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नई बीवियां पुराने लण्ड पुरानी बीवी नया लंड - Nayi Biwi purana land purani biwi nayaa land
नई बीवियां पुराने लण्ड पुरानी बीवी नया लंड - Nayi Biwi purana land purani biwi nayaa land , मस्त और जबरदस्त चुदाई , चुद गई , चुदवा ली , चोद दी , चुदवाती हूँ , चोदा चादी और चुदास अन्तर्वासना कामवासना , चुदवाने और चुदने के खेल , चूत गांड बुर चुदवाने और लंड चुसवाने की हिंदी सेक्स पोर्न कहानी.
हां हां खाला जान यह बात सच है "wife swapping" का खेल हम उम्र के कपल के साथ ही खेला जाता है और अच्छा भी लगता है। लेकिन अभी तक आप लोग सिर्फ घर और कुनबे के लोगों के साथ ही यह खेल खेलतीं हैं। वह भी जरुरी नहीं की लोग एक दूसरे की बीवियां ही चोदें या फिर एक दूसरे के मियां से ही चुदवायें ? यहाँ तो जो जिसकी बुर पाता है उसी में लौड़ा पेल देता है। जिसको जो भी लौड़ा मिलता है वो वही लौड़ा अपनी चूत में घुसा लेती है। जीजा भाभी की बुर लेता है तो खालू फूफी की बेटी की बुर ले लेता है। चचा जान मेरी अम्मी का भोसड़ा चोदता है तो चची जान अपनी बेटी के मिया का लौड़ा अपनी बुर में घुसा लेती है। मेरा ससुर मेरी बुर लेता है तो मेरी नन्द की बुर में मेरा अब्बू लौड़ा पेल देता है। मेरी सास मेरे नंदोई से चुदवाती हैं तो मेरी जेठानी मेरे भाई जान का लौड़ा घुसा लेती है. मेरा देवर मेरी दीदी की बुर चोदता है तो दीदी का देवर मेरी माँ का भोसड़ा चोदता है. यह सब इसी तरह उल्टा पुल्टा होता रहता है।
हां हां खाला जान यह बात सच है "wife swapping" का खेल हम उम्र के कपल के साथ ही खेला जाता है और अच्छा भी लगता है। लेकिन अभी तक आप लोग सिर्फ घर और कुनबे के लोगों के साथ ही यह खेल खेलतीं हैं। वह भी जरुरी नहीं की लोग एक दूसरे की बीवियां ही चोदें या फिर एक दूसरे के मियां से ही चुदवायें ? यहाँ तो जो जिसकी बुर पाता है उसी में लौड़ा पेल देता है। जिसको जो भी लौड़ा मिलता है वो वही लौड़ा अपनी चूत में घुसा लेती है। जीजा भाभी की बुर लेता है तो खालू फूफी की बेटी की बुर ले लेता है। चचा जान मेरी अम्मी का भोसड़ा चोदता है तो चची जान अपनी बेटी के मिया का लौड़ा अपनी बुर में घुसा लेती है। मेरा ससुर मेरी बुर लेता है तो मेरी नन्द की बुर में मेरा अब्बू लौड़ा पेल देता है। मेरी सास मेरे नंदोई से चुदवाती हैं तो मेरी जेठानी मेरे भाई जान का लौड़ा घुसा लेती है. मेरा देवर मेरी दीदी की बुर चोदता है तो दीदी का देवर मेरी माँ का भोसड़ा चोदता है. यह सब इसी तरह उल्टा पुल्टा होता रहता है।
इसे असली "wife swapping" नहीं कहते खाला जान ? अचानक कमरे में मरासिया आंटी आ गयीं। वह हमारे मकान के ऊपर के हिस्से में किरायेदार की हैसियत से रहती हैं। वह क्रिश्चियन हैं। हमारे उनके सम्बन्ध बिलकुल घरेलू हैं। आते ही बोली रेशमा (मेरा नाम) बिलकुल ठीक कह रही है मुमताज़ (मेरी खाला का नाम) बीवियों की अदला बदली अपनी उम्र के लोगो के साथ की जाती है। जैसे की तुम मेरे हसबैंड से चुदवाती हो और मैं तेरे हसबैंड से। मुझे तेरे हसबैंड का लण्ड पसंद है और तुम्हे मेरे हसबैंड का लण्ड ? पर असल में ऐसा होता नहीं है। मेरा हसबैंड तुम्हारे घर में किसी को भी चोद लेता है और तुम्हारा हस्बैंड मेरे घर में किसी को भी चोद कर चला जाता है। लेकिन हां एक बात है की आजकल की लड़कियां और बहुयें बड़े लोगों से चुदवाना ज्यादा पसंद करती हैं। जैसे मेरी तेरे मियां का लण्ड बहुत पसंद करती है और तेरी बेटी तेरे मियां का लण्ड ? ये लोग आजकल अपने फादर के बराबर वाले मर्दों से चुदवाना ज्यादा पसंद करती हैं। यानी इन्हे पुराना लण्ड ज्यादा पसंद आता है।
