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मेरे हसबैंड ने मस्ती से बुआ की चूत चुदाई की - Mere pati ne buaa ko puri raat choda
मेरे हसबैंड ने मस्ती से बुआ की चूत चुदाई की - Mere pati ne buaa ko puri raat choda , मस्त और जबरदस्त चुदाई , चुद गई , चुदवा ली , चोद दी , चुदवाती हूँ , चोदा चादी और चुदास अन्तर्वासना कामवासना , चुदवाने और चुदने के खेल , चूत गांड बुर चुदवाने और लंड चुसवाने की हिंदी सेक्स पोर्न कहानी.
ये क्या तुम रोज़ रोज़ अपनी ही बीवी चोदा करते हो ? मेरी ही चूत में लण्ड पेला करते हो। रोज़ रोज़ मुझे चोदने में तुम्हे बोरियत नहीं होती ? रोज़ रोज़ एक ही बुर लेते लेते तुम बोर नहीं हो जाते ? एक ही तरह की चूँचियाँ दबाते दबाते बोर नहीं हो जाते ? एक ही तरह की गांड पर हाथ फेरते फेरते तुम्हे शर्म नहीं आती। अरे मेरा राजा कभी तो स्वाद बदल लिया करो ? कभी तो किसी के साथ बुर की अदला बदली करके चोदा करो ? कभी तो किसी और की बीवी की गांड पर हाथ फेरो। कभी तो किसी और की बीवी की चूँचियाँ दबाओ ? जब तुम ऐसा करोगे तभी तो तुम्हे दूसरों की बीवियों की चूत का स्वाद मिलेगा। एक बात याद रखो हर बीवी की चूत का मज़ा अलग अलग होता है। तुम कैसे मरद हो ? तुम्हारा ध्यान किसी और की बीवी की तरफ जाता ही नहीं। तुम किसी और की बीवी चोदना ही नहीं चाहते जबकि सारी दुनियां परायी बीवियां चोदने के लिये उतावली रहती है। लोग दूसरों की बीवी चोदने के लिए लण्ड हाथ में लिए घूमते हैं। मुझे इतने शर्मीले मरद बिलकुल पसंद नहीं हैं। अब पड़ोस के राकेश बाबू को देखो हर दिन बीवी अदल बदल कर चोदते हैं उन्हें बिलकुल बोरियत नहीं होती। हर दिन एक नई बीवी की बुर में लण्ड पेलते हैं। एन्जॉय करते हैं। एक तुम हो जो एक ही जगह हर दिन लण्ड घुसाते रहते हो। एक जगह कुंआ खोदते रहते हो ? अरे अब तो हमारी शादी के दो साल हो गये ? अब तो अपनी समझदारी से काम लो।
मेरा नाम है मिताली दोस्तों. मैं अपने पति को दूसरे की बीवी चोदने के लिए उकसा रही थी। उसे ललकार रही थी। वैसे आपको यह अजूबा अलग रहा होगा। क्योंकि कोई भी बीवी अपने पति को दूसरे की बीवी चोदने नहीं देती। एक मैं हूँ जो अपने पति से दूसरों की बीवियां चुदवाना चाहती हूँ। इसके पीछे मेरा स्वार्थ है। मैं वास्तव में पराये मरदों के लण्ड की बड़ी दीवानी हूँ। मैं ग़ैर मर्दों से दिन रात चुदवाना चाहती हूँ। इसलिए मेरी इच्छा है की मेरा पति एक दिन किसी और की बीवी चोद ले तो मेरा रास्ता खुल जायेगा। वह एक परायी बीवी चोदेगा तो मैं दो पराये मरदों से चुदवा लूंगी। फिर वह मुझे मना नहीं कर पायेगा। दूसरी बात यह है की मेरे पति का लण्ड भगवान् की दया से बड़ा मोटा तगड़ा है। जो बीवी एक बार उससे चुदवायेगी वो खुद भी बार बार चुदाने आएगी और दूसरी बीवियों को भी लाएगी। तब मुझे उनके पतियों से आसानी से चुदवाने का मौक़ा मिल जायेगा।
मैं तो रोज़ एक नया लण्ड अपनी बुर में घुसेड़ना चाहती हूँ।
