लो जॉब और हैण्ड जॉब करने में माहिर हैं। सब के पास कम से कम दो दो लन्ड तो मौजूद हैं। लड़के भी हमारी चूंचियां मसल रहे थे हमारे पूरे नंगे बदन पर हाथ फिरा रहे थे। हमारी गांड सहला रहे थे। हमारी चूत में ऊँगली डाल रहे थे। जबान उसके अंदर घुसेड़ कर चूत चाट रहे थे। नंदिनी की चूत के ऊपर के हिस्से की झांटें बड़ी सेक्सी लग रहीं थीं। कुछ लड़कों की घनी घनी झांटें भी थीं जिन पर उंगलियां फिराने में मज़ा आ रहा था। इतने सारे लन्ड और सब के सब लन्ड अलग अलग देखने में और उनसे खेलने में एक अलग तरह का आनंद आ रहा था। नंदिनी तो लन्ड अपनी चूँचियों पर घुमा रही थी। सेफाली अपनी चूँचियों के बीच लन्ड घुसेड़ कर मज़ा ले रही थी। सभी लोग नशे में धुत्त होते चले गए। नशा अपना काम करने लगा और इधर मस्ती ढेर सारी धीरे धीरे बढ़ने लगी। सब लोग खुल कर अश्लील बातें भी करने लगे और प्यार से गाली गलौज भी। बहन चोद, मादर चोद, भोसड़ी के, माँ के लौड़े सब होने लगा। कुल मिलाकर चुदाई का जबरदस्त माहौल बन गया।
थोड़ी में मैंने विशाल का लन्ड अपनी चूत में घुसा लिया और चुदवाने लगी। रोहित ने अपना लन्ड मेरे मुंह में घुसेड़ दिया। उधर सेफाली ने राका का लन्ड अपनी बुर में घुसा लिया। वह मस्ती से सटासट चुदवाने लगी। उसके मुंह में आरिफ ने लन्ड पेल दिया। सेफाली ससुरी रंडी की तरह चुदवाने लगी। नंदिनी तो बहुत मस्त लड़की है। उसने टोनी का लन्ड अपनी चूत में घुसेड़ा और पीटर का लन्ड अपने मुंह में। वह भी भोसड़ी वाली दो दो लन्ड का मज़ा लूटने लगी। नंदिनी बुर चोदी लन्ड पीने में बड़ी एक्सपर्ट है। उसकी चूत भी बड़ी टाइट है। बलवंत तब तक मेरे पास आ गया। मैं चुदवाते हुए दो दो लन्ड चाटने लगी।
तो दोस्तों, यह पार्टी नॉन - स्टॉप दो दिन तक चलती रही। हम तीनो ने इन लोगों के लन्ड पेल पेल कर खूब चुदवाया। एक बार नहीं कई बार चुदवाया। सबके झड़ते हुए लन्ड चाटे, लन्ड का वीर्य पिया, लन्ड का सुपाड़ा भी खूब चाटा। लन्ड का सड़का भी लगाया। सड़का लगा लगा कर लन्ड पिया। ऐसी ऐय्यासी बहुत मुश्किल से नसीब होती है। लेकिन हम तीनो के ठान लिया की इस तरह की पार्टी अब हर शनिवार को होगी। इसमें लोग बढ़ते गए। आज हमारे पास १०/१२ लड़कियां हैं जिन्हें किसी के भी सामने नंगी होने में कोई शर्म नहीं ? किसी के भी सामने किसी का भी लन्ड पीने में कोई शर्म नहीं ? हमारे पास लड़कों की भी तादाद बढ़ गयी। आज हमारे पास कम से कम १५/१६ लड़के ऐसे है हो हमारे साथ हर समय एकदम नंगे रहतें हैं। एक से एक बेहतरीन लन्ड देखने का और उनके साथ खेलने का मौका मिलता है।
आज भी हमारा वसूल कायम है की हम मर्दों को घर में नंगे रखतीं है और खुद भी नंगी रहतीं हैं।
मैं जब १८ + की हुई तो जवानी ने बड़ी बुरी तरह मेरे बदन पर कब्जा जमा लिया। मेरा पूरा बदन भर गया और मैं एक पकी हुई मस्त जवान लड़की दिखने लगी। मेरे कूल्हे बड़े बड़े हो गये जिससे मुझे ठुमके लगाने में सहूलियत होने लगी। मुझे डांस का जबरदस्त शौक है और मेरे ठुमके मशहूर होने लगे। मेरे चूतड़ बड़े बड़े उभर कर आ गए। मेरी गांड मस्त दिखने लगी। चलने पर मेरी गांड मटकने लगी। मेरी जांघें मोटी मोटी हो गयीं और मेरी चूत के तो कहने ही क्या ? झांटें तो