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बरसात में एक साथ दो दो लण्ड का मज़ा लिया - Barsaat me ek sath 2 landon ka majaa liya
बरसात में एक साथ दो दो लण्ड का मज़ा लिया - Barsaat me ek sath 2 landon ka majaa liya , मस्त और जबरदस्त चुदाई , चुद गई , चुदवा ली , चोद दी , चुदवाती हूँ , चोदा चादी और चुदास अन्तर्वासना कामवासना , चुदवाने और चुदने के खेल , चूत गांड बुर चुदवाने और लंड चुसवाने की हिंदी सेक्स पोर्न कहानी.
मेरा नाम मिसेज अनीता दुबे है। मैं २५ साल की एक खूबसूरत, सेक्सी और हॉट बीवी हूँ। मैं शादी के पहले भी लण्ड खूब चोदा करती थी और शादी के बाद भी लण्ड खूब चोदती हूँ। मगर बरसात में मैं ज्यादा लण्ड चोदती हूँ। क्योंकि बरसात के लण्ड बिलकुल लोहे की तरह सख्त हो जातें हैं । बरसात में मैं जब लण्ड पकड़ती हूँ तो लगता है जैसे किसी लोहे का डंडा पकड़ लिया हो । और जब इतना सख्त लण्ड चूत में घुसता है तो सच में ज़न्नत का मज़ा आ जाता है। मैं बरसात में लण्ड पकड़ने का न कोई मौक़ा छोड़ती हूँ और न कोई लण्ड छोड़ती हूँ। मेरे माईके में ऐसा कोई लण्ड नहीं है जिसे मैंने चोदा न हो ? और ससुराल में ऐसा कोई लण्ड नहीं है जिसे मैं चोदती नहीं हूँ। देवर, जेठ, नंदोई का लण्ड तो बहन चोद हफ्ते में २/३ बार चोदती हूँ।
दोस्तों, आपको यह जानकार बड़ी हैरानी होगी की मैं १९ साल की उम्र से लण्ड चोद रही हूँ। पहला लण्ड मैंने अपनी सहेली के पति का चोदा था। बल्कि उसने खुद मुझसे कहा था अनीता लो मेरे पति का लण्ड चोदो।
हुआ यह की एक दिन उसने कहा आओ अनीता मैं तुम्हे लण्ड चोदना सिखा देती हूँ ? वह मुझसे बोली अनीता आजकल मुझे लण्ड चोदने में बड़ा मज़ा आ रहा है । मैंने कहा यार क्यों झूंठ बोल रही है तू ? मुझे चूतिया बना रही है तू। तेरी माँ की चूत भोसड़ी वाली लण्ड कहीं चोदा जाता है ? लण्ड तो खुद चोदता है। सबकी बुर चोदता है, चूत चोदता है और भोसड़ा भी चोदता है लण्ड । वह बोली अरी पगली तुझे कुछ नहीं मालूम ? तू अभी भी बच्ची है। लण्ड चोदा जाता है और लण्ड चोदने में ज्यादा मज़ा आता है। चोदने का काम केवल मरदों का ही नहीं है। हम लड़कियां भी चोदने का काम करती हैं। मेरी जब से शादी हुई है तबसे मैं हर रोज़ लण्ड चोद रही हूँ। कभी अपने मियां का लण्ड चोदती हूँ कभी पराये मियां का लण्ड ? मैंने कहा हाय दईया तू पराये लोगों के भी लण्ड चोदती है ? वह बोली हां चोदती हूँ। मैं क्या सभी बीवियां ग़ैर मरदों से चुदवाती हैं मेरी मौसी, मेरी दीदी और मेरी बुआ वगैरह सब की सब भोसड़ी वाली पराये मरदों से चुदवाती हैं। तेरी मौसी भी पराये मर्दों के लण्ड लेती होगी। किसी दिन छुप छुप कर देखना ?