मेरा पति मिस्टर मिहिर हैं। वह एक स्मार्ट, हैंडसम और गोरा चिट्टा मर्द है। उसके लण्ड के बारे मैं आपको बता चुकी हूँ। कद उसका ५' १०" का है। उसके हाव भाव से मालूम होने लगा की वह मेरी बात से सहमत है। मेरी बातें सुनकर वह बोला अच्छा मिताली तुम ही बताओ की मैं किसकी बीवी चोद लूं ? जिसकी बीवी चोदूंगा उसका पति तो मुझे छोड़ेगा नहीं ? मैंने तपाक से कहा वह कुछ नहीं करेगा ज्यादा से ज्यादा बदले में तेरी बीवी चोद लेगा और क्या ? मेरा जबाब सुनकर वह सन्न रह गया और फिर मुस्कराने लगा। तभी मेरा फोन आ गया। वह फोन मेरी बुआ की लड़की सेफाली का था। मैं उससे बातें करने लगी। उसने बताया की दीदी मैं कल अपने हसबैंड के साथ आ रही हूँ, मुंबई घूमने। मैंने कहा अरे वाह ! बिलकुल आ जाओ।
दूसरे दिन वह सवेरे ८ बजे आ गयी। हमारा परिचय हुआ। उसके पति का नाम करन है। मैं पहली बार उसके पति से मिली और मेरा पति पहली बार सेफाली से मिला। मेरा पति बड़े गौर से सेफाली को देख रहा था. उसके मन में आया की सेफाली भोसड़ी की अगर मेरा लण्ड पकड़ ले तो मज़ा आ जाये ? मैं भी करन को बड़े गौर से देख रही थी। मैं सोंचने लगी की लड़का तो बड़ा बढ़िया है। इसका लौड़ा भी साला बड़ा मस्त होगा। मैं तो अब जल्दी से जल्दी इसका लण्ड पकड़ना चाहती हूँ। उधर सेफाली के मन आया की जीजा तो बड़ा हैंडसम आदमी है तो इसका लौड़ा भी बड़ा हैंडसम होगा। आज रात को अगर मुझे इसका लण्ड पीने को मल जाये तो मज़ा आ जाये ? ऐसा ही कुछ करन सोंच रहा था। उसके मन में आया की मिताली भाभी जब इतनी खूबसूरत हैं तो इसकी चूत बहन चोद कितनी खूबसूरत होगी ? और इसकी चूँचियाँ तो मेरी जान ले रहीं हैं। मन करता है की लौड़ा अभी इसकी चूँचियों के बीच घुसेड़ दूँ।
खैर वो दोनों तैयार होने बाथ रूम चले गए और हम दोनों सबके लिए नास्ता बनाने लगे। तभी किसी ने डोर बेल बजा दी। मैंने दरवाजा खोला तो सामने मेरी सहेली रोली खड़ी थी। मैं कहा यार तुमने तो मुझे सरप्राईज़ दे दिया . वह बोली हां यार मैं यही चाहती थी. देखो ये है मिस्टर रोहित मेरे हसबैंड। मैंने दोनों को अंदर बैठाया और फिर उन्हें सबसे मिलवाया। मैं सोंचने लगी की आज भगवान बड़ा खुश है हमसे। एक यह भी बहुत बढ़िया लण्ड आ गया। मेरे पति ने रोली को देखा तो देखता रह गया। रोली उसे देख कर बोली वाओ, मिताली तेरा तो हसबैंड बड़ा हॉट है यार ? फिर वह मेरे कान में बोली यार मेरी तो इस पर नियत ख़राब हो गयी है। मैंने भी उसके कान में कहा यार मेरी भी नियत तेरे हसबैंड पर ख़राब हो गयी है। फिर हम दोनों हंसने लगी। नास्ता के बाद हम सब घूमने निकल पड़े।
शाम को करीब ८ बजे हम सबकी महफ़िल जम गयी। ड्रिंक्स शुरू हो गयी। तीन कपल तीनो मस्त जवान। जवान बीवियां जवान मियां। सबने एक स्वर में चियर्स कहा और घूट पर घूट शराब पीने लगे। बाते होने लगीं।
नशा धीरे धीरे चढने लगा। बातें गहरी होने लगी। दूसरा पैग भी ख़तम हो गया तो बातें अश्लील होने लगीं। तीसरे पैग ने कमाल दिखाना शुरू कर दिया।
रोली ने कहा :- सुनों मैं एक चुटकुला सुनाती हूँ :-
लड़की - यार कल मेरा एग्जाम है, मुझे सवेरे जल्दी जगा देना।
लड़का - मेरा 'लण्ड' पकड़ कर सो जाओ ये सवेरे जल्दी उठ जाता है।
सबने ताकियाँ बजा कर ठहाका लगाया।
रोली के मुंह से 'लण्ड' सुनकर सबको खूब मज़ा आया।
फिर सेफाली ने भी सुनाया। वह बोली :-
एक आसिक ने कहा -
सिगरेट भले ही खड़े खड़े पियो लेकिन
शराब मेरे 'लण्ड' पे बैठ कर पिया करो
सबने खूब एन्जॉय लिया और खिलखिलाकर हंस पड़े।
फिर मैं कहाँ रुकने वाली थी। मैंने भी एक चुटकुला दाग दिया :-
एक बीवी अपने माईके जा रही थी।
पति ने पूंछा - कुछ चाहिए ?
