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सुहागरात में ही सबने मिलकर चोदा था - Suhagraat ke din samuhik chudai
सुहागरात में ही सबने मिलकर चोदा था - Suhagraat ke din samuhik chudai , सुहागरात पति के अलावा गैर मर्दों के साथ , सुहागरात की पहली चुदाई , चूत गांड बुर फाड़ , एक साथ कई लंड लौड़े , चुसो चाटो मौज करो.

अरे यार मैं तो अपनी सुहागरात से ही अपने मियां के आगे सबके लण्ड अपनी चूत में पेल रही हूँ और साथ ही साथ अपने मियां का लण्ड भी सबकी बुर में पेल रही हूँ। हां यह बात जरूर है की उस दिन मैंने सबसे पहले अपने मियां से चुदवाया। उसके बाद नंदोई ने अपना लण्ड मेरी चूत में पेला और मुझे जम कर चोदा। थोड़ी देर बाद चचिया ससुर भी आ गया। वह मेरे मियां की उम्र का ही था। उसने भी अपना लण्ड मेरी चूत में घुसेड़ दिया। उसने तो मुझे ऐसे चोदा जैसे कोई अपनी बीवी अपनी सुहागरात में चोदता है। मैंने भी अपने मियां का लण्ड अपनी जेठानी की बुर में पेल दिया। मेरी जेठानी ने बेहिचक मेरे मियां से मेरे सामने ही खूब चुदवाया। उसके बाद कमरे में मेरी फुफिया सास आ गई। मैंने उसके भोसड़ा में अपने मिया का लौड़ा घुसेड़ दिया। वह चुदवाकर गई तो मैं कुछ समय के लिए बाहर निकली।
मैंने देखा की बाहर तो घमाशान चुदाई हो रही है। किसी के बदन पर एक भी कपड़ा नहीं है। सारी औरतें और लड़कियां ब्याही बिन ब्याही सब की सब नंगी हैं और सभी मरद किसी न किसी की बुर चोद रहें हैं । मैं यह भी देखा की मरद एक बुर से लण्ड निकाल कर दूसरी बुर में पेल रहें हैं। बड़ा मजेदार सीन था। इतने में मेरी फुफिया सास की बेटी नंगी नंगी मेरे कमरे में घुस आई। मैंने उसकी भी बुर में अपने मियां का लण्ड घुसेड़ दिया और उसकी बुर खूब धकाधक चुदवाई। मैं समझ गयी की यहाँ भी मेरी माईके की ही तरह चुदाई होती है। आखिर में सवेरे सवेरे मेरा देवर आया और मुझे अपनी बीवी की तरह हचक हचक के चोद कर चला गया। जाते समय बोला कल मेरा दोस्त आकर तुम्हें चोदेगा भाभी जान क्योंकि आज मैंने उसकी भाभी की बुर रात भर चोदी है।
इस तरह मुझे सबसे ज्यादा चोदा चोदी का मज़ा अपनी सुहागरात में ही मिला। इधर कोई ग़ैर मरद अपना लण्ड मेरी बुर में पेल देता उधर मैं भी अपने मियां का लण्ड किसी ग़ैर की चूत में घुसेड़ देती ? इस तरह चुदाई खेल रात भर नहीं २/३ दिन तक चलता रहा। करीब १५ दिन के बाद मैं माईके चली आई . माईके में भी मैं चुदवाने में अव्वल थी लण्ड पकड़ने में और लण्ड पीने में अव्वल थी। मैं किसी की परवाह नहीं करती थी अम्मी की तो बिलकुल परवाह नहीं करती थी क्योंकि मैंने एक दिन अम्मी को किसी गैर मरद से चुदवाते हुए देख लिया था। तबसे मैं अम्मी जान से बिलकुल निडर हो गयी और उससे खुल कर लण्ड बुर चूत भोसड़ा गांड की बातें करने लगी थी। वह खुद यह चाहती थी की मेरी बेटी अब मुझसे खुल कर बातें करें, मेरे आगे लण्ड पकड़े और लण्ड अपनी बुर के साथ साथ मेरी भी बुर में पेले।
हुआ यह था की उस दिन मैं कॉलेज से जल्दी आ गयी थी। आकर जब मैंने अपने कपड़े बदले तो मैंने किसी आदमी को अम्मी के कमरे में जाते हुए देख लिया। मैं सोंचने लगी की ये अनजान आदमी अम्मी के कमरे मेक्या करने जा रहा है ? मैं कुछ देर तो रुकी रही पर मन नहीं माना तो मैं झांक कर देखने लगी। मैंने देखा की मेरी अम्मी जान एकदम नंगी नंगी सोफा पर बैठती हैं और वह आदमी भी नंगा है। उसका लण्ड खड़ा है। लण्ड देख कर तो मेरी लार टपकने लगी। मैं २१ साल की पूरी जवान हो चुकी थी। मेरी चूत बुर चोदी एकदम से गरम हो गई। तब तक अम्मी ने लण्ड पकड़ कर मुंह में ले लगीं। वह आदमी एमी की चूँचियाँ दबाने लगा। अम्मी की गाड़ सहलाने लगा। उसकी छोटी छोटी झाटों पर हाथ फेरने लगा।
कुछ देर बाद अम्मी पलंग पर लेट गयी और वह आदमी अम्मी के ऊपर चढ़ बैठा। वह मादर चोद चोदने लगा अम्मी का भोसड़ा। फिर मुझे न रुका गया और मैं सीधे अंदर घुस गई और अम्मी के सामने खड़े होकर अम्मी की चुदाई देखने लगी। अम्मी आँख बंद किये हुए चुदवाने में मस्त थीं। \
- फिर अम्मी की आँख खुली तो वह बोली अरी रजिया तू भोसड़ी की यहाँ क्या कर रही है ?
