Home
» Antarvasna-ki-real-hindi-sex-story-chudai-kahani
» इतने सारे नंगे खड़े लण्ड एक साथ नहीं देखा - Itne saare nange land ek sath nahi dekhe
इतने सारे नंगे खड़े लण्ड एक साथ नहीं देखा - Itne saare nange land ek sath nahi dekhe
इतने सारे नंगे खड़े लण्ड एक साथ नहीं देखा - Itne saare nange land ek sath nahi dekhe , मस्त और जबरदस्त चुदाई , चुद गई , चुदवा ली , चोद दी , चुदवाती हूँ , चोदा चादी और चुदास अन्तर्वासना कामवासना , चुदवाने और चुदने के खेल , चूत गांड बुर चुदवाने और लंड चुसवाने की हिंदी सेक्स पोर्न कहानी.
उस दिन अम्मी बड़ी मजाकिया मूड में थीं तभी वह बोली - बेटी समीना, तेरी चूत तेरी माँ की चूत ? यह सुनकर मैं भी मूड में आ गयी और बोली - अम्मी, तेरी चूत तेरी बिटिया की चूत ?
अम्मी ने फिर कहा - बेटी तेरी चूत तेरी बहन की चूत। मैंने भी फिर जबाब दिया - अम्मी, तेरी चूत तेरी बहन की चूत ?
फिर हम दोनों खिलखिला कर हंसने लगीं।
अम्मी ने कहा - बेटी समीना तेरी खाला है न वह भी भोसड़ी की बड़ी हरामजादी है और उससे ज्यादा हरामजादी है उसकी बेटी।
मैंने कहा - हां अम्मी मैं जानती हूँ. खाला की बेटी बुर चोदी अपनी माँ चुदवाती है और वह खुद अपने मियां से ज्यादा ग़ैर मरदों से चुदवाती है। वह तो बिलकुल रंडी हो चुकी है। अम्मी ने कहा - अरे तेरी फूफी की बेटी का भी यही हाल है। वह कम नहीं है। दोनों माँ बेटी लण्ड का खेल खेलती हैं।
मैंने कहा - अम्मी खाला और फूफी की बात छोड़ो ? आजकल तो हर लड़की अपनी माँ चुदवाती है और खूब एन्जॉय करती है। मेरी सभी सहेलियां भी यही करती हैं। मेरे कॉलेज के कई लड़के इन लड़कियों की माँ चोदते हैं। बल्कि लड़कियां ही बुर चोदी लड़कों के लण्ड अपनी माँ के भोसड़ा में पेल देती हैं। अम्मी ने कहा -बेटी समीना, तो इसमें हर्ज़ क्या है ? लड़की जब जवान हो जाती है तो वह अपनी अम्मी की दोस्त बन जाती है। तुम भी मेरी चूत में लण्ड पेलती हो बेटी और में तेरी चूत में ? सच तो यह है पगली की माँ हो चाहे बेटी, नन्द हो चाहे भौजाई, सास हो चाहे बहू, देवरानी हो चाहे जेठानी सबको चाहिए लण्ड ? बिना लण्ड के कोई रह नहीं सकती? तो फिर क्यों न सबके साथ मिलकर लण्ड का मज़ा लिया जाए ? एक लण्ड का जलसा मनाया जाए। क्यों न सबको इकठ्ठा करके सबकी बुर में लण्ड पेला जाये ? मैंने कहा - हां अम्मी आईडिया तो बहुत बढ़िया है। मैं अभी खाला की बेटी और फूफी की बेटी को बुला लेती हूँ और जलसे का प्लान बना लेती हूँ।
***********
मेरा नाम समीना हैं मैं २४ साल की एक बिंदास लड़की हूँ। हलांकि मेरी शादी हो चुकी है पर मैं अभी यहाँ अपनी अम्मी के साथ रह कर पढ़ाई कर रही हूँ। मैं खूबसूरत हूँ हॉट हूँ और बहुत बड़ी बुर चोदी हूँ। जी हां मुझे बुर चुदाने में बड़ा मज़ा आता है। मैं लण्ड की जबरदस्त शौक़ीन हूँ। ससुराल गयी तो वहां एक महीने के अंदर ही अपने देवरों के लण्ड का मज़ा लिया। अपने जेठ और खाला ससुर से चुदवाया। अपने नंदोई का लण्ड अपनी चूत में घुसेड़ कर आयी हूँ। अभी तो मुझे चोदने के लिए कई लोग बाकी हैं। मैं जब ससुराल जाऊंगी तो फिर सबसे चुदवाऊंगी। मुझे लैपटॉप पर पोर्न फिल्म देखना और सेक्स की कहानियां पढ़ना बड़ा अच्छा लगता है। मैं इन्हे खूब एन्जॉय करती हूँ। पोर्न फिल्म में मुझे लण्ड बहुत अच्छे लगते हैं।
मेरी अम्मी का नाम है नदीमा। वह भी एक मद मस्त महिला हैं। खूब हंसी मजाक करती हैं खुली खुली बात करती हैं. मैं जबसे १ ८ + की हुई तबसे अम्मी मुझसे गालियों से बातें करतीं हैं। मुझे कभी भोसड़ी वाली समीना कहती हैं कभी बुर चोदी समीना कहती हैं। मैं भी एन्जॉय करती हूँ और उसे हरामजादी नदीमा बुर चोदी और भोसड़ी की नदीमा कहती हूँ। हम दोनों में बहुत अच्छा तालमेल है।
एक दिन हमारे पड़ोस की रेहाना आंटी आ गयी। वह अम्मी से बातें करने लगी। मैं ऊपर थी। मुझे समझ में आया की बातें बड़ी मसालेदार हो रही हैं. मैं नीचे उतरने लगी। तभी आंटी बोली हाय नदीमा जानती हो मेरी बेटी अपनी माँ चुदवाने लगी है। / अभी कल ही उसने अपने बॉय फ्रेंड का लण्ड मेरी चूत में पेल दिया। हुआ यह की जब मैं उसके कमरे में पहुंची तो वह अपने किसी दोस्त का लण्ड चाट रही थी। वह नंगी थी और लड़का भी नंगा। मुझे देख वह शर्मायी नहीं बल्कि लण्ड मुझे दिखाते हुए कहा लो अम्मी तुम भी इसका लण्ड पकड़ कर देखो न ?