बीवी बोली - अपना 'लण्ड' काट कर दे दो मुझे । मज़ा भी आ जायेगा और मुझे तुम पर शक भी नहीं होगा।
सबने तालियां बजाई, एन्जॉय किया और खूब ठहाका लगाया।
इससे माहौल में गर्मी आ गयी। बीवियों की चूँचियाँ तन गयी और चूत की आग भड़कने लगी। उधर मरदों के लण्ड बहन चोद अंदर ही अंदर टन टनाने लगे। तब तक तीन तीन पैग शराब सबने पे ली थी। मरदों से ज्यादा तो शारब बीवियां पी। आजकल की बीवियां किसी भी काम में मरदों से कम नहीं हैं। नशा अपना काम दिखाने लगा। सभी नशे में धुत्त थे। ऐसे में खुल कर बातें करना, कुछ अल्लम गल्लम कहना, गाली गलौज करना, थोड़ी बदतमीजी करना, अपने कपड़े अस्त व्यस्त कर देना। सब चलता है और यह सब करने का बहाना भी मिल जाता है।
इतने में रोली ने कहा :- ये सेफाली, तेरी बहन की बुर , तेरी बहन की माँ की चूत। ये तो मेरे साथ कॉलेज में लण्ड हिलाया करती थी यार ? सेफाली ने कहा :- अच्छा तब तो बड़ा मज़ा आता होगा ?
मैंने कहा :- अरे सेफाली तुम इसकी बातों पर मत जाओ। ये बुर चोदी बहुत बड़ी झूंठी हैं। शराब पीने के बाद ये इसी तरह का हंगामा करती है।
रोली ने कहा :- नहीं यार मैं सच कह रही हूँ। मैं आज इसकी बुर चोदूँगी। इसकी बुर में लण्ड पेलूँगी मैं। आज बहुत दिनों के बाद मिली है मुझको।
मुझे भी ताव आ गया। मैंने कहा :- लण्ड तो मैं भी पेलूँगी तेरी चूत में ?
रोली ने कहा :- मैं सेफाली के मियां का लण्ड तेरी चूत में घुसा दूँगी।
मैंने कहा :- मैं तेरे मियां का लण्ड सेफाली की चूत में घुसेड़ दूँगी।
सेफाली ने कहा :- तो फिर मैं मिहिर जीजा का लण्ड रोली की चूत में पेल दूँगी।उसे सबके सामने नंगा करने लगी।
तीनो मरद इन सबकी बातें सुनकर बहुत मज़ा ले रहे थे। बीवियों की गालियां एन्जॉय कर रहे थे, ठहाका लगा लगा कर हंस रहेथे। वे सब मन में कह रहे थे की जो काम हमें करना है वो सब ये बीवियां खुद कर रहीं हैं। ये तो अच्छा है की ये सब एक दूसरे के मियां का लण्ड एक दूसरे की चूत में पेलना चाहती हैं। लगता है की ये बीवियां तो पहले से ही एक दूसरे के मियां से चुदवाने का प्लान बना चुकी हैं। इधर हम लोग भी एक दूसरे की बीवी चोदने का मन बना के बैठें हैं। जब बीवियां ही इतना बढ़िया माहौल बना रहीं हैं तो फिर मरदों को सोंचना ही क्या ? उन्हें तो बस परायी बीवी की बुर में लण्ड पेलना है।
मैंने अपने पति को आँख मारी और उसके कपड़े उतारने लगी। उसे इशारा किया की यही मौक़ा है आज
तुम दोनों की बुर चोद लो। वह जब नंगा हुआ तो लण्ड सबके सामने आ गया। मैंने लण्ड की चुम्मी ली उसे हिलाया और रोली को पकड़ा कर कहा ले बुर चोदी रोली अब तू इसे अपनी बुर में पेल ले। रोली ने फ़ौरन लण्ड मेरे हाथ से ले लिया और उसे पुकारने लगी। लण्ड को प्यार करने लगी और उसे अपनी चूँचियाँ पर फिराने लगी। उधर सेफाली ने अपने पति को नंगा कर दिया। उसका लौड़ा हिला हिला कर मस्त कर दिया फिर उसे मुझे पकड़ा दिया और कहा ले भोसड़ी की मिताली अब तू इसे अपनी बुर में घुसा ले। तब तक रोली ने अपने पति को नंगा किया। उसका बिना झांट का लौड़ा सबको दिखाते हुए हिला हिला कर खड़ा कर दिया और उसे सेफाली को पकड़ा दिया। सेफली भी ने भी लपक कर लण्ड पकड़ लिया और उसका टोपा चाटने लगी। अब मेरे हाथ में सेफाली के मियां का लण्ड, सेफाली के हाथ रोली के मियां का लण्ड और रोली के हाथ में मेरे मियां का लण्ड आ गया। ऐसे में चारों बीवियों के चेहरे खिल गए।
