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मैं मस्ती से लण्ड का सुपाड़ा चाटने लगी - Main masti se lund ka supada chatne lagi
मैं मस्ती से लण्ड का सुपाड़ा चाटने लगी - Main masti se lund ka supada chatne lagi , मुझे लंड चाटना चुसना बहुत अच्छा लगता है , लौड़े चुसवा लो , चोदा चादी और चुदास अन्तर्वासना कामवासना , चुदवाने और चुदने के खेल , चूत गांड बुर चुदवाने और लंड चुसवाने की हिंदी सेक्स पोर्न कहानी.
मेरा नाम राशेल है। मैं २२ साल की हूँ, पढ़ी लिखी हूँ, खूबसूरत हूँ और हॉट हूँ। मैं एक क्रिश्चियन लड़की हूँ और एम् बी ए की स्टूडेंट हूँ. कॉलेज जाती हूँ और खूब एन्जॉय करती हूँ। मैं बहुत बोल्ड हूँ और कुछ भी कर सकती हूँ। एक बार मैंने कहा था की भोसड़ी वालों तुम लोग मेरी एक झांट भी नहीं उखाड़ पाओगे। तब एक लड़के ने कहा राशेल झांट तो तेरी हैं ही नहीं तो उखाडूँगा क्या ? मैंने संबके सामने जबाब दिया माँ के लौड़े ले देख मेरी झांटें ? मैंने अपनी जींस की बटन खोली और झांटें खोल कर सबको दिखा दीं। सबने खूब तालियां बजाई और वह लड़का बुरी तरह झेंप गया। उसके बाद मैं खुले आम सबकी माँ बहन चोदने लगी, गालियां धकाधक मुंह से निकालने लगी। लड़कों की तो गांड भी मारने लगी। मैं पूरे कॉलेज में गालियों वाली लड़की के नाम से मशहूर हो गयी। शराब मैं १० साल की उम्र से पी रही थी। कॉलेज में आकर सिगरेट भी पीने लगी और १५ साल की उम्र से लण्ड पकड़ने लगी थी। कॉलेज में आकर लड़कों के लण्ड का सड़का मारने लगी और लण्ड पीने लगी। मॉम को मालूम है की मैं लण्ड पीती हूँ। मुझे भी मालूम है की मॉम भी शराब के साथ लण्ड पीती हैं और लण्ड के साथ शराब पीती हैं। धीरे धीरे मेरी चर्चा टीचर्स में भी होने लगी। कुछ टीचर्स भी मुझे लण्ड पकड़ाने के चक्कर में घूमने लगे।
मेरे एक प्रोफेसर थे मिस्टर खुराना। वह बहुत ही हैंडसम थे और गोरे चिट्टे थे और बहुत अच्छी इंग्लिश बोलते थे। मैं उनसे प्रभावित थी। एक दिन इतवार को मैं उनके घर चली गयी . वह नंगे बदन एक नेकर पहने हुए शराब पी रहे थे। मुझसे बोले - Rachel, will you join me ? मैंने कहा - Why not sir, I will join you . मैं भी उनके साथ शराब पीने लगी। उसने कहा - You are a very naughty girl . मैंने जबाब दिया - Yes Sir I am a very naughty girl. I am a madar chod girl too . मेरी बात पर वह बहुत जोर से हंस पड़ा। मैंने कहा - सर आज से मैं आपको अंकल कहूँगी सर नहीं। कॉलेज ने सर और घर में अंकल। वह मान गए। मैंने जींस और बिना ब्रा का टॉप पहना था। उसकी नज़र मेरी बड़ी बड़ी चूँचियों पर थी। मैं भी उन्हें चूँचियाँ दिखाना चाहती थी। मैं खुल कर बात करना चाहती थी। मेरी नियत अंकल पर ख़राब हो गयी थी। सच बताऊँ मैं अंकल को नंगा देखना चाहती थी। उसका लण्ड पकड़ कर देखना चाहती थी।
- अंकल ने कहा - राशेल मैंने सुना है की तुम गालियां बहुत देती हो ? क्या यह सच है ?
