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हमारे कुनबे की चुदक्कड़ चुदास बीवियां - Hamaare kunbe ki chudakkad chudas Patniyan
हमारे कुनबे की चुदक्कड़ चुदास बीवियां - Hamaare kunbe ki chudakkad chudas Patniyan , काले लंड से चुदाई , सभी औरतें काले लंड से चुदवाई , सामूहिक चुदाई , चुदो एक साथ , चुदवाओ अपनी बुर चूत गांड बड़े लंड से , चूची चुसाओ लौड़ा चूस लो.
यह बात बिलकुल सही है की हमारे कुनबे की सभी बीवियां बहुत बड़ी बुर चोदी हैं। मैं भी एक बीवी हूँ और मैं भी मादर चोद बहुत बड़ी बुर चोदी हूँ। मेरी बहुयें भी बुर चोदी हैं और मेरी बेटियां तो मुझसे ज्यादा बुर चोदी हैं। मेरे घर की सारी अम्मियाँ तो महा बुर चोदी हैं। ये सब की सब बीवियां ग़ैर मर्दों के लण्ड की जबरदस्त शौक़ीन हैं। सब की सब ग़ैर मर्दों के लण्ड की गुलाम हैं। छिनार हैं सब की सब बीवियां बहन चोद। अपने मरद का लण्ड तो इन्हे फूटी आँखों नहीं सुहाता और ग़ैर मर्दों के लण्ड पर जान देतीं हैं। इनका कहना है की तुम मेरे मियां का लण्ड पेलो, मैं तेरे मियां का लण्ड पेलूगीं। तुम मेरे मियां से चुदवाओ, मैं तेरे मियां से चुदवाऊंगी। तुम मेरे मियां के लण्ड पे बैठो, मैं तेरे मियां के लण्ड पे बैठूंगी। तुम मेरे अब्बू का लण्ड पियो, मैं तेरे अब्बू का लण्ड पियूँगी. तुम मेरे भाई जान से चुदवाओ, मैं तेरे भाई जान से चुदवाऊंगी। मेरा बेटा तेरी बुर चोदेगा तेरा बेटा मेरी बुर चोदेगा ? इसी तरह मरद भी भोसड़ी वाले परायी बीवियां चोदने के जबरदस्त शौक़ीन हैं। परायी बीवियों के नाम पर इनके लण्ड फ़ौरन खड़े हो जातें हैं. इन्हे अपनी बीवी तो बिलकुल नहीं अच्छी लगती। परायी बीवियों के नाम पर जान देतें है ये लोग बहन चोद। इन्हे परायी बीवियों की बुर बहुत अच्छी लगती है।परायी बीवियों की बुर चाटने के लिए ये अपना मुंह उसमें घुसेड़ देतें हैं। इमका कहना है की तुम मेरी बीवी चोदो, मैं तेरी बीवी चोदूंगा। तुम मेरी बेटी की बूर में लण्ड पेलो, मैं तेरी बेटी की बुर में लण्ड पेलूँगा। तुम मेरी माँ का भोसड़ा चोदो, मैं तेरी माँ का भोसड़ा चोदूँगा। तुम मेरी बहन की बुर ले लो, मैं तेरी बहन की बुर ले लूंगा। हमारे घर में, पूरे कुनबे में इसी तरह की हर रोज़ अदला बदली होती है और खूब जम कर खुले आम घमाशान चुदाई होती है।
मेरा नाम है खुशबू मैं २४ साल की हूँ शादी शुदा हूँ और अम्मी जान से खुली हुई हूँ और अम्मी जान से ही क्यों ? मैं तो सबसे खुली हुई हूँ। मैं तो अपना सब कुछ खोल कर ही सोती हूँ। हमारे साथ सबकी बीवियां सब कुछ खोल कर लेटी रहतीं हैं। सब सबसे खुली हुईं हैं। हमारे बीच कुछ भी छुपा हुआ नहीं है। हमारे घर में बीवियां रात को रंडी की तरह इस्तेमाल की जातीं हैं। कोई भोसड़ी वाला मरद मानता ही नहीं। वे जिसकी चाहें उसकी बुर में लण्ड पेल देतें हैं। इसलिए हम सब कुनबे की बीवियों ने यह तय किया की अब रात में किसी भी बीवी को कपड़े पहनने की कोई जरुरत ही नहीं। सब लोग अपनी अपनी चूत चूँचियाँ और गांड खोल खोल कर लेटो। एकदम नंगी नंगी लेटो।
मैंने कहा - देखो मेरी बुर चोदी अम्मी जान मैं कुनबे में सभी मर्दों के लण्ड देख चुकी हूँ। सभी से चुदवा भी चुकी हूँ और कई बार चुदवा चुकी हूँ। सबके लण्ड अपनी चूत में घुसा चुकी हूँ। अब बार बार वही लण्ड ? हर दिन वही लण्ड ? हर दिन वही चूत ? हर दिन वही भोसड़ा ? हर दिन वही बीवियां उनकी वही चूँचियाँ ? बहुत दिनों से कुछ भी नहीं बदला . मैं तो अब सच में बोर बोर हो रही हूँ। कुछ भी नया नहीं। अगर कुछ बदलाव न हुआ तो मैं बगावत कर दूँगी। घर में कुनबे के अंदर नए नए लण्ड लाऊंगी।
अम्मी ने कहा - अच्छा तो तू क्या करेगी ? बाहर वालों से अपनी माँ का भोसड़ा चुदायेगी। अपने कुनबे से बाहर जाएगी तू ? गाड़ फट जाएगी तेरी। यहाँ की कोई भी औरत अपने कुनबे से बाहर नहीं जा सकती ?
