Home
» Chut chudai kahaniyan चूत गांड की चुदाई कहानी Chodan in india लंड चूसने के खेल
» बीवियां यहाँ लण्ड चोदने आतीं हैं - Biwiyan yahan laun chodne aati hai
बीवियां यहाँ लण्ड चोदने आतीं हैं - Biwiyan yahan laun chodne aati hai
तेरा लण्ड हो या मेरा लण्ड, इसका लण्ड हो या उसका लण्ड, घर का लण्ड हो या बाहर का लण्ड, देशी लण्ड हो या विदेशी लण्ड, ये बीवियां बुर चोदी यहाँ सबके लण्ड चोदने आतीं हैं.
आज इन बीवियों का दिन है। इन बीवियों ने सपथ की है की आज वे सबके लण्ड खुल्लम खुल्ला चोदेंगीं क्योंकि यह १००% सच है की आज की कोई भी बीवी एक ही लण्ड के सहारे अपनी ज़िन्दगी नहीं गुज़ारती ? अगर कोई बीवी ऐसा कहती है तो समझ लो की वह शत प्रतिशत झूंठ बोल रही है। वैसे भी आजकल की लड़कियां १५ साल की उम्र में लण्ड पकड़ने लगतीं हैं और १६/ १७ साल की उम्र लण्ड में लेकर चूसने लगतीं हैं। धीरे धीरे वे मस्ती से लण्ड का सड़का मारने लगती हैं और फिर लण्ड सड़का मार कर पीने लगतीं हैं। लण्ड पीने की आदत लगभग सभी लड़कियोंमे पड़ जाती है फिर वो एक लण्ड के सहारे माहि रहती लण्ड सड़का मर मार कर पीती रहतीं हैं। उसके बाद लण्ड चूत में लेना आसान हो जाता है और इस तरह वो सब शादी के पहले ही मजे से चुदवाने लगती हैं। हर एक लण्ड अलग तरह का मज़ा देता है और इसीलिए ये लड़कियां शादी के बाद भी कई लोगों से चुदवाती रहतीं हैं। लण्ड चीज ही ऐसी है। जिसे तरह तरह के लण्ड पीन की आदत पड़ जाती है तो फिर ज़िन्दगी में कभी छूटती नहीं है। यही लड़कियां शादी के हो जाने के बाद जब बीवियां बन जातीं है तो गैर मर्दों से चुदवाने के मौके ढूँढतीं रहतीं हैं। जैसे की मैं हूँ।
मेरा नाम है सूफ़िया मैं अभी २६ साल की हूँ। मेरी अम्मी का नाम है समीरा बेगम। ठीक एक साल पहले मेरी शादी हुई थी। शादी के एक महीने के बाद ही मैं पराये मर्दों चुदवाने लगी हूँ। आजकल अपने हसबैंड के दो दोस्तों से झमाझम चुदवा रही हूँ। बड़ा मज़ा आ रहा है। मैं चाहती हूँ की मैं अपने शौहर के साथ "wife swapping party" में जाना शुरू कर दूं ? मुझे "wife swapping" बहुत ही अच्छी लगती है। मैं उसे अच्छी तरह एन्जॉय करना चाहती हूँ। मैंने फिर "wife swapping" की कहानियां पढ़नी धुरु कर दी। बीवियों की अदला बदली की पोर्न फिल्म देखना शुरू कर दी और अपने दोस्तों के बीच बीवियों की अदला बदली की बातें करना शुरू कर दी. तब मुझे मालूम हुआ की बीवियां आजकल पराये मर्दों के लण्ड धकाधक चोदती हैं। अब तो मरद नहीं बल्कि बीवियां लण्ड अदल बदल कर चुदवाती हैं. बीवियां अपने अपने मरद अदल बदल कर चुदवाती हैं.
