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मेरा गैर मर्दों से चुदवाने का रास्ता खुल गया - Mera gair mard se chudwane ka rasta banaa
मेरा नाम राजन मल्होत्रा है। मैं २८ साल का शादी शुदा आदमी हूँ। मेरा एक दोस्त है रोहित तनेजा । वह भी मेरी ही उम्र का है और मेरी की कद काठी का है। मेरी उससे बहुत अच्छी जमती है। हम दोनों बड़े पुराने और पक्के दोस्त हैं। मेरी शादी के ५ साल हो चुकें हैं और उसकी भी शादी के ५ साल हो चुके हैं। शादी के बाद मेरा ट्रांसफर दूसरे शहर में हो गया था पर अब मैं वापस फिर अपने शहर में आ गया हूँ। मेरे वापस आने से हमारी दोस्ती और पक्की हो गयी। हम दोनों अपनी अपनी बीवी सहित एक दूसरे के घर अक्सर आने जाने लगे। एक साथ बैठ कर शराब पीने लगे और खुल कर बातें करने लगे। खूब हंसी मजाक करने लगे गन्दी गन्दी बातें भी मुंह से निकलने लगे और कभी कभी तो मादर चोद बहन चोद भी मुंह से निकलने लगता था। एक दूसरे की को गाली देने की नियत से नहीं बल्कि दूसरे लोगों के बिषय में बात करते समय। हमारे ही मुंह से नहीं बल्कि बीवियों के मुंह से भी गालियां निकल आतीं थीं। जिसे हम दोनों खूब ताली पीट पीट कर एन्जॉय करने लगे थे। घर के अलावा बाहर भी हम लोगों का आना जाना होने लगा।
मेरी बीवी का नाम है मिसेज रितिका मल्होत्रा और रोहित की बीवी का मिसेज शिवानी तनेजा। मुझे शिवानी भाभी बहुत अच्छी लगती थीं। मैं उसे नंगी देखना चाहता थाऔर खुद उसके सामने नंगा होना चाहता था। मेरा मन होता था की भाभी मेरा लण्ड पकड़ लें, उसे चूमें चाटे और मुंह में ले लें। उसके बड़े बड़े बूब्स मेरी रातों की नींद हराम कर देती थे. इसलिए मैं उसके आग पीछे घूमा करता था। एक दिन रात में मैं जब अपनी बीवी रितिका के साथ चोदा चोदी कर रहा था तो अचानक मेरे मुंह से शिवानी भाभी का नाम निकला गया। सच बात तो यह है की मैं चोद तो अपनी बीवी रहा था पर मन में यही सोंच रहा था की मैं शिवानी भाभी की बुर चोद रहा हूँ। एक बार मेरे मुंह से शिवानी भाभी का नाम निकल गया।
मेरी बीवी बोली - क्या कहा तुमने ? किसका नाम ले रहे हो तुम ?
मैंने बहाना बनाया और कहा - मैं सोंच रहा हूँ की कल शिवानी भाभी से अपने मन की बात कह दूँ ?
वह थोड़ा तन कर बोली - कौन सी मन की बात तुम शिवानी भाभी से कह दोगे ?
मैंने कहा - यही की आजकल रोहित मेरी बीवी को अक्सर घूर घूर कर क्यों देखता है ?
उसका गुस्सा ठंडा हो गया और वह बोली - नहीं ऐसी तो कोई बात नहीं है। रोहित तो एक अच्छा आदमी है. उस पर कोई इलज़ाम मत लगाओ ? मैं समझ गया की शायद मेरी बीवी रोहित की तरफ खिंच रही है ?