मैंने कहा - क्यों नहीं जा सकती ? कौन रोकेगा मुझे ? किसकी गांड में दम है अम्मी जान ? मैं तो जाऊंगी ? जाऊंगी नहीं तो नए नए लण्ड कैसे मिलेंगें ? तब तक मेरा अब्बू जान आ गया।
वह बोला - किसकी हिम्मत है जो बाहर वालों से अपनी बुर चुदवाये ?
मैंने कहा - अरे मेरे अब्बू जान, तुमको कुछ मालूम नहीं है। यहाँ हर चूत को चाहिए लण्ड ? एक नहीं कई लण्ड ? कुनबे में तो गिने चुने लण्ड हैं। वही बार बार हमारी बीवियों की बुर चोदतें हैं। अब तुम ही बताओ कब तक तुम ये पुरानी बुर, पुरानी चूत, पुराना भोसड़ा चोदते रहोगे ? तुम्हे भी तो नयी नयी बुर चाहिए चोदने के लिए ? तुम्हे भी नयी बीवियां चाहिए चोदने के लिए। तुझे भी चाहिए नयी चूत और तेरे लण्ड को भी। मैंने यह बात कह कर उसके लण्ड पर हाथ मारा और कहा देखो न अब्बू जान ये तेरा भोसड़ी का लण्ड भी मेरी बात सुनकर खड़ा हो गया। मेरी बात से अब्बू जान के तेवर ढीले पड़ गये और उसने बाहर के लण्ड और चूत चुदाई में शामिल करने की इज़ाज़त दे दी.
बस फिर क्या था ? मैं लंड का इंतज़ाम करने लगी। अम्मी ने मेरी पीठ थपथपाकर कहा तू बुर चोदी बड़ी हरामजादी है। तुझे खुद नए नए लण्ड चाहिए ? मेरी भाभी ने कहा हाय मेरी नन्द रानी अब तो मैं भी तेरा माँ का भोसड़ा चोदूँगी। खाला का भोसड़ा और उसकी बेटी की बुर भी नए नए लण्ड पाने के लिए मचलने लगी। इतने में मेरी छोटी बहन ज़ारा बोली अरे आपा, चाहे मेरा माईक हो या ससुराल मैं तो बाहर जाती हूँ तो किसी न कसी से चुदवाकर ही आती हूँ। भाभी बोली हां मेरी नन्द रानी मेरी भी चूत बिना ग़ैर मर्दों से चुदवाये नहीं मानती। मैं तो अपनी सहेलियों के भाइयों से और उनके शौहरों से खूब चुदवाती हूँ। खाला बोली अरे बुर चोदियों तुम क्या समझती हूँ की मैं यहाँ घर में सबके लण्ड ही हिलाया करती हूँ। मैं भी बहन चोद बड़ी कुत्ती चीज हूँ। मुझे भी कई मरद चोदते हैं। मैं आज तुम लोगों को बता रही हूँ मेरा ताल्लुक कुछ होटलों से हैं। मैं वहां जाकर खूब चुदवाती हूँ।
खाला के बेटी ने कहा मैं तो अपने कॉलेज के दोस्तों से चुदवाती थी और आज भी खूब धड़ल्ले से चुदवाती हूँ। मैंने कहा देखा अम्मी जान ये बुर चोदी बीवियां कितनी बड़ी चुड़क्कड़ है। सब की सब कुछ न कुछ चुदाई का सिलसिला बनाये हुए हैं। इन्हे कुनबे के लण्ड के अलावा और भी लोगों के लण्ड से मोहब्बत है। अम्मी ने कहा अरे बेटी खुशबू मैं भी बाहर जाकर कई लोगों से चुदवाती हूँ।
तो देखा आपने दोस्तों, आपने हमारे घर की बीवियां कितनी बड़ी बुर चोदी हैं। मैंने फिर २/३ होटलों से संपर्क किया और कहा की मुझे चार लण्ड चाहिए दो काले और दो एकदम गोरे. चार के चारों प्रोफेशनल फकर्स ( पेशेवर बुर चोदने वाले लोग ) होने चाहिए । उनके लण्ड का साइज 9" x 5" से कम न हो ? दो मलेसिया के और दो दुबई के शेख । बस फिर क्या आधे घंटे में ही वे लोग आ गए। मलेसिया के अहमद और अली। दोनों साले काले थे। उनकी उम्र २८/३० साल की थी। और दो दुबई के शेख़ अब्दुल और मजीद दोनों एकदम गोरे थे उनकी भी उम्र लगभग २८/३० की होगी। इधर मैंने सफीक अंकल और उसका दोस्त मुनीर को भी बुला लिया मैं दोनों के लण्ड पकड़ कर देख चुकी हूँ। कई बार मुंह में लिया कर पर अभी तक अपने चूत में नहीं पेला। आज पेल कर देखूँगी तो मज़ा आएगा।
