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बिना झांठ की चूत की चुदाई का नजारा - Bina baal vali chut ki chudai ka majaa
बिना झांठ की चूत की चुदाई का नजारा - Bina baal vali chut ki chudai ka majaa , मस्त और जबरदस्त चुदाई , चुद गई , चुदवा ली , चोद दी , चुदवाती हूँ , चोदा चादी और चुदास अन्तर्वासना कामवासना , चुदवाने और चुदने के खेल , चूत गांड बुर चुदवाने और लंड चुसवाने की हिंदी सेक्स पोर्न कहानी.
मैं जब १८ + की हुई तो मुझे लगा की जैसे दुनिया के सारे दरवाजे मेरे खुल गए हैं। मैं एडल्ट हो गयी हूँ। मैं बचपन को पीछे छोड़ कर आगे बढ़ गयी हूँ। अब लोग मुझसे खुल कर बातें करने लगे हैं। गन्दी गन्दी और अश्लील बातें भी करने लगे हैं. प्यार भरी गालियों से बातें करने लगे हैं। मेरे चेहरे पर भी निखार आ गया है। मैं और खूबसूरत हो गयी हूँ हॉट हो गयी हूँ। मेरे बड़े बड़े बूब्स मेरी खूबसूरती बढ़ा रहे हैं। मेरे चूतड़ बड़े बड़े हो गये हैं। मेरी गांड तो अपने में ही मस्त हो गयी है। मेरी जांघें मोटी मोटी हो गयी हैं और मेरी चूत ! उसके बारे में तो पूंछो ही मत ? चूत पर घनी घनी काली काली झांटें तो और गज़ब ढाने लगीं हैं। सबसे बड़ी बात यह की मैं लड़कों के लण्ड पकड़ने लगी हूँ, लण्ड चूमने, चाटने और चूसने लगी हूँ। लण्ड का मुठ्ठ मारना सीख गयी हूँ और मुठ्ठ मार कर लण्ड पीना जान गयी हूँ।
मैं जब १८ + की हुई तो मुझे लगा की जैसे दुनिया के सारे दरवाजे मेरे खुल गए हैं। मैं एडल्ट हो गयी हूँ। मैं बचपन को पीछे छोड़ कर आगे बढ़ गयी हूँ। अब लोग मुझसे खुल कर बातें करने लगे हैं। गन्दी गन्दी और अश्लील बातें भी करने लगे हैं. प्यार भरी गालियों से बातें करने लगे हैं। मेरे चेहरे पर भी निखार आ गया है। मैं और खूबसूरत हो गयी हूँ हॉट हो गयी हूँ। मेरे बड़े बड़े बूब्स मेरी खूबसूरती बढ़ा रहे हैं। मेरे चूतड़ बड़े बड़े हो गये हैं। मेरी गांड तो अपने में ही मस्त हो गयी है। मेरी जांघें मोटी मोटी हो गयी हैं और मेरी चूत ! उसके बारे में तो पूंछो ही मत ? चूत पर घनी घनी काली काली झांटें तो और गज़ब ढाने लगीं हैं। सबसे बड़ी बात यह की मैं लड़कों के लण्ड पकड़ने लगी हूँ, लण्ड चूमने, चाटने और चूसने लगी हूँ। लण्ड का मुठ्ठ मारना सीख गयी हूँ और मुठ्ठ मार कर लण्ड पीना जान गयी हूँ।
मैंने पढ़ाई पूरी की तो मुझे मुंबई में नौकरी मिल गयी। मैं अपने शहर से मुंबई चली गयी वह भी अपनी मौसी के घर। मेरी मौसी बुर चोदी मुझसे एक साल ही बड़ी है। लेकिन वह भी मेरे टक्कर की खूबसूरत है और मेरे टक्कर की उसकी चूँचियाँ भी हैं। मैं उसे मौसी कम दोस्त ज्यादा मानती हूँ। मैंने जैसे ही मौसी के घर में पैर रखा वैसे ही मौसी बोली - हाय दईया, रोली तू भी आ गयी मुंबई में अपनी माँ चुदाने ? मैं तो यहाँ दो साल से अपनी माँ चुदा रही हूँ अब तुम भी अपनी माँ चुदवाना। मैंने कहा जब तू बुर चोदी अपनी माँ चुदा रही है तो मैं भी अपनी माँ चुदा लूंगी। उसने प्यार से मेरा गाल थपथपाया और बोली चल सामान रख और हाथ मुंह धो कर आ जा नास्ता कर लें पहले। फिर नांता करने लगीं।
मेरी मौसी का नाम है रुपाली। मैं २५ साल की हूँ और मौसी २६ साल की। शराब सिगरेट मैं भी पीती हूँ और शराब सिगरेट मेरी मौसी भी पीती हैं। मैं भी बहुत बड़ी मादर चोद हूँ और मेरी मौसी भी बहुत बड़ी मादर चोद हैं। बुर चोदी मैं भी हूँ और बुर चोदी मेरी मौसी भी हैं। मौसी को मालूम है की मैं बुर चुदवाती हूँ। मुझे मालूम है की मौसी बुर चुदवाती हैं। पर हम दोनों ने कभी एक साथ बुर नहीं चुदवाई। हम दोनों गालियों से बात जरूर करतीं हैं पर कभी एक दूसरे को नंगी नहीं देखा।
एक दिन हम दोनों शाम को दारू पर बैठ गयीं। एक हाथ में शराब का गिलास और दूसरे हाथ में सिगरेट। सिगरेटपीते हुए और शराब का घूंट लेते हुए हमारी बातें होने लगीं। बातें कुछ मजेदार और मसाले दार होने लगीं। फिर अश्लील बातें होने लगी, नॉन वेज चुटकुले होने लगे और फिर मस्ती में थोड़ी गाली गलौज भी होने लगी। मौसी बोली :- रोली, तेरी माँ की चूत, बहन चोद ?
