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मेरा लण्ड घुसते ही सब चिल्ला पड़ती हैं - Mera lund ghuste hi sab chilla padti hai
मेरा लण्ड घुसते ही सब चिल्ला पड़ती हैं - Mera lund ghuste hi sab chilla padti hai , लौड़ा देखकर लड़की महिला और जवान और बुड्डी रोने लगती है , चोदा चादी और चुदास अन्तर्वासना कामवासना , चुदवाने और चुदने के खेल , चूत गांड बुर चुदवाने और लंड चुसवाने की हिंदी सेक्स पोर्न कहानी.
एक दिन रात में मैं अपने अब्बू का लण्ड पकड़े पकड़े भाभी के कमरे में घुस गई और कहा लो भाभी तुम मेरे सामने पियो मेरे अब्बू का लण्ड और अपने जीजू का लण्ड मुझे दे दो मैं इसे यहीं तेरे सामने पियूँगी.
मेरी रामिया भाभी बड़े हंसमुख स्वाभाव की हैं। खूब मजेदार और गन्दी गन्दी बातें करतीं हैं। नॉन वेज चुटकुले सुनाती हैं और कभी कभी लण्ड बुर चूत गांड भोसड़ा की भी बातें खुल कर करतीं हैं। मेरी उससे बहुत पटती है। अब तो हम दोनों गालियों से भी बातें करने लगीं हैं। एक दूसरे की माँ बहन चोदने लगीं हैं. वह मुझे बुर चोदी नन्द कहती है तो मैं उसे भोसड़ी की भाभी जान कहती हूँ. मुझे यह भी पता चला है की मेरी भाभी लण्ड पकड़ने में बड़ी उस्ताद हैं। वह किसी का भी लण्ड कहीं भी पकड़ लेती हैं और फिर उसका खूब मज़ा लेतीं हैं। यही हाल मेरा भी है. लण्ड पकड़ना मेरा भी जबरदस्त शौक है। मेरी शादी हो चुकी है पर मैं अभी भी ग़ैर मर्दों के लण्ड खूब पकड़ती हूँ और खूब धकाधक चुदवाती हूँ। मेरी अम्मी तो बुर चोदी मुझसे कहीं आगे हैं। उसे किसी से भी अपना भोसड़ा चुदवाने में कोई शर्म नहीं है। मैंने उसे कई बार पराये मर्दों से चुदवाते हुए देखा है। उसे कई अंकलों का लण्ड पीते हुए देखा है और कई लडकियों को माँ चुदाना सिखाते हुए भी देखा है।
मेरा नाम है फ़िरोज़ा मैं २४ साल की हूँ शादी शुदा हूँ, खूबसूरत हूँ और हॉट हूँ। मेरी रामिया भाभी भी बहुत खुसबृत हैं हॉट है और चंचल स्वाभाव की हैं। मेरी अम्मी समीरा बेगम में और एक मस्तानी रंडी में कोई अंतर नहीं है। मैं जब १८ + की हुई थी तो एक दिन अम्मी ने मुझसे कहा था भोसड़ी की फरोज़ा अब तू गाली देना और लण्ड पकड़ना जल्दी से सीख ले नहीं तो ये जवानी जो अभी अभी तेरे पर सवार हुई है, बहुत जल्दी गायब हो जाएगी। इसलिए जितना मज़ा ले सकती है उतना मज़ा ले ले। और हां एक बात सुन ले, लड़की की जवानी बिना लण्ड के नहीं कटती। तो पहले तू लण्ड पकड़ना, लण्ड पीना शुरू कर दे और फिर माँ चुदाना भी। अम्मी की बातों ने मेरे अंदर एक हलचल पैदा कर दी। मैं पहली बार अम्मी के मुंह से गालियां सुन रहीं थीऔर लण्ड बुर चूत की बातें भी। मैं सोंचने लगी की क्या सच में अम्मी मेरे हाथ में लण्ड देखना चाहती हैं ? मेरे मुंह में लण्ड डालना चाहती है और क्या सच में वह मेरी बुर में लण्ड घुसेड़ने के लिए राज़ी हो जायेंगीं ?
एक दिन जब मैं घर पहुंची तो देखा की ड्राइंग रूम में समी अंकल बैठे हुए हैं। मैंने उन्हें आदाब कहा और अंदर चली गयी। थोड़ी देर में मुझे लगा की अम्मी उससे कुछ गरम गरम बातें कर रही हैं। मैं बाहर से ही कान लगा ककर सुनाने लगी।
अम्मी कह रही थी - समी देखो मेरी बेटी फरोज़ा अब जवान हो गई है. वह साढ़े अठारह साल की है और मैं समझती हूँ की अब उसे लण्ड पकड़ना और लण्ड पीना शुरू कर देना चाहिए। मुझे नहीं मालूम की वह बुर चोदी किसी का लण्ड पकड़ती है की नहीं ? मैं चाहती हूँ की तुम उसे अपना लण्ड पकड़ा दो। उसके कपड़े उतार कर उसे नंगी करो। उसे जवानी का मज़ा लेना सिखाओ। उसके मुंह से गालियां सुनो। उसके मुंह में लण्ड घुसेड़ दो। उससे सड़का मरवाओ और उसे झड़ता हुआ लण्ड पिलाओ। उसकी चूत सहलाओ और अगर हो सके तो उसकी चूत में धीरे से लौड़ा पेल दो। पूरा नहीं थोड़ा ही। मैं जानती हूँ की तेरा लण्ड मोटा है इसलिए पूरा नहीं घुसाना। जैसे तूने आबिदा की बेटी को लण्ड पकड़ाया था उससे सड़का मरवाया था और फिर मस्ती से तुमने उसे अपना लण्ड पिलाया था आज बस उसी तरह मेरी बेटी को लण्ड पिला दो। मैं बाहर जा रहीं हूँ। जब वह लण्ड अच्छी तरह पी ले तो मुझे मिस्ड कॉल कर देना मैं आ जाऊंगी।