मेरी नज़र लण्ड पर पड़ी तो मैं ललचा गयी। मैंने हाथ बढ़ाया और लण्ड पकड़ लिया। फिर मैं जबान निकाल कर लण्ड चाटने लगी। इतने में उसने लण्ड मेरी चूत में पेल दिया और बड़ी बेशर्मी अपनी माँ चुदवाने लगी। मैंने पूंछा की तुम इतनी बेशर्म कैसी हो गयी हो बेटी तो वह बोली अरे अम्मी तुम भी "Sex" की कहानियां पढ़ो तो तुम मुझसे ज्यादा बेशर्म हो जाओगी। मैं कई दिनों से वही कहानियां पढ़ रही हूँ। मैं बोल्ड हो गयी हूँ.मस्ती से गालियां देने लगी हूँ और आज देखो अपनी माँ चुदवाने लगी हूँ। यह सब कमाल "Sex" की कहानियों का है।
तब मुझे समझ में आया की वाकई इन कहानियों में कुछ है। मैं भी लैपटॉप खोल कर कहानियां पढ़ने लगी तो मेरे कपड़े खुल गए। उसी रात को अम्मी भी वही कहानियां पढ़ रही थीं। वह मेरे पास आयी और बोली भोसड़ी की समीना तेरी माँ का भोसड़ा बहन चोद ? मैं भी गरम थी मेरी चूँचियाँ खुली थीं। मैं बोली अम्मी तेरी बिटिया की बुर ? मादर चोद तेरी बेटी बहुत बड़े बड़े लण्ड चाटती है।
अम्मी ने मुझे गले लगाया और कहा बेटी आज से तुम मेरी दोस्त हो। मैं तेरी बुर चोदूँगी और तू मेरी बुर चोदेगी। हम दोनों लण्ड का मज़ा मिलकर लेने लगीं। जब मेरी शादी हुई तो मुझे मालूम हुआ की मेरा शौहर अम्मी के नंदोई का भाई लगता है। तो मेरा शौहर भी उसका नंदोई हुआ और मैं अम्मी की नन्द हो गयी। अब अम्मी अपनी नन्द की बुर तो जरूर चोदेगी और मैं अम्मी की बुर चोद चोदूँगी क्योंकि वह मेरी भाभी लगती है। हम लोगों के समाज में शादियां नजदीकी रिश्तेदारों जातीं हैं इसलिए आपस के रिश्ते भी बदल जातें हैं और तब चुदाई का दायरा बढ़ जाता है। अचानक मेरी खाला आ गयीं। अम्मी तो मूड में थीं ही।
वह बोली :- अरी नज़मा इतनी देर से क्या तू अपनी बिटिया चुदा रही थी ?
वह बोली :- नहीं दीदी मैं अपनी बिटिया नहीं चुदा रही थी बल्कि बिटिया अपनी माँ चुदा रही थी।
अम्मी :- हाय दईया किसका लण्ड पेल रही थी वो तेरी चूत में ?
खाला :- अपने ससुर का लण्ड दीदी ? मैं तो मस्ती लेटी थी तभी वह अपने ससुर का लण्ड पकड़े हुए मेरे पास आ गयी और बोली लो सम्भालो अपने समधी का लण्ड अम्मी ? चुदवा लो अपना भोसड़ा ? तूने कहा था न की बेटी कभी अपने ससुर का लण्ड पेलो मेरी चूत में । तो चलो आज मैं पेल देती हूँ। बस वह चुदवाने लगी अपनी माँ की चूत। मैं अभी चुदवाकर उठी हूँ और यहाँ चली आयीके जलसे के बारे में बताया
अम्मी :- तो फिर तेरी बेटी क्या कर रही है ?
खाला :- वह अपने नंदोई से चुदवा रही है ?
अम्मी :- अरे वाह ! तब तो बड़े मजे हो रहें है तेरे घर में ? पर उसकी नन्द कहाँ हैं ?
खाला :- उसकी नन्द की बुर मेरी बेटी का अब्बू ले रहा है।
ये सब बातें सुनकर मैं भी गरमा उठी और अम्मी भी। मैं सोंचने लगी की अब मुझे जल्दी ही लण्ड का जलसा करना पड़ेगा।
दूसरे दिन मैंने खाला की बेटी रूना को और फूफी की बेटी शन्नो को बुलाया। दोनों शादी शुदा है, मस्त है, बिंदास हैं और बेहद खूबसूरत हैं। मैंने उनको बैठाकर उनको लण्ड के जलसे के बारे में बताया। दोनों मेरी बात सुनकर बहुत खुश हुई और कहा हां हम सबको मिलकर ऐसा प्रोग्राम करना चाहिए। मैंने कहा सच तो यह है की हम लोग अपने ही कुनबे और नाते रिश्तेदारों के लण्ड पकड़ पकड़ कर बोर हो चुकी हैं। जैसे की मैं तुम दोनों के अब्बू से चुदवाती हूँ और तुम दोनों मेरे अब्बू से। मैं तेरे देवर का लण्ड पीती हूँ तुम मेरे देवर का लण्ड पीती हो। मैं तेरे मियां से चुदवाती हूँ तुम मेरे मियां से। मेरा ससुर तेरी माँ चोदता है तेरा ससुर मेरी माँ चोदता है। मेरा खालू मेरी चूत में लण्ड पेलता है मेरा मियां खाला की चूत में लण्ड पेलता है। इतना ही नहीं मेरी अम्मी तेरे अब्बू से चुदवाती है और तेरी अम्मी मेरे अब्बू से चुदवाती हैं। हमारी अम्मियाँ भी बुर चोदी यही करती है जो हम लोग करती हैं। ले दे करके बस यही लण्ड हमारे इर्द गिर्द घूमते रहतें हैं। हमने कभी बाहर वालों के लण्ड का मज़ा लिया ही नहीं है ?
रूना बोली :- बाहरी लण्ड का मज़ा छोड़ो यार हमने कभी ग़ैर मुस्लिम लण्ड देखा ही नहीं ? हमेशा कटा लण्ड ही मिलता हम सबको ? कभी समूचे लण्ड का दीदार ही नहीं हुआ ?
शन्नो बोली :- हां यार बात तो सच है। मैं भी नये नये लण्ड देखना चाहती हूँ। उनसे चुदवाना चाहती हूँ। दुनिया बहुत बड़ी है यार। मुस्लिम और ग़ैर मुस्लिम लण्ड भी १०" - १०" / १२" - १२" के होते हैं जिन्हे मैंने आज तक नहीं देखा। मैं सच में उन्हें देखना चाहती हूँ।
रूना बोली :- हां यार और सच यह भी है की हमारी अम्मियों को भी बाहर के लण्ड का मज़ा नहीं मिलता।
मैंने कहा :- तो फिर चलो हम तीनो मिलकर बाहरी मर्दों को बुलाएं और उनसे सबकी बुर चुदवायें। अब तुम लोग जल्दी से लोगों को बुलाने के लिए फोन करो।
शन्नो कुछ शरारत के मूड में आ गयी और बोली :- यार समीना आज मैं तेरी माँ चोदूँगी। तेरी माँ की चूत में लण्ड पेलूँगी और तेरी चूत में भी ?
मैंने कहा :- हां यार पेल लेना ? पहले वो लण्ड तो दिखा जो तू मेरी चूत में पेलेगी ?
वह बोली :- तेरी माँ की नन्द का भोसड़ा, समीना। तेरी फूफी की बिटिया की बुर ? मैं जान गयी की यह बिना गली खाये मानेगी नहीं।
मैंने कहा - शन्नो तेरी माँ की भाभी का भोसड़ा ? उसकी बेटी की चूत ? मैं दोनों को पटक पटक के चोदूँगी।
रूना बोली :- समीना, तेरी माँ की बहन की बुर ?