यह मेरा पहला मौक़ा था जब की मैं अपने पति के आगे किसी दूसरे मियां का लण्ड चाट रही थी और मेरे हसबैंड का भी पहला मौक़ा था जब की वह किसी की बीवी की बुर मेरे आगे चाट रहा था और कोई परायी बीवी उसका लण्ड चाट रही थी। मगर हां हम दोनों बहुत खुश थे। मैं इसलिए खुश थी की मेरी बात मेरे हसबैंड ने मान ली और वह इसलिए खुश था की उसे परायी बीवियां चोदने को मिल रहा है और उसकी बीवी भी खुश है। बस १० मिनट के बाद ही शुरू हो गयी चुदाई । मेरा पति रोहित की बीवी चोदने लगा, करन मुझे चोदने लगा और रोहित करन की बीवी चोदने लगा। कमरे में चुदाई की मस्त मस्त आवाजें आने लगीं। तीनो मरद अपनी बीवी को चुदवाते हुए देख भी रहे थे और किसी की बीवी चोद भी रहे थे। बीवियां भी अपने मरद को किसी की बीवी चोदते हुए देख भी रहीं थीं और पराये मरद से चुदवा भी रहीं थीं। सबको डबल मज़ा मिल रहा था। जवानी का पूरा पूरा मज़ा लूट रहीं थीं ये बीवियां ?
सेफाली ने कहा :- हाय रोली, तेरे हसबैंड का लण्ड तो बड़ा मज़ा दे रहा है यार। अब तो मैं एक बार नहीं कई बार चुदवाऊंगी।
रोली ने जबाब दिया :- हां हां चाहे जितनी बार चुदवाओ ? चाहो तो लण्ड काट कर ले जाओ अपने घर ? मुझे तो तेरे जीजू से चुदवाने में बड़ा अच्छा लग रहा है। अभी तो वह तेरी बहन की बुर चोद रहा है।
मैंने कहा :- सेफाली मुझे भी तेरे मरद का लौड़ा पसंद आ गया है। बहनोई का लण्ड तो वैसे भी बड़ा प्यारा लगता है। आज से तेरे मियां के लण्ड का रास्ता मेरी चूत से होकर ही जायेगा।
अचानक चुदाई की स्पीड बढ़ गयी। इन बीवियों की बात चीत से मर्दों को जोश आने लगा था। थोड़ी देर में वे सब पीछे से चोदने लगे। डॉगी स्टाइल की चुदाई तो वैसे भी मजे दार होती है। फिर इन तीनो ने लण्ड पर बैठ कर भी चुदवाया। उसके बाद एक एक करके तीनो लण्ड खलास होने लगे और तब इन तीनो बीवियों ने झड़ते हुए लण्ड बड़े प्यार से चाटे। उसके बाद नंगे नंगे ही डिनर हुआ। खूब मस्ती भरी बातें हुई और दूसरी पार जम गयी। इस बार मैंने रोहित का लण्ड पकड़ लिया, सेफाली ने मेरे मियां का लण्ड पकड़ लिया और रोली ने करन का लण्ड पकड़ लिया।
फिर तो लण्ड अदल बदल कर रात भर धकाधक झमाझम हुई घमाशान चोदा चोदी।
एक दिन मेरी रेनू बुआ आ गयी। वह मुझसे एक साल ही बड़ी हैं। उसकी शादी मेरी शादी के लगभग साथ ही साथ हुई थी। वह भी मेरी तरह खूबसूरत है।
उसके बाद तो हम दोनों के बीच चुदाई का रास्ता खुल गया।
ये क्या तुम रोज़ रोज़ अपनी ही बीवी चोदा करते हो ? मेरी ही चूत में लण्ड पेला करते हो। रोज़ रोज़ मुझे चोदने में तुम्हे बोरियत नहीं होती ? रोज़ रोज़ एक ही बुर लेते लेते तुम बोर नहीं हो जाते ? एक ही तरह की चूँचियाँ दबाते दबाते बोर नहीं हो जाते ? एक ही तरह की गांड पर हाथ फेरते फेरते तुम्हे शर्म नहीं आती। अरे मेरा राजा कभी तो स्वाद बदल लिया करो ? कभी तो किसी के साथ बुर की अदला बदली करके चोदा करो ? कभी तो किसी और की बीवी की गांड पर हाथ फेरो। कभी तो किसी और की बीवी की चूँचियाँ दबाओ ? जब तुम ऐसा करोगे तभी तो तुम्हे