दिन का समय था। हमारे शौहर सब के सब काम पर चले गए थे। घर में कोई भी मरद नहीं था। कोई भी लण्ड नहीं था। मैंने अपनी अम्मी जान, भाभी जान, खाला जान, और उसकी बेटी, अपनी छोटी बहन ज़ारा सबको बता दिया और सबको इन लोगों से मिलवा दिया। सबकी ख़ुशी का ठिकाना न था। नए लोगों से चुदवाने की ख़ुशी उनके चेहरे पर साफ दिख रही थी। मैंने सबके लिए डिंक्स का इंतज़ाम भी किया था। , मुझे मालूम था की मेरे घर की सब बीवियां शराब पीती हैं। हां यह बात और है की मेरे शौहरों को नहीं मालूम। हम जब बाहर जाकर चुदवाती हैं तो वहां सबके साथ शराब पीती हैं तभी चोदने वालों को मज़ा आता है और हमें भी। हम सब लोग शराब पीने लगे और तभी मन में ही सबने अपने अपने पार्टनर चुन लिया।
खाला जान की बेटी रेशमा ने अपना हाथ अहमद के जांघ पर रख दिया। उसने अपनी मंसा ज़ाहिर कर दी की वह सबसे पहले अहमद से चुदवायेगी। मेरी बहन ज़ारा ने तो अपनी बाहें अली के गले में डाल दीं और उसका गाल चूम लिए। उसे भी काले लण्ड का मोह हो गया था। खाला जान ने अब्दुल को अपनी तरफ खींच कर अपने सीने से चिपका लिया। उसका मन गोरे लण्ड से चुदवाने का हो गया। अम्मी जान ने भी अपना हाथ बढ़ाकर मजीद के लण्ड पर रख दिया और वह लण्ड ऊपर से ही दबाने लगी। मेरी भाभी जान सफीक की तरफ लपकी और अपनी चूँचियाँ उसके बदन पर रगड़ने लगीं। वह बोली हाय अंकल आज तुम मुझे सबके सामने चोदो। मैंने तेरे लण्ड के बारे में बहुत कुछ सुना है। आज पेल दो अपना ये मस्ताना लण्ड मेरी चूत. मैंने भी मुनीर का लण्ड ऊपर से दबाया तो मुझे लगा की लौड़े में दम है। मैं उसका लण्ड चाटने चूसने के लिए बेताब हो गयी। पहले अपनी चूँचियाँ खोल कर उसे दिखा दीं और फिर अपनी चूत भी।
धीरे धीरे हम सब अपने अपने कपड़े खोलने लगीं। पराये मर्दों के आगे नंगी होने में वैसे भी बड़ा ामज़ा आता है। मुझे तो अपना नंगा बदन स दिखने का जबरदस्त शौक है। / मेरा बस चले तो मैं नंगी नंगी सड़क पर घूमूं ताकि सब लोग मेरे सेक्सी और हॉट जिस्म का मज़ा लें। मेरी खाला जान ने अपनी ५ - ५ किलो की चूँचियाँ खोल कर एकदम नंगी गयीं। अम्मी जान भी कम न थीं। वह तो ग़ैर मर्दों के आगे नंगी होने में अव्वल है बुर चोदी। मेरी छोटी बहन नंगी हुई तो खाला जान की बेटी रेशमा भी नंगी हो गयी। फिर जिसके हाथ में जो भी लण्ड था उसे सबने बाहर निकाला और उस मरद को भी नंगा कर दिया। इतनी देर में सबके लण्ड साले तन कर खड़े हो गए। लण्ड साले घोड़े की तरह हिनहिनाने लगे। सारे लण्ड अपना अपना सर हिलाने लगे। मुझे लगा की आज सबकी चूत फटेगी और फटेगा सबका भोसड़ा ?