मैंने कहा ;- मौसी, तेरी बहन का भोसड़ा ?
मौसी ने कहा :- रोली, तेरी माँ की बहन की बुर ?
मैंने भी कहा :- तेरी बहन की बिटिया की बुर, मौसी।
मौसी को शरारत सूझी तो उसने मेरी चूत में ऊँगली घुसेड़ कर कहा ये है मेरी बहन की बिटिया की बुर ?
मैंने भी अपनी ऊँगली मौसी की चूत में घुसेड़ दी और कहा ये है मेरी माँ की बहन की बुर। इसको चाहिए लण्ड समझी मेरी बुर चोदी मौसी ? मौसी ने कहा हां यार लण्ड मुझे चाहिए और लण्ड तुम्हे भी चाहिए रोली। तेरी भी चूत चुदासी है।
फिर हम दोनों हंसने लगीं। फिर मौसी ने फोन उठाया और किस को फोन किया। उससे काफी देर तक बात की फिर बोली रोली ले तेरी चूत का बाजा बजाने का इंतज़ाम हो गया। हमने तीसरा पैग ख़तम ही किया था की किसी ने दरवाजा खटखटा दिया। मौसी ने दरवाजा खोला और दो जवान लड़को के साथ अंदर कमरे में आ गयीं। मैं उन लड़को को देख कर खुश हो गयी। दोनों को हैंडसम और स्मार्ट थे। मौसी ने कहा ये है आशीष मेरा क्लास फेलो और यह है देव कांत इसका दोस्त। देव कान्त को केवल देव कह कर ही लोग पुकारते हैं। फिर उसने कहा इससे मिलो ये है मेरी भांजी यानी मेरी बहन की बेटी रोली। आशीष बोला वाओ, तुम्हारी भांजी तो बहुत खूबसुरत है यार। मौसी ने कहा अरे इससे ज्यादा खूबसूरत इसकी चूत है आशीष। देखोगे तो पागल हो जाओगे। चिकनी है, चुस्त है और टाइट है इसकी चूत ? आशीष बोला अच्छा तो इसका मतलब बिलकुल तेरी ही चूत की तरह है तेरी भांजी की चूत रुपाली ?
मैं मुस्कराने लगीऔर कहा लो मौसी तेरी तो पोल खुल गयी। वह बोली पोल तो अभी तेरी भी खुलेगी। अभी तू आशीष का लण्ड खोल कर देख तब तेरी गांड फटेगी। मौसी की बातों ने आग में घी का काम किया और मेरा हाथ आशीष के लण्ड की तरफ बढ़ गया। तब तक मौसी देव की पैट खोलने लगी। उसके सारे कपड़े उतरने लगी। देव जब नंगा हुआ तो मौसी उसका लण्ड पकड़ कर हिलाने लगी। तब तक मैंने भी आशीष को नंगा कर दिया। मैं आशीष का लण्ड हिलाने लगी। दोनों लण्ड साले टन टना कर खड़े हो गए। दोनों मरदों को नंगा देख कर मेरे कपड़े मुझे चुभने लगे। मैं भी कपड़े उतार कर नंगी हो गयी और मौसी भी। हम चारों जब नंगे हुए तो एक दूसरे को नंगा नंगी देख कर बड़ा मज़ा आने लगा। मैं सबको पहली बार नंगा नंगी देख रही थी और वो सब भी सबको पहली बार नंगा नंगी देख रहे थे।
आशीष का लण्ड लगभग ८" का था और मोटा भी ५"+ था। झांटें साफ़ थी पेल्हड़ चिकने थे इसलिए लण्ड वास्तव में बड़ा खूबसूरत लग रहा था। मैंने उसे अपनी चूँचियों की शैर कराई। चूँचियों के बीच लण्ड घुसाया। उसे कई बार चूमा, चाटा और फिर मुंह में ले लिया लण्ड । कहतें है की आजकल लण्ड खुलते ही लड़कियों के मुंह खुल जातें हैं। वही हाल मेरे साथ हुआ। मेरी मौसी ने तो आधे से अधिक लण्ड मुंह में ही घुसेड़ लिया। देव का लौड़ा भी आशीष के लौड़े के टक्कर का था। मुझ तो दोनों लण्ड बहुत अच्छे लगे और इसलिए मेरी चूत गीली हो गयी। मेरे पूरे बदन में आग लगी हुई थी। थोड़ी देर तक लण्ड चूसने का बाद मैंने उसे चूत के अंदर घुसेड़ लिया। मैं भकाभक चुदवाने लगी। तब तक मेरे सामने मौसी भी रंडी की तरह धकाधक चुदवाने लगीं। मैं समझ गयी की मौसी पहले भी कई बार चुदवा चुकी हैं और शायद वह भी जान गयी की मैं भी बुर चोदी अच्छी तरह चुदी चुदाई लड़की हूँ।
