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रात भर हम लन्ड अदल बदल मस्ती से चुदवाती रहीं - Raat bhar land badal kar masti se chudwati rahi
रात भर हम लन्ड अदल बदल मस्ती से चुदवाती रहीं - Raat bhar land badal kar masti se chudwati rahi , Antarvasna Sex Stories , Hindi Sex Story , Real Indian Chudai Kahani , choda chadi cudai cudi coda free of cost , Time pass Story , Adult xxx vasna kahaniyan.
मैंने कहा - तेरी बहू की बुर चोदी नन्द, अम्मी
अम्मी बोलीं - तेरी भाभी की बुर चोदी सास, बेटी
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मैं अपनी सहेली नगमा के घर अक्सर आती जाती हूँ। वह मेरे घर आया जाया करती है। इसलिए हम दोनों के बीच बहुत गहरी दोस्ती हो गयी है। एक दिन मैं उसी में घर में बैठी हुई बातें कर रही थी। वास्तव में बातें कम मस्ती ज्यादा कर रही थी। मैं भी शादी शुदा हूँ और वह शादी शुदा। मैं भी खूबसूरत हूँ और वह भी। वह मुझे माँ की चूत कह कर बुलाती है मैं उसे बहन का लन्ड कहती हूँ। उस दिन हम दोनों सेक्स की बातें करने लगीं. चोदा चोदी की बातें होने लगी और फिर एक दूसरे के मियां की लन्ड की बातें होने लगीं। मैंने बताया की मेरे शौहर का लन्ड कैसा है और उसने बताया की मेरे मियां का लन्ड कैसा है ? फिर हम लोग और भी मर्दों के लन्ड के बारें में बातें करने लगी। तब तक उसकी अम्मी आ गई
नगमा उसी मस्ती में बोली - अम्मी, आज मैं तेरी बहू की नन्द चोदूँगी। मैंने सोंचने लगी की अरे यह क्या बात हुई ? नगमा कह रही मैं तेरी नन्द चोदूंगी, जबकि वह खुद बुर चोदी अपनी माँ की बहू की नन्द है। तो क्या नगमा अपनी बुर चोदने की बात कर रही है ? इसका मतलब की नगमा खुद अपनी अम्मी के सामने लन्ड अपनी चूत में पेलेगी। तब तक उसकी अम्मी ने जबाब दिया - बेटी आज मैं तेरी भाभी की सास का भोसड़ा चोदूँगी। यहाँ भी मैं वही सोंचने लगी की नगमा की भाभी की सास तो उसकी माँ हुई न ? तो फिर आंटी यह भी कह सकती थी की नगमा आज मैं तेरी माँ चोदूँगी। तब तक उसकी भाभी यानी आण्टी की बहू भी आ गयी। आते ही वह भी बोली - नन्द रानी आज मैं तेरी माँ की बहू चोदूँगी। अब मैं बिलकुल सही तरह से समझ गयी की नगमा की भाभी खुद अपनी बुर चोदने की बात कह रहीं हैं। इसका मतलब यह भी है ये तीनो अपनी अपनी चूत में एक दूसरे के सामने लन्ड पेल पेल कर चोदेंगीं। अगर ऐसा है तो ये तीनो भोसड़ी वाली बड़ा मज़ा करती होंगी । अगर ये सब मज़ा करती हैं तो हम क्यों नहीं कर सकती ?
कुछ देर बाद मुझे मालूम हुआ की आंटी की बहू अपने माईके से अपनी माँ चुदा कर आयी है। और उसकी बेटी नगमा अपनी ससुराल से अपनी सास का भोसड़ा चुदा कर आयी हैं। इन दोनों के दिमाग में वही चोदा चोदी का नशा चढ़ा हुआ है और आंटी यहाँ अपने पड़ोसियों से चुदवाकर बैठीं है। मुझे यह भी पता चला की आंटी इनमे से सबसे ज्यादा चुदक्कड़ हैं। मैंने मुस्कराकर कहा नगमा तेरी माँ का भोसड़ा बहन चोद ? तू भी बड़ी बुर चोदी है तेरी माँ भी बड़ी बुर चोदी है। तेरे भाभी बहन चोद महा बुर चोदी है। तुम तीनो मिलकर तो खूब धमाल करती होगी। एक दूसरे की चूत में लन्ड पेलती होगी। वह बोली हां यार यह बात बिलकुल सही है। हम तीनो एक ही कमरे में एक दूसरे के सामने चुदवाती हैं। जो लन्ड मेरी चूत में घुसता है वही लन्ड मेरी माँ का भोसड़ा चोदता है और मेरी भाभी की बुर लेता है। जो लन्ड मेरी अम्मी की चूत में जाता है वही लन्ड मेरी चूत में भी घुसता है और मेरी भाभी की चूत में भी। इसी तरह मेरी भाभी जिस लन्ड से चुदवाती हैं वह लन्ड वह मेरी बुर में घुसेड़ देती है और फिर मेरी बुर से निकाल कर मेरी माँ की बुर में घुसा देती हैं।