खाला जान बोली :- हां यार तुमने सच बात कही। मेरी बेटी भी बुर चोदी मेरे जीजू का लण्ड, मेरे नंदोई का लण्ड, मेरे देवर का लण्ड ज्यादा पकड़ती है और अपनी चूत में पेलती है। पर मुझे तो लड़कों के लण्ड ज्यादा अच्छे लगते हैं। मैं अपने दामाद का लण्ड, अपनी बहन के लड़के का लण्ड, अपनी नन्द के बेटे का लण्ड खूब पकड़ती हूँ और उनसे चुदवाती हूँ।
मैंने कहा :- हाय अल्ला, तब तो तुम बड़ा मज़ा करती हो खाला जान। तो फिर ऐसा क्यों न किया जाए की एक दिन एक पार्टी रख ली जाए। जिसमे :-
नई बीवियां हों और लण्ड पुराने हों
पुरानी बीवियां हों और लण्ड नये हों
मैंने कहा अच्छा मैं इसका एक प्रोग्राम बनाती हूँ और पहले कुनबे के लोगों से ही शुरू करती हूँ। मैं दो ग्रुप बनाऊंगी। पहले ग्रुप में बीवियां नई होंगी और चोदने वाले मरद पुराने। दूसरे ग्रुप में बीवियां पुरानी होंगी और चोदने वाले मरद नये। बस मैंने अपना काम करना शुरू कर दिया। मैंने अपने साथ खाला की बेटी रिदा को ले लिया। हम लोग ढूंढने लगी की इस समय कुनबे में कितने लण्ड हैं और कितनी चूत ? उनकी लिस्ट बनाने लगी। उनमे से कितनी चूत नई हैं और कितनी पुरानी ? कितने लण्ड नये है और कितने लण्ड पुराने ? जब लोगों को इसके बारे में मालूम हुआ तो बीवियों की चूत में आग लग गयी और मरदों के लौंड़ों में करेंट लग गया। मरदों को जल्दी थी नई बीवियों की बुर चोदने की और बीवियों को जल्दी थी नये मरदों से चुदवाने की। मरद तो उत्तेजित थे ही लेकिन मरदों से ज्यादा उत्तेजित थी बुर चोदी बीवियां।
तब तक हमने लिस्ट तैयार कर ली। नयी बीवियों में मैं रेशमा, खाला की बेटी निदा, मेरी देवरानी सना, मेरी भाभी हया और मेरी नन्द ज़ारा थीं। पुराने लौंड़ों में रिदा का ससुर, मेरा ससुर, अब्बू, खालू और मामू।
उधर पुरानी बीवियों में अम्मी, खाला, सास और फूफी थीं। नये लौंड़ों में रिदा का मियां, मेरा मियां, मेरा नंदोई और मेरा जीजू। इतने लोग उस दिन घर माँ मौजूद थे। मैंने रात का प्रोग्राम बना लिया और चुदाई का सारा सामान इकठ्ठा कर लिया। दारू का बंदोबस्त भी कर लिया।
मैं बिना लण्ड के दारू नहीं पीती हूँ और बिना दारू के लण्ड नहीं पीती हूँ। यानी मैं दारू और लण्ड दोनों साथ साथ पीती हूँ।
मैंने ऐलान किया की आज नई बीवियां चोदेंगीं पुराने लण्ड और पुरानी बीवियां चोदेंगीं नये लण्ड ?
सब लोगों ने मेरा ऐलान सुनकर तालियां बजायीं।
अब अपने अपने ग्रुप की सब बीवियां अपने ग्रुप के मरदों के लण्ड निहारने लगीं। सब सोंचने लगी की पहले किसका लण्ड पकड़ा जाये ? उधर मरद भी सब मादर चोद सोंचने लगे की किसकी बीवी की चूँचियाँ सबसे पहले दबायीं जायें ? बीवियां अपनी फिराक में थीं और मियाँ अपनी फ़िराक़े में ? तब तक मेरी निगाह रिदा में ससुर पर गयी। वह साला मुझे बड़ा स्मार्ट और हैंडसम लग रहा था। मैं आगे बढ़ी और उसके गले में बाहें डाल दीं। अच्छी बात यह थी की उसकी दाढ़ी मूँछ नहीं थी। मैंने उसकी चुम्मी ली और उसके पैजामे का नाड़ा खोल दिया। पैजामा नीचे गिरा तो वह सबके सामने नंगा हो गया। उसका लण्ड खड़ा होने लगा और मैं उसे पकड़ कर हिलाने लगी। फिर उसने मुझे नंगी कर दिया और मेरी चूँचियाँ मसलने लगा। मेरी चूँचियाँ तन गयी और उधर उसका लण्ड एक मिनट में ही आसमान से बातें करने लगा। लण्ड का सुपाड़ा तो बिलकुल तोप का गोला लग रहा था।