दूसरों की बीवियों की चूत का स्वाद मिलेगा। एक बात याद रखो हर बीवी की चूत का मज़ा अलग अलग होता है। तुम कैसे मरद हो ? तुम्हारा ध्यान किसी और की बीवी की तरफ जाता ही नहीं। तुम किसी और की बीवी चोदना ही नहीं चाहते जबकि सारी दुनियां परायी बीवियां चोदने के लिये उतावली रहती है। लोग दूसरों की बीवी चोदने के लिए लण्ड हाथ में लिए घूमते हैं। मुझे इतने शर्मीले मरद बिलकुल पसंद नहीं हैं। अब पड़ोस के राकेश बाबू को देखो हर दिन बीवी अदल बदल कर चोदते हैं उन्हें बिलकुल बोरियत नहीं होती। हर दिन एक नई बीवी की बुर में लण्ड पेलते हैं। एन्जॉय करते हैं। एक तुम हो जो एक ही जगह हर दिन लण्ड घुसाते रहते हो। एक जगह कुंआ खोदते रहते हो ? अरे अब तो हमारी शादी के दो साल हो गये ? अब तो अपनी समझदारी से काम लो।
मेरा नाम है मिताली दोस्तों. मैं अपने पति को दूसरे की बीवी चोदने के लिए उकसा रही थी। उसे ललकार रही थी। वैसे आपको यह अजूबा अलग रहा होगा। क्योंकि कोई भी बीवी अपने पति को दूसरे की बीवी चोदने नहीं देती। एक मैं हूँ जो अपने पति से दूसरों की बीवियां चुदवाना चाहती हूँ। इसके पीछे मेरा स्वार्थ है। मैं वास्तव में पराये मरदों के लण्ड की बड़ी दीवानी हूँ। मैं ग़ैर मर्दों से दिन रात चुदवाना चाहती हूँ। इसलिए मेरी इच्छा है की मेरा पति एक दिन किसी और की बीवी चोद ले तो मेरा रास्ता खुल जायेगा। वह एक परायी बीवी चोदेगा तो मैं दो पराये मरदों से चुदवा लूंगी। फिर वह मुझे मना नहीं कर पायेगा। दूसरी बात यह है की मेरे पति का लण्ड भगवान् की दया से बड़ा मोटा तगड़ा है। जो बीवी एक बार उससे चुदवायेगी वो खुद भी बार बार चुदाने आएगी और दूसरी बीवियों को भी लाएगी। तब मुझे उनके पतियों से आसानी से चुदवाने का मौक़ा मिल जायेगा।
मैं तो रोज़ एक नया लण्ड अपनी बुर में घुसेड़ना चाहती हूँ।
मेरा पति मिस्टर मिहिर हैं। वह एक स्मार्ट, हैंडसम और गोरा चिट्टा मर्द है। उसके लण्ड के बारे मैं आपको बता चुकी हूँ। कद उसका ५' १०" का है। उसके हाव भाव से मालूम होने लगा की वह मेरी बात से सहमत है। मेरी बातें सुनकर वह बोला अच्छा मिताली तुम ही बताओ की मैं किसकी बीवी चोद लूं ? जिसकी बीवी चोदूंगा उसका पति तो मुझे छोड़ेगा नहीं ? मैंने तपाक से कहा वह कुछ नहीं करेगा ज्यादा से ज्यादा बदले में तेरी बीवी चोद लेगा और क्या ? मेरा जबाब सुनकर वह सन्न रह गया और फिर मुस्कराने लगा। तभी मेरा फोन आ गया। वह फोन मेरी बुआ की लड़की सेफाली का था। मैं उससे बातें करने लगी। उसने बताया की दीदी मैं कल अपने हसबैंड के साथ आ रही हूँ, मुंबई घूमने। मैंने कहा अरे वाह ! बिलकुल आ जाओ।
दूसरे दिन वह सवेरे ८ बजे आ गयी। हमारा परिचय हुआ। उसके पति का नाम करन है। मैं पहली बार उसके पति से मिली और मेरा पति पहली बार सेफाली से मिला। मेरा पति बड़े गौर से सेफाली को देख रहा था. उसके मन में आया की सेफाली भोसड़ी की अगर मेरा लण्ड पकड़ ले तो मज़ा आ जाये ? मैं भी करन को बड़े गौर से देख रही थी। मैं सोंचने लगी की लड़का तो बड़ा बढ़िया है। इसका लौड़ा भी साला बड़ा मस्त होगा। मैं तो अब जल्दी से जल्दी इसका लण्ड पकड़ना चाहती हूँ। उधर सेफाली के मन आया की जीजा तो बड़ा हैंडसम आदमी है तो इसका लौड़ा भी बड़ा हैंडसम होगा। आज रात को अगर मुझे इसका लण्ड पीने को मल जाये तो मज़ा आ जाये ? ऐसा ही कुछ करन सोंच रहा था। उसके मन में आया की मिताली भाभी जब इतनी खूबसूरत हैं तो इसकी चूत बहन चोद कितनी खूबसूरत होगी ? और इसकी चूँचियाँ तो मेरी जान ले रहीं हैं। मन करता है की लौड़ा अभी इसकी चूँचियों के बीच घुसेड़ दूँ।