इसके आगे की कहानी आप मेरी बीवी से ही सुनिए :-
दोस्तों, मरा नाम मिसेज रितिका है। मैं गजगामिनी की तरह एक मद मस्त बेहद खूबसूरत बीवी हूँ। पढ़ी लिखी हूँ, सेक्सी हूँ और हॉट हूँ। हां यह बात सच है की मैं रोहित की तरफ खिंच रही थी। मुझे धीरे धीरे रोहित अच्छा लगने लगा था। यहाँ तक की मैं उसके साथ रात गुजारने को भी मन ही मन तैयार हो गयी थी। लेकिन मैंने अभी तक अपने पति को यह बात नहीं बताई। उस दिन जब मेरे पति के मुंह से शिवानी का नाम निकला तो मुझे लगा कहीं ऐसा तो नहीं है की मेरा पति भी शिवानी की तरफ खिंच रहा हो ? फिर दूसरा सवाल मन में आया हो सकता है शिवानी भी मेरे पति की तरफ खिंच रही हो जैसे मैं उसके पति की तरफ खिंच रही हूँ। GOD KNOWS क्या होने वाला है ? वैसे मैं मन ही मन यह चाहती थी की एक बार मेरा पति किसी की बीवी मेरे सामने चोद ले तो मेरा गैर मर्दों से चुदवाने का रास्ता खुल जाए। मैं भी उन बीवियों में से हूँ जो पराये मरदों के लण्ड से बहुत प्यार करती हैं।
मैं जब कॉलेज में थी तो लड़कों को खूब चूतिया बनाती थी। उनके खर्चे पर खूब मज़ा करती थी। चिढ़ाती भी थी और खूब एन्जॉय भी करती थीं। मुझे लड़कों को गालियां देने से भी परहेज नहीं था। लड़का हो या लड़की मैं सब की माँ बहन चोद देती थी। लड़के मेरी गालियां सुनकर खूब मज़ा करते थे। मुझे उनमें से कुछ लड़के अच्छे लगते थे और मैं उनके साथ सिनेमा देखने चली जाती थी। वहीँ पर पीछे की सीट पर बैठी हुई उनके लण्ड पकड़ लेती थी और पूरे टाइम उसे हिलाया करती थी। अपनी चूँचियाँ उन्हें पकड़ा देती थी। कभी मौक़ा मिलता तो झुक कर लण्ड चाट या चूस भी लेती थी। कभी कभी लड़के वहीँ पर झड़ भी जाते थे। इसके अलावा मैं कभी कभी बाथ रूम में भी लड़कों के लण्ड पकड़ लेती थी और फिर वहां से मुठ्ठ मार के लण्ड पीने के बाद ही निकलती थी। मेरी लण्ड पीने की इच्छा पोर्न फिल्म देख कर ही पैदा हो गयी थी। लेकिन सच बात यह है की मैंने कभी किसी से चुदवाया नहीं। पहली बार मैंने अपने पति से सुहागरात में ही चुदवाया। चूत तो नहीं पर गांड फट गयी थी मेरी पहली बार चुदवाने में।
एक दिन मैं शिवानी के घर पहुँच गयी। मुझे देख कर वह खुश हो गयी और मेरा वेलकम किया। फिर हम दोनों व्हिस्की पर बैठ कर बातें करने लगीं।
- वह बोली - यार रितिका, मेरा हसबैंड बाहर गया है। मैं घर में अकेली ही हूँ।
- मैंने कहा - नहीं यार तुम अकेली नहीं हो। मैं हूँ न तेरे साथ ?
- हां हां बात तो सही है। पर रात में मेरी चूत में लण्ड कौन पेलेगा यार ?
- मैं पेलूँगी लण्ड तेरी चूत में ? तू चिंता क्यों करती है.
- तू कहाँ से लाएगी मेरे लिए लण्ड ?
- मेरा हसबैंड बाहर नहीं गया है। वह यहीं हैं मेरे साथ ?
- तो क्या तुम अपने हसबैंड का लण्ड मेरी चूत में पेल दोगी ? तुम्हारे में इतनी हिम्मत है ?
- हां हां बिलकुल है ? अरे यार तुम मेरी दोस्त हो। तेरा हसबैंड मेरे हसबैंड के दोस्त है। मेरा हसबैंड अगर एक दिन लण्ड मेरी चूत में न पेल कर तेरी चूत में पेल देगा तो क्या उसका लण्ड छोटा हो जायेगा ?
- अरी मेरी रानी रितिका क्या तेरा हसबैंड मेरी चूत में लण्ड पेलने के लिए तैयार हो जायेगा ?