बहुत पहले आ गयीं थी और इन दिनों तो झांटें घनी घनी हो गयीं है लेकिन मैं चूत की झांटें हमेशा साफ़ रखती हूँ। हां चूत के ऊपर के हिस्से में छोटी छोटी झांटों की डिजाइन बनवा लेती हूँ। इसलिये मेरी चूत न केवल सेक्सी लगती है बल्कि हॉट भी। मेरी बाहें बड़ी खूबसूरत हैं. मैं स्लीवलेस कपड़े ही पहनती हूँ। मेरी चूंचियां तो गज़ब की हो गयीं हैं बड़ी बड़ी भी हैं और सुडौल भी। कमर पतली होने के कारण मेरी चूँचियों का उभार बहुत ही सुन्दर और आकर्षक लगता है। मैं जब चलती हूँ तो मेरी चूँचियों में थिरकन होने लगती है जिन्हें लड़के क्या बड़े बड़े मरद भी मुझे चलते हुए देखते है तो उनके लन्ड में हरकत होने लगती है।
इसी बीच मुझे कपड़े उतार कर अपना नंगा बदन शीशे में देखने का शौक पैदा हो गया। मैं अक्सर अपने को नंगी देख कर बड़ी खुश होती थी। मेरे मन की उमंगें बढ़ने लगी और उधर मेरी उम्र भी बढ़ने लगी। मैं जब २१ साल की हो गयी तो मुम्बई के एक कॉलेज में एडमिशन ले लिया। हमारे घर में पैसे की कमी नहीं है। इसलिए मेरे घर वालों ने मुझे मुम्बई में एक फ्लैट दिला दिया। मैं इस दो कमरे के फ्लैट में अकेली रहने लगी। घर में जब अकेली होती हूँ तो मैं नंगी ही रहती हूँ । अब लड़की जब अकेली घर में नंगी रहेगी तो खुराफात तो करेगी ही। इसलिए मैंने अपनी चूंचियां दबाना, अपनी चूत में ऊँगली करना और masturbate करना शुरू कर दिया। नेट पर ब्लू फिल्म देखना शुरू कर दिया। सेक्स की गन्दी गन्दी कहानियां पढ़ना शुरू कर दिया। इसी बीच मैंने शराब पीना शुरू कर दिया और सिगरेट भी। मैं वाकई बड़ी बोल्ड हो गयी थी। इंग्लिश पर अच्छा कमांड हो गया तो मैं इंग्लिश बोल कर सबको अपनी ओर आकर्षित करने लगी।
तभी मुझे एक दिन "Sex" की कहानियां मिल गयीं जिन्हें पढ़ने से मेरी ज़िन्दगी ही बदल गयी। मैं बोल्ड हो गयी, बेशर्म हो गयी, गालियां देना सीख गयी और सबसे खुल कर बातें करने लगी। मैं नंगी होकर रोज़ इस ब्लॉग की कहानियां पढ़ने लगी और रोज़ अपनी चूत में कुछ न कुछ घुसेड़ कर masturbate करने लगी।
धीरे धीरे सेल्फी के जरिये अपनी नंगी तश्वीरें खींचना शुरू कर दिया। वो तश्वीरें you tube में डालना शुरू कर दिया। बदन पूरा नंगा होता था लेकिन चेहरा थोड़ा ढका होता था ताकि पहचान में न आने पाए। मैं तश्वीरें G + पर भी पोस्ट करने लगी और तब मुझे लोगों के बड़े अच्छे अच्छे कमैंट्स मिलने लगे। इससे मेरा हौसला और बढ़ गया। मेरी मस्ती का ठिकाना न था।
मैंने एक दिन सोंचा की जब मेरी फोटो देख कर लोग इतने बढ़िया कमैंट्स लिखतें है तो जब वो मुझे नंगी देखेगें तो कितना मज़ा आएगा। बस मेरे मन में यह बात आयी की क्यों न मैं लड़कों के आगे नंगी हो जाऊं ? अपने सारे कपड़े खोल कर उनके सामने खड़ी हो जाऊं ? उनके आगे नंगा डांस करूं। फिर उन्हें भी नंगा करूं ? उनके लन्ड देखूँ। उनके लन्ड पकड़ कर हिलाऊँ, चाटूँ और चूसूं ? बस मैं ऐसे लड़कों को ढूंढने लगी जिनके सामने मैं नंगी हो जाऊं और जो मुझे नंगी देख कर मद होश हो जायें ? लड़कों को ढूंढते ढूंढते मेरी एक लड़की से मुलाकात हो गयी। उसका नाम है सेफाली ? उससे बातें करने से लगा की यह तो मेरी ही लाइन की है। बस मैं एक दिन उसे अपने घर ले आयी.