समी ने कहा - ठीक है भाभी जान, मैं ये काम कर दूंगा। मैंने कई लड़कियों से सड़का मरवाया है और उन्हें लण्ड पिलाया है।
मैंने अम्मी की पूरी बात अच्छी तरह सुन ली। मैं समझ गई की मेरी अम्मी मेरे मुंह में लण्ड घुसेड़वाकर और मुझे लण्ड पिलवा कर ही दम लेगीं। उसे क्या मालूम की मैं दो साल से लण्ड पी रही हूँ। अब तक मैं कई लड़कों के लण्ड पी चुकी हूँ और कई लड़कों के लण्ड चूत में भी ले चुकी हूँ। पर यह बात किसी को नहीं मालूम ? अम्मी ने मुझे बुलाया और कहा फ़िरोज़ा समी अंकल का ख्याल रखना मैं शाम तक आऊंगी। अम्मी चली गयीऔर मैं अंकल के बगल में बैठ गई। मैंने उस समय सलवार पहनी थी और ऊपर एक टॉप बिना ब्रा का ? अंकल ने कहा फ़िरोज़ा तुम एक अच्छी लड़की हो और खूबसूरत भी हो। मैंने कहा खूबसूरत तो तुम भी हो अंकल ? वह बोला अच्छा तो मैं तुम्हे अच्छा लगता हूँ --- हां बहुत अच्छे लगते हो मरद हो तो तेरे जैसा अंकल --- तुम तो पूरी जवान हो गई हो फ़िरोज़ा --- हां अब हो गई हूँ अंकल ? अब जवानी तो अकेले संभाले नहीं संभलती -- मैं हूँ न तेरे साथ संभल जाएगी --- वाओ, तब तो बहुत अच्छा है कोई तो होना चाहिए --- तेरी अम्मी कह रहीं थीं फ़िरोज़ा का पूरा ख्याल रखना --- अम्मी की बहन का लण्ड ? अम्मी ही कह रही थी कि लण्ड के बिना जवानी नहीं कटती --- अच्छा ऐसा कह रही थीं तेरी अम्मी --- अम्मी की बिटिया की बुर ? वो जाने क्या क्या कहती रहती है मुझे --- तुम भी उसकी एक अच्छी बेटी हो --- बेटी की माँ का भोसड़ा, अंकल ? मैं जान बूझ कर उसे गालियां सुना रही थी ताकि उसका लण्ड खड़ा हो जाए ?
मैंने कहा - मुझे लण्ड दिखाओ, अंकल ?
ऐसा कह कर मैंने उसके पैजामे का नाड़ा खोला और हाथ अंदर घुसेड़ दिया। मुझे सच में लण्ड पकड़ने की बड़ी जल्दी थी। लण्ड मेरे हाथ में आया तो मैं बोली हाय दईया लण्ड तो तेरा भोसड़ी का बड़ा मोटा है अंकल ? लण्ड मैंने बाहर निकाला तो उसे देख कर मेरी चूत की आग और भड़क गई। बिना झांट का लण्ड, गोरा चिकना मोटा लण्ड, तोप का गोला जैसा लण्ड का सुपाड़ा, ये सब देख कर मस्त हो गई। मैं यह सोंचने लगी की अम्मी भोसड़ी वाली ने इस लण्ड का खूब मज़ा लिया है। मैं तो बस लण्ड से खेलने लगी, मेरी नज़र लण्ड से हट ही नहीं रही थी। मैं पेल्हड़ भी चूमती जा रही थी और पेल्हड़ से सुपाड़े तक और सुपाड़े से पेल्हड़ तक लण्ड चाटने लगी। अंकल मेरी बुर चाटने लगा और मेरी चूँचियाँ मसलने लगा।
अम्मी बोली - वाओ, फ़िरोज़ा तो तुम मुझे दिखाना चाहती थी की तू लण्ड का मज़ा लेने लगी है।
मैंने कहा - हां अम्मी जान क्यों न लूं अब तो मैं बुर चोदी पूरी तरह जवान हो गई हूँ।
तब अंकल ने कहा - अरे भाभी जान फ़िरोज़ा तो बहुत आगे निकला चुकी है। इसकी चूत टाइट भी है और गहरी भी। मैंने कई बीवियां, कई लड़कियां और लडकियों की माँ चोदी है. मेरा लण्ड घुसते ही सब चिल्ला पड़ती हैं पर फ़िरोज़ा एक ऐसी लड़की है जिसने लण्ड घुसते ही उफ़ तक नहीं किया बल्कि कहा अंकल पूरा लौड़ा घुसेड़ दो। हर बार लौड़ा पूरा घुसेड़ घुसेड़ कर चोदो। मैं भी पूरी ताकत से चोदता रहा। फ़िरोज़ा बहुत अच्छी तरह चुदवा लेती है भाभी जान।