मैं मुनीर का लण्ड हिलाने लगी उसे चूमने और चाटने लगी। मेरी भाभी जान भी मेरे बगल में लेटी हुई सफीक
अंकल का लण्ड अपनी चूँचियों पर रगड़ने लगीं। अम्मी भी बड़ी मस्ती से मजीद का लण्ड मुंह में भर कर चूसने लगीं। खाला बुर चोदी अब्दुल के लण्ड से खेलने लगी। उसे भी बड़ा अच्छा लग रहगा था एक नया लण्ड पाकर। मेरी छोटी बहन ज़ारा तो लण्ड का सुपाड़ा और पेल्हड़ दोनों बारी बारी से ऐसे चाटने लगी पहली बार कोई लण्ड चाट रही हो। रेशमा अपनी माँ के सामने लण्ड पीने में बिलकुल भी नहीं शर्मा रही थी।
मैं कुछ और मस्ती में आ गयी तो कहा - रेशमा, तेरी माँ की बहन का भोसड़ा ? यह गाली मेरी अम्मी के भोसड़ा पर पड़ी। रेशमा बोली - खुशबू, तेरी माँ की बहन की चूत ? ये गाली उसकी अम्मी की चूत पर पड़ी। फिर खाला जान - खुशबू तेरी खाला की बिटिया की बुर ? ये गाली उसने अपनी ही बेटी की बुर के लिए कही। अम्मी ने कहा - ज़ारा तेरी बहन की माँ का भोसड़ा ? अम्मी ने अपने ही भोसड़ा को गरिया डाला। ज़ारा बोली - अम्मी जान तेरी बेटी की बहन की बुर ? वह भी अपनी बुर को गाली देकर मस्त हो। गयी। अम्मी जान फिर मस्ती में ने कहा - बहू, तेरी नन्द की माँ का भोसड़ा ? तो भाभी ने कहा - सासू जी, तेरी बेटी की भाभी की चूत। इस तरह की मस्त मस्त प्यार भरी गालियों से माहौल बहुत गरम हो गया।
इतने में अहमद में लण्ड रेशमा की बुर में पेल दिया और चोदने लगा उसकी बुर ? उसे देख कर अली ने भी लण्ड
मेरी छोटी बहन ज़ारा की बुर में घुसेड़ दिया। वह भी आह कह कर रह गयी और फिर चुदवाने लगी। खाला जान ने तो अपने हाथ से ही अब्दुल का लण्ड अपने भोसड़ा में पेल लिया और अपनी गांड उठा उठा के चुदवाने लगी। उसकी बहन यानी मेरी अम्मी उसी के बगल में लेटी हुई मजीद से भकाभक चुदवाने लगी। भाभी जान सफीक के लण्ड के मज़ा अपनी चूत में लेने लगी और मैं मुनीर से रंडी की तरह चुदवाने लगी।मैं आज पहली बार कोई काला लण्ड देख रही थी और काले लण्ड का जादू देख रही थी। काला लण्ड है पर अभी तक मैंने कोई लण्ड देखा नहीं था आज देख रही हूँ। गोरी बीवियों को काला लण्ड बहुत अच्छा लगता है। इसीलिए रेशमा और ही सारी दुनियां भूल कर बस काले लण्ड पर ही जुटीं हुई थीं। चुदाई अपने चरम सीमा पर थी। मुझे अपनी माँ की चूत, भाभी, खाला, खाला की बेटी की चुदती हुई चूत देखने में बड़ा अच्छा लग रहा था। मेरी बहन भी बड़ी मस्ती से चुदवा रही थी। सबकी चूत का बाजा बज रहा था. और सबकी मस्ती सातवें आसमान पर थी। तभी अचानक एक बदलाव हो गया। मेरा भी दिल काले लण्ड पर आ गया। मैं उठी और रेशमा के हाथ से अहमद का लण्ड छीन लिया और उसे चाटने लगी। रेशमा ने तब अम्मी जान से मजीद का लण्ड ले लिया और उसे चूसने लगी। मजीद का लण्ड दुबई का लण्ड था। एकदम गोरा चिट्टा सुपाड़ा एकदम चिकना चिकना बाहर निकला हुआ। लण्ड सच में बड़ा खूबसूरत लग रहा था । रेशमा मस्त हो गयी इतना बढ़िया लण्ड पाकर। मेरी छोटी बहन ज़ारा ने तब तक अब्दुल का लौड़ा अपने बस में कर लिया। वह भी दुबई का लण्ड था। मेरी खाला ने मौक़ा देखा तो अली का काला लण्ड पर झपट्टा मारा और उसे पकड़ कर मस्ती से हिलाने लगी। लण्ड साला फूल कर कुप्पा हो गया। अम्मी जान ने सफीक का लण्ड सीधे अपनी चूत में पेल लिया। वह तो मजे से चुदवाने लगी। भाभी जान के हक़ में आया मुनीर का लण्ड। वह भी लण्ड अपनी चूत पर रगड़ने लगी। इस तरह सबके लण्ड बदले तो खेल में एक नया जोश आ गया।
सबके पास नया लण्ड था। इसलिए सबको खूब मज़ा आ रहा था। चोदने वाले भी नये और चुदाने वालियां भी नई इसलिए किसी को न खाने की याद आयी और न पीने की। सबको लण्ड और चूत की चिंता थी। हर लण्ड हर चूत में घुसना चाहता था और हर चूत हर एक लण्ड को अपने अंदर घुसेड़ना चाहती थी। यह चुदाई ४/५ घंटे चली और सबने सबकी बुर चोदी और सबने सभी लण्ड से चुदवाया।