मैं मन में सोंचने लगी की अगर ऐसा है तो मज़ा आ जायेगा। मुझे लण्ड बहुत ज्यादा ही पसंद है। अगर मेरी मौसी बुर चोदी लोगों के लण्ड पकड़ती है तो मैं भी पकड़ूँगी सबके लण्ड ? फिर कोई मुझे मना कर ही नहीं पायेगी। सच तो यह है दोस्तों, की मैं १५ साल की उम्र से लण्ड पकड़ रही हूँ, लण्ड पी रही हूँ पर चुदवाना मैंने १९ साल की उम्र से ही शुरू किया। मैं खूबसूरत और बड़ी बड़ी चूँचियों वाली हूँ इसलिए मुझे लण्ड आसानी से मिल जातें हैं। मैं जिसकी जांघ पर हाथ रख देती हूँ वही मुझे अपना लण्ड ख़ुशी ख़ुशी पकड़ा देता है। अभी तक किसी को नहीं मालूम की मैं कितने लण्ड अपनी चूत में ले चुकी हूँ।
एक दिन मैं अपनी मौसी मिसेज काजल त्रिपाठी के घर दिल्ली चली गयी।मेरी मौसी का घर दिल्ली के बहुत बड़ा है और वह बड़ी मस्ती से वहीं रहतीं हैं। मुझे देख कर वह बड़ी खुश हुई और मेरा दिल खोल कर वेलकम किया। मैं भी उससे मिलकर बहुत खुश हुई। मेरी मौसी भी मेरी तरह उच्च वर्ग की है। शराब और सिगरेट मैं भी पीती हूँ और वह भी पीती हैं। एडल्ट क्लब वह भी जाती है और मैं भी जाती हूँ। मेरे पहुंचने के बाद मौसी ने मेरे लिए अच्छा सा नास्ता मंगवाया। तब तक मैं बाथ रूम चली गयी। वहां से जब नहा धोकर वापस आयी तो मौसी ने ड्रिंक्स मेरे सामने रख दी। फिर क्या हम दोनों ड्रिंक्स और सिगरेट का मज़ा लेने लगीं। बातें होने लगी और फिर नशा चढ़ने के साथ साथ बातें गहरी और मसाले दार होने लगीं।
मेरा नाम मिसेज अनीता दुबे है। मैं २५ साल की एक खूबसूरत, सेक्सी और हॉट बीवी हूँ। मैं शादी के पहले भी लण्ड खूब चोदा करती थी और शादी के बाद भी लण्ड खूब चोदती हूँ। मगर बरसात में मैं ज्यादा लण्ड चोदती हूँ। क्योंकि बरसात के लण्ड बिलकुल लोहे की तरह सख्त हो जातें हैं । बरसात में मैं जब लण्ड पकड़ती हूँ तो लगता है जैसे किसी लोहे का डंडा पकड़ लिया हो । और जब इतना सख्त लण्ड चूत में घुसता है तो सच में ज़न्नत का मज़ा आ जाता है। मैं बरसात में लण्ड पकड़ने का न कोई मौक़ा छोड़ती हूँ और न कोई लण्ड छोड़ती हूँ। मेरे माईके में ऐसा कोई लण्ड नहीं है जिसे मैंने चोदा न हो ? और ससुराल में ऐसा कोई लण्ड नहीं है जिसे मैं चोदती नहीं हूँ। देवर, जेठ, नंदोई का लण्ड तो बहन चोद हफ्ते में २/३ बार चोदती हूँ।
दोस्तों, आपको यह जानकार बड़ी हैरानी होगी की मैं १९ साल की उम्र से लण्ड चोद रही हूँ। पहला लण्ड मैंने अपनी सहेली के पति का चोदा था। बल्कि उसने खुद मुझसे कहा था अनीता लो मेरे पति का लण्ड चोदो।
हुआ यह की एक दिन उसने कहा आओ अनीता मैं तुम्हे लण्ड चोदना सिखा देती हूँ ? वह मुझसे बोली अनीता आजकल मुझे लण्ड चोदने में बड़ा मज़ा आ रहा है । मैंने कहा यार क्यों झूंठ बोल रही है तू ? मुझे चूतिया बना रही है तू। तेरी माँ की चूत भोसड़ी वाली लण्ड कहीं चोदा जाता है ? लण्ड तो खुद चोदता है। सबकी बुर चोदता है, चूत चोदता है और भोसड़ा भी चोदता है लण्ड । वह बोली अरी पगली तुझे कुछ नहीं मालूम ? तू अभी भी बच्ची है। लण्ड चोदा जाता है और लण्ड चोदने में ज्यादा मज़ा आता है। चोदने का काम केवल मरदों का ही नहीं है। हम लड़कियां भी चोदने का काम करती हैं। मेरी जब से शादी हुई है तबसे मैं हर रोज़ लण्ड चोद रही हूँ। कभी अपने मियां का लण्ड चोदती हूँ कभी पराये मियां का लण्ड ? मैंने कहा हाय दईया तू पराये लोगों के भी लण्ड चोदती है ? वह बोली हां चोदती हूँ। मैं क्या सभी बीवियां ग़ैर मरदों से चुदवाती हैं मेरी मौसी, मेरी दीदी और मेरी बुआ वगैरह सब की सब भोसड़ी वाली पराये मरदों से चुदवाती हैं। तेरी मौसी भी पराये मर्दों के लण्ड लेती होगी। किसी दिन छुप छुप कर देखना ?