यह सुनकर अम्मी भी मस्ती में आ गयी और बोली तो फिर फ़िरोज़ा चल अब तू यही लौड़ा अपनी माँ के भोसड़ा में पेल दे। आज से तू अपनी माँ चुदाना भी शुरू कर दे माँ की लौड़ी फ़िरोज़ा ? मैंने सच में लण्ड घुसेड़ दिया जैसा अम्मी चाहती थी।
अम्मी चुदवाते हुए बोली - फ़िरोज़ा, तेरी माँ का भोसड़ा, अब आएगा ज़िन्दगी का असली मज़ा ? तू चुदवा ले अपनी माँ बुर चोदी फ़िरोज़ा।
मैंने भी उसी लहज़े में जबाब दिया - तेरी बिटिया की बुर, अम्मी जान ? अब तो मैं जवानी का मज़ा पूरा लूंगी। चोदूँगी भी और चुदाऊँगी भी।
उस दिन रात के ११ बजे थे तभी मेरी दोस्त रहीमा का फोन आ गया। वह बोली यार फ़िरोज़ा तू अभी मेरे घर आ जा। आज मेरे घर में गज़ब की चोदा चोदी हो रही है। तू भी आकर मज़ा ले ले। तेरे लिए यहाँ कई लण्ड हैं यार ? वैसे भी तू घर में अकेली ही है। तेरी अम्मी जान तो कहीं बाहर गयीं हैं। मैं तेरा इंतज़ार कर रही हूँ। जल्दी ही आना नहीं तो मज़ा निकल जायेगा।
मैं जब पहुंची तो वह सीधे मुझे एक बड़े कमरे में ले गई। मैंने घुसते ही देखा की यहाँ तो सब लोग नंगे हैं। औरतें लड़कियां नंगी हैं और सारे मरद भी नंगे हैं. सबके लण्ड खड़े हैं। कोई लण्ड हिला रही है, कोई लण्ड पी रही है, कोई लौड़ा पेले हुए मस्ती से चोद रहा है, कोई लण्ड पर चढी हुई लण्ड चोद रही है, कोई बुर चाट रहा है तो कोई चूँचियों के बीच लण्ड घुसेड़े हुए है। मुझे यह समझने में देर नहीं लगी की यहाँ सामूहिक चुदाई की पार्टी हो रही है। मैंने देखा की रहीमा की अम्मी तो अपना भोसड़ा चुदवाने में जुटी हैं। लौड़ा उसके भोसड़ा में घुसा हुआ बार बार अंदर बाहर हो रहा है। मुझे वह सीन बड़ा अच्छा लगा तो मैं वहीँ बैठ कर लण्ड के पेल्हड़ सहलाने लगी तभी रहीमा ने मेरे कपड़े उतार कर मुझे नंगी कर दिया और खुद भी भोसड़ी वाली नंगी हो गयी। मैं बीच बीच में बिना झांट के पेल्हड़ चूमने चाटने लगी। लण्ड भी बीच बीच आंटी के भोसड़ा से निकाल कर चूसने लगी और फिर अ अंदर घुसाने लगी।
यह लण्ड मुझे समी अंकल के लण्ड से बड़ा लगा और मोटा भी। मेरा दिल लण्ड पर आ गया और मेरी चूत ससुरी इस लण्ड से चुदवाने के लिए मचल उठी। फिर मुझसे रहा न गया और मैंने अपनी चूत उस लण्ड के आगे फैला दी। आंटी को थोड़ा हटाया तो बगल वाले का लण्ड पकड़ कर चूसने लगीं। मैंने लण्ड अपनी चूत में पेलवा लिया। उसे भी महसूस हुआ की कोई नई चूत है तो वह और जोर शोर से चोदने लगा। मैं भी इधर गांड उछाल उछाल कर चुदवाने लगी। थोड़ी देर में मुझे लगा की लण्ड खलास होने वाला है तो मैंने लण्ड मुठ्ठी में लिया और दनादन सड़का मारने लगी। वह भी अपना मुंह ऊपर किये हुए सड़का मरवाने लगा। इसी बीच लण्ड की पिचकारी मेरे मुंह में छूट गयी और मैं मस्ती से सारा वीर्य पी गयी। मैं एक हाथ से पेल्हड़ थामे हुए दूसरे हाथ से झड़ते हुए लण्ड का सुपाड़ा चाट रही थी।
तभी आंटी बोल पड़ी - अरी भोसड़ी की फ़िरोज़ा जानती है ये लण्ड किसका है ? ये लण्ड तेरे अब्बा का है।
तब मैंने उसका चेहरा देखा और उसने मुझे। एक सेकंड के लिए हम दोनों ठहर गए।
आंटी बोली - बेटी फ़िरोज़ा कोई बात नहीं ? ये सब ऐसे में होता ही है। किसी के लण्ड में कोई नाम नहीं लिखा होता और न ही किसी की चूत में। देखो फ़िरोज़ा, हर औरत के अंदर एक रंडी होती है। ये रंडी रात में बड़ी उत्तेजित हो जाती है। उसकी चूत जब गरम होती है तो वह लण्ड का रिस्ता नहीं पूंछती सीधे उसे अपने अंदर घुसेड़वा लेती है। तूने कोई गुनाह नहीं किया बेटी जो किया अच्छा किया। तेरा अब्बा भी भोसड़ी का सबकी बेटियां चोदता है। मेरी बेटी की बुर तो वह कई बार ले चुका है। तो फिर अपनी बेटी की बुर क्यों नहीं ?