रिदा मुझे देख कर मेरे ससुर की तरफ लपकी और उसे अपनी तरफ खींच लिया। उसका हाथ पकड़ कर अपनी चूँचियों पर रखा और कहा हाय अंकल लो पकड़ों इन्हें और मसलो। फिर वह उसका लण्ड टटोलने लगी। उसकी लुंगी एक ही झटके में खोल दी तो लण्ड साला फनफना उठा। उसने इशारे से कहा रेशमा तुम मेरे ससुर का लण्ड हिला रही हो तो मैं तेरे ससुर का लण्ड हिलाऊँगी। मैं मुस्करा पड़ी। इतने में मेरी देवरानी ने नंगी नंगी मेरे अब्बू का लण्ड अपने कब्जे में कर लिया। उसकी लुंगी के अंदर हाथ डाल कर लण्ड बाहर निकालते हुए लुंगी खींच कर फेंक दी। अब्बू का लण्ड साला उसे नंगी देख कर खड़ा हो गया। वह मुझे लण्ड दिखाती हुई बोली हाय जेठानी जी तेरे बाप का लण्ड बाप रे बाप ? कितना मोटा और कितना तगड़ा है बहन चोद ? तब तक मेरी भाभी बुर चोदी मेरे खालू का लण्ड हिलाने लगी। उसे भी बड़े लोगों के लण्ड चुदवाने का शौक है। मेरी भोसड़ी की नन्द ज़ारा मेरे मामू के लण्ड पर मर मिटी। उसे नंगा कर दिया और लण्ड अपनी दोनों चूँचियों के बीच डाल कर मस्ती करने लगी।
हम पांचो बड़ी खुश थीं। हमें यह महसूस हुआ की वाकई पुराने लौंड़ों में बड़ी दम होती है, बड़ी ताकत होती है। मैं तो निदा के ससुर के लण्ड रही थी तभी उसने लण्ड मेरी चूत में घुसा दिया। मैं बोली हाय अल्ला, बड़ी जल्दी है तुझे मेरी बुर चोदने की ? वह कुछ बोला नहीं बल्कि अपनी स्पीड बढ़ाता गया। मैंने कहा भोसड़ी के अंकल तुम अपनी बहू की बुर लेते हो न ? रिदा की चूत में लण्ड पेलते हो न ? वह बोला हां पेलता हूँ। मैंने बोली तो फिर उसी तरह रिदा की बहन की बुर में पेलो लण्ड। उसी तरह मुझे भी चोदो। वह भी बड़े ताव में था बोला हां हां रेशमा मैं तुझे भी चोदूंगा और तेरी माँ भी चोदूंगा। मेरा दिल तेरी माँ के भोसड़ा पर आ गया है। मैंने कहा यार तूने मेरी माँ का भोसड़ा कहाँ देख लिया ? वह बोला मेरी बहू ने मुझे तेरी माँ के भोसड़ा के बारे में बताया। जब से मैंने सुना है तब से मेरा लण्ड उसके नाम से खड़ा हो जाता है। और अभी तो मुझे अपनी बहू की माँ भी चोदनी है। मैंने मन में कहा साला ये तो बहुत बड़ा चोदू आदमी है।
उधर रिदा भी मेरे ससुर का लण्ड पेले हुए चुदवा रही थी, बोली है मेरे राजा मुझे अपनी बीवी की तरह चोदो। अपनी बहू की तरह चोदो। अपनी बिटिया की बुर की तरह चोदो। मैंने सुना है की तुम इन सबकी बुर लेते हो। अपनी बेटी की बुर चोद देते हो। वह बोला एक दिन रात में मैंने उसे अपनी साली समझ कर लौड़ा पकड़ा दिया था। वह भी जवान थी २१ साल की और जोश में थी। उसने भी नहीं देखा की लण्ड किसका है। बस मुंह में ले लिया लण्ड जब उसे मालूम हुआ तो एक सेकंड के लिए रुकी लेकिन लण्ड नहीं छोड़ा उसने। तब तक मेरी साली आ गयी वह बोली बेटी तूने कोई गुनाह यही किया। जवानी में ये सब होता ही रहता है। जवानी में किसी का भी लण्ड पियो किसी का भी लण्ड पेलो बस जायज़ है। ये तो मेरा जीजा है और जीजा की बिटिया की बुर ? वह भी मस्ती में आ गयी और बोली तेरे जीजा की साली का भोसड़ा ? तेरे जीजा की बुर चोदी बहन की बुर ?
