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आज तुम मेरे सामने अपनी भाभी की बुर ले लो - Mere samne apni bhabhi ki chudai karo
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एक सर्वे में मैंने पूंछा की आपको 'लन्ड' कहना अच्छा लगता है की 'लौड़ा' ? अधिकतर लोगों ने जबाब दिया - 'लन्ड'। इसी तरह मैंने पूंछा की आपको 'बुर' कहना अच्छा लगता है की 'चूत' ? अधिकतर लोगों ने कहा 'चूत' ? प्लीज आप इसी तरह सर्वे में भाग लेते रहें इससे मुझे आपके मन की कहानी लिखने में मदद मिलती है।
एक दिन मैं अम्मी के साथ बैठी थीं। हम दोनों बातें कर रहीं थीं। बातें भी बड़ी मसालेदार हो रहीं थीं क्योंकि मैं अम्मी से पूरी तरह खुली हुई थी। हम दोनों किसी भी तरह की बातें कर लेतीं थीं। अचानक हमारे सामने मेरा देवर आ गया। अम्मी उससे बात चीत करने लगी। मेरा देवर भी बड़ा क्यूट था। अम्मी ने पहले तो उससे इधर उधर की बातें की, हाल चाल की जानकारी ली और फिर बड़े प्यार से पूंछा बेटा, तूने कभी अपनी भाभी की बुर ली है ? वह थोड़ा शर्मा गया और आँख नीची करके बैठा रहा, कुछ बोला नहीं। अम्मी ने फिर कहा बेटा, अच्छा चलो नहीं ली तो कोई बात नहीं। आज तुम मेरे सामने अपनी भाभी की बुर ले लो।
अम्मी की ये बातें सुनकर मैं तो सन्न रह गयी और उसका मुंह ही देखती रही। मैंने कहा अरे अम्मी ये तुम क्या कह रही हो ? वो बिचारा सीधा शादा लड़का उससे ऐसे सवाल क्यों कर रही हो ? अम्मी बोली अच्छा ये साला तेरा देवर २२ साल का हो गया है। जवान हो गया है। माना की यह सीधा शादा है पर इसका लन्ड तो सीधा शादा नहीं है, बेटी। मैं जानती हूँ की इसका लन्ड साला बड़ा हरामी हो गया है । हर जवान लड़के का लन्ड हरामी हो ही जाता है। और ऐसी उम्र में लन्ड साला कभी कभी अपने आप बिना मतलब खड़ा हो जाता है। यहाँ तो मैं जब चोदने चुदाने की बात कर रही हूँ तो लन्ड इसका जरूर खड़ा होगा, बेटी। यह बात सही भी थी क्योंकि अपनी भाभी की बुर सुनकर उसका लन्ड खड़ा हो गया था । अम्मी ने कहा बेटी, तुम्हे अगर यकीन न हो तो पकड़ कर देख लो लन्ड । अगर खड़ा है तो इसका मतलब वह अपनी भाभी की बुर लेना चाहता है ? मैं यही तो कह रही हूँ। मैंने देवर के पैजामे के ऊपर से उसका लन्ड टटोला तो अम्मी की बात सही निकली। मैंने कहा हाय दईया लन्ड तो वाकई खड़ा है इसका, अम्मी ?
अम्मी ने कहा मैं यही तो कह रही थी। अब तो ये तेरा देवर बहन चोद पहले अपनी भाभी की बुर चोदेगा और फिर चोदेगा अपनी भाभी की माँ का भोसड़ा ?
थोड़ी देर में मेरे मामू का लड़का असद आ गया। मैं उससे बातें करने लगी और बातों बातों में ही मैं पूंछ बैठी - असद तूने कभी अपनी फूफी की बुर ली है ? वह बोला अरे दीदी यह आप क्या पूंछ रही हैं ? मैंने कहा सच सच बताओ शर्माने की जरुरत नहीं है। यहाँ कोई बाहर वाला नहीं है। वह बोला लिया तो नहीं है पर लेना चाहता हूँ। इतने में सब लोग हंस पड़े। वह फिर बोला मैं तो फूफी की बेटी की लेना चाहता हूँ। मैंने कहा हाय दईया तू मेरी बुर लेना चाहता है ? वह बोला हां बिलकुल, अब तो तुम्हारी शादी भी हो गयी है अब तो लेने में कोई शर्म नहीं है। मैंने मजाक में कहा अरे मेरे असद भोसड़ी के पहले मेरी माँ की ले लो फिर मेरी लेना ? अब देखो सौ की बात यह है की तूने मेरी माँ की ली हो चाहे न ली हो पर आज तुझे मेरे सामने ही अपनी फूफी की बुर लेना पड़ेगा । तुझे मेरे सामने अपना लन्ड इसकी बुर में पेलना होगा। पहले चोदो अपनी फूफी की बुर और फिर चोद लेना अपनी फूफी की बिटिया की बुर ?