शाम को मर्दों के आने से पहले ही वो लोग सबको चोद चाद के चले गए। हम में से किसी ने भी मुंह नहीं खोला इसलिए किसी भी मरद यह पता नहीं चला की यहाँ घर में दिन भर धुआंधार बाहर के मर्दों से चुदाई हुई है. रात को लगभग १० बजे मैंने दो लड़कियों को बुलाया जिनका निकाह हो चुका था। फरीदा और समीना। मैंने दोनों को अब्बू से मिलवाया और कहा अब्बू जान ये दोनों नई नवेली दुल्हन हैं। इनका निकाह अभी एक हफ्ते पहले ही हुआ है। आज रात भर तुम सबके सामने इन्हे चोदो। तुमसे चुदवाने के बाद ये और सब लोगों से चुदवायेंगी। ये बुर चोदी पराये मरद की बेहद दीवानी है। बिना ग़ैर मर्दों से चुदवाये इनकी रात कटती नहीं है। मैंने इन दोनों के हाथ अब्बू के लण्ड पर रख दिया।
अब्बू भी मादर चोद नंगा होकर इन दोनों पर एक साथ चढ़ बैठा और चोदने लगा इनकी दोनों की बुर। उधर अम्मी जान मेरी छोटी बहन के मियां हसन से चुदवाने लगीं। मेरी बहन ने भाई जान का लण्ड पकड़ लिया। उसका लण्ड चूसने लगी तो भाई जान उसकी बुर चाटने लगा। भाभी जान ने लपक कर खालू का लण्ड पकड़ा और उसे अपनी चूत में पेलने लगी। खाला भी मस्ती में आ गयी। उसने अपनी ही बेटी के मियां का लण्ड पकड़ लिया और उसे चाटने लगी। उसने अपने दामाद से चुदवाने का मन बना लिया। खाला की बेटी रेशमा ने मेरे शौहर का लण्ड मुंह में भर लिया तो मैं उसके शौहर का लण्ड अपने मुंह में डाल लिया। वह मेरे मियां से चुदवाने लगी और मैं उसके मियां से चुदवाने लगी।
रात भर इसी तरह होती रही लण्ड की अदला बदली और चोदा चोदी। तो ज़नाब ऐसी है हमारे घर की बुर चोदी बीवियां।
०=०=०=०=०= समाप्त
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यह बात बिलकुल सही है की हमारे कुनबे की सभी बीवियां बहुत बड़ी बुर चोदी हैं। मैं भी एक बीवी हूँ और मैं भी मादर चोद बहुत बड़ी बुर चोदी हूँ। मेरी बहुयें भी बुर चोदी हैं और मेरी बेटियां तो मुझसे ज्यादा बुर चोदी हैं। मेरे घर की सारी अम्मियाँ तो महा बुर चोदी हैं। ये सब की सब बीवियां ग़ैर मर्दों के लण्ड की जबरदस्त शौक़ीन हैं। सब की सब ग़ैर मर्दों के लण्ड की गुलाम हैं। छिनार हैं सब की सब बीवियां बहन चोद। अपने मरद का लण्ड तो इन्हे फूटी आँखों नहीं सुहाता और ग़ैर मर्दों के लण्ड पर जान देतीं हैं। इनका कहना है की तुम मेरे मियां का लण्ड पेलो, मैं तेरे मियां का लण्ड पेलूगीं। तुम मेरे मियां से चुदवाओ, मैं तेरे मियां से चुदवाऊंगी। तुम मेरे मियां के लण्ड पे बैठो, मैं तेरे मियां के लण्ड पे बैठूंगी। तुम मेरे अब्बू का लण्ड पियो, मैं तेरे अब्बू का लण्ड पियूँगी. तुम मेरे भाई जान से चुदवाओ, मैं तेरे भाई जान से चुदवाऊंगी। मेरा बेटा तेरी बुर चोदेगा तेरा बेटा मेरी बुर चोदेगा ? इसी तरह मरद भी भोसड़ी वाले परायी बीवियां चोदने के जबरदस्त शौक़ीन हैं। परायी बीवियों के नाम पर इनके लण्ड फ़ौरन खड़े हो जातें हैं. इन्हे अपनी बीवी तो बिलकुल नहीं अच्छी लगती। परायी बीवियों के नाम पर जान देतें है ये लोग बहन चोद। इन्हे परायी बीवियों की बुर बहुत अच्छी लगती है।परायी बीवियों की बुर चाटने के लिए ये अपना मुंह उसमें घुसेड़ देतें हैं। इमका कहना है की तुम मेरी बीवी चोदो, मैं तेरी बीवी चोदूंगा। तुम मेरी बेटी की बूर में लण्ड पेलो, मैं तेरी बेटी की बुर में लण्ड पेलूँगा। तुम मेरी माँ का भोसड़ा चोदो, मैं तेरी माँ का भोसड़ा चोदूँगा। तुम मेरी बहन की बुर ले लो, मैं तेरी बहन की बुर ले लूंगा। हमारे घर में, पूरे कुनबे में इसी तरह की हर रोज़ अदला बदली होती है और खूब जम कर खुले आम घमाशान चुदाई होती है।
