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बर्थडे में एक दूसरे की बीवी चोदो - Birthday par ek dusre ki Biwi ki chudai
बर्थडे में एक दूसरे की बीवी चोदो - Birthday par ek dusre ki Biwi ki chudai , बीवियों की अदला बदली , पत्नियाँ बदलकर चुदाई , आपस में बीवियों को चोदा , जन्मदिन के साथ चुदवाने का मौका , चुदवाने और चुदने के खेल , चूत गांड बुर चुदवाने और लंड चुसवाने की हिंदी सेक्स पोर्न कहानी.
बीवी तपाक से बोली मेरा बर्थ डे पर तुम लोग आमने सामने एक दूसरे की बीवी चोद कर मनाओ । केवल अपने दोस्तों को ही बुलाओ और उन्ही दोस्तों को बुलाओ जिनकी बीवियां तुम मजे से चोद सकते हो और वो तुम्हारी बीवी चोद सकतें हों। बाकी कुछ और करने की जरुरत नहीं है। और हां एक बात और कान खोल कर सुन लो मैं इसके अलावा और कुछ नहीं करना चाहती ? हां मैं अपनी बर्थ डे पर तुमसे तुम्हारे दोस्तों के लण्ड गिफ्ट में लूंगी । मुझे और कोई गिफ्ट नहीं चाहिए।
मैंने कहा - क्या मेरे दोस्तों की बीवियां मुझसे और दूसरे दोस्तों से चुदवा लेंगीं ?
वह बोली - तुम अपने दोस्तों की चिंता करो। उनकी बीवियों की बुर में तो लौड़ा मैं पेल दूँगी। मैं जानती हुँ की उन सबकी बीवियां बड़ी खूबसूरत हैं और खूबसूरत बीवियों की बुर में पराये मरद का लौड़ा पेलना बड़ा आसान होता है। अब तो मेरी बर्थ डे पर "wife swapping" की पार्टी होगी ?
अब आगे की कहानी मेरी बीवी के मुँह से सुनिए :-
मैं मिसेज रेणुका हूँ। मेरी पति संजय मेरी बर्थ डे मनाना चाहते थे। बर्थ पर क्या किया जाए वह सोंच ही रहे थे की मैंने उसे अपना सुझाव दे दिया जो अपने पढ़ा। वह मेरे सुझाव को मान गये और अपने दोस्तों से बात करने लगे। इधर मैं भी अपनी सहेलियों का मन टटोलने लगी। मैं सबसे पहले मिसेज विमला से बात की। उसने कहा यार मेरा घर तो पास में हैं तुम मेरे घर आ जाओ। आज मेरा हसबैंड भी नहीं है। हम दोनों खूब बातें करेगीं। मैं उसके घर चली गयी। वह मुझे देख कर खुश हो गई और मेरा स्वागत किया। फिर बोली अच्छा ये बताओ क्या पिओगी। चाय काफी या फिर थोड़ी थोड़ी व्हिस्की। मैंने कहा थोड़ी थोड़ी नहीं ज्यादा ज्यादा पियूँगी वह भी व्हिस्की। जैस हम लोग कॉलेज के दिनों में पीती थीं। फिर क्या हम दोनों बैठ कर शराब पीने लगीं और फिर बातें होने लगीं।
शनिवार तक सारी तैयारियां हो चुकीं. हम लोग सबके आने के इंतज़ार करने लगे। सबसे पहले मेरी दोस्त विमला आ गयी अपने पति अंकेश के साथ। मेरा पति उससे मिला तो उसे बहुत अच्छा लगा। विमला बड़ी खूबसूरत थी। मेरे पति की लार टपकने लगी उसकी बड़ी बड़ी चूँचियाँ देख कर। वह भी मेरे पति को देख कर मस्त हो गयी। इतने में एक कपल आया राहुल और उसकी बीवी बरखा। मेरे पति ने उसका वेलकम किया और सबसे मिलवाया। आखिर में गणेश आया अपनी बीवी राधिका को लेकर। राधिका वाकई बड़ी खूबसूरत थी। उसे देख कर सब लोग मस्त हो गये। सबके लण्ड अंदर ही अंदर कुलबुलाने लगे। उधर बीवियों की चूत में हलचल होने लगी। सबकी चूत की आग धधकने लगी। क्योंकि सब के मन की मुराद पूरी होने जा रही थी।