हम तीनो लन्ड अदल बदल कर खूब मस्ती से चुदवाती हैं। एक दूसरे की चूत में लन्ड बेहिचक पेला करतीं हैं। आपस में हंसी मजाक करतीं हैं, गाली भी खूब देतीं है और मज़ा करती हैं। हम लोग गालियां घुमा फिरा कर देती हैं जिससे हमारा मनोरंजन होता रहता है। मैं कहूँगी - अम्मी, तेरी बहू की बुर ? अम्मी बोलेगी - बेटी, तेरी भाभी का भोसड़ा ? भाभी कहेगी - सासू, तेरी बिटिया की बुर ? इस तरह आपस में प्यार से गाली गलौज करते हुए हमें चुदाने में ज्यादा मज़ा आता है और चोदने वालों का जोश बढ़ जाता है। हमें जब अपनी चूत को गाली देनी होती है तो हम दूसरी तरह से गाली देतीं हैं। जैसे मैं कहूँगी - अम्मी, तेरी बेटी की चूत या अम्मी, तेरी बहू की नन्द की बुर ? अम्मी कहेगी - बेटी, तेरी माँ की चूत या बेटी, तेरी भाभी की सास का भोसडा ? भाभी बोलेगी - सासू जी, तेरी बहू की बुर चोदी बुर ? या सासू जी तेरी बिटिया की भाभी की बुर ?
मैं सोंचने लगी की हम भी तीन लोग ही हैं। मैं नन्द हूँ, मेरी अम्मी सास हैं, और मेरी भाभी बहू हैं । अगर हम भी इसी तरह चोदा चोदी करें तो बड़ा मज़ा आएगा। मेरा नाम है निगार। मेरी अम्मी है फिरदौस बेगम और मेरी भाभी हैं ज़ोया बेगम।
मैं जब घर वापस आयी तो अम्मी से सारी बातें बता दीं। अम्मी तो सुनकर उछल पड़ी बोलीं अरी निगार हम लोग भी ऐसा करें तो मज़ा आएगा। मैं तो तैयार हूँ। अम्मी ने कहा देखो बेटी हम तुम तो सहेलियों की तरह रहतीं ही हैं। हम तुम गाली गलौज भी कर लेतीं हैं लेकिन हां उतना नहीं जितना की तेरी दोस्त नगमा करती है। पर इसमें क्या बेटी, मैं तो तेरी माँ का भोसड़ा चोदना शुरू कर दूँगी, बहन चोद ? मैंने कहा अरे अम्मी तो मैं भी कम नहीं हूँ मैं चोदूंगी तेरी बेटी की बुर ? इतने में हम दोनों खिलखिलाकर हंसी और एक दूसरे के गले मिल गयीं। अम्मी ने कहा देख निगार अब तू अपनी भाभी को भी अपनी तरह बना ले तभी मज़ा आएगा। उसे भी सबको गाली देना और सबको अपनी बुर देना सिखा दे। तब आएगा ज़न्नत का मज़ा। तब तक ज़ोया भाभी आ गयी। मैंने उसे भी पूरा किस्सा सुनाया तो वह बोली हाय दईया मैं भी चोदूंगी नन्द रानी तेरी भाभी की बुर ? अम्मी ने जबाब दिया पहले तू अपनी सास का भोसड़ा तो चोद ले बुर चोदी ज़ोया बहू ? भाभी की बात सुनकर मैं समझ गयी की वह हमारी तरह ही मिलकर चोदा चोदी करेगी।
मैंने कहा - अम्मी तो फिर आज ही प्लान बना लिया जाए।
भाभी बोली :- हां मैं तो बिलकुल तैयार हूँ। पूरा साथ दूँगी।
अम्मी ने कहा :- बेटी ड्रिंक्स का भी इंतज़ाम कर लो। थोड़ा शुरुर होता है तो लन्ड का मज़ा दूना हो जाता है।
तब तक किसी ने पीछे से कहा :- हां बिलकुल ठीक कहा दीदी, शराब के साथ लन्ड पीने में तो मज़ा चौगुना हो जाता है। मैं तो कहती हूँ. आज तो शराब के साथ लन्ड नहीं, लन्ड के साथ शराब पियो तो और मज़ा आएगा। जैसे मेरी बेटी हुमा पीती है।
मैंने पीछे देखा तो वह मेरी शबनम खाला जान थीं। उसकी बातों से लगा की खाला जान भी अपनी बेटी के साथ लन्ड का मज़ा लूटतीं हैं। मैंने फिर उसे भी अपना सारा किस्सा सुनाया जो मैंने अम्मी और भाभी को सुनाया था। वह बोली हाय रब्बा अब देर न करो ? करो तो बस लन्ड का इंतज़ाम करो। अपनी अपनी झांटें साफ़ करो। मैं तो साफ करके आयी हूँ आजकल के लड़के चूत जरूर चाटते हैं। मेरी बेटी भी अपनी झांटें बनाकर अपनी चूत चटवाने गयी है।
मैंने कहा :- अरे खाला चूत चटवाने गयी है की लन्ड चाटने लगी है तेरी बेटी ?