इन्ही सब बातों से चुदाई का माहौल और गर्माता जा रहा था। मेरे सामने मेरी नन्द मेरे मामू से चुदवा रही थी। मामू का लण्ड उसे भा गया। मामू भी भोसड़ी का दनादन्न चोदे चला जा रहा था। पूरे कमरे के आधे भाग में ज़मीन पर गद्दा बिछा के हम पांचो मस्ती से चुदवाने लगीं। बाकी आधे भाग में पुरानी बीवियां अपनी अपनी बुर चुदवा रहीं थीं। रिदा का मियां मेरी माँ का भोसड़ा चोद रहा था। मेरा मियां रिदा की माँ की बुर ले रहा था। मेरी सास भोसड़ी की मेरे नंदोई से चुदवाने में जुटी थी और मेरा जीजा मेरी फूफी की चूत में लण्ड घुसेड़े चोद रहा था। इन सब पुरानी बीवियों की बुर नये नये लण्ड घुसे थे। इन्हे भी हमारी तरह मज़ा आ रहा था।
खाला बोली :- रेशमा तेरी माँ का भोसड़ा तू बहन चोद बड़ी मजेदार लड़की है। आज ये नए पुराने की अदला बदली करके तूने सबकी चूत में आग लगा दी। आज मुझे पता चला की चुदाई कितने तरीकों से की जा सकती है। अगर हर दिन एक नया तरीका निकाला जाए तो चुदाई का मज़ा भी नया नया होता जाता है।
मैंने मजाक में कहा :- खाला जान यह सब तेरे भोसड़े का कमाल है। तेरी बिटिया की बुर का कमाल है।
मेरी नन्द बोली :- हाय भाभी कमाल तो सबकी चूत और सब लण्ड का है। लेकिन इन सबको एक साथ इकठ्ठा करना और एक दूसरे की बुर पेलना असली कमाल यही है जो तुमने किया है भाभी।
मैंने कहा :- तेरी माँ की बहू की बुर नन्द रानी।
तब तक उधर से मेरी सास बोली :- बहू रानी, तेरी नन्द की माँ का भोसड़ा ?
नन्द ने फिर कहा :- भाभी तेरी सास की बिटिया की बुर ?
सबने कितनी मस्ती और कितने प्यार से गालियां दीं लेकिन सबने अपनी ही चूत को गाली दीं। यही मज़ा होता है सामूहिक चुदाई में ? और यही मज़ा लेने के लिए सबको एक साथ चुदवान चाहिए।
ऐसा लग रहा था की जैसे चुदाई का मेला लगा हुआ है। लण्ड और चूत का मेला चल रहा है। बीवियां बुर चोदी चुदवा तो एक लण्ड से रहीं थीं पर उनकी निगाह सारे लौंड़ों पर थी। सबके लण्ड वो गौर से देख रहीं थीं। यही हाल मर्दों का था। वो भी मादर चोद सबकी बीवियों की चूँचियाँ उनकी चूत और उनकी गांड का दीदार कर रहे थे। सब के सब मस्ती में थे।
तभी अचानक मेरी देवरानी ने मुझसे रिदा के ससुर का लण्ड छीन लिया और उसे मुंह में डाल पर चूसने लगी। मैंने भी अपने खालू का लण्ड अपनी भाभी से छीन लिया और चाटने लगी। मेरी भाभी भोसड़ी वाली आगे बढ़ी और मेरे ससुर का लौड़ा पकड़ लिया। वह बोली हाय रेशमा तेरे ससुर का लौड़ा साला बड़ा हलब्बी है। मेरी नन्द ने ने मेरे अब्बू का लण्ड पकड़ कर हिलाना शुरू कर दिया। उसे लण्ड बड़ा पसंद आया और कहा तेरे बाप का लण्ड बड़ा जबरदस्त है भाभी . मैंने जब अपने अब्बू का लण्ड अपनी नन्द की बुर में घुसते हुए देखा तो मज़ा आ गया। तब तक रिदा माँ की लौड़ी मेरे मामू का लौड़ा हिला हिला कर मजा करने लगी। इस तरह आपस में लण्ड बदल गये औरएक नया मज़ा पैदा हो गया।
उधर उस टोली में रिदा का मियां मेरी सास का भोसड़ा चोदने लगा। मेरा मियां मेरी फूफी की बुर लेने लगा। मेरे नंदोई ने मेरी खाला की चूत में लण्ड पेल दिया और मेरा जीजू मेरी माँ चोदने लगा। जीजू भोसड़ी का पहले भी एक बार मेरी माँ चोद चुका है। आज उसे फिर मौक़ा मिल गया। अब मैं किस दिन मोटे मोटे लण्ड पेल कर उसकी माँ चोदूँगी।
अगले हफ्ते इसी शनिवार के दिन मेरी खाला का फोन आया।
गयी क्योंकि मैंने अभी तक किसी नॉन मुस्लिम लण्ड चुदवाया ही नहीं है । आज तक न कभी नॉन मुस्लिम लण्ड देखा और न पकड़ा। आज तो मुझे उनसे चुदवाने का मौक़ा मिलेगा । बस पहले तो दारू बाजी हुई। सबने खूब मस्ती से पी दारू और फिर फिर धीरे धीरे सबके कपडे खुलने लगे। पहले सारी बीवियां नंगी हो गयी और फिर सारे मरद। मैं तो मरदों को नंगा देख कर मस्त हो गयी। मेरी चूँचियाँ तन गयी और चूत चुलबुलाने लगी। मेरी गांड भी फुदकने लगी।
रिदा बोली :- रेशमा, आज मैं तेरी माँ चोदूँगी।
मैंने कहा :- ठीक है, तो फिर मैं बी तेरी माँ चोदूँगी। तब तक खाला जानआ गयी।
वह बोली:- तुम एक दूसरे की माँ न चोदो। एक दूसरे की माँ की बहन चोदो। दोनों का मतलब एक ही था इसलिए सब लोग हंस पड़े।
खाला फिर बोली :- हम लोग भी एक दूसरे की बिटिया की बुर चोदेगीं।
इन बातों से माहौल बहुत गरम हो गया। रिदा ने एक एक लण्ड खोल कर मुझे दिखाया और बताया की नॉन मुस्लिम लण्ड कैसा होता है ? चुदाई शुरू हुई तो मैंने दो लण्ड अपने कब्जे में ले लिया। एक लण्ड मुंह में लिया और एक लण्ड बुर में। अम्मी बोली भोसड़ी की रेशमा तू बहुत ज्यादा चालक है। मैंने कहा हाय दईया तो भी तो बड़ी चालक है मेरी हरामजादी अम्मी। देख न एक लण्ड तेरे हाथ में है और एक लण्ड तेरे कंधे पर रखा है। अम्मी ने मुड़ कर देखा तो लण्ड वाकई रखा था।
फिर रात भर हुए खूब घमाशान चुदाई। कोई बहन चोद ऐसा लण्ड नही बचा जिसे मैंने चोदा न हो। कोई भी ऐसा लण्ड नहीं बचा जो मेरी माँ के भोसड़ा में घुसा न हो ?