अम्मी कहने लगी अरे मेरी माँ की लौड़ी अदीबा तू तो मुझसे भी आगे निकली जा रही है। मेरा देवर बसीर असद से मिला और दोनों ने दोस्ती कर ली। वास्तव में मैंने अभी तक अपने देवर का लन्ड नहीं देखा है लेकिन पकड़ कर देखने की बड़ी इच्छा थी। मौक़ा नहीं मिला नहीं तो मैं देखना क्या उससे चुदवा भी लेती। पर चलो आ ज तो मौक़ा मिल ही जायेगा। इसी तरह असद का लन्ड न मैंने कभी देखा और न अम्मी ने। इसलिए हम दोनों की नियत उसके लन्ड पर ख़राब हो गयी। इतने में मैं देवर का लन्ड टटोलने लगी और अम्मी असद का लन्ड ? हम दोनों की चूत में आग तो लग ही चुकी थी। मैं आगे बढ़ी और बसीर को अपनी बाहों में ले लिया। मैंने कहा आओ न मेरे देवर राजा आज चोद लो अपनी भाभी की बुर।
मैंने उसकी चुम्मी ली और उसे प्यार करने लगी। वह भी मेरे बदन पर हाथ फिराने लगा। मेरी चूंचियां उपोर से दबाने लगा और भी उसका लौड़ा टटोलने लगी। फिर उसने मेरे ब्लाऊज़ के अंदर हाथ डाला। मैंने कहा हाय दईया देवर जी मुझे नंगी कर दो न। फिर मजे से पकड़ो मेरी चूंचियां। वह मेरी बात मान गया और मेरे कपड़े एक एक करके उतारने लगा। मैंने भी उसका कुर्ता उतार दिया। उसकी नंगी छाती पर हाथ फिराने लगी। मुझे मर्दों की छाती के बाल बड़े अच्छे लगतें हैं। तब तक मेरी चूंचियां नंगी हो चुकी थीं। वह मेरी चूंचियां चूसने लगा। फिर उसने मेरे पेटीकोट का नाड़ा खोला तो पेटीकोट धड़ाम से नीचे गिर पड़ा। मेरी बुर चोदी बुर उसके आगे नंगी हो गयी। वह उसी पर हाथ फिराने लगा। मैं और जोश में आ गयी। मैंने उसका पैजामा खोला और लन्ड पकड़ कर हिलाने लगी। लन्ड साला बढ़ने लगा और लन्ड का टोपा बहन चोद फूलने लगा। मोटा हो गया लन्ड ?
मैंने देखा की उधर असद भी बहन चोद पूरा नंगा हो चुका था और अम्मी उसका लन्ड हिलाने में जुटीं थीं। मैंने देखा की उसका भी लन्ड बड़ा जबरदस्त है। मेरा दिल उसके लन्ड पर भी आ गया। मैंने मन में सोंचा की अपने देवर से चुदवाने के बाद मैं उससे भी चुदवाऊँगी। मैं यही सोंच कर बसीर का लन्ड चाटने लगी। उधर अम्मी असद के लन्ड का स्वाद लेने लगीं। अम्मी ने भी उधर से मेरे देवर का लन्ड देखा तो वह बोल पड़ी हाय अदीबा तेरे देवर का लन्ड तो बड़ा मोटा है यार। तेरी चूत की तो आज ईद हो जाएगी। तेरी चूत गपर गपर खायेगी इतना मस्ताना लन्ड ? मैंने कहा ईद तो मेरे भोसड़ा की भी होगी, ज़रीना बेगम ? आज तेरा भोसड़ा भी असद का मोटा तगड़ा लन्ड खायेगा। वह बोली तेरी माँ की चूत अदीबा तू तो बहुत हॉट बातें करती हैं। मेरे भोसड़ा की आग और भड़का दी तूने। तेरी बिटिया की चूत ज़रीना। तूने असद का लन्ड दिखा कर मेरी चूत की आग को ज्याला मुखी बना दिया। अब तो वह पहले अपनी फूफी की बुर चोदेगा।
इधर मेरा देवर मेरी चूत चाटने लगा और मैं उसका लन्ड पीने लगी। उधर असद ने लन्ड अम्मी की चूत पर टिका दिया और फिर धीरे से घुसा दिया अंदर। लन्ड साला पूरा घुस गया और वह चोदने लगा। उसे देख कर बसीर भी ठाव में आ गया। उसने भी लन्ड टिकाया मेरी चूत पर और धीरे धीरे गुसांई लगा जैसे इंजेक्शन घुसाया जाता है। लन्ड बड़ा टाइट लगा मुझे। कारन की लन्ड मोटा था और चूत का छेद छोटा। लेकिन उसने लन्ड पूरा घुसा ही दिया। मैं बोली हाय रे बसीर तेरा लन्ड घुस रहा है और मेरी चूत को मज़ा आ रहा है। वह भी कुत्ते की तरह मुझे चोदने लगा। बोला भाभी तेरी चूत चोदने में ज्यादा मज़ा आ रहा है। बड़ी भाभी को चोदने में इतना मज़ा नहीं आया। मैंने कहा भोसड़ी के तुम मेरी जेठानी की बुर लेते हो ? वह बोला नहीं भाभी वो देती है तो मैं ले लेता हूँ। मैं तो उसकी बहन की भी बुर चोदता हूँ। बहन की सहेलियों की भी चोदता हूँ चूत ?
उसकी बातें मुझे दीवाना बना रहीं थी और मैं चुदवाने में और मस्ती करने लगी। थोड़ी देर तक हम दोनों एक दूसरे को देख देख चुदवाने लगीं। फिर अम्मी बोली हाय अदीबा तू भोसड़ी की अपनी माँ चुदा रही है, बहन चोद ? सच सच बता क्या तूने कभी असद का लौड़ा लिया है अपनी चूत में ? मैंने कहा नहीं अम्मी मैंने इसे कभी नहीं चुदवाया। वह बोली तो फिर ले अब चुदवा। अम्मी असद का लन्ड मेरी चूत में घुसेड़ दिया और बसीर का लन्ड अपनी चूत में पेल लिया। वो मेरे देवर से चुदवाने लगी और मैं उसकी नन्द के लड़के से। मेरी नज़र तो असद के लन्ड पर पहले से ही थी। मैं तो मस्ती से अपनी गांड उठा उठा से भकाभक चुदवाने लगी। रंडी भी बुर चोदी ऐसे नहीं चुदवाती होगी। मैं चुदवाने में कोई कसर नहीं छोड़ती। हद से ज्यादा बेशरम हो जाती हूँ और खूब गन्दी गन्दी बातें बकने लगती हूँ। मैंने कहा अम्मी तेरी बिटिया की बुर ? भोसड़ी वाली देखो कैसे लन्ड खाती चली जा रही है। साली लन्ड खाने के लिए हमेशा मुंह खोले रहती है। तब तक अम्मी बोली और अदीबा तेरी माँ का भोसड़ा साला मादर चोद हमेशा चुदासा ही रहता है ?
