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ग़ैर मर्दों से चुदवाओ फिर देखो चुदाई का असली मज़ा - Gair mardon se chudwao lo chudai ka asli majaa
ग़ैर मर्दों से चुदवाओ फिर देखो चुदाई का असली मज़ा - Gair mardon se chudwao fir dekho chudai ka asli majaa , Antarvasna Sex Stories , Hindi Sex Story , Real Indian Chudai Kahani , choda chadi cudai cudi coda free of cost , Time pass Story , Adult xxx vasna kahaniyan.
बेटी, सच बात बताऊँ ? अपने मरद से चुदवाया तो क्या चुदवाया ? चुदवाना है तो ग़ैर मर्दों से चुदवाओ फिर देखो चुदाई का असली मज़ा ? बेटी एक बात याद रखों की किसी भी औरत का मन एक लन्ड से कभी नहीं भरता ? जब तक वह ३/४ ग़ैर मर्दों से नहीं चुदवा लेती तब तक वह चुपचाप नहीं बैठती। अब तेरी शादी हो चुकी है। तुझे भी ग़ैर मर्दों से चुदवाना शुरू कर देना चाहिए। पहले अपने ससुराल वाले मर्दों पर हमला बोलो। एक एक करके सबके लन्ड पकड़ो, लन्ड चाटो, लन्ड चूसो, लन्ड मुंह में डालो और बार बार अंदर बाहर करो तब वह खुद ही लन्ड तेरी चूत में पेल देगा ? एक बात और याद रखो, बेटी की लन्ड का स्वाभाव होता है किसी न किसी बिल में घुसना। वह जब खड़ा होता है तो कहीं घुसने की कोशिश करने लगता है और घुसने के लिए उसे चूत से बढ़िया कोई और जगह नहीं मिलती। या तो मुंह में घुसेगा या फिर चूत में ? उसी तरह जब चूत गरम हो जाती है तो वह लन्ड अपने अंदर जल्दी से जल्दी घुसेड़ना चाहती है। न लन्ड को बिना चूत के चैन मिलता है और न चूत को बिना लन्ड के ? दोनों एक दूसरे के बगैर नहीं रह सकते। इसलिए चूत को जहाँ भी लन्ड मिले उसे ले लेना चाहिए और लन्ड को जहाँ चूत मिले वहां लन्ड घुसेड़ देना चाहिए। इसमें कोई शर्म करने की जरुरत नहीं है बेटी। देखो बेटी ये जवानी बुर चोदी थोड़े ही दिनों की होती है। जवानी कब ख़तम हो जाती है इस बात का पता ही नहीं चलता। अगर जवानी में कुछ नहीं किया तो सारी ज़िन्दगी पछताना पड़ता है। तो बेटी कोई पछताने का मौक़ा न आये इसलिए मैं कह रही हूँ की तू गैर मर्दों से चुदवाना शुरू कर दे। मैं भी अगर केवल तेरे अब्बू के सहारे रहती तो जवानी का मज़ा न लूट पाती। मैंने वाकई कई मर्दों से खुलकर चुदवाया है और आज भी चुदवाती हूँ इसलिए मुझे पछताने की कोई जरुरत नहीं हैं। मैंने तो अल्ला के घर जाऊंगी तो भी कहूँगी अल्ला तूने मुझे चूत दी थी अब देखो मैं अपनी चूत का कितना इस्तेमाल कर के आयी हूँ। मैंने अपनी चूत का समय बरबाद नहीं किया। बल्कि इसमें लन्ड पे लन्ड पेलती रही।
अम्मी की बातें मेरे दिमाग में अच्छी तरह बैठ गयीं। मेरा नाम फरहा है. मेरी शादीअभी हाल में ही हुई है। मैंने भी अनुभव किया की अम्मी सच कह रहीं हैं क्योंकि मुझे अपनी सुहागरात में वो मज़ा नहीं आया जो आना चाहये। मैंने जब अपने शौहर से चुदवाया तो अच्छी तरह नहीं चुदवा पायी। वह साला पहले ही खलास हो गया और मैं चुदासी ही रह गयी। मैं वहीँ सोंचने लगी की अगर एक लन्ड और होता तो मज़ा आता ? यह बात मेरी नन्द सलमा को मालूम हो गयी। उसने सवेरे ही मुझसे कहा भाभी मैं जानती हूँ की तुम चुदासी रह गयी हो। पर तुम चिंता न करो मैं तेरी चूत का ख्याल रखूंगी। उसकी बातों से मुझे लगा की वह मेरे लिए कुछ न कुछ करेगी। मैं फिलहाल उसी के सहारे हूँ। सुहागरात के दो दिन बाद मैं माईके आ गयी और अभी आजकल में वापस ससुराल जाना है। वहां जाकर मैं ग़ैर मर्दों के लन्ड की तलास करूंगी। शादी के पहले तो कई लन्ड का मज़ा लेती थी और शादी के बाद लन्ड की कमी महसूस हो रही है।