मुझे मालूम हुआ की वह भी कोलकता की है मेरी तरह शराब और सिगरेट पीती है। फिर क्या हम दोनों बैठ कर शराब पीने लगी। चियर्स कह कर शराब का एक घूंट लेने के बाद सेफाली ने अपने पर्श से सिगरेट का एक पैकेट निकाला। उसमे एक सिगरेट को आगे किया और मेरी ओर दिखा कर कहा लो। मैंने ले लिया। फिर हम दोनों सिगरेट पीने लगीं, बातें करने लगीं और गन्दी गन्दी गालियां बकते हुए बोलने लगी। थोड़ा नशा चढ़ते ही एक दूसरे के सामने अपनी अपनी पोल खोलने लगी।
सेफाली - यार रुपाली, देखो मैं एक जवान लड़की हूँ। खूबसूरत हूँ, सेक्सी हूँ और हॉट हूँ तो फिर मैं इस मौके का फायदा क्यों न उठाऊं ? मैं यहाँ घर से दूर हूँ। कोई घर वाला या आस पास वाला देखने तो आ नहीं रहा है। किसी को क्या मालूम की मैं यहाँ मुम्बई में रह कर क्या कर रही हूँ ? मुम्बई में एक अच्छी बात है की यहाँ कोई किसी के प्राइवेट लाइफ में दखल नहीं देता। बस मुझे इसी वख़्त का इंतज़ार था और मैं उसकी मज़ा ले रही हूँ।
मैंने कहा - अगर किसी तरह पेरेंट्स तो पता चल गया तो ,,,,,,, ?
यार देखो पेरेंट्स को तो रिजल्ट चाहिए बस। मैं पढ़ने में कोई गलती नहीं करती। खूब जम कर पढ़ाई करती हूँ। मेरा रिजल्ट अच्छा आता है इसलिए मेरे माँ बाप मुझसे बहुत खुश रहतें हैं। उन्हें और कुछ नहीं चाहिए।
हां यार बात तो तेरी बिलकुल सही है क्योंकि मेरा भी यही मनाना है और मैं भी यही करती हूँ।
सेफाली - अब मैं मुद्दे पर आती हूँ। देख भई मेरा काम तो लन्ड के बिना चलता नहीं है। मुझे लन्ड लेने की आदत है। मैं लन्ड के फिराक में हमेशा रहती हूँ और कामयाब भी हूँ। कभी लन्ड पाने के लिए मुझे पैसा खर्च करना पड़ता है और कभी मुझे लन्ड भी मिलता है और पैसे भी।
अरे यार तेरी और मेरी राशि बहुत मिलती जुलती है। मैं भी लन्ड की तलास में रहती हूँ। कॉलेज के लड़कों के लन्ड पकड़ती हूँ। कॉलेज के कुछ टीचर के भी लन्ड पकड़ने लगी हूँ और उनके दोस्तों के लन्ड पर भी हाथ साफ़ करने लगी हूँ। हां मुझे अभी तक लन्ड के साथ पैसा नहीं मिला। एक बात जरूर है की खाना पीना घूमना फिरना और एन्जॉय करना खूब मिला है।
अरे वाह ! तब तो हमारी जोड़ी बड़ी अच्छी रहेगी। मेरे पास बस एक चीज की कमी है की मेरे पास रहने के लोए कोई ढंग की जगह नहीं है।
मेरे पास तो हैं न ? मेरे डैड ने मुझे यह फ्लैट दिलवा दिया है। तुम मेरे साथ रहा करो।
तब तो बहुत अच्छा है। मैं ऐसा करती हूँ की मैं जहाँ रहती हूँ उसे छोडूंगी नहीं। और यहाँ तुम्हार पास अक्सर रहा करुँगी। ज्यादा समय तेरे साथ ही गुज़ारूँगी।
ठीक है यार तब तो मज़ा आ जायेगा।
इस तरह मैं और सेफाली साथ साथ रहने लगीं.