कुछ दिन बाद मैं अपनी ससुराल चली गयी। मेरा देवर मेरे साथ था। वहां जाकर मैं लन्ड के फिराक में घूमने लगी। बसीर एक दिन बोला अदीबा भाभी एक बात कहूँ ? मैंने कहा हां कहो। तुम्हे पूंछने की क्या जरुरत है ? वह बोला भाभी मेरा एक दोस्त है। वह मेरा जिगरी दोस्त है। मैंने जब तुम्हारा ज़िकर उससे किया तो वह मचल उठा और बोला यार किसी दिन मुझे भी अपनी भाभी की बुर दिलवाओ। मैंने उससे हां कर दी भाभी। अब तुम मेरी बात रख लो प्लीज और एक दिन उससे भी चुदवा लो ? मैंने कहा इससे तुम्हारा क्या फायदा होगा बसीर ? वह बोला भाभी असली बात यह है की मैं उसके सामने उसकी बीवी चोदता हूँ। अब मेरी कोई बीवी तो है नहीं ? मैं चाहता हूँ की मैं आगे भी उसकी बीवी चोदता रहूँ। वह बड़ी मस्ती से चुदवाती है। उसे मेरा लन्ड पसंद है भाभी। बदले में वह मेरी भाभी चोदना चाहता है। मैंने पूंछा उसका लन्ड कैसा है ? बसीर ने बताया तुम खुद ही पकड़ कर देख लेना भाभी पर हां तुम्हे निराश नहीं होना पड़ेगा।
मैं उसकी बात मान गयी। तब वह रात को ११ बजे उसे मेरे कमरे में ले आया और बोला भाभी ये है मेरा दोस्त अज़ीम ? मैं उसे देख कर मस्त हो गयी क्योंकि वह गोरा चिट्टा और हैंडसम था। मैं तो एक गाउन पहने बैठी थी। मैंने उसे अपनी बाहों में ले लिया और उसके गाल चूम लिए। वह भी मेरे बदन पर हाथ फिराने लगा। उधर बसीर मेरा गाउन उतारने लगा। मेरी चूंचियां नंगी हुई तो दोनों एक एक चूंची चूसने लगे। तब तक मैंने बसीर का लन्ड पकड़ लिया। और अज़ीम को नंगा करने लगी। जब वह वह नंगा हुआ तो उसका लन्ड मेरे सामने आ गया। उसे देख कर मेरा मन खिल गया। क्योंकि उसका लन्ड बसीर के लन्ड से मोटा था। मैं अपने दोनों हाथों से दोनों लन्ड हिलाने लगी। लन्ड एक मिनट में तन कर खड़े हो गये। तब तक मैं भी पूरी तरह नंगी हो चुकी थी और वो दोनों भी नंगे। मैं दोनों चिकने लन्ड बारी बारी से चाटने लगी और साथ में मस्ताने पल्हड़ भी।
अज़ीम के लन्ड का चमचमाता हुआ अंडाकार सुपाड़ा मुझे बहुत खूबसूरत लग रहा था। मैं उसी को कुतिया की तरह चाटने लगी। उधर बसीर के पेल्हड़ चाटने लगी। वो दोनों कभी मेरी चूत कभी मेरी गाड़ कभी मेरे चूतड़ कभी मेरी चूंची सहलाने लगे। मेरी चूत की गर्मी बढ़ती जा रही थी। थोड़ी देर में मैंने अपनी चूत फैला दी और अज़ीम ने अपना लन्ड उसी पर टिका दिया। उसने लन्ड का सुपाड़ा रखा ही था की मेरे पूरे बदन में करेंट लग गया। उसने थोड़ा जोर लगाया तो लन्ड सांप के बिल की तरह अंदर घुसने लगा। मैं भी एक छिनार की तरह पराये मरद का लन्ड अपनी चूत में घुसवाने लगी। उसने २/३ बार लन्ड अंदर बाहर किया और फिर जल्दी जल्दी करते हुए चोदने लगा। मैं बोली हाय मेरे राजा अज़ीम तेरा लन्ड तो बहुत मोटा है यार। देखो न किस तरह मेरी चूत में कैसे चिपक कर घुस रहा है।
इधर मैं बसीर का लन्ड मुंह में लेकर चूसने लगी। वह बोला भाभी इसी तरह अज़ीम की बीवी भी मेरा लन्ड चूसती है। मैं बोली हाय अज़ीम खूब कस कस के चोदो मुझे। समझो की मैं बसीर की बीवी हूँ जो तेरी बीवी चोदता है। तू उसी का बदला ले ले मेरी बुर चोद कर ? मैं गचर गचर चुदवा रही थी। धच्च धच्च भच्च भच्च चपर चपर चप्प चप्प की आवाजें आ रही थी। थोड़ी देर में बसीर ने लन्ड पेल दिया चूत अज़ीम घूम कर लन्ड मेरे मुंह में डाल दिया। लन्ड की जगह बदली तो मज़ा भी बदल गया। मैं और मस्ती से चुदवाने लगी। कुछ देर तक ऐसा करते हुए मैं फिर पीछे से चुदवाने लगी। अचानक कमरे में मेरी जेठानी बुर चोदी आ गयी। वह बोली हाय दईया बसीर तू अपनी नयी भाभी की बुर ले रहा है। और हां तूने तो कभी अपने दोस्त का लन्ड मेरी चूत में पेला नहीं ? लेकिन मैं अपने दोस्त का लन्ड तेरी बहन की बुर में पेल कर आ रही हूँ।
मैंने कहा हाय जेठानी जीजी तुम अपनी नन्द की बुर चोद कर आ रही हो ? मैं भी उसकी बुर चोदूंगी। वह बोली हां हां अदीबा तुम भी उसकी बुर चोदो और उसकी माँ की भी बुर चोदो। ऐसा कह कर जेठानी भी मेरे साथ अज़ीम का लन्ड चाटने लगीं। मैंने जेठानी को भी अपनी चुदाई में शामिल कर लिया। मैंने देखा की जेठानी भी चुदवाने में बड़ी मस्त हैं। उसे भी लन्ड से उतना ही प्यार है जितना की मुझे। फिर रात भर न किसी ने चुदाना रोका और न किसी ने चोदना। हम तीनो मिलकर एक दूसरे की चूत में लन्ड घुसाते हुए चुदवाने लगीं और लेने लगीं जवानी का जम कर मज़ा ?