मैंने कहा :- तेरी माँ की बहन का लण्ड ? अच्छा चलो अब गालियां बहुत हो गयीं। इन गालियों ने तो चूत में आग और लगा दी है। अब जल्दी से लण्ड का इंतज़ाम करो। वो दोनों जुट गयी और मैं अंदर गयी और खाला को आवाज़ दी।
मेरी खाला ने शायद हमारी बातें सुन लीं थीं। उसे हमारे प्लान का पता लग गया था तभी तो वह अम्मी के पास दौड़ी दौड़ी गयीं और बोलीं - हाय दीदी मुझे मालूम हुआ है की आज हमारी बेटियां चुदायेगीं अपनी अपनी माँ का भोसड़ा ?
अम्मी ने जबाब दिया - क्यों नहीं चुदवाएगीं ? अब वो सब जवान हो गयीं हैं। उनकी शादियां हो गयीं हैं। सब की सब बुर चोदी अपनी अपनी ससुराल से चुदवा कर आयीं हैं। अब यहाँ अपनी अपनी माँ का भोसड़ा चुदवाएगीं तो अच्छा ही है न ? चुदवाने दो।
हम तीनो बैठी हुई बड़ी बड़ी गरमागरम बातें कर रही थीं। अब हम सब केवल बेटियां ही नहीं है बल्कि बीवियां बन चुकी हैं। हम सब अपनी अपनी सुहागरात मनाकर अपने अपने माईके आयीं हैं। या यूँ साफ़ साफ शब्दों में कहूँ तो अपनी अपनी ससुराल से चुदवाकर कर आयीं हैं। हमारी जैसी मस्त जवान बीवियां जब एक साथ बैठेंगीं तो चुदाई की बातें तो होंगीं ही। इसलिए हम लोग अपनी अपनी सुहागरात की बातें, चुदाई की बातें और ससुराल के माहौल की बातें कर रहीं थीं। हम अपने अपने मियां के लन्ड की बातें, लन्ड के साइज की बातें और लन्ड की खूबसूरती की बातें भी कर रही थीं।
तभी मैंने कहा आज क्यों न अपनी अपनी माँ का भोसड़ा चुदाया जाये ? वैसे तो हम अब अपनी अपनी माँ अकेले अकेले चुदवा लेतीं हैं। इस मामले में सब एक दूसरे को अच्छी तरह जानतीं हैं लेकिन कभी ऐसा मौक़ा नहीं मिला की जब सबकी माँ एक साथ चुदवाई जायें। सबने हां कह दी और प्लान बन गया।
खाला बोली हां समीना मैं यहाँ बाथ रूम में अपनी झांटें बना रही हूँ। मुझे मालूम हुआ है की तुम लड़कियों ने आज अपनी अपनी माँ चुदाने का प्लान बनाया है तो फिर माँ का भोसड़ा तैयार होना चाहिए न ? मैंने तेरी माँ का भोसड़ा तैयार कर दिया है और अब रूना की माँ का भोसड़ा तैयार कर रही हूँ। मैंने कहा नहीं खाला ऐसी कोई बात नहीं है पर हां आज हमने लण्ड का जलसा मनाने का सोंचा है। वह बोली हाय दईया जब चारों तरफ लण्ड ही लण्ड दिखेगें तो वो सब मादर चोद किसी न किसी की बुर में घुसेगें जरूर। अगर तुम लोगों ने अपनी माँ चुदवाई तो फिर हम लोग भी अपनी बेटियां चुदवायेगीं। अभी तो हम भी जवान है। तुम अगर माँ का भोसड़ा फाड़ोगी तो हम भी बेटियों की बुर फ़ाड़ेगीं। हम बेटियों से किसी कीमत पर कम नहीं हैं। बुर चोदी बेटियों की माँ की चूत ?
मैं समझ गयी की अम्मियाँ भी अपनी तैयारी से हैं। जोश इन लोगों में भी खूब है। अब तो वाकई मज़ा आएगा। फिर मैं, मेरी अम्मी, खाला, खाला की बेटी रूना और फूफी की बेटी शन्नो बैठ कर बातें करने लगीं। खाला की मस्ती अभी ख़तम हुई नहीं थी।
वह बोली :- रूना, बेटी तेरी चूत तेरी माँ की चूत ? रूना की चूत तो बहुत देर से गरम थी।
उसने भी उसी तरह जबाब दिया :- अम्मी तेरी बुर तेरी बिटिया की बुर।
मेरी अम्मी को भी जोश आ गया।
वह बोली :- समीना तेरी खाला की बहन का भोसड़ा ? मम्मी ने अपने भोसड़ा की तरफ इशारा किया।
मैंने भी जबाब दिया :- अम्मी, तेरी बुर चोदी बिटिया की बुर। मैंने भी अपनी बुर की तरफ इशारा किया।
अब शन्नो भी कहाँ पीछे रहने वाली थी।
वह बोली :- तेरी माँ की नन्द का भोसड़ा और उसकी बेटी की बुर ? उसने एक ही गाली में अपनी माँ की चूत और अपनी चूत लपेट लिया।
इतने में डोर बेल बजी। रूना ने दरवाजा खोला और दो लड़कों के साथ वापस आयी। वह बोली ये है रॉकी और ये है माइकल। ये दोनों मेरे दोस्त हैं। वो दोनों भी सबसे मिलकर खुश हुए। फिर हमने ड्रिंक्स शुरू कर दी। तब तक शन्नो के दो दोस्त आ गये। जैकी और विशाल। दोनों सबसे मिले और दारू पीने में शामिल हो गये। मैं तीन दोस्तों को बुलाया और तीनो आ गए। मैंने उन्हें सबसे मिलवाया। ये हैं हलीम और हबीब दोनों मलेसिया के हैं। ये है बलवंत पंजाब का। ये तीनो मेरे ज़िगरी दोस्त हैं। ये जब मुझसे अकेले में मिलते हैं तो तीनो मेरे आगे नंगे हो जातें हैं और मैं इनके आगे नंगी हो जाती हूँ। खाला बोली तो हो जा न नंगी भोसड़ी की समीना ? मैंने कहा खाला जान थोड़ी शराब तो पी लेने दो फिर मैं सबके सामने नंगी हो जाऊंगी।
अब एक बड़े हॉल में ५ बीवियां और ७ मियां मौजूद थे। गर्मी तो पहले से ही सब पर सवार थी। वासना और सवार हो गयी और उसके ऊपर से शराब का नशा भी। अब तो नंगा नाच होना ही था। सबसे बड़ा नशा तो हमारे लिए लण्ड था। हम सब इन मादर चोदों के लण्ड देखने के लिए बेताब हो रहीं थीं। आज तो यही खूबसूरती है। नहीं तो हर रोज़ मुझे मालूम होता था की आज चोदने वाले का लण्ड कैसा है कितना बड़ा है और कैसे चोदता है। आज ये सब नये नये लण्ड हैं इसलिए देखने की उत्सुकता बनी हुई है। खड़ी हुए और एक एक करके अपने सारे कपड़े उतार दिया। मैं मादर चोद बिलकुल नंगी हो गयी और घूम घूम कर सबको अपना नंगा जिस्म दिखने लगी। मुझे ग़ैर मर्दों के आगे नंगी होने में बड़ा मज़ा आता है। मुझे देख कर रूना भी नंगी हो गयी और फिर शन्नो भी। हम तीनो लड़कियां जो अब बीवियां भी हैं अपना अपना जिस्म दिखाते हुए अश्लील हरकतें करने लगीं। गालियां भी बकने लगीं और चूत चूँची गांड चूतड़ सब दिखाने लगीं।