एक दिन मेरी सहेली सिमरन ने मुझे अपने घर बुलाया। वह एक पंजाबी लड़की है। उसकी शादी अभी एक साल पहले हुई है। वह बोली आज मेरे घर में तीन नई बीवियां हैं। एक मैं, एक मेरी भाभी और एक मेरी नन्द। अब तू भी आ गई तो चार बीवियां हो गयीं। मरद कोई नहीं है। इसलिए मैंने होटल से ६ लण्ड मंगवाया है। जिसमे दो लण्ड काले हैं और विदेशी हैं। आज ये ६ लण्ड हम चारों की बुर चोदेगें। यानी बीवियां घर की लण्ड बाहर के ? हम लोग बातें कर ही रहीं थी की लोग आना शुरू हो गए।
खाला जान बोली :- हां यार तुमने सच बात कही। मेरी बेटी भी बुर चोदी मेरे जीजू का लण्ड, मेरे नंदोई का लण्ड, मेरे देवर का लण्ड ज्यादा पकड़ती है और अपनी चूत में पेलती है। पर मुझे तो लड़कों के लण्ड ज्यादा अच्छे लगते हैं। मैं अपने दामाद का लण्ड, अपनी बहन के लड़के का लण्ड, अपनी नन्द के बेटे का लण्ड खूब पकड़ती हूँ और उनसे चुदवाती हूँ।
मैंने कहा :- हाय अल्ला, तब तो तुम बड़ा मज़ा करती हो खाला जान। तो फिर ऐसा क्यों न किया जाए की एक दिन एक पार्टी रख ली जाए। जिसमे :-
नई बीवियां हों और लण्ड पुराने हों
पुरानी बीवियां हों और लण्ड नये हों
मैंने कहा अच्छा मैं इसका एक प्रोग्राम बनाती हूँ और पहले कुनबे के लोगों से ही शुरू करती हूँ। मैं दो ग्रुप बनाऊंगी। पहले ग्रुप में बीवियां नई होंगी और चोदने वाले मरद पुराने। दूसरे ग्रुप में बीवियां पुरानी होंगी और चोदने वाले मरद नये। बस मैंने अपना काम करना शुरू कर दिया। मैंने अपने साथ खाला की बेटी रिदा को ले लिया। हम लोग ढूंढने लगी की इस समय कुनबे में कितने लण्ड हैं और कितनी चूत ? उनकी लिस्ट बनाने लगी। उनमे से कितनी चूत नई हैं और कितनी पुरानी ? कितने लण्ड नये है और कितने लण्ड पुराने ? जब लोगों को इसके बारे में मालूम हुआ तो बीवियों की चूत में आग लग गयी और मरदों के लौंड़ों में करेंट लग गया। मरदों को जल्दी थी नई बीवियों की बुर चोदने की और बीवियों को जल्दी थी नये मरदों से चुदवाने की। मरद तो उत्तेजित थे ही लेकिन मरदों से ज्यादा उत्तेजित थी बुर चोदी बीवियां।
तब तक हमने लिस्ट तैयार कर ली। नयी बीवियों में मैं रेशमा, खाला की बेटी निदा, मेरी देवरानी सना, मेरी भाभी हया और मेरी नन्द ज़ारा थीं। पुराने लौंड़ों में रिदा का ससुर, मेरा ससुर, अब्बू, खालू और मामू।
उधर पुरानी बीवियों में अम्मी, खाला, सास और फूफी थीं। नये लौंड़ों में रिदा का मियां, मेरा मियां, मेरा नंदोई और मेरा जीजू। इतने लोग उस दिन घर माँ मौजूद थे। मैंने रात का प्रोग्राम बना लिया और चुदाई का सारा सामान इकठ्ठा कर लिया। दारू का बंदोबस्त भी कर लिया।
मैं बिना लण्ड के दारू नहीं पीती हूँ और बिना दारू के लण्ड नहीं पीती हूँ। यानी मैं दारू और लण्ड दोनों साथ साथ पीती हूँ।
मैंने ऐलान किया की आज नई बीवियां चोदेंगीं पुराने लण्ड और पुरानी बीवियां चोदेंगीं नये लण्ड ?