फिर क्या महफ़िल सज गयी। ड्रिंक्स का सेट लग गया और मैंने सबको पैग बना बना कर दे दिया। सबने एक ही स्वर में चियर्स कहा और पीने लगे। सबके चेहरे पर चमक थी। सभी खुश नज़र आ रहे थे। तय यह किया गया की केक तब कटेगा जब चुदाई का एक राउंड हो जायेगा। सब साल यह था की पहल कौन करे ? सबकी आपस में शर्म ख़तम करनी थी। कुछ तो शराब पीने से हो रही थी और कुछ चीत से। मैंने कहा यार मस्ती माँ माहौल है तो कुछ नॉन वेज - चुटकुले हो जाएँ ? सबने हां कर दी।
सबसे पहले विमला ने सुनाया :-
एक दोस्त दूसरे से बोला - यार आज मेरी गर्ल फ्रेंड का बर्थ डे है मैं उसे गिफ्ट में क्या दूँ ?
दूसरा दोस्त बोला - अपना लण्ड दे दे ?
पहला बोला - नहीं यार कुछ बड़ा गिफ्ट देना चाहता हूँ।
दूसरा बोला - तो फिर मेरा लण्ड दे दे ?
सब खिलखिलकर हंस पड़े और खूब तालियां बजाईं। माहौल गरमाने लगा। विमला के मुंह से लण्ड सुनकर सबके लण्ड में उछाल आ गया।
राधिका ने भी सुनाया :-
एक भिखारी ने कहा - बीवी जी एक रोटी दे दे न ?
मालिक बोला - बीवी जी घर पर नहीं है।
भिखारी - मैंने रोटी मांगी है, भोसड़ी के। तेरी बीवी की चूत नहीं ?
सबने ताली बजा बजा कर खूब एन्जॉय किया।
बरखा भी सुनाने लगी :-
लड़का - कार के पीछे L क्यों लिखा रहता है ?
लड़की - L का मतलब है लण्ड ? ये ड्राइवर लण्ड की तरह है। कहीं भी कभी भी घुस सकता है।
सबने वाह वाह कहा और मज़ा किया।
फिर मैंने भी सुनाया :-
उस समय विज्ञानं की माँ चुद गयी जब दो लड़कियां लड़ रहीं थीं। तो एक लड़की बोली - लौड़ा ले ले मेरा बुर चोदी ?
आखिर में तो मज़ा ही आ गया। सबने खूब ठहाका लगाया और मज़ा किया।
अब तक तो गर्मी बहुत बढ़ गयी थी। मैंने फ़ौरन अपनी बाहें अंकेश के गले में डाल दी और उसकी चुम्मी ले ली। मैंने अपनी मंसा ज़ाहिर कर दी की मैं पहले अंकेश से चुदवाना चाहती हूँ। मुझे देख कर विमला मेरे पति से लिपट गई। उसका पूरा बदन टटोल टटोल कर देखने लगी और मेरा पति भी उसके बदन पर हाथ फिराने लगा।उसका मन विमला की बुर चोदने का हो गया। इतने मे राहुल और गणेश भी एक दूसरे की बीवी से चिपक गए। दोनों एक दूसरे की बीवी की चूँचियाँ मसलने लगे और बीवियां एक दूसरे के पति का लण्ड टटोलने लगीं। अब सबने अपने अपने पार्टनर चुन लिए। अब बस कपड़े खोल कर चोदना और चुदाना बाकी था।