खाला बोली :- हाय मेरी भोसड़ी की निगार, देखो जब लड़की चूत चटवायेगी तो लन्ड जरूर चाटेगी। और जब लन्ड चाटेगी तो वह लन्ड अपनी चूत में जरूर पेलेगी।
मैंने कहा :- हां यह हुई कोई बात ? अब तो तेरी बेटी चुदवाकर ही आएगी, खाला जान ?
खाला बोली :- वो तो रोज़ ही आती है चुदवाकर। और अक्सर अपनी माँ भी चुदवाती है मेरी बेटी।
खाला की बातों ने तो हमारी चूत में आग लगा दी। मैंने कहा अच्छा खाला ये बताओ तुम कितने लन्ड अभी ला सकती हो ? वह बोली मेरे हाथ में दो लन्ड हैं। मैं उन्हें अभी लेकर आती हूँ। खाल चली गयी। अम्मी ने कहा एक लन्ड मैं अभी बुला लेती हूँ। मैंने बोली तब तो ठीक है। एक लन्ड का मैं भी इंतज़ाम कर लेती हूँ और भाभी को आज छोड़ दो। वो आगे की चुदाई में लन्ड का इंतज़ाम करेगीं।
सबसे पहले खाला अपने दो लड़कों को लेकर आ गयीं। उसने हम सबको उन लोगों से मिलवाया बोली ये है आशिक मेरी बेटी का देवर और ये है इसका दोस्त तनवर। तब तक किसी ने डोर बेल बजायी तो मैंने दरवाजा खोला। मैंने देखा की बाहर एक अंकल खड़े हैं। वो देखने में बड़े स्मार्ट गोरे चिट्टे और हैंडसम लग रहे थे। वह बोला बेटी मैं फ़राज़ हूँ मुझे फिरदौस भाभी से मिलना है। मैंने उसे अंदर बैठाया और अम्मी को बता दिया। अम्मी उसे अंदर ले आयीं और सबसे मिलवाया। वह बोली ये मेरी दोस्त का शौहर है फ़राज़। हम सब बैठ कर बातें करने लगे। तभी फिर किसी ने बेल बजा दी। इस बार मेरा दोस्त साहिर आ गया। मैंने भी उसे सबसे मिलवाया। दारू का दौर चालू हो गया। चारों मरद हमें ललचाई आँखों से देखने लगे और हम सब मर्दों को ललचाई आँखों से देखने लगी क्योंकि आग दोनों तरफ लगी थी। एक तरफ चूत लन्ड खाने के लिए तैयार थीं और दूसरी तरफ लन्ड चूत में घुसने के लिए तैयार थे।
खाला खड़ी हुई और एक एक करके अपने कपडे खोलने लगीं। आखिर में जब उसने अपनी ब्रा उतारी और पैंटी भी खोल दी तो वह पूरी तरह नंगी हो गयीं। वह घूम घूम कर अपना नंगा जिस्म सबको दिखाने लगी। उसकी बड़ी बड़ी चूंचियां उसकी मोटी गांड और मस्त भोसड़ा सब लोग मजे से देखने लगे। फिर उसने मुझे हाथ पकड़ कर उठाया और मेरे कपडे खोलने लगी। बोली भोसड़ी की हरामजादी निगार तू भी मेरी तरह हो जा नंगी। ये बदन साला किस दिन काम आएगा। तब तक अम्मी ने अपनी बहू को भी उठा लिया और कहा हाय दईया तू चुप चाप बैठी हुई अपनी माँ चुदायेगी क्या ? तू भी हो जा नंगी। फिर खाल ने अम्मी के कपड़े खोल डाले। फर क्या हम चारों औरतें नंगी हो गयीं। मैंने शरारत की और म्यूजिक ऑन कर दिया। हम चारों एकदम नंगी नंगी नाचने लगीं। हमारी चूंचियां उछलने लगी और गांड मटकने लगी। चारों मरद साले मज़ा ले ले के हमें देखने लगे।
दो गानों पर खूब डांस हुआ। फिर मैंने आशिक को उठा लिया और उसके कपड़े खोलने लगी। अम्मी ने तनवर को पकड़ा और उसे मस्ती से नंगा करने लगी। भाभी फ़राज़ की तरफ बढ़ी उसे हाथ पकड़ कर उठाया और कपडे उतारने लगी। खाला के हक़ में साहिर आ गया। खाला को तो बहुत जल्दी थी लन्ड पकड़ने की। वह फ़टाफ़ट उसे नंगा करने लगी। जैसे ही वह नंगा हुआ उसका लन्ड पकड़ कर हिलाने लगीं। मैंने जब चारों तरफ आँख उठा कर देखा तो मालूम हुआ की चारों की चारों लन्ड हिला रहीं हैं। लन्ड भी मस्ती से खड़े हो रहें है और सबके चेहरे खिल रहें हैं। सब भोसड़ी के वासना के गुलाम हो चुके हैं। चारों मरद चूँचियों पर टूट पड़े हैं। पूरे नंगे बदन पर हाथ फिरा रहें हैं। कभी चूँचियों पर कभी चूत पर कभी गांड पर कभी मोटी मोटी जाँघों पर हाथ फिरा फिरा कर मज़ा ले रहें हैं। हम लोगों के हाथ भी लन्ड तक पहुँच चुके थे।