लड़कियां आजकल अपने कॉलेज के दिनों में ही लड़कों के लण्ड पकड़ने लगती हैं। लण्ड मुंह मे लेकर चूसने लगती हैं। लण्ड का सड़का मारती हैं और वीर्य पीती हैं। मौक़ा पाकर धकाधक अपनी बुर चुदवाती हैं। शादी के बाद भी वे सब इस ज़ारी रखती हैं। इसलिए हर लड़की बहन चोद चाहती है की उसका हसबैंड अपनी बीवी चुदवाया करे ताकि उसे कई लोगों से चुदवाने का मज़ा मिला करे।
यह उन दिनों की बात है जब मैं 18 + की हो गयी थी। एक दिन अम्मी ने बुला कर कहा सूफ़िया तू बुर चोदी अब जवान हो गयी है। लण्ड पकड़ने वाली हो गयी है तू माँ की लौड़ी। तेरी माँ की चूत ? अब तो शर्म छोड़ दे और हो जा बिलकुल बेशर्म। बेशर्म होने से ही तू जवानी का मज़ा लूट पायेगी। उसके दो दिन बाद उसने मुझे एक लण्ड पकड़ा दिया। वह लण्ड शब्बीर अंकल का था। उसने कहा बेटी सूफ़िया ले पकड़ अंकल का लौड़ा और पेल दे इसे अपनी माँ के भोसड़ा में ? मैं भी थोड़ा बेशर्म तो हो ही चुकी थी। मैंने लण्ड पकड़ लिया और उसके भोसड़ा में टिका दिया। वह फिर बोली अरे इसे घुसा दे मेरी चूत में अंदर और चुदवा ले अपनी माँ ? मैंने वही किया तो मेरी हिम्मत और बढ़ गयी। अंकल बड़े से चोदने लगा मेरी चूत और मैं भी बहुत ज्यादा गरम हो गयी। थोड़ी देर में अम्मी ने लण्ड मेरी चूत में घुसा दिया। मेरे मुंह से चीख निकला पड़ी तो वह बोली थोड़ा रुक जा अभी सब ठीक हो जायेगा। लण्ड जब ३/४ अंदर बाहर हुआ तो वाकई मुझे अच्छा लगने लगा। अब मैं अम्मी से पूरी तरह खुल चुकी थी।
अम्मी ने कहा अब तू मेरी बेटी नहीं मेरी दोस्त है समझी बुर चोदी सूफ़िया। आज से तू मेरी दोस्त है, मैं तेरी माँ चोदा करूंगी। मैंने भी कहा हां समीरा आज से तू मेरी दोस्त है, मैं तेरी बेटी की बुर चोदा करूंगी। फिर हम दोनों खूब खिलखिलाकर हंसने लगीं।
एक दिन मैं अपनी खाला नाज़िया के घर चली गयी। खाला घर पर नहीं थीं उसकी बेटी नैना था। वह मेरी ही उम्र की है और मेरी पक्की सहेली है।
- मैंने अपनी सलवार खोली और उसे अपनी चूत दिखाती हुई बोली - अरी नैना ले मेरी झांटें गिन कर बता कितनी हैं ?
- वह बोली तेरी झांटें गिनूँगी नहीं, उखाड़ लूंगी तेरी झांटें, बहन चोद।
- अच्छा चल उखाड़ के दिखा। मैं भी तेरी झांटें उखाड़ लूंगी ।
- मेरी झांटें साफ़ हैं। उखाड़ेगी तू क्या, बाबा जी का लण्ड ?
- अच्छा बोलो नैना, किसका लण्ड उखाडूँ ?
- यार लण्ड उखाड़ो नहीं सूफ़िया। तू कोई मोटा तगड़ा लण्ड मेरी माँ के भोसड़ा में घुसा दे। चोद ले मेरी माँ की चूत मेरे सामने ? मेरी माँ भोसड़ी वाली बहुत बड़ी चुदक्कड़ है। मेरे बॉय फ्रेंड्स के लण्ड अपनी चूत में पेल लेती है यार ?