- मैं भी बोल्ड हो चुकी थी तो जबाब दिया - मैं अम्मी की चुदाई देख रही हूँ।
- चल जा यहाँ से अपना काम कर ? अभी तू चुदाई देखने लायक नहीं है।
- क्यों नहीं हूँ ? मैं २१ साल की हो गई हूँ, जवान हूँ सब जानती हूँ।
- तू कुछ नहीं जानती बुर चोदी रजिया। ये कोई बच्चों का खेल नहीं है। मुझे अपना काम करने दे ? जा भाग जा ? नहीं तो मैं तेरी माँ चोद दूँगी। माँ तो मेरी कोई चोद ही रहा है अम्मी जान ?
- अब ये माँ चोद रहा है तो माँ की बेटी भी चोदेगा। मेरी नज़र इसके लण्ड पर है अम्मी जान ?
- तब तक वह आदमी बोला अरे भाभी जान इसे भी चुदवा लेने दो। क्या फरक पड़ता है ? बेटी है २१ साल की हो गई है चुदासी तो होगी ही। तुम कहो तो मैं इसकी भी बुर चोद लूं। मेरी बेटी तो २० साल में ही चुदवाने लगी थी। उसकी बात सुनकर मुझे बहुत तसल्ली हुई।
- अम्मी जान बोली अच्छा ठीक है। ये भोसड़ी वाली मानेगी नहीं ? पेल दो अपना लण्ड इस बुर चोदी की बुर में और चोद डालो इसकी चूत नहीं तो ये सबके सामने मेरी चुदाई की कहानी बढ़ा चढ़ा कर बतायेगी । पहले इसके मुंह में घुसेड़ दो लण्ड फिर इसकी बुर में।
फिर उस दिन अम्मी ने लण्ड खुद अपने हाथ से मेरी चूत में पेला और मैंने भी लण्ड अम्मी के भोसड़ा में घुसेड़ा। एक बार नहीं कई बार घुसेड़ा। उसके बाद हम दोनों ने कई बार एक साथ चुदवाया।
अब तो मेरी शादी हो गई है। मैं अपनी सुहागरात में ही कई लोगों से चुदवाकर आई हूँ तो बहुत बोल्ड हो गई हूँ। अब मुझे कौन भोसड़ी वाला रोक सकता है ?