जब टन टनाता हुआ लन्ड हाथ में होता है तो मुंह अपने आप खुल जाता है। मैं आशिक का लन्ड चाटने लगी। अम्मी ने तनवर का लन्ड मुंह में भर लिया, भाभी ने फ़र्ज़ का लन्ड मुंह में डाला और खाला साहिर का लन्ड चप्प चप्प चाटने लगीं। कमरे में लन्ड चाटने की आवाज़ें गूंजने लगीं। ऐसा लग रहा था की जैसे लन्ड चाटने की कोई प्रतियोगिता हो रही है। दूसरी तरफ माँ का भोसड़ा खुला पड़ा था, खाला की बुर साफ़ साफ़ दिखाई पड़ रही थी भाभी की चूत सबकी नज़र आ रही थी। और मेरी चूत भी सबको दर्शन दे रही थी। हम चारों इस समय बिलकुल रंडी बनी हुई थीं। मस्ती बढ़ती जा रही थी।
मैंने मजाक किया और कहा :- खाला तेरी बहन का लन्ड भोसड़ी वाली तू तो बड़ी लन्ड चट्टू है।
खाला ने कहा ;- निगार तेरी माँ का भोसड़ा बुर चोदी जिस तरह तू आशिक का लन्ड चाट रही है उस तरह कभी अपने मियां का लन्ड नहीं चाटा होगा ?
अम्मी बोली :-अरे यार आजकल अपने मियां का लन्ड कौन भोसड़ी वाली चाटती है ? सबतो पराये मरद का लन्ड चाटती हैं। तू भी तो पराये मरद का लन्ड चाट रही है। तेरी बिटिया की बुर शबनम। आज मैं देखूँगी की तू कितनी बड़ी चुदक्कड़ है।
भाभी बोली :- सबसे बड़ी चुदक्कड़ तो मेरी नन्द है सासू जी। देखो न कितनी मस्ती से अपनी माँ चुदा रही है। इसे सबसे ज्यादा मज़ा अपनी माँ के भोसड़ा में लन्ड पेलने आता है। हम लोगों की इस तरह की मस्ती भरी बातें सुनकर उन चरों के लन्ड हिनहिनाने लगे। फिर क्या सारे लन्ड एक एक करके चूत में घुसने लगे। आशिक का लन्ड मेरी चूत में घुस गया। तंवर मेरी माँ की चूत चोदने लगा। फ़राज़ ने मेरी भाभी की बुर में लौड़ा घुसेड़ दिया। साहिर ने लन्ड मेरी खाला के भोसड़ा में घुसा दिया। ये चारों साले धकाधक चोदने लगे हम सबकी चूत। इस सामूहिक चुदाई का नज़ारा बड़ा मद मस्त हो गया। सबकी चूचियां हिलाने लगी गांड मटकने लगी। सब गन्दी गन्दी बातें करती हुई चुदवाने लगीं।
मैंने कहा - अम्मी ये है तेरी बहू की बुर चोदी नन्द जो अपनी माँ चुदाने का मज़ा लेती है।
अम्मी ने कहा - बेटी, ये है तेरी भाभी की बुर चोदी सास जो अपनी बिटिया की बुर बड़ी शिद्दत से चुदवा रही है। भाभी बोली :- हाय दईया, सासू जी ये है तेरी बेटी की बुर चोदी भाभी जो अपनी नन्द की बुर मस्ती से चुदवा रही है। और चुदवा रही है अपनी सास का भोसड़ा ?
खाला बोली - हाय अल्ला तुम लोग कितनी गन्दी गन्दी बातें करती हो भोसड़ी वालियों। मेरी बेटी भी बुर चोदी इसी तरह बोल बोल कर चुदवाती है। और सुनो निगार की अम्मी ये है तेरी बुर चोदी बहन की बुर ? जिसमे लन्ड शेर की तरह घुसते हैं मगर चूहे की तरह बाहर निकल आतें हैं।
दूसरी पारी में मैंने तनवर का लन्ड पकड़ लिया, अम्मी ने फ़राज़ का लौड़ा अपने हाथ में लिया, भाभी ने साहिर के लन्ड पर कब्ज़ा जमाया और खाला ने आशिक का लन्ड खींच कर पकड़ लिया।
फिर क्या रात भर हम सबने लन्ड अदल बदल मस्ती से चुदवाती रहीं। बहू, तेरी बुर चोदी नन्द की बुर...