- सही बात बताऊँ शिवानी तुम्हे। मेरा हसबैंड जब मुझे चोदता है तो तेरा नाम लेता है। बस समझ लो की वह क्या चाहता है ? सच तो यह है की हर मरद बहन चोद दूसरे की बीवी चोदना चाहता है।
- सच यह भी है रितिका की हर बीवी बुर चोदी दूसरे के मरद से चुदवाना चाहती है।
मैंने कहा तो फिर आज ही क्यों नहीं चुदवा लेती ? आज तो तेरा हसबैंड नहीं है। रास्ता बिलकुल साफ़ है। मैं अपने पति को बुला लेती हूँ। तुम यही बैठ कर मेरे सामने शराब पियो और मेरे पति का लण्ड पियो। जब तेरा पति आ जायेगा तो मैं तेरे आमने बैठ कर शराब पियूँगी और तेरे पति का लण्ड पियूँगी।
शिवानी उठी, मुझे गले लगा लिया और मेरे गाल चूम कर बोली तू ही भोसड़ी की मेरी पक्की दोस्त है। मैं समझ गयी की शिवानी मेरे हसबैंड से चुदवाने में मूड में है। मैंने फ़ौरन अपने पति को फोन किया और उसे बुला लिया। वह जैसे ही आया शिवानी ने उसे बड़े आदर और प्यार से बैठाया फिर उसे ड्रिंक्स में शामिल कर लिया। इतने में शिवानी अंदर किसी काम से गयी तो मैंने अपने पति से कहा की लो अब तुम आज की रात शिवानी के साथ गुज़ारो। मुझे चोदते समय तुम शिवानी का नाम लेते हो तो आज तुम्हारी इच्छा मैं पूरी कर देती हूँ। वह बोली अरे मेरी बीवी जान तुम नाराज़ क्यों हो रही हो ? ताना क्यों मार रही हो ? मैंने कहा नहीं यार मैं दिल से चाहती हूँ की आज तुम मेरे सामने अपने दोस्त की बीवी चोदो ताकि कल मैं तेरे सामने तेरे दोस्त से चुदवा सकूं ? उसने मुझे अपने गले से लगा लिया और बोला की तुम तो बहुत स्मार्ट हो मेरी जान ?
तब तक शिवानी आ गयी। उसने नीचे घाघरा तो पहना था पर ऊपर कुछ भी नहीं। बस एक चुन्नी माला की तरह डाल रखी थी। इससे उसके निपल्स छिपे हुए थे। मेरा पति उसकी बड़ी बड़ी मस्त चूँचियाँ इधर उधर झाँक झाँक कर देखने की कोशिश कर रहा था। शिवानी की नज़रें उसकी दोनों टांगों के बीच टिकी हुईं थी जहाँ उसका लण्ड साला अंदर ही अंदर कसमसा रहा था। रात के ८ बजे थे। धीरे धीरे रात बढ़ती जा रही थी और शराब का नशा सब पर चढ़ता जा रहा था। साथ ही साथ वासना भी बढ़ रही थी। शिवानी की चूँचियाँ तनी हुई थीं चूत में बुरी तरह आग लगी हुई थी। उसने सोंच रखा था की आज तो मैं रितिका के पति से चुदवा कर ही दम लूंगी बाद में जो होगा वो देखा जायेगा ?
मैंने स्थिति को भांप लिया और अपने पति का हाथ पकड़ कर शिवानी की चूँचियों पर रख दिया। मैंने कहा अब देर करने की क्या जरुरत है। शिवानी मेरी पक्की दोस्त है। मैंने शिवानी की चुन्नी उतार कर फेंकी दी। उसकी मस्त मस्त चूँचियाँ मेरे पति के सामने छलक पड़ीं। मेरा पति उसे मजे से दबाने लगा। मैंने अपने पति का लण्ड निकाला और शिवानी का हाथ उस पर रखा। मैंने कहा यार लो पकड़ो न मेरे पति का लण्ड ? शर्माने की क्या जरुरत है ? मैं हूँ न ? मेरे सामने मेरे पति से निः संकोच चुदवाओ। शिवानी मस्ती से लण्ड झुक कर चाटने लगी। मैंने फिर अपने पति के कपड़े उतार कर उसे बिलकुल नंगा कर दिया। फिर मैंने शिवानी का घाघरा भी खोल डाला। उसकी छोटी छोटी झांटों वाली मस्तानी चूत देख कर मेरा पति पागल हो गया। वह मजे से चूत सहलाने लगा। उसकी तमन्ना पूरी हो रही थी।