दूसरे ही दिन मैंने सेफाली को "Sex" की कहानियां पढ़ा दी. कहानी पढ़ते ही उसने अपनी चूंचियां खोल दीं। थोड़ा आगे पढ़ा तो अपनी चूत भी खोल कर मेरे सामने रख दी। फिर थोड़ा पढ़ा तो बोली बाप रे बाप कितनी हॉट कहानियां हैं बहन चोद ! लिखने वाले की माँ का भोसड़ा। यार अब तो रहा नही जा रहा ? उसने मेरी चूंचियां पकड़ लीं और मुझे भी नंगी करने लगी। वह बोली यार रुपाली तुम जोर जोर से कहानी पढ़ो मैं तुझे नंगी करके तेरी चूत में ऊँगली करती हूँ। फिर मैं भी उसकी चूत में ऊँगली करने लगी। फिर हम दोनों आमने सामने खड़ी होकर चूँचियों से चूंचियां रगड़ने लगी। चूत से चूत रगड़ने लगीं. झांटें न मेरी थीं और न उसकी। हमारी मस्ती बढ़ती जा रही थी। तभी मैंने म्यूजिक लगा दिया और फिर हम दोनों न्यूड डांस करने लगीं।साथ में शराब भी पीने लगी। हम दोनों ने एक दूसरे को पहली बार नंगी देखा। हम दोनों सांतवें आसमान पर थीं।
अचानक वह बोली यार रुपालीअब तो बहन चोद लन्ड की याद आ रही है। कुछ करो यार मुझे लन्ड चाहिए। मैंने कहा हां यार सेफाली अब तो वाकई लन्ड की बहुत जरुरत है। ये चूत बुर चोदी बिना लन्ड के शांत नहीं बैठेगी ? उसने कहा हां यार अब तो चूत के खातिर कुछ करना पड़ेगा ? तभी वह बोली यार ऐसा करो तुम अपने किसी बॉय फ्रेंड को बुला लो। जिसको तुम चाहती हो।जिसका लन्ड पकड़ना चाहती हो। मैं भी अपने बॉय फ्रेंड को बुला लेती हूँ। फिर हम उन्हें नंगा करके उनके लन्ड का मज़ा लेगीं । मैंने कहा यार मेरा ऐसा कोई बॉय फ्रेंड नहीं है जिसका लन्ड मैंने पकड़ा हो। उसने कहा तो क्या हुआ ? तुम बस बुला लो बाकी मैं देख लूंगी। मेरा भी नया बॉय फ्रेंड है। मैंने भी कभी उसका लन्ड नहीं देखा पर बुला रही हूँ। आने दो भोसड़ी वालों को। मैं उन्हें नंगा कर दूँगी। फिर वो साले वही करेगें जो मैं कहूँगी। नहीं करेगें तो मैं उनकी माँ चोद दूँगी।
हम दोनों ने यही प्लान बनाया और फिर हमने अपने अपने बॉय फ्रेंड को फोन करके बुला लिया। फ्रेंड मैंने अपने बॉय फ्रेंड गोपी को बुला लिया और सेफाली ने शानू को। संडे का दिन था । गर्मी बहुत थी। बदन पर वैसे भी कोई कपड़ा बर्दास्त नहीं हो रहा था। करीब ११ बजे गोपी आ गया। उसने जैसे ही घंटी बजायी वैसे ही मैंने एक शाल लपेट कर दरवाजा खोलने चली गयी। क्योंकि हम दोनों तो घर में नंगी ही बैठीं थीं। सामने वाले रूम में सेफाली बिलकुल नंगी बैठी थीं। पर घंटी सुनते ही उसने भी शाल ओढ़ ली। दरवजा खुला तो सामने गोपी खड़ा था। मैंने उसे इशारा करले अंदर आने को कहा। वह अंदर आया और मैंने दरवाजा बंद कर दिया। दरवाजा बंद करते ही मैंने अपनी शाल उतार कर फेंक दी। सेफाली भी शाल उतार कर फेंक दिन हम दोनों बहन चोद नंगी नंगी उसके आगे खड़ी हो गयीं। वह तो बिलकुल सन्न रह गया। वह हम दोनों को नंगी देखने लगा और कुछ झेंपने भी लगा।
मैंने कहा यार तू मरद है न तो फिर भोसड़ा का शर्मा क्यों रहा है ? हम तीनो के अलावा घर में और कोई नहीं है। फिर मैंने एक तख्ती उसे दिखा दी। उसमे लिखा था -
"यहाँ कपड़े पहनना मना है"