मैं मन में सोंचने लगी की अगर ऐसा है तो मज़ा आ जायेगा। मुझे लण्ड बहुत ज्यादा ही पसंद है। अगर मेरी मौसी बुर चोदी लोगों के लण्ड पकड़ती है तो मैं भी पकड़ूँगी सबके लण्ड ? फिर कोई मुझे मना कर ही नहीं पायेगी। सच तो यह है दोस्तों, की मैं १५ साल की उम्र से लण्ड पकड़ रही हूँ, लण्ड पी रही हूँ पर चुदवाना मैंने १९ साल की उम्र से ही शुरू किया। मैं खूबसूरत और बड़ी बड़ी चूँचियों वाली हूँ इसलिए मुझे लण्ड आसानी से मिल जातें हैं। मैं जिसकी जांघ पर हाथ रख देती हूँ वही मुझे अपना लण्ड ख़ुशी ख़ुशी पकड़ा देता है। अभी तक किसी को नहीं मालूम की मैं कितने लण्ड अपनी चूत में ले चुकी हूँ।
एक दिन मैं अपनी मौसी मिसेज काजल त्रिपाठी के घर दिल्ली चली गयी।मेरी मौसी का घर दिल्ली के बहुत बड़ा है और वह बड़ी मस्ती से वहीं रहतीं हैं। मुझे देख कर वह बड़ी खुश हुई और मेरा दिल खोल कर वेलकम किया। मैं भी उससे मिलकर बहुत खुश हुई। मेरी मौसी भी मेरी तरह उच्च वर्ग की है। शराब और सिगरेट मैं भी पीती हूँ और वह भी पीती हैं। एडल्ट क्लब वह भी जाती है और मैं भी जाती हूँ। मेरे पहुंचने के बाद मौसी ने मेरे लिए अच्छा सा नास्ता मंगवाया। तब तक मैं बाथ रूम चली गयी। वहां से जब नहा धोकर वापस आयी तो मौसी ने ड्रिंक्स मेरे सामने रख दी। फिर क्या हम दोनों ड्रिंक्स और सिगरेट का मज़ा लेने लगीं। बातें होने लगी और फिर नशा चढ़ने के साथ साथ बातें गहरी और मसाले दार होने लगीं।
- मौसी ने पूंछा - अनीता जब तुम क्लब जाती हो क्या करती हो ?
- मैंने कहा - मैं शराब पीती हूँ, पोर्न फिल्म खुलेआम सबके सामने देखते हूँ, खूब एन्जॉय करती हूँ गालियां देती हूँ और गन्दी गन्दी बातें करती हूँ गंदे गंदे चुटकुले सुनाती हूँ और सुनती हूँ। पर तुम क्या करती हो मौसी ?
- मैं तो सबसे पहले शराब पीती हूँ, फिर शराब के साथ लण्ड पीती हूँ। मेरे साथ कई बीवियां लण्ड पीती हैं। फिर हम सब लण्ड अदल बदल कर लण्ड पीने लगती हैं। कुछ लोग मेरी चूँचियाँ चाटने लगते हैं और कुछ लोग मेरी बुर चाटते हैं।
- वाओ, तुम तो बहन चोद मौसी मुझसे ज्यादा एन्जॉय करती हो ?
- तेरी माँ का भोसड़ा, अनीता ? ये बुर चोदी ज़िन्दगी है किसलिए ? एन्जॉय करने के लिए ही है न ?
- अरे मेरी मौसी तेरी बहन की बिटिया की बुर ? मैं भी कम नहीं हूँ। लण्ड की मैं भी बहुत शौक़ीन हूँ। पर मेरे क्लब में रोज़ रोज़ लण्ड नहीं मिलते। हैं वहां तो सिर्फ शनिवार और इतवार को ही लण्ड मिलते हैं।
- तो फिर तू बुर चोदी अनीता मेरे साथ मेरे क्लब चला कर और मेरे साथ लण्ड पिया कर ?
- मेरी भोसड़ी की मौसी मैं लण्ड पीती भी हूँ और लण्ड चोदती भी हूँ। आजकल बरसात है तो मैं बरसात में लण्ड ज्यादा चोदती हूँ। प्लीज मुझे लण्ड चोदने का मौक़ा दो न ? तुम्हारे संपर्क में तो कई लण्ड होगें मौसी। मैं उन्हें चोद कर मज़ा लेना चाहती हूँ।
- अरे यार तू तो बिलकुल मेरी ही तरह है मादर चोद अनीता। मैं भी बरसात में लण्ड ज्यादा चोदती हूँ। तू चिंता न कर मैं तेरे लये लण्ड का इंतज़ाम करती हूँ। मुझे आज मालूम हुआ की तू भी उतनी ही बुर चोदी है जितनी की मैं बुर चोदी हूँ। मैं भोसड़ी वाली बहुत बड़ी ऐय्यास हूँ और तू भी माँ की लौड़ी बहुत बड़ी ऐय्यास है ? अच्छा बोल तुझे किस तरह के लण्ड पसंद हैं ?