- मैंने जबाब दिया हां अंकल यह सच है। मैं गालियां देती हूँ और खूब देती हूँ। एक तो मुझे गालियां देना अच्छा लगता है और दूसरे गालियों देने से मैं बहुत बोल्ड हो गयी हूँ। मेरी हिम्मत बढ़ गयी है। मेरा self confidence बढ़ गया है। इसलिए मैं मानती हूँ की गालियां देना एक लड़की के लिए बहुत जरुरी है। मैं तो अपनी दोस्तों से कहती हूँ की तुम लोग भी मेरी तरह खूब गालियां दिया करो। इसका असर हुआ और आजकल देखो न कॉलेज में हर लड़की बहन चोद गाली देती है।
- कौन कौन सी गालियां देती हो, राशेल ?
- मादर चोद, बहन चोद. तेरी माँ का भोसड़ा, साले, कुत्ते, तेरी माँ की चूत, भोसड़ी वाले, गांडू, माँ के लौड़े, तेरी बहन का लण्ड, झांटें उखाड़ लूंगी तेरी , गांड में घुसा दूँगी हाथ भर का लण्ड, नोंच डालूंगी तेरा लौड़ा, तेरी माँ की बिटिया की बुर, बेटी चोद, चोद डालूंगी तेरी माँ का भोसड़ा ,,,,,,,,,?
- वाओ, इतनी सारी गालियां ? तो फिर लड़के क्या बोलतें है तेरी गालियां सुनकर ?
- लड़के खूब तालियां बजाते हैं और एन्जॉय करते हैं। उन्हें मेरे मुंह से गालियां सुनना अच्छा लगता है खास तौर से ''लण्ड की गालियां। लड़के लड़कियों के मुंह से 'लण्ड' सुनना बहुत पसंद करते हैं। मुझे लगता है की 'लण्ड' की गालियां सुनकर उनके लण्ड खड़े हो जातें हैं। क्या तेरा भी लण्ड खड़ा हो गया अंकल ?
- हां खड़ा तो हो गया राशेल ?
- वाओ, तो फिर दिखाओ न मुझे अपन लण्ड अंकल ?
ऐसा बोल कर मैं उठी और उसके लण्ड पर ऊपर से एक थप्पड़ जड़ दिया। उसक नेकर के उभार से मालूम हो रहा था की लण्ड सच में खड़ा है। तब तक मैंने अपने टॉप की दोनों बटन खोल दीं। मेरी दोनों चूँचियाँ उसे एकदम नंगी दिखाई पड़ रही थीं। वह भी ललचा गया और उसका हाथ भी मेरे बूब्स पर पहुँच गया। उधर मैंने उसकी नेकर में हाथ घुसेड़ दिया। मेरा हाथ उसके लंड्से टकरा गया। मैंने कहा वाओ, तेरा तो मादर चोद लण्ड खड़ा है अंकल। इसे बाहर निकालो न ? क्यों बिचारे को अंदर जेल में डाल रखा है। इसे भी बाहर की हवा खाने दो। माइए अंकल को कुर्शी से उठाकर खड़ा कर दिया। मैं नीचे घुटनो के बल बैठ कर उसकी नेकर खींच ली तो वह एकदम नंगा हो गया। उसका लण्ड सीधे मेरे गाल पर लगा जैसे किसी ने थप्पड़ मारा हो। माइए मुस्कराकर कहा ओये लौड़े मियां तू मुझे थप्पड़ मार रहा है। मैं बी तेरी गांड मारूंगी भोसड़ी के। ऐसा बोल कर मैं लण्ड पकड़ कर सहलाने लगी। लण्ड बढ़ने लगा। तब तक अंकल ने मेरी जींस खोल दी और कहा राशेल अपनी चूत को भी बाहर की हवा खिलाओ न प्लीज।
हम दोनों नंगे हो गये। मुझे अंकल का लौड़ा बहुत ही पसंद आया। मैंने अपनी पर्श से इंची टेप निकाला और लण्ड का साइज नापा। लण्ड बहन चोद 8.5" x 5.5" का निकला।
मैंने कहा - अंकल बाप रे बाप ये तो मेरी माँ का भोसड़ा भी फाड़ डालेगा ?
अंकल ने कहा - तो फिर किसी दिन फड़वा लो न अपनी माँ का भोसड़ा, राशेल ?