एक दिन मैंने घर में एक आदमी को देखा। मैं उसे पहचानती नहीं थी। वह आँगन में नहा रहा था। उसके बाद वह उठा और तौलिया पहनने लगा। जैसे उसने अपने नेकर खोल कर तौलिया लपेटने लगा तो उसके लन्ड की झलक मुझे मिल गयी। उसने जल्दी में दुबारा फिर तौलिया फैलाकर आकमर में बांधा। तो मुझे लटकता हुआ लौड़ा पूरा दिख गया। उसका साला सुपाड़ा ही ३" का होगा। मैं समझ गयी की लन्ड खड़ा होकर बहुत बड़ा हो जायेगा।अब मेरी चूत की आग भड़क गयी। मैं मन ही मन सोंचने लगी कैसे इसका लन्ड पकड़ा जाए। थोड़ी देर बाद मेरी नन्द आयी तो मैंने उससे पूंछा की कौन है ये आदमी। उसने बताया अरे भाभी ये मेरे गांव के रहीम चचा जान हैं। कभी कभी यहाँ आते है वैसे ये हमेशा गाँव में रहते हैं. इससे पहले की मैं कुछ कहती वह खुद ही मेरे कान में बोली भाभी इसका लन्ड बहुत बड़ा है। मेरी अम्मी इससे खूब मजे से चुदवाती हैं। तुम्हारा मन हो तो तुम भी पकड़ लेना इसका लन्ड। मैं तुम्हारी मदद करूंगी।
वह जब जाने लगी तो मैंने पूंछा अरे नन्द रानी ये बताती जाओ क्या तुमने इसका लन्ड पकड़ा है ? कभी अपनी चूत में लिया है इसका लन्ड ? वह बोली अरे भाभी जब मेरी भोसड़ी की अम्मी इसका लन्ड लेतीं है तो फिर मैं क्यों नहीं लूंगी ? मैंने कहा अच्छा ये बात है ? जब मेरी सास इसका लन्ड लेतीं है और मेरी बुर चोदी नन्द इसका लन्ड लेती है तो मैं क्यों नहीं लूंगी। नन्द मुस्काराती हुई चली गयी। उस रात में घर में मैं मेरी नन्द और रहीमा चचा ही थे. ने मेरी सास थीं और न मेरी जेठानी। रात को नन्द अपने रहीम चचा को लेकर मेरे पास आ गयी। उसने कहा चचा इससे मिलो ये है ये हैं मेरी नयी भाभी अदीबा। उसने कहा भाभी और तुम इससे मिलो ये है मेरा मादर चोद चचा। ऐसा कह कर उसने रहीम की लुंगी खींच ली। उसका नंगा लन्ड पकड़ कर नन्द बोली और ये है इसका बेटी चोद लन्ड भाभी ?
मैं लन्ड देख कर मस्त हो गयी। मैंने जैसा अनुमान लगाया था वैसा ही था। फिर शीबा मेरी नन्द ने मेरे कपड़े उतार दिया। मेरा नंगा जिस्म उसके सामने नाचने लगा। वह भी पूरा नंगा था। वह बोला शीबा तेरी भाभी तो बिलकुल ज़न्नत की हूर है। शीबा भी अपने कपड़े खोल कर नंगी हो गयी। हम दोनों मिलकर उसका लन्ड चाटने लगीं। लन्ड और बढ़ने लगा और फिर ८" ज्यादा हो गया। चचा जान मेरी चूंचियां दबाने लगा और नन्द की चूत सहलाने लगा। नन्द बोली भाभी जानती हो ये साला गाँव की सभी लड़कियों की बुर लेता है। कुछ लड़कियां तो इससे अपनी माँ भी चुदवाती हैं। इसकी बेटी भी बहन चोद इसके दोस्तों के लन्ड पकड़ती है। उसकी बातें सुनकर मेरी चूत और गरमा गयी। शीबा ने चित लिटा दिया और वह भी नंगी नंगी मेरे ऊपर लेट गयी। चचा ने पहले लन्ड मेरी चूत में घुसा दिया। मेरी चीख निकल पड़ी। उई माँ मेरी तो फट गयी चूत ? साले ने पूरा पेल दिया लन्ड। फिर मुझे मज़ा आने लगा। वह मुझे झमाझम चोदने लगा। बीच बीच में लन्ड निकाल कर नन्द की चूत में पेलने लगा। उसे भी मस्ती आ गयी। वह बोला शीबा तेरी माँ भोसड़ा, तेरी बहन की चूत। मैं चोद डालूँगा तुम दोनों की बुर। फाड़ डालूँगा दोनों की चूत ?