चुदाई की आवाज़ें माहौल को और रंगीन बना रहीं थीं। मौसी मुझे देख कर बोली रोली तेरी माँ की चूत तू भोसड़ी की बड़ी चुदक्कड़ है यार। मुझे नहीं मालूम था की तो छुपी रुस्तम होगी। कबसे चुदवा रही है तो अपनी चूत ? मैंने कहा अरे मौसी मुझे तो चुदवाते हुए २/३ साल हो गये। तुम बताओ अपनी। कितने लण्ड खा चुकी है तेरी बुर चोदी बुर, मौसी ? वह बोली पिछले ५ साल से मेरी बुर लण्ड खा रही है। और इस भोसड़ी वाली का पेट कभी भरता ही नहीं। जितने लण्ड खाती है उतने लण्ड और मांगती है। रोली तेरी माँ की बहन की बुर ? औरत जब चुदवाते हुए गाली दे तो समझो की उसे बड़ा मज़ा आ रहा है। मैंने भी कहा मौसी तेरी बहन की बिटिया की चूत ? तू तो मादर चोद चुदाई में बड़ी एक्सपर्ट हो गयी है। तब तक देव ने लण्ड मौसी की चूत से निकाल कर मेरी चूत में घुसा दिया और आशीष ने लण्ड मेरी बुर से निकाल कर मौसी की बुर में पेल दिया। लण्ड की अदला बदली कर उन दोनों ने। फिर क्या मज़ा भी दूना हो गया।
अब तक हम दोनों खलास होने के मुकाम पर आ गयीं. उन दोनों के लण्ड भी खलास होने ही वाले थे की देवा बोला यार मैं निकलने वाला हूँ। बस हम दोनों ने मिलकर उसका झड़ता हुआ लण्ड चाटा। उसके बाद आशीष के लण्ड ने भी उगल दिया वीर्य जिसे हम दोनों ने मिलकर पिया और मस्ती से उसका सुपाड़ा चाटा। आज की यह चुदाई हम लोगों के लिए याद गार बन गयी।
अब मेरे और मेरी मौसी के बीच अगाध प्रेम हो गया। हमारी नजदीकियां और बढ़ गयीं। हमारे बीच और खुल कर बातें होने लगीं।
एक दिन मौसी ने कहा रोली मैं अपनी सुहागरात में तेरी बुर चुदवाऊंगी। मैंने कहा क्यों झूंठ बोल रही हूँ हो मौसी ? चूतिया बना रही हो मुझको ? ऐसा कहीं होता है ? कौन भोसड़ी का चोदेगा अपनी बीवी के अलावा किसी और की चूत सुहागरात में और कौन भोसड़ी वाली बीवी अपने हसबैंड को चोदने देगी किसीऔर की चूत ? वह बोली मैं भोसड़ी वाली अपने हसबैंड को चोदने दूँगी तेरी चूत रोली अपनी सुहागरात में। तब मैंने भी कहा अच्छा अगर ऐसा है तो मैं भी अपनी सुहागरात में अपने मरद से चुदवाऊंगी तेरी बुर, मेरी हरामजादी मौसी ?
आखिर कार एक दिन मौसी की शादी सुजीत नाम के एक लड़के से तय हो ही गयी। मौसी ने कहां रोली तुम मेरी शादी में रहना तो पर मेरे हसबैंड के सामने मत जाना। उससे अपना इंट्रोडकसन मत करना। मैं इसका कारण तो नहीं समझी पर मौसी की बात मान गयी। उसकी शादी धूम धाम से हो गयी और वह अपनी सुहागरात के लिए गोवा जाने वाली थी। मौसी ने मुझसे कहा रोली तुम गोवा पहुँच जाओ और उसी होटल में ठहरो जो मैं बता रही हूँ। मैं सच वहीँ जाकर ठहर गयी। ने मुझे फोन किया और कहा की तुम मुझे कैलंगूट बीच पर दिन में ११ बजे मिलना। ज़रा टिप टॉप कम कपड़े पहन कर आना। तुम मुझे पहचानना नहीं मैं तुम्हे पहचान लूंगी और उसे अपनी दोस्त बताऊंगी। मैंने वैसे ही किया।
मैं समय पर वहां पहुचं गयी। मौसी ने मुझे दूर से देख लिया। मैं स्विम्मिंग ड्रेस बिकिनी पहन कर समंदर के किनारे खड़ी थी। मेरी बड़ी बड़ी चूँचियाँ बाहर निकलने के लिए आतुर थीं। मेरी मोटी मोटी जांघें गज़ब ढा रहीं थीं। अचानक मौसी ने मेरे कंधे पर हाथ मार कर कहा अरे तू रोली ? तू बहन चोद यहाँ क्या कर रही है ? मैंने कहा अरे रुपाली तू भोसड़ी की यहाँ क्या कर रही है ? उसने कहा यार मैं यहाँ अपनी सुहागरात मनाने आयी हूँ और तू ? मैंने कहा यार मैं तो बस ऐसे ही घूमने आयी हूँ। अकेली हूँ इसलिए खूब मस्ती कर रही हूँ। वह बोली अच्छा लो मेरे हसबैंड से मिलो, रोली ? ये हैं मिस्टर सुजीत। मैंने विश किया और बड़ी ललचाई। वह भी मुझे ऊपर से नीचे तक बड़े गौर से देख रहा था। मौसी ने कहा ये मेरी दोस्त रोली है। बड़ी ही अच्छी और चंचल लड़की है। हम दोनों की खूब जमती थी कॉलेज में ? खूब शरारतें करती थीं और लड़कों की माँ बहन एक कर देती थी।