फिर हम दोनों उसके कपड़े उतारने लगीं। पहले तो वह थोड़ा कसमसाया पर जब मैंने कहा यार जब मैं लड़की होकर नंगी हूँ तो तुझे नंगा होने में क्या शर्म ? फिर वह कुछ नहीं बोला। वह जब नंगा हुआ तो उसका लन्ड सिकुड़ा हुआ था। उसकी झांटें भी थीं। हालांकि बहुत बड़ी नहीं थीं। सेफाली लन्ड पकड़ कर चूमने लगी, पुचकारने लगी, धीरे धीरे सहलाने लगी और ऊपर नीचे करने लगी। मैं भी उसके पेल्हड़ सहलाने लगी। लन्ड साला खड़ा होने लगा। तब तक उसका हाथ मेरे बूब्स पर चला गया। वह बूब्स दबाने लगा और सेफाली की भी चूंचियां दबाने लगा। बस फिर क्या लन्ड बहन चोद खड़ा हो गया। उसका टोपा बाहर आ गया। सेफाली ने फिर लन्ड कई बार चूमा और जबान निकाल कर चाटने लगी। हम दोनों ही लन्ड की मस्ती में गुम होने लगीं। फिर सेफाली ने पर्श से मशीन निकाली और उसकी झांटें एकदम साफ कर दीं। लन्ड की खूबसूरती एकदम से बढ़ गयी।
अचानक फिर घंटी बजी। मैं जान गयी की शानू आया है। सेफाली उठी और शाल ओढ़ कर दरवाजा खोलने चली गयी। मैंने कहा यार गोपी कोई लड़का आया है तुम शरमाओगे तो नहीं ? वह बोला थोड़ा तो जरूर शर्माऊंगा। मैंने कहाअच्छा तुम पीछे वाले कमरे में चले जाओ। मैं उसे भी नंगा कर दूं तब तो उसके सामने आ सकते हो। वह बोला हां तब तो कोई शर्म नहीं रहेगी। उधर तब तक शानू आ गया। उसे देख कर मेरी चूत साली खुश हो गयी। लड़का मुझे भा गया। जैसे ही वह अंदर आया तो सेफाली बोली ये है मेरी बुर चोदी दोस्त रुपाली। फिर उसने भी शाल फेंकी और मैंने भी। वह हम दोनों को एकदम नंगी देखकर वह बड़ा हैरान हो गया। मैंने वही तख्ती उसे भी दिखा दी और उसके कपड़े उतारने लगी। उसने कोई आपत्ति नहीं की। जैसे ही वह नंगा हुआ तो उसका लन्ड आधा तो खड़ा ही था। मैंने उसे हिलाया, प्यार किया, चूमा और मुठ्ठी में लेकर सहलाने लगी तो वह तन कर खड़ा हो गया। मैंने कहा यार तेरा लन्ड बहन चोद बड़ा जबरदस्त है। ये तो मेरी चूत एक ही बार के फाड़ देगा। लन्ड का टोपा तो वास्तव में बड़ा खूबसूरत लग रहा है। वह मेरी बातें सुनकर जोश में आ गया और मुझे अपनी तरफ खींच कर मेरे बूब्स दबाने लगा। फिर सेफाली की भी चूंचियां मसलने लगा। उसकी झांटें इत्तिफाक से बनी थीं तो लन्ड बड़ा अच्छा लग रहा था। दोनों ही लन्ड लगभग बराबर ही निकले।
सेफाली उसका लन्ड पकड़ कर चाटने लगी। उधर अंदर गोपी नंगे नंगे सब कुछ देख रहा था। तभी मैं अंदर गयी मैंने देखा की उसका लन्ड खड़ा है। मैंने उसे पकड़ा और इशारा किया की चल अब क्या ? अब शर्माने की क्या जरुरत ? मैं उसका लन्ड पकड़े पकड़े कमरे में आ गयी। मैंने कहा शानू इससे मिलो ये मेरा बॉय फ्रेंड है गोपी। यह भी वही करने आया है जो तुम करने आये हो। अब देखो हम चार लोग हैं। सब के सब मादर चोद नंगे। इसलिए शर्म की कोई वजह ही नहीं है। तभी सेफाली गोपी का लन्ड चाटने लगी और मैं शानू का लन्ड ? वो दोनों भी हमारी चूत चाटने लगे क्योंकि हम लोग 69 के पोज़ में हो गए।
फिर एकदम किसी ने दरवाजा खटखटा दिया। मैंने मन में कहा अब कौन भोसड़ी का आ गया डिस्टर्ब करने ? ख़ैर मैं शाल डाल कर दरवाजा खोलने गयी तो झाँक कर देखा। वो मेरे पड़ोस का डिसूज़ा अंकल थे। मेरा मन बदल गया और मैंने सेफाली को भी वहीं बुला लिया। फिर दरवाजा खोला, अंकल को अंदर बुलाया और दरवाजा बंद कर दिया। मैं अपनी शाल फेंक कर उसके सामने एकदम नंगी खड़ी हो गयी। मेरे बगल में सेफाली भी नंगी खड़ी हो गयी। मैं अंकल के कपड़े उतारने लगी।
अंकल ने कहा - बेटी ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,?
मैंने कहा - बेटी की माँ की चूत, अंकल। मैं जो कर रही हूँ मुझे करने दो।
वह फिर बोला - बेटी रुपाली ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,?
मैंने फिर कहा - रुपाली की बहन का लन्ड, बहन चोद ? मैं तुम्हे नंगा कर रही हूँ मुझे करने दो।
वह फिर बोला - अरे मेरे कपड़े ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,?