मैंने कहा - तेरी बहू की बुर चोदी नन्द, अम्मी
अम्मी बोलीं - तेरी भाभी की बुर चोदी सास, बेटी
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मैं अपनी सहेली नगमा के घर अक्सर आती जाती हूँ। वह मेरे घर आया जाया करती है। इसलिए हम दोनों के बीच बहुत गहरी दोस्ती हो गयी है। एक दिन मैं उसी में घर में बैठी हुई बातें कर रही थी। वास्तव में बातें कम मस्ती ज्यादा कर रही थी। मैं भी शादी शुदा हूँ और वह शादी शुदा। मैं भी खूबसूरत हूँ और वह भी। वह मुझे माँ की चूत कह कर बुलाती है मैं उसे बहन का लन्ड कहती हूँ। उस दिन हम दोनों सेक्स की बातें करने लगीं. चोदा चोदी की बातें होने लगी और फिर एक दूसरे के मियां की लन्ड की बातें होने लगीं। मैंने बताया की मेरे शौहर का लन्ड कैसा है और उसने बताया की मेरे मियां का लन्ड कैसा है ? फिर हम लोग और भी मर्दों के लन्ड के बारें में बातें करने लगी। तब तक उसकी अम्मी आ गई
नगमा उसी मस्ती में बोली - अम्मी, आज मैं तेरी बहू की नन्द चोदूँगी। मैंने सोंचने लगी की अरे यह क्या बात हुई ? नगमा कह रही मैं तेरी नन्द चोदूंगी, जबकि वह खुद बुर चोदी अपनी माँ की बहू की नन्द है। तो क्या नगमा अपनी बुर चोदने की बात कर रही है ? इसका मतलब की नगमा खुद अपनी अम्मी के सामने लन्ड अपनी चूत में पेलेगी। तब तक उसकी अम्मी ने जबाब दिया - बेटी आज मैं तेरी भाभी की सास का भोसड़ा चोदूँगी। यहाँ भी मैं वही सोंचने लगी की नगमा की भाभी की सास तो उसकी माँ हुई न ? तो फिर आंटी यह भी कह सकती थी की नगमा आज मैं तेरी माँ चोदूँगी। तब तक उसकी भाभी यानी आण्टी की बहू भी आ गयी। आते ही वह भी बोली - नन्द रानी आज मैं तेरी माँ की बहू चोदूँगी। अब मैं बिलकुल सही तरह से समझ गयी की नगमा की भाभी खुद अपनी बुर चोदने की बात कह रहीं हैं। इसका मतलब यह भी है ये तीनो अपनी अपनी चूत में एक दूसरे के सामने लन्ड पेल पेल कर चोदेंगीं। अगर ऐसा है तो ये तीनो भोसड़ी वाली बड़ा मज़ा करती होंगी । अगर ये सब मज़ा करती हैं तो हम क्यों नहीं कर सकती ?
कुछ देर बाद मुझे मालूम हुआ की आंटी की बहू अपने माईके से अपनी माँ चुदा कर आयी है। और उसकी बेटी नगमा अपनी ससुराल से अपनी सास का भोसड़ा चुदा कर आयी हैं। इन दोनों के दिमाग में वही चोदा चोदी का नशा चढ़ा हुआ है और आंटी यहाँ अपने पड़ोसियों से चुदवाकर बैठीं है। मुझे यह भी पता चला की आंटी इनमे से सबसे ज्यादा चुदक्कड़ हैं। मैंने मुस्कराकर कहा नगमा तेरी माँ का भोसड़ा बहन चोद ? तू भी बड़ी बुर चोदी है तेरी माँ भी बड़ी बुर चोदी है। तेरे भाभी बहन चोद महा बुर चोदी है। तुम तीनो मिलकर तो खूब धमाल करती होगी। एक दूसरे की चूत में लन्ड पेलती होगी। वह बोली हां यार यह बात बिलकुल सही है। हम तीनो एक ही कमरे में एक दूसरे के सामने चुदवाती हैं। जो लन्ड मेरी चूत में घुसता है वही लन्ड मेरी माँ का भोसड़ा चोदता है और मेरी भाभी की बुर लेता है। जो लन्ड मेरी अम्मी की चूत में जाता है वही लन्ड मेरी चूत में भी घुसता है और मेरी भाभी की चूत में भी। इसी तरह मेरी भाभी जिस लन्ड से चुदवाती हैं वह लन्ड वह मेरी बुर में घुसेड़ देती है और फिर मेरी बुर से निकाल कर मेरी माँ की बुर में घुसा देती हैं।
हम तीनो लन्ड अदल बदल कर खूब मस्ती से चुदवाती हैं। एक दूसरे की चूत में लन्ड बेहिचक पेला करतीं हैं। आपस में हंसी मजाक करतीं हैं, गाली भी खूब देतीं है और मज़ा करती हैं। हम लोग गालियां घुमा फिरा कर देती हैं जिससे हमारा मनोरंजन होता रहता है। मैं कहूँगी - अम्मी, तेरी बहू की बुर ? अम्मी बोलेगी - बेटी, तेरी भाभी का भोसड़ा ? भाभी कहेगी - सासू, तेरी बिटिया की बुर ? इस तरह आपस में प्यार से गाली गलौज करते हुए हमें चुदाने में ज्यादा मज़ा आता है और चोदने वालों का जोश बढ़ जाता है। हमें जब अपनी चूत को गाली देनी होती है तो हम दूसरी तरह से गाली देतीं हैं। जैसे मैं कहूँगी - अम्मी, तेरी बेटी की चूत या अम्मी, तेरी बहू की नन्द की बुर ? अम्मी कहेगी - बेटी, तेरी माँ की चूत या बेटी, तेरी भाभी की सास का भोसडा ? भाभी बोलेगी - सासू जी, तेरी बहू की बुर चोदी बुर ? या सासू जी तेरी बिटिया की भाभी की बुर ?