अब्बा ने मेरे गाल थपथपाये और मुस्कराता हुए किसी और की चूँचियाँ मसलने लगा। अब उसी दिन से मैं अब्बा से भी खुल गई। मेरी अम्मी जब वापस आयी तो रहीमा की अम्मी ने मेरे सामने ही उसे सारा किस्सा सुना दिया। अम्मी बोली फ़िरोज़ा ने बहुत अच्छा किया। लण्ड तो लण्ड है लण्ड किसी की जागीर नहीं है। और अगर किसी की जागीर है तो वह हम औरतों की जागीर है। सबके लण्ड पर हम सबका हक़ है। हम चाहे जिसका लण्ड चोदें और चाहे जो लण्ड हमें चोदे ? हमारा हक़ इधर भी है और उधर भी। अब मुझे देखो मैं बिना लण्ड के एक दिन भी नहीं रह सकती। कुनबे में लण्ड नहीं है तो पड़ोस का लण्ड पकड़ लेती हूँ, पड़ोस में नहीं है तो नाते रिश्ते दारों
के लण्ड पकड़ लेती हूँ , वहां भी नहीं मिलता तो होटल से लण्ड मंगवा कर पकड़ लेती हूँ, मैं खुद बिना लण्ड चोदे रात नहीं गुज़ार सकती।
अगले दिन मेरी सायना भाभी आ गयी। वह मुझसे दो साल बड़ी हैं और बेहद खूबसूरत हैं। हंसमुख हैं और खूब गन्दी गन्दी बातें करतीं हैं गंदे चुटकुले सुनाती हैं खूब प्यारी प्यारी गालियां देती हैं और ज़िन्दगी मस्ती से एन्जॉय करती हैं। उसका कहना है की जब तक जिओ तब तक मस्ती से जियो बाकी दुनिया की माँ की चूत ? आते ही बोली फ़िरोज़ा सच सच बता की मेरे जाने के बाद तूने कितनी अपनी माँ चुदवाई ? कितनी बार तूने अपनी माँ के भोसड़ा में लण्ड पेला / कितनी बार तेरी माँ ने लण्ड तेरी बुर में घुसेड़ा ? अब तक तूने कितने लण्ड चोदे और कितने लण्ड पिये ? कितने लण्ड का सड़का मारा और कितने लण्ड तूने मेरी सास की गांड में ठोंका ? मैंने कहा बाप रे बाप इतने सारे सवाल भाभी जान एक ही बार में पूंछ लिया। जबाब देते देते मेरी गांड फट जाएगी। इसलिए मैं धीरे धीरे सबका जबाब दूँगी। हां एक बात है की मैंने लण्ड तेरी सास के भोसड़ा में जरूर पेला है पर अभी तक कोई भी लण्ड उसकी गांड में नहीं ठोंका। यह काम तुम्हे खुद करना पड़ेगा। तेरी सास का भोसड़ा चोदा, तेरी नन्द की बुर चोदी। आज तुम अपने जीजू के साथ आयी हो भाभी जान। आज मैं तेरे जीजू का लण्ड चोदूँगी। वह बोली हां हां चोद लेना यार मेरे जीजू का लण्ड कोई कमजोर नहीं है।
रात को मेरा खाला की बेटी का शौहर बसीर भी आ गया। थोड़ी देर में फूफी जान का बेटा मुनीर भी आ गया। , मुनीर और बसीर दोनों हम उम्र हैं। अम्मी जान दोनों से बड़ी देर तक बात करती रहीं। मैं भाभी के जीजू असद से बतिया रही थी। अब्बू अपने कमरे में था। बात करते करते १२ बज गया। हम सब अपने अपने बिस्तर पर जाने लगे।
तब मैंने असद के लण्ड पर हाथ मार कर कहा - अरे यार अब तो इसके जागने का समय आ गया है और तू सोने जा रहा है। तुझे पता नहीं की लण्ड रात में जगता है और दिन में सोता है।
वह बोला - तो चूत भी रात में जगती है और दिन में सोती है।
मैंने कहा - नहीं जीजू चूत बुर चोदी हमेशा जगी रहती है। वो तो चुद जाने के बाद ही सोती है। जब तक चूत चुदती नहीं है तब तक वह सोती नहीं है।
फिर हम दोनों खिलखिला कर हंस पड़े। तब मैंने अम्मी जान को देखा। वह तो बसीर और मुनीर दोनों का लण्ड अपने दोनों हाथ में लिए हुए बारी बारी से चाट रही हैं। अम्मी भी नंगी और वो दोनों भी नंगे। मैंने मन में कहा अम्मी बुर चोदी सच में बहुत बड़ी मादर चोद है। मैं भी नंगी नंगी जीजू का लण्ड पकड़े हुए अम्मी के कमरे में चली गयी। तब तक भाभी की वहां आ गयी. उसने अम्मी से बसीर का लण्ड छीन लिया और उसे चूमने चाटने लगी। नंगी भाभी जान भी पूरी तरह हो गयीं थीं। उसकी बड़ी बड़ी चूँचियाँ वास्तव में गज़ब ढा रहीं थीं। मैं अगर लड़का होती तो सबसे पहले भाभी की चूँचियाँ ही चोदती। हम तीनो लण्ड पीने में जुट गईं।
इतने में मुझे अब्बू का खयाल आ गया। मैंने सोंचा की यहाँ सब लोग हैं पर अब्बू नहीं हैं। तो मैं नंगी नंगी ही उसके कमरे में चली गई। मैंने देखा की वह पलंग पर नंगा लेटा है और अपना लण्ड सहला रहा है। सामने टी वी पर एक ब्लू फिल्म चल रही थी। अब्बू शायद उसी को देख देख कर मज़ा ले रहा था। मैंने कहा अरे अब्बू वहां अंदर जब लाइव ब्लू फिल्म चल रही है तो फिर यहाँ टी वी पर क्यों देख रहे हो। आज तो भाभी जान भी आ गई हैं। उसे लाइव ब्लू फिल्म दिखाओ न ? अपना लण्ड दिखाओ न उसे अब्बू जान ? बस मैंने अब्बू का खड़ा लण्ड पकड़ा और उसे अम्मी के कमरे में ले आई। \
लण्ड दिखाते हुए मैंने भाभी जान से कहा - भाभी जान, लो पियो मेरे अब्बू का लण्ड ? भाभी ने जैसे ही अब्बू का लण्ड उड़ गये वह बोली वाओ, इतना बड़ा लण्ड ? इतना मोटा लण्ड ? इतना खूबसूरत लण्ड ? हाय रे आज तो मेरी चूत का अच्छी तरह से बाजा बजेगा ? लेकिन ससुर जी यह न भूलना की आज मैं भी चोदूँगी तेरा लण्ड ? फिर क्या भाभी अब्बू से चुदवाने लगीं, अम्मी जान बसीर से चुदवाने लगी और मैं मुनीर का लण्ड मुंह में डाले हुए असद से चुदवाने लगी।
उसके बाद रात भर हम तीनो ने लण्ड अदल बदल कर खूब चुदवाया।
एक दिन रात में मैं अपने अब्बू का लण्ड पकड़े पकड़े भाभी के कमरे में घुस गई और कहा लो भाभी तुम मेरे सामने पियो मेरे अब्बू का लण्ड और अपने जीजू का लण्ड मुझे दे दो मैं इसे यहीं तेरे सामने पियूँगी.