मैं जब ससुराल पहुंची तो मेरी नन्द सलमा बड़ी खुश हो गयी। वह भी उसी दिन अपने देवर के साथ अपने माईके आयी थी। उसका देवर अली मुझसे मिला और मैं उस पर मोहित हो गयी। मुझे लगा की अगर इसका लन्ड मुझे मिल जाए तो मज़ा आ जाये। मैं उससे हंस हंस कर बातें करने लगी । मेरी नन्द ने मुझे देखा भी लेकिन कोई ख़ास ध्यान नहीं दिया। रात में करीब ११ बजे वह मेरे कमरे में आयी और बोली हां भाभी मैं समझ रही हूँ कि तुम क्या बीत रही है ? सब्र करोअब ठीक हो जायगा। ये तेरी बुर चोदी नन्द तेरे लिए कुछ करेगी। वह चली गयी और आधे घंटे के बाद वह फिर आयी। इस बार वह नए अंदाज़ में थी। उसकी चूंचियां एकदम नंगी थी। उसके दोनों हाथ में टन टनाते हुए लन्ड थे। लन्ड देख कर मेरे मुंह में पानी आ गया। मेरी चूत मचल उठी। एक तो उसका देवर अली ही था। आते ही वह बोली भाभी जान, लो पकड़ो ये है मेरे देवरअली का लन्ड ? और ये है उसके दोस्त सादिक का लन्ड ? ये दोनों लन्ड आज रात भर के लिए मैं तुम्हे देती हूँ। उसने मुझे दोनों लन्ड पकड़ा दिया और फिर मेरे कपड़े उतारने लगी। मैं पल भर में ही नंगी हो गयी।
मुझे नंगी देख कर लन्ड और तन कर हिनहिनाने लगे। मुझे उन पर प्यार आ गया और मैं दोनों लन्ड बारी बारी से चाटने लगी। जब वह जाने लगी तो मैंने कहा अरे तुम कहाँ जा रही हो भोसड़ी की सलमा। अपनी माँ चुदाने जा रही हो तुम ? वह बोली अरे भाभी मैं किसी और का लन्ड चूसने जा रही हूँ। आज रात भर मैं उसी से चुदवाऊँगी। मैं सोफा पर बैठ गयी। मेरी एक तरफ अली और दूसरी तरफ सादिक बैठ गया। मैं दोनों हाथों से लन्ड सहलाने लगी और झुक झुक कर दोनों लन्ड बारी बारी से चाटने चूसने लगी। वो भी मेरी एक एक चूंची दबा दबा कर चूमने चाटने लगे। मेरे मन में आया की कहाँ मैं एक लन्ड के लिए तरस रही थी और कहाँ अभी मेरे दोनों हाथ में लन्ड हैं। मैं अपने आपको बड़ी नसीबवाला मानने लगी। तब तक उन्होंने मुझे चित बेड पर लिटा दिया। अली मेरी चूत चाटने लगा और मैं उसका लन्ड सहलाने लगी। उधर सादिक ने लन्ड मेरे मुंह में घुसेड़ दिया। मुझे तीन तरफ से मज़ा मिलने लगा। मेरे हाथ में अली का लन्ड। मेरी चूत में अली जी जबान और मेरे मुंह में सादिक का लन्ड। मैं मद होश होने लगी।
लन्ड दोनों लगभग ८" के थे और मोटे भी थे। मैंने मस्ती में पूंछा अली तुम अपनी भाभी की बुर लेते हो ? वह बोला हां खूब लेता हूँ। मुझे सलमा भाभी की बुर बहुत पसंद है। सलमा भाभी मेरा लन्ड खूब चूसती हैं। कभी कभी वह लन्ड चूसती ही रहतीं हैं और चुदवाती नहीं। मैं फिर उसके मुंह में ही झड़ जाता हूँ और फिर भाभी मेरा लन्ड पीने लगती हैं। मैंने पूंछा तेरी दोस्ती सादिक से कैसे हुई ? वह बोला अरे भाभी एक दिन सादिक ने मुझसे कहा यार आज तुम मेरी बीवी चोदो। उसकी शादी हुए अभी एक महीना ही हुआ था. उस दिन मैं सादिक और उसकी बीवी बैठे हुए शराब पी रहे थे। जब सादिक ने कहा मेरी बीवी चोदो तो मैं थोड़ा झिझकने लगा। तब इसकी बीवी बोली अरे अली भाई जान तुम झिझक क्यों रहे हो ? जब मेरा शौहर तुमसे अपनी बीवी चुदवाना चाहता है तो फिर चोदो उसकी बीवी। ऐसा कह कर उसने खुद मेरा लन्ड पकड़ लिया भाभी। मैं उसी दिन से इसकी बीवी चोदने लगा। अब जब मेरी शादी होगी तो ये मेरी बीवी चोदेगा।