मैंने कहा - पहले मेरी माँ की बिटिया की बुर फाड़ो ? फिर माँ का भोसड़ा फाड़ना। तेरी बहन की बुर, भोसड़ी के अंकल। आज मैं देखूँगी की तेरे लण्ड में कितना दम है ?
मैंने लण्ड का सुपाड़ा मुंह में भर लिया और चूसने लगी। वह मेरी चूँचियाँ और चूत सहलाने लगा। बगल में सोफा पड़ा था। वह सोफा पर बैठ गया और मैं नीचे उसकी दोनो टांगों के बीच घुटनो के बल बैठ कर उसका लण्ड चूसने लगी। बीच बीच में मैं लण्ड अपनी चूँचियों से लड़ाने लगी। अपने निपल्स पर घुमाने लगी लण्ड और रगड़ने लगी लण्ड का सुपाड़ा।
मैंने पूंछा - कॉलेज की कितनी लड़कियां पीती हैं तेरा लण्ड, अंकल ?
वह बोला - लड़कियां तो २/३ ही पीती हैं मेरा लण्ड पर कॉलेज की सभी फीमेल टीचर्स मेरा लण्ड पीती हैं।
मैंने कहा - अरे वह ! यह मुझे नहीं मालूम था। पायल मेम भी, लूसी मेम भी, मोनिका मेम भी और पूजा मेम भी तेरा लण्ड पीती हैं।
वह बोला - हां राशेल ये सब मेरा लण्ड पीती हैं खूब चुदवाती हैं कभी कभी तो गांड भी मरवाती हैं। इसमें सबसे ज्यादा चुदवाने वाली पूजा मेम और मोनिका मेम हैं। दोनों ही लण्ड से बड़ी देर तक खेला करती हैं और फिर गांड उठा उठा के मजे से चुदवाती हैं। मैंने मन में कहा ये बुर चोदी टीचरें भी कितनी घुटी हुई हैं बहन चोद ? ऊपर से बड़ी सीधी शादी और भोली भाली बानी रहतीं हैं और अंदर से बिलकुल रंडी होती है और किसी से भी चुदवा लेती हैं। अब मैं इस सबकी गांड मारूँगी। मैंने अंकल का लण्ड मुंह में भर लिया था। मैं सुपाड़े के चरों तरफ अपनी जबान घुमाने लगी। वह सिसियाने लगा। उसे मज़ा आ रहा था। मैं उसके बाहर से पेल्हड़ भी सहला रही थी। बीच बीच में लण्ड मुंह से निकाल कर मुठिया भी रही थी। अंकल का लण्ड इस खेल में बहुत देर तक ठहर नहीं सका। वह बोला हाय राशेल मैं निकल जाऊँगा। मैंने कहा तो निकल जा न भोसड़ी के। मैं सब पी जाऊंगी तेरा सीमेन। मैं फिर सटासट मुठ्ठ मारने लगी और वह मेरे मुँह में ही झड़ गया। मैं सारा वीर्य पी गयी जो मुझे बड़ा टेस्टी लगा उसके बाद मैं मस्ती से लण्ड का सुपाड़ा चाटने लगी और लण्ड अपनी चूँचियों पर पागलों की तरह रगड़ने लगी.