इसके बाद सबके कपड़े उतरने लगे। सबसे पहले बीवियों ने अपने कपड़े खोले। मर्दों ने जब एक दूसरी बीवी को नंगी देखा तो उनकी ख़ुशी का ठिकाना न रहा। यह पहला मौक़ा था जब हर एक मर्द तीन तीन परायी बीवियां एकदम नंगी नंगी देख रहा था। उसकी चूँचियाँ, उनकी चूत ,उनकी गांड और उनकी मोटी मोटी जांघें देख रहा था। सबके मन में आया आज जब तक मैं इन तीनो बीवियों को अच्छी तरह चोद नहीं लूंगा तब तक मैं यहाँ से जाऊंगा नहीं। तब तक इन बीवियों ने अपने अपने पार्टनर को नंगा कर दिया। देखते ही देखते चारों मर्द एकदम नंगे हो गए। मजे की बात यह थी की चारों के लण्ड बहन चोद तन कर खड़े हुए थे। मुझे तो देख कर मज़ा आ गया। एक से एक बेहतरीन लण्ड। चार लण्ड चारों अलग अलग क़िस्म के ? एक साथ चार नंगे नंगे लण्ड देखने का और खड़े लण्ड देखना का अपना एक अलग ही मज़ा है।
मैं नंगी नंगी अंकेश का लण्ड पीने लगी और उसकी बीवी मेरे पति का लण्ड पीने लगी। उधर हमारे सामने ही राधिका बरखा के पति राहुल का लण्ड चूसने लगी और राहुल की बीवी बरखा गणेश का लण्ड चूमने चाटने में जुट गयी। हम चारों बीवियां अपने अपने पति के सामने दूसरे के पति का लण्ड बड़े मजे से चूसने लगी और पति भी एक दूसरे की बवियों की चूँचियाँ मसलने लगे और उनकी चूत चाटने लगे। अब माहौल बिलकुल गरम हो चुका था। अब लोग जल्दी ही एक दूसरे की बीवी की बुर में लण्ड पेलने वाले थे। अब तो उन्हें आदमी क्या भगवान् भी नहीं रोक सकता था।
मुझे अंकेश का लण्ड बहुत भा गया था। मैं अपनी चूत फैलाई और लण्ड उस पर टिका दिया । उसने लण्ड पेलना शुरू किया। वह सरसराता हुआ अंदर घुस गया जैसे कोई सांप बिल में घुस रहा हो। मुझे भी मज़ा आया और मैं भी उसका साथ देने लगी। वह धक्के मारने लगा और मैं हर धक्के का जबाब देने लगी। उधर मेरा पति अंकेश की बीवी चोदने में देर नहीं लगाई। उसका लौड़ा एकदम से घुसा और विमला की बुर चोदने लगा। विमला भी चुदवाने में मस्त होने लगी। उधर राहुल गणेश की बीवी चोदने लगा और गणेश राहुल की बीवी। उन सबको भी बड़ा मज़ा आने लगा। मैंने देखा की बीवियां तो ज्यादा मजे ले ले कर चुदवा रहीं हैं। मेरी कल्पना साकार हो रही थी . इसलिए मैं ज्यादा ही खुश थी।
मेरे मुंह से निकला हाय मेरे राजा अंकेश मुझे बीवी की तरह चोदो, पूरा लण्ड अंदर तक घुसा दो यार। बड़ा मज़ा आ रहा है। मैं तेरी बीवी हूँ यार मुझे हचक हचक के चोदो। फाड़ डालो मेरी बुर। विमला भी मस्ती में बोलने लगी हाय मेरे चोदू राजा मैं तेरी भाभी हूँ। भाभी की बुर खूब दनादन चोदो। बेहिचक चोदो। तेरा लण्ड बड़ा मज़ा दे रहा है।आज मुझे एक मर्दाना लण्ड मिला है। हाय रे ऊ आ हो है इसी तरह चोदे जाओ। वह अपनी गांड उठा उठा के पागलों की तरह चुदवा रही थी। बरखा ने कहा यार रेणुका तूने ये प्रोग्राम रख कर बड़ा अच्छा किया । ऐसी तो पार्टी हर दूसरे दिन होना चाहिए। आज तुम मेरी बुर किसी गैर मरद से चुदवा रही हो मुझे सच में बड़ा अच्छा लग रहा है। मैं पहली बार अपने पति के आगे किसी और से चुदवा रही हूँ।