नन्द बोली साले कुत्ते हरामजादे तेरी बिटिया की बुर, मादर चोद, तेरी बहन का लन्ड ? ठीक से चोदना नहीं तो मैं मारूंगी तेरी गांड ? हाय रे और पेलो लन्ड। पेल्हड़ भी घुसा दो अंदर। मैं भी बोली भोसड़ी के मुझे रंडी की तरह चोदो। जैसे मेरी सास की चूत लेते हो वैसे ही मेरी चूत ले लो ? गांड से जोर लगा के चोदो साले तेरे लन्ड की माँ की चूत। मैं अभी भून डालूँगी तेरा लन्ड। उसने चुदाई की स्पीड तेज कर दी। थोड़ी देर बाद वह मुझे पीछे से चोदने लगा और नन्द मेरे मुंह के सामने अपनी चूत फैलाकर लेट गयी। मैं उसकी बुर चाटने लगी। फिर जगह बदल ली। अब नन्द कुतिया की तरह चुदवाने लगी और वह मेरी चूत भी चाटने लगी। हम दोनों ने उसके मस्ताने लन्ड का पूरा पूरा मज़ा लिया। रात भर कई बार चुदवाया। न सोई और न किसी को सोने दिया।
आखिर में उसका झड़ता हुआ लन्ड हमने मिलकर चाटा।
एक सर्वे में मैंने पूंछा की आपको 'लन्ड' कहना अच्छा लगता है की 'लौड़ा' ? अधिकतर लोगों ने जबाब दिया - 'लन्ड'। इसी तरह मैंने पूंछा की आपको 'बुर' कहना अच्छा लगता है की 'चूत' ? अधिकतर लोगों ने कहा 'चूत' ? प्लीज आप इसी तरह सर्वे में भाग लेते रहें इससे मुझे आपके मन की कहानी लिखने में मदद मिलती है।
एक दिन मैं अम्मी के साथ बैठी थीं। हम दोनों बातें कर रहीं थीं। बातें भी बड़ी मसालेदार हो रहीं थीं क्योंकि मैं अम्मी से पूरी तरह खुली हुई थी। हम दोनों किसी भी तरह की बातें कर लेतीं थीं। अचानक हमारे सामने मेरा देवर आ गया। अम्मी उससे बात चीत करने लगी। मेरा देवर भी बड़ा क्यूट था। अम्मी ने पहले तो उससे इधर उधर की बातें की, हाल चाल की जानकारी ली और फिर बड़े प्यार से पूंछा बेटा, तूने कभी अपनी भाभी की बुर ली है ? वह थोड़ा शर्मा गया और आँख नीची करके बैठा रहा, कुछ बोला नहीं। अम्मी ने फिर कहा बेटा, अच्छा चलो नहीं ली तो कोई बात नहीं। आज तुम मेरे सामने अपनी भाभी की बुर ले लो।
अम्मी की ये बातें सुनकर मैं तो सन्न रह गयी और उसका मुंह ही देखती रही। मैंने कहा अरे अम्मी ये तुम क्या कह रही हो ? वो बिचारा सीधा शादा लड़का उससे ऐसे सवाल क्यों कर रही हो ? अम्मी बोली अच्छा ये साला तेरा देवर २२ साल का हो गया है। जवान हो गया है। माना की यह सीधा शादा है पर इसका लन्ड तो सीधा शादा नहीं है, बेटी। मैं जानती हूँ की इसका लन्ड साला बड़ा हरामी हो गया है । हर जवान लड़के का लन्ड हरामी हो ही जाता है। और ऐसी उम्र में लन्ड साला कभी कभी अपने आप बिना मतलब खड़ा हो जाता है। यहाँ तो मैं जब चोदने चुदाने की बात कर रही हूँ तो लन्ड इसका जरूर खड़ा होगा, बेटी। यह बात सही भी थी क्योंकि अपनी भाभी की बुर सुनकर उसका लन्ड खड़ा हो गया था । अम्मी ने कहा बेटी, तुम्हे अगर यकीन न हो तो पकड़ कर देख लो लन्ड । अगर खड़ा है तो इसका मतलब वह अपनी भाभी की बुर लेना चाहता है ? मैं यही तो कह रही हूँ। मैंने देवर के पैजामे के ऊपर से उसका लन्ड टटोला तो अम्मी की बात सही निकली। मैंने कहा हाय दईया लन्ड तो वाकई खड़ा है इसका, अम्मी ?
अम्मी ने कहा मैं यही तो कह रही थी। अब तो ये तेरा देवर बहन चोद पहले अपनी भाभी की बुर चोदेगा और फिर चोदेगा अपनी भाभी की माँ का भोसड़ा ?
थोड़ी देर में मेरे मामू का लड़का असद आ गया। मैं उससे बातें करने लगी और बातों बातों में ही मैं पूंछ बैठी - असद तूने कभी अपनी फूफी की बुर ली है ? वह बोला अरे दीदी यह आप क्या पूंछ रही हैं ? मैंने कहा सच सच बताओ शर्माने की जरुरत नहीं है। यहाँ कोई बाहर वाला नहीं है। वह बोला लिया तो नहीं है पर लेना चाहता हूँ। इतने में सब लोग हंस पड़े। वह फिर बोला मैं तो फूफी की बेटी की लेना चाहता हूँ। मैंने कहा हाय दईया तू मेरी बुर लेना चाहता है ? वह बोला हां बिलकुल, अब तो तुम्हारी शादी भी हो गयी है अब तो लेने में कोई शर्म नहीं है। मैंने मजाक में कहा अरे मेरे असद भोसड़ी के पहले मेरी माँ की ले लो फिर मेरी लेना ? अब देखो सौ की बात यह है की तूने मेरी माँ की ली हो चाहे न ली हो पर आज तुझे मेरे सामने ही अपनी फूफी की बुर लेना पड़ेगा । तुझे मेरे सामने अपना लन्ड इसकी बुर में पेलना होगा। पहले चोदो अपनी फूफी की बुर और फिर चोद लेना अपनी फूफी की बिटिया की बुर ?