- हाय दईया मेरी माँ भी ऐसा ही करती है बुर चोदी ? मेरे कॉलेज के लड़के मेरे घर आतें है तो अम्मी कहतीं हैं की बेटा तुम मेरी बेटी की माँ चोद कर जाना। बस लण्ड पकड़ लेती है और मुंह में डाल कर चूसने लगती है। ये दोनों बहनें बिलकुल एक जैसी ही हैं।
- तेरी माँ की बहन का भोसड़ा सूफ़िया, तेरी खाला की बिटिया की बुर , तेरे बाप का लौड़ा , बहन चोद ? कुछ करो और मेरी माँ चुदवा दो यार ?
उसका जबाब सुनने से मेरी चूत का पानी निकल गया। नैना ने भी खुल कर कहा तो फिर अब तुम मुझे चोदो और मेरी खाला की बेटी भी चोदो। तेरा दोस्त ज़मीर भी मुझे चोदे और मेरी सूफ़िया की भी बुर ले ले।नैना आने उसके पैजामे का नाड़ा खोला तो गिर पड़ा और उसका टन टनाता हुआ लौड़ा सबके सामने आ गया। नैना ने उसे पकड़ा और बोली वाओ, पहले से ज्यादा मोटा हो गया है, तेरा लण्ड ? नैना ने लण्ड मुझे पकड़ा दिया कर वह ज़मीर को नंगा करने लगी। उसका लौड़ा खुला तो मज़ा आ गया। दोनों लण्ड साले बराबर के थे। फिर हम दोनों भी नंगी हो गयीं। मैं तैमूर का लण्ड चूसने लगी और वह मज़ीर का लण्ड।
फिर हम दोनों बिस्तर पर आमने सामने लेट गयीं। मेरी गांड उसके मुंह की तरफ और उसकी गांड मेरे मुंह की तरफ। तैमूर ने लण्ड मेरी चूत में घुसेड़ दिया और ज़मीर ने लण्ड नैना की चूत में। हम दोनों फचर फचर चुदवाने लगी। मैं ज़मीर के पेल्हड़ सहलाने लगी और नैना तैमूर के पेल्हड़। मैं बीच बीच में ज़मीर का लण्ड चूत से निकाल कर चाटने लगी और वह भी मेरी चूत से तैमूर का लण्ड निकाल कर चाटने लगी। हम दोनों एकदम रंडी की तरह चुदवाने में जुटी हुई थी। न कोई डर, न कोई शर्म और न कोई चेहरे पर शिकन ? मैंने तैमूर से पूंछा तुम अपने घर में किस किस की बुर चोदते हो ? वह बोला मैं अपनी भाभी की बुर चोदता हूँ। भाभी की बहन की बुर चोदता हूँ, अपनी खाला का भोसड़ा चोदता हूँ उसकी बिटिया की बुर भी चोदता हूँ। अपनी फूफी की बुर में भी लौड़ा पेलता हूँ और उसकी बेटी तो मेरा लण्ड खूब मजे से पीती है। सच यह है की मुझसे कई लड़कियां चुदवाती हैं और लड़कियों की माँ भी चुदवाती हैं। यही हाल इस ज़मीर का भी है। इसके घर में भी इसका लौड़ा बड़ा मशहूर है। मगर इसकी बीवी इससे कभी नहीं चुदवाती है। वह तो गैर मर्दों से चुदवाती रहती है। जब तक वह २/३ लोगों से चुदवा नहीं लेती तब तक उसे नींद नहीं आती।
मैंने पूंछा की इतने लोग कहाँ से आतें है उसे चोदने ? वह बोला जो एक बार मेरी बीवी चोद लेता है वह बार बार उसे चोदने आता है। अपने साथ अपने दोस्तों को भी लाता है वो भी मेरी चोदते हैं। इस तरह चोदने वालों की संख्या बढती ही रहती है। इसके अलावा कुनबे के सब लोग भोसड़ी के मेरी बीवी की बुर में लण्ड पेलते हैं। इसी तरह की बातें करते हुए ज़मीर ने लण्ड नैना की बुर से निकाल कर मेरी बुर में घुसा दिया। उधर तैमूर ने मेरी चूत से लण्ड निकाल कर नैना की चूत में घुसेड़ दिया। मैं फिर मस्ती से चुदवाकर अपने घर वापस आ गयी। इस तरह की चुदाई होती रही और इसी बीच मैं २४/२५ साल की हो गयी। मेरी शादी हो गयी। उधर नैना की भी शादी हो गयी।