- मेरे हिसाब से लण्ड में तीन बातें होनी चाहिए। वह गोरा हो, मोटा हो और सख़्त हो ? तभी मुझे लण्ड चोदने में मज़ा आता है।
- ऐसे लण्ड चोदने में मुझे भी मज़ा आता है अनीता। मैं तेरे लिए ऐसे ही लौंड़ों का बंदोबस्त करती हूँ तब तक ले एक पैग और शराब पी ले माँ की लौड़ी अनीता ?
मैं मौसी का मैनेजमेंट देखती रह गयी। बस १० मिनट में ४ लण्ड का इंतज़ाम कर दिया उसने।
थोड़ी थोड़ी बरसात हो रही थी। आसमान पर बादल छाये थे। मौसम बड़ा रंगीन था। अचानक डोर बेज बजी और सामने शेरू खड़ा था। उसके साथ एकऔर लड़का था। मौसी ने उन दोनों को अंदर किया और मुझसे मिलवाया। मालूम हुआ की दूसरा लड़का विक्कू था। दोनों ही लड़के बड़े हैंडसम और स्मार्ट थे। बस मेरी चूत चुलबुला उठी . तब तक दो लड़के और आ गए। चंदू और उसका दोस्त करन। वो दोनों भी बड़े मस्त हट्टे कट्टे और हैंडसम थे। शेरू और चंदू दोनों एक दूसरे को पहले से ही जानते थे। वो दोनों मिले और अपने अपने दोस्तों को मिलवाया। फिर सबसे बात चीत होने लगी और तभी मौसी ने ड्रिंक्स का दरवाजा खोल दिया। सबके हाथ में एक एक शारब का गिलास आ गया और सब पीने लगे दारू। मुझे भी सबके साथ दारू पीने का बड़ा शौक है। हां अकेले में मैं कभी नहीं पीती।
मुझे वास्तव में बड़ी जल्दी थी इन सबके लण्ड देखने की। मौसी ने किसका लण्ड देखा है किसका नहीं देखा यह मुझे नहीं मालूम लेकिन मेरे लिए तो सभी लण्ड नये थे इसलिए मैं बड़ी बेताब थी और उसी झोंक में मैं दो पैग शराब गटागट पी गयी। मौसी बोली बुर चोदी अनीता, तुझे बड़ी जल्दी है चुदवाने की क्या ? अब ये सब भोसड़ी वाले आ गये हैं तो चोद कर ही जायेगें तुझे। आज तो तेरी माँ की बहन का भोसड़ा भी खूब चुदेगा अनीता ? तू चिंता न कर मैं चोदूँगी तेरी बुर ? मौसी की मस्त मस्त और प्यार भरी गालियों से बातें मुझे बहुत अच्छी लगीं। मैं भी बोली हां मौसी मैं जानती हूँ आज तेरा चुदेगा भोसड़ा पर साथ ही साथ चुदेगी तेरी बहन की बिटिया की बुर ? तब मौसी ने मेरा हाथ शेरू के लण्ड पर रख दिया और बोली तू ले पहले इसका लौड़ा तो खोल कर दिखा ? मैं सच में लौड़ा खोलने लगी। उधर मौसी ने चंदू को नंगा कर दिया। उसका लौड़ा सबसे पहले मैदान में आ गया। शेरू का लौड़ा भी इधर दहाड़ने लगा। फिर मैंने विक्कू का भी लौड़ा पकड़ा और मौसी ने करन का लौड़ा। चारों लौड़े बहन चोद तन कर खड़े हो गए। फिर मौसी भी कपड़े खोल कर हो गयीं नंगी और मैं भी। मुझे लड़कों के आगे नंगी होने में बड़ा मज़ा आया।