राधिका बोली हाय रे आज की तरह चुदाई का मज़ा पहले कभी नहीं आया। , मुझे नहीं मालूम था की गैर मरद से चुदवाने में इतना अच्छा लगता है। मुझे तो दूसरे के मर्दों के लण्ड से प्यार हो गया है। अब मैं बिना सबसे खूब अच्छी तरह चुदवाये यहाँ से जाऊंगी नहीं। अंकेश बोला - यार संजय मुझे तेरी बीवी चोदने में बहुत मज़ा आ रहा है। अब मैं इसे अक्सर चोदा करूंगा। राहुल ने कहा मुझे भी गणेश की बीवी की बुर बड़ा मज़ा दे रही है। मैं तो राधिका भाभी ही का गुलाम हो गया। गणेश बोला यार राहुल मैं तेरी बीवी बरखा का गुलाम हो गया। इसकी बुर
तो मुझे बिलकुल बर्फी पेड़ा जैसी मीठी लग रही है मुझे । मैं इसे छोडूंगा नहीं चोदता ही रहूंगा। इसकी बुर में
लौड़ा घुसाता ही रहूंगा। यही सब बोल बोल कर ये सारे मर्द दूसरे की बीवी चोदने का मज़ा लूट रहे थे। कहा भी गया है की परायी बीवी की बुर और पराये मरद के लण्ड से बढ़कर दुनिया में कोई और चीज नहीं है। फिर एक एक करके सबके लण्ड झड़ने लगे तो सबने झड़ते हुए लण्ड खूब चाटे।
इसके बाद सबने मिलकर नंगे नंगे ही मेरा बर्थ डे केक काट कर मनाया और गाना गाया। फिर केक मुंह पर नहीं बल्कि सबके लण्ड चूत और चूँची पर लगाया गया। सब बीवियां मर्दों के लण्ड पर लगा केक चाट चाट कर खाया और मर्दों ने दूसरों की बीवियों की चूँचियों और चूत पर लगा केक चाट चाट कर खाया। फिर सबने नंगे नंगे ही खाना खाया और खूब गन्दी गन्दी बातें की।
दूसरी पारी में मैं बरखा के पति राहुल से चुदवाने लगी और राहुल की बीवी बरखा मेरे पति से चुदवाने लगी। उधर अंकेश गणेश की बीवी राधिका की बुर चोदने लगा और गणेश अंकेश की बीवी विमला की बुर लेने लगा। फिर तेरी पारी भी हुई। इस पारी में संजय ने गणेश की बीवी चोदी और गणेश ने संजय की बीवी चोदी। उधर अंकेश ने राहुल की बीवी बरखा की बुर चोदी और राहुल ने अंकेश की बीवी विमला की बुर चोदी। इस तरह रात भर सब एक दूसरे की बीवी चोदते रहे और बीवियां भी एक दूसरे के पति से चुदवाती रहीं।
बीवी तपाक से बोली मेरा बर्थ डे पर तुम लोग आमने सामने एक दूसरे की बीवी चोद कर मनाओ । केवल अपने दोस्तों को ही बुलाओ और उन्ही दोस्तों को बुलाओ जिनकी बीवियां तुम मजे से चोद सकते हो और वो तुम्हारी बीवी चोद सकतें हों। बाकी कुछ और करने की जरुरत नहीं है। और हां एक बात और कान खोल कर सुन लो मैं इसके अलावा और कुछ नहीं करना चाहती ? हां मैं अपनी बर्थ डे पर तुमसे तुम्हारे दोस्तों के लण्ड गिफ्ट में लूंगी । मुझे और कोई गिफ्ट नहीं चाहिए।
मैंने कहा - क्या मेरे दोस्तों की बीवियां मुझसे और दूसरे दोस्तों से चुदवा लेंगीं ?