सब लोगों ने मेरा ऐलान सुनकर तालियां बजायीं।
अब अपने अपने ग्रुप की सब बीवियां अपने ग्रुप के मरदों के लण्ड निहारने लगीं। सब सोंचने लगी की पहले किसका लण्ड पकड़ा जाये ? उधर मरद भी सब मादर चोद सोंचने लगे की किसकी बीवी की चूँचियाँ सबसे पहले दबायीं जायें ? बीवियां अपनी फिराक में थीं और मियाँ अपनी फ़िराक़े में ? तब तक मेरी निगाह रिदा में ससुर पर गयी। वह साला मुझे बड़ा स्मार्ट और हैंडसम लग रहा था। मैं आगे बढ़ी और उसके गले में बाहें डाल दीं। अच्छी बात यह थी की उसकी दाढ़ी मूँछ नहीं थी। मैंने उसकी चुम्मी ली और उसके पैजामे का नाड़ा खोल दिया। पैजामा नीचे गिरा तो वह सबके सामने नंगा हो गया। उसका लण्ड खड़ा होने लगा और मैं उसे पकड़ कर हिलाने लगी। फिर उसने मुझे नंगी कर दिया और मेरी चूँचियाँ मसलने लगा। मेरी चूँचियाँ तन गयी और उधर उसका लण्ड एक मिनट में ही आसमान से बातें करने लगा। लण्ड का सुपाड़ा तो बिलकुल तोप का गोला लग रहा था।
रिदा मुझे देख कर मेरे ससुर की तरफ लपकी और उसे अपनी तरफ खींच लिया। उसका हाथ पकड़ कर अपनी चूँचियों पर रखा और कहा हाय अंकल लो पकड़ों इन्हें और मसलो। फिर वह उसका लण्ड टटोलने लगी। उसकी लुंगी एक ही झटके में खोल दी तो लण्ड साला फनफना उठा। उसने इशारे से कहा रेशमा तुम मेरे ससुर का लण्ड हिला रही हो तो मैं तेरे ससुर का लण्ड हिलाऊँगी। मैं मुस्करा पड़ी। इतने में मेरी देवरानी ने नंगी नंगी मेरे अब्बू का लण्ड अपने कब्जे में कर लिया। उसकी लुंगी के अंदर हाथ डाल कर लण्ड बाहर निकालते हुए लुंगी खींच कर फेंक दी। अब्बू का लण्ड साला उसे नंगी देख कर खड़ा हो गया। वह मुझे लण्ड दिखाती हुई बोली हाय जेठानी जी तेरे बाप का लण्ड बाप रे बाप ? कितना मोटा और कितना तगड़ा है बहन चोद ? तब तक मेरी भाभी बुर चोदी मेरे खालू का लण्ड हिलाने लगी। उसे भी बड़े लोगों के लण्ड चुदवाने का शौक है। मेरी भोसड़ी की नन्द ज़ारा मेरे मामू के लण्ड पर मर मिटी। उसे नंगा कर दिया और लण्ड अपनी दोनों चूँचियों के बीच डाल कर मस्ती करने लगी।
हम पांचो बड़ी खुश थीं। हमें यह महसूस हुआ की वाकई पुराने लौंड़ों में बड़ी दम होती है, बड़ी ताकत होती है। मैं तो निदा के ससुर के लण्ड रही थी तभी उसने लण्ड मेरी चूत में घुसा दिया। मैं बोली हाय अल्ला, बड़ी जल्दी है तुझे मेरी बुर चोदने की ? वह कुछ बोला नहीं बल्कि अपनी स्पीड बढ़ाता गया। मैंने कहा भोसड़ी के अंकल तुम अपनी बहू की बुर लेते हो न ? रिदा की चूत में लण्ड पेलते हो न ? वह बोला हां पेलता हूँ। मैंने बोली तो फिर उसी तरह रिदा की बहन की बुर में पेलो लण्ड। उसी तरह मुझे भी चोदो। वह भी बड़े ताव में था बोला हां हां रेशमा मैं तुझे भी चोदूंगा और तेरी माँ भी चोदूंगा। मेरा दिल तेरी माँ के भोसड़ा पर आ गया है। मैंने कहा यार तूने मेरी माँ का भोसड़ा कहाँ देख लिया ? वह बोला मेरी बहू ने मुझे तेरी माँ के भोसड़ा के बारे में बताया। जब से मैंने सुना है तब से मेरा लण्ड उसके नाम से खड़ा हो जाता है। और अभी तो मुझे अपनी बहू की माँ भी चोदनी है। मैंने मन में कहा साला ये तो बहुत बड़ा चोदू आदमी है।
उधर रिदा भी मेरे ससुर का लण्ड पेले हुए चुदवा रही थी, बोली है मेरे राजा मुझे अपनी बीवी की तरह चोदो। अपनी बहू की तरह चोदो। अपनी बिटिया की बुर की तरह चोदो। मैंने सुना है की तुम इन सबकी बुर लेते हो। अपनी बेटी की बुर चोद देते हो। वह बोला एक दिन रात में मैंने उसे अपनी साली समझ कर लौड़ा पकड़ा दिया था। वह भी जवान थी २१ साल की और जोश में थी। उसने भी नहीं देखा की लण्ड किसका है। बस मुंह में ले लिया लण्ड जब उसे मालूम हुआ तो एक सेकंड के लिए रुकी लेकिन लण्ड नहीं छोड़ा उसने। तब तक मेरी साली आ गयी वह बोली बेटी तूने कोई गुनाह यही किया। जवानी में ये सब होता ही रहता है। जवानी में किसी का भी लण्ड पियो किसी का भी लण्ड पेलो बस जायज़ है। ये तो मेरा जीजा है और जीजा की बिटिया की बुर ? वह भी मस्ती में आ गयी और बोली तेरे जीजा की साली का भोसड़ा ? तेरे जीजा की बुर चोदी बहन की बुर ?