मेरा नाम है खुशबू मैं २४ साल की हूँ शादी शुदा हूँ और अम्मी जान से खुली हुई हूँ और अम्मी जान से ही क्यों ? मैं तो सबसे खुली हुई हूँ। मैं तो अपना सब कुछ खोल कर ही सोती हूँ। हमारे साथ सबकी बीवियां सब कुछ खोल कर लेटी रहतीं हैं। सब सबसे खुली हुईं हैं। हमारे बीच कुछ भी छुपा हुआ नहीं है। हमारे घर में बीवियां रात को रंडी की तरह इस्तेमाल की जातीं हैं। कोई भोसड़ी वाला मरद मानता ही नहीं। वे जिसकी चाहें उसकी बुर में लण्ड पेल देतें हैं। इसलिए हम सब कुनबे की बीवियों ने यह तय किया की अब रात में किसी भी बीवी को कपड़े पहनने की कोई जरुरत ही नहीं। सब लोग अपनी अपनी चूत चूँचियाँ और गांड खोल खोल कर लेटो। एकदम नंगी नंगी लेटो।
मैंने कहा - देखो मेरी बुर चोदी अम्मी जान मैं कुनबे में सभी मर्दों के लण्ड देख चुकी हूँ। सभी से चुदवा भी चुकी हूँ और कई बार चुदवा चुकी हूँ। सबके लण्ड अपनी चूत में घुसा चुकी हूँ। अब बार बार वही लण्ड ? हर दिन वही लण्ड ? हर दिन वही चूत ? हर दिन वही भोसड़ा ? हर दिन वही बीवियां उनकी वही चूँचियाँ ? बहुत दिनों से कुछ भी नहीं बदला . मैं तो अब सच में बोर बोर हो रही हूँ। कुछ भी नया नहीं। अगर कुछ बदलाव न हुआ तो मैं बगावत कर दूँगी। घर में कुनबे के अंदर नए नए लण्ड लाऊंगी।
अम्मी ने कहा - अच्छा तो तू क्या करेगी ? बाहर वालों से अपनी माँ का भोसड़ा चुदायेगी। अपने कुनबे से बाहर जाएगी तू ? गाड़ फट जाएगी तेरी। यहाँ की कोई भी औरत अपने कुनबे से बाहर नहीं जा सकती ?
मैंने कहा - क्यों नहीं जा सकती ? कौन रोकेगा मुझे ? किसकी गांड में दम है अम्मी जान ? मैं तो जाऊंगी ? जाऊंगी नहीं तो नए नए लण्ड कैसे मिलेंगें ? तब तक मेरा अब्बू जान आ गया।
वह बोला - किसकी हिम्मत है जो बाहर वालों से अपनी बुर चुदवाये ?
मैंने कहा - अरे मेरे अब्बू जान, तुमको कुछ मालूम नहीं है। यहाँ हर चूत को चाहिए लण्ड ? एक नहीं कई लण्ड ? कुनबे में तो गिने चुने लण्ड हैं। वही बार बार हमारी बीवियों की बुर चोदतें हैं। अब तुम ही बताओ कब तक तुम ये पुरानी बुर, पुरानी चूत, पुराना भोसड़ा चोदते रहोगे ? तुम्हे भी तो नयी नयी बुर चाहिए चोदने के लिए ? तुम्हे भी नयी बीवियां चाहिए चोदने के लिए। तुझे भी चाहिए नयी चूत और तेरे लण्ड को भी। मैंने यह बात कह कर उसके लण्ड पर हाथ मारा और कहा देखो न अब्बू जान ये तेरा भोसड़ी का लण्ड भी मेरी बात सुनकर खड़ा हो गया। मेरी बात से अब्बू जान के तेवर ढीले पड़ गये और उसने बाहर के लण्ड और चूत चुदाई में शामिल करने की इज़ाज़त दे दी.
बस फिर क्या था ? मैं लंड का इंतज़ाम करने लगी। अम्मी ने मेरी पीठ थपथपाकर कहा तू बुर चोदी बड़ी हरामजादी है। तुझे खुद नए नए लण्ड चाहिए ? मेरी भाभी ने कहा हाय मेरी नन्द रानी अब तो मैं भी तेरा माँ का भोसड़ा चोदूँगी। खाला का भोसड़ा और उसकी बेटी की बुर भी नए नए लण्ड पाने के लिए मचलने लगी। इतने में मेरी छोटी बहन ज़ारा बोली अरे आपा, चाहे मेरा माईक हो या ससुराल मैं तो बाहर जाती हूँ तो किसी न कसी से चुदवाकर ही आती हूँ। भाभी बोली हां मेरी नन्द रानी मेरी भी चूत बिना ग़ैर मर्दों से चुदवाये नहीं मानती। मैं तो अपनी सहेलियों के भाइयों से और उनके शौहरों से खूब चुदवाती हूँ। खाला बोली अरे बुर चोदियों तुम क्या समझती हूँ की मैं यहाँ घर में सबके लण्ड ही हिलाया करती हूँ। मैं भी बहन चोद बड़ी कुत्ती चीज हूँ। मुझे भी कई मरद चोदते हैं। मैं आज तुम लोगों को बता रही हूँ मेरा ताल्लुक कुछ होटलों से हैं। मैं वहां जाकर खूब चुदवाती हूँ।