दिन भर घूमने के बाद मौसी रात में अपने मियां के साथ नंगी लेटी थीं। ये सब बातें बाद में मौसी ने मुझे बताईं थीं। मौसी ने बताया था की मैं उसका लण्ड चाट रही थी और वह मेरी चूत। हम दोनों 69 बने हुए थे। बड़ा अच्छा लग रहा था। थोड़ी देर बाद मैं उसकी दोनों टांगों के बेच बैठ कर उसका लण्ड मुठ्ठी में ले लिया। मैं मस्ती उसका लौड़ा ऊपर नीचे करने लगी और बीच बीच में झुक कर चूमने भी लगी। उसे लग रहा था की मेरी बीवी मेरे लण्ड से ज्यादा प्यार करती है। बस उसने लण्ड मेरी चूत में घुसेड़ दिया और चोदने लगा। मैं भी मस्ती से चुदवाने लगी। लण्ड मुझे पसंद आ गया। उसे भी मेरी चूत पसंद आ गयी तभी तो वह अपनी गांड से जोर लगा लगा से धकाधक मुझे चोद रहा था। उसने फिर पीछे से चोदा और फिर मुझे होने लण्ड पर बैठा के चोदा। उसकी मस्ती वाकई देखने लायक थी। तब तक मैं ढीली हो गयी और उसका लण्ड भी ढीला होने की कगार पर आ गया। फिर मैंने मजे से लण्ड का मुठ्ठ मार दिया।
उसके बाद हमने डिनर किया और फिर बातें करने लगे।
तभी उसने कहा रुपाली एक बात कहना चाहता हूँ तुमसे ? बुरा नहीं मानना ? मैंने कहा हां हां कहो न मेरे राजा। मैं बिलकुल बुरा नहीं मानूंगी। वह बोला रुपाली यहाँ मेरा एक दोस्त है। मैं जब पिछली बार आया था तो उसकी बीवी चोदी थी। तो क्या आज तुम उससे चुदवा लोगी ? इस बात का किसी को पता नहीं चलेगा। बस हम दोनों के बीच ही रहेगा। मैं थोड़ी देर तक चुप रही। उसने कहा रुपाली क्या हुआ तुम बोल क्यों नहीं रही हो ? क्या तुम्हे बुरा लग गया। मैंने कहा नहीं बुरा नहीं लगा पर मैं भी एक बात कहना चाहती हूँ।
वह बोला हां हां कहो। मैं तेरी बात मान लूंगा। मैंने कहा पहले यह बताओ की मेरी दोस्त रोली तुम्हे कैसी लगी ? वह बोला वाओ, वो तो पटाका है यार ? जबरदस्त पटाका है ? वो मुझे मिल जाये तो ,,,,,,,,, ? मैंने कहा तो क्या तुम लण्ड उसकी चूत में पेल दोगे ? वह बोला हां पेल दूंगा। इतना मस्त जवान बीवी किसी की मिल जाये तो जरूर पेल दूंगा। मैंने कहा तो फिर सच में पेल दो लण्ड उसकी चूत में। मैं उसे बुला लेती हूँ। मैं चाहती हूँ की तुम उसे मेरे सामने चोदो ? तुम मेरी दोस्त की चोद लो मैं तेरे दोस्त से चुदवा लूंगी। उसने कहा ठीक है मैं तेरी बात मान गया। फिर मौसी ने मुझे फोन किया और अपने पास बुला लिया। मैं एक टाइट जींस और बिना ब्रा का टॉप पहन कर पहुँच गयी। मैं पहुंची तो देखा की वहां मौसा के साथ कोई और बैठा है। उन दोनों ने मेरा स्वागत किया और उस आदमी से मिलवाया। मौसा ने कहा रोली ये है मेरा दोस्त अमन। मौसी ने मेरी तरफ देख कहा रोली यार ये अमन मेरी सुहागरात मनाने आया है जैसे तुम मेरी सुहागरात मनाने आई हो। इसी बात पर सब लोग हँसने लगे।
तब तक मौसी ने व्हिस्की निकाली और हमंसब दारू का मज़ा लेने लगे। थोड़ी देर तक इधर उधर की बातें करने के बाद मौसा ने अपने दोस्त अमन का हाथ पकड़ कर मौसी की चूँचियाँ पर रख दिया और बोला यार अमन पिछली बार मैंने तेरी बीवी चोदी थी आज तुम मेरी बीवी चोद लो। फर उसने मौसी का हाथ पकड़ कर अमन के लण्ड पर रख दिया और कहा रुपाली तुम मेरे दोस्त के लण्ड का मज़ा लो। आज तुम मेरे सामने मेरे दोस्त से चुदवा लो। फिर क्या अमन मेरी चूँचियाँ दबाने लगा और मैं उसका लण्ड ? फिर मौसी ने भी मुझे अपने हसबैंड का नंगा लण्ड मुझे पकड़ा दिया और कहा रोली आज मेरा हसबैंड मेरे सामने तेरी बुर लेगा। मैं अपने सारे कपड़े उतार कर मौसा से चिपट गयी और उधर मौसी सारे कपड़े उतार कर नंगी नंगी अमन से चिपट गयीं। मैं मौसा का लण्ड चाटने लगी और मौसी अमन का लण्ड। थोड़ी देर के बाद मौसा ने अपना मोटा लण्ड मेरी चूत में घुसा दिया। मैं चिल्ला पड़ी उई माँ मर गई मैं ! इतना मोटा लण्ड पेल दिया भोसड़ी वाले ने। मेरी तो चूत फट गई। और फिर मैं मस्ती से दानदंन चुदवाने लगी। उधर अमन भी मौसी को बुरी तरह चोदने लगा। मौसी के हाव भाव से लग रहा था की वह गैर मरद से चुदाई का खूब मज़ा ले रही है।