एक दिन जब मैं घर आई तो देखा की मेरा अब्बू मेरे चचा जान की बेटी चोद रहा है। चचा जान भी अपनी साली की बेटी चोद रहा है। दोनों साले बेटियां चोदने में जुटे हुए हैं। आजकल इन लोगों की एक दूसरे की बेटियां चोदने में ज्यादा मज़ा आता है। ये भोसड़ी का चचा मेरी भी बुर चोदता है ज़ोर मेरी अम्मी के भोसड़ा में भी लण्ड पेलता है। इसे अपने सामने अपनी बेटी चुदवाने में कोई झिझक नहीं है। इसकी बेटी मेरे अब्बू से बोली हाय मेरे राजा पूरा लौड़ा पेल के चोद डालो मेरी बुर ? मुझे तेरा लण्ड बहुत अच्छा लगता है। मेरी चूत में अंदर तक चोट करता है तो चूत ससुरी गन गना उठती है। हाय रे बड़ा मज़ा आ रहा है। उधर चचा की साली की बेटी बोल रही थी - वाओ क्या लौड़ा है तेरा। यही लौड़ा बहन चोद मेरी माँ का भोसड़ा चोदता है। आज मेरी बुर चोद रहा है। मुझे तो अपने अब्बू के उम्र वाले लोगों से चुदवाने में ज्यादा मज़ा आता है। इसीलिए मैं अपनी ससुराल में अपने मियां से कम अपने ससुर से ज्यादा चुदवाती हूँ। मेरे ३ ससुर हैं तीनो चोदते हैं मुझे। मैं तो ससुर के दोस्तों के भी लण्ड पेलती हूँ अपनी चूत में।
इधर मेरे अब्बू का एक मौलाना दोस्त मुझे खूब अच्छी तरह चोदता है। मैं उसके १० इंची वाले लण्ड से बेहद मोहब्बत करती हूँ। उससे चुदवाकर मुझे ज़न्नत का मज़ा मिलता है।इन दोनों की चुदाई देख कर और इनकी बातें सुनकर मैं भी बुरी तरह चुदासी हो गयी। मैं अपने कपडे खोल कर नंगी हो गयी। मैं सोंच रही थी की मैं अब्बू का लण्ड पकड़ूँ की चचा जान का लण्ड ? तब तक किसी ने अपना लण्ड मेरे कंधे पर रख दिया। मैंने कनखियों से उसे देखा तो मुझे लण्ड का सुपाड़ा ही दिखाई पड़ा। सुपाड़ा साला बिलकुल तोप के गोले जैसा था। मैं जान गयी की लण्ड दमदार है। मैं पीछे मुड़ी तो वह बोला रजिया बेटी लो तुम मेरा लण्ड पियो। फिर मैं तुम्हे चोदूंगा। वह मेरा मामू जान था। मैंने लण्ड फ़ौरन मुंह में लिया और उसे बड़े प्यार से चाटने चूसने लगी। मैं लण्ड पाकर मस्त हो गयी। सुपाड़ा चाटने लगी और पेल्हड़ भी। उसके बाद सुपाड़ा मुंह में भर कर चूसने लगी। मामू जान मुझे चोदने के मूड में था ही।
उसने देर नहीं लगाई और मेरी टाँगे फैलाकर अपना लण्ड घुसा दिया। मैं तो इसके लिए तैयार थी ही। मैं भी उन दोनों बेटियों की तरह चुदवाने लगी। मुझे अकेले चुदवाने में मंजा ही नहीं आता। मैं तो किसी बुर वाली को ढूंढते हूँ जो मेरी साथ किसी मरद से चुदवाये। ऐसे में लण्ड अदल बदल कर चुदवाने का मौक़ा मिल जाता है। मेरी चूत का बाजा बजने लगा। मैं भी उन दोनों बेटियों के साथ एक रंडी की तरह चुदवाने लगी। जवानी का यही तो मज़ा है। मैं अपने अब्बू को किसी और की बेटी चोदते हुए देखने में बड़ा अच्छा लग रहा था। मैं अब्बू की मंसा समझती हूँ। उसे लड़कियां चोदने का बड़ा शौक है। लड़कियों की माँ चोदने का शौक है। उसे किसी के भी सामने किसी की भी बुर में लौड़ा पेलने में कोई शर्म नहीं आती।
मैंने पूंछा - मामू जान क्या तुम अपनी बेटी की बुर भी इसी तरह चोदते हो ?
वह बोला - हां हां बिलकुल इसी तरह चोदता हूँ और उसकी साहेकियों को भी चोदता हूँ।
मैंने फिर पूंछा - तो क्या उसकी सहेलियां तुमसे ख़ुशी ख़ुशी चुदवाती है की जबरदस्ती ?