एक दिन नैना मुझसे मिली तो बोली यार सूफ़िया तेरे मियां का लौड़ा कैसा है ? मैंने कहा तू बता पहले की तेरे मियां का लौड़ा कैसा है ? हमारी यह बात खाला ने सुन ली। वह बोली तुम दोनों बताओ की तुम्हारे मियां का लौड़ा कैसा है ? तब तक अम्मी आ गयी वह बोली नहीं कोई नहीं बताएगी की उसके मियां का लौड़ा कैसा है। सूफ़िया बुर चोदी नैना के मियां का लण्ड पकड़ कर बताएगी की उसका लौड़ा कैसा है। नैना भोसड़ी की सूफ़िया के मियां का लौड़ा पकड़ कर बताएगी की उसका लौड़ा कैसा है। अब तुम लोग अपने अपने मियां को बुलाओ और एक दूसरे के मियां का लण्ड खोल कर देखो, उसे पकड़ कर हमें बताओ की लौड़ा कैसा है ? रात का समय था। सबकी बुर में आग लगी थी। सब को लण्ड की जरुरत थी। अम्मी और खाला भी हमारे मियों का लण्ड देखना चाहती थीं। जब मेरा मियां तनवर आया और नैना का मियां खालिद आया तो मैं खालिद का पैजामा खोलने लगी और नैना तनवर का पैजामा। मैंने खालिद का लौड़ा पकड़ कर हिलाया और नैना ने तनवर का लौड़ा ? दोनों लण्ड खड़े होकर हिनहिनाने लगे।
मेरे हाथ में नैना के मियां का लण्ड था और मेरे मियां का लण्ड। हम दोनों एक दूसरे के मियां का लण्ड चूमने चाटने लगीं। अम्मी ने नैना के कपड़े उतार कर उसे नंगी कर दिया। खाला ने मेरे कपड़े उतार कर मुझे नंगी कर दिया। लण्ड देख कर अम्मी के भोसड़ा में भी आग लगी थी और खाला के भोसड़ा में भी।
खाला ने कहा - समीरा दीदी, मेरी बेटी के मियां का लौड़ा बिलकुल तेरे मियां के लौड़ा से मिलता जुलता है।
अम्मी ने कहा - हां नाज़िया मेरी बेटी के मियां का लौड़ा भी तेरे मियां के लौड़ा जैसा ही है।
उनकी बात से हमें यह मालूम हो गया की मेरी अम्मी मेरे खालू से चुदवाती है और खाला मेरे अब्बू से चुदवाती हैं। ये तो अच्छ बात है। घर में ही लण्ड अदल बदल कर चुदवाना सबसे ज्यादा सुरक्षित रहता है। उसके बाद तो मैं नैना के मियां से चुदवाती रही और नैना मेरे मियां से। अम्मी और खाला दोनों हम दोनों की चुदाई आखिर तक देखती रहीं।