तब तक अम्मी और खाला भी खड़ी होकर कपडे खोलने लगीं। खाला बोली अभी तक तो तुमने बेटियों की बुर देखी है अब इनकी माँ का भोसड़ा देखो। अम्मी और खाला दोनों ही मस्त जवान थी इसलिए उनकी बड़ी बड़ी चूँचियाँ भी तनी हुई थी और भोसड़ा भी टाइट था। मरदों के बदन में आग लग गयी बहन चोद। मैं आगे बढ़ी और रॉकी को हाथ पकड़ कर उठा लिया। उसके कपड़े खोलने लगी। मेरी अम्मी ने माइकल को नंगा करना शुरू कर दिया। खाला ने भी देर नहीं लगायी और उसने जैकी की पैंट उतार दी उसकी कमीज खोल दी और आखिर में जब चड्ढी खोली तो लौड़ा फनफना कर उसके सामने आ गया। अब रॉकी, माइकल और जैकी तीनो भोसड़ी वाले नंगे हो चुके थे। हम तीनों हौले हौले उनके लण्ड सहलाने लगीं। विशाल और हलीम को नंगा किया। वह दो लण्ड एक साथ पा गयी। दोनों लण्ड का सुपाड़ा बारी बारी से चाटने लगी। हलीम का लण्ड उसे बड़ा और मोटा भी लग रहा था। उधर शन्नो तो हबीब और बलवंत का लण्ड पाकर फूली नहीं समा रही थीं। उसकी ख़ुशी वाकई देखने वाली थी।
उसने कहा यार समीना हबीब के जितना बड़ा लण्ड मैंने आज तक नहीं देखा ? रूना बोली हां यार मैंने भी हलीम के लण्ड के बराबर कोई लण्ड आज तक नहीं देखा। तब तक अम्मी और खाला दोनों एक साथ बोली हाय अल्ला, आज हमें मालूम हो रहा है की लण्ड इतना बड़ा और इतना मोटा भी होता है। हबीब और हलीम दोनों मलेसिया के थे जहाँ के लण्ड १०/१२" के होतें हैं। ये दोनों काले थे और हम सब पहली बार कोई इतना बड़ा काला लण्ड देख रहीं थीं।
अम्मी ने कहा :- बेटी समीना, तुम ठीक ही कह रही थी की बाहर वालों के भी लण्ड का मज़ा लेना चाहिए ? खाला ने अहा :- हां बेटी समीना, रूना और शन्नो , आज मुझे मालूम हो गया की दुनिया जितनी बड़ी है उतने बड़े बड़े लण्ड भी हैं। हम लोग अभी अपने कुनबे और नाते रिश्तेदारों के लण्ड तक ही सीमित रहीं ? आज तो हमारी आँखें खुल गयीं हैं।
रूना ने मजाक किया और कहा ;- आज तो तेरा भोसड़ा भी खुल जायेगा, अम्मी जान ? आज तेरे भोसड़ा को मालूम होगा की लण्ड क्या होता है ?
खाला बोली :- अगर तेरी माँ का भोसड़ा बजेगा तो आज तेरी भी चूत का बाजा बजेगा, बुर चोदी रूना ?
हमारे सामने सात सात लण्ड टन टना रहे थे। एक से एक बढ़कर और एक से एक बेहतरीन लण्ड। हमने कभी भी इतने सारे नंगे खड़े लण्ड एक साथ नहीं देखा। हमारी उत्तेजना बढती जा रही थी। यह सच में लण्ड का एक बड़ा जलसा था। अम्मी ने कहा बेटी समीना जो तुमने कहा था वह करके दिखा दिया। आज तूने लण्ड का जलसा भी दिखाया और लण्ड का जलवा भी। ऐसा बोल कर वह माइकल का लण्ड मुंह में लेकर चूसने लगी। खाला माइकल का लण्ड चूसने लगी और मैं रॉकी का लण्ड। रूना और और शन्नो दो दो लण्ड बारी बारी से चूसने लगीं। सारे मरद भी हम लोगों की चूँचियाँ दबाने लगे, हमारी चूत सहलाने लगे और हमारे पूरे बदन पर हाथ फिराने लगे। ऐसा लग रहा था की जैसे कोई बहुत बड़ी ब्लू फिल्म चल रही है।
अचानक मेरी निगाह खाला के भोसड़ा पर जा टिकी। मैंने रॉकी का लण्ड खाला के भोसड़ा में घुसा दिया और कहा देख रूना मैं तेरी चोदने जा रही हूँ। तब तक अम्मी ने माइकल का लंड रूना की बुर में पेल दिया। उसके मुंह से आह निकली और वह चुदवाने लगी। रूना में हलीम का लण्ड शन्नो की चूत में घुसेड़ दिया। शन्नो बोली उई माँ फट गयी मेरी बुर ? इतना बड़ा लौड़ा पेल दिया बुर चोदी रूना ने। मगर वह गचर गचर चुदवाने लगी। शन्नो ने हबीब का लण्ड मेरी माँ की चूत में पेला और बलवंत का लण्ड मेरी चूत में। हम दोनों भी मस्ती से एक रंडी की तरह चुदवाने लगीं। तब तक विशाल ने अपना लण्ड खाला के मुंह में घुसेड़ दिया और जैकी लण्ड मेरी माँ के मुंह में ? ये दोनों दो दो लण्ड चुदवाने लगीं। पूरे हाल में गच्च गच्च, फच्च फच्च, धच्च धच्च, फचर फचर ,गचर गचर, भद्द भद्द, चूं, चा चें पों भो पूं आदि की आवाज़ें आने लगीं।
अम्मी बोली :- हाय मेरी बेटी समीना आज पहली बार मुझे इन आवाज़ों का मज़ा मिल रहा है। मैंने कभी सोंचा न था की मुझे चुदवाने का ऐसा भी सुख मिलेगा। अगर मैं तुमसे खुली नहीं होती तो आज यह सुख मुझे न मिल पाटा।
खाला बोली :- हां दीदी बिलकुल सही कह रही हैं। मेरी बेटी रूना अगर अपनी माँ चुदाना नहीं शुरू किया होता तो मुझे भी आज यह मज़ा नहीं मिलता।
खाला ने फिर मजाक में कहा :- बेटी रूना, तेरी माँ की चूत भोसड़ी की तू भी बड़ी गज़ब की चीज है।
रूना बोली :- तेरी बेटी की बुर बहन चोद, अम्मी ? तेरी बहन का लण्ड ? तू तो मुझसे भी ज्यादा गज़ब की चीज है। उस दिन तूने मुझे लौड़ा न पकड़ाया होता तो आज यह दिन देखने को नै मिलता।
इस तरह फिर हम सबने मिलकर एक दूसरे की चूत में लण्ड पेल पेल कर खूब चुदवाया।
उस दिन अम्मी बड़ी मजाकिया मूड में थीं तभी वह बोली - बेटी समीना, तेरी चूत तेरी माँ की चूत ? यह सुनकर मैं भी मूड में आ गयी और बोली - अम्मी, तेरी चूत तेरी बिटिया की चूत ?