इन्ही सब बातों से चुदाई का माहौल और गर्माता जा रहा था। मेरे सामने मेरी नन्द मेरे मामू से चुदवा रही थी। मामू का लण्ड उसे भा गया। मामू भी भोसड़ी का दनादन्न चोदे चला जा रहा था। पूरे कमरे के आधे भाग में ज़मीन पर गद्दा बिछा के हम पांचो मस्ती से चुदवाने लगीं। बाकी आधे भाग में पुरानी बीवियां अपनी अपनी बुर चुदवा रहीं थीं। रिदा का मियां मेरी माँ का भोसड़ा चोद रहा था। मेरा मियां रिदा की माँ की बुर ले रहा था। मेरी सास भोसड़ी की मेरे नंदोई से चुदवाने में जुटी थी और मेरा जीजा मेरी फूफी की चूत में लण्ड घुसेड़े चोद रहा था। इन सब पुरानी बीवियों की बुर नये नये लण्ड घुसे थे। इन्हे भी हमारी तरह मज़ा आ रहा था।
खाला बोली :- रेशमा तेरी माँ का भोसड़ा तू बहन चोद बड़ी मजेदार लड़की है। आज ये नए पुराने की अदला बदली करके तूने सबकी चूत में आग लगा दी। आज मुझे पता चला की चुदाई कितने तरीकों से की जा सकती है। अगर हर दिन एक नया तरीका निकाला जाए तो चुदाई का मज़ा भी नया नया होता जाता है।
मैंने मजाक में कहा :- खाला जान यह सब तेरे भोसड़े का कमाल है। तेरी बिटिया की बुर का कमाल है।
मेरी नन्द बोली :- हाय भाभी कमाल तो सबकी चूत और सब लण्ड का है। लेकिन इन सबको एक साथ इकठ्ठा करना और एक दूसरे की बुर पेलना असली कमाल यही है जो तुमने किया है भाभी।
मैंने कहा :- तेरी माँ की बहू की बुर नन्द रानी।
तब तक उधर से मेरी सास बोली :- बहू रानी, तेरी नन्द की माँ का भोसड़ा ?
नन्द ने फिर कहा :- भाभी तेरी सास की बिटिया की बुर ?