वह बोली - तुम अपने दोस्तों की चिंता करो। उनकी बीवियों की बुर में तो लौड़ा मैं पेल दूँगी। मैं जानती हुँ की उन सबकी बीवियां बड़ी खूबसूरत हैं और खूबसूरत बीवियों की बुर में पराये मरद का लौड़ा पेलना बड़ा आसान होता है। अब तो मेरी बर्थ डे पर "wife swapping" की पार्टी होगी ?
अब आगे की कहानी मेरी बीवी के मुँह से सुनिए :-
मैं मिसेज रेणुका हूँ। मेरी पति संजय मेरी बर्थ डे मनाना चाहते थे। बर्थ पर क्या किया जाए वह सोंच ही रहे थे की मैंने उसे अपना सुझाव दे दिया जो अपने पढ़ा। वह मेरे सुझाव को मान गये और अपने दोस्तों से बात करने लगे। इधर मैं भी अपनी सहेलियों का मन टटोलने लगी। मैं सबसे पहले मिसेज विमला से बात की। उसने कहा यार मेरा घर तो पास में हैं तुम मेरे घर आ जाओ। आज मेरा हसबैंड भी नहीं है। हम दोनों खूब बातें करेगीं। मैं उसके घर चली गयी। वह मुझे देख कर खुश हो गई और मेरा स्वागत किया। फिर बोली अच्छा ये बताओ क्या पिओगी। चाय काफी या फिर थोड़ी थोड़ी व्हिस्की। मैंने कहा थोड़ी थोड़ी नहीं ज्यादा ज्यादा पियूँगी वह भी व्हिस्की। जैस हम लोग कॉलेज के दिनों में पीती थीं। फिर क्या हम दोनों बैठ कर शराब पीने लगीं और फिर बातें होने लगीं।
- मैंने कहा - यार मेरी शादी के दो साल हो गये हैं। बाकी तो सब चीज का सुख है आराम है पर एक चीज की कमी खाल रही है और बहुत जोरों से खल रही है।
- वह बोली - कौन सी कमी खल रही है तुझे ?
- अच्छा तुम पहले बताओ की तेरी ज़िदगी कैसी कट रही है ?
- मैं अच्छी भली हूँ। मुझे तो वैसे कोई कमी खल नहीं रही है लेकिन हां कभी कभी अकेली अकेली बहुत बोर हो जाती हूँ।
- देखो मैं साफ़ साफ़ तुझसे कहती हूँ की मुझे पराये मर्दों के लण्ड की कमी खल रही है।
- हाय दईया तूने तो मेरे मन की बात कह दी। मैं भी यही कहने वाली थी लेकिन थोड़ा झिझक गई।
- तू भोसड़ी की वैसी की वैसी ही है विमला । हमेशा शर्माती है, झिझकती है और संकोच करती है। अगर मैं तेरे साथ नहीं होती तो तू एक भी लण्ड नहीं पकड़ पाती। जबकि तूने मेरे साथ धकाधक ३/४ लण्ड पकड़े थे और खूब जम कर चुदवाया भी था। अब तू बता की शादी के बाद तूने किसी और का लौड़ा पकड़ा कभी ?
- नहीं यार कभी नहीं पकड़ा। कोई बहन चोद मिलता ही नहीं ? मैं बस कभी कभी ऊँगली डाल कर काम चला लेती हूँ।
- मादर चोद बहन की लौड़ी विमला तू आज भी वही पुराना काम करती है। अगर ऐसा था तो शादी ही क्यों की ? ऊँगली ही डालती रही ज़िन्दगी भर।
- तो बोलो न करूँ ? किसका लण्ड अपनी चूत में पेल लूं ?
- मेरे हसबैंड का लण्ड पेल लो अपनी चूत में बुर चोदी विमला।
- हाय दईया ये क्या कह रही है तू ? तो फिर तू क्या करेगी ?
- मैं तेरे हसबैंड का लण्ड पेल लूंगी अपनी चूत में।
- तू मजाक कर रही है की सही में कह रही है ?
- मैं सही में कह रही हूँ। बल्कि मैं यही कहने आयी हूँ की तू मेरे पति से चुदवा ले मैं तेरी पति से चुदवा लूं।
- अरे यार कैसे चुदवा लूं कब चुदवा लूं ? ये सब खुल कर तो बताओ ?