ऐसा कहते कहते अली ने लन्ड मेरी चूत में घुसा दिया और मुझे अपनी भाभी की तरह गचर गचर चोदने लगा। मैं चित लेटी थी तो मेरी चूंचियां हिलने लगी। उन्हें देख कर अली का जोश और बढ़ता जा रहा था। उधर सादिक अपना लन्ड मेरे मुंह में बार बार निकाल कर ऐसे घुसा रहा था जैसे मुंह मुंह नहीं बल्कि कोई चूत हो। वह भोसड़ी का मेरा मुंह ही चूत समझ कर चोदने लगा। लेकिन मुझे उसमे भी मज़ा आ रहा था। थोड़ी देर में दोनों ने अपनी अपनी जगह बदल ली। अब सादिक ने लन्ड मेरी बुर में ठोंक दिया और अली ने अपना लन्ड मेरे मुंह में। मुझे सादिक का लौड़ा भी चोदने में बड़ाअच्छा लगने लगा . मैंने कहा हाय राजा मुझे खूब चोदो। मैं तेरी बीवी हूँ यार मुझे चोदो। मुझे अली की बीवी की तरह चोदो। हाय रे तेरा लन्ड तो बड़ा मज़ा दे रहा है। तू तो बुर चोदने में बड़ा मस्त है यार। एक बात मैं महसूस कर रही थी दो दो लन्ड से चुदवाने का मज़ा कुछ और ही होता है। मैं भी बुर चोदी बिलकुल रंडी हो गयी।
थोड़ी देर में दोनों ने मुझे पीछे से भी चोदा जिसे डॉगी स्टाइल कहते हैं। मैं भी कुतिया की तरह चुदवाने लगी। पीछे से चुदाने में पता नहीं चलता की किसका लन्ड घुसा हुआ है। कभीअली अपना लन्ड घुसा देता तो कभी सादिक। कुतिया भी बुर चोदी इसी तरह चुदवाती है। उसे इस बात से कोई सरोकार नहीं की कौन मुझे चोद रहा है ? और इसी गफलत में जाने कितने कुत्ते कुतिया की बुर चोद डालते हैं। यही हाल उन बीवियों का होता है जो ग्रुप में पराये मर्दों से चुदवाती हैं। पीछे से उसे कितने मरद अपना अपना लन्ड घुसेड़ कर चोदते रहतें है उसे कुछ पता ही नहीं चलता ? उन दोनों ने मुझे रात में दो बार चोदा और फिर वो कमरे के बाहर चले गए। सुबह करीब ५ बजे नन्द मेरे कमरे में आयी और बोली कैसी भाभी तेरी चुदाई ? मैंने कहा बहुत अच्छी हुई मेरी चूत की चुदाई। लन्ड दोनों बहन चोद बड़े जबरदस्त थे यार। मैं इसके लिए तेरा शुक्रिया अदा करती हूँ।
वह बोली अब चलो भाभी मैं तुम्हे एक मसालेदार चीज दिखाती हूँ। वह मुझे मेरी सास के कमरे के पास ले गयी। मुझसे कहा है। अब तुम खुद ज़रा अंदर झाँक कर देखो। मैंने झाँक कर देखने लगी तो हैरान हो गयी। मैंने देखा की मेरी सास एकदम नंगी नंगी किसी मरद का लन्ड चूस रहीं हैं। यह तो पक्का था की वह मरद मेरा ससुर नहीं था। हां लन्ड उसका बहुत मोटा तगड़ा था। मैं तो उसके लन्ड पर ही मर मिटी। नन्द बोली भाभी जानती हो ये किसका लन्ड है ? ये लन्ड मेरे ससुर का है जिसे मेरी अम्मी बड़ी मस्ती से चूस रही हैं। अभी देखना यही लन्ड वह अपने भोसड़ा में पेलेगी और धकाधक चुदवायेगी। अरे भाभी यह मेरी माँ चोदने वाले बहुत हैं। मैंने कहा कुछ भी हो यार सलमा मुझे तेरे ससुर का लन्ड पसंद आ गया। उसने कहा भाभी चिंता न करो। मेरा ससुर मादरचोद अभी मेरी भी बुर लेगा और तुम्हारी भी। वो बिना तुम्हे चोदे जायेगा नहीं यहाँ से। वो तो साला अपनी बिटिया की भी बुर चोदता है। यह बात खुद उसकी बेटी ने यानी मेरी नन्द ने मुझे बताई। मेरी नन्द भी माँ की लौड़ी बड़ी मस्त है चुदाने में।
उसी रात को अचानक सलमा के ससुरका दोस्त आ गया। जब मुझे पता चला तो मैंने सलमा से कहा अरे यार ये साला चूतिया क्यों आ गया। अब तो इसने हमारा प्लान ही चौपट कर दिया। सलमा मुस्कराकर बोली सुनो भाभी अगर ये साला भोसड़ी का रात को रुक तो फिर मैं चोद डालूँगी इसका लन्ड ? मैं झांट न ससुर की परवाह करूंगी और न अम्मी की ? लन्ड अगर मुझे अच्छा लगा तो मैं तेरी भी चूत में पेलूंगी भाभी ? ख़ैर किसी तरह रात हुई । सलमा की बातों से मेरी चूत में आग लग ही चुकी थी। मैं तो लन्ड के लिए छटपटा रही थी। तभी सलमा एक आदमी को लेकर मेरे कमरे में। वह बोली लो भाभी मिलो मेरे ससुर से। यही है जो कल रात को मेरी माँ चोद रहा था ? इसका साला लन्ड बड़ा हरामी है भाभी ? सलमा की इस तरह भी बातें सुनकर मुझे मालूम हो गया की वह भोसड़ी वाली दनादन अपने ससुर से चुदवाती है। कल इसने अपनी माँ चुदवाई और आज अपनी भाभी की बुर में पेलेगी अपने ससुर का लन्ड ?