रिमझिम पानी बरस रहा था। मन उत्साहित हो उठा। मेरी नज़र आंगन की तरफ गयी तो मन हुआ की पानी ने नंगी नंगी भीगा जाये ! मैं उसी तरफ चल पड़ी तो मेरे पीछे वे सब भी आ गए। हम सब लोग वहीं आँगन में ही नाचने लगे। हमारी चूँचियाँ तनी हुईं थी और लड़कों के लण्ड लपलपा रहे थे। पानी में भीगते भीगते लण्ड पकड़ने का मज़ा ही कुछ और था। मैं तो लण्ड पानी में अपने दूसरे बदन पर फिराने लगी। और मौसी भी यही करने लगीं। फिर हम लोग नंगे नंगे ही ज़मीन पर लेट गए। मैं दोनों लण्ड बारी बारी से चूसने लगी और मौसी भी। वह बोली हाय अनीता पहली बार पानी में भीगते हुए लण्ड चूसने में मज़ा आ रहा है। वो लोग भी भीगते हुए हम दोनों की चूँचियाँ दबा दबा कर मसल मसल कर मज़ा लेने लगे। बरसात में चूत की आग बुरी तरह भड़क जाती है फिर तो बस लण्ड की ही याद आती है और किसी की नहीं । उधर लण्ड भी बहन चोद लोहे की तरह सख्त हो जाता है।
पानी में भीगते हुए हमने खूब मस्ती की फिर पानी बंद हो गया तो हम सबने अपने अपने बदन तौलियां पोंछ कर अंदर बेड रूम में आ गए। मैंने फिर शेरू का लण्ड एक हाथ में लिया और विक्कू का लण्ड दूसरे हाथ में। मौसी ने भी चंदू का लण्ड एक हाथ में और दूसरे में करन का लण्ड। हम दोनों दो दो लण्ड फिर चूसने लगीं। तब तक चूत काफी गरम हो चुकी। फिर न मैं रुकी और न शेरू। उसने लौड़ा मेरी चूत में घुसेड़ दिया। मुझे मोटा लण्ड जब चूत में चिपक कर घुसा तो बहुत मज़ा आया। तब तक चंदू अपना लण्ड मौसी की बुर में घुसा चुका था। हम दोनों मस्ती से चुदवाने लगींऔर एक एक लण्ड चूसने भी लगीं। "एक लण्ड चूत में और एक लण्ड मुंह में" बस इसी का मज़ा लूटने लगीं हम लोग। मैं मौसी को देख रही थी और मौसी मुझे। ऐसा ज़रा कम होता है लेकिन अगर बरसात में दो लण्ड वो भी अपने मन के मिल जायें ? तो चुदाई का मज़ा दूना तिगुना हो जाता है। इसलिए बरसात की चुदाई का मज़ा जरूर लेना चाहिए।
थोड़ी देर में मैंने विक्कू को नीचे लिटा दिया और मैं उसके लण्ड के ऊपर चढ़ बैठी। लण्ड मेरी चूत में घुस गया। मैं जब तक लण्ड चोद नहीं लेती तब तक मुझे चुदाई का असली मज़ा नै आता। मैं झुक कर अपने गांड उठा उठा के लण्ड पर पटकने लगी। बिलकुल मरदों की तरह मैं लण्ड चोदने लगी। बगल में मैंने शेरू को खड़ा कर लिया। उसका लण्ड पकड़ कर हिला भी रही थी और चाट भी रही थी। यही हाल मौसी का भी था। वजह चंदू का लण्ड चोदने लगी और करन का लण्ड हिला हिला कर चाटने लगी। मैंने मन में कहा वाह अगर ऐसा बहन चोद हर दिन मिले। हम दिन मैं २-२ / ३-३ चोदूँ तो किता मज़ा आये ? तब तक मौसी बोली हाय अनीता तू तो माँ की लौड़ी, लौड़ा अच्छी तरह चोद लेती है। किसने सिखाया तुझे लण्ड चोदना ? मैंने कह मौसी मैंने अपने आप पोर्न फिल्म से लण्ड चोदना सीख लिया। मैं घर में हर दिन, रात को या तो पोर्न फिल्म देखती थी या फिर सेक्स की कहानियां पढ़ती थी। पोर्न फिल्म के मुझे बड़े बड़े और मोटे मोटे लण्ड बहुत पसंद हैं। मैं ग्रुप फकिंग ग्रुप सकिंग की फ़िल्में ज्यादा देखती हूँ।
मौसी बोली :- तू मादर चोद बिलकुल मेरी जैसी है अनीता ?