मैं मन ही मन सोंच रही थी की देखो दुनिया कितनी बदल चुकी है। एक आदमी अपनी ही सुहागरात में अपनी बीवी अपने सामने किसी और से चुदवा रहा है और खुद अपनी बीवी के सामने किसी और की बीवी चोद रहा है।
तब मौसी बोली - रोली, देखो मैंने कहा था न की मेरी सुहागरात में तेरी बुर चुदेगी ? तो "आज सुहागरात है मेरी और बुर चुद रही है तेरी"
बाद में मौसी जब एक दिन अपने हसबैंड के साथ घर आईं तो वहां मैं मौजूद थी। मौसा जी मुझे देख कर थोड़ा हैरान हुए। तब मौसी ने पूरा किस्सा बताया और कहा की यह रोली वास्तव में मेरी बहन की बेटी है। मेरी भांजी है और मैं इसकी मौसी हूँ। हम दोनों यहाँ साथ साथ ही रहती है। मैंने कहा मौसी अब सुहागरात होगी मेरी और बुर चुदेगी तेरी। फिर हम सब खोलखिलाकर हंसने लगे।
मेरी मौसी का नाम है रुपाली। मैं २५ साल की हूँ और मौसी २६ साल की। शराब सिगरेट मैं भी पीती हूँ और शराब सिगरेट मेरी मौसी भी पीती हैं। मैं भी बहुत बड़ी मादर चोद हूँ और मेरी मौसी भी बहुत बड़ी मादर चोद हैं। बुर चोदी मैं भी हूँ और बुर चोदी मेरी मौसी भी हैं। मौसी को मालूम है की मैं बुर चुदवाती हूँ। मुझे मालूम है की मौसी बुर चुदवाती हैं। पर हम दोनों ने कभी एक साथ बुर नहीं चुदवाई। हम दोनों गालियों से बात जरूर करतीं हैं पर कभी एक दूसरे को नंगी नहीं देखा।
एक दिन हम दोनों शाम को दारू पर बैठ गयीं। एक हाथ में शराब का गिलास और दूसरे हाथ में सिगरेट। सिगरेटपीते हुए और शराब का घूंट लेते हुए हमारी बातें होने लगीं। बातें कुछ मजेदार और मसाले दार होने लगीं। फिर अश्लील बातें होने लगी, नॉन वेज चुटकुले होने लगे और फिर मस्ती में थोड़ी गाली गलौज भी होने लगी। मौसी बोली :- रोली, तेरी माँ की चूत, बहन चोद ?
मैंने कहा ;- मौसी, तेरी बहन का भोसड़ा ?
मौसी ने कहा :- रोली, तेरी माँ की बहन की बुर ?
मैंने भी कहा :- तेरी बहन की बिटिया की बुर, मौसी।
मौसी को शरारत सूझी तो उसने मेरी चूत में ऊँगली घुसेड़ कर कहा ये है मेरी बहन की बिटिया की बुर ?
मैंने भी अपनी ऊँगली मौसी की चूत में घुसेड़ दी और कहा ये है मेरी माँ की बहन की बुर। इसको चाहिए लण्ड समझी मेरी बुर चोदी मौसी ? मौसी ने कहा हां यार लण्ड मुझे चाहिए और लण्ड तुम्हे भी चाहिए रोली। तेरी भी चूत चुदासी है।
फिर हम दोनों हंसने लगीं। फिर मौसी ने फोन उठाया और किस को फोन किया। उससे काफी देर तक बात की फिर बोली रोली ले तेरी चूत का बाजा बजाने का इंतज़ाम हो गया। हमने तीसरा पैग ख़तम ही किया था की किसी ने दरवाजा खटखटा दिया। मौसी ने दरवाजा खोला और दो जवान लड़को के साथ अंदर कमरे में आ गयीं। मैं उन लड़को को देख कर खुश हो गयी। दोनों को हैंडसम और स्मार्ट थे। मौसी ने कहा ये है आशीष मेरा क्लास फेलो और यह है देव कांत इसका दोस्त। देव कान्त को केवल देव कह कर ही लोग पुकारते हैं। फिर उसने कहा इससे मिलो ये है मेरी भांजी यानी मेरी बहन की बेटी रोली। आशीष बोला वाओ, तुम्हारी भांजी तो बहुत खूबसुरत है यार। मौसी ने कहा अरे इससे ज्यादा खूबसूरत इसकी चूत है आशीष। देखोगे तो पागल हो जाओगे। चिकनी है, चुस्त है और टाइट है इसकी चूत ? आशीष बोला अच्छा तो इसका मतलब बिलकुल तेरी ही चूत की तरह है तेरी भांजी की चूत रुपाली ?