मैं सोंचने लगी की हम भी तीन लोग ही हैं। मैं नन्द हूँ, मेरी अम्मी सास हैं, और मेरी भाभी बहू हैं । अगर हम भी इसी तरह चोदा चोदी करें तो बड़ा मज़ा आएगा। मेरा नाम है निगार। मेरी अम्मी है फिरदौस बेगम और मेरी भाभी हैं ज़ोया बेगम।
मैं जब घर वापस आयी तो अम्मी से सारी बातें बता दीं। अम्मी तो सुनकर उछल पड़ी बोलीं अरी निगार हम लोग भी ऐसा करें तो मज़ा आएगा। मैं तो तैयार हूँ। अम्मी ने कहा देखो बेटी हम तुम तो सहेलियों की तरह रहतीं ही हैं। हम तुम गाली गलौज भी कर लेतीं हैं लेकिन हां उतना नहीं जितना की तेरी दोस्त नगमा करती है। पर इसमें क्या बेटी, मैं तो तेरी माँ का भोसड़ा चोदना शुरू कर दूँगी, बहन चोद ? मैंने कहा अरे अम्मी तो मैं भी कम नहीं हूँ मैं चोदूंगी तेरी बेटी की बुर ? इतने में हम दोनों खिलखिलाकर हंसी और एक दूसरे के गले मिल गयीं। अम्मी ने कहा देख निगार अब तू अपनी भाभी को भी अपनी तरह बना ले तभी मज़ा आएगा। उसे भी सबको गाली देना और सबको अपनी बुर देना सिखा दे। तब आएगा ज़न्नत का मज़ा। तब तक ज़ोया भाभी आ गयी। मैंने उसे भी पूरा किस्सा सुनाया तो वह बोली हाय दईया मैं भी चोदूंगी नन्द रानी तेरी भाभी की बुर ? अम्मी ने जबाब दिया पहले तू अपनी सास का भोसड़ा तो चोद ले बुर चोदी ज़ोया बहू ? भाभी की बात सुनकर मैं समझ गयी की वह हमारी तरह ही मिलकर चोदा चोदी करेगी।
मैंने कहा - अम्मी तो फिर आज ही प्लान बना लिया जाए।
भाभी बोली :- हां मैं तो बिलकुल तैयार हूँ। पूरा साथ दूँगी।
अम्मी ने कहा :- बेटी ड्रिंक्स का भी इंतज़ाम कर लो। थोड़ा शुरुर होता है तो लन्ड का मज़ा दूना हो जाता है।
तब तक किसी ने पीछे से कहा :- हां बिलकुल ठीक कहा दीदी, शराब के साथ लन्ड पीने में तो मज़ा चौगुना हो जाता है। मैं तो कहती हूँ. आज तो शराब के साथ लन्ड नहीं, लन्ड के साथ शराब पियो तो और मज़ा आएगा। जैसे मेरी बेटी हुमा पीती है।
मैंने पीछे देखा तो वह मेरी शबनम खाला जान थीं। उसकी बातों से लगा की खाला जान भी अपनी बेटी के साथ लन्ड का मज़ा लूटतीं हैं। मैंने फिर उसे भी अपना सारा किस्सा सुनाया जो मैंने अम्मी और भाभी को सुनाया था। वह बोली हाय रब्बा अब देर न करो ? करो तो बस लन्ड का इंतज़ाम करो। अपनी अपनी झांटें साफ़ करो। मैं तो साफ करके आयी हूँ आजकल के लड़के चूत जरूर चाटते हैं। मेरी बेटी भी अपनी झांटें बनाकर अपनी चूत चटवाने गयी है।
मैंने कहा :- अरे खाला चूत चटवाने गयी है की लन्ड चाटने लगी है तेरी बेटी ?