मेरी रामिया भाभी बड़े हंसमुख स्वाभाव की हैं। खूब मजेदार और गन्दी गन्दी बातें करतीं हैं। नॉन वेज चुटकुले सुनाती हैं और कभी कभी लण्ड बुर चूत गांड भोसड़ा की भी बातें खुल कर करतीं हैं। मेरी उससे बहुत पटती है। अब तो हम दोनों गालियों से भी बातें करने लगीं हैं। एक दूसरे की माँ बहन चोदने लगीं हैं. वह मुझे बुर चोदी नन्द कहती है तो मैं उसे भोसड़ी की भाभी जान कहती हूँ. मुझे यह भी पता चला है की मेरी भाभी लण्ड पकड़ने में बड़ी उस्ताद हैं। वह किसी का भी लण्ड कहीं भी पकड़ लेती हैं और फिर उसका खूब मज़ा लेतीं हैं। यही हाल मेरा भी है. लण्ड पकड़ना मेरा भी जबरदस्त शौक है। मेरी शादी हो चुकी है पर मैं अभी भी ग़ैर मर्दों के लण्ड खूब पकड़ती हूँ और खूब धकाधक चुदवाती हूँ। मेरी अम्मी तो बुर चोदी मुझसे कहीं आगे हैं। उसे किसी से भी अपना भोसड़ा चुदवाने में कोई शर्म नहीं है। मैंने उसे कई बार पराये मर्दों से चुदवाते हुए देखा है। उसे कई अंकलों का लण्ड पीते हुए देखा है और कई लडकियों को माँ चुदाना सिखाते हुए भी देखा है।
मेरा नाम है फ़िरोज़ा मैं २४ साल की हूँ शादी शुदा हूँ, खूबसूरत हूँ और हॉट हूँ। मेरी रामिया भाभी भी बहुत खुसबृत हैं हॉट है और चंचल स्वाभाव की हैं। मेरी अम्मी समीरा बेगम में और एक मस्तानी रंडी में कोई अंतर नहीं है। मैं जब १८ + की हुई थी तो एक दिन अम्मी ने मुझसे कहा था भोसड़ी की फरोज़ा अब तू गाली देना और लण्ड पकड़ना जल्दी से सीख ले नहीं तो ये जवानी जो अभी अभी तेरे पर सवार हुई है, बहुत जल्दी गायब हो जाएगी। इसलिए जितना मज़ा ले सकती है उतना मज़ा ले ले। और हां एक बात सुन ले, लड़की की जवानी बिना लण्ड के नहीं कटती। तो पहले तू लण्ड पकड़ना, लण्ड पीना शुरू कर दे और फिर माँ चुदाना भी। अम्मी की बातों ने मेरे अंदर एक हलचल पैदा कर दी। मैं पहली बार अम्मी के मुंह से गालियां सुन रहीं थीऔर लण्ड बुर चूत की बातें भी। मैं सोंचने लगी की क्या सच में अम्मी मेरे हाथ में लण्ड देखना चाहती हैं ? मेरे मुंह में लण्ड डालना चाहती है और क्या सच में वह मेरी बुर में लण्ड घुसेड़ने के लिए राज़ी हो जायेंगीं ?
एक दिन जब मैं घर पहुंची तो देखा की ड्राइंग रूम में समी अंकल बैठे हुए हैं। मैंने उन्हें आदाब कहा और अंदर चली गयी। थोड़ी देर में मुझे लगा की अम्मी उससे कुछ गरम गरम बातें कर रही हैं। मैं बाहर से ही कान लगा ककर सुनाने लगी।
अम्मी कह रही थी - समी देखो मेरी बेटी फरोज़ा अब जवान हो गई है. वह साढ़े अठारह साल की है और मैं समझती हूँ की अब उसे लण्ड पकड़ना और लण्ड पीना शुरू कर देना चाहिए। मुझे नहीं मालूम की वह बुर चोदी किसी का लण्ड पकड़ती है की नहीं ? मैं चाहती हूँ की तुम उसे अपना लण्ड पकड़ा दो। उसके कपड़े उतार कर उसे नंगी करो। उसे जवानी का मज़ा लेना सिखाओ। उसके मुंह से गालियां सुनो। उसके मुंह में लण्ड घुसेड़ दो। उससे सड़का मरवाओ और उसे झड़ता हुआ लण्ड पिलाओ। उसकी चूत सहलाओ और अगर हो सके तो उसकी चूत में धीरे से लौड़ा पेल दो। पूरा नहीं थोड़ा ही। मैं जानती हूँ की तेरा लण्ड मोटा है इसलिए पूरा नहीं घुसाना। जैसे तूने आबिदा की बेटी को लण्ड पकड़ाया था उससे सड़का मरवाया था और फिर मस्ती से तुमने उसे अपना लण्ड पिलाया था आज बस उसी तरह मेरी बेटी को लण्ड पिला दो। मैं बाहर जा रहीं हूँ। जब वह लण्ड अच्छी तरह पी ले तो मुझे मिस्ड कॉल कर देना मैं आ जाऊंगी।
समी ने कहा - ठीक है भाभी जान, मैं ये काम कर दूंगा। मैंने कई लड़कियों से सड़का मरवाया है और उन्हें लण्ड पिलाया है।
मैंने अम्मी की पूरी बात अच्छी तरह सुन ली। मैं समझ गई की मेरी अम्मी मेरे मुंह में लण्ड घुसेड़वाकर और मुझे लण्ड पिलवा कर ही दम लेगीं। उसे क्या मालूम की मैं दो साल से लण्ड पी रही हूँ। अब तक मैं कई लड़कों के लण्ड पी चुकी हूँ और कई लड़कों के लण्ड चूत में भी ले चुकी हूँ। पर यह बात किसी को नहीं मालूम ? अम्मी ने मुझे बुलाया और कहा फ़िरोज़ा समी अंकल का ख्याल रखना मैं शाम तक आऊंगी। अम्मी चली गयीऔर मैं अंकल के बगल में बैठ गई। मैंने उस समय सलवार पहनी थी और ऊपर एक टॉप बिना ब्रा का ? अंकल ने कहा फ़िरोज़ा तुम एक अच्छी लड़की हो और खूबसूरत भी हो। मैंने कहा खूबसूरत तो तुम भी हो अंकल ? वह बोला अच्छा तो मैं तुम्हे अच्छा लगता हूँ --- हां बहुत अच्छे लगते हो मरद हो तो तेरे जैसा अंकल --- तुम तो पूरी जवान हो गई हो फ़िरोज़ा --- हां अब हो गई हूँ अंकल ? अब जवानी तो अकेले संभाले नहीं संभलती -- मैं हूँ न तेरे साथ संभल जाएगी --- वाओ, तब तो बहुत अच्छा है कोई तो होना चाहिए --- तेरी अम्मी कह रहीं थीं फ़िरोज़ा का पूरा ख्याल रखना --- अम्मी की बहन का लण्ड ? अम्मी ही कह रही थी कि लण्ड के बिना जवानी नहीं कटती --- अच्छा ऐसा कह रही थीं तेरी अम्मी --- अम्मी की बिटिया की बुर ? वो जाने क्या क्या कहती रहती है मुझे --- तुम भी उसकी एक अच्छी बेटी हो --- बेटी की माँ का भोसड़ा, अंकल ? मैं जान बूझ कर उसे गालियां सुना रही थी ताकि उसका लण्ड खड़ा हो जाए ?