मैं मुस्कराने लगीऔर कहा लो मौसी तेरी तो पोल खुल गयी। वह बोली पोल तो अभी तेरी भी खुलेगी। अभी तू आशीष का लण्ड खोल कर देख तब तेरी गांड फटेगी। मौसी की बातों ने आग में घी का काम किया और मेरा हाथ आशीष के लण्ड की तरफ बढ़ गया। तब तक मौसी देव की पैट खोलने लगी। उसके सारे कपड़े उतरने लगी। देव जब नंगा हुआ तो मौसी उसका लण्ड पकड़ कर हिलाने लगी। तब तक मैंने भी आशीष को नंगा कर दिया। मैं आशीष का लण्ड हिलाने लगी। दोनों लण्ड साले टन टना कर खड़े हो गए। दोनों मरदों को नंगा देख कर मेरे कपड़े मुझे चुभने लगे। मैं भी कपड़े उतार कर नंगी हो गयी और मौसी भी। हम चारों जब नंगे हुए तो एक दूसरे को नंगा नंगी देख कर बड़ा मज़ा आने लगा। मैं सबको पहली बार नंगा नंगी देख रही थी और वो सब भी सबको पहली बार नंगा नंगी देख रहे थे।
आशीष का लण्ड लगभग ८" का था और मोटा भी ५"+ था। झांटें साफ़ थी पेल्हड़ चिकने थे इसलिए लण्ड वास्तव में बड़ा खूबसूरत लग रहा था। मैंने उसे अपनी चूँचियों की शैर कराई। चूँचियों के बीच लण्ड घुसाया। उसे कई बार चूमा, चाटा और फिर मुंह में ले लिया लण्ड । कहतें है की आजकल लण्ड खुलते ही लड़कियों के मुंह खुल जातें हैं। वही हाल मेरे साथ हुआ। मेरी मौसी ने तो आधे से अधिक लण्ड मुंह में ही घुसेड़ लिया। देव का लौड़ा भी आशीष के लौड़े के टक्कर का था। मुझ तो दोनों लण्ड बहुत अच्छे लगे और इसलिए मेरी चूत गीली हो गयी। मेरे पूरे बदन में आग लगी हुई थी। थोड़ी देर तक लण्ड चूसने का बाद मैंने उसे चूत के अंदर घुसेड़ लिया। मैं भकाभक चुदवाने लगी। तब तक मेरे सामने मौसी भी रंडी की तरह धकाधक चुदवाने लगीं। मैं समझ गयी की मौसी पहले भी कई बार चुदवा चुकी हैं और शायद वह भी जान गयी की मैं भी बुर चोदी अच्छी तरह चुदी चुदाई लड़की हूँ।
चुदाई की आवाज़ें माहौल को और रंगीन बना रहीं थीं। मौसी मुझे देख कर बोली रोली तेरी माँ की चूत तू भोसड़ी की बड़ी चुदक्कड़ है यार। मुझे नहीं मालूम था की तो छुपी रुस्तम होगी। कबसे चुदवा रही है तो अपनी चूत ? मैंने कहा अरे मौसी मुझे तो चुदवाते हुए २/३ साल हो गये। तुम बताओ अपनी। कितने लण्ड खा चुकी है तेरी बुर चोदी बुर, मौसी ? वह बोली पिछले ५ साल से मेरी बुर लण्ड खा रही है। और इस भोसड़ी वाली का पेट कभी भरता ही नहीं। जितने लण्ड खाती है उतने लण्ड और मांगती है। रोली तेरी माँ की बहन की बुर ? औरत जब चुदवाते हुए गाली दे तो समझो की उसे बड़ा मज़ा आ रहा है। मैंने भी कहा मौसी तेरी बहन की बिटिया की चूत ? तू तो मादर चोद चुदाई में बड़ी एक्सपर्ट हो गयी है। तब तक देव ने लण्ड मौसी की चूत से निकाल कर मेरी चूत में घुसा दिया और आशीष ने लण्ड मेरी बुर से निकाल कर मौसी की बुर में पेल दिया। लण्ड की अदला बदली कर उन दोनों ने। फिर क्या मज़ा भी दूना हो गया।
अब तक हम दोनों खलास होने के मुकाम पर आ गयीं. उन दोनों के लण्ड भी खलास होने ही वाले थे की देवा बोला यार मैं निकलने वाला हूँ। बस हम दोनों ने मिलकर उसका झड़ता हुआ लण्ड चाटा। उसके बाद आशीष के लण्ड ने भी उगल दिया वीर्य जिसे हम दोनों ने मिलकर पिया और मस्ती से उसका सुपाड़ा चाटा। आज की यह चुदाई हम लोगों के लिए याद गार बन गयी।
अब मेरे और मेरी मौसी के बीच अगाध प्रेम हो गया। हमारी नजदीकियां और बढ़ गयीं। हमारे बीच और खुल कर बातें होने लगीं।
एक दिन मौसी ने कहा रोली मैं अपनी सुहागरात में तेरी बुर चुदवाऊंगी। मैंने कहा क्यों झूंठ बोल रही हूँ हो मौसी ? चूतिया बना रही हो मुझको ? ऐसा कहीं होता है ? कौन भोसड़ी का चोदेगा अपनी बीवी के अलावा किसी और की चूत सुहागरात में और कौन भोसड़ी वाली बीवी अपने हसबैंड को चोदने देगी किसीऔर की चूत ? वह बोली मैं भोसड़ी वाली अपने हसबैंड को चोदने दूँगी तेरी चूत रोली अपनी सुहागरात में। तब मैंने भी कहा अच्छा अगर ऐसा है तो मैं भी अपनी सुहागरात में अपने मरद से चुदवाऊंगी तेरी बुर, मेरी हरामजादी मौसी ?