- देखो आने वाले शनिवार को मेरा बर्थ डे है। मैं उसे एक दूसरे की पति से चुदवाकर मनाना चाहती हूँ। तुम अगर साथ दो तो मज़ा आ जाए । अब ये बताओ की क्या तेरा पति मान जायेगा।
- वह भोसड़ी का जरूर मान जायेगा। वह तो मुझसे कई बार कह चुका है की मुझे अपने दोस्तों की बीवियां चोदने दो मैं ही उसे रोक के बैठी हूँ। अच्छा तो अब उसे आज़ाद कर दो और उसे मेरी बुर चोदने दो।
- अच्छा ठीक है. मैं उस दिन तेरे घर पहुँच जाऊंगी।
शनिवार तक सारी तैयारियां हो चुकीं. हम लोग सबके आने के इंतज़ार करने लगे। सबसे पहले मेरी दोस्त विमला आ गयी अपने पति अंकेश के साथ। मेरा पति उससे मिला तो उसे बहुत अच्छा लगा। विमला बड़ी खूबसूरत थी। मेरे पति की लार टपकने लगी उसकी बड़ी बड़ी चूँचियाँ देख कर। वह भी मेरे पति को देख कर मस्त हो गयी। इतने में एक कपल आया राहुल और उसकी बीवी बरखा। मेरे पति ने उसका वेलकम किया और सबसे मिलवाया। आखिर में गणेश आया अपनी बीवी राधिका को लेकर। राधिका वाकई बड़ी खूबसूरत थी। उसे देख कर सब लोग मस्त हो गये। सबके लण्ड अंदर ही अंदर कुलबुलाने लगे। उधर बीवियों की चूत में हलचल होने लगी। सबकी चूत की आग धधकने लगी। क्योंकि सब के मन की मुराद पूरी होने जा रही थी।
फिर क्या महफ़िल सज गयी। ड्रिंक्स का सेट लग गया और मैंने सबको पैग बना बना कर दे दिया। सबने एक ही स्वर में चियर्स कहा और पीने लगे। सबके चेहरे पर चमक थी। सभी खुश नज़र आ रहे थे। तय यह किया गया की केक तब कटेगा जब चुदाई का एक राउंड हो जायेगा। सब साल यह था की पहल कौन करे ? सबकी आपस में शर्म ख़तम करनी थी। कुछ तो शराब पीने से हो रही थी और कुछ चीत से। मैंने कहा यार मस्ती माँ माहौल है तो कुछ नॉन वेज - चुटकुले हो जाएँ ? सबने हां कर दी।
सबसे पहले विमला ने सुनाया :-
एक दोस्त दूसरे से बोला - यार आज मेरी गर्ल फ्रेंड का बर्थ डे है मैं उसे गिफ्ट में क्या दूँ ?
दूसरा दोस्त बोला - अपना लण्ड दे दे ?
पहला बोला - नहीं यार कुछ बड़ा गिफ्ट देना चाहता हूँ।
दूसरा बोला - तो फिर मेरा लण्ड दे दे ?
सब खिलखिलकर हंस पड़े और खूब तालियां बजाईं। माहौल गरमाने लगा। विमला के मुंह से लण्ड सुनकर सबके लण्ड में उछाल आ गया।
राधिका ने भी सुनाया :-
एक भिखारी ने कहा - बीवी जी एक रोटी दे दे न ?
मालिक बोला - बीवी जी घर पर नहीं है।
भिखारी - मैंने रोटी मांगी है, भोसड़ी के। तेरी बीवी की चूत नहीं ?
सबने ताली बजा बजा कर खूब एन्जॉय किया।
बरखा भी सुनाने लगी :-
लड़का - कार के पीछे L क्यों लिखा रहता है ?
लड़की - L का मतलब है लण्ड ? ये ड्राइवर लण्ड की तरह है। कहीं भी कभी भी घुस सकता है।
सबने वाह वाह कहा और मज़ा किया।
फिर मैंने भी सुनाया :-
उस समय विज्ञानं की माँ चुद गयी जब दो लड़कियां लड़ रहीं थीं। तो एक लड़की बोली - लौड़ा ले ले मेरा बुर चोदी ?