खाला बोली :- हाय मेरी भोसड़ी की निगार, देखो जब लड़की चूत चटवायेगी तो लन्ड जरूर चाटेगी। और जब लन्ड चाटेगी तो वह लन्ड अपनी चूत में जरूर पेलेगी।
मैंने कहा :- हां यह हुई कोई बात ? अब तो तेरी बेटी चुदवाकर ही आएगी, खाला जान ?
खाला बोली :- वो तो रोज़ ही आती है चुदवाकर। और अक्सर अपनी माँ भी चुदवाती है मेरी बेटी।
खाला की बातों ने तो हमारी चूत में आग लगा दी। मैंने कहा अच्छा खाला ये बताओ तुम कितने लन्ड अभी ला सकती हो ? वह बोली मेरे हाथ में दो लन्ड हैं। मैं उन्हें अभी लेकर आती हूँ। खाल चली गयी। अम्मी ने कहा एक लन्ड मैं अभी बुला लेती हूँ। मैंने बोली तब तो ठीक है। एक लन्ड का मैं भी इंतज़ाम कर लेती हूँ और भाभी को आज छोड़ दो। वो आगे की चुदाई में लन्ड का इंतज़ाम करेगीं।
सबसे पहले खाला अपने दो लड़कों को लेकर आ गयीं। उसने हम सबको उन लोगों से मिलवाया बोली ये है आशिक मेरी बेटी का देवर और ये है इसका दोस्त तनवर। तब तक किसी ने डोर बेल बजायी तो मैंने दरवाजा खोला। मैंने देखा की बाहर एक अंकल खड़े हैं। वो देखने में बड़े स्मार्ट गोरे चिट्टे और हैंडसम लग रहे थे। वह बोला बेटी मैं फ़राज़ हूँ मुझे फिरदौस भाभी से मिलना है। मैंने उसे अंदर बैठाया और अम्मी को बता दिया। अम्मी उसे अंदर ले आयीं और सबसे मिलवाया। वह बोली ये मेरी दोस्त का शौहर है फ़राज़। हम सब बैठ कर बातें करने लगे। तभी फिर किसी ने बेल बजा दी। इस बार मेरा दोस्त साहिर आ गया। मैंने भी उसे सबसे मिलवाया। दारू का दौर चालू हो गया। चारों मरद हमें ललचाई आँखों से देखने लगे और हम सब मर्दों को ललचाई आँखों से देखने लगी क्योंकि आग दोनों तरफ लगी थी। एक तरफ चूत लन्ड खाने के लिए तैयार थीं और दूसरी तरफ लन्ड चूत में घुसने के लिए तैयार थे।
खाला खड़ी हुई और एक एक करके अपने कपडे खोलने लगीं। आखिर में जब उसने अपनी ब्रा उतारी और पैंटी भी खोल दी तो वह पूरी तरह नंगी हो गयीं। वह घूम घूम कर अपना नंगा जिस्म सबको दिखाने लगी। उसकी बड़ी बड़ी चूंचियां उसकी मोटी गांड और मस्त भोसड़ा सब लोग मजे से देखने लगे। फिर उसने मुझे हाथ पकड़ कर उठाया और मेरे कपडे खोलने लगी। बोली भोसड़ी की हरामजादी निगार तू भी मेरी तरह हो जा नंगी। ये बदन साला किस दिन काम आएगा। तब तक अम्मी ने अपनी बहू को भी उठा लिया और कहा हाय दईया तू चुप चाप बैठी हुई अपनी माँ चुदायेगी क्या ? तू भी हो जा नंगी। फिर खाल ने अम्मी के कपड़े खोल डाले। फर क्या हम चारों औरतें नंगी हो गयीं। मैंने शरारत की और म्यूजिक ऑन कर दिया। हम चारों एकदम नंगी नंगी नाचने लगीं। हमारी चूंचियां उछलने लगी और गांड मटकने लगी। चारों मरद साले मज़ा ले ले के हमें देखने लगे।
दो गानों पर खूब डांस हुआ। फिर मैंने आशिक को उठा लिया और उसके कपड़े खोलने लगी। अम्मी ने तनवर को पकड़ा और उसे मस्ती से नंगा करने लगी। भाभी फ़राज़ की तरफ बढ़ी उसे हाथ पकड़ कर उठाया और कपडे उतारने लगी। खाला के हक़ में साहिर आ गया। खाला को तो बहुत जल्दी थी लन्ड पकड़ने की। वह फ़टाफ़ट उसे नंगा करने लगी। जैसे ही वह नंगा हुआ उसका लन्ड पकड़ कर हिलाने लगीं। मैंने जब चारों तरफ आँख उठा कर देखा तो मालूम हुआ की चारों की चारों लन्ड हिला रहीं हैं। लन्ड भी मस्ती से खड़े हो रहें है और सबके चेहरे खिल रहें हैं। सब भोसड़ी के वासना के गुलाम हो चुके हैं। चारों मरद चूँचियों पर टूट पड़े हैं। पूरे नंगे बदन पर हाथ फिरा रहें हैं। कभी चूँचियों पर कभी चूत पर कभी गांड पर कभी मोटी मोटी जाँघों पर हाथ फिरा फिरा कर मज़ा ले रहें हैं। हम लोगों के हाथ भी लन्ड तक पहुँच चुके थे।