उसके बाद खाना हुआ और सबने चुदाई की बातें कर कर के खूब एन्जॉय किया। दूसरी पारी में अम्मी ने नैना के मियां खालिद का लण्ड पकड़ ने मेरे मियां का लण्ड। खाला बोली सूफ़िया अब मैं तेरे मियां का लण्ड चोदूँगी। धार अम्मी ने भी कहा हां आज लण्ड चोदने में खूब मज़ा आएगा। पहले तो दोनों खूब मजे से लण्ड चाटती चूसती रहीं और बाद में अम्मी खालिद के लण्ड पर चढ़ बैठी और खाला तनवर के लण्ड पर। इतने में पड़ोस की एक लड़की लैला आ गयी वह बोली हाय अल्ला, आंटी तो लण्ड पर बैठी हैं। और आंटी की बहन भी लण्ड पर बैठी हैं। दोनों क्या लण्ड चोदेंगीं सूफ़िया दीदी ? मैंने कहा हां ये दोनों लण्ड चोदेंगीं। वह बोली हां यार मेरी भी अम्मी कभी कभी लण्ड चोदने लगती हैं। मैंने कहा तो वह तेरे सामने ही चोदती हैं लण्ड ? वह बोली हां और क्या ? मेरी अम्मी बुर चोदी सबसे खुल्लम खुल्ला चुदवाती है। मैंने कहा - तो फिर तुम क्या करती हो लैला। वह बोली मैं 19 साल की हूँ और सबके लण्ड पीती हूँ दीदी। मेरी भी शादी होने वाली है। मेरी अम्मी तो अभी से मेरे मियां का लण्ड चोदने के तैयार बैठी हैं।
मैंने पूंछा - तुम्हारे कुनबे में कितने लण्ड है लैला।
वह बोली - १५/ १६ लण्ड तो हैं ही ?
मैंने पूंछा - कितने बड़े बड़े लण्ड हैं ?
वह बोली - बहुत बड़े बड़े मोटे मोटे लण्ड हैं दीदी। सबसे बड़ा और मोटा लण्ड मेरे बड़े मौलाना का है ? उसने एक दिन मुझसे कहा बेटी लैला ज़रा एक बार इसे हिला कर देखो। उसका इशारा अपने लण्ड पर था। मेरी निगाह जब लण्ड पर पड़ी तो मेरी गांड फट गयी दीदी। मैंने सोंचा की इतना मोटा लण्ड साला मेरी भी फाड़ डालेगा। फिर मैंने हाथ बढ़ाकर लण्ड पकड़ ही लिया। लण्ड मेरी एक मुठ्ठी में नहीं आ रहा था। मैंने दोनों मुठ्ठी से पकड़ा लण्ड और उसका सुपाड़ा चाटा तो वह साला और फूल गया। उधर अम्मी और खाला का लण्ड
मैंने सोंचा की क्यों न एक ऐसा क्लब बनाया जाए जिसमे बीवियां आया करें और ग़ैर मर्दों के लण्ड चोदा करें क्योंकि बीवियों को ग़ैर मर्दों के लण्ड चोदने में सबसे ज्यादा मज़ा आता है। मैंने नैना के बात की, एमी से और खाला से बात की, अपनी कुछ खूबसूरत सहेलियों से बात की और लैला को भी साथ लिया फिर ऐलान कर दिया की मैं लण्ड चोदने का एक क्लब खोल रही हूँ जिसका उद्घाटन कल शाम को मेरे घर में सबके सामने लण्ड चोद के किया जायेगा। ,जिनको अपना लण्ड चुदवा हो, अपने भाई जान का लण्ड चुदवाना हो, अपने मियां का लण्ड चुदवाना हो, अपने अब्बू का लण्ड चुदवाना हो, अपने देवर का, अपने नंदोई का, अपने खालू का, अपने दोस्तों के लण्ड चुदवा ने हों वो कृपया इस फोन पर अपनी बुकिंग करवा लें। फ़ोन नंबर - 9562746847 . यहाँ जवान, खूबसूरत और हॉट बीवियां लण्ड चोदने आतीं हैं। माइए इसकी सब जगह खबर कर दी। यह भी लिख दिया की आप अपनी मन पसंद बीवी से अपना लण्ड चुदवायें। मैंने इसे व्हाट्सप्प पर भी डाल दिया। मेरी यह खबर आग की तरह सब जगह पहुँच गयी। एक घंटे ही लण्ड चुदवाने वालों की लाइन लग गयी। मैंने सबको डेट दे दिया। किसी को सवेरे, किसी को शाम को, किसी को रात में और किसी को दोपहर में भी लण्ड