मैं भी मस्त हो गयी और हाथ बढाकर पकड़ लिया उसका लन्ड। भाभी ने पहले अपने ससुर को मेरे आगे बिलकुल नंगा कर दिया और फिर मुझे भी उसके आगे बिलकुल नंगी कर दिया। मैं उसका लन्ड चाटने लगी और वह मेरी बुर। हम दोनों फटाक से 69 बन गये। बस दस मिनट के बाद वह फिर मेरे कमरे में आ अंदर आ गयी। इस बार वह भी पूरी तरह नंगी थी। और उसके हाथ में था उसके ससुर के दोस्त का नंगा लन्ड। उसने मुझे लन्ड दिखाया और बोली लो भाभी यह भी लन्ड देखो। ये मादर चोद मेरी सास की भोसड़ा में आता जाता है। मैंने कहा हाय दईया इसका मतलब तेरा ससुर अपने दोस्त की बीवी चोदता है और इसका दोस्त इसकी बीवी चोदता है। साले बहुत बड़े ऐय्याश हैं। सलमा बोली भाभी इसलिए मैं भी बहुत बड़ी ऐय्याश हूँ और बहुत बड़ी बुर चोदी हूँ। मुझे लन्ड चोदने में बड़ा मज़ा आता है. मैं इसका लन्ड चोदती हूँ और इसके दोस्तों के भी लन्ड चोदती हूँ।
हम दोनों मस्ती से अपना अपना लन्ड चूसने लगीं। जब लन्ड जब पूरे ताव आ गया तबमैंने कहा हाय सलमा तेरे ससुर का लन्ड ८१/२" से कम नहीं है यार। वह बोली हाय भाभी तुमने सही कहा। मैंने एक दिन इसका लन्ड नाप कर देखा था। एकदम ८१/२ " का ही निकला था। पर तुमने बिना नापे कैसे बता दिया भाभी ? मैंने कहा अरे यार मैंने अपने हाथ से कई लड़कों के लन्ड नापें हैं। मुझे लन्ड का साइज लेने की बड़ी आदत थी। मैं अपनी एक गुप्त डायरी में लड़कों के लन्ड की लम्बाई चौड़ाई और मोटाई लिखा करती थी। वह डायरी मेरे पास आज भी है। अब तो हाल यह है की मेरी उंगलियां ही लन्ड के साइज का पता लगा लेती हैं। मेरी गन्दी गन्दी बातें सुनकर उसका लन्ड और तन गया फिर उसने घुसेड़ दिया लन्ड मेरी चूत में। मेरे मुंह से निकला उई माँ फाड़ डाला मेरी चूत इस भोसड़ी वाले ने ? उधर सलमा भी लन्ड पेलवा पर चुदवाने लगी। आज पहली बार हम दोनों एक साथ चुदवा रही थीं।
इतने में अचानक मेरी सास आ गयीं। हालांकि उसे आना नहीं था। उसने कहा था की मैं सवेरे आऊंगी लेकिन आ गयी रात में ही।
आते ही उसने जब हमारी चुदाई का नज़ारा देखा तो बोली - अरे सलमा तेरी माँ चूत ? तू तो बहन चोद बड़ी छुपी रुस्तम निकली। तूने मुझे इस चुदाई के बारे में बताया नहीं ? अगर बताया होता तो मैं क्यों बाहर जाती ?
सलमा बोली - तो क्या तुम बाहर चुदवाने गयी थी किसी से अम्मी ?
नहीं मैं चुदवाने तो नहीं गयी थी लेकिन चुदवाकर आ रही हूँ। हुआ यह की मैं दोस्त के घर पहुंची तो वह घर पर नहीं थी। शौहर अपने दोस्त के साथ बैठा था। मैं कभी कभी उसके शौहर से चुदवा लेती हूँ। वह बोला भाभी ये मेरा दोस्त है इससे कुछ भी छिपाने की जरुरत नहीं हैं। मैं इसकी बीवी चोदता हूँ और यह मेरी बीवी चोदता है। आज जब यह मेरी बीवी चोदना आया तो मेरी बीवी घर पर नहीं है। अब देखो न खुदा की मेहरवानी उसने तुम्हे भेज दिया, भाभी। तो भाभी प्लीज आज तुम मेरे दोस्त से चुदवा लो। बस मैं उसे मना न कर सकी। मैंने हाथ बढ़ाकर उसका लन्ड पकड़ लिया। उसका लन्ड पकड़ते ही मेरे बदन की आग भड़क उठी। फिर मैंने उसी के सामने उसके दोस्त से खूब मस्ती से चुदवाया।
इधर मस्ती के मारे सलमा के ससुर का लन्ड मेरी चूत से बार बार फिशल कर बाहर आ रहा था। सास ने पकड़ कर मेरी चूत में घुसाने लगी। जितनी बार वह बाहर आता सास उसे अंदर ठेल देती। मैं जान गयी मेरी सास हमारी चुदाई में पूरा सहयोग कर रहीं हैं। मैंने सोंच लिया की मैं चूत में पेला करूंगी। मैंने कहा सासू जी तेरी बेटी तो चुदाने में बड़ी अव्वल है।
वह बोली तेरी नन्द बुर चोदी अपनी माँ भी इतनी ही मस्ती से चुदवाती है। बड़ी हरामजादी है भोसड़ी की तेरी नन्द, बहू।
तब तक सलमा बोली अरे भाभी तेरी सास बड़ी चालू है बेटी चोद ? इसे तो चुदाई के खेल में मुझसे ज्यादा मज़ा आता है। अब तुम भी इसके साथ खूब मज़ा लेना।