आखिर कार एक दिन मौसी की शादी सुजीत नाम के एक लड़के से तय हो ही गयी। मौसी ने कहां रोली तुम मेरी शादी में रहना तो पर मेरे हसबैंड के सामने मत जाना। उससे अपना इंट्रोडकसन मत करना। मैं इसका कारण तो नहीं समझी पर मौसी की बात मान गयी। उसकी शादी धूम धाम से हो गयी और वह अपनी सुहागरात के लिए गोवा जाने वाली थी। मौसी ने मुझसे कहा रोली तुम गोवा पहुँच जाओ और उसी होटल में ठहरो जो मैं बता रही हूँ। मैं सच वहीँ जाकर ठहर गयी। ने मुझे फोन किया और कहा की तुम मुझे कैलंगूट बीच पर दिन में ११ बजे मिलना। ज़रा टिप टॉप कम कपड़े पहन कर आना। तुम मुझे पहचानना नहीं मैं तुम्हे पहचान लूंगी और उसे अपनी दोस्त बताऊंगी। मैंने वैसे ही किया।
मैं समय पर वहां पहुचं गयी। मौसी ने मुझे दूर से देख लिया। मैं स्विम्मिंग ड्रेस बिकिनी पहन कर समंदर के किनारे खड़ी थी। मेरी बड़ी बड़ी चूँचियाँ बाहर निकलने के लिए आतुर थीं। मेरी मोटी मोटी जांघें गज़ब ढा रहीं थीं। अचानक मौसी ने मेरे कंधे पर हाथ मार कर कहा अरे तू रोली ? तू बहन चोद यहाँ क्या कर रही है ? मैंने कहा अरे रुपाली तू भोसड़ी की यहाँ क्या कर रही है ? उसने कहा यार मैं यहाँ अपनी सुहागरात मनाने आयी हूँ और तू ? मैंने कहा यार मैं तो बस ऐसे ही घूमने आयी हूँ। अकेली हूँ इसलिए खूब मस्ती कर रही हूँ। वह बोली अच्छा लो मेरे हसबैंड से मिलो, रोली ? ये हैं मिस्टर सुजीत। मैंने विश किया और बड़ी ललचाई। वह भी मुझे ऊपर से नीचे तक बड़े गौर से देख रहा था। मौसी ने कहा ये मेरी दोस्त रोली है। बड़ी ही अच्छी और चंचल लड़की है। हम दोनों की खूब जमती थी कॉलेज में ? खूब शरारतें करती थीं और लड़कों की माँ बहन एक कर देती थी।
दिन भर घूमने के बाद मौसी रात में अपने मियां के साथ नंगी लेटी थीं। ये सब बातें बाद में मौसी ने मुझे बताईं थीं। मौसी ने बताया था की मैं उसका लण्ड चाट रही थी और वह मेरी चूत। हम दोनों 69 बने हुए थे। बड़ा अच्छा लग रहा था। थोड़ी देर बाद मैं उसकी दोनों टांगों के बेच बैठ कर उसका लण्ड मुठ्ठी में ले लिया। मैं मस्ती उसका लौड़ा ऊपर नीचे करने लगी और बीच बीच में झुक कर चूमने भी लगी। उसे लग रहा था की मेरी बीवी मेरे लण्ड से ज्यादा प्यार करती है। बस उसने लण्ड मेरी चूत में घुसेड़ दिया और चोदने लगा। मैं भी मस्ती से चुदवाने लगी। लण्ड मुझे पसंद आ गया। उसे भी मेरी चूत पसंद आ गयी तभी तो वह अपनी गांड से जोर लगा लगा से धकाधक मुझे चोद रहा था। उसने फिर पीछे से चोदा और फिर मुझे होने लण्ड पर बैठा के चोदा। उसकी मस्ती वाकई देखने लायक थी। तब तक मैं ढीली हो गयी और उसका लण्ड भी ढीला होने की कगार पर आ गया। फिर मैंने मजे से लण्ड का मुठ्ठ मार दिया।
उसके बाद हमने डिनर किया और फिर बातें करने लगे।
तभी उसने कहा रुपाली एक बात कहना चाहता हूँ तुमसे ? बुरा नहीं मानना ? मैंने कहा हां हां कहो न मेरे राजा। मैं बिलकुल बुरा नहीं मानूंगी। वह बोला रुपाली यहाँ मेरा एक दोस्त है। मैं जब पिछली बार आया था तो उसकी बीवी चोदी थी। तो क्या आज तुम उससे चुदवा लोगी ? इस बात का किसी को पता नहीं चलेगा। बस हम दोनों के बीच ही रहेगा। मैं थोड़ी देर तक चुप रही। उसने कहा रुपाली क्या हुआ तुम बोल क्यों नहीं रही हो ? क्या तुम्हे बुरा लग गया। मैंने कहा नहीं बुरा नहीं लगा पर मैं भी एक बात कहना चाहती हूँ।