मैंने कहा - मुझे लण्ड दिखाओ, अंकल ?
ऐसा कह कर मैंने उसके पैजामे का नाड़ा खोला और हाथ अंदर घुसेड़ दिया। मुझे सच में लण्ड पकड़ने की बड़ी जल्दी थी। लण्ड मेरे हाथ में आया तो मैं बोली हाय दईया लण्ड तो तेरा भोसड़ी का बड़ा मोटा है अंकल ? लण्ड मैंने बाहर निकाला तो उसे देख कर मेरी चूत की आग और भड़क गई। बिना झांट का लण्ड, गोरा चिकना मोटा लण्ड, तोप का गोला जैसा लण्ड का सुपाड़ा, ये सब देख कर मस्त हो गई। मैं यह सोंचने लगी की अम्मी भोसड़ी वाली ने इस लण्ड का खूब मज़ा लिया है। मैं तो बस लण्ड से खेलने लगी, मेरी नज़र लण्ड से हट ही नहीं रही थी। मैं पेल्हड़ भी चूमती जा रही थी और पेल्हड़ से सुपाड़े तक और सुपाड़े से पेल्हड़ तक लण्ड चाटने लगी। अंकल मेरी बुर चाटने लगा और मेरी चूँचियाँ मसलने लगा।
- वह बोला - तुम तो बहुत अच्छी तरह लण्ड चाट लेती हो लण्ड, फ़िरोज़ा ? चूसती भी अच्छी तरह से हो लण्ड ? तेरी स्टाइल मुझे पसंद आ रही है।
- हां अंकल मुझे लण्ड से खास मोहब्बत जो है। देखो न कितना प्यारा लौड़ा है तेरा बहन चोद ?
- तेरी माँ भी इसे बहुत पसंद करती है फ़िरोज़ा ?
- उसकी बिटिया की बुर अंकल वो तो सबके लण्ड पसंद करती है।
- तुम अपनी अम्मी को गाली देती हो ?
- तो क्या हुआ वो तो बहुत बड़ी बेटी चोद है। बहुत बड़ी बुर चोदी है मेरी अम्मी जान ? लोगों से कहती है लो मेरी बेटी चोदो ? हो सकता है की तुमसे भी कहा हो ?
- हां कहा तो है फ़िरोज़ा।
- तो फिर चोदो न अपनी समीरा भाभी की बिटिया की बुर ? बेधड़क पेल दो लण्ड उसकी चूत में ?
अम्मी बोली - वाओ, फ़िरोज़ा तो तुम मुझे दिखाना चाहती थी की तू लण्ड का मज़ा लेने लगी है।
मैंने कहा - हां अम्मी जान क्यों न लूं अब तो मैं बुर चोदी पूरी तरह जवान हो गई हूँ।
तब अंकल ने कहा - अरे भाभी जान फ़िरोज़ा तो बहुत आगे निकला चुकी है। इसकी चूत टाइट भी है और गहरी भी। मैंने कई बीवियां, कई लड़कियां और लडकियों की माँ चोदी है. मेरा लण्ड घुसते ही सब चिल्ला पड़ती हैं पर फ़िरोज़ा एक ऐसी लड़की है जिसने लण्ड घुसते ही उफ़ तक नहीं किया बल्कि कहा अंकल पूरा लौड़ा घुसेड़ दो। हर बार लौड़ा पूरा घुसेड़ घुसेड़ कर चोदो। मैं भी पूरी ताकत से चोदता रहा। फ़िरोज़ा बहुत अच्छी तरह चुदवा लेती है भाभी जान।
यह सुनकर अम्मी भी मस्ती में आ गयी और बोली तो फिर फ़िरोज़ा चल अब तू यही लौड़ा अपनी माँ के भोसड़ा में पेल दे। आज से तू अपनी माँ चुदाना भी शुरू कर दे माँ की लौड़ी फ़िरोज़ा ? मैंने सच में लण्ड घुसेड़ दिया जैसा अम्मी चाहती थी।
अम्मी चुदवाते हुए बोली - फ़िरोज़ा, तेरी माँ का भोसड़ा, अब आएगा ज़िन्दगी का असली मज़ा ? तू चुदवा ले अपनी माँ बुर चोदी फ़िरोज़ा।
मैंने भी उसी लहज़े में जबाब दिया - तेरी बिटिया की बुर, अम्मी जान ? अब तो मैं जवानी का मज़ा पूरा लूंगी। चोदूँगी भी और चुदाऊँगी भी।