फिर दूसरी पारी में मेरी सास ने भी हमारे सामने उन दोनों से चुदवाया। इसका यह फायद हुआ की मैं चुदाई के मामले में अपनी सास से गयी।
अगले दिन सवेरे सवेरे हम तीनो बैठ कर हंसी मजाक करने लगीं।
सास बोली :- बहू, तेरी नन्द की माँ का भोसड़ा।
नन्द बोली :- भाभी, तेरी सास की बिटिया की बुर।
मैंने कहा :- नन्द रानी, तेरी माँ की बहू की चूत।
हम सब खूब खिलखिलाकर हंसने लगीं।
मैं जब अपने माईकेआयी तो सारा किस्सा सुनाया। वह यह जानकार बहुत खुश हुई की मैं अपनी सास और नन्द के सामने खुलकर पराये मर्दों से खूब चुदवाने लगीं हूँ। उसने मेरे गाल थपथपाये और बोली बेटी खुदा करे की तुम इसी तरह जवानी का मज़ा लूटती रहो।
बेटी, सच बात बताऊँ ? अपने मरद से चुदवाया तो क्या चुदवाया ? चुदवाना है तो ग़ैर मर्दों से चुदवाओ फिर देखो चुदाई का असली मज़ा ? बेटी एक बात याद रखों की किसी भी औरत का मन एक लन्ड से कभी नहीं भरता ? जब तक वह ३/४ ग़ैर मर्दों से नहीं चुदवा लेती तब तक वह चुपचाप नहीं बैठती। अब तेरी शादी हो चुकी है। तुझे भी ग़ैर मर्दों से चुदवाना शुरू कर देना चाहिए। पहले अपने ससुराल वाले मर्दों पर हमला बोलो। एक एक करके सबके लन्ड पकड़ो, लन्ड चाटो, लन्ड चूसो, लन्ड मुंह में डालो और बार बार अंदर बाहर करो तब वह खुद ही लन्ड तेरी चूत में पेल देगा ? एक बात और याद रखो, बेटी की लन्ड का स्वाभाव होता है किसी न किसी बिल में घुसना। वह जब खड़ा होता है तो कहीं घुसने की कोशिश करने लगता है और घुसने के लिए उसे चूत से बढ़िया कोई और जगह नहीं मिलती। या तो मुंह में घुसेगा या फिर चूत में ? उसी तरह जब चूत गरम हो जाती है तो वह लन्ड अपने अंदर जल्दी से जल्दी घुसेड़ना चाहती है। न लन्ड को बिना चूत के चैन मिलता है और न चूत को बिना लन्ड के ? दोनों एक दूसरे के बगैर नहीं रह सकते। इसलिए चूत को जहाँ भी लन्ड मिले उसे ले लेना चाहिए और लन्ड को जहाँ चूत मिले वहां लन्ड घुसेड़ देना चाहिए। इसमें कोई शर्म करने की जरुरत नहीं है बेटी। देखो बेटी ये जवानी बुर चोदी थोड़े ही दिनों की होती है। जवानी कब ख़तम हो जाती है इस बात का पता ही नहीं चलता। अगर जवानी में कुछ नहीं किया तो सारी ज़िन्दगी पछताना पड़ता है। तो बेटी कोई पछताने का मौक़ा न आये इसलिए मैं कह रही हूँ की तू गैर मर्दों से चुदवाना शुरू कर दे। मैं भी अगर केवल तेरे अब्बू के सहारे रहती तो जवानी का मज़ा न लूट पाती। मैंने वाकई कई मर्दों से खुलकर चुदवाया है और आज भी चुदवाती हूँ इसलिए मुझे पछताने की कोई जरुरत नहीं हैं। मैंने तो अल्ला के घर जाऊंगी तो भी कहूँगी अल्ला तूने मुझे चूत दी थी अब देखो मैं अपनी चूत का कितना इस्तेमाल कर के आयी हूँ। मैंने अपनी चूत का समय बरबाद नहीं किया। बल्कि इसमें लन्ड पे लन्ड पेलती रही।
अम्मी की बातें मेरे दिमाग में अच्छी तरह बैठ गयीं। मेरा नाम फरहा है. मेरी शादीअभी हाल में ही हुई है। मैंने भी अनुभव किया की अम्मी सच कह रहीं हैं क्योंकि मुझे अपनी सुहागरात में वो मज़ा नहीं आया जो आना चाहये। मैंने जब अपने शौहर से चुदवाया तो अच्छी तरह नहीं चुदवा पायी। वह साला पहले ही खलास हो गया और मैं चुदासी ही रह गयी। मैं वहीँ सोंचने लगी की अगर एक लन्ड और होता तो मज़ा आता ? यह बात मेरी नन्द सलमा को मालूम हो गयी। उसने सवेरे ही मुझसे कहा भाभी मैं जानती हूँ की तुम चुदासी रह गयी हो। पर तुम चिंता न करो मैं तेरी चूत का ख्याल रखूंगी। उसकी बातों से मुझे लगा की वह मेरे लिए कुछ न कुछ करेगी। मैं फिलहाल उसी के सहारे हूँ। सुहागरात के दो दिन बाद मैं माईके आ गयी और अभी आजकल में वापस ससुराल जाना है। वहां जाकर मैं ग़ैर मर्दों के लन्ड की तलास करूंगी। शादी के पहले तो कई लन्ड का मज़ा लेती थी और शादी के बाद लन्ड की कमी महसूस हो रही है।