अम्मी ने फिर कहा - बेटी तेरी चूत तेरी बहन की चूत। मैंने भी फिर जबाब दिया - अम्मी, तेरी चूत तेरी बहन की चूत ?
फिर हम दोनों खिलखिला कर हंसने लगीं।
अम्मी ने कहा - बेटी समीना तेरी खाला है न वह भी भोसड़ी की बड़ी हरामजादी है और उससे ज्यादा हरामजादी है उसकी बेटी।
मैंने कहा - हां अम्मी मैं जानती हूँ. खाला की बेटी बुर चोदी अपनी माँ चुदवाती है और वह खुद अपने मियां से ज्यादा ग़ैर मरदों से चुदवाती है। वह तो बिलकुल रंडी हो चुकी है। अम्मी ने कहा - अरे तेरी फूफी की बेटी का भी यही हाल है। वह कम नहीं है। दोनों माँ बेटी लण्ड का खेल खेलती हैं।
मैंने कहा - अम्मी खाला और फूफी की बात छोड़ो ? आजकल तो हर लड़की अपनी माँ चुदवाती है और खूब एन्जॉय करती है। मेरी सभी सहेलियां भी यही करती हैं। मेरे कॉलेज के कई लड़के इन लड़कियों की माँ चोदते हैं। बल्कि लड़कियां ही बुर चोदी लड़कों के लण्ड अपनी माँ के भोसड़ा में पेल देती हैं। अम्मी ने कहा -बेटी समीना, तो इसमें हर्ज़ क्या है ? लड़की जब जवान हो जाती है तो वह अपनी अम्मी की दोस्त बन जाती है। तुम भी मेरी चूत में लण्ड पेलती हो बेटी और में तेरी चूत में ? सच तो यह है पगली की माँ हो चाहे बेटी, नन्द हो चाहे भौजाई, सास हो चाहे बहू, देवरानी हो चाहे जेठानी सबको चाहिए लण्ड ? बिना लण्ड के कोई रह नहीं सकती? तो फिर क्यों न सबके साथ मिलकर लण्ड का मज़ा लिया जाए ? एक लण्ड का जलसा मनाया जाए। क्यों न सबको इकठ्ठा करके सबकी बुर में लण्ड पेला जाये ? मैंने कहा - हां अम्मी आईडिया तो बहुत बढ़िया है। मैं अभी खाला की बेटी और फूफी की बेटी को बुला लेती हूँ और जलसे का प्लान बना लेती हूँ।
***********
मेरा नाम समीना हैं मैं २४ साल की एक बिंदास लड़की हूँ। हलांकि मेरी शादी हो चुकी है पर मैं अभी यहाँ अपनी अम्मी के साथ रह कर पढ़ाई कर रही हूँ। मैं खूबसूरत हूँ हॉट हूँ और बहुत बड़ी बुर चोदी हूँ। जी हां मुझे बुर चुदाने में बड़ा मज़ा आता है। मैं लण्ड की जबरदस्त शौक़ीन हूँ। ससुराल गयी तो वहां एक महीने के अंदर ही अपने देवरों के लण्ड का मज़ा लिया। अपने जेठ और खाला ससुर से चुदवाया। अपने नंदोई का लण्ड अपनी चूत में घुसेड़ कर आयी हूँ। अभी तो मुझे चोदने के लिए कई लोग बाकी हैं। मैं जब ससुराल जाऊंगी तो फिर सबसे चुदवाऊंगी। मुझे लैपटॉप पर पोर्न फिल्म देखना और सेक्स की कहानियां पढ़ना बड़ा अच्छा लगता है। मैं इन्हे खूब एन्जॉय करती हूँ। पोर्न फिल्म में मुझे लण्ड बहुत अच्छे लगते हैं।
मेरी अम्मी का नाम है नदीमा। वह भी एक मद मस्त महिला हैं। खूब हंसी मजाक करती हैं खुली खुली बात करती हैं. मैं जबसे १ ८ + की हुई तबसे अम्मी मुझसे गालियों से बातें करतीं हैं। मुझे कभी भोसड़ी वाली समीना कहती हैं कभी बुर चोदी समीना कहती हैं। मैं भी एन्जॉय करती हूँ और उसे हरामजादी नदीमा बुर चोदी और भोसड़ी की नदीमा कहती हूँ। हम दोनों में बहुत अच्छा तालमेल है।
एक दिन हमारे पड़ोस की रेहाना आंटी आ गयी। वह अम्मी से बातें करने लगी। मैं ऊपर थी। मुझे समझ में आया की बातें बड़ी मसालेदार हो रही हैं. मैं नीचे उतरने लगी। तभी आंटी बोली हाय नदीमा जानती हो मेरी बेटी अपनी माँ चुदवाने लगी है। / अभी कल ही उसने अपने बॉय फ्रेंड का लण्ड मेरी चूत में पेल दिया। हुआ यह की जब मैं उसके कमरे में पहुंची तो वह अपने किसी दोस्त का लण्ड चाट रही थी। वह नंगी थी और लड़का भी नंगा। मुझे देख वह शर्मायी नहीं बल्कि लण्ड मुझे दिखाते हुए कहा लो अम्मी तुम भी इसका लण्ड पकड़ कर देखो न ?