सेफाली बोली - कपड़ों की माँ का भोसड़ा अंकल ? देख रहे हो की दो दो लड़कियां तेरे सामने नंगी नंगी खड़ी हैं और तुझे नंगा होने में शर्म आ रही है माँ के लौड़े ? नंगे होने में तेरी गांड फट रही है ? मरद हो की नहीं ?
मैंने कहा - देखो अंकल, मैं घर में मर्दों को नंगा रखती हूँ। यहाँ कपड़े पहनना मना है।
तब तक उसके सारे कपड़े उतर चुके थे। बाकी केवल चड्ढी थी। सेफाली ने वह भी नीचे बैठ कर खींच ली। अंकल का नंगा लन्ड हमारी आँखों के सामने आ गया। सेफाली ने उसे पकड़ कर पहले तो कई बार चूमा प्यार किया और फिर उसे मस्ती से हिलाने लगी। इधर अंकल का भी मन बदल गया। वह भी मस्ती में आने लगा और हमें ललचायी आँखों से देखने लगा। वह मेरी चूंचियां मसलने लगा। फिर मैं उसका लन्ड हिलाने लगी और अंकल सेफाली की चूंचियां मसलने लगा। उसके बाद हम दोनों उसे अंदर के कमरे में ले गयीं जहाँ गोपी और शानू नंगे लेटे थे। उन्हें नंगे देख कर अंकल की शर्म की माँ चुद गयी। वह भी हमारी तरह बेशर्म हो गया। उसका लन्ड तन कर खड़ा हो गया। इसका लन्ड बहन चोद उन दोनों के लन्ड से थोड़ा बड़ा ही था। हम लोगों की चूत की आग और भड़क गयी। सेफाली उन दोनों के लन्ड पकड़ कर चाटने लगी और मैं अंकल का लन्ड।
मुझे लगा की मेरी ज़िन्दगी ही बदल गयी। लन्ड पकड़ने का एक ऐसा फार्मूला मिल गया जिससे लन्ड की कमी कभी मालूम ही नहीं होगी। पहले मर्दों को घर के अंदर बुलाओ, फिर उसके आगे नंगी खड़ी हो जाओ और फिर उसे भी नंगा कर दो। अंकल का लन्ड बढ़ता ही जा रहा था। मैं समझ गयी की उसे मज़ा आ रहा है। थोड़ी देर में उसने लन्ड मेरी चूत में घुसेड़ दिया और चोदने लगा। उधर सेफाली भी शानू से चुदवाने लगी और गोपी का लन्ड चूसने लगी। उसे दो दो लन्ड का मज़ा एक साथ मिलने लगा तो वह बेहद खुश हो गयी। उसकी ज़िन्दगी में बहारआ गयी। उसने अपनी गांड उठा उठा के चुदवाना शुरू कर दिया। कमरे में चुदाई की आवाज़ें आने लगी। मैं इन्ही आवाज़ों के लिए बेचैन हो रही थी। थोड़ी देर में अंकल ने लन्ड सेफाली की चूत में घुसा दिया तो मैं भी आगे बढ़ कर शानू का लन्ड चूसते हुए गोपी से चुदवाने लगी। इस बार मैं कुतिया बन कर चुदवा रही थी जिसे डॉगी स्टाइल कहते हैं।
सेफाली मस्ती में आ गयी। वह बोलने लगी - अंकल पूरा पेल दो लन्ड ? चोद डालो मेरी चूत ? फाड़ डालो मेरी चूत ? चीथेड़े उड़ा दो मेरी बुर चोदी बुर के । इसे आज मिला है एक मर्दाना लन्ड। आज इसे पता चल रहा है की लन्ड क्या होता है ? हाय मेरे राजा तेरा लौड़ा भोसड़ा का बड़ा मजबूत है। तेरा लोहे जैसे लन्ड मेरी चूत का भरता बना सकता है अंकल। उसकी उछलती हुई चूंचियां देख कर अंकल को और मज़ा आ रहा था। मैंने कहा अंकल तेरी बहन की बुर साले तू तो बहुत बड़ा चोदू निकला। मुझे लगता था की तू बहुत सीधा आदमी है पर तू बहुत बड़ा मादर चोद निकला। इधर मैं भी बोलने लगी हाय शानू लौड़ा पूरा पेल दो। खूब दनादन चोदो। अपनी बीवी समझ के चोदो मुझे। तेरा लन्ड बड़ा मस्त है यार। फिर मैं गोपी से चुदवाने लगी। उसका भी लन्ड बड़ा सॉलिड था। वह भी भकाभक चोदने लगा मेरी बुर। मैं तो एकदम रंडी बन गयी बहन चोद। मुझे लगा की अब मैं किसी के भी सामने चुदवा सकती हूँ।