मैं जब ससुराल पहुंची तो मेरी नन्द सलमा बड़ी खुश हो गयी। वह भी उसी दिन अपने देवर के साथ अपने माईके आयी थी। उसका देवर अली मुझसे मिला और मैं उस पर मोहित हो गयी। मुझे लगा की अगर इसका लन्ड मुझे मिल जाए तो मज़ा आ जाये। मैं उससे हंस हंस कर बातें करने लगी । मेरी नन्द ने मुझे देखा भी लेकिन कोई ख़ास ध्यान नहीं दिया। रात में करीब ११ बजे वह मेरे कमरे में आयी और बोली हां भाभी मैं समझ रही हूँ कि तुम क्या बीत रही है ? सब्र करोअब ठीक हो जायगा। ये तेरी बुर चोदी नन्द तेरे लिए कुछ करेगी। वह चली गयी और आधे घंटे के बाद वह फिर आयी। इस बार वह नए अंदाज़ में थी। उसकी चूंचियां एकदम नंगी थी। उसके दोनों हाथ में टन टनाते हुए लन्ड थे। लन्ड देख कर मेरे मुंह में पानी आ गया। मेरी चूत मचल उठी। एक तो उसका देवर अली ही था। आते ही वह बोली भाभी जान, लो पकड़ो ये है मेरे देवरअली का लन्ड ? और ये है उसके दोस्त सादिक का लन्ड ? ये दोनों लन्ड आज रात भर के लिए मैं तुम्हे देती हूँ। उसने मुझे दोनों लन्ड पकड़ा दिया और फिर मेरे कपड़े उतारने लगी। मैं पल भर में ही नंगी हो गयी।
मुझे नंगी देख कर लन्ड और तन कर हिनहिनाने लगे। मुझे उन पर प्यार आ गया और मैं दोनों लन्ड बारी बारी से चाटने लगी। जब वह जाने लगी तो मैंने कहा अरे तुम कहाँ जा रही हो भोसड़ी की सलमा। अपनी माँ चुदाने जा रही हो तुम ? वह बोली अरे भाभी मैं किसी और का लन्ड चूसने जा रही हूँ। आज रात भर मैं उसी से चुदवाऊँगी। मैं सोफा पर बैठ गयी। मेरी एक तरफ अली और दूसरी तरफ सादिक बैठ गया। मैं दोनों हाथों से लन्ड सहलाने लगी और झुक झुक कर दोनों लन्ड बारी बारी से चाटने चूसने लगी। वो भी मेरी एक एक चूंची दबा दबा कर चूमने चाटने लगे। मेरे मन में आया की कहाँ मैं एक लन्ड के लिए तरस रही थी और कहाँ अभी मेरे दोनों हाथ में लन्ड हैं। मैं अपने आपको बड़ी नसीबवाला मानने लगी। तब तक उन्होंने मुझे चित बेड पर लिटा दिया। अली मेरी चूत चाटने लगा और मैं उसका लन्ड सहलाने लगी। उधर सादिक ने लन्ड मेरे मुंह में घुसेड़ दिया। मुझे तीन तरफ से मज़ा मिलने लगा। मेरे हाथ में अली का लन्ड। मेरी चूत में अली जी जबान और मेरे मुंह में सादिक का लन्ड। मैं मद होश होने लगी।
लन्ड दोनों लगभग ८" के थे और मोटे भी थे। मैंने मस्ती में पूंछा अली तुम अपनी भाभी की बुर लेते हो ? वह बोला हां खूब लेता हूँ। मुझे सलमा भाभी की बुर बहुत पसंद है। सलमा भाभी मेरा लन्ड खूब चूसती हैं। कभी कभी वह लन्ड चूसती ही रहतीं हैं और चुदवाती नहीं। मैं फिर उसके मुंह में ही झड़ जाता हूँ और फिर भाभी मेरा लन्ड पीने लगती हैं। मैंने पूंछा तेरी दोस्ती सादिक से कैसे हुई ? वह बोला अरे भाभी एक दिन सादिक ने मुझसे कहा यार आज तुम मेरी बीवी चोदो। उसकी शादी हुए अभी एक महीना ही हुआ था. उस दिन मैं सादिक और उसकी बीवी बैठे हुए शराब पी रहे थे। जब सादिक ने कहा मेरी बीवी चोदो तो मैं थोड़ा झिझकने लगा। तब इसकी बीवी बोली अरे अली भाई जान तुम झिझक क्यों रहे हो ? जब मेरा शौहर तुमसे अपनी बीवी चुदवाना चाहता है तो फिर चोदो उसकी बीवी। ऐसा कह कर उसने खुद मेरा लन्ड पकड़ लिया भाभी। मैं उसी दिन से इसकी बीवी चोदने लगा। अब जब मेरी शादी होगी तो ये मेरी बीवी चोदेगा।