मैंने कहा :- और मौसी, तू भी तो भोसड़ी की मेरी जैसी चुदक्कड़ है ? इतने में मौसी उठी और मेरी जगह आ गयीं और मैं उसकी जगह चली गयी। वो चारों लड़के अपनी अपनी ही जगह रहे। नतीजा यह हुआ की चंदू का लण्ड मेरी चूत में घुस गया और शेरू का लण्ड मौसी की चूत में। साथ ही साथ मैं करन का लण्ड चाटने लगी और मौसी विक्कू का लण्ड। हमारे लिए लण्ड की अदला बदली हो गयी और उनके लिए चूत की अदला बदली। जो लण्ड मैं चोद रही थी अब वही लण्ड मौसी चोदने लगीं और जो लण्ड वह चोद रही थीं वही लण्ड मैं चोदने लगी। इस अदला बदली ने मज़ा दूना कर दिया।
मैं बोली :- मौसी, जब तेरी शादी हो जाये तो इसी तरह तू अपने मरद का लण्ड मेरी बुर में पेल देना। और मैं अपने मरद का लण्ड तेरी बुर में पेल दूँगी।
उसने कहा :- मैं तो जरूर पेल दूँगी अपने मरद का लण्ड तेरी चूत में अनीता। लेकिन अगर तूने अपने मरद का लण्ड मेरी बुर में नहीं पेला तो मैं तेरी माँ चोद दूँगी। मैं बहुत ज़ालिम औरत हूँ। तेरी गांड में भी ठोंक दूँगी लण्ड फिर हम दोनों हंसने लगीं।
इस तरह मस्ती की बातें करती हुई हमने खूब हचक हचक के इन चारों लोगों से चुदवाया और रात भर चुदवाया। कई बार चुदवाया। हम दोनों बहन चोद बिलकुल रंडी बन चुकी थीं। चुदवाने में हम दोनों बहुत बेशर्म और निर्लज्ज हो चुकी थीं। इसका परिणाम यह हुआ की बरसात भर हम दोनों ने मिलकर हर दिन लण्ड चोदा। कभी मैं कोई लण्ड खोज कर ले आती और कभी मौसी। मैं मौसी की बुर में लण्ड पेल देती और मौसी मेरी बुर में।
इस तरह हमने गोरे लण्ड, काले लण्ड, कटे लण्ड, मोटे लण्ड, टेढ़े लण्ड, देशी लण्ड और विदेशी लण्ड का मज़ा लूटा।
एक दिन इत्तिफाक ऐसे मेरी रेनू बुआ आ गई। वह तो मौसी से भी ६ महीने बड़ी हैं। उसको जाने कहां से और कैसे हमारी चोदा चोदी की खबर हो गयी। शादी बुआ की भी नहीं हुई थी। लण्ड की उसे भी उतनी ही जरूता थी जितनी की हमारी।
थोड़ी थोड़ी बरसात हो रही थी। आसमान पर बादल छाये थे। मौसम बड़ा रंगीन था। अचानक डोर बेज बजी और सामने शेरू खड़ा था। उसके साथ एकऔर लड़का था। मौसी ने उन दोनों को अंदर किया और मुझसे मिलवाया। मालूम हुआ की दूसरा लड़का विक्कू था। दोनों ही लड़के बड़े हैंडसम और स्मार्ट थे। बस मेरी चूत चुलबुला उठी . तब तक दो लड़के और आ गए। चंदू और उसका दोस्त करन। वो दोनों भी बड़े मस्त हट्टे कट्टे और हैंडसम थे। शेरू और चंदू दोनों एक दूसरे को पहले से ही जानते थे। वो दोनों मिले और अपने अपने दोस्तों को मिलवाया। फिर सबसे बात चीत होने लगी और तभी मौसी ने ड्रिंक्स का दरवाजा खोल दिया। सबके हाथ में एक एक शारब का गिलास आ गया और सब पीने लगे दारू। मुझे भी सबके साथ दारू पीने का बड़ा शौक है। हां अकेले में मैं कभी नहीं पीती।
मुझे वास्तव में बड़ी जल्दी थी इन सबके लण्ड देखने की। मौसी ने किसका लण्ड देखा है किसका नहीं देखा यह मुझे नहीं मालूम लेकिन मेरे लिए तो सभी लण्ड नये थे इसलिए मैं बड़ी बेताब थी और उसी झोंक में मैं दो पैग शराब गटागट पी गयी। मौसी बोली बुर चोदी अनीता, तुझे बड़ी जल्दी है चुदवाने की क्या ? अब ये सब भोसड़ी वाले आ गये हैं तो चोद कर ही जायेगें तुझे। आज तो तेरी माँ की बहन का भोसड़ा भी खूब चुदेगा अनीता ? तू चिंता न कर मैं चोदूँगी तेरी बुर ? मौसी की मस्त मस्त और प्यार भरी गालियों से बातें मुझे बहुत अच्छी लगीं। मैं भी बोली हां मौसी मैं जानती हूँ आज तेरा चुदेगा भोसड़ा पर साथ ही साथ चुदेगी तेरी बहन की बिटिया की बुर ? तब मौसी ने मेरा हाथ शेरू के लण्ड पर रख दिया और बोली तू ले पहले इसका लौड़ा तो खोल कर दिखा ? मैं सच में लौड़ा खोलने लगी। उधर मौसी ने चंदू को नंगा कर दिया। उसका लौड़ा सबसे पहले मैदान में आ गया। शेरू का लौड़ा भी इधर दहाड़ने लगा। फिर मैंने विक्कू का भी लौड़ा पकड़ा और मौसी ने करन का लौड़ा। चारों लौड़े बहन चोद तन कर खड़े हो गए। फिर मौसी भी कपड़े खोल कर हो गयीं नंगी और मैं भी। मुझे लड़कों के आगे नंगी होने में बड़ा मज़ा आया।