खाला के बेटी ने कहा मैं तो अपने कॉलेज के दोस्तों से चुदवाती थी और आज भी खूब धड़ल्ले से चुदवाती हूँ। मैंने कहा देखा अम्मी जान ये बुर चोदी बीवियां कितनी बड़ी चुड़क्कड़ है। सब की सब कुछ न कुछ चुदाई का सिलसिला बनाये हुए हैं। इन्हे कुनबे के लण्ड के अलावा और भी लोगों के लण्ड से मोहब्बत है। अम्मी ने कहा अरे बेटी खुशबू मैं भी बाहर जाकर कई लोगों से चुदवाती हूँ।
तो देखा आपने दोस्तों, आपने हमारे घर की बीवियां कितनी बड़ी बुर चोदी हैं। मैंने फिर २/३ होटलों से संपर्क किया और कहा की मुझे चार लण्ड चाहिए दो काले और दो एकदम गोरे. चार के चारों प्रोफेशनल फकर्स ( पेशेवर बुर चोदने वाले लोग ) होने चाहिए । उनके लण्ड का साइज 9" x 5" से कम न हो ? दो मलेसिया के और दो दुबई के शेख । बस फिर क्या आधे घंटे में ही वे लोग आ गए। मलेसिया के अहमद और अली। दोनों साले काले थे। उनकी उम्र २८/३० साल की थी। और दो दुबई के शेख़ अब्दुल और मजीद दोनों एकदम गोरे थे उनकी भी उम्र लगभग २८/३० की होगी। इधर मैंने सफीक अंकल और उसका दोस्त मुनीर को भी बुला लिया मैं दोनों के लण्ड पकड़ कर देख चुकी हूँ। कई बार मुंह में लिया कर पर अभी तक अपने चूत में नहीं पेला। आज पेल कर देखूँगी तो मज़ा आएगा।
दिन का समय था। हमारे शौहर सब के सब काम पर चले गए थे। घर में कोई भी मरद नहीं था। कोई भी लण्ड नहीं था। मैंने अपनी अम्मी जान, भाभी जान, खाला जान, और उसकी बेटी, अपनी छोटी बहन ज़ारा सबको बता दिया और सबको इन लोगों से मिलवा दिया। सबकी ख़ुशी का ठिकाना न था। नए लोगों से चुदवाने की ख़ुशी उनके चेहरे पर साफ दिख रही थी। मैंने सबके लिए डिंक्स का इंतज़ाम भी किया था। , मुझे मालूम था की मेरे घर की सब बीवियां शराब पीती हैं। हां यह बात और है की मेरे शौहरों को नहीं मालूम। हम जब बाहर जाकर चुदवाती हैं तो वहां सबके साथ शराब पीती हैं तभी चोदने वालों को मज़ा आता है और हमें भी। हम सब लोग शराब पीने लगे और तभी मन में ही सबने अपने अपने पार्टनर चुन लिया।
खाला जान की बेटी रेशमा ने अपना हाथ अहमद के जांघ पर रख दिया। उसने अपनी मंसा ज़ाहिर कर दी की वह सबसे पहले अहमद से चुदवायेगी। मेरी बहन ज़ारा ने तो अपनी बाहें अली के गले में डाल दीं और उसका गाल चूम लिए। उसे भी काले लण्ड का मोह हो गया था। खाला जान ने अब्दुल को अपनी तरफ खींच कर अपने सीने से चिपका लिया। उसका मन गोरे लण्ड से चुदवाने का हो गया। अम्मी जान ने भी अपना हाथ बढ़ाकर मजीद के लण्ड पर रख दिया और वह लण्ड ऊपर से ही दबाने लगी। मेरी भाभी जान सफीक की तरफ लपकी और अपनी चूँचियाँ उसके बदन पर रगड़ने लगीं। वह बोली हाय अंकल आज तुम मुझे सबके सामने चोदो। मैंने तेरे लण्ड के बारे में बहुत कुछ सुना है। आज पेल दो अपना ये मस्ताना लण्ड मेरी चूत. मैंने भी मुनीर का लण्ड ऊपर से दबाया तो मुझे लगा की लौड़े में दम है। मैं उसका लण्ड चाटने चूसने के लिए बेताब हो गयी। पहले अपनी चूँचियाँ खोल कर उसे दिखा दीं और फिर अपनी चूत भी।
धीरे धीरे हम सब अपने अपने कपड़े खोलने लगीं। पराये मर्दों के आगे नंगी होने में वैसे भी बड़ा ामज़ा आता है। मुझे तो अपना नंगा बदन स दिखने का जबरदस्त शौक है। / मेरा बस चले तो मैं नंगी नंगी सड़क पर घूमूं ताकि सब लोग मेरे सेक्सी और हॉट जिस्म का मज़ा लें। मेरी खाला जान ने अपनी ५ - ५ किलो की चूँचियाँ खोल कर एकदम नंगी गयीं। अम्मी जान भी कम न थीं। वह तो ग़ैर मर्दों के आगे नंगी होने में अव्वल है बुर चोदी। मेरी छोटी बहन नंगी हुई तो खाला जान की बेटी रेशमा भी नंगी हो गयी। फिर जिसके हाथ में जो भी लण्ड था उसे सबने बाहर निकाला और उस मरद को भी नंगा कर दिया। इतनी देर में सबके लण्ड साले तन कर खड़े हो गए। लण्ड साले घोड़े की तरह हिनहिनाने लगे। सारे लण्ड अपना अपना सर हिलाने लगे। मुझे लगा की आज सबकी चूत फटेगी और फटेगा सबका भोसड़ा ?