खैर वो दोनों तैयार होने बाथ रूम चले गए और हम दोनों सबके लिए नास्ता बनाने लगे। तभी किसी ने डोर बेल बजा दी। मैंने दरवाजा खोला तो सामने मेरी सहेली रोली खड़ी थी। मैं कहा यार तुमने तो मुझे सरप्राईज़ दे दिया . वह बोली हां यार मैं यही चाहती थी. देखो ये है मिस्टर रोहित मेरे हसबैंड। मैंने दोनों को अंदर बैठाया और फिर उन्हें सबसे मिलवाया। मैं सोंचने लगी की आज भगवान बड़ा खुश है हमसे। एक यह भी बहुत बढ़िया लण्ड आ गया। मेरे पति ने रोली को देखा तो देखता रह गया। रोली उसे देख कर बोली वाओ, मिताली तेरा तो हसबैंड बड़ा हॉट है यार ? फिर वह मेरे कान में बोली यार मेरी तो इस पर नियत ख़राब हो गयी है। मैंने भी उसके कान में कहा यार मेरी भी नियत तेरे हसबैंड पर ख़राब हो गयी है। फिर हम दोनों हंसने लगी। नास्ता के बाद हम सब घूमने निकल पड़े।
शाम को करीब ८ बजे हम सबकी महफ़िल जम गयी। ड्रिंक्स शुरू हो गयी। तीन कपल तीनो मस्त जवान। जवान बीवियां जवान मियां। सबने एक स्वर में चियर्स कहा और घूट पर घूट शराब पीने लगे। बाते होने लगीं।
नशा धीरे धीरे चढने लगा। बातें गहरी होने लगी। दूसरा पैग भी ख़तम हो गया तो बातें अश्लील होने लगीं। तीसरे पैग ने कमाल दिखाना शुरू कर दिया।
रोली ने कहा :- सुनों मैं एक चुटकुला सुनाती हूँ :-
लड़की - यार कल मेरा एग्जाम है, मुझे सवेरे जल्दी जगा देना।
लड़का - मेरा 'लण्ड' पकड़ कर सो जाओ ये सवेरे जल्दी उठ जाता है।
सबने ताकियाँ बजा कर ठहाका लगाया।
रोली के मुंह से 'लण्ड' सुनकर सबको खूब मज़ा आया।
फिर सेफाली ने भी सुनाया। वह बोली :-
एक आसिक ने कहा -
सिगरेट भले ही खड़े खड़े पियो लेकिन
शराब मेरे 'लण्ड' पे बैठ कर पिया करो
सबने खूब एन्जॉय लिया और खिलखिलाकर हंस पड़े।
फिर मैं कहाँ रुकने वाली थी। मैंने भी एक चुटकुला दाग दिया :-
एक बीवी अपने माईके जा रही थी।
पति ने पूंछा - कुछ चाहिए ?
बीवी बोली - अपना 'लण्ड' काट कर दे दो मुझे । मज़ा भी आ जायेगा और मुझे तुम पर शक भी नहीं होगा।
सबने तालियां बजाई, एन्जॉय किया और खूब ठहाका लगाया।
इससे माहौल में गर्मी आ गयी। बीवियों की चूँचियाँ तन गयी और चूत की आग भड़कने लगी। उधर मरदों के लण्ड बहन चोद अंदर ही अंदर टन टनाने लगे। तब तक तीन तीन पैग शराब सबने पे ली थी। मरदों से ज्यादा तो शारब बीवियां पी। आजकल की बीवियां किसी भी काम में मरदों से कम नहीं हैं। नशा अपना काम दिखाने लगा। सभी नशे में धुत्त थे। ऐसे में खुल कर बातें करना, कुछ अल्लम गल्लम कहना, गाली गलौज करना, थोड़ी बदतमीजी करना, अपने कपड़े अस्त व्यस्त कर देना। सब चलता है और यह सब करने का बहाना भी मिल जाता है।
इतने में रोली ने कहा :- ये सेफाली, तेरी बहन की बुर , तेरी बहन की माँ की चूत। ये तो मेरे साथ कॉलेज में लण्ड हिलाया करती थी यार ? सेफाली ने कहा :- अच्छा तब तो बड़ा मज़ा आता होगा ?