रिमझिम पानी बरस रहा था। मन उत्साहित हो उठा। मेरी नज़र आंगन की तरफ गयी तो मन हुआ की पानी ने नंगी नंगी भीगा जाये ! मैं उसी तरफ चल पड़ी तो मेरे पीछे वे सब भी आ गए। हम सब लोग वहीं आँगन में ही नाचने लगे। हमारी चूँचियाँ तनी हुईं थी और लड़कों के लण्ड लपलपा रहे थे। पानी में भीगते भीगते लण्ड पकड़ने का मज़ा ही कुछ और था। मैं तो लण्ड पानी में अपने दूसरे बदन पर फिराने लगी। और मौसी भी यही करने लगीं। फिर हम लोग नंगे नंगे ही ज़मीन पर लेट गए। मैं दोनों लण्ड बारी बारी से चूसने लगी और मौसी भी। वह बोली हाय अनीता पहली बार पानी में भीगते हुए लण्ड चूसने में मज़ा आ रहा है। वो लोग भी भीगते हुए हम दोनों की चूँचियाँ दबा दबा कर मसल मसल कर मज़ा लेने लगे। बरसात में चूत की आग बुरी तरह भड़क जाती है फिर तो बस लण्ड की ही याद आती है और किसी की नहीं । उधर लण्ड भी बहन चोद लोहे की तरह सख्त हो जाता है।
पानी में भीगते हुए हमने खूब मस्ती की फिर पानी बंद हो गया तो हम सबने अपने अपने बदन तौलियां पोंछ कर अंदर बेड रूम में आ गए। मैंने फिर शेरू का लण्ड एक हाथ में लिया और विक्कू का लण्ड दूसरे हाथ में। मौसी ने भी चंदू का लण्ड एक हाथ में और दूसरे में करन का लण्ड। हम दोनों दो दो लण्ड फिर चूसने लगीं। तब तक चूत काफी गरम हो चुकी। फिर न मैं रुकी और न शेरू। उसने लौड़ा मेरी चूत में घुसेड़ दिया। मुझे मोटा लण्ड जब चूत में चिपक कर घुसा तो बहुत मज़ा आया। तब तक चंदू अपना लण्ड मौसी की बुर में घुसा चुका था। हम दोनों मस्ती से चुदवाने लगींऔर एक एक लण्ड चूसने भी लगीं। "एक लण्ड चूत में और एक लण्ड मुंह में" बस इसी का मज़ा लूटने लगीं हम लोग। मैं मौसी को देख रही थी और मौसी मुझे। ऐसा ज़रा कम होता है लेकिन अगर बरसात में दो लण्ड वो भी अपने मन के मिल जायें ? तो चुदाई का मज़ा दूना तिगुना हो जाता है। इसलिए बरसात की चुदाई का मज़ा जरूर लेना चाहिए।
थोड़ी देर में मैंने विक्कू को नीचे लिटा दिया और मैं उसके लण्ड के ऊपर चढ़ बैठी। लण्ड मेरी चूत में घुस गया। मैं जब तक लण्ड चोद नहीं लेती तब तक मुझे चुदाई का असली मज़ा नै आता। मैं झुक कर अपने गांड उठा उठा के लण्ड पर पटकने लगी। बिलकुल मरदों की तरह मैं लण्ड चोदने लगी। बगल में मैंने शेरू को खड़ा कर लिया। उसका लण्ड पकड़ कर हिला भी रही थी और चाट भी रही थी। यही हाल मौसी का भी था। वजह चंदू का लण्ड चोदने लगी और करन का लण्ड हिला हिला कर चाटने लगी। मैंने मन में कहा वाह अगर ऐसा बहन चोद हर दिन मिले। हम दिन मैं २-२ / ३-३ चोदूँ तो किता मज़ा आये ? तब तक मौसी बोली हाय अनीता तू तो माँ की लौड़ी, लौड़ा अच्छी तरह चोद लेती है। किसने सिखाया तुझे लण्ड चोदना ? मैंने कह मौसी मैंने अपने आप पोर्न फिल्म से लण्ड चोदना सीख लिया। मैं घर में हर दिन, रात को या तो पोर्न फिल्म देखती थी या फिर सेक्स की कहानियां पढ़ती थी। पोर्न फिल्म के मुझे बड़े बड़े और मोटे मोटे लण्ड बहुत पसंद हैं। मैं ग्रुप फकिंग ग्रुप सकिंग की फ़िल्में ज्यादा देखती हूँ।
मौसी बोली :- तू मादर चोद बिलकुल मेरी जैसी है अनीता ?