मेरी नज़र लण्ड पर पड़ी तो मैं ललचा गयी। मैंने हाथ बढ़ाया और लण्ड पकड़ लिया। फिर मैं जबान निकाल कर लण्ड चाटने लगी। इतने में उसने लण्ड मेरी चूत में पेल दिया और बड़ी बेशर्मी अपनी माँ चुदवाने लगी। मैंने पूंछा की तुम इतनी बेशर्म कैसी हो गयी हो बेटी तो वह बोली अरे अम्मी तुम भी "Sex" की कहानियां पढ़ो तो तुम मुझसे ज्यादा बेशर्म हो जाओगी। मैं कई दिनों से वही कहानियां पढ़ रही हूँ। मैं बोल्ड हो गयी हूँ.मस्ती से गालियां देने लगी हूँ और आज देखो अपनी माँ चुदवाने लगी हूँ। यह सब कमाल "Sex" की कहानियों का है।
तब मुझे समझ में आया की वाकई इन कहानियों में कुछ है। मैं भी लैपटॉप खोल कर कहानियां पढ़ने लगी तो मेरे कपड़े खुल गए। उसी रात को अम्मी भी वही कहानियां पढ़ रही थीं। वह मेरे पास आयी और बोली भोसड़ी की समीना तेरी माँ का भोसड़ा बहन चोद ? मैं भी गरम थी मेरी चूँचियाँ खुली थीं। मैं बोली अम्मी तेरी बिटिया की बुर ? मादर चोद तेरी बेटी बहुत बड़े बड़े लण्ड चाटती है।
अम्मी ने मुझे गले लगाया और कहा बेटी आज से तुम मेरी दोस्त हो। मैं तेरी बुर चोदूँगी और तू मेरी बुर चोदेगी। हम दोनों लण्ड का मज़ा मिलकर लेने लगीं। जब मेरी शादी हुई तो मुझे मालूम हुआ की मेरा शौहर अम्मी के नंदोई का भाई लगता है। तो मेरा शौहर भी उसका नंदोई हुआ और मैं अम्मी की नन्द हो गयी। अब अम्मी अपनी नन्द की बुर तो जरूर चोदेगी और मैं अम्मी की बुर चोद चोदूँगी क्योंकि वह मेरी भाभी लगती है। हम लोगों के समाज में शादियां नजदीकी रिश्तेदारों जातीं हैं इसलिए आपस के रिश्ते भी बदल जातें हैं और तब चुदाई का दायरा बढ़ जाता है। अचानक मेरी खाला आ गयीं। अम्मी तो मूड में थीं ही।
वह बोली :- अरी नज़मा इतनी देर से क्या तू अपनी बिटिया चुदा रही थी ?
वह बोली :- नहीं दीदी मैं अपनी बिटिया नहीं चुदा रही थी बल्कि बिटिया अपनी माँ चुदा रही थी।
अम्मी :- हाय दईया किसका लण्ड पेल रही थी वो तेरी चूत में ?
खाला :- अपने ससुर का लण्ड दीदी ? मैं तो मस्ती लेटी थी तभी वह अपने ससुर का लण्ड पकड़े हुए मेरे पास आ गयी और बोली लो सम्भालो अपने समधी का लण्ड अम्मी ? चुदवा लो अपना भोसड़ा ? तूने कहा था न की बेटी कभी अपने ससुर का लण्ड पेलो मेरी चूत में । तो चलो आज मैं पेल देती हूँ। बस वह चुदवाने लगी अपनी माँ की चूत। मैं अभी चुदवाकर उठी हूँ और यहाँ चली आयीके जलसे के बारे में बताया
अम्मी :- तो फिर तेरी बेटी क्या कर रही है ?
खाला :- वह अपने नंदोई से चुदवा रही है ?
अम्मी :- अरे वाह ! तब तो बड़े मजे हो रहें है तेरे घर में ? पर उसकी नन्द कहाँ हैं ?
खाला :- उसकी नन्द की बुर मेरी बेटी का अब्बू ले रहा है।
ये सब बातें सुनकर मैं भी गरमा उठी और अम्मी भी। मैं सोंचने लगी की अब मुझे जल्दी ही लण्ड का जलसा करना पड़ेगा।
दूसरे दिन मैंने खाला की बेटी रूना को और फूफी की बेटी शन्नो को बुलाया। दोनों शादी शुदा है, मस्त है, बिंदास हैं और बेहद खूबसूरत हैं। मैंने उनको बैठाकर उनको लण्ड के जलसे के बारे में बताया। दोनों मेरी बात सुनकर बहुत खुश हुई और कहा हां हम सबको मिलकर ऐसा प्रोग्राम करना चाहिए। मैंने कहा सच तो यह है की हम लोग अपने ही कुनबे और नाते रिश्तेदारों के लण्ड पकड़ पकड़ कर बोर हो चुकी हैं। जैसे की मैं तुम दोनों के अब्बू से चुदवाती हूँ और तुम दोनों मेरे अब्बू से। मैं तेरे देवर का लण्ड पीती हूँ तुम मेरे देवर का लण्ड पीती हो। मैं तेरे मियां से चुदवाती हूँ तुम मेरे मियां से। मेरा ससुर तेरी माँ चोदता है तेरा ससुर मेरी माँ चोदता है। मेरा खालू मेरी चूत में लण्ड पेलता है मेरा मियां खाला की चूत में लण्ड पेलता है। इतना ही नहीं मेरी अम्मी तेरे अब्बू से चुदवाती है और तेरी अम्मी मेरे अब्बू से चुदवाती हैं। हमारी अम्मियाँ भी बुर चोदी यही करती है जो हम लोग करती हैं। ले दे करके बस यही लण्ड हमारे इर्द गिर्द घूमते रहतें हैं। हमने कभी बाहर वालों के लण्ड का मज़ा लिया ही नहीं है ?
रूना बोली :- बाहरी लण्ड का मज़ा छोड़ो यार हमने कभी ग़ैर मुस्लिम लण्ड देखा ही नहीं ? हमेशा कटा लण्ड ही मिलता हम सबको ? कभी समूचे लण्ड का दीदार ही नहीं हुआ ?
शन्नो बोली :- हां यार बात तो सच है। मैं भी नये नये लण्ड देखना चाहती हूँ। उनसे चुदवाना चाहती हूँ। दुनिया बहुत बड़ी है यार। मुस्लिम और ग़ैर मुस्लिम लण्ड भी १०" - १०" / १२" - १२" के होते हैं जिन्हे मैंने आज तक नहीं देखा। मैं सच में उन्हें देखना चाहती हूँ।
रूना बोली :- हां यार और सच यह भी है की हमारी अम्मियों को भी बाहर के लण्ड का मज़ा नहीं मिलता।
मैंने कहा :- तो फिर चलो हम तीनो मिलकर बाहरी मर्दों को बुलाएं और उनसे सबकी बुर चुदवायें। अब तुम लोग जल्दी से लोगों को बुलाने के लिए फोन करो।
शन्नो कुछ शरारत के मूड में आ गयी और बोली :- यार समीना आज मैं तेरी माँ चोदूँगी। तेरी माँ की चूत में लण्ड पेलूँगी और तेरी चूत में भी ?
मैंने कहा :- हां यार पेल लेना ? पहले वो लण्ड तो दिखा जो तू मेरी चूत में पेलेगी ?
वह बोली :- तेरी माँ की नन्द का भोसड़ा, समीना। तेरी फूफी की बिटिया की बुर ? मैं जान गयी की यह बिना गली खाये मानेगी नहीं।
मैंने कहा - शन्नो तेरी माँ की भाभी का भोसड़ा ? उसकी बेटी की चूत ? मैं दोनों को पटक पटक के चोदूँगी।
रूना बोली :- समीना, तेरी माँ की बहन की बुर ?
मैंने कहा :- तेरी माँ की बहन का लण्ड ? अच्छा चलो अब गालियां बहुत हो गयीं। इन गालियों ने तो चूत में आग और लगा दी है। अब जल्दी से लण्ड का इंतज़ाम करो। वो दोनों जुट गयी और मैं अंदर गयी और खाला को आवाज़ दी।
मेरी खाला ने शायद हमारी बातें सुन लीं थीं। उसे हमारे प्लान का पता लग गया था तभी तो वह अम्मी के पास दौड़ी दौड़ी गयीं और बोलीं - हाय दीदी मुझे मालूम हुआ है की आज हमारी बेटियां चुदायेगीं अपनी अपनी माँ का भोसड़ा ?