थोड़ी देर में तीनो लन्ड एक एक करके झड़ने लगे और तब हम दोनों ने मिलकर वीर्य पिया जो हमारे लिए टॉनिक का काम करता है और उनके झड़ते हुए लन्ड चाटे।
इसी बीच हमारे ग्रुप में एक और बोल्ड लड़की शामिल हो गयी। नाम उसका है नंदिनी। २३ साल की बेहद खूबसूरत, पढ़ीलिखी, बोल्ड और हॉट लड़की। मैं तो उसे पाकर बड़ी खुश हुई।
मैंने जब उससे पूंछा की तुम कितनी बोल्ड हो तो वह बोली मैं इन साले भोसड़ी वाले लड़कों को एक मिनट में नंगा कर देती हूँ। क्योंकि उन्हें नंगा करने के पहले मैं खुद उसके आगे नंगी हो जाती हूँ और फिर कहती हूँ की तुमने मादर चोद मेरी चूत देख ली, मेरी गांड देख ली और मेरे बूब्स देख लिया तो क्या मैं तेरा बहन चोद लन्ड नहीं देख सकती ? अब तू जल्दी से हो जा नंगा नहीं तो मैं तेरी माँ चोद दूँगी।
ऐसा बोल कर वह खुद मेरे सामने नंगी हो गयी। मैंने फ़ौरन उसे अपने ग्रुप में शामिल कर लिया। उसके बाद हमने एक सेक्स पार्टी अपने घर में ही रख ली। लेकिन अपने दोस्तों को यह बताया की यह पार्टी ड्रंक्स एंड डांस पार्टी होगी। इसने कुछ मेरे दोस्त, कुछ सेफाली के दोस्त और कुछ नंदिनी के दोस्त शामिल होंगें। हम सब अपने अपने दोस्तों को फोन करने लगीं। पार्टी का समय शनिवार की रात तय की गयी। शनिवार को ८ बजे से लोग आने शुरू हो गए। सबसे पहले आया विशाल। हम तो घर में सब नंगी ही थी। मैंने झाँक कर देखा कई विशाल है तो दरवाजा चुपके से खोल दिया। वह अंदर हुआ तो दरवाजा बंद कर दिया। उसने मुझे ऊपर से नीचे तक देखा तो हैरान हो गया क्योंकि मैं बिलकुल नंगी थी।
वह बोला - हाय रुपाली ये क्या ? तुम इस तरह ,,,,,,,,,,,?
मैंने कहा - हां मैं इसी तरह घर में रहती हूँ। तब तक सेफाली और नंदिनी भी आ गयीं। वे दोनों भी नंगी थीं।
वह बोला - ये लोग कौन हैं रुपाली ? ये मेरी दोस्त हैं और इस पार्टी में शामिल होने के लिए आयीं हैं। तब तक सेफाली उसके कपड़े उतारने लगी।
वह बोला - अरे ये क्या कर रही हो ?
नंदिनी ने कहा - मैं तुम्हे नंगा कर रही हूँ, और क्या ?
वह बोला - मैं नंगा नहीं होना चाहता ?
नंदिनी बोली - क्यों नहीं होना चाहते ? तुमने भोसड़ी के हम सबको नंगी देख लिया। हमारी चूंचियां देख लीं, हमारी चूत देख ली, हमारे चूतड़ देख लिया, हमारी गांड देख ली। अब जब हम तेरा लन्ड देखना चाहती हैं तो तेरी गांड क्यों फट रही है ?
सेफाली बोली - वैसे भी तेरे पास लन्ड केअलावा और है ही क्या दिखाने के लिए ?