चुदवाने का टाइम दे दिया। अभी फिलहाल लण्ड चोदने वालियों में मैं, नैना, अम्मी ,खाला और लैला थी। मैंने इसमें फूफी को शामिल किया फूफी की बेटी को भी शामिल किया। अगले दिन शाम को बड़ी भीड़ लग गयी मेरे घर में लेकिन मैंने ४/५ लड़कों को छांट लिया और बाकी को कल का टाइम दे दिया। मेरा घर बाहत बड़ा है। बड़ा सा आँगन है। मैंने उसी में लण्ड चोदने का प्रोग्राम रखा था। चरों तरफ लोग खड़े हो गए। करीब ३०/४० लोग थे। बीच में एक स्टेज बना लिया था। सबसे पहले मैं, मैना और लैला स्टेज पर आ गईं। हम तीनो कहने को तो एकदम नंगी थीं पर हम तीनो की चूत में घुस गया और हम आगे झुक कर लण्ड वैसे ही चादर अपनी चूँचियाँ तक लपेटी हुई थी। हमारी चूंकि और चूत दोनों ढकी हुई थी। हम जब चादर के दोनों सिरे खोल देती तो लोगों को मेरी चूत और चूंकि दोनों दिख जाती। यही लगी और लैला भी। म्यूजिक बाजा और हम तीनो इसी तरह डांस करने लगीं। थोड़ी देर में वह चादर भी फेंक दी।
अब हम तीनो मादर चोद एकदम नंगी नंगी नाचने लगीं। फिर स्टेज पर तीन लड़के बुला लिया। उनके एक एक करके कपड़े खोलना शुरू कर दिया। आखिर में जब मैंने एक लड़के का लण्ड निकाला तो सबने खूब तालियां बजायीं। नैना ने भी एक लड़के का लण्ड पकड़ कर हिलाना शुरू कर दिया और लैला ने भी। लोगों को मज़ा आने लगा। फिर हम लोग अपना लण्ड चूमने चाटने लगी और चूसने लगीं। अपनी बुर भी चटवाने लगी। थोड़ी देर में हम लण्ड पर चढ़ कर बैठ गयीं। लण्ड वैसे ही चोदने लगीं जैसे मरद बुर चोदते हैं। इस पर लोगों ने खूब तालियां बजायीं। दूसरी पारी में अम्मी, खाला जान और फूफी जान ने लण्ड चोदा। हमारा क्लब चल निकला। लोग अपना अपना लण्ड चुदवाने आने लगे और उधर एक से बढ़कर एक खूबसूरत बीवियां आने लगीं और सबके लण्ड चोदने लगीं।
Click on Search Button to search more posts.
आपको ये भी पसंद आएंगें
- चाचा ने चाची को चोदा - चाची की चुदाई - chacha ne chachi ko choda - Aunty ki chut chudai
- Kuwari ladki ki chudai
- चुदवाने के लिए तेरे पास खुद आएगी - Sex ka mantar
- छोटी बहन की सील तोड़ी - Chhoti bahan ki seel todi
- सगी बहनों की रसीली चूत - भाई ने सगी बहनों को चोदा - दीदी की चुदाई - Bhai ka land Bahan ki chut
- पूरी फैमिली चोदो अदल बदल के - Badla karke biwi ko chudwaya
- ससुर जी ने चोदकर चूत फुला दी - बहु को ससुर ने चोदो - Sasur ji ne chodkar bahu ki chut fula di
- छोटी भाभी की होली में रंग लगाकर की चुदाई Chhoti Bhabhi ki holi me rang lagakar ki chudai
- बेटा माँ बहन बीवी बेटी सब चोदो - Hindi Sex story
- कुँवारी साली को माँ बनाया - जीजा ने की मजेदार चुदाई खूब मजे से चोदा - Jija Sali ki chut ki chudai