मैंने कहा :- और मौसी, तू भी तो भोसड़ी की मेरी जैसी चुदक्कड़ है ? इतने में मौसी उठी और मेरी जगह आ गयीं और मैं उसकी जगह चली गयी। वो चारों लड़के अपनी अपनी ही जगह रहे। नतीजा यह हुआ की चंदू का लण्ड मेरी चूत में घुस गया और शेरू का लण्ड मौसी की चूत में। साथ ही साथ मैं करन का लण्ड चाटने लगी और मौसी विक्कू का लण्ड। हमारे लिए लण्ड की अदला बदली हो गयी और उनके लिए चूत की अदला बदली। जो लण्ड मैं चोद रही थी अब वही लण्ड मौसी चोदने लगीं और जो लण्ड वह चोद रही थीं वही लण्ड मैं चोदने लगी। इस अदला बदली ने मज़ा दूना कर दिया।
मैं बोली :- मौसी, जब तेरी शादी हो जाये तो इसी तरह तू अपने मरद का लण्ड मेरी बुर में पेल देना। और मैं अपने मरद का लण्ड तेरी बुर में पेल दूँगी।
उसने कहा :- मैं तो जरूर पेल दूँगी अपने मरद का लण्ड तेरी चूत में अनीता। लेकिन अगर तूने अपने मरद का लण्ड मेरी बुर में नहीं पेला तो मैं तेरी माँ चोद दूँगी। मैं बहुत ज़ालिम औरत हूँ। तेरी गांड में भी ठोंक दूँगी लण्ड फिर हम दोनों हंसने लगीं।
इस तरह मस्ती की बातें करती हुई हमने खूब हचक हचक के इन चारों लोगों से चुदवाया और रात भर चुदवाया। कई बार चुदवाया। हम दोनों बहन चोद बिलकुल रंडी बन चुकी थीं। चुदवाने में हम दोनों बहुत बेशर्म और निर्लज्ज हो चुकी थीं। इसका परिणाम यह हुआ की बरसात भर हम दोनों ने मिलकर हर दिन लण्ड चोदा। कभी मैं कोई लण्ड खोज कर ले आती और कभी मौसी। मैं मौसी की बुर में लण्ड पेल देती और मौसी मेरी बुर में।
इस तरह हमने गोरे लण्ड, काले लण्ड, कटे लण्ड, मोटे लण्ड, टेढ़े लण्ड, देशी लण्ड और विदेशी लण्ड का मज़ा लूटा।
एक दिन इत्तिफाक ऐसे मेरी रेनू बुआ आ गई। वह तो मौसी से भी ६ महीने बड़ी हैं। उसको जाने कहां से और कैसे हमारी चोदा चोदी की खबर हो गयी। शादी बुआ की भी नहीं हुई थी। लण्ड की उसे भी उतनी ही जरूता थी जितनी की हमारी।
- बातों बातों में वह बोली - तेरी माँ का भोसड़ा ससुरी अनीता। तू यहाँ चुपके चुपके अपनी चूत में लण्ड पेला करती है और मुझे कानो कान खबर नहीं ?
- मैंने कहा - अच्छा कानो कान खबर नहीं तो फिर तुझे यह बात मालूम कैसे हुई ?
- मैं तेरा नेचर जानती हूँ। तू बहुत बड़ी लण्ड की शौक़ीन है। जो लड़की १५ साल की उम्र में लड़कों के पैजामे में हाथ घुसेड़ा करती थी। उनके लण्ड पकड़ कर हिलाया करती थी वह लड़की जवान होकरअपनी चूत मे लण्ड न पेले ऐसा तो हो ही नहीं सकता ?
- अरे रेनू बुआ तू क्या कम है बहन चोद ? तेरी बहन का लण्ड ? रीता की शादी में तो तू छत पर मेरे जीजा लण्ड चूस रही थी। मैंने तुझे रंगें हाथों पकड़ा था और फिर एक दिन मैंने तुझे पड़ोस के एक लड़के का लण्ड पीते हुए भी देखा था।
- अच्छा उसके बाद की बात तू भूल गयी। मैंने तेरे जीजा का लण्ड तेरे मुंह में भी घुसा दिया था। तू तो भोसड़ी की चुदवाने के मूड में थी पर तब तक उसका लण्ड झड़ गया था। और वो दिन याद कर जब तूने मेरी मौसी के लड़के का लण्ड पीछे वाले कमरे में अपनी चूँचियों के बीच डाल लिया। तू समझी की कमरे में कोई और नहीं है जबकि मैं बाथ रूम में थी। मैंने तुझे पकड़ लिया।
- तू भी तो उस दिन लण्ड हिला रही थी उसका ?
- आज तू अपनी मौसी के साथ लण्ड का खेल खेल रही है। अरे कभी अपनी बुआ की बुर का भी ख्याल कर माँ की लौड़ी, अनीता। तुझे अपनी मौसी की चूत ज्यादा प्यारी है और बुआ की चूत नहीं ?
- क्या बात करती हो बुआ ? ठीक है आज मैं तेरी बुर का हलवा बना दूँगी।
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