आखिर में तो मज़ा ही आ गया। सबने खूब ठहाका लगाया और मज़ा किया।
अब तक तो गर्मी बहुत बढ़ गयी थी। मैंने फ़ौरन अपनी बाहें अंकेश के गले में डाल दी और उसकी चुम्मी ले ली। मैंने अपनी मंसा ज़ाहिर कर दी की मैं पहले अंकेश से चुदवाना चाहती हूँ। मुझे देख कर विमला मेरे पति से लिपट गई। उसका पूरा बदन टटोल टटोल कर देखने लगी और मेरा पति भी उसके बदन पर हाथ फिराने लगा।उसका मन विमला की बुर चोदने का हो गया। इतने मे राहुल और गणेश भी एक दूसरे की बीवी से चिपक गए। दोनों एक दूसरे की बीवी की चूँचियाँ मसलने लगे और बीवियां एक दूसरे के पति का लण्ड टटोलने लगीं। अब सबने अपने अपने पार्टनर चुन लिए। अब बस कपड़े खोल कर चोदना और चुदाना बाकी था।
इसके बाद सबके कपड़े उतरने लगे। सबसे पहले बीवियों ने अपने कपड़े खोले। मर्दों ने जब एक दूसरी बीवी को नंगी देखा तो उनकी ख़ुशी का ठिकाना न रहा। यह पहला मौक़ा था जब हर एक मर्द तीन तीन परायी बीवियां एकदम नंगी नंगी देख रहा था। उसकी चूँचियाँ, उनकी चूत ,उनकी गांड और उनकी मोटी मोटी जांघें देख रहा था। सबके मन में आया आज जब तक मैं इन तीनो बीवियों को अच्छी तरह चोद नहीं लूंगा तब तक मैं यहाँ से जाऊंगा नहीं। तब तक इन बीवियों ने अपने अपने पार्टनर को नंगा कर दिया। देखते ही देखते चारों मर्द एकदम नंगे हो गए। मजे की बात यह थी की चारों के लण्ड बहन चोद तन कर खड़े हुए थे। मुझे तो देख कर मज़ा आ गया। एक से एक बेहतरीन लण्ड। चार लण्ड चारों अलग अलग क़िस्म के ? एक साथ चार नंगे नंगे लण्ड देखने का और खड़े लण्ड देखना का अपना एक अलग ही मज़ा है।
मैं नंगी नंगी अंकेश का लण्ड पीने लगी और उसकी बीवी मेरे पति का लण्ड पीने लगी। उधर हमारे सामने ही राधिका बरखा के पति राहुल का लण्ड चूसने लगी और राहुल की बीवी बरखा गणेश का लण्ड चूमने चाटने में जुट गयी। हम चारों बीवियां अपने अपने पति के सामने दूसरे के पति का लण्ड बड़े मजे से चूसने लगी और पति भी एक दूसरे की बवियों की चूँचियाँ मसलने लगे और उनकी चूत चाटने लगे। अब माहौल बिलकुल गरम हो चुका था। अब लोग जल्दी ही एक दूसरे की बीवी की बुर में लण्ड पेलने वाले थे। अब तो उन्हें आदमी क्या भगवान् भी नहीं रोक सकता था।
मुझे अंकेश का लण्ड बहुत भा गया था। मैं अपनी चूत फैलाई और लण्ड उस पर टिका दिया । उसने लण्ड पेलना शुरू किया। वह सरसराता हुआ अंदर घुस गया जैसे कोई सांप बिल में घुस रहा हो। मुझे भी मज़ा आया और मैं भी उसका साथ देने लगी। वह धक्के मारने लगा और मैं हर धक्के का जबाब देने लगी। उधर मेरा पति अंकेश की बीवी चोदने में देर नहीं लगाई। उसका लौड़ा एकदम से घुसा और विमला की बुर चोदने लगा। विमला भी चुदवाने में मस्त होने लगी। उधर राहुल गणेश की बीवी चोदने लगा और गणेश राहुल की बीवी। उन सबको भी बड़ा मज़ा आने लगा। मैंने देखा की बीवियां तो ज्यादा मजे ले ले कर चुदवा रहीं हैं। मेरी कल्पना साकार हो रही थी . इसलिए मैं ज्यादा ही खुश थी।