अम्मी कहने लगी अरे मेरी माँ की लौड़ी अदीबा तू तो मुझसे भी आगे निकली जा रही है। मेरा देवर बसीर असद से मिला और दोनों ने दोस्ती कर ली। वास्तव में मैंने अभी तक अपने देवर का लन्ड नहीं देखा है लेकिन पकड़ कर देखने की बड़ी इच्छा थी। मौक़ा नहीं मिला नहीं तो मैं देखना क्या उससे चुदवा भी लेती। पर चलो आ ज तो मौक़ा मिल ही जायेगा। इसी तरह असद का लन्ड न मैंने कभी देखा और न अम्मी ने। इसलिए हम दोनों की नियत उसके लन्ड पर ख़राब हो गयी। इतने में मैं देवर का लन्ड टटोलने लगी और अम्मी असद का लन्ड ? हम दोनों की चूत में आग तो लग ही चुकी थी। मैं आगे बढ़ी और बसीर को अपनी बाहों में ले लिया। मैंने कहा आओ न मेरे देवर राजा आज चोद लो अपनी भाभी की बुर।
मैंने उसकी चुम्मी ली और उसे प्यार करने लगी। वह भी मेरे बदन पर हाथ फिराने लगा। मेरी चूंचियां उपोर से दबाने लगा और भी उसका लौड़ा टटोलने लगी। फिर उसने मेरे ब्लाऊज़ के अंदर हाथ डाला। मैंने कहा हाय दईया देवर जी मुझे नंगी कर दो न। फिर मजे से पकड़ो मेरी चूंचियां। वह मेरी बात मान गया और मेरे कपड़े एक एक करके उतारने लगा। मैंने भी उसका कुर्ता उतार दिया। उसकी नंगी छाती पर हाथ फिराने लगी। मुझे मर्दों की छाती के बाल बड़े अच्छे लगतें हैं। तब तक मेरी चूंचियां नंगी हो चुकी थीं। वह मेरी चूंचियां चूसने लगा। फिर उसने मेरे पेटीकोट का नाड़ा खोला तो पेटीकोट धड़ाम से नीचे गिर पड़ा। मेरी बुर चोदी बुर उसके आगे नंगी हो गयी। वह उसी पर हाथ फिराने लगा। मैं और जोश में आ गयी। मैंने उसका पैजामा खोला और लन्ड पकड़ कर हिलाने लगी। लन्ड साला बढ़ने लगा और लन्ड का टोपा बहन चोद फूलने लगा। मोटा हो गया लन्ड ?
मैंने देखा की उधर असद भी बहन चोद पूरा नंगा हो चुका था और अम्मी उसका लन्ड हिलाने में जुटीं थीं। मैंने देखा की उसका भी लन्ड बड़ा जबरदस्त है। मेरा दिल उसके लन्ड पर भी आ गया। मैंने मन में सोंचा की अपने देवर से चुदवाने के बाद मैं उससे भी चुदवाऊँगी। मैं यही सोंच कर बसीर का लन्ड चाटने लगी। उधर अम्मी असद के लन्ड का स्वाद लेने लगीं। अम्मी ने भी उधर से मेरे देवर का लन्ड देखा तो वह बोल पड़ी हाय अदीबा तेरे देवर का लन्ड तो बड़ा मोटा है यार। तेरी चूत की तो आज ईद हो जाएगी। तेरी चूत गपर गपर खायेगी इतना मस्ताना लन्ड ? मैंने कहा ईद तो मेरे भोसड़ा की भी होगी, ज़रीना बेगम ? आज तेरा भोसड़ा भी असद का मोटा तगड़ा लन्ड खायेगा। वह बोली तेरी माँ की चूत अदीबा तू तो बहुत हॉट बातें करती हैं। मेरे भोसड़ा की आग और भड़का दी तूने। तेरी बिटिया की चूत ज़रीना। तूने असद का लन्ड दिखा कर मेरी चूत की आग को ज्याला मुखी बना दिया। अब तो वह पहले अपनी फूफी की बुर चोदेगा।
इधर मेरा देवर मेरी चूत चाटने लगा और मैं उसका लन्ड पीने लगी। उधर असद ने लन्ड अम्मी की चूत पर टिका दिया और फिर धीरे से घुसा दिया अंदर। लन्ड साला पूरा घुस गया और वह चोदने लगा। उसे देख कर बसीर भी ठाव में आ गया। उसने भी लन्ड टिकाया मेरी चूत पर और धीरे धीरे गुसांई लगा जैसे इंजेक्शन घुसाया जाता है। लन्ड बड़ा टाइट लगा मुझे। कारन की लन्ड मोटा था और चूत का छेद छोटा। लेकिन उसने लन्ड पूरा घुसा ही दिया। मैं बोली हाय रे बसीर तेरा लन्ड घुस रहा है और मेरी चूत को मज़ा आ रहा है। वह भी कुत्ते की तरह मुझे चोदने लगा। बोला भाभी तेरी चूत चोदने में ज्यादा मज़ा आ रहा है। बड़ी भाभी को चोदने में इतना मज़ा नहीं आया। मैंने कहा भोसड़ी के तुम मेरी जेठानी की बुर लेते हो ? वह बोला नहीं भाभी वो देती है तो मैं ले लेता हूँ। मैं तो उसकी बहन की भी बुर चोदता हूँ। बहन की सहेलियों की भी चोदता हूँ चूत ?
उसकी बातें मुझे दीवाना बना रहीं थी और मैं चुदवाने में और मस्ती करने लगी। थोड़ी देर तक हम दोनों एक दूसरे को देख देख चुदवाने लगीं। फिर अम्मी बोली हाय अदीबा तू भोसड़ी की अपनी माँ चुदा रही है, बहन चोद ? सच सच बता क्या तूने कभी असद का लौड़ा लिया है अपनी चूत में ? मैंने कहा नहीं अम्मी मैंने इसे कभी नहीं चुदवाया। वह बोली तो फिर ले अब चुदवा। अम्मी असद का लन्ड मेरी चूत में घुसेड़ दिया और बसीर का लन्ड अपनी चूत में पेल लिया। वो मेरे देवर से चुदवाने लगी और मैं उसकी नन्द के लड़के से। मेरी नज़र तो असद के लन्ड पर पहले से ही थी। मैं तो मस्ती से अपनी गांड उठा उठा से भकाभक चुदवाने लगी। रंडी भी बुर चोदी ऐसे नहीं चुदवाती होगी। मैं चुदवाने में कोई कसर नहीं छोड़ती। हद से ज्यादा बेशरम हो जाती हूँ और खूब गन्दी गन्दी बातें बकने लगती हूँ। मैंने कहा अम्मी तेरी बिटिया की बुर ? भोसड़ी वाली देखो कैसे लन्ड खाती चली जा रही है। साली लन्ड खाने के लिए हमेशा मुंह खोले रहती है। तब तक अम्मी बोली और अदीबा तेरी माँ का भोसड़ा साला मादर चोद हमेशा चुदासा ही रहता है ?