तमन्ना तो शिवानी की भी पूरी हो रही थी। उसे बिन मांगे मुराद मिल गयी। उसके जो मन में था वह सामने दिख रहा था। शिवानी जाने कितनी बार राजन के लण्ड के बारे में सोंचा था। वह ऐसा होगा वह वैसा होगा ? वह इतना बड़ा होगा, इतना मोटा होगा ? देखने में ऐसा लगेगा वैसे लगेगा ? मेरे पति के लण्ड से मोटा होगा की नहीं ? बड़ा होगा की नहीं ? आज उसे सारे सवालों का जबाब मिल गया। वह बड़ी खुश थी। शिवानी मेरे पति लण्ड चाट रही थी। मैं उसकी बुर चाट रही थी। शिवानी को डबल मज़ा मिल रहा था। वह मन ही मन मेरी तारीफ भी कर रही थी और अपने सामने अपने पति से मेरी बुर चुदवाने की योजना भी बना रही थी। मैं मन में कह रही थी आज मेरा प्लान कामयाब हो गया। अब मेरा किसी भी पराये मरद से चुदवाने का रास्ता खुल गया। मैं अपने पति से किसी एक की बीवी चुदवाऊंगी और खुद दो दो मर्दों से चुदवाया करुँगी।
शिवानी बोली - हाय रितिका तेरे पति का लण्ड मुझे पसंद आ गया है। देखो न कितना मोटा है, कितना सख्त है और कितना गोरा है ? मैं तो इसकी गुलाम हो गयी हूँ, यार।
इतने में मेरे पति ने लण्ड शिवानी की चूत में पेल दिया। लण्ड पूरा घुस गयाऔर वह धक्के मारने लगा। शिवानी मस्ती से अपनी गांड उठा उठा के चुदवाने लगी। मैं एक हाथ से राजन के पेल्हड़ सहलाने लगी और दूसरे हाथ से शिवानी की उछलती हुई चूँचियाँ। शिवानी की मस्ती वाकई देखने वाली थी। लग रहा था की वह दिल से चुदवा रही है। मुझे भी जोश आया तो मैं शिवानी के मुंह पर बैठ गयी। वह मेरी बुर चाटने लगी। अपनी बुर चुदवाते हुए किसी और की बुर चाटने का अपना ही मज़ा है। यह तभी हो सकता है जब की चुदाई में दो के अलावा कोई तीसरा भी हो। इसे थ्रीसम सेक्स कर कहतें हैं। यानी दो बीवी एक मरद। हां यहाँ एक बीवी और दो मरद भी हो सकतें हैं। मैं इसीलिए कहती हूँ की चुदाई का असली मज़ा अकेले अकेले नहीं आता , किसी को तो साथ ले लो और फिर सब मिलकर चोदा चोदी करो तो उसका मज़ा कभी भुला न पावोगे।
मेरा पति फिर शिवानी की बुर पीछे से चोदने लगा। उसकी गांड उठी हुई थी। आगे से मैं भी अपनी टाँगें घुसेड़ कर घुस गयी। मेरी चूत शिवानी के मुंह के सामने आ गयी। वह मजे से मेरी बुर चाटने लगी। मेरा पति धक्के पे धक्के लगाए जा रहा था। थोड़ी देर में वह बोला भाभी अब मैं निकलने वाला हूँ। शिवानी फिर पीछे मुड़ी और लण्ड मुठ्ठी में लेकर सड़का मारने लगी। बस २ मिनट में ही लण्ड ने उगल दिया वीर्य जिसे शिवानी बड़े प्यार से पी गयी और लण्ड का सुपाड़ा चाटने लगी। मैं भी उसका साथ देने लगी।
एक दिन मैं शॉपिंग मॉल में अकेली घूम रही थी। एकदम से किसी ने मेरे कंधे पर हाथ रखा। मैंने घूम कर देखा तो वह बोली हाय रितिका तू भोसड़ी की कहाँ घूम रही है अकेली अकेली ?
मैंने कहा - अरे इलाशा तू ? तू यहाँ किसका लण्ड हिलाने आयी है ?
वह बोली - अरे यार लण्ड हिलाने का मौक़ा तो कॉलेज में मिलता था यहाँ कहाँ मिलता है ? वैसे मैं अभी घर जाकर लण्ड हिलाऊँगी ।
मैंने कहा - किसका लण्ड हिलायेगी तू घर जाकर क्योंकि तेरा हसबैंड तो अभी ऑफिस में होगा ?
वह बोली - अपने हसबैंड के दोस्त का लण्ड हिलाऊँगी ?
मैं बोली - हाय दईया, तू अपने हसबैंड के दोस्त का लण्ड हिलाती है ?