उस दिन रात के ११ बजे थे तभी मेरी दोस्त रहीमा का फोन आ गया। वह बोली यार फ़िरोज़ा तू अभी मेरे घर आ जा। आज मेरे घर में गज़ब की चोदा चोदी हो रही है। तू भी आकर मज़ा ले ले। तेरे लिए यहाँ कई लण्ड हैं यार ? वैसे भी तू घर में अकेली ही है। तेरी अम्मी जान तो कहीं बाहर गयीं हैं। मैं तेरा इंतज़ार कर रही हूँ। जल्दी ही आना नहीं तो मज़ा निकल जायेगा।
मैं जब पहुंची तो वह सीधे मुझे एक बड़े कमरे में ले गई। मैंने घुसते ही देखा की यहाँ तो सब लोग नंगे हैं। औरतें लड़कियां नंगी हैं और सारे मरद भी नंगे हैं. सबके लण्ड खड़े हैं। कोई लण्ड हिला रही है, कोई लण्ड पी रही है, कोई लौड़ा पेले हुए मस्ती से चोद रहा है, कोई लण्ड पर चढी हुई लण्ड चोद रही है, कोई बुर चाट रहा है तो कोई चूँचियों के बीच लण्ड घुसेड़े हुए है। मुझे यह समझने में देर नहीं लगी की यहाँ सामूहिक चुदाई की पार्टी हो रही है। मैंने देखा की रहीमा की अम्मी तो अपना भोसड़ा चुदवाने में जुटी हैं। लौड़ा उसके भोसड़ा में घुसा हुआ बार बार अंदर बाहर हो रहा है। मुझे वह सीन बड़ा अच्छा लगा तो मैं वहीँ बैठ कर लण्ड के पेल्हड़ सहलाने लगी तभी रहीमा ने मेरे कपड़े उतार कर मुझे नंगी कर दिया और खुद भी भोसड़ी वाली नंगी हो गयी। मैं बीच बीच में बिना झांट के पेल्हड़ चूमने चाटने लगी। लण्ड भी बीच बीच आंटी के भोसड़ा से निकाल कर चूसने लगी और फिर अ अंदर घुसाने लगी।
यह लण्ड मुझे समी अंकल के लण्ड से बड़ा लगा और मोटा भी। मेरा दिल लण्ड पर आ गया और मेरी चूत ससुरी इस लण्ड से चुदवाने के लिए मचल उठी। फिर मुझसे रहा न गया और मैंने अपनी चूत उस लण्ड के आगे फैला दी। आंटी को थोड़ा हटाया तो बगल वाले का लण्ड पकड़ कर चूसने लगीं। मैंने लण्ड अपनी चूत में पेलवा लिया। उसे भी महसूस हुआ की कोई नई चूत है तो वह और जोर शोर से चोदने लगा। मैं भी इधर गांड उछाल उछाल कर चुदवाने लगी। थोड़ी देर में मुझे लगा की लण्ड खलास होने वाला है तो मैंने लण्ड मुठ्ठी में लिया और दनादन सड़का मारने लगी। वह भी अपना मुंह ऊपर किये हुए सड़का मरवाने लगा। इसी बीच लण्ड की पिचकारी मेरे मुंह में छूट गयी और मैं मस्ती से सारा वीर्य पी गयी। मैं एक हाथ से पेल्हड़ थामे हुए दूसरे हाथ से झड़ते हुए लण्ड का सुपाड़ा चाट रही थी।
तभी आंटी बोल पड़ी - अरी भोसड़ी की फ़िरोज़ा जानती है ये लण्ड किसका है ? ये लण्ड तेरे अब्बा का है।
तब मैंने उसका चेहरा देखा और उसने मुझे। एक सेकंड के लिए हम दोनों ठहर गए।
आंटी बोली - बेटी फ़िरोज़ा कोई बात नहीं ? ये सब ऐसे में होता ही है। किसी के लण्ड में कोई नाम नहीं लिखा होता और न ही किसी की चूत में। देखो फ़िरोज़ा, हर औरत के अंदर एक रंडी होती है। ये रंडी रात में बड़ी उत्तेजित हो जाती है। उसकी चूत जब गरम होती है तो वह लण्ड का रिस्ता नहीं पूंछती सीधे उसे अपने अंदर घुसेड़वा लेती है। तूने कोई गुनाह नहीं किया बेटी जो किया अच्छा किया। तेरा अब्बा भी भोसड़ी का सबकी बेटियां चोदता है। मेरी बेटी की बुर तो वह कई बार ले चुका है। तो फिर अपनी बेटी की बुर क्यों नहीं ?