एक दिन मैंने खुराना अंकल को सड़का मारते हुए देखा तो फौरन उसके पास गई और उसका टन टनाता हुआ लण्ड पकड़ लिया। पहले तो मैंने लण्ड कई बार चूमा, पेल्हड़ की भी चुम्मी ली और फिर लण्ड का चमकता हुआ सुपाड़ा चाटा। फिर मैंने अंकल से आँख मिलाते हुए कहा अंकल बोलो सड़का मरवाओगे की मेरी बुर चोदोगे ? अगर तुम सड़का मरवाना चाहते हो तो मैं सड़का मार दूँगी और अच्छी तरह मार दूँगी। सड़का मार कर तेरा लण्ड पियूँगी और अगर तुम मेरी बुर चोदना चाहते हो तो चोदो, मैं बिलकुल तैयार हूँ। वह बोला हां राशेल आज तो मैं तेरी बुर चोदूंगा और अच्छी तरह चोदूंगा। ऐसा बोल कर उसने मुझे अपनी तरफ खींच लिया। मैं भी नंगी थी और यह भी। मेरी चूँचियाँ उसकी चौड़ी छाती से चिपक गईं। मेरा हाथ उसका लण्ड सहलाने लगा और वह मेरे पूरे नंगे बदन पर हाथ बड़े प्यार से फिराने लगा। मैं भी मस्त होती जा रही थी और चुदवाने के लिए पूरी तैयार हो गई थी। आज तो मैं तेरा 'लन्ड' चोदूँगी
उस दिन मैं घर पे अकेले बैठा हुआ व्हिस्की पी रहा था . इतने में डोर बेल बजी . मैंने दरवाजा खोला तो सामने
एक जवान खूबसूरत लड़की दिखी . वह बोली आप मिस्टर शेखर है ? मैंने कहा हां मैं शेखर हूँ . वह बोली मुझे मिस कविता ने भेजा है . मेरा नाम मिस नेहा है . क्या मैं अंदर आ सकती हूँ ? मैंने उसे अंदर करके दरवाजा बंद कर दिया . वह आगे बढ़ी और एक कुर्शी पर बैठ गयी . फिर उसने व्हिस्की कि बोतल उठायी और गिलास भी . एक पैग शराब बनाया और चियर्स कहके पीने लगी . फिर उसने अपने पर्श से एक सिगरट का पैकट निकाला उसकी एक सिगरेट बाहर निकाल कर मेरी तरफ बढ़ाया . मैंने एक सिगरेट ले ली . उसने भी एक सिगरेट अपने मुंह में लगाई . फिर उसने लाइटर निकाला . पहले मेरी सिगरेट जलाई और फिर अपनी . उसके बाद उसने एक कस लिया .
- नेहा ने थोड़ी शराब पी फिर दूसरा एक लंबा कस लिया और धुंआ निकालती हुई बोली :- सुना है तुम लड़कियां चोदते हो ? (उसका पहला सवाल ही बड़ा दमदार निकला )
- हां आपने ठीक सुना है . मैं लड़कियां चोदता हूँ . इसलिए कि मुझे चोदने के लिए लड़कियां आसानी से मिल जाती है और अच्छी अच्छी लड़कियां मिल जाती है .
- किस तरह कि लड़कियां चोदते हो ?
- लड़कियां तो यार लड़कियां होती है . जवान होती है बस और क्या ? उसमे किस तरह का सवाल क्या ?
- सवाल है ? लड़कियां तो बाज़ार में भी मिलती है . घर में पास पड़ोस में भी मिलती है . यार दोस्तों के यहाँ मिलती है . नाते रिस्ते दारों में मिलती है ? तुम कहाँ कि लड़कियां लेते हो ?
- मैं कॉलेज में एक प्रोफ़ेसर हूँ . मुझे सबसे ज्यादा कॉलेज कि लड़कियां मिलती है . कॉलेज चाहे मेरा हो या फिर कोई और ? लड़कियों कि सहेलियां भी चुदाने आ जाती है .
- क्यों ऑफिस कि लड़कियां नहीं चोदते हो क्या ?
- जरुर चोदता हूँ पर वे मुझे बहुत कम मिलती है .
- सुना है कि लड़कियों कि माँ भी चोदते हो ?
- बहुत कम ? केवल उन लड़कियों कि माँ चोदता हूँ जो मुझसे अपनी माँ चुदवाती है ?
- क्या लड़कियां अपनी माँ भी चुदवाती है .
- बेशक ? ये तो हकीकत है . अरे कुछ माँ तो ऐसी है जो लड़कियों से कहती है कि मुझे अपने सर से चुदवाओ ? मैंने खुद अपने कानो से सुना है .
- क्या भाभियाँ या फिर शादीशुदा औरतें भी चोदते हो ?
- हां बिलकुल, उन्हें तो चोदने में और ज्यादा मज़ा आता है .
- क्या मतलब ? ज्यादा मज़ा कैसे आता है ?
- देखो एक तो उन्हें कोई डर नहीं होता इसलिए खुल कर और मन लगा कर चुदवाती है . दूसरे में सब चुदी चुदाई होती है . उन्हें चुदाई का पूरा पूरा अनुभव होता है . इसलिए वे खूब मज़ा ले ले कर चुदवाती है ?