अम्मी ने जबाब दिया - क्यों नहीं चुदवाएगीं ? अब वो सब जवान हो गयीं हैं। उनकी शादियां हो गयीं हैं। सब की सब बुर चोदी अपनी अपनी ससुराल से चुदवा कर आयीं हैं। अब यहाँ अपनी अपनी माँ का भोसड़ा चुदवाएगीं तो अच्छा ही है न ? चुदवाने दो।
हम तीनो बैठी हुई बड़ी बड़ी गरमागरम बातें कर रही थीं। अब हम सब केवल बेटियां ही नहीं है बल्कि बीवियां बन चुकी हैं। हम सब अपनी अपनी सुहागरात मनाकर अपने अपने माईके आयीं हैं। या यूँ साफ़ साफ शब्दों में कहूँ तो अपनी अपनी ससुराल से चुदवाकर कर आयीं हैं। हमारी जैसी मस्त जवान बीवियां जब एक साथ बैठेंगीं तो चुदाई की बातें तो होंगीं ही। इसलिए हम लोग अपनी अपनी सुहागरात की बातें, चुदाई की बातें और ससुराल के माहौल की बातें कर रहीं थीं। हम अपने अपने मियां के लन्ड की बातें, लन्ड के साइज की बातें और लन्ड की खूबसूरती की बातें भी कर रही थीं।
तभी मैंने कहा आज क्यों न अपनी अपनी माँ का भोसड़ा चुदाया जाये ? वैसे तो हम अब अपनी अपनी माँ अकेले अकेले चुदवा लेतीं हैं। इस मामले में सब एक दूसरे को अच्छी तरह जानतीं हैं लेकिन कभी ऐसा मौक़ा नहीं मिला की जब सबकी माँ एक साथ चुदवाई जायें। सबने हां कह दी और प्लान बन गया।
खाला बोली हां समीना मैं यहाँ बाथ रूम में अपनी झांटें बना रही हूँ। मुझे मालूम हुआ है की तुम लड़कियों ने आज अपनी अपनी माँ चुदाने का प्लान बनाया है तो फिर माँ का भोसड़ा तैयार होना चाहिए न ? मैंने तेरी माँ का भोसड़ा तैयार कर दिया है और अब रूना की माँ का भोसड़ा तैयार कर रही हूँ। मैंने कहा नहीं खाला ऐसी कोई बात नहीं है पर हां आज हमने लण्ड का जलसा मनाने का सोंचा है। वह बोली हाय दईया जब चारों तरफ लण्ड ही लण्ड दिखेगें तो वो सब मादर चोद किसी न किसी की बुर में घुसेगें जरूर। अगर तुम लोगों ने अपनी माँ चुदवाई तो फिर हम लोग भी अपनी बेटियां चुदवायेगीं। अभी तो हम भी जवान है। तुम अगर माँ का भोसड़ा फाड़ोगी तो हम भी बेटियों की बुर फ़ाड़ेगीं। हम बेटियों से किसी कीमत पर कम नहीं हैं। बुर चोदी बेटियों की माँ की चूत ?
मैं समझ गयी की अम्मियाँ भी अपनी तैयारी से हैं। जोश इन लोगों में भी खूब है। अब तो वाकई मज़ा आएगा। फिर मैं, मेरी अम्मी, खाला, खाला की बेटी रूना और फूफी की बेटी शन्नो बैठ कर बातें करने लगीं। खाला की मस्ती अभी ख़तम हुई नहीं थी।
वह बोली :- रूना, बेटी तेरी चूत तेरी माँ की चूत ? रूना की चूत तो बहुत देर से गरम थी।
उसने भी उसी तरह जबाब दिया :- अम्मी तेरी बुर तेरी बिटिया की बुर।
मेरी अम्मी को भी जोश आ गया।
वह बोली :- समीना तेरी खाला की बहन का भोसड़ा ? मम्मी ने अपने भोसड़ा की तरफ इशारा किया।
मैंने भी जबाब दिया :- अम्मी, तेरी बुर चोदी बिटिया की बुर। मैंने भी अपनी बुर की तरफ इशारा किया।
अब शन्नो भी कहाँ पीछे रहने वाली थी।
वह बोली :- तेरी माँ की नन्द का भोसड़ा और उसकी बेटी की बुर ? उसने एक ही गाली में अपनी माँ की चूत और अपनी चूत लपेट लिया।
इतने में डोर बेल बजी। रूना ने दरवाजा खोला और दो लड़कों के साथ वापस आयी। वह बोली ये है रॉकी और ये है माइकल। ये दोनों मेरे दोस्त हैं। वो दोनों भी सबसे मिलकर खुश हुए। फिर हमने ड्रिंक्स शुरू कर दी। तब तक शन्नो के दो दोस्त आ गये। जैकी और विशाल। दोनों सबसे मिले और दारू पीने में शामिल हो गये। मैं तीन दोस्तों को बुलाया और तीनो आ गए। मैंने उन्हें सबसे मिलवाया। ये हैं हलीम और हबीब दोनों मलेसिया के हैं। ये है बलवंत पंजाब का। ये तीनो मेरे ज़िगरी दोस्त हैं। ये जब मुझसे अकेले में मिलते हैं तो तीनो मेरे आगे नंगे हो जातें हैं और मैं इनके आगे नंगी हो जाती हूँ। खाला बोली तो हो जा न नंगी भोसड़ी की समीना ? मैंने कहा खाला जान थोड़ी शराब तो पी लेने दो फिर मैं सबके सामने नंगी हो जाऊंगी।
अब एक बड़े हॉल में ५ बीवियां और ७ मियां मौजूद थे। गर्मी तो पहले से ही सब पर सवार थी। वासना और सवार हो गयी और उसके ऊपर से शराब का नशा भी। अब तो नंगा नाच होना ही था। सबसे बड़ा नशा तो हमारे लिए लण्ड था। हम सब इन मादर चोदों के लण्ड देखने के लिए बेताब हो रहीं थीं। आज तो यही खूबसूरती है। नहीं तो हर रोज़ मुझे मालूम होता था की आज चोदने वाले का लण्ड कैसा है कितना बड़ा है और कैसे चोदता है। आज ये सब नये नये लण्ड हैं इसलिए देखने की उत्सुकता बनी हुई है। खड़ी हुए और एक एक करके अपने सारे कपड़े उतार दिया। मैं मादर चोद बिलकुल नंगी हो गयी और घूम घूम कर सबको अपना नंगा जिस्म दिखने लगी। मुझे ग़ैर मर्दों के आगे नंगी होने में बड़ा मज़ा आता है। मुझे देख कर रूना भी नंगी हो गयी और फिर शन्नो भी। हम तीनो लड़कियां जो अब बीवियां भी हैं अपना अपना जिस्म दिखाते हुए अश्लील हरकतें करने लगीं। गालियां भी बकने लगीं और चूत चूँची गांड चूतड़ सब दिखाने लगीं।