मैंने कहा :- अरे सेफाली तुम इसकी बातों पर मत जाओ। ये बुर चोदी बहुत बड़ी झूंठी हैं। शराब पीने के बाद ये इसी तरह का हंगामा करती है।
रोली ने कहा :- नहीं यार मैं सच कह रही हूँ। मैं आज इसकी बुर चोदूँगी। इसकी बुर में लण्ड पेलूँगी मैं। आज बहुत दिनों के बाद मिली है मुझको।
मुझे भी ताव आ गया। मैंने कहा :- लण्ड तो मैं भी पेलूँगी तेरी चूत में ?
रोली ने कहा :- मैं सेफाली के मियां का लण्ड तेरी चूत में घुसा दूँगी।
मैंने कहा :- मैं तेरे मियां का लण्ड सेफाली की चूत में घुसेड़ दूँगी।
सेफाली ने कहा :- तो फिर मैं मिहिर जीजा का लण्ड रोली की चूत में पेल दूँगी।उसे सबके सामने नंगा करने लगी।
तीनो मरद इन सबकी बातें सुनकर बहुत मज़ा ले रहे थे। बीवियों की गालियां एन्जॉय कर रहे थे, ठहाका लगा लगा कर हंस रहेथे। वे सब मन में कह रहे थे की जो काम हमें करना है वो सब ये बीवियां खुद कर रहीं हैं। ये तो अच्छा है की ये सब एक दूसरे के मियां का लण्ड एक दूसरे की चूत में पेलना चाहती हैं। लगता है की ये बीवियां तो पहले से ही एक दूसरे के मियां से चुदवाने का प्लान बना चुकी हैं। इधर हम लोग भी एक दूसरे की बीवी चोदने का मन बना के बैठें हैं। जब बीवियां ही इतना बढ़िया माहौल बना रहीं हैं तो फिर मरदों को सोंचना ही क्या ? उन्हें तो बस परायी बीवी की बुर में लण्ड पेलना है।
मैंने अपने पति को आँख मारी और उसके कपड़े उतारने लगी। उसे इशारा किया की यही मौक़ा है आज
तुम दोनों की बुर चोद लो। वह जब नंगा हुआ तो लण्ड सबके सामने आ गया। मैंने लण्ड की चुम्मी ली उसे हिलाया और रोली को पकड़ा कर कहा ले बुर चोदी रोली अब तू इसे अपनी बुर में पेल ले। रोली ने फ़ौरन लण्ड मेरे हाथ से ले लिया और उसे पुकारने लगी। लण्ड को प्यार करने लगी और उसे अपनी चूँचियाँ पर फिराने लगी। उधर सेफाली ने अपने पति को नंगा कर दिया। उसका लौड़ा हिला हिला कर मस्त कर दिया फिर उसे मुझे पकड़ा दिया और कहा ले भोसड़ी की मिताली अब तू इसे अपनी बुर में घुसा ले। तब तक रोली ने अपने पति को नंगा किया। उसका बिना झांट का लौड़ा सबको दिखाते हुए हिला हिला कर खड़ा कर दिया और उसे सेफाली को पकड़ा दिया। सेफली भी ने भी लपक कर लण्ड पकड़ लिया और उसका टोपा चाटने लगी। अब मेरे हाथ में सेफाली के मियां का लण्ड, सेफाली के हाथ रोली के मियां का लण्ड और रोली के हाथ में मेरे मियां का लण्ड आ गया। ऐसे में चारों बीवियों के चेहरे खिल गए।
यह मेरा पहला मौक़ा था जब की मैं अपने पति के आगे किसी दूसरे मियां का लण्ड चाट रही थी और मेरे हसबैंड का भी पहला मौक़ा था जब की वह किसी की बीवी की बुर मेरे आगे चाट रहा था और कोई परायी बीवी उसका लण्ड चाट रही थी। मगर हां हम दोनों बहुत खुश थे। मैं इसलिए खुश थी की मेरी बात मेरे हसबैंड ने मान ली और वह इसलिए खुश था की उसे परायी बीवियां चोदने को मिल रहा है और उसकी बीवी भी खुश है। बस १० मिनट के बाद ही शुरू हो गयी चुदाई । मेरा पति रोहित की बीवी चोदने लगा, करन मुझे चोदने लगा और रोहित करन की बीवी चोदने लगा। कमरे में चुदाई की मस्त मस्त आवाजें आने लगीं। तीनो मरद अपनी बीवी को चुदवाते हुए देख भी रहे थे और किसी की बीवी चोद भी रहे थे। बीवियां भी अपने मरद को किसी की बीवी चोदते हुए देख भी रहीं थीं और पराये मरद से चुदवा भी रहीं थीं। सबको डबल मज़ा मिल रहा था। जवानी का पूरा पूरा मज़ा लूट रहीं थीं ये बीवियां ?