- कॉलेज कि टीचरों को भी चोदते हो क्या ?
- हां चोदता हूँ लेकिन ज्यादा नहीं बस उनको जिनसे नजदीकियां बन जाती है .
- तुमने कभी नमिता मैम को चोदा है ?
- अभी तक तो नहीं चोदा ?
- अब चोद लो क्योंकि वो तुमसे चुदवाना चाहती है .
- ऐसा क्या है मुझमे जो मुझसे चुदवाना चाहती है ?
- तुझमे कुछ नहीं है तेरे लन्ड में है ? तुम क्या समझते हो कि ये सारी लड़कियां तुमसे तुम्हारी वज़ह से चुदवाती है ? नहीं ऐसा नहीं है . वे सिर्फ तुम्हारे लन्ड कि वज़ह से चुदवाती है .
- अरे वाह ? ये बात तो मुझ मालूम ही नहीं थी .
- देखो लड़की हो या औरत हर एक तो चाहिए एक बड़ा और बढ़िया लन्ड ? तेरा लन्ड बड़ा भी है यानि लंबा और मोटा है ? बढियां भी है कि वह देखने में बड़ा खूबसूरत है और चोदने में दमदार है ?
- पर तुमने तो कभी मेरा लन्ड देखा ही नहीं ?
- जिन लोगों ने देखा है मैं उनकी बात बता रही हूँ .
- तो क्या वे सब तुमको मेरे लन्ड के बारे में बताती है ?
- अब मैं बताऊंगी उन्हें तेरे लन्ड के बारे में ? चल दिखा मुझे अपना लन्ड भोषड़ी के ?
नेहा बहुत ही सुन्दर और अच्छी लड़की है . उसकी सेक्सी और गन्दी गन्दी बातें सुन कर मेरा लौड़ा टन टना गया है . उसकी बड़ी बड़ी चूंचियाँ मेरे लन्ड में जोश भर रही है . मेन मन है कि मैं अभी लन्ड घुसेड़ दूं नेहा कि चूत में ? हालाँकि मुझे इसमें देर नहीं करना चाहिए लेकिन मैंने कहा यार नेहा लौड़ा देखने के लिए पहले मुझे अपना कुछ दिखाओ न प्लीज ? वह बोली अच्छा तुम मेरी चूंची देखना चाहते हो . मेरी चूत देखना चाहते हो . चलो मैं तुम्हे दिखा देती हूँ . वह अपने कपडे उतारने लगी . ब्रा और पैंटी छोड़ कर सब कुछ उतार दिया . इतने में डोर बेल बज उठी . मैंने देखा कि सामने कविता खड़ी है . मैं बड़ा खुश हो गया . उसके साथ एक लड़का भी था . वह अंदर आ गयी और मैंने दरवाजा बंद कर दिया .
कविता बोली :- अरे नेहा, देखा तुमने शेखर का लौड़ा ?
वह बोली :- नहीं यार अभी नहीं देखा ? देखने जा ही रही थी कि तू आ गयी .
कविता बोली :- अच्छा अब मैं खोल कर दिखाती हूँ तुम्हे शेखर का लौड़ा ? अरे हां इससे मिलो ये है रज़ा मेरा बॉय फ्रेंड ? मैं तुम्हे इसका लौड़ा भी दिखाने आयी हूँ . मैं समझी कि अभी तुम शेखर से चुदवा रही होगी ? मैं पहुँच कर रज़ा का लौड़ा तेरी गांड में घुसेड़ दूँगी . पर तेरी गाड़ी बहन चोद, बड़ी लेट चल रही है .