वह बोली - हां यार बिलकुल हिलाती हूँ और दो साल से हिला रही हूँ अपनी शादी के एक साल बाद से ? बड़ा मज़ा आता है यार। तू भी कभी किसी और का लण्ड हिला कर देख ?
तब तक कुछ लोग अगल बगल आ गए हमारी बात रुक गयीं। हम दोनों मिलकर शॉपिंग करने लगीं। उसके बाद वह मुझे अपने घर ले गयी और व्हिस्की पर बैठा कर बातें करने लगी।
मैंने कहा - हां तो इलाशा तू कह रही थी की तू दो साल से अपने हसबैंड के दोस्तों के लण्ड हिला रही है तो फिर तेरा हसबैंड ऐतराज़ नहीं करता क्या ?
वह बोली - वह ऐतराज़ क्यों करेगा ? उसका लण्ड उसके दोस्त की बीवियां हिलातीं हैं।
मैंने कहा - O' I SEE तो तुम लोग "wife swapping" का गेम खेलते हो।
वह बोली - हां यार यही तो मैं कह रही थी।
मैंने कहा - तो फिर मुझे अपने हसबैण्ड हिलाने दो यार ? मैंने भी तेरे हसबैंड का लण्ड चाटना चाहती हूँ, चूसना चाहती हूँ, in fact मुठ्ठ मार कर तेरे हसबैंड का लण्ड पीना चाहती हूँ।
वह बोली - तो फिर पियो न यार ? किस बुर चोदी ने तुम्हे मना किया है। शौक से पियो मेरे हसबैंड का लण्ड। मेरे सामने पियो मेरे हसबैंड का लण्ड।
इस तरह मैंने उसके साथ "wife swapping" का प्रोग्राम बना लिया। मैं जब घर लौट कर आयी तो शिवानी से बात की। वह बोली यार रितिका तेरे लिये एक अच्छी खबर है। मेरा पति तुम्हे चोदने के लिया तैयार है। कल तेरे पति ने तेरे सामने मुझे चोदा आज मेरा पति मेरे सामने तुम्हे चोदेगा। मैंने कहा एक और अच्छी खबर है यार । मेरी एक दोस्त है इलाशा वह हमारे साथ "wife swapping" करने के लिए राज़ी है। अब अगर तुम लोग भी इसमें शामिल हो जाओ तो बहुत अच्छा होगा। मैंने अपने पति को मना लिया है। तुम भी अपने पति से बात कर लो फिर बताओ मुझे। थोड़ी देर में उसका फोन आया और वह मजे से बोली यार मेरा पति तो यह बात सुनकर खुश हो गया। अब बताओ कब आना है हम लोगों को ? मैंने कहा कल शाम को ८ बजे।
अगले दिन मेरे घर में शिवानी और उसका पति रोहित, इलाशा और उसका पति जैकब, इधर मैं रितिका और मेरा पति राजन। तीनो कपल इकठ्ठा हो गए. सबने एक दूसरे से परिचय किया और ड्रिंक्स का मज़ा लेने लगे। बात भी गरमागरम होने लगीं। शिवानी मुझे आँख मारती हुई आगे बढ़ी और मेरा अपने हसबैंड के लण्ड पर रखते हुए कहा यार रितिका लो पकड़ो न मेरे हसबैंड का लण्ड। इसमें शर्माने की क्या बात है ? मैं सच में उसके पति रोहित का लण्ड ऊपर से दबाने लगी। और रोहित को बड़े प्यार से ललचाई आँखों से देखने लगी। तब तक मेरे पति राजन ने इलाशा की चूँचियों पर हाथ रख दिया। इतने में शिवानी ने जैकब का लण्ड पैंट के ऊपर से ही दबा दिया। सबको एक एक पराये मरद का लण्ड मिल गया। मर्दों को भी एक एक परायी बीवी की चूँचियाँ मिल गयीं। इससे यह भी ज़ाहिर हो गया की सबसे पहले कौन किसकी बीवी चोदेगा ? उधर शराब का नशा जोर मार राह था और इधर परायी बीवी चोदने की इच्छा जोर मार रही थी। पराये मरद का लण्ड अपनी चूत में घुसेड़ने की चाहत भी जोर मार रही थी। सबके मन में आया की अब हम लोग जल्दी से जल्दी एक दूसरे की बीवी को नंगी देखें और एक दूसरे के हसबैंड को नंगा देखें।