कुछ दिन बाद मैं अपनी ससुराल चली गयी। मेरा देवर मेरे साथ था। वहां जाकर मैं लन्ड के फिराक में घूमने लगी। बसीर एक दिन बोला अदीबा भाभी एक बात कहूँ ? मैंने कहा हां कहो। तुम्हे पूंछने की क्या जरुरत है ? वह बोला भाभी मेरा एक दोस्त है। वह मेरा जिगरी दोस्त है। मैंने जब तुम्हारा ज़िकर उससे किया तो वह मचल उठा और बोला यार किसी दिन मुझे भी अपनी भाभी की बुर दिलवाओ। मैंने उससे हां कर दी भाभी। अब तुम मेरी बात रख लो प्लीज और एक दिन उससे भी चुदवा लो ? मैंने कहा इससे तुम्हारा क्या फायदा होगा बसीर ? वह बोला भाभी असली बात यह है की मैं उसके सामने उसकी बीवी चोदता हूँ। अब मेरी कोई बीवी तो है नहीं ? मैं चाहता हूँ की मैं आगे भी उसकी बीवी चोदता रहूँ। वह बड़ी मस्ती से चुदवाती है। उसे मेरा लन्ड पसंद है भाभी। बदले में वह मेरी भाभी चोदना चाहता है। मैंने पूंछा उसका लन्ड कैसा है ? बसीर ने बताया तुम खुद ही पकड़ कर देख लेना भाभी पर हां तुम्हे निराश नहीं होना पड़ेगा।
मैं उसकी बात मान गयी। तब वह रात को ११ बजे उसे मेरे कमरे में ले आया और बोला भाभी ये है मेरा दोस्त अज़ीम ? मैं उसे देख कर मस्त हो गयी क्योंकि वह गोरा चिट्टा और हैंडसम था। मैं तो एक गाउन पहने बैठी थी। मैंने उसे अपनी बाहों में ले लिया और उसके गाल चूम लिए। वह भी मेरे बदन पर हाथ फिराने लगा। उधर बसीर मेरा गाउन उतारने लगा। मेरी चूंचियां नंगी हुई तो दोनों एक एक चूंची चूसने लगे। तब तक मैंने बसीर का लन्ड पकड़ लिया। और अज़ीम को नंगा करने लगी। जब वह वह नंगा हुआ तो उसका लन्ड मेरे सामने आ गया। उसे देख कर मेरा मन खिल गया। क्योंकि उसका लन्ड बसीर के लन्ड से मोटा था। मैं अपने दोनों हाथों से दोनों लन्ड हिलाने लगी। लन्ड एक मिनट में तन कर खड़े हो गये। तब तक मैं भी पूरी तरह नंगी हो चुकी थी और वो दोनों भी नंगे। मैं दोनों चिकने लन्ड बारी बारी से चाटने लगी और साथ में मस्ताने पल्हड़ भी।
अज़ीम के लन्ड का चमचमाता हुआ अंडाकार सुपाड़ा मुझे बहुत खूबसूरत लग रहा था। मैं उसी को कुतिया की तरह चाटने लगी। उधर बसीर के पेल्हड़ चाटने लगी। वो दोनों कभी मेरी चूत कभी मेरी गाड़ कभी मेरे चूतड़ कभी मेरी चूंची सहलाने लगे। मेरी चूत की गर्मी बढ़ती जा रही थी। थोड़ी देर में मैंने अपनी चूत फैला दी और अज़ीम ने अपना लन्ड उसी पर टिका दिया। उसने लन्ड का सुपाड़ा रखा ही था की मेरे पूरे बदन में करेंट लग गया। उसने थोड़ा जोर लगाया तो लन्ड सांप के बिल की तरह अंदर घुसने लगा। मैं भी एक छिनार की तरह पराये मरद का लन्ड अपनी चूत में घुसवाने लगी। उसने २/३ बार लन्ड अंदर बाहर किया और फिर जल्दी जल्दी करते हुए चोदने लगा। मैं बोली हाय मेरे राजा अज़ीम तेरा लन्ड तो बहुत मोटा है यार। देखो न किस तरह मेरी चूत में कैसे चिपक कर घुस रहा है।
इधर मैं बसीर का लन्ड मुंह में लेकर चूसने लगी। वह बोला भाभी इसी तरह अज़ीम की बीवी भी मेरा लन्ड चूसती है। मैं बोली हाय अज़ीम खूब कस कस के चोदो मुझे। समझो की मैं बसीर की बीवी हूँ जो तेरी बीवी चोदता है। तू उसी का बदला ले ले मेरी बुर चोद कर ? मैं गचर गचर चुदवा रही थी। धच्च धच्च भच्च भच्च चपर चपर चप्प चप्प की आवाजें आ रही थी। थोड़ी देर में बसीर ने लन्ड पेल दिया चूत अज़ीम घूम कर लन्ड मेरे मुंह में डाल दिया। लन्ड की जगह बदली तो मज़ा भी बदल गया। मैं और मस्ती से चुदवाने लगी। कुछ देर तक ऐसा करते हुए मैं फिर पीछे से चुदवाने लगी। अचानक कमरे में मेरी जेठानी बुर चोदी आ गयी। वह बोली हाय दईया बसीर तू अपनी नयी भाभी की बुर ले रहा है। और हां तूने तो कभी अपने दोस्त का लन्ड मेरी चूत में पेला नहीं ? लेकिन मैं अपने दोस्त का लन्ड तेरी बहन की बुर में पेल कर आ रही हूँ।
मैंने कहा हाय जेठानी जीजी तुम अपनी नन्द की बुर चोद कर आ रही हो ? मैं भी उसकी बुर चोदूंगी। वह बोली हां हां अदीबा तुम भी उसकी बुर चोदो और उसकी माँ की भी बुर चोदो। ऐसा कह कर जेठानी भी मेरे साथ अज़ीम का लन्ड चाटने लगीं। मैंने जेठानी को भी अपनी चुदाई में शामिल कर लिया। मैंने देखा की जेठानी भी चुदवाने में बड़ी मस्त हैं। उसे भी लन्ड से उतना ही प्यार है जितना की मुझे। फिर रात भर न किसी ने चुदाना रोका और न किसी ने चोदना। हम तीनो मिलकर एक दूसरे की चूत में लन्ड घुसाते हुए चुदवाने लगीं और लेने लगीं जवानी का जम कर मज़ा ?