सबने कितनी मस्ती और कितने प्यार से गालियां दीं लेकिन सबने अपनी ही चूत को गाली दीं। यही मज़ा होता है सामूहिक चुदाई में ? और यही मज़ा लेने के लिए सबको एक साथ चुदवान चाहिए।
ऐसा लग रहा था की जैसे चुदाई का मेला लगा हुआ है। लण्ड और चूत का मेला चल रहा है। बीवियां बुर चोदी चुदवा तो एक लण्ड से रहीं थीं पर उनकी निगाह सारे लौंड़ों पर थी। सबके लण्ड वो गौर से देख रहीं थीं। यही हाल मर्दों का था। वो भी मादर चोद सबकी बीवियों की चूँचियाँ उनकी चूत और उनकी गांड का दीदार कर रहे थे। सब के सब मस्ती में थे।
तभी अचानक मेरी देवरानी ने मुझसे रिदा के ससुर का लण्ड छीन लिया और उसे मुंह में डाल पर चूसने लगी। मैंने भी अपने खालू का लण्ड अपनी भाभी से छीन लिया और चाटने लगी। मेरी भाभी भोसड़ी वाली आगे बढ़ी और मेरे ससुर का लौड़ा पकड़ लिया। वह बोली हाय रेशमा तेरे ससुर का लौड़ा साला बड़ा हलब्बी है। मेरी नन्द ने ने मेरे अब्बू का लण्ड पकड़ कर हिलाना शुरू कर दिया। उसे लण्ड बड़ा पसंद आया और कहा तेरे बाप का लण्ड बड़ा जबरदस्त है भाभी . मैंने जब अपने अब्बू का लण्ड अपनी नन्द की बुर में घुसते हुए देखा तो मज़ा आ गया। तब तक रिदा माँ की लौड़ी मेरे मामू का लौड़ा हिला हिला कर मजा करने लगी। इस तरह आपस में लण्ड बदल गये औरएक नया मज़ा पैदा हो गया।
उधर उस टोली में रिदा का मियां मेरी सास का भोसड़ा चोदने लगा। मेरा मियां मेरी फूफी की बुर लेने लगा। मेरे नंदोई ने मेरी खाला की चूत में लण्ड पेल दिया और मेरा जीजू मेरी माँ चोदने लगा। जीजू भोसड़ी का पहले भी एक बार मेरी माँ चोद चुका है। आज उसे फिर मौक़ा मिल गया। अब मैं किस दिन मोटे मोटे लण्ड पेल कर उसकी माँ चोदूँगी।
अगले हफ्ते इसी शनिवार के दिन मेरी खाला का फोन आया।
- वह बोली - हाय रेशमा आज तुम अपनी माँ के साथ मेरे घर आना। मैं जानती हूँ की आज तेरा अब्बू भी नहीं है और तेरा मियां भी नहीं हैं। पर आज मेरे घर में "नई चूत पुराना लण्ड - पुरानी चूत नया लण्ड" का खेल होने वाला है।
- मैंने पूंछा - अरे वाह तब तो बड़ा मज़ा आएगा। लण्ड और चूत कुनबे के हैं की बाहर के भी ?
- वह बोली - यार, चूत तो सारी नई पुरानी कुनबे की हैं लेकिन लण्ड सारे नये पुराने बाहर के हैं।
- वाह ! वाह ! यह काम तुमने बहुत अच्छा किया खाला जान।
- यह काम मेरा नहीं है रेशमा। यह काम मेरी बेटी रिदा कर रही हैं। उसी ने सारा इंतज़ाम किया है। तुम्हे देख कर वह भी बुर चोदी जोश में आ गयी है। आज वह अपनी माँ का भोसड़ा नये लड़कों से चुदवायेगी।
- तब तक उसकी बेटी रिदा बोली - अम्मी, मैं तेरी बहन का भोसड़ा भी लड़कों से चुदवाऊंगी। और तेरी बहन की बिटिया की बुर भी अंकल लोगों से चुदवाऊंगी ?
रिदा बोली :- रेशमा, आज मैं तेरी माँ चोदूँगी।
मैंने कहा :- ठीक है, तो फिर मैं बी तेरी माँ चोदूँगी। तब तक खाला जानआ गयी।
वह बोली:- तुम एक दूसरे की माँ न चोदो। एक दूसरे की माँ की बहन चोदो। दोनों का मतलब एक ही था इसलिए सब लोग हंस पड़े।
खाला फिर बोली :- हम लोग भी एक दूसरे की बिटिया की बुर चोदेगीं।
इन बातों से माहौल बहुत गरम हो गया। रिदा ने एक एक लण्ड खोल कर मुझे दिखाया और बताया की नॉन मुस्लिम लण्ड कैसा होता है ? चुदाई शुरू हुई तो मैंने दो लण्ड अपने कब्जे में ले लिया। एक लण्ड मुंह में लिया और एक लण्ड बुर में। अम्मी बोली भोसड़ी की रेशमा तू बहुत ज्यादा चालक है। मैंने कहा हाय दईया तो भी तो बड़ी चालक है मेरी हरामजादी अम्मी। देख न एक लण्ड तेरे हाथ में है और एक लण्ड तेरे कंधे पर रखा है। अम्मी ने मुड़ कर देखा तो लण्ड वाकई रखा था।
फिर रात भर हुए खूब घमाशान चुदाई। कोई बहन चोद ऐसा लण्ड नही बचा जिसे मैंने चोदा न हो। कोई भी ऐसा लण्ड नहीं बचा जो मेरी माँ के भोसड़ा में घुसा न हो ?
एक दिन मेरी सहेली सिमरन ने मुझे अपने घर बुलाया। वह एक पंजाबी लड़की है। उसकी शादी अभी एक साल पहले हुई है। वह बोली आज मेरे घर में तीन नई बीवियां हैं। एक मैं, एक मेरी भाभी और एक मेरी नन्द। अब तू भी आ गई तो चार बीवियां हो गयीं। मरद कोई नहीं है। इसलिए मैंने होटल से ६ लण्ड मंगवाया है। जिसमे दो लण्ड काले हैं और विदेशी हैं। आज ये ६ लण्ड हम चारों की बुर चोदेगें। यानी बीवियां घर की लण्ड बाहर के ? हम लोग बातें कर ही रहीं थी की लोग आना शुरू हो गए।
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