सेफाली ने कहा :- हाय रोली, तेरे हसबैंड का लण्ड तो बड़ा मज़ा दे रहा है यार। अब तो मैं एक बार नहीं कई बार चुदवाऊंगी।
रोली ने जबाब दिया :- हां हां चाहे जितनी बार चुदवाओ ? चाहो तो लण्ड काट कर ले जाओ अपने घर ? मुझे तो तेरे जीजू से चुदवाने में बड़ा अच्छा लग रहा है। अभी तो वह तेरी बहन की बुर चोद रहा है।
मैंने कहा :- सेफाली मुझे भी तेरे मरद का लौड़ा पसंद आ गया है। बहनोई का लण्ड तो वैसे भी बड़ा प्यारा लगता है। आज से तेरे मियां के लण्ड का रास्ता मेरी चूत से होकर ही जायेगा।
अचानक चुदाई की स्पीड बढ़ गयी। इन बीवियों की बात चीत से मर्दों को जोश आने लगा था। थोड़ी देर में वे सब पीछे से चोदने लगे। डॉगी स्टाइल की चुदाई तो वैसे भी मजे दार होती है। फिर इन तीनो ने लण्ड पर बैठ कर भी चुदवाया। उसके बाद एक एक करके तीनो लण्ड खलास होने लगे और तब इन तीनो बीवियों ने झड़ते हुए लण्ड बड़े प्यार से चाटे। उसके बाद नंगे नंगे ही डिनर हुआ। खूब मस्ती भरी बातें हुई और दूसरी पार जम गयी। इस बार मैंने रोहित का लण्ड पकड़ लिया, सेफाली ने मेरे मियां का लण्ड पकड़ लिया और रोली ने करन का लण्ड पकड़ लिया।
फिर तो लण्ड अदल बदल कर रात भर धकाधक झमाझम हुई घमाशान चोदा चोदी।
एक दिन मेरी रेनू बुआ आ गयी। वह मुझसे एक साल ही बड़ी हैं। उसकी शादी मेरी शादी के लगभग साथ ही साथ हुई थी। वह भी मेरी तरह खूबसूरत है।
- मुझे देखते ही बोली - अरे मिताली तू तो बहन चोद बड़ी हरामजादी हो गयी है। तेरी माँ का भोसड़ा ? ( हम दोनों गालियों से ही बातें करतीं हैं )
- मैंने कहा - बुआ जी, तेरी भाभी की बिटिया की बुर मादर चोद, तू क्या मुझसे कम हरामजादी है ?
- तू तो माँ की लौड़ी बड़ी खूबसूरत हो गयी है। क्या आजकल लण्ड ज्यादा खा रही है तू ?
- मैंने कहा - अरे बुआ लण्ड तो एक ही हैं न ? उसे कितना खाऊँगी ?
- क्यों क्या तुझे अभी तक कोई दूसरा लण्ड नहीं मिला ? एक ही लण्ड कब तक खाती रहेगी तू ?
- तो क्या तुम्हे मिला है बुआ जी ? तुम क्या अपने मियां के लण्ड के अलावा किसी और का भी लण्ड खाती हो ?
- हां हां क्यों नहीं खाती ? मैं किसी भी लण्ड से परहेज नहीं करती। जो भी लण्ड मिलता है, खा लेती हूँ।
- तो फिर मुझे भी खिलाओ न कोई लण्ड बुआ जी।
- तुम आज ही मेरे मियां का लण्ड खा लो ?
- हाय दईया फूफा जी क्या कहेगें ?
- भोसड़ी की तेरी माँ की चूत, मिताली ? तू घबराती क्यों है इतना ? वो कुछ नहीं कहेगें। उसे तो तेरी बुर लेने में मज़ा आ जायेगा। पर एक बात है ?
- क्या बात है बुआ जी ?
- मैं भी तेरे हसबैंड का लण्ड खाऊँगी।
- हां हां बिलकुल खा लेना।
उसके बाद तो हम दोनों के बीच चुदाई का रास्ता खुल गया।
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