फिर क्या ? एक एक करके सबके कपड़े उतरने लगे। सबसे पहले मैं नंगी हो गयी। मैंने घूम घूम कर अपना नंगा जिस्म सबको दिखाया, मेरे बाद शवानी नंगी हो गयी वह नंगी नंगी सबके सामने घूमने लगी और फिर इलाशा भी एकदम नंगी नंगी सबके सामने खड़ी होकर सबको अपनी चूँचियाँ अपनी चूत और अपनी गांड घूम घूम कर दिखाने लगी। बीवियों को नंगी देख कर मर्दों में जोश आ गया और वो भी सब एक साथ नंगे हो गये। शर्म तो किसी को किसी बात की थी नहीं। तीनो मरद भोसड़ी के अपनी बीवी चुदवाने और दूसरे की बीवी चोदने के लिए एकदम तैयार बैठे थे। मैं शिवानी के पति रोहित का लण्ड चूसने लगी, शिवानी इलाशा के पति जैकब का लण्ड चाटने लगी और इलाशा मेरे पति राजन का लण्ड चूसने लगी। अपने पति के आगे किसी पराये मरद का लण्ड चूसने का जो मज़ा है वह कहीं और नहीं ?
मेरी निगाह जैकब के लण्ड पर पड़ी। जैकब का लण्ड तो वाकई शानदार था। मोटा भी और बड़ा भी। उसकी झांटें तो बिलकुल थीं ही नहीं। मैंने कहा - इलाशा क्या तुम अपने पति की झांटें बनाकर घर से निकली थीं ? वह बोली - अरे यार देखो रितिका न मैं बनाती हूँ अपने हसबैंड की झांटें और न वह खुद बनाता है। उसकी झांटें तो किसी न किसी की बीवी बनाकर चली जाती हैं। जाने कितनी बीवियां मेरे हसबैंड के लण्ड की दीवानी हैं। तब तक शिवानी बोली - आज से तो मैं दीवानी हो गयी हूँ तेरे हसबैंड के लण्ड की इलाशा। मुझे शिवानी के पति रोहित का लौड़ा भी पसंद आ गया। मैं उसे बुरी तरह चाटने चूसने में जुटी थी। इतने में रोहित बोला भाभी अब मैं तुम्हे चोदूंगा। मैंने कहा चोदो न मेरे राजा ? मैंने तो तुम्हे चोदने के लिए ही बुलाया है। उसने लौड़ा घुसा दिया मेरी बुर में और गपागप चोदने लगा। मेरा पति जैकब की बीवी चोदने लगा और जैकब रोहित की बीव शिवानी की बुर लेने लगा। ये तीनो बहन चोद मरद एक दूसरे की बीवी चोदने लगे।
इलाशा बोली - O MY GOD कितना मज़ा आ रहा है यार ! राजन तेरा भोसड़ी का लण्ड बड़ा मज़ा दे रहा है। खूब चोदो मुझे। चोद चोद के मेरी गांड में दम कर दो यार ?
शिवानी बोली - उई माँ, फट गयी मेरी चूत बहन चोद , इस जैकब के लण्ड ने मेरी चूत भरता बना दिया यार ? इतना मज़ा तो मुझे पहले कभी नहीं आया.
मैंने कहा - रोहित यार तेरा लण्ड साला घोड़े के लण्ड की तरह है। मैं तेरी घोड़ी हूँ, मुझे चोदो ? मैं तेरी बीवी हूँ मुझे चोदो, मैं तेरी रंडी हूँ मुझे चोदो, मैं तेरी रखैल हूँ मुझे चोदो, मुझे हचक हचक के चोदो ? मुझे दिन रात चोदो , अपने दोस्तों से मुझे चुदवाओ, चाहो तो गांड में ठोंक दो लण्ड। खुदा कसम मैं बहुत चुदासी हूँ।
तो दोस्तों, मैं इसी तरह एक के बाद एक अपने हसबैंड के दोस्तों से चुदवाने लगी। इसके अलावा और भी लोगों से चुदवाने लगी। मैंने चुदवाने में कभी किसी से परहेज नहीं किया। और नतीजा यह है की आज भी भकाभक चुदवाती हूँ, सबके लण्ड पीती हूँ और गांड भी मरवाती हूँ।
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