एक दिन मैंने घर में एक आदमी को देखा। मैं उसे पहचानती नहीं थी। वह आँगन में नहा रहा था। उसके बाद वह उठा और तौलिया पहनने लगा। जैसे उसने अपने नेकर खोल कर तौलिया लपेटने लगा तो उसके लन्ड की झलक मुझे मिल गयी। उसने जल्दी में दुबारा फिर तौलिया फैलाकर आकमर में बांधा। तो मुझे लटकता हुआ लौड़ा पूरा दिख गया। उसका साला सुपाड़ा ही ३" का होगा। मैं समझ गयी की लन्ड खड़ा होकर बहुत बड़ा हो जायेगा।अब मेरी चूत की आग भड़क गयी। मैं मन ही मन सोंचने लगी कैसे इसका लन्ड पकड़ा जाए। थोड़ी देर बाद मेरी नन्द आयी तो मैंने उससे पूंछा की कौन है ये आदमी। उसने बताया अरे भाभी ये मेरे गांव के रहीम चचा जान हैं। कभी कभी यहाँ आते है वैसे ये हमेशा गाँव में रहते हैं. इससे पहले की मैं कुछ कहती वह खुद ही मेरे कान में बोली भाभी इसका लन्ड बहुत बड़ा है। मेरी अम्मी इससे खूब मजे से चुदवाती हैं। तुम्हारा मन हो तो तुम भी पकड़ लेना इसका लन्ड। मैं तुम्हारी मदद करूंगी।
वह जब जाने लगी तो मैंने पूंछा अरे नन्द रानी ये बताती जाओ क्या तुमने इसका लन्ड पकड़ा है ? कभी अपनी चूत में लिया है इसका लन्ड ? वह बोली अरे भाभी जब मेरी भोसड़ी की अम्मी इसका लन्ड लेतीं है तो फिर मैं क्यों नहीं लूंगी ? मैंने कहा अच्छा ये बात है ? जब मेरी सास इसका लन्ड लेतीं है और मेरी बुर चोदी नन्द इसका लन्ड लेती है तो मैं क्यों नहीं लूंगी। नन्द मुस्काराती हुई चली गयी। उस रात में घर में मैं मेरी नन्द और रहीमा चचा ही थे. ने मेरी सास थीं और न मेरी जेठानी। रात को नन्द अपने रहीम चचा को लेकर मेरे पास आ गयी। उसने कहा चचा इससे मिलो ये है ये हैं मेरी नयी भाभी अदीबा। उसने कहा भाभी और तुम इससे मिलो ये है मेरा मादर चोद चचा। ऐसा कह कर उसने रहीम की लुंगी खींच ली। उसका नंगा लन्ड पकड़ कर नन्द बोली और ये है इसका बेटी चोद लन्ड भाभी ?
मैं लन्ड देख कर मस्त हो गयी। मैंने जैसा अनुमान लगाया था वैसा ही था। फिर शीबा मेरी नन्द ने मेरे कपड़े उतार दिया। मेरा नंगा जिस्म उसके सामने नाचने लगा। वह भी पूरा नंगा था। वह बोला शीबा तेरी भाभी तो बिलकुल ज़न्नत की हूर है। शीबा भी अपने कपड़े खोल कर नंगी हो गयी। हम दोनों मिलकर उसका लन्ड चाटने लगीं। लन्ड और बढ़ने लगा और फिर ८" ज्यादा हो गया। चचा जान मेरी चूंचियां दबाने लगा और नन्द की चूत सहलाने लगा। नन्द बोली भाभी जानती हो ये साला गाँव की सभी लड़कियों की बुर लेता है। कुछ लड़कियां तो इससे अपनी माँ भी चुदवाती हैं। इसकी बेटी भी बहन चोद इसके दोस्तों के लन्ड पकड़ती है। उसकी बातें सुनकर मेरी चूत और गरमा गयी। शीबा ने चित लिटा दिया और वह भी नंगी नंगी मेरे ऊपर लेट गयी। चचा ने पहले लन्ड मेरी चूत में घुसा दिया। मेरी चीख निकल पड़ी। उई माँ मेरी तो फट गयी चूत ? साले ने पूरा पेल दिया लन्ड। फिर मुझे मज़ा आने लगा। वह मुझे झमाझम चोदने लगा। बीच बीच में लन्ड निकाल कर नन्द की चूत में पेलने लगा। उसे भी मस्ती आ गयी। वह बोला शीबा तेरी माँ भोसड़ा, तेरी बहन की चूत। मैं चोद डालूँगा तुम दोनों की बुर। फाड़ डालूँगा दोनों की चूत ?
नन्द बोली साले कुत्ते हरामजादे तेरी बिटिया की बुर, मादर चोद, तेरी बहन का लन्ड ? ठीक से चोदना नहीं तो मैं मारूंगी तेरी गांड ? हाय रे और पेलो लन्ड। पेल्हड़ भी घुसा दो अंदर। मैं भी बोली भोसड़ी के मुझे रंडी की तरह चोदो। जैसे मेरी सास की चूत लेते हो वैसे ही मेरी चूत ले लो ? गांड से जोर लगा के चोदो साले तेरे लन्ड की माँ की चूत। मैं अभी भून डालूँगी तेरा लन्ड। उसने चुदाई की स्पीड तेज कर दी। थोड़ी देर बाद वह मुझे पीछे से चोदने लगा और नन्द मेरे मुंह के सामने अपनी चूत फैलाकर लेट गयी। मैं उसकी बुर चाटने लगी। फिर जगह बदल ली। अब नन्द कुतिया की तरह चुदवाने लगी और वह मेरी चूत भी चाटने लगी। हम दोनों ने उसके मस्ताने लन्ड का पूरा पूरा मज़ा लिया। रात भर कई बार चुदवाया। न सोई और न किसी को सोने दिया।
आखिर में उसका झड़ता हुआ लन्ड हमने मिलकर चाटा।
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