वह बोला - नहीं मैं कभी किसी के साथ जबरदस्ती नहीं करता। लड़कियां खुद ही मेरा लण्ड पकड़ लेती हैं। वे मेरे लण्ड के बारे में सुनकर आती है और फिर बिंदास चुदवाती हैं। मैंने चचा जान से भी यही सवाल किया तो वह बोला हां रजिया आजकल लड़कियां बहुत बोल्ड होतीं हैं। वे बेहिचक किसी का भी लण्ड पकड़ लेतीं हैं। मेरी
बेटी मेरे सभी दोस्तों के लण्ड पकड़ती है और तब वो लोग इसे चोदने लगते हैं। यहाँ देखो न मेरी बेटी कितनी मस्ती से तेरे अब्बू से चुदवा रही है। अगले दिन मेरी खाला का बेटा अदब और फूफी का बेटा असद आ गया । मैंने उन्हें बहुत दिनों के बाद देखा। दोनों ही मस्त जवान हो थे। बड़े हैंडसम और हॉट दिख रहे थे। मेरी नियत उन पर ख़राब हो गयी। मेरा मन हुआ की मैं अभी इनके लण्ड पकड़ कर अपने मुंह में घुसेड़ लूं। मैंने पूंछा तुम लोग कहाँ जा रहे हो। अदब बोला मैं इसे अपनी अम्मी के पास ले जा रहा हूँ। मैं अच्छा। यह कह कर मैं आगे बढ़ गयी। तब तक मेरी अम्मी ने कहा अरे रजिया देखो तेरे अब्बा का दोस्त असलम आया है। मैं असलम अंकल से मिलने चली गयी। उसके साथ उसकी बेटी भी थी। मुझे अंकल पसंद आ गए और मैं उससे बातें करने लगी। बातो ही बातों में वह बोला मैं अपनी बेटी तेरे अब्बू से चुदवाने आया हूँ। जब से इसने तेरे अब्बू के लण्ड के बारे में सुना है तब से ये उससे चुदवाने के लिए बेताब है। मैंने कहा अंकल मेरा अब्बू तेरी बेटी चोदेगा तो तुम भी उसकी बेटी चोदो ? वह बोला हां जरूर चोदूंगा पर मैं तो तेरी अम्मी चोदने आया हूँ, रजिया । मैंने सोंचा की मैं अपनी बेटी चुदवाकर तेरी अम्मी का भोसड़ा चोदूंगा। मैंने कहा अच्छा तो जब तक तुम अम्मी का भोसड़ा चोदो तब तक मैं घूम कर आती हूँ।
मैं खाला के कमरे में पहुँच गयी। पहुँचते ही जो मैंने देखा उसे देख कर दंग रह गयी। मैंने देखा की मेरी खाला एकदम नंगी लेटी हुई है और फूफी जान भी उसकी गांड की तरफ अपना मुंह किये हुए लेटी है। खाला का बेटा फूफी के ऊपर चढ़ कर उसका भोसड़ा चोद रहा है और फूफी का बेटा खाला जान के ऊपर चढ़ कर उसका भोसड़ा चोद रहा है। यानी अदब और असद दोनों एक दूसरे की माँ चोद रहें हैं। खाला और फूफी दोनों एक दूसरे के बेटे से चुदवा रही हैं। मैंने फ़ौरन अपने मोबाईल पर वीडियो बनाना शुरू कर दिया। दोनों लण्ड साले अंदर बाहर हो रहे थे इसलिए मुझे पूरा लण्ड किसी का दिखाई नहीं पड़ा मगर थे दोनों लण्ड बड़े हक्कानी और जबरदस्त। मैं सोंचने लगी की इस उम्र में इतने मोटे तगड़े लण्ड है तो आगे चल कर कैसे होंगें ? बस बुरी तरह चुदासी हो गई।
फिर धीरे से मैंने अदब का लण्ड फूफी की बुर से निकाल कर देखा, चाटा और फिर घुसेड़ दिया। उसके बाद मैंने असद का लण्ड खाला की बुर से निकाला, उसे प्यार से देखा, चाटा और फिर अंदर घुसेड़ दिया। लण्ड बहन चोद 9" + के थे और मोटे भी लगभग 6" के ? मुझे उनकी चुदाई सच में बड़ी अच्छी लग रही थी। कुछ देर बाद मैंने कहा यार अब तुम दोनों अपनी अपनी माँ का भोसड़ा चोद कर दिखाओ। मेरा कहना ही था की अदब ने लण्ड फूफी की बुर से निकाल कर अपनी अम्मी के भोसड़ा में पेल दिया। उधर असद ने खाला के भोसड़ा से लण्ड निकाल कर अपनी अम्मी के भोसड़ा में घुसेड़ दिया। अदब अपनी माँ चोदने लगा और असद अपनी माँ ? मैंने पूंछा क्या तुम लोगों को अपनी माँ चोदने में शर्म नहीं आती ?
अदब बोला बिलकुल नहीं आती क्योंकि मेरी अम्मी ने बताया की जब बेटा जवान हो जाता है तो मरद हो जाता है और अब तुम मरद हो गए हो। तुम किसी की भी बुर चोद सकते हो। वह बुर चाहे माँ की हो या फिर बहन की ? कभी किसी की बुर चोदने में कोई शर्म नहीं करना ? लण्ड का काम है बुर चोदना। लण्ड सिर्फ बुर पहचानता है। वह न माँ को पहचानता है और न बहन को ?
उसके बाद मैंने भी उन दोनों से खूब जम कर रात भर चुदवाया। कभी खाला जान अपने बेटे का लण्ड मेरी चूत में पेल देती और कभी फूफी जान अपने बेटे का लण्ड ? मैं दोनों से चुदवाकर मज़ा लेती रही।
=०=०=०=०=०=० समाप्त
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