तब तक उसके सारे कपड़े उतर चुके थे। मैंने कहा विशाल देखो सच यह है की हमारे घर में पकड़े पहनना मना है। वो देखो पीछे क्या लिखा है ? मैं अपने घर में मर्दों को नंगा रखती हूँ और खुद भी नंगी रहती हूँ।
फिर विशाल चुप चाप नंगा हो गया। नंदिनी उसका लन्ड पकड़ कर हिलाने लगी। उसके बाद कुछ और लोग भी आने लगे। रोहित, राका, आरिफ, टोनी, पीटर और बलवंत। सब के सब एक एक करके नंगे भी होते गए। इतने सारे लड़के जब एक दूसरे के आमने नंगे हुए तो फिर किसी को कोई शर्म नहीं रही। फिर हम तीनो ने मिलकर सबको ड्रिंक्स सर्वे की और सबने एक स्वर में चियर्स कहा और पीने लगे शराब। मैं बहुत खुश थी की आज मेरा वो सपना पूरा हुआ जो मैंने बहुत पहले देखा था। मैं एक साथ कई लड़कों के खड़े टन टनाते हुए लन्ड देखना चाहती थी। उनसे एक साथ चुदवाना चाहती थी। इसमें मेरा साथ मेरी दो दोस्त सेफाली और नंदिनी दे रहीं हैं। हम तीनो शराब के साथ एक एक करके सबके लन्ड पी रहीं हैं । सबके लन्ड शराब में डुबो डुबो कर चाट रहीं हैं । शराब के साथ लन्ड पीने का मज़ा ही अलग है यार ? मुझे तो मुंह में लन्ड लेना बहुत अच्छा लगता है।
यही हाल सेफाली और नंदिनी का भी है। वो भी ब्लो जॉब और हैण्ड जॉब करने में माहिर हैं। सब के पास कम से कम दो दो लन्ड तो मौजूद हैं। लड़के भी हमारी चूंचियां मसल रहे थे हमारे पूरे नंगे बदन पर हाथ फिरा रहे थे। हमारी गांड सहला रहे थे। हमारी चूत में ऊँगली डाल रहे थे। जबान उसके अंदर घुसेड़ कर चूत चाट रहे थे। नंदिनी की चूत के ऊपर के हिस्से की झांटें बड़ी सेक्सी लग रहीं थीं। कुछ लड़कों की घनी घनी झांटें भी थीं जिन पर उंगलियां फिराने में मज़ा आ रहा था। इतने सारे लन्ड और सब के सब लन्ड अलग अलग देखने में और उनसे खेलने में एक अलग तरह का आनंद आ रहा था। नंदिनी तो लन्ड अपनी चूँचियों पर घुमा रही थी। सेफाली अपनी चूँचियों के बीच लन्ड घुसेड़ कर मज़ा ले रही थी। सभी लोग नशे में धुत्त होते चले गए। नशा अपना काम करने लगा और इधर मस्ती ढेर सारी धीरे धीरे बढ़ने लगी। सब लोग खुल कर अश्लील बातें भी करने लगे और प्यार से गाली गलौज भी। बहन चोद, मादर चोद, भोसड़ी के, माँ के लौड़े सब होने लगा। कुल मिलाकर चुदाई का जबरदस्त माहौल बन गया।
थोड़ी में मैंने विशाल का लन्ड अपनी चूत में घुसा लिया और चुदवाने लगी। रोहित ने अपना लन्ड मेरे मुंह में घुसेड़ दिया। उधर सेफाली ने राका का लन्ड अपनी बुर में घुसा लिया। वह मस्ती से सटासट चुदवाने लगी। उसके मुंह में आरिफ ने लन्ड पेल दिया। सेफाली ससुरी रंडी की तरह चुदवाने लगी। नंदिनी तो बहुत मस्त लड़की है। उसने टोनी का लन्ड अपनी चूत में घुसेड़ा और पीटर का लन्ड अपने मुंह में। वह भी भोसड़ी वाली दो दो लन्ड का मज़ा लूटने लगी। नंदिनी बुर चोदी लन्ड पीने में बड़ी एक्सपर्ट है। उसकी चूत भी बड़ी टाइट है। बलवंत तब तक मेरे पास आ गया। मैं चुदवाते हुए दो दो लन्ड चाटने लगी।
तो दोस्तों, यह पार्टी नॉन - स्टॉप दो दिन तक चलती रही। हम तीनो ने इन लोगों के लन्ड पेल पेल कर खूब चुदवाया। एक बार नहीं कई बार चुदवाया। सबके झड़ते हुए लन्ड चाटे, लन्ड का वीर्य पिया, लन्ड का सुपाड़ा भी खूब चाटा। लन्ड का सड़का भी लगाया। सड़का लगा लगा कर लन्ड पिया। ऐसी ऐय्यासी बहुत मुश्किल से नसीब होती है। लेकिन हम तीनो के ठान लिया की इस तरह की पार्टी अब हर शनिवार को होगी। इसमें लोग बढ़ते गए। आज हमारे पास १०/१२ लड़कियां हैं जिन्हें किसी के भी सामने नंगी होने में कोई शर्म नहीं ? किसी के भी सामने किसी का भी लन्ड पीने में कोई शर्म नहीं ? हमारे पास लड़कों की भी तादाद बढ़ गयी। आज हमारे पास कम से कम १५/१६ लड़के ऐसे है हो हमारे साथ हर समय एकदम नंगे रहतें हैं। एक से एक बेहतरीन लन्ड देखने का और उनके साथ खेलने का मौका मिलता है।
आज भी हमारा वसूल कायम है की हम मर्दों को घर में नंगे रखतीं है और खुद भी नंगी रहतीं हैं।
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