ऐसा कहते कहते अली ने लन्ड मेरी चूत में घुसा दिया और मुझे अपनी भाभी की तरह गचर गचर चोदने लगा। मैं चित लेटी थी तो मेरी चूंचियां हिलने लगी। उन्हें देख कर अली का जोश और बढ़ता जा रहा था। उधर सादिक अपना लन्ड मेरे मुंह में बार बार निकाल कर ऐसे घुसा रहा था जैसे मुंह मुंह नहीं बल्कि कोई चूत हो। वह भोसड़ी का मेरा मुंह ही चूत समझ कर चोदने लगा। लेकिन मुझे उसमे भी मज़ा आ रहा था। थोड़ी देर में दोनों ने अपनी अपनी जगह बदल ली। अब सादिक ने लन्ड मेरी बुर में ठोंक दिया और अली ने अपना लन्ड मेरे मुंह में। मुझे सादिक का लौड़ा भी चोदने में बड़ाअच्छा लगने लगा . मैंने कहा हाय राजा मुझे खूब चोदो। मैं तेरी बीवी हूँ यार मुझे चोदो। मुझे अली की बीवी की तरह चोदो। हाय रे तेरा लन्ड तो बड़ा मज़ा दे रहा है। तू तो बुर चोदने में बड़ा मस्त है यार। एक बात मैं महसूस कर रही थी दो दो लन्ड से चुदवाने का मज़ा कुछ और ही होता है। मैं भी बुर चोदी बिलकुल रंडी हो गयी।
थोड़ी देर में दोनों ने मुझे पीछे से भी चोदा जिसे डॉगी स्टाइल कहते हैं। मैं भी कुतिया की तरह चुदवाने लगी। पीछे से चुदाने में पता नहीं चलता की किसका लन्ड घुसा हुआ है। कभीअली अपना लन्ड घुसा देता तो कभी सादिक। कुतिया भी बुर चोदी इसी तरह चुदवाती है। उसे इस बात से कोई सरोकार नहीं की कौन मुझे चोद रहा है ? और इसी गफलत में जाने कितने कुत्ते कुतिया की बुर चोद डालते हैं। यही हाल उन बीवियों का होता है जो ग्रुप में पराये मर्दों से चुदवाती हैं। पीछे से उसे कितने मरद अपना अपना लन्ड घुसेड़ कर चोदते रहतें है उसे कुछ पता ही नहीं चलता ? उन दोनों ने मुझे रात में दो बार चोदा और फिर वो कमरे के बाहर चले गए। सुबह करीब ५ बजे नन्द मेरे कमरे में आयी और बोली कैसी भाभी तेरी चुदाई ? मैंने कहा बहुत अच्छी हुई मेरी चूत की चुदाई। लन्ड दोनों बहन चोद बड़े जबरदस्त थे यार। मैं इसके लिए तेरा शुक्रिया अदा करती हूँ।
वह बोली अब चलो भाभी मैं तुम्हे एक मसालेदार चीज दिखाती हूँ। वह मुझे मेरी सास के कमरे के पास ले गयी। मुझसे कहा है। अब तुम खुद ज़रा अंदर झाँक कर देखो। मैंने झाँक कर देखने लगी तो हैरान हो गयी। मैंने देखा की मेरी सास एकदम नंगी नंगी किसी मरद का लन्ड चूस रहीं हैं। यह तो पक्का था की वह मरद मेरा ससुर नहीं था। हां लन्ड उसका बहुत मोटा तगड़ा था। मैं तो उसके लन्ड पर ही मर मिटी। नन्द बोली भाभी जानती हो ये किसका लन्ड है ? ये लन्ड मेरे ससुर का है जिसे मेरी अम्मी बड़ी मस्ती से चूस रही हैं। अभी देखना यही लन्ड वह अपने भोसड़ा में पेलेगी और धकाधक चुदवायेगी। अरे भाभी यह मेरी माँ चोदने वाले बहुत हैं। मैंने कहा कुछ भी हो यार सलमा मुझे तेरे ससुर का लन्ड पसंद आ गया। उसने कहा भाभी चिंता न करो। मेरा ससुर मादरचोद अभी मेरी भी बुर लेगा और तुम्हारी भी। वो बिना तुम्हे चोदे जायेगा नहीं यहाँ से। वो तो साला अपनी बिटिया की भी बुर चोदता है। यह बात खुद उसकी बेटी ने यानी मेरी नन्द ने मुझे बताई। मेरी नन्द भी माँ की लौड़ी बड़ी मस्त है चुदाने में।
उसी रात को अचानक सलमा के ससुरका दोस्त आ गया। जब मुझे पता चला तो मैंने सलमा से कहा अरे यार ये साला चूतिया क्यों आ गया। अब तो इसने हमारा प्लान ही चौपट कर दिया। सलमा मुस्कराकर बोली सुनो भाभी अगर ये साला भोसड़ी का रात को रुक तो फिर मैं चोद डालूँगी इसका लन्ड ? मैं झांट न ससुर की परवाह करूंगी और न अम्मी की ? लन्ड अगर मुझे अच्छा लगा तो मैं तेरी भी चूत में पेलूंगी भाभी ? ख़ैर किसी तरह रात हुई । सलमा की बातों से मेरी चूत में आग लग ही चुकी थी। मैं तो लन्ड के लिए छटपटा रही थी। तभी सलमा एक आदमी को लेकर मेरे कमरे में। वह बोली लो भाभी मिलो मेरे ससुर से। यही है जो कल रात को मेरी माँ चोद रहा था ? इसका साला लन्ड बड़ा हरामी है भाभी ? सलमा की इस तरह भी बातें सुनकर मुझे मालूम हो गया की वह भोसड़ी वाली दनादन अपने ससुर से चुदवाती है। कल इसने अपनी माँ चुदवाई और आज अपनी भाभी की बुर में पेलेगी अपने ससुर का लन्ड ?