मेरे मुंह से निकला हाय मेरे राजा अंकेश मुझे बीवी की तरह चोदो, पूरा लण्ड अंदर तक घुसा दो यार। बड़ा मज़ा आ रहा है। मैं तेरी बीवी हूँ यार मुझे हचक हचक के चोदो। फाड़ डालो मेरी बुर। विमला भी मस्ती में बोलने लगी हाय मेरे चोदू राजा मैं तेरी भाभी हूँ। भाभी की बुर खूब दनादन चोदो। बेहिचक चोदो। तेरा लण्ड बड़ा मज़ा दे रहा है।आज मुझे एक मर्दाना लण्ड मिला है। हाय रे ऊ आ हो है इसी तरह चोदे जाओ। वह अपनी गांड उठा उठा के पागलों की तरह चुदवा रही थी। बरखा ने कहा यार रेणुका तूने ये प्रोग्राम रख कर बड़ा अच्छा किया । ऐसी तो पार्टी हर दूसरे दिन होना चाहिए। आज तुम मेरी बुर किसी गैर मरद से चुदवा रही हो मुझे सच में बड़ा अच्छा लग रहा है। मैं पहली बार अपने पति के आगे किसी और से चुदवा रही हूँ।
राधिका बोली हाय रे आज की तरह चुदाई का मज़ा पहले कभी नहीं आया। , मुझे नहीं मालूम था की गैर मरद से चुदवाने में इतना अच्छा लगता है। मुझे तो दूसरे के मर्दों के लण्ड से प्यार हो गया है। अब मैं बिना सबसे खूब अच्छी तरह चुदवाये यहाँ से जाऊंगी नहीं। अंकेश बोला - यार संजय मुझे तेरी बीवी चोदने में बहुत मज़ा आ रहा है। अब मैं इसे अक्सर चोदा करूंगा। राहुल ने कहा मुझे भी गणेश की बीवी की बुर बड़ा मज़ा दे रही है। मैं तो राधिका भाभी ही का गुलाम हो गया। गणेश बोला यार राहुल मैं तेरी बीवी बरखा का गुलाम हो गया। इसकी बुर
तो मुझे बिलकुल बर्फी पेड़ा जैसी मीठी लग रही है मुझे । मैं इसे छोडूंगा नहीं चोदता ही रहूंगा। इसकी बुर में
इसके बाद सबने मिलकर नंगे नंगे ही मेरा बर्थ डे केक काट कर मनाया और गाना गाया। फिर केक मुंह पर नहीं बल्कि सबके लण्ड चूत और चूँची पर लगाया गया। सब बीवियां मर्दों के लण्ड पर लगा केक चाट चाट कर खाया और मर्दों ने दूसरों की बीवियों की चूँचियों और चूत पर लगा केक चाट चाट कर खाया। फिर सबने नंगे नंगे ही खाना खाया और खूब गन्दी गन्दी बातें की।
दूसरी पारी में मैं बरखा के पति राहुल से चुदवाने लगी और राहुल की बीवी बरखा मेरे पति से चुदवाने लगी। उधर अंकेश गणेश की बीवी राधिका की बुर चोदने लगा और गणेश अंकेश की बीवी विमला की बुर लेने लगा। फिर तेरी पारी भी हुई। इस पारी में संजय ने गणेश की बीवी चोदी और गणेश ने संजय की बीवी चोदी। उधर अंकेश ने राहुल की बीवी बरखा की बुर चोदी और राहुल ने अंकेश की बीवी विमला की बुर चोदी। इस तरह रात भर सब एक दूसरे की बीवी चोदते रहे और बीवियां भी एक दूसरे के पति से चुदवाती रहीं।
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