मैं मुनीर का लण्ड हिलाने लगी उसे चूमने और चाटने लगी। मेरी भाभी जान भी मेरे बगल में लेटी हुई सफीक
अंकल का लण्ड अपनी चूँचियों पर रगड़ने लगीं। अम्मी भी बड़ी मस्ती से मजीद का लण्ड मुंह में भर कर चूसने लगीं। खाला बुर चोदी अब्दुल के लण्ड से खेलने लगी। उसे भी बड़ा अच्छा लग रहगा था एक नया लण्ड पाकर। मेरी छोटी बहन ज़ारा तो लण्ड का सुपाड़ा और पेल्हड़ दोनों बारी बारी से ऐसे चाटने लगी पहली बार कोई लण्ड चाट रही हो। रेशमा अपनी माँ के सामने लण्ड पीने में बिलकुल भी नहीं शर्मा रही थी।
मैं कुछ और मस्ती में आ गयी तो कहा - रेशमा, तेरी माँ की बहन का भोसड़ा ? यह गाली मेरी अम्मी के भोसड़ा पर पड़ी। रेशमा बोली - खुशबू, तेरी माँ की बहन की चूत ? ये गाली उसकी अम्मी की चूत पर पड़ी। फिर खाला जान - खुशबू तेरी खाला की बिटिया की बुर ? ये गाली उसने अपनी ही बेटी की बुर के लिए कही। अम्मी ने कहा - ज़ारा तेरी बहन की माँ का भोसड़ा ? अम्मी ने अपने ही भोसड़ा को गरिया डाला। ज़ारा बोली - अम्मी जान तेरी बेटी की बहन की बुर ? वह भी अपनी बुर को गाली देकर मस्त हो। गयी। अम्मी जान फिर मस्ती में ने कहा - बहू, तेरी नन्द की माँ का भोसड़ा ? तो भाभी ने कहा - सासू जी, तेरी बेटी की भाभी की चूत। इस तरह की मस्त मस्त प्यार भरी गालियों से माहौल बहुत गरम हो गया।
इतने में अहमद में लण्ड रेशमा की बुर में पेल दिया और चोदने लगा उसकी बुर ? उसे देख कर अली ने भी लण्ड
सबके पास नया लण्ड था। इसलिए सबको खूब मज़ा आ रहा था। चोदने वाले भी नये और चुदाने वालियां भी नई इसलिए किसी को न खाने की याद आयी और न पीने की। सबको लण्ड और चूत की चिंता थी। हर लण्ड हर चूत में घुसना चाहता था और हर चूत हर एक लण्ड को अपने अंदर घुसेड़ना चाहती थी। यह चुदाई ४/५ घंटे चली और सबने सबकी बुर चोदी और सबने सभी लण्ड से चुदवाया।
शाम को मर्दों के आने से पहले ही वो लोग सबको चोद चाद के चले गए। हम में से किसी ने भी मुंह नहीं खोला इसलिए किसी भी मरद यह पता नहीं चला की यहाँ घर में दिन भर धुआंधार बाहर के मर्दों से चुदाई हुई है. रात को लगभग १० बजे मैंने दो लड़कियों को बुलाया जिनका निकाह हो चुका था। फरीदा और समीना। मैंने दोनों को अब्बू से मिलवाया और कहा अब्बू जान ये दोनों नई नवेली दुल्हन हैं। इनका निकाह अभी एक हफ्ते पहले ही हुआ है। आज रात भर तुम सबके सामने इन्हे चोदो। तुमसे चुदवाने के बाद ये और सब लोगों से चुदवायेंगी। ये बुर चोदी पराये मरद की बेहद दीवानी है। बिना ग़ैर मर्दों से चुदवाये इनकी रात कटती नहीं है। मैंने इन दोनों के हाथ अब्बू के लण्ड पर रख दिया।
अब्बू भी मादर चोद नंगा होकर इन दोनों पर एक साथ चढ़ बैठा और चोदने लगा इनकी दोनों की बुर। उधर अम्मी जान मेरी छोटी बहन के मियां हसन से चुदवाने लगीं। मेरी बहन ने भाई जान का लण्ड पकड़ लिया। उसका लण्ड चूसने लगी तो भाई जान उसकी बुर चाटने लगा। भाभी जान ने लपक कर खालू का लण्ड पकड़ा और उसे अपनी चूत में पेलने लगी। खाला भी मस्ती में आ गयी। उसने अपनी ही बेटी के मियां का लण्ड पकड़ लिया और उसे चाटने लगी। उसने अपने दामाद से चुदवाने का मन बना लिया। खाला की बेटी रेशमा ने मेरे शौहर का लण्ड मुंह में भर लिया तो मैं उसके शौहर का लण्ड अपने मुंह में डाल लिया। वह मेरे मियां से चुदवाने लगी और मैं उसके मियां से चुदवाने लगी।
रात भर इसी तरह होती रही लण्ड की अदला बदली और चोदा चोदी। तो ज़नाब ऐसी है हमारे घर की बुर चोदी बीवियां।
०=०=०=०=०= समाप्त
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