मैं भी मस्त हो गयी और हाथ बढाकर पकड़ लिया उसका लन्ड। भाभी ने पहले अपने ससुर को मेरे आगे बिलकुल नंगा कर दिया और फिर मुझे भी उसके आगे बिलकुल नंगी कर दिया। मैं उसका लन्ड चाटने लगी और वह मेरी बुर। हम दोनों फटाक से 69 बन गये। बस दस मिनट के बाद वह फिर मेरे कमरे में आ अंदर आ गयी। इस बार वह भी पूरी तरह नंगी थी। और उसके हाथ में था उसके ससुर के दोस्त का नंगा लन्ड। उसने मुझे लन्ड दिखाया और बोली लो भाभी यह भी लन्ड देखो। ये मादर चोद मेरी सास की भोसड़ा में आता जाता है। मैंने कहा हाय दईया इसका मतलब तेरा ससुर अपने दोस्त की बीवी चोदता है और इसका दोस्त इसकी बीवी चोदता है। साले बहुत बड़े ऐय्याश हैं। सलमा बोली भाभी इसलिए मैं भी बहुत बड़ी ऐय्याश हूँ और बहुत बड़ी बुर चोदी हूँ। मुझे लन्ड चोदने में बड़ा मज़ा आता है. मैं इसका लन्ड चोदती हूँ और इसके दोस्तों के भी लन्ड चोदती हूँ।
हम दोनों मस्ती से अपना अपना लन्ड चूसने लगीं। जब लन्ड जब पूरे ताव आ गया तबमैंने कहा हाय सलमा तेरे ससुर का लन्ड ८१/२" से कम नहीं है यार। वह बोली हाय भाभी तुमने सही कहा। मैंने एक दिन इसका लन्ड नाप कर देखा था। एकदम ८१/२ " का ही निकला था। पर तुमने बिना नापे कैसे बता दिया भाभी ? मैंने कहा अरे यार मैंने अपने हाथ से कई लड़कों के लन्ड नापें हैं। मुझे लन्ड का साइज लेने की बड़ी आदत थी। मैं अपनी एक गुप्त डायरी में लड़कों के लन्ड की लम्बाई चौड़ाई और मोटाई लिखा करती थी। वह डायरी मेरे पास आज भी है। अब तो हाल यह है की मेरी उंगलियां ही लन्ड के साइज का पता लगा लेती हैं। मेरी गन्दी गन्दी बातें सुनकर उसका लन्ड और तन गया फिर उसने घुसेड़ दिया लन्ड मेरी चूत में। मेरे मुंह से निकला उई माँ फाड़ डाला मेरी चूत इस भोसड़ी वाले ने ? उधर सलमा भी लन्ड पेलवा पर चुदवाने लगी। आज पहली बार हम दोनों एक साथ चुदवा रही थीं।
इतने में अचानक मेरी सास आ गयीं। हालांकि उसे आना नहीं था। उसने कहा था की मैं सवेरे आऊंगी लेकिन आ गयी रात में ही।
आते ही उसने जब हमारी चुदाई का नज़ारा देखा तो बोली - अरे सलमा तेरी माँ चूत ? तू तो बहन चोद बड़ी छुपी रुस्तम निकली। तूने मुझे इस चुदाई के बारे में बताया नहीं ? अगर बताया होता तो मैं क्यों बाहर जाती ?
सलमा बोली - तो क्या तुम बाहर चुदवाने गयी थी किसी से अम्मी ?
नहीं मैं चुदवाने तो नहीं गयी थी लेकिन चुदवाकर आ रही हूँ। हुआ यह की मैं दोस्त के घर पहुंची तो वह घर पर नहीं थी। शौहर अपने दोस्त के साथ बैठा था। मैं कभी कभी उसके शौहर से चुदवा लेती हूँ। वह बोला भाभी ये मेरा दोस्त है इससे कुछ भी छिपाने की जरुरत नहीं हैं। मैं इसकी बीवी चोदता हूँ और यह मेरी बीवी चोदता है। आज जब यह मेरी बीवी चोदना आया तो मेरी बीवी घर पर नहीं है। अब देखो न खुदा की मेहरवानी उसने तुम्हे भेज दिया, भाभी। तो भाभी प्लीज आज तुम मेरे दोस्त से चुदवा लो। बस मैं उसे मना न कर सकी। मैंने हाथ बढ़ाकर उसका लन्ड पकड़ लिया। उसका लन्ड पकड़ते ही मेरे बदन की आग भड़क उठी। फिर मैंने उसी के सामने उसके दोस्त से खूब मस्ती से चुदवाया।
इधर मस्ती के मारे सलमा के ससुर का लन्ड मेरी चूत से बार बार फिशल कर बाहर आ रहा था। सास ने पकड़ कर मेरी चूत में घुसाने लगी। जितनी बार वह बाहर आता सास उसे अंदर ठेल देती। मैं जान गयी मेरी सास हमारी चुदाई में पूरा सहयोग कर रहीं हैं। मैंने सोंच लिया की मैं चूत में पेला करूंगी। मैंने कहा सासू जी तेरी बेटी तो चुदाने में बड़ी अव्वल है।
वह बोली तेरी नन्द बुर चोदी अपनी माँ भी इतनी ही मस्ती से चुदवाती है। बड़ी हरामजादी है भोसड़ी की तेरी नन्द, बहू।
तब तक सलमा बोली अरे भाभी तेरी सास बड़ी चालू है बेटी चोद ? इसे तो चुदाई के खेल में मुझसे ज्यादा मज़ा आता है। अब तुम भी इसके साथ खूब मज़ा लेना।
फिर दूसरी पारी में मेरी सास ने भी हमारे सामने उन दोनों से चुदवाया। इसका यह फायद हुआ की मैं चुदाई के मामले में अपनी सास से गयी।
अगले दिन सवेरे सवेरे हम तीनो बैठ कर हंसी मजाक करने लगीं।
सास बोली :- बहू, तेरी नन्द की माँ का भोसड़ा।
नन्द बोली :- भाभी, तेरी सास की बिटिया की बुर।
मैंने कहा :- नन्द रानी, तेरी माँ की बहू की चूत।
हम सब खूब खिलखिलाकर हंसने लगीं।
मैं जब अपने माईकेआयी तो सारा किस्सा सुनाया। वह यह जानकार बहुत खुश हुई की मैं अपनी सास और नन्द के सामने खुलकर पराये मर्दों से खूब चुदवाने लगीं हूँ। उसने मेरे गाल थपथपाये और बोली बेटी खुदा करे की तुम इसी तरह जवानी का मज़ा लूटती रहो।
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