तब तक अम्मी और खाला भी खड़ी होकर कपडे खोलने लगीं। खाला बोली अभी तक तो तुमने बेटियों की बुर देखी है अब इनकी माँ का भोसड़ा देखो। अम्मी और खाला दोनों ही मस्त जवान थी इसलिए उनकी बड़ी बड़ी चूँचियाँ भी तनी हुई थी और भोसड़ा भी टाइट था। मरदों के बदन में आग लग गयी बहन चोद। मैं आगे बढ़ी और रॉकी को हाथ पकड़ कर उठा लिया। उसके कपड़े खोलने लगी। मेरी अम्मी ने माइकल को नंगा करना शुरू कर दिया। खाला ने भी देर नहीं लगायी और उसने जैकी की पैंट उतार दी उसकी कमीज खोल दी और आखिर में जब चड्ढी खोली तो लौड़ा फनफना कर उसके सामने आ गया। अब रॉकी, माइकल और जैकी तीनो भोसड़ी वाले नंगे हो चुके थे। हम तीनों हौले हौले उनके लण्ड सहलाने लगीं। विशाल और हलीम को नंगा किया। वह दो लण्ड एक साथ पा गयी। दोनों लण्ड का सुपाड़ा बारी बारी से चाटने लगी। हलीम का लण्ड उसे बड़ा और मोटा भी लग रहा था। उधर शन्नो तो हबीब और बलवंत का लण्ड पाकर फूली नहीं समा रही थीं। उसकी ख़ुशी वाकई देखने वाली थी।
उसने कहा यार समीना हबीब के जितना बड़ा लण्ड मैंने आज तक नहीं देखा ? रूना बोली हां यार मैंने भी हलीम के लण्ड के बराबर कोई लण्ड आज तक नहीं देखा। तब तक अम्मी और खाला दोनों एक साथ बोली हाय अल्ला, आज हमें मालूम हो रहा है की लण्ड इतना बड़ा और इतना मोटा भी होता है। हबीब और हलीम दोनों मलेसिया के थे जहाँ के लण्ड १०/१२" के होतें हैं। ये दोनों काले थे और हम सब पहली बार कोई इतना बड़ा काला लण्ड देख रहीं थीं।
अम्मी ने कहा :- बेटी समीना, तुम ठीक ही कह रही थी की बाहर वालों के भी लण्ड का मज़ा लेना चाहिए ? खाला ने अहा :- हां बेटी समीना, रूना और शन्नो , आज मुझे मालूम हो गया की दुनिया जितनी बड़ी है उतने बड़े बड़े लण्ड भी हैं। हम लोग अभी अपने कुनबे और नाते रिश्तेदारों के लण्ड तक ही सीमित रहीं ? आज तो हमारी आँखें खुल गयीं हैं।
रूना ने मजाक किया और कहा ;- आज तो तेरा भोसड़ा भी खुल जायेगा, अम्मी जान ? आज तेरे भोसड़ा को मालूम होगा की लण्ड क्या होता है ?
खाला बोली :- अगर तेरी माँ का भोसड़ा बजेगा तो आज तेरी भी चूत का बाजा बजेगा, बुर चोदी रूना ?
अचानक मेरी निगाह खाला के भोसड़ा पर जा टिकी। मैंने रॉकी का लण्ड खाला के भोसड़ा में घुसा दिया और कहा देख रूना मैं तेरी चोदने जा रही हूँ। तब तक अम्मी ने माइकल का लंड रूना की बुर में पेल दिया। उसके मुंह से आह निकली और वह चुदवाने लगी। रूना में हलीम का लण्ड शन्नो की चूत में घुसेड़ दिया। शन्नो बोली उई माँ फट गयी मेरी बुर ? इतना बड़ा लौड़ा पेल दिया बुर चोदी रूना ने। मगर वह गचर गचर चुदवाने लगी। शन्नो ने हबीब का लण्ड मेरी माँ की चूत में पेला और बलवंत का लण्ड मेरी चूत में। हम दोनों भी मस्ती से एक रंडी की तरह चुदवाने लगीं। तब तक विशाल ने अपना लण्ड खाला के मुंह में घुसेड़ दिया और जैकी लण्ड मेरी माँ के मुंह में ? ये दोनों दो दो लण्ड चुदवाने लगीं। पूरे हाल में गच्च गच्च, फच्च फच्च, धच्च धच्च, फचर फचर ,गचर गचर, भद्द भद्द, चूं, चा चें पों भो पूं आदि की आवाज़ें आने लगीं।
अम्मी बोली :- हाय मेरी बेटी समीना आज पहली बार मुझे इन आवाज़ों का मज़ा मिल रहा है। मैंने कभी सोंचा न था की मुझे चुदवाने का ऐसा भी सुख मिलेगा। अगर मैं तुमसे खुली नहीं होती तो आज यह सुख मुझे न मिल पाटा।
खाला बोली :- हां दीदी बिलकुल सही कह रही हैं। मेरी बेटी रूना अगर अपनी माँ चुदाना नहीं शुरू किया होता तो मुझे भी आज यह मज़ा नहीं मिलता।
खाला ने फिर मजाक में कहा :- बेटी रूना, तेरी माँ की चूत भोसड़ी की तू भी बड़ी गज़ब की चीज है।
रूना बोली :- तेरी बेटी की बुर बहन चोद, अम्मी ? तेरी बहन का लण्ड ? तू तो मुझसे भी ज्यादा गज़ब की चीज है। उस दिन तूने मुझे लौड़ा न पकड़ाया होता तो आज यह दिन देखने को नै मिलता।
इस तरह फिर हम सबने मिलकर एक दूसरे की चूत में लण्ड पेल पेल कर खूब चुदवाया।
Click on Search Button to search more posts.
आपको ये भी पसंद आएंगें
- चाचा ने चाची को चोदा - चाची की चुदाई - chacha ne chachi ko choda - Aunty ki chut chudai
- चुदवाने के लिए तेरे पास खुद आएगी - Sex ka mantar
- मामा ने भाजी को चोदकर माँ बनाया - Bhanji ko Mama ne choda
- प्यासी आंटी की चूत चुदाई - Pyasi Aunty Ki Chut Chudai - Desi kahani
- ससुर जी ने चोदकर चूत फुला दी - बहु को ससुर ने चोदो - Sasur ji ne chodkar bahu ki chut fula di
- छोटी भाभी की होली में रंग लगाकर की चुदाई Chhoti Bhabhi ki holi me rang lagakar ki chudai
- बेटा माँ बहन बीवी बेटी सब चोदो - Hindi Sex story
- कुँवारी साली को माँ बनाया - जीजा ने की मजेदार चुदाई खूब मजे से चोदा - Jija Sali ki chut ki chudai
- Meri Lovely Sister Shweta Ki Chudai Ki Kahani
- बहू को बाथरूम में नंगा नहाते देखा - ससुर ने बहु को चोदा करी चुदाई - Sasur ne bahu ko nahate dekha