जब टन टनाता हुआ लन्ड हाथ में होता है तो मुंह अपने आप खुल जाता है। मैं आशिक का लन्ड चाटने लगी। अम्मी ने तनवर का लन्ड मुंह में भर लिया, भाभी ने फ़र्ज़ का लन्ड मुंह में डाला और खाला साहिर का लन्ड चप्प चप्प चाटने लगीं। कमरे में लन्ड चाटने की आवाज़ें गूंजने लगीं। ऐसा लग रहा था की जैसे लन्ड चाटने की कोई प्रतियोगिता हो रही है। दूसरी तरफ माँ का भोसड़ा खुला पड़ा था, खाला की बुर साफ़ साफ़ दिखाई पड़ रही थी भाभी की चूत सबकी नज़र आ रही थी। और मेरी चूत भी सबको दर्शन दे रही थी। हम चारों इस समय बिलकुल रंडी बनी हुई थीं। मस्ती बढ़ती जा रही थी।
मैंने मजाक किया और कहा :- खाला तेरी बहन का लन्ड भोसड़ी वाली तू तो बड़ी लन्ड चट्टू है।
खाला ने कहा ;- निगार तेरी माँ का भोसड़ा बुर चोदी जिस तरह तू आशिक का लन्ड चाट रही है उस तरह कभी अपने मियां का लन्ड नहीं चाटा होगा ?
अम्मी बोली :-अरे यार आजकल अपने मियां का लन्ड कौन भोसड़ी वाली चाटती है ? सबतो पराये मरद का लन्ड चाटती हैं। तू भी तो पराये मरद का लन्ड चाट रही है। तेरी बिटिया की बुर शबनम। आज मैं देखूँगी की तू कितनी बड़ी चुदक्कड़ है।
भाभी बोली :- सबसे बड़ी चुदक्कड़ तो मेरी नन्द है सासू जी। देखो न कितनी मस्ती से अपनी माँ चुदा रही है। इसे सबसे ज्यादा मज़ा अपनी माँ के भोसड़ा में लन्ड पेलने आता है। हम लोगों की इस तरह की मस्ती भरी बातें सुनकर उन चरों के लन्ड हिनहिनाने लगे। फिर क्या सारे लन्ड एक एक करके चूत में घुसने लगे। आशिक का लन्ड मेरी चूत में घुस गया। तंवर मेरी माँ की चूत चोदने लगा। फ़राज़ ने मेरी भाभी की बुर में लौड़ा घुसेड़ दिया। साहिर ने लन्ड मेरी खाला के भोसड़ा में घुसा दिया। ये चारों साले धकाधक चोदने लगे हम सबकी चूत। इस सामूहिक चुदाई का नज़ारा बड़ा मद मस्त हो गया। सबकी चूचियां हिलाने लगी गांड मटकने लगी। सब गन्दी गन्दी बातें करती हुई चुदवाने लगीं।
मैंने कहा - अम्मी ये है तेरी बहू की बुर चोदी नन्द जो अपनी माँ चुदाने का मज़ा लेती है।
अम्मी ने कहा - बेटी, ये है तेरी भाभी की बुर चोदी सास जो अपनी बिटिया की बुर बड़ी शिद्दत से चुदवा रही है। भाभी बोली :- हाय दईया, सासू जी ये है तेरी बेटी की बुर चोदी भाभी जो अपनी नन्द की बुर मस्ती से चुदवा रही है। और चुदवा रही है अपनी सास का भोसड़ा ?
खाला बोली - हाय अल्ला तुम लोग कितनी गन्दी गन्दी बातें करती हो भोसड़ी वालियों। मेरी बेटी भी बुर चोदी इसी तरह बोल बोल कर चुदवाती है। और सुनो निगार की अम्मी ये है तेरी बुर चोदी बहन की बुर ? जिसमे लन्ड शेर की तरह घुसते हैं मगर चूहे की तरह बाहर निकल आतें हैं।
दूसरी पारी में मैंने तनवर का लन्ड पकड़ लिया, अम्मी ने फ़राज़ का लौड़ा अपने हाथ में लिया, भाभी ने साहिर के लन्ड पर कब्ज़ा जमाया और खाला ने आशिक का लन्ड खींच कर पकड़ लिया।
फिर क्या रात भर हम सबने लन्ड अदल बदल मस्ती से चुदवाती रहीं। बहू, तेरी बुर चोदी नन्द की बुर...
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