वह बोला हां हां कहो। मैं तेरी बात मान लूंगा। मैंने कहा पहले यह बताओ की मेरी दोस्त रोली तुम्हे कैसी लगी ? वह बोला वाओ, वो तो पटाका है यार ? जबरदस्त पटाका है ? वो मुझे मिल जाये तो ,,,,,,,,, ? मैंने कहा तो क्या तुम लण्ड उसकी चूत में पेल दोगे ? वह बोला हां पेल दूंगा। इतना मस्त जवान बीवी किसी की मिल जाये तो जरूर पेल दूंगा। मैंने कहा तो फिर सच में पेल दो लण्ड उसकी चूत में। मैं उसे बुला लेती हूँ। मैं चाहती हूँ की तुम उसे मेरे सामने चोदो ? तुम मेरी दोस्त की चोद लो मैं तेरे दोस्त से चुदवा लूंगी। उसने कहा ठीक है मैं तेरी बात मान गया। फिर मौसी ने मुझे फोन किया और अपने पास बुला लिया। मैं एक टाइट जींस और बिना ब्रा का टॉप पहन कर पहुँच गयी। मैं पहुंची तो देखा की वहां मौसा के साथ कोई और बैठा है। उन दोनों ने मेरा स्वागत किया और उस आदमी से मिलवाया। मौसा ने कहा रोली ये है मेरा दोस्त अमन। मौसी ने मेरी तरफ देख कहा रोली यार ये अमन मेरी सुहागरात मनाने आया है जैसे तुम मेरी सुहागरात मनाने आई हो। इसी बात पर सब लोग हँसने लगे।
तब तक मौसी ने व्हिस्की निकाली और हमंसब दारू का मज़ा लेने लगे। थोड़ी देर तक इधर उधर की बातें करने के बाद मौसा ने अपने दोस्त अमन का हाथ पकड़ कर मौसी की चूँचियाँ पर रख दिया और बोला यार अमन पिछली बार मैंने तेरी बीवी चोदी थी आज तुम मेरी बीवी चोद लो। फर उसने मौसी का हाथ पकड़ कर अमन के लण्ड पर रख दिया और कहा रुपाली तुम मेरे दोस्त के लण्ड का मज़ा लो। आज तुम मेरे सामने मेरे दोस्त से चुदवा लो। फिर क्या अमन मेरी चूँचियाँ दबाने लगा और मैं उसका लण्ड ? फिर मौसी ने भी मुझे अपने हसबैंड का नंगा लण्ड मुझे पकड़ा दिया और कहा रोली आज मेरा हसबैंड मेरे सामने तेरी बुर लेगा। मैं अपने सारे कपड़े उतार कर मौसा से चिपट गयी और उधर मौसी सारे कपड़े उतार कर नंगी नंगी अमन से चिपट गयीं। मैं मौसा का लण्ड चाटने लगी और मौसी अमन का लण्ड। थोड़ी देर के बाद मौसा ने अपना मोटा लण्ड मेरी चूत में घुसा दिया। मैं चिल्ला पड़ी उई माँ मर गई मैं ! इतना मोटा लण्ड पेल दिया भोसड़ी वाले ने। मेरी तो चूत फट गई। और फिर मैं मस्ती से दानदंन चुदवाने लगी। उधर अमन भी मौसी को बुरी तरह चोदने लगा। मौसी के हाव भाव से लग रहा था की वह गैर मरद से चुदाई का खूब मज़ा ले रही है।
मैं मन ही मन सोंच रही थी की देखो दुनिया कितनी बदल चुकी है। एक आदमी अपनी ही सुहागरात में अपनी बीवी अपने सामने किसी और से चुदवा रहा है और खुद अपनी बीवी के सामने किसी और की बीवी चोद रहा है।
तब मौसी बोली - रोली, देखो मैंने कहा था न की मेरी सुहागरात में तेरी बुर चुदेगी ? तो "आज सुहागरात है मेरी और बुर चुद रही है तेरी"
बाद में मौसी जब एक दिन अपने हसबैंड के साथ घर आईं तो वहां मैं मौजूद थी। मौसा जी मुझे देख कर थोड़ा हैरान हुए। तब मौसी ने पूरा किस्सा बताया और कहा की यह रोली वास्तव में मेरी बहन की बेटी है। मेरी भांजी है और मैं इसकी मौसी हूँ। हम दोनों यहाँ साथ साथ ही रहती है। मैंने कहा मौसी अब सुहागरात होगी मेरी और बुर चुदेगी तेरी। फिर हम सब खोलखिलाकर हंसने लगे।
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