कविता ने उसकी ब्रा खोल दी . उसकी पैंटी उतार दी . अब नेहा एकदम नंगी हो गयी . उसे देख कर मेरा लौड़ा उछलने लगा . कविता फिर मेरी ओर बड़ी और मेरे सभी कपडे उतारने लगी . बाद में जब उसने लौड़ा खोल कर निकाला तो मेरी ख़ुशी का ठिकाना न रहा . नेहा ने दौड़ कर पकड़ लिया लन्ड बोली वाओ, कितना प्यारा है लन्ड ? बहन चोद बड़ा मस्त है ? बड़ा मोटा है बड़ा कड़क है मादर चोद ? कविता यार तुमने सही कहा था कि शेखर का लन्ड केवल लड़कियां ही नहीं पसंद करती बल्कि उनकी माँ भी पसंद करती है . अब मैं समझी कि उनकी माँ क्यों चुदवाती है अपना भोषडा ? हाय इतना बढ़िया लन्ड सामने हो तो कोई क्यों नहीं चुदायेगा ? नेहा मेरा लन्ड चाटने लगी . उधर कविता ने अपने सारे कपडे उतार कर नंगी हो गयी ., उसकी चूत उसकी चूंची देख कर मेरा लन्ड और मस्ती में आ गया . कविता ने रज़ा को नंगा किया उसका लौड़ा हाथ में लिए और सहलाने लगी . उसका भी लौड़ा मस्त लग रहा था .,
नेहा बोली :- अरी बुर चोदी कविता तू कैसे बड़े बड़े लन्ड वाले लड़के ढूंढ लेती है .
कविता बोली :_ जानती हो यार १० लन्ड पकड़ती हूँ तब कही जाकर एक बढ़िया लन्ड मिलता है . मैं एक डिग्री कॉलेज में पढ़ाती हूँ . मैं हर एक लड़के पर नज़र रखती हूँ . स्मार्ट लड़कों के लन्ड जरुर पकड़ती हूँ . मेरी दो चेलियां है . रेखा और सना दोनों लन्ड पकड़ने में माहिर है . वे मुझे लन्ड सप्लाई करती है . जो भी लड़का मेरे घर आता है मैं उसका लन्ड जरुर पकड़ लेती हूँ . अगर मुझे लन्ड पसंद आ जाता है तो उसे बार बार पकड़ती हूँ . उससे चुदवाती हूँ . उससे अपनी दोस्तों कि बुर भी चुदवाती हूँ . जैसे आज मैं तेरी बुर शेखर और रज़ा से चुदवा रही हूँ . वे दोनों कुछ लड़कियों कि माँ को भी लन्ड सप्लाई करती है.
अब मैं नेहा के ऊपर चढ़ बैठा . उसकी भी चूत में जबर्दस्त आग लग चुकी थी . मैंने लौड़ा चूत में मुंह पे रखा और एक जोर का धक्का मारा तो लौड़ा गप्प से घुस गया . नेहा चिल्ला पड़ी उई माँ, फट गयी रे ? इतनी जोर से धक्का मारा भोषड़ी के ? ये चूत है तेरी माँ का भोषडा नहीं है साले ? धीरे से पेलने में तेरी गांड फटती है क्या ? तुम क्या समझते हो कि मेरी चूत तेरा बर्दास्त नहीं कर सकती ? अरे माँ के लौड़े पहले डी २/३ बार धीरे से पेलो और फिर अपनी गांड से जोर लगा कर जल्दी जल्दी पूरा पेलो . मेरी चूत तेरा लन्ड क्या तुझे भी घुसेड़ लेगी अपने अंदर ? चल ठीक है अब चोद जितनी जल्दी से चोद सकता है तू ? मुझे वाकई नेहा कि बुर बिलकुल मक्खन मलाई लग रही थी . उसकी चुदाने कि स्टाइल बड़ी अच्छी लग रही थी . उसकी उछलती हुई चूचियाँ देखने में मज़ा आ रहा था . मेरे बगल में कविता भी भकाभक चुदवाने में जुटी थी . वो अपने हाथ से मेरे पेल्हड़ सहलाने लगी . बीच बीच में मेरा लन्ड चाटती जा रही थी .
कविता बोली :- हाय नेहा तुझे लौड़ा पसंद आया ? शेखर कि चुदाई अच्छी लग रही है ?
नेहा बोली :- हां यार बड़ा मस्त लौड़ा है . इतनी बढ़िया चुदाई मैं पहली बार कर रही हूँ . बड़ा मस्त चोदता है भोषड़ी वाला ? अब मुझे मालूम हुआ कि तुमने कितना मज़ा लिया होगा इस लौड़े का ?