अब्बा ने मेरे गाल थपथपाये और मुस्कराता हुए किसी और की चूँचियाँ मसलने लगा। अब उसी दिन से मैं अब्बा से भी खुल गई। मेरी अम्मी जब वापस आयी तो रहीमा की अम्मी ने मेरे सामने ही उसे सारा किस्सा सुना दिया। अम्मी बोली फ़िरोज़ा ने बहुत अच्छा किया। लण्ड तो लण्ड है लण्ड किसी की जागीर नहीं है। और अगर किसी की जागीर है तो वह हम औरतों की जागीर है। सबके लण्ड पर हम सबका हक़ है। हम चाहे जिसका लण्ड चोदें और चाहे जो लण्ड हमें चोदे ? हमारा हक़ इधर भी है और उधर भी। अब मुझे देखो मैं बिना लण्ड के एक दिन भी नहीं रह सकती। कुनबे में लण्ड नहीं है तो पड़ोस का लण्ड पकड़ लेती हूँ, पड़ोस में नहीं है तो नाते रिश्ते दारों
के लण्ड पकड़ लेती हूँ , वहां भी नहीं मिलता तो होटल से लण्ड मंगवा कर पकड़ लेती हूँ, मैं खुद बिना लण्ड चोदे रात नहीं गुज़ार सकती।
अगले दिन मेरी सायना भाभी आ गयी। वह मुझसे दो साल बड़ी हैं और बेहद खूबसूरत हैं। हंसमुख हैं और खूब गन्दी गन्दी बातें करतीं हैं गंदे चुटकुले सुनाती हैं खूब प्यारी प्यारी गालियां देती हैं और ज़िन्दगी मस्ती से एन्जॉय करती हैं। उसका कहना है की जब तक जिओ तब तक मस्ती से जियो बाकी दुनिया की माँ की चूत ? आते ही बोली फ़िरोज़ा सच सच बता की मेरे जाने के बाद तूने कितनी अपनी माँ चुदवाई ? कितनी बार तूने अपनी माँ के भोसड़ा में लण्ड पेला / कितनी बार तेरी माँ ने लण्ड तेरी बुर में घुसेड़ा ? अब तक तूने कितने लण्ड चोदे और कितने लण्ड पिये ? कितने लण्ड का सड़का मारा और कितने लण्ड तूने मेरी सास की गांड में ठोंका ? मैंने कहा बाप रे बाप इतने सारे सवाल भाभी जान एक ही बार में पूंछ लिया। जबाब देते देते मेरी गांड फट जाएगी। इसलिए मैं धीरे धीरे सबका जबाब दूँगी। हां एक बात है की मैंने लण्ड तेरी सास के भोसड़ा में जरूर पेला है पर अभी तक कोई भी लण्ड उसकी गांड में नहीं ठोंका। यह काम तुम्हे खुद करना पड़ेगा। तेरी सास का भोसड़ा चोदा, तेरी नन्द की बुर चोदी। आज तुम अपने जीजू के साथ आयी हो भाभी जान। आज मैं तेरे जीजू का लण्ड चोदूँगी। वह बोली हां हां चोद लेना यार मेरे जीजू का लण्ड कोई कमजोर नहीं है।
रात को मेरा खाला की बेटी का शौहर बसीर भी आ गया। थोड़ी देर में फूफी जान का बेटा मुनीर भी आ गया। , मुनीर और बसीर दोनों हम उम्र हैं। अम्मी जान दोनों से बड़ी देर तक बात करती रहीं। मैं भाभी के जीजू असद से बतिया रही थी। अब्बू अपने कमरे में था। बात करते करते १२ बज गया। हम सब अपने अपने बिस्तर पर जाने लगे।
तब मैंने असद के लण्ड पर हाथ मार कर कहा - अरे यार अब तो इसके जागने का समय आ गया है और तू सोने जा रहा है। तुझे पता नहीं की लण्ड रात में जगता है और दिन में सोता है।
वह बोला - तो चूत भी रात में जगती है और दिन में सोती है।
मैंने कहा - नहीं जीजू चूत बुर चोदी हमेशा जगी रहती है। वो तो चुद जाने के बाद ही सोती है। जब तक चूत चुदती नहीं है तब तक वह सोती नहीं है।
फिर हम दोनों खिलखिला कर हंस पड़े। तब मैंने अम्मी जान को देखा। वह तो बसीर और मुनीर दोनों का लण्ड अपने दोनों हाथ में लिए हुए बारी बारी से चाट रही हैं। अम्मी भी नंगी और वो दोनों भी नंगे। मैंने मन में कहा अम्मी बुर चोदी सच में बहुत बड़ी मादर चोद है। मैं भी नंगी नंगी जीजू का लण्ड पकड़े हुए अम्मी के कमरे में चली गयी। तब तक भाभी की वहां आ गयी. उसने अम्मी से बसीर का लण्ड छीन लिया और उसे चूमने चाटने लगी। नंगी भाभी जान भी पूरी तरह हो गयीं थीं। उसकी बड़ी बड़ी चूँचियाँ वास्तव में गज़ब ढा रहीं थीं। मैं अगर लड़का होती तो सबसे पहले भाभी की चूँचियाँ ही चोदती। हम तीनो लण्ड पीने में जुट गईं।
इतने में मुझे अब्बू का खयाल आ गया। मैंने सोंचा की यहाँ सब लोग हैं पर अब्बू नहीं हैं। तो मैं नंगी नंगी ही उसके कमरे में चली गई। मैंने देखा की वह पलंग पर नंगा लेटा है और अपना लण्ड सहला रहा है। सामने टी वी पर एक ब्लू फिल्म चल रही थी। अब्बू शायद उसी को देख देख कर मज़ा ले रहा था। मैंने कहा अरे अब्बू वहां अंदर जब लाइव ब्लू फिल्म चल रही है तो फिर यहाँ टी वी पर क्यों देख रहे हो। आज तो भाभी जान भी आ गई हैं। उसे लाइव ब्लू फिल्म दिखाओ न ? अपना लण्ड दिखाओ न उसे अब्बू जान ? बस मैंने अब्बू का खड़ा लण्ड पकड़ा और उसे अम्मी के कमरे में ले आई। \
लण्ड दिखाते हुए मैंने भाभी जान से कहा - भाभी जान, लो पियो मेरे अब्बू का लण्ड ? भाभी ने जैसे ही अब्बू का लण्ड उड़ गये वह बोली वाओ, इतना बड़ा लण्ड ? इतना मोटा लण्ड ? इतना खूबसूरत लण्ड ? हाय रे आज तो मेरी चूत का अच्छी तरह से बाजा बजेगा ? लेकिन ससुर जी यह न भूलना की आज मैं भी चोदूँगी तेरा लण्ड ? फिर क्या भाभी अब्बू से चुदवाने लगीं, अम्मी जान बसीर से चुदवाने लगी और मैं मुनीर का लण्ड मुंह में डाले हुए असद से चुदवाने लगी।
उसके बाद रात भर हम तीनो ने लण्ड अदल बदल कर खूब चुदवाया।
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