कविता बोली :- हां यार ? मैंने खूब चुदवाया है शेखर से ? मुझे मज़ा आया इसलिए मैंने तुमसे चुदवाने के लिए कहा ? मुझे जो लौड़ा बहुत अच्छा लगता है वो मैं तेरी बुर में जरुर पेलती हूँ . कविता गपागप रज़ा से चुदाने में जुटी है . वह मज़ा लूट रही है . रज़ा भी बहन चोद बड़ा चोदू लड़का है .
कविता फिर बोली :- नेहा , अभी मैं तेरी बुर चोदूँगी उसमे रज़ा का लौड़ा पेल कर ?
नेहा बोली :- हां हां तू पेल ले मेरी बुर में रज़ा का लन्ड . मैं तो रज़ा के लन्ड कि माँ चोदूंगी ? रात भर इसी मौज़ मस्ती से कविता और नेहा ने चुदवाया .
एक दिन मैं कॉलेज कैम्पस के एक कोने में घूम रहा था . वहाँ के दिवार थी . मैं उसके पीछे था . आगे दो लड़कियां रीता और नीता खड़ी हुई बात कर रही थी , वहाँ से एक लड़का आ रहा था . उन लड़कियों ने उसे बुलाया और उससे छेड़खानी करने लगी .
रीता :- तेरा क्या नाम है मादर चोद ? क्या तुम इसी कॉलेज में हो ?
वह बोला :- हां मैं इसी कॉलेज का स्टूडेंट हूँ . मेरा नाम है पंकज ?
नीता :- तू कब से यहाँ अपनी माँ चुदा रहा है भोसड़ी के ?
पंकज :- यह मेरा पहला साल है .
रीता :- तू साल वहाँ क्यों पेशाब कर रहा था . मूतने के लिए बाथ रूम क्यों नहीं जाता, माँ का लौड़ा ?
पंकज :- बहुत जोर से लगी थी इसलिए कर लिया ?
रीता - लौड़ा खोल कर किया था न ?
पंकज :- हा खोल कर किया था . बिना खोले कैसे करता ?
नीता :- कितना बड़ा है तेरा लौड़ा ? खोल कर दिखा अपना लन्ड बहन चोद ?
रीता ने अपनी जींस कि दो बटन खोली और बोली :-अच्छा ले पहले देख ले मेरी झांटें ? शायद तेरे लन्ड में जोश आ जाये ? अच्छा चल ये बता चोदना आता है तुम्हे भोसड़ी के ?
पंकज :- हां आता है ? लेकिन ठीक से नहीं आता . मुझे सिखा दो न प्लीज ?
नीता बोली :- जा भोषड़ी के पहले अपनी माँ से चुदाना सीख कर आ ?
तब तक कोई आ गया और वे भाग गयी .
बाद में मैंने उन दोनों लड़कियों को अपने कमरे में बुलाया .
मैंने कहा सुनो रीता और नीता मुझे चोदना आता है . वे दोनों हंस पड़ी और फिर मैंने उन दोनों को अगले दिन अपने घर बुलाया ? दोनों खूबसूरत और मस्त जवान लड़कियां थी . मेरा मन उन्हें चोदने का तभी हो गया था जिस दिन वे पंकज से छेड़खानी कर रही थी .
मैंने कहा :- तो फिर पंकज को आपने चोदना सिखाया ?
रीता :- नहीं सर, वो मजाक था पर आज वास्तव में चोदना सीखने आयी हूँ ?
नीता :- सच बात तो यह है सर, कि हम दोनों बड़ी मादर चोद है . हरामजादी है , बदचलन है , लन्ड पकड़ने कि लत लग गयी है हमें ?
रीता :- हां सर , हम बड़ी चुदक्कड़ हो गयी है . अब सर हमें जल्दी से पिलाओ ?
हमने फ़ौरन व्हिस्की का इंतज़ाम किया और एक एक पैग पकड़ा दिया .
रीता :- नहीं सर, हमें शराब नहीं लौड़ा पिलाओ ? मैं शराब कम लन्ड ज्यादा पीती हूँ .
नीता :- हां सर, पहले थोडा लन्ड पी लूं फिर शराब पियूंगी .
इतने में दोनों ने अपने अपने कपडे उतार दिया और मुझे भी नंगा कर दिया . दोनों मिलकर पीने